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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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26 साल का झारखंड: चार बच्चों के साथ मिट्टी के एक कमरे में जिंदगी गुजारने को बेबस है सोनू मरांडी का परिवार

सारठ: झारखंड का गठन आदिवासियों और वंचित तबके के उत्थान, उन्हें सामाजिक समानता का अधिकार दिलाने और गांवों की तस्वीर बदलने के उद्देश्य से हुआ था. राज्य गठन के 26 वर्ष गुजरने के बाद भी अगर किसी परिवार के लिए दो वक्त की रोटी, तन ढकने को कपड़ा और सिर छिपाने के लिए पक्का मकान सपना बना हुआ हो, तो यह प्रशासनी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. सारठ प्रखंड की लगवां पंचायत में ऐसा ही एक परिवार आज भी गरीबी और बेबसी के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर है. बगजोरिया और पीठलापुल गांव के बीच झाड़ियों के झुरमुट में बने मिट्टी के एक कमरे के कच्चे मकान में सोनू मरांडी का छह सदस्यीय परिवार किसी तरह जीवन काट रहा है. चार बच्चों के साथ मिट्टी के कमरे में जिंदगी सोनू मरांडी मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं. उनकी पत्नी रौशनी हांसदा के अनुसार, परिवार में चार छोटे शिशु हैं. सकल मरांडी की उम्र 10 वर्ष, फुलमुनि मरांडी 8 वर्ष, मीरु मरांडी 5 वर्ष और मंजू मरांडी महज 2 वर्ष की है. परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि बच्चों के पास पहनने के लिए पर्याप्त कपड़े तक नहीं हैं. शिक्षा और पोषण की उम्र में पहुंच चुके इन बच्चों को न तो स्कूल की सुविधा मिल पा रही है और न ही आंगनबाड़ी का लाभ मिल रहा है. ‘मेरे पास भी सिर्फ एक साड़ी है…’ रौशनी हांसदा अपनी जिंदगी की पीड़ा बताते हुए कहती हैं कि उनके पास पहनने के लिए सिर्फ एक साड़ी है. रोज उसे धोकर सुखाया जाता है और सूखने के बाद उसी से तन ढका जाता है. परिवार के पास रात में सोने के लिए एक खटिया तक नहीं है. बोरा बिछाकर पूरा परिवार जमीन पर सोने को मजबूर है. रौशनी बताती हैं कि घर में दो वक्त चूल्हा जलना भी निश्चित नहीं है. कई बार परिवार को भूखे या अधपेट रहकर रात गुजारनी पड़ती है. राशन कार्ड से लेकर आवास तक, हर योजना बनी सपना रौशनी हांसदा का आरोप है कि प्रशासनी योजनाओं का लाभ दिलाने में उनके परिवार के साथ सौतेला व्यवहार हुआ है. परिवार के पास आज तक राशन कार्ड नहीं है. प्रधानमंत्री आवास योजना या अबुआ आवास योजना के तहत भी उन्हें घर नहीं मिला है. रौशनी के मुताबिक उनकी उम्र 27 वर्ष है, इसके बावजूद उन्हें अब तक मंईयां सम्मान योजना का लाभ भी नहीं मिल सका है. ऐसे में प्रशासन की कल्याणकारी योजनाओं के बीच उनका परिवार आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए जूझ रहा है. पति मजदूरी करते हैं, लेकिन शराब ने बढ़ाई मुश्किल रौशनी के अनुसार उनके पति मजदूरी करते हैं, लेकिन शराब की लत के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है. उनका कहना है कि पति कई बार मजदूरी करने के बाद भी कमाई का पैसा घर नहीं ला पाते. चार बच्चों की जिम्मेदारी और घर चलाने की मजबूरी के बीच रौशनी अकेले संघर्ष करती नजर आती हैं. प्रशासनी दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल झारखंड में आदिवासी और गरीब परिवारों के लिए कई प्रशासनी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. राशन, आवास, स्त्रीओं के लिए आर्थिक सहायता और बच्चों की शिक्षा-पोषण से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य ऐसे ही परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ना है. लेकिन सोनू मरांडी का परिवार इन योजनाओं से वंचित नजर आ रहा है. सवाल यह है कि जब प्रशासनी योजनाओं का लाभ सबसे जरूरतमंद परिवार तक ही नहीं पहुंच पा रहा, तो योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन की व्यवस्था कितनी प्रभावी है? पंचायत समिति सदस्य ने कहा – परिवार की पूरी जानकारी है शिमला पंचायत के पंचायत समिति सदस्य रघुनंदन सिंह ने बताया कि उन्हें इस परिवार की पूरी जानकारी है. उन्होंने कहा कि परिवार बेहद गरीबी और बेबसी के बीच जीवन गुजार रहा है और प्रशासनी योजनाओं से भी दूर है. रघुनंदन सिंह के मुताबिक इस परिवार को प्रशासनी सहायता दिलाने के लिए वे अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: RailOne App पर टिकट बुकिंग से PNR तक, मालदा मंडल ने यात्रियों को सिखाया इस्तेमाल अब मदद की दरकार सोनू मरांडी का परिवार आज किसी बड़े सपने की मांग नहीं कर रहा. उसे बस इतना चाहिए कि बच्चों को पहनने के लिए कपड़े मिलें, घर में चूल्हा जले, परिवार को राशन मिले और रहने के लिए एक सुरक्षित मकान हो. झारखंड गठन के 26 वर्ष बाद भी अगर एक आदिवासी परिवार इन बुनियादी जरूरतों से वंचित है, तो यह सिर्फ सोनू मरांडी के परिवार की कहानी नहीं, बल्कि प्रशासनी योजनाओं के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है. The post 26 साल का झारखंड: चार बच्चों के साथ मिट्टी के एक कमरे में जिंदगी गुजारने को बेबस है सोनू मरांडी का परिवार appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल के एक लाख से अधिक कर्मचारियों के बढ़े वेतन, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की घोषणा

कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि राज्य प्रशासन ने अपने कर्मचारियों और अनुबंध पर काम करनेवाले कर्मियों का वेतन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे लगभग एक लाख लोगों को फायदा होगा. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों के 14 समूहों को पारिश्रमिक में बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा, जिन्हें 2026-27 के राज्य बजट में शामिल नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि इस काम के लिए राज्य पर हर साल 390 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आयेगा और इससे एक लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा. इन कर्मचारियों के वेतन और भत्ते बढ़ाने का ऐलान वन विभाग के डिप्टी रेंजर, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड का भत्ता 5,000 रुपये बढ़ेगा. वन सहायकों के वेतन में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी होगी. प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के पैरा शिक्षकों का वेतन 5,000 रुपये बढ़ाया जायेगा. शिक्षाबंधु और स्पेशल एजुकेटर का भत्ता 5,000 रुपये बढ़ेगा. एमएसके और एसएसके सहायकों के लिए 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की जायेगी. मैनेजमेंट स्टाफ के लिए विभिन्न श्रेणियों के वेतन के अनुसार पांच हजार, सात हजार और 10 हजार रुपये तक की होगी बढ़ोतरी. पूर्व विधायकों का मेडिकल भत्ता 6,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जायेगा. वन विभाग से जुड़े भत्तों में बढ़ोतरी एक अक्टूबर से और पैरा टीचरों के बढ़े हुए वेतन का लाभ एक नवंबर से मिलेगा. ‘शिक्षा बंधुओं’ का मानदेय 5,000 रुपये मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अक्टूबर से ‘डिप्टी रेंजर’ से लेकर वन रक्षक तक, वन अधिकारियों के वेतन में 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है. उन्होंने कहा कि लगभग 1,500 वन स्वयंसेवियों के मानदेय में भी प्रति माह 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की जायेगी. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि एक अगस्त से पूर्व विधायकों के चिकित्सा भत्ते को भी 6,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है. शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि एक नवंबर से प्राथमिक स्कूल स्तर के 20343 और अपर प्राथमिक स्कूल स्तर के 21849 पैरा-शिक्षक और ”शिक्षा बंधुओं” का मानदेय 5,000 रुपये प्रतिमाह बढ़ाया जायेगा. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें नेताजी सेवा केंद्र के लिए मिलेंगे हर महीने 30 हजार रुपये उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के जिन विधायकों ने अपने चुनाव क्षेत्रों में ”नेताजी सेवा केंद्र” शुरू किये हैं, उन्हें इन्हें संचालित करने के लिए हर महीने 30,000 रुपये मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने हाल में विधायकों को निर्देश दिया था कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर ये जन-सेवा केंद्र स्थापित करें. Also Read: शुभेंदु अधिकारी ने ठुकराई विश्व हिंदू परिषद की मांग, बोले- दुर्गा पूजा में मांसाहार पर रोक नहीं The post बंगाल के एक लाख से अधिक कर्मचारियों के बढ़े वेतन, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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लाखों फॉलोअर्स वाला ये अफसर क्यों बना सोशल मीडिया स्टार? रेस्टोरेंट्स पर छापे से मचा हड़कंप, जानें तुकाराम मुंडे की पूरी कहानी

महाराष्ट्र में इन दिनों एक प्रशासनी अधिकारी की कार्रवाई सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. फूड सेफ्टी को लेकर लगातार छापेमारी और कार्रवाई करने वाले महाराष्ट्र के फूड कमिश्नर तुकाराम मुंडे अब सोशल मीडिया स्टार बन चुके हैं. 51 वर्षीय मुंडे के इंस्टाग्राम पर 38 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. उनके नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. बड़े क्लब की रसोई में मिले कॉकरोच और गंदगी मुंबई के एक मेंबर्स-ओनली क्लब की रसोई की तस्वीरों ने लोगों का ध्यान खींचा. यहां फर्श पर कॉकरोच घूमते दिखे, दीवारों पर मकड़ी के जाले थे और कई जगह सड़ी हुई सब्जियां पड़ी थीं. खाद्य काउंटरों पर भी कीड़े-मकौड़ों के संक्रमण के संकेत मिले. आमतौर पर ऐसी स्थिति किसी छोटे या संघर्ष कर रहे रेस्टोरेंट में देखने की उम्मीद की जाती है, लेकिन यह मामला मुंबई के एक प्रतिष्ठित क्लब का था. मई से हजारों जगहों पर हुई जांच तुकाराम मुंडे ने मई में महाराष्ट्र के फूड कमिश्नर का पद संभाला. इसके बाद महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने राज्यभर में रेस्टोरेंट, कैफे और दूसरे खाद्य कारोबारों की जांच तेज कर दी. विभाग के मुताबिक, हजारों निरीक्षण किए गए हैं और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की गई है. बड़े नाम और क्विक-कॉमर्स कंपनियां भी कार्रवाई के दायरे में मुंडे का कहना है कि खाद्य सुरक्षा कानून किसी कारोबारी के आकार, प्रभाव या प्रतिष्ठा के आधार पर अलग-अलग तरीके से लागू नहीं हो सकते. उनके विभाग ने कुछ क्विक-कॉमर्स वेयरहाउस के लाइसेंस निलंबित किए हैं. वहीं, प्रतिबंधित उत्पादों के अप्रत्यक्ष प्रचार से जुड़े विज्ञापनों को लेकर बॉलीवुड सितारों को भी नोटिस भेजे गए