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Author name: Vinod Jha

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Nepal Flood : नेपाल की मदद के लिए भारत ने भेजी राहत सामग्री की पहली खेप, C-130J विमान से 10 टन सामान रवाना

Nepal Flood : नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद हिंदुस्तान ने राहत और बचाव के लिए मदद तेज कर दी है. हिंदुस्तान ने बुधवार रात सैन्य परिवहन विमान के जरिए नेपाल को राहत सामग्री की पहली खेप भेजी. यह खेप हिंदुस्तानीय वायुसेना के C-130J विमान से काठमांडू भेजी गई है. 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाएं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि हिंदुस्तान ने नेपाल के लिए 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी है. इसमें बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान के साथ दवाएं भी शामिल हैं. जयशंकर ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में हिंदुस्तान नेपाल और वहां के लोगों के साथ खड़ा है. हिंडन से काठमांडू के लिए रवाना हुआ विमान राहत सामग्री लेकर हिंदुस्तानीय वायुसेना का विमान बुधवार रात करीब 8:35 बजे दिल्ली के पास हिंडन वायुसेना स्टेशन से रवाना हुआ. यह हिंदुस्तान की ओर से नेपाल के लिए भेजी गई राहत की पहली खेप है. बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए आगें भी मदद जारी रहने की उम्मीद है. बाढ़ ने नेपाल में जैसी तबाही मचाई है, उससे उबरने में अभी काफी समय लगेंगे. हिंदुस्तान प्रशासन ने कहा है कि बाढ़ की इस त्रासदी से निपटने में हिंदुस्तान अपने पड़ोसी देश की हर संभव मदद को तैयार है. ये भी पढ़ें: Nepal Flood Photos : क्या लोग, क्या गाड़ियां.. अचानक आई बाढ़ में सब बह गया; जलप्रलय की 10 तस्वीरें पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात राहत सामग्री भेजने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात की. मोदी ने बाढ़ से हुई तबाही और जानमाल के नुकसान पर संवेदना जताई. उन्होंने नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया. पीएम मोदी ने कहा कि इस मुश्किल समय में हिंदुस्तान के लोग नेपाल के अपने बहन-भाइयों के साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने यह भी बताया कि हिंदुस्तान की टीमें नेपाल के अधिकारियों के साथ राहत और बचाव अभियान में लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. बाढ़ में अब तक 95 लोगों की मौत नेपाल में तिब्बत से लगी सीमा के पास अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. बाढ़ और तेज पानी की वजह से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है. अब तक कम से कम 95 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव का काम जारी है. हिंदुस्तान की ओर से राहत सामग्री की पहली खेप ऐसे समय भेजी गई है, जब नेपाल में प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाना बड़ी चुनौती बना हुआ है. हिंदुस्तानीय वायुसेना का विमान राहत सामग्री को जल्द काठमांडू पहुंचाने में मदद करेगा. ये भी पढ़ें: नेपाल में अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा, जानें काठमांडू का हाल The post Nepal Flood : नेपाल की मदद के लिए हिंदुस्तान ने भेजी राहत सामग्री की पहली खेप, C-130J विमान से 10 टन सामान रवाना appeared first on Naya Vichar.

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Nepal Flood New Video: नेपाल बाढ़ का सबसे डरावना वीडियो, पानी के सैलाब को देख कांप उठेगा कलेजा