हैं. सोशल मीडिया पर कार्रवाई को मिल रहा समर्थन मुंडे की कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया पर नजर आ रहा है. निरीक्षण की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने से आम लोगों को यह देखने का मौका मिल रहा है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है. जानकारों के मुताबिक, इससे उपभोक्ताओं में खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है. रेस्टोरेंट कारोबारियों में नाराजगी जहां उपभोक्ता इस कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं, वहीं होटल और रेस्टोरेंट उद्योग का एक वर्ग इससे नाराज है. कारोबारियों का आरोप है कि कुछ मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया. इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के कानूनी चेयरमैन निरंजन लक्ष्मण शेट्टी ने कहा कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन छोटे या सुधार योग्य उल्लंघनों पर तुरंत लाइसेंस निलंबित करना और सार्वजनिक रूप से नाम उजागर करना कारोबारियों में डर पैदा कर सकता है. कोर्ट पहुंचा मामला, कार्रवाई पर उठे सवाल खाद्य विभाग की कुछ कार्रवाइयों को अदालत में चुनौती भी दी गई. कुछ मामलों में महाराष्ट्र के फूड कमिश्नर तुकाराम मुंडे अपनी सख्त कार्रवाई से सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं. 38 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स के साथ वे एक सोशल मीडिया स्टार बन गए हैं. जानें कैसे उनकी रेस्टोरेंट छापों की कहानी वायरल हो रही है.अदालतों ने लाइसेंस निलंबन के फैसलों को पलटा और कारोबारियों को मुआवजा देने का आदेश दिया. अदालतों ने कुछ कार्रवाइयों को लेकर नियामक के रवैये की आलोचना भी की है. मिठाई की दुकान को देना पड़ा 5 लाख रुपये मुआवजा अगस्त में बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंडे के विभाग को एक मिठाई की दुकान को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, दोबारा निरीक्षण में दुकान 98 फीसदी तक नियमों का पालन करती मिली थी, इसके बावजूद उसका लाइसेंस निलंबित रहा. कोर्ट ने नियामक की मंशा को अच्छी बताया, लेकिन कहा कि कार्रवाई जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ गई थी. कोर्ट की टिप्पणी के बाद प्रशासनी कैंटीन की भी जांच अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि क्या निजी कारोबारियों की तरह प्रशासनी प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है. इसके अगले ही दिन मुंडे की टीम ने राज्य के हाई कोर्ट परिसर की कैंटीनों का निरीक्षण किया और वहां भी नियमों के उल्लंघन को चिह्नित किया. मुंडे के लिए यह इस बात का उदाहरण है कि खाद्य सुरक्षा के नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं. हम हर लाइसेंस बंद करने नहीं आए हैं : मुंडे मुंडे का कहना है कि विभाग का उद्देश्य कारोबार बंद करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है. उनका कहना है कि कार्रवाई तभी की जाती है जब खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन सामने आता है. उनका जोर इस बात पर है कि खाना सुरक्षित हो, घटिया या मिलावटी न हो और गलत तरीके से ब्रांडेड न हो. अखबार में खाना पैक करने से लेकर सिंथेटिक रंग तक पर रोक रेस्टोरेंट की जांच मुंडे के अभियान का सिर्फ एक हिस्सा है. विभाग ने खाने को अखबार में लपेटकर बेचने पर रोक, कुछ सिंथेटिक रंगों के इस्तेमाल पर कार्रवाई और प्रतिबंधित एनालॉग पनीर यानी डेयरी के बजाय दूसरे पदार्थों से बने पनीर के विकल्पों