Nepal Flood New Video: बाढ़ के विकराल वेग से पलक झपकते ही कई पुल, बहुमंजिला इमारतें और गाड़ियां पानी के साथ बह गईं. इस प्राकृतिक आपदा के चलते क्षेत्र की लगभग एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति ठप हो गई है. कैमरे में कैद हुआ खौफनाक मंजर नेपाल बाढ़ के कई खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर कलेजा कांप उठेगा. 5 मिनट 02 सेकेंड के एक वायरल वीडियो के शुरुआत में देखा जा सकता है कि कैसे नदी में अचानक बाढ़ का सैलाब आता है और तेज रफ्तार से आगे बढ़ता है. ये भी पढ़ें: Nepal Flood : वैशाली में 24*7 कंट्रोल रूम शुरू, सारण DM गंडक किनारे पहुंचे, बेगूसराय में भी अलर्ट नदी के भयानक बहाव को देखकर वीडियो बना रहा शख्स डर के मारे भागने लगता है और चारों तरफ चीख-पुकार मच जाती है. देखते ही देखते नदी किनारे बने कई पक्के मकान पानी में बहकर जमींदोज हो जाते हैं. ये भी पढ़ें: Nepal Flood: हिंदुस्तान-चीन वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर नेपाल की मदद में जुटे, हिंदुस्तान भेज रहा राहत सामग्री; IAF के विमान तैयार ये भी पढ़ें: नेपाल में अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा, जानें काठमांडू का हाल ये भी पढ़ें: Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ से बिहार और यूपी पर मंडराया खतरा, NDRF की टीम हाई अलर्ट पर The post Nepal Flood New Video: नेपाल बाढ़ का सबसे डरावना वीडियो, पानी के सैलाब को देख कांप उठेगा कलेजा appeared first on Naya Vichar.

अपराध, समस्तीपुर

किशोरी की मौ”त मामले में शिक्षक पर गंभीर आरोप, दादी ने थाने में दिया आवेदन

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। थाना क्षेत्र के अख्तियारपुर गांव में रविवार शाम 16 वर्षीय किशोरी चिंकी कुमारी की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतका की दादी राजो देवी ने घटना के तीसरे दिन सरायरंजन थाने में आवेदन देकर गांव के ही एक प्रशासनी शिक्षक संजय कुमार झा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। आवेदन के अनुसार, चिंकी कुमारी उत्तम महतो की पुत्री थी। दादी का आरोप है कि संजय कुमार झा किशोरी को कोचिंग में पढ़ाते थे। कोचिंग के दौरान जब अन्य बच्चों को छुट्टी दे दी जाती थी, तब कथित रूप से चिंकी को पढ़ाई के बहाने रोक लिया जाता था। दादी ने आरोप लगाया है कि घटना से एक दिन पहले शनिवार की रात संजय कुमार झा उस घर में पहुंचे, जहां किशोरी सो रही थी। राजो देवी के अनुसार, घर के सदस्यों को बातचीत की आवाज सुनाई दी। इसके बाद जब वे कमरे के पास पहुंचे तो कथित रूप से शिक्षक किशोरी के शरीर पर हाथ रखे हुए थे। परिजनों के कमरे में प्रवेश करने पर शिक्षक वहां से भागने लगे। आवेदन में दावा किया गया है कि घर के सदस्यों ने उन्हें पकड़ लिया और घटना का वीडियो भी बनाया, लेकिन बाद में मौका पाकर वह वहां से निकल गए। दादी ने आवेदन में आरोप लगाया है कि इस घटना से किशोरी मानसिक रूप से परेशान हो गई थी। इसी कारण उसने रविवार शाम घर के अंदर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने किशोरी को फंदे से लटका देखा, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। अब दादी के आवेदन के बाद पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुट गई है। पुलिस कथित वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। सरायरंजन थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने बताया कि किशोरी की दादी की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन में प्रशासनी विद्यालय में कार्यरत शिक्षक संजय कुमार झा पर आरोप लगाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