पर भी सख्ती की है. अब स्कूलों की कैंटीन पर फूड विभाग की नजर खाद्य सुरक्षा अभियान का फोकस अब स्कूलों तक पहुंच गया है. विभाग ने स्कूल कैंटीन, हॉस्टल किचन और मिड-डे मील सप्लायरों को उचित लाइसेंस लेने का निर्देश दिया है. इसके अलावा स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में ज्यादा फैट, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है. मुंडे के तबादले के बाद क्या होगा असर? तुकाराम मुंडे की कार्रवाई ने पूरे देश में खाद्य सुरक्षा को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है, लेकिन विशेषज्ञों के सामने बड़ा सवाल यह है कि उनके अगले पद पर जाने के बाद यह अभियान कितना कायम रहेगा. जानकारों का मानना है कि किसी एक अधिकारी की सक्रियता से ज्यादा जरूरी ऐसी व्यवस्था बनाना है, जो अधिकारी बदलने के बाद भी लगातार काम करती रहे. सड़क किनारे सैंडविच बेचने वाले ने भी बदला तरीका इस अभियान का असर छोटे कारोबारियों तक भी पहुंच रहा है. मुंबई के उपनगर में सैंडविच बेचने वाले युवराज यादव ने बताया कि वह पहले पुराने अखबारों में सैंडविच पैक करता था. अखबार की स्याही में मौजूद रसायनों के खाने में पहुंचने की आशंका

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मुजफ्फरपुर: बहादुरपुर BDO के बैरिया आवास पर EOU का बड़ा छापा, आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई; पति-पत्नी गायब

मुजफ्फरपुर बीडीओ ईओयू: दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड के बीडीओ डॉ. आनंद कुमार विभूति के ठिकानों पर मंगलवार सुबह आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक साथ बड़ी कार्रवाई शुरू की है. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ईओयू की विशेष टीम ने सुबह सात बजे मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित बैरिया आदर्श ग्राम रोड नंबर एक स्थित उनके निजी आवास पर धावा बोला. हालांकि, टीम के पहुंचते ही बीडीओ और उनकी पत्नी घर से नदारद मिले. मुजफ्फरपुर और दरभंगा में एक साथ दबिश बीडीओ विभूति आनंद की फाइल फोटो डॉ. आनंद कुमार विभूति पूर्व में मुजफ्फरपुर के कांटी प्रखंड में भी बीडीओ के पद पर पदस्थापित रह चुके हैं. कांटी में कार्यकाल के दौरान भी वे काफी विवादों में घिरे रहे थे. उन पर कई विकास योजनाओं में वित्तीय गड़बड़ियों और अनियमितताओं के इनपुट मिले थे. इन्हीं पुराने मामलों और इनपुट्स को आधार बनाकर ईओयू की टीम मुजफ्फरपुर से जुड़े संपत्ति के तारों को तलाश रही है. संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही टीम बैरिया स्थित आवास पर EOU की टीम, फोटो- नया विचार ईओयू के अधिकारी बंद कमरों और पूरे परिसर की सघन तलाशी ले रहे हैं: घर से मिले जमीन-जायदाद के कागजात, बैंक पासबुक और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच हो रही है. स्थानीय पड़ोसियों से भी बीडीओ और उनके परिवार के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है. मुजफ्फरपुर पुलिस की तकनीकी सहायता से फरार बीडीओ और उनकी पत्नी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही कुल काली कमाई का खुलासा किया जाएगा. View on Instagram ये भी पढ़ें: बाउंड्री विवाद: विधायक के भाई को कोर्ट से राहत, ‘नो कोर्सिव’ आदेश के साथ टली गिरफ्तारी; धमकाने वाले दो आरोपितों ने किया सरेंडर The post मुजफ्फरपुर: बहादुरपुर BDO के बैरिया आवास पर EOU का बड़ा छापा, आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई; पति-पत्नी गायब appeared first on Naya Vichar.