समस्तीपुर

मेडिकल हॉल का ताला काटकर 3 लाख की दवा व 20,500 रुपए चोरी

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बरबट्टा हाट स्थित अमित मेडिकल हॉल में मंगलवार की रात अज्ञात चोरों ने दुकान का ताला काटकर करीब तीन लाख रुपए मूल्य की दवाएं और गल्ले में रखे 20,500 रुपए नकद चोरी कर लिए। बुधवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे संचालक को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाकर दुकान के अंदर जांच की और घटना की सूचना मुसरीघरारी पुलिस को दी। दुकानदार अरुण कुमार, पिता जगदीश राय, निवासी दबाईपट्टी, थाना सरायरंजन ने बताया कि बरबट्टा हाट में उनका मेडिकल हॉल है। मंगलवार की रात उनका छोटा भाई अर्जुन कुमार राय दुकान चला रहे थे। रात करीब 11 बजे दुकान बंद कर वह घर चले गए। इसी दौरान परिवार में बच्ची की तबीयत खराब होने के कारण वे रात में दुकान के पास नहीं लौट सके और घर पर ही सो गए। बुधवार सुबह करीब पांच बजे जब वे दुकान पर पहुंचे तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। दुकान का ताला टूटा देख उन्हें चोरी की आशंका हुई। उन्होंने पास की चाय दुकान पर बैठे लोगों को बुलाया और उनके साथ दुकान के अंदर जाकर देखा। दुकान में कई जगह दवाएं बिखरी पड़ी थीं और गल्ला खुला हुआ था। दुकानदार के अनुसार, जांच करने पर पता चला कि दुकान से कई कीमती दवाएं गायब हैं। चोरी गई दवाओं की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा गल्ले में रखे 20,500 रुपए नकद भी नहीं मिले। इसके बाद तत्काल मुसरीघरारी थाना पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मेडिकल हॉल की जांच की। पुलिस ने दुकान के आसपास के स्थानों का भी जायजा लिया। चोरी के तरीके और घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा सकते हैं, जिससे चोरों की पहचान में मदद मिल सके। मुसरीघरारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना को लेकर आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस द्वारा घटनास्थल की जांच की जा रही है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इधर, मेडिकल हॉल में चोरी की घटना के बाद बरबट्टा हाट के दुकानदारों में भी चिंता का माहौल है। दुकानदारों ने रात के समय बाजार क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।

पटना

गंडक नदी में संभावित फ्लैश फ्लड के मद्देनजर बिहार में अलर्ट, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, NDRF/SDRF की अग्रिम तैनाती एवं व्यापक तैयारियों के निर्देश

पटना, 26 अगस्त 2026। नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न होने तथा गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार गंडक नदी में लगभग 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव/जलप्रवाह आने की संभावना व्यक्त की गई है। इससे गंडक नदी से जुड़े जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग एवं तनहुँ (गंडक कैचमेंट) तथा दोलखा एवं सिंधुपालचोक (कोसी कैचमेंट) में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम पूर्वानुमानित है। वहीं कोसी, बागमती एवं गंडक कैचमेंट के कई अन्य क्षेत्रों में मध्यम जोखिम का पूर्वानुमान है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा माननीय मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी/पुलिस अधीक्षक बैठक में शामिल हुए। बैठक में विकसित हो रही स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने तथा आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए। गंडक नदी से जुड़े जिलों में विशेष सतर्कता गंडक नदी के संभावित बढ़े हुए जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी, शिवहर एवं अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। सभी जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा स्थानीय समुदाय को समय पर अलर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। गंडक बैराज एवं नहरों के संचालन के निर्देश जल संसाधन विभाग द्वारा गंडक बैराज के सभी गेटों तथा उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। संबंधित जल संसाधन पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा तटबंधों सहित जल संसाधन संरचनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। NDRF एवं SDRF की अग्रिम तैनाती संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए NDRF एवं SDRF के अतिरिक्त संसाधनों की मूवमेंट सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है तथा एक NDRF टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बेतिया में भी NDRF की टीम की मूवमेंट/तैनाती लगभग दो घंटे के भीतर सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। SSB DIG द्वारा भी आवश्यकतानुसार QRT एवं अन्य संभावित सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, जो बेतिया में उपलब्ध रहेगा। निकासी, नाव, शेल्टर एवं सामुदायिक रसोई की तैयारी सभी संबंधित जिलाधिकारियों को संभावित प्रभावित आबादी के लिए Evacuation Plan, पर्याप्त नावों की व्यवस्था, Community Kitchen एवं Shelter की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचाने की पूरी तैयारी रखने को कहा गया है। आम जनता से अपील — घबराएं नहीं, लेकिन तैयार रहें राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की घबराहट या पैनिक की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक संसाधनों एवं बचाव दलों को अग्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। साथ ही, आम नागरिकों से अपील है कि घबराएं नहीं, लेकिन संभावित बाढ़ की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहें। प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं एवं निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। अफवाहों पर रोक एवं नियमित मीडिया ब्रीफिंग सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन Media Briefing करने तथा सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह के प्रसार को रोका जा सके। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सभी विभाग अलर्ट मोड में जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत भ्रमण एवं निगरानी करते हुए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। तटबंधों एवं जल संसाधन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण संरचनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।   राज्य प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त NDRF/SDRF टीमों, नावों, QRT तथा अन्य संसाधनों की तैनाती तत्काल की जाएगी। संदेश स्पष्ट है — “घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्क एवं तैयार रहना आवश्यक है।” प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और संभावित बाढ़ की स्थिति में जनहानि को रोकने, समय पर चेतावनी देने, आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निकासी तथा प्रभावी बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।

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शशिनाथ झा ह”त्या”कांड में सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का आदेश, सजायाफ्ता अभियुक्तों को दो सप्ताह में सरेंडर का निर्देश

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर। पूर्व मुखिया शशिनाथ झा हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत मामले में दोषी ठहराए गए अभियुक्तों की सजा को निलंबित कर उन्हें जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अभियुक्तों को दो सप्ताह के भीतर निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के फैसले और उसमें दर्ज साक्ष्यों के विश्लेषण पर विचार किया। अदालत ने कहा कि केवल प्राथमिकी दर्ज होने में देरी जैसे आधार पर ट्रायल कोर्ट के विस्तृत फैसले को प्रथम दृष्टया गलत नहीं माना जा सकता। मामले में ट्रायल कोर्ट ने अर्जुन दास उर्फ कारिया, निलेंद्र गिरि, हिमांशु राय, सुनील कुमार और सुमित कुमार उर्फ फुचुकिया को शशिनाथ झा की हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने सभी को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। एक अभियुक्त को आर्म्स एक्ट के तहत भी आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अभियुक्तों ने पटना हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दायर की थी। अपील की सुनवाई लंबित रहने के दौरान हाईकोर्ट ने 11 दिसंबर 2024 को अभियुक्तों की सजा को स्थगित करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इस आदेश को मृतक की पत्नी माधुरी देवी और बिहार प्रशासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के सजा स्थगन और जमानत संबंधी आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने सभी संबंधित सजायाफ्ता अभियुक्तों को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है। हालांकि, उनकी आपराधिक अपीलें हाईकोर्ट में लंबित रहेंगी और अभियुक्त अपनी अपीलों की शीघ्र सुनवाई के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। पंचायत में विवाद सुलझाने पहुंचे थे शशिनाथ झा घटना 6 अगस्त 2021 को मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बखरी बुजुर्ग गांव में हुई थी। पूर्व मुखिया शशिनाथ झा गांव में पंचायत के माध्यम से एक विवाद सुलझाने के लिए पहुंचे थे। बताया गया कि पंचायत समाप्त होने के बाद जब वह अपने चारपहिया वाहन में बैठने जा रहे थे, तभी पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर गोलीबारी कर दी। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच की थी। बाद में मामला न्यायालय में पहुंचा और सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपितों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट से मिली राहत के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अब हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए अभियुक्तों को दो सप्ताह में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है।

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Raksha Bandhan Puja Vidhi: ऐसे करें रक्षाबंधन की पूजा, जानें राखी बांधने की पूरी विधि