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पेरिस: हिंदू संगठन के दौरे पर विवाद, महिला कर्मियों को हटाने के आरोप में एफिल टावर बंद

स्टाफ यूनियन की प्रतिनिधि डायने डावोइन ने बताया कि बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के समय स्त्री कर्मचारियों को उनकी जगह से हटाकर पुरुषों को तैनात कर दिया गया. इतना ही नहीं, स्त्री कर्मियों को उस रास्ते से न गुजरने की हिदायत दी गई जहां प्रतिनिधिमंडल मौजूद था. यूनियन का कहना है कि इस निर्देश से स्त्री कर्मचारी बेहद अपमानित महसूस कर रही हैं और समानता के अधिकारों की रक्षा के लिए काम बंद करने का फैसला लिया गया. एफिल टावर के पास क्या और क्यों कार्यक्रम हो रहा था? पेरिस के बुसी-सेंट-जॉर्जेस में फ्रांस का पहला पारंपरिक पत्थर से बना BAPS हिंदू मंदिर बनकर तैयार हुआ है. इसके उद्घाटन और प्रतिष्ठा उत्सव के अवसर पर BAPS द्वारा पेरिस में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे. इसी उत्सव के तहत सीन नदी में एक जल यात्रा और सांस्कृतिक जुलूस का आयोजन किया गया था. इस उत्सव में शामिल होने के लिए BAPS के लगभग 100 सदस्यों और संतों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल पेरिस पहुंचा था. यह प्रतिनिधिमंडल पेरिस दर्शन के तहत एफिल टावर देखने गया था. प्रबंधन और मेयर का कड़ा रुख टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी (SETE) के अध्यक्ष एरियल वेल ने माना कि प्रतिनिधिमंडल ने स्त्रीओं के साथ बातचीत सीमित करने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और टावर प्रशासन लैंगिक समानता के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है. BAPS ने असुविधा के लिए मांगी माफी, कहा- टावर में जाने से किसी को नहीं रोका गया एफिल टावर विवाद पर BAPS संस्था ने बयान जारी कर सफाई दी है. संस्था ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल बड़ा होने के कारण आम लोगों को परेशानी से बचाने के लिए दौरा टावर प्रबंधन की सहमति से ही तय किया गया था. BAPS ने स्पष्ट किया कि उनकी जानकारी में किसी भी व्यक्ति को टावर में जाने से नहीं रोका गया. फिर भी, यदि इस घटना से किसी को भी ठेस या असुविधा हुई है, तो वे इसके लिए खेद जताते हुए माफी मांगते हैं. संस्था आपसी सम्मान और सेवा के मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. पेरिस के उप-मेयर ने जांच का दिया आदेश घटना पर संज्ञान लेते हुए पेरिस के उप-मेयर इमैनुएल ग्रेगोइरे ने मामले की जांच का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि स्त्री और पुरुष समानता के नियम पेरिस में हर जगह लागू होते हैं और कर्मचारियों का गुस्सा पूरी तरह जायज है. फ्रांस के पूर्व प्रधानमंत्री गेब्रियल अताल और अन्य प्रमुख नेताओं ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है. हिंदू संगठन (BAPS) क्या है? BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) एक वैश्विक और सामाजिक-धार्मिक हिंदू संगठन है. इसकी शुरुआत 1907 में स्वामीनारायण परंपरा के तहत हुई थी. ये भी पढ़ें: सऊदी अरब पर हूतियों का हमला, 73 लोग घायल; अबहा-जजान समेत कई शहरों में मची हलचल The post पेरिस: हिंदू संगठन के दौरे पर विवाद, स्त्री कर्मियों को हटाने के आरोप में एफिल टावर बंद appeared first on Naya Vichar.