Raksha Bandhan Puja Vidhi: रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को पड़ रहा है. इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा. मिथिला और काशी पंचांग के अनुसार, भद्रा समाप्त होने के बाद राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त है. बिहार में सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक का है. वहीं, झारखंड में रक्षाबंधन के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 9 बजकर 28 मिनट तक मान्य है. रक्षाबंधन की पूजा कैसे करें और इस दिन राखी बांधने की सही विधि क्या है, आइए जानते हैं. रक्षाबंधन पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सावन पूर्णिमा पड़ रही है. इसके साथ ही इस दिन शुक्रवार का संयोग बन रहा है. ऐसे में इस दिन माता लक्ष्मी सहित भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ रहेगा. रक्षाबंधन के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के लिए सुबह स्नान के बाद पीले रंग के वस्त्र पहनें. इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए पीले रंग का तिलक लगाएं. भगवान को पीले फूल अर्पित करें. भगवान को पीले फल का भोग लगाएं. भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें. भगवान विष्णु का मंत्र-‘ॐ नमो नारायणाय’ का काम से कम 11 बार जाप करें. पूजन के अंत में आरती करें. आरती करने के बाद प्रसाद बांटे. ये भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2026: क्या 28 अगस्त को सुबह के बाद भी बांध सकते हैं राखी? जानें ज्योतिषीय गणना रक्षाबंधन पर राखी बांधने की विधि श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें. कुलदेवी या देवता का स्मरण करें. साथ ही भगवान गणेश का ध्यान करें. पूजा की थाली तैयार करें और उसमें रोली, चंदन, अक्षत, दीपक और रक्षासूत्र (राखी), घी, मिठाई रखें. भाई को राखी बांधने से पहले उनका चेहरा पूरब या उत्तर दिशा में रखें. पूरब दिशा का संबंध सूर्य देव से है. जबकि उत्तर दिशा के देवता कुबेर हैं. भाई के सिर पर कोई शुद्ध वस्त्र रखें. बहन चाहें तो काले रंग को छोड़कर किसी भी रंग के रुमाल का इस्तेमाल कर सकती हैं. घी का दीपक जलाएं और उनके माथे पर रोली का टीका और अक्षत लगाएं. भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें और इस दौरान पौराणिक राखी मंत्र- “येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः, तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचलः”. ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन के दिन झारखंड-बिहार में क्या है राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त? ज्योतिषाचार्य से जानें दीपक से भाई को तीन या पांच बार आरती उतारें. इतना करने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं. साथ ही, भाई की लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करें. भाई को अपने सामर्थ्य के अनुसार, बहन को कुछ न कुछ उपहार या धन जरूर देना चाहिए. ऐसी परंपरा सदियों से चली आ रही है. The post Raksha Bandhan Puja Vidhi: ऐसे करें रक्षाबंधन की पूजा, जानें राखी बांधने की पूरी विधि appeared first on Naya Vichar.

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दानापुर में छात्राओं के साथ बाइक सवार युवकों ने बीच सड़क पर की छेड़खानी,गाली-गलौज का विरोध किया तो पीटा

Girl Students Molested In Danapur : राजधानी पटना के दानापुर स्थित शाहपुर थाना क्षेत्र में बाइक सवार तीन युवकों द्वारा दो छात्राओं को बीच सड़क पर रोककर मारपीट और छेड़खानी करने का मामला सामने आया है. घटना के बाद छात्राओं ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों छात्राओं से घटना की जानकारी ली. इस संबंध में पीड़िता ने शाहपुर थाना में तीन युवकों के खिलाफ लिखित शिकायत दी है. घटना के बाद से तीनों आरोपी फरार बताये जा रहे हैं. लाइब्रेरी से सहेली के साथ घर लौट रही थी छात्रा पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी सहेली के साथ लाइब्रेरी से पढ़ाई कर घर लौट रही थी. इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और उसकी सहेली को जबरन रोकने लगे. सहेली के नहीं रुकने पर युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी. इसके बाद उसकी सहेली रुक गयी. अपशब्द का विरोध करने पर करने मारपीट की छात्रा के अनुसार, बाइक सवार एक युवक ने उसकी सहेली को अपशब्द कहे. विरोध करने पर आरोपी युवक बाइक से उतर गया और सहेली के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट करने लगा. जब वह अपनी सहेली को बचाने के लिए आगे बढ़ी तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट और दुर्व्यवहार किया. पुलिस को देखते ही फरार हुए तीनों युवक घटना के बाद छात्राओं ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों छात्राओं से घटना की जानकारी ली. हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही बाइक सवार तीनों युवक वहां से फरार हो गये. शिकायत के आधार पर जांच में जुटी पुलिस पीड़िता ने शाहपुर थाना में तीनों युवकों के खिलाफ लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है. पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए मामले की छानबीन कर रही है. पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें : छात्रा व रैपिडो चालक को गोली मारने वाले बदमाश 48 घंटे बाद भी फरार, SDPO बोले-जल्द होगी गिरफ्तारी The post दानापुर में छात्राओं के साथ बाइक सवार युवकों ने बीच सड़क पर की छेड़खानी,गाली-गलौज का विरोध किया तो पीटा appeared first on Naya Vichar.

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Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ से बिहार और यूपी पर मंडराया खतरा, NDRF की टीम हाई अलर्ट पर

Nepal Flood: NDRF ने न्यूज एजेंसी ANI के साथ बातचीत में बताया, “गंडक बेसिन में GLOF (ग्लेशियर झील के फटने से आने वाली बाढ़) का खतरा है. इसलिए, बिहार के पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर समेत उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है, जिनके प्रभावित होने की आशंका है. बिहार में NDRF की 9 और उत्तर प्रदेश में 11 टीमें तैनात की गई हैं.” नेपाल बाढ़ से हिंदुस्तान को कितना चिंतित होना चाहिए? सेंट्रल वॉटर कमीशन के पूर्व चेयरमैन सैयद मसूद हुसैन से कहा, “देखिए, हमें यह समझना होगा कि ऐसी समाचारें आई हैं कि जिस इलाके में बाढ़ आई है, वहां बहुत कम या लगभग न के बराबर बारिश हुई थी. इसलिए, सबसे ज्यादा संभावना यही लगती है कि जैसा बताया गया है, वहां कोई भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ होगा और उसके कारण एक अस्थायी बांध बन गया होगा. फिर, यह बहाव आगे निचले इलाकों की ओर बढ़ गया. जहां तक ​​हिंदुस्तान की बात है, क्योंकि नेपाल में जिस नदी सिस्टम में यह घटना हुई है, वह त्रिशूली नदी सिस्टम और गंडक नदी सिस्टम से जुड़ता है और ये नदियां बिहार और यूपी के इलाकों से होकर बहती हैं, इसलिए हमें इसे लेकर चिंतित होना चाहिए क्योंकि नदी के जलस्तर में अचानक किसी भी तरह की बढ़ोतरी से हमारे इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं.” ये भी पढ़ें: Nepal Flood : वैशाली में 24*7 कंट्रोल रूम शुरू, सारण DM गंडक किनारे पहुंचे, बेगूसराय में भी अलर्ट बिहार में अलर्ट, गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोले गए बिहार प्रशासन ने नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा है. स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बुधवार दोपहर तक वाल्मीकिनगर गंडक बराज से लगभग 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और जलप्रवाह लगातार बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. ये भी पढ़ें: Nepal Flood: हिंदुस्तान-चीन वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर नेपाल की मदद में जुटे, हिंदुस्तान भेज रहा राहत सामग्री; IAF के विमान तैयार ये भी पढ़ें: नेपाल में अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा, जानें काठमांडू का हाल यूपी के कोई नागरिक नेपाल में फंसे हों तो 1070 नंबर पर तुरंत संपर्क करें उत्तर प्रदेश प्रशासन ने कहा, “अगर उत्तर प्रदेश का कोई नागरिक नेपाल में फंसा हुआ है या वहां बाढ़ या किसी त्रासदी के कारण उसे किसी भी तरह की मदद की जरूरत है, तो उनके परिवार के सदस्यों को तुरंत 1070 पर संपर्क करना चाहिए.” मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, कंट्रोल रूम नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए वहां की स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख रहा है. साथ ही, राज्य के नेपाल से सटे जिलों में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है. नारायणी-कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका महाराजगंज के DM गौरव सिंह ने कहा, “आज सुबह करीब 9 बजे समाचार मिली कि नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई है. भोटेकोशी नदी नारायणी-गंडक नदी की सहायक नदी है. नारायणी-कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है. इसलिए, देवदह और वाल्मीकि बैराज पर लगातार नजर रखी जा रही है. अभी तो पानी का स्तर खतरे के निशान से नीचे है. लेकिन अगर जलस्तर बढ़ता है, तो प्रशासन राहत कार्य शुरू करने के लिए तैयार है. SDRF और PAC की टीमें वहां भेजी गई हैं और ग्रामीणों को सूचित कर दिया गया है. मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं.” ये भी पढ़ें: Nepal Flood Photos : क्या लोग, क्या गाड़ियां.. अचानक आई बाढ़ में सब बह गया; जलप्रलय की 10 तस्वीरें The post Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ से बिहार और यूपी पर मंडराया खतरा, NDRF की टीम हाई अलर्ट पर appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल बाढ़ में फंसे कैलाश यात्री: सद्गुरु ने बताया 77 लोगों का पता नहीं, बचाव में हर जोखिम उठाने को तैयार