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‘कृष का गाना सुनेगा…’ से रातोंरात छाया था धूम, झारखंड के इस वायरल स्टार की कहानी जानकर चौंक जाएंगे आप

जमशेदपुर: ‘कृष का गाना सुनेगा… दिल ना दिया, दिल ना दिया ले बेटा…’ कभी सोशल मीडिया की हर दूसरी-तीसरी रील में सुनाई देने वाली ये आवाज जमशेदपुर के पिंटू प्रसाद की है. इंटरनेट ने उन्हें नाम दिया ‘धूम’. देखते ही देखते सड़कों पर नजर आने वाला एक आम शख्स सोशल मीडिया सेंसेशन बन गया. वीडियो वायरल हुआ, लोग उसके साथ रील बनाने लगे और धूम की अपनी अलग पहचान बन गई. लेकिन अब वही धूम सोशल मीडिया पर पहले की तरह नजर नहीं आता. कभी-कभार किसी वीडियो में वह दिखाई जरूर दे जाता है, कुछ बोलता हुआ नजर आता है, लेकिन उसकी जिंदगी में क्या चल रहा है, इस पर कोई खास जानकारी सामने नहीं आती थी. हाल ही में रांची में JPSC को लेकर हुए प्रोटेस्ट के दौरान पिंटू बच्चों का समर्थन करते हुए नजर आए. इसके बाद एक बार फिर लोगों के मन में सवाल उठा की आखिर धूम अब कहां है? क्या कर रहा है? और अचानक सोशल मीडिया से इतना दूर क्यों हो गया? अब इस सवाल का जवाब जमशेदपुर के अस्तित्व फाउंडेशन से मिलता है जहां धूम अभी रह रहे है. वायरल होने से पहले सड़कों पर बोरा लेकर घूमता था पिंटू पिंटू के वायरल होने के बाद उसके साथ वीडियो बनाने के लिए लोग पैसे देने लगे. कुछ लोग उसे 500 से 1,000 रुपये तक भी देते थे. विज्ञापन और गानों के ऑफर तक आने लगे. लेकिन समस्या यह थी कि अचानक मिली इस लोकप्रियता को संभालने के लिए पिंटू तैयार नहीं था. नशे की लत पहले से ही उसकी जिंदगी का बड़ा हिस्सा थी. ऐसे में वायरल होने से आई कमाई भी उसके भविष्य को संवारने के बजाय उसी लत में चली जाती थी. फिर अचानक सोशल मीडिया से गायब हो गया धूम लोगों ने धूम को सोशल मीडिया पर खूब देखा, उसके साथ वीडियो बनाए और उसकी आवाज पर भी काफी रील्स बनाए गए. लेकिन धीरे-धीरे उसकी मौजूदगी कम होती गई. हालांकि वह पूरी तरह गायब नहीं हुआ. कभी-कभी किसी वीडियो में नजर आ जाता है, लोगों से बात करता दिखाई देता है या किसी कार्यक्रम में पहुंच जाता है. लेकिन अब उसकी जिंदगी का फोकस वायरल वीडियो या सोशल मीडिया की लोकप्रियता नहीं है बल्कि खुद को बेहतर करना है. अब अस्तित्व फाउंडेशन में रह रहा है पिंटू पिंटू के लिए अब सबसे जरूरी चीज सोशल मीडिया की लोकप्रियता नहीं, बल्कि एक स्थिर जिंदगी है. फाउंडेशन की ओर से उसके रहने, खाने, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च उठाया जा रहा है. उसे चार वक्त का खाना और रहने के लिए सुरक्षित जगह मिल रही है. फाउंडेशन में नशे की लत से उबर रहे दूसरे लोग भी हैं, इसलिए पिंटू ऐसे लोगों के बीच रह रहा है जो उसकी स्थिति को समझते हैं. ‘नशा छोड़ो, जिंदगी जियो’ अब यही है धूम की कहानी कभी ‘कृष का गाना सुनेगा’ कहकर इंटरनेट पर छा जाने वाला 32 वर्षीय पिंटू प्रसाद आज अपनी जिंदगी को नए सिरे से संभालने की कोशिश कर रहा है. सोशल मीडिया पर उसकी मौजूदगी भले कम हो गई हो, लेकिन उसकी जिंदगी में बदलाव लगातार जारी है. कभी जिस पिंटू को लोग सिर्फ एक वायरल वीडियो के किरदार के तौर पर जानते थे, आज उसकी कहानी का सबसे अहम हिस्सा यह है कि वह नशे से बाहर निकलकर सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश कर रहा है. धूम की आवाज भले सोशल मीडिया पर अब कम सुनाई देती हो, लेकिन उसकी जिंदगी में बदलाव की कहानी अभी जारी है. Also read: टाटा पिगमेंट्स में वेज रिवीजन का बड़ा फैसला, कर्मचारियों की सैलरी में 15 हजार रुपये तक का इजाफा Also read: प्रेमी संग फरार हुई ऑटो चालक की पत्नी, TMH में काम के दौरान बढ