Nepal Flood : नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच कैलाश यात्रा पर गए लोगों को लेकर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया (X) पोस्ट में बताया कि कैलाश यात्रा से लौट रहा उनका एक दल चीन के तिब्बत स्थित ग्यिरोंग में इमिग्रेशन ऑफिस पहुंचा था, तभी अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई. सद्गुरु के मुताबिक, बाढ़ का पानी इमिग्रेशन ऑफिस और आसपास के बड़े हिस्से में भर गया. उन्होंने बताया कि वहां मौजूद 77 लोगों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है. सद्गुरु ने इसे बेहद दुखद और भयावह स्थिति बताया और कहा कि स्वयंसेवक और सपोर्ट टीमें बचाव के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं. बोले- अधिकारियों के साथ मिलकर बचाव की कोशिश सद्गुरु ने कहा कि उनकी टीम अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित जगह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर उनकी टीम बचाव अभियान में शामिल होने के लिए हर जोखिम उठाने को तैयार है. उन्होंने बताया कि कैलाश यात्रा के 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं. वहीं 743 लोग अभी तिब्बत में हैं, 148 लोग नेपाल में हैं, जबकि 77 लोग ग्यिरोंग के इमिग्रेशन सेंटर में थे. तीन स्वयंसेवक नेपाल के तिमुरे में मौजूद थे. सद्गुरु ने प्रभावित लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि वह खुद भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं, ताकि मुश्किल हालात में ज्यादा से ज्यादा मदद की जा सके. नेपाल में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही नेपाल के रसुवा जिले में भी भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से तिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. कई बस्तियों, बाजारों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की समाचार है. बाढ़ का पानी बढ़ने की आशंका प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी है. बाढ़ का पानी आगे त्रिशूली नदी में बढ़ने की आशंका भी जताई गई है. राहत और बचाव के लिए नेपाल पुलिस, सेना और अन्य टीमें जुटी हैं, लेकिन कई इलाकों में पानी का तेज बहाव और खराब हालात बचाव अभियान में परेशानी पैदा कर रहे हैं. नेपाल-तिब्बत सीमा के दोनों ओर इस आपदा से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई लोगों के लापता होने की समाचार है. Also read : Nepal Flood Photos : क्या लोग, क्या गाड़ियां.. अचानक आई बाढ़ में सब बह गया; जलप्रलय की 10 तस्वीरें The post नेपाल बाढ़ में फंसे कैलाश यात्री: सद्गुरु ने बताया 77 लोगों का पता नहीं, बचाव में हर जोखिम उठाने को तैयार appeared first on Naya Vichar.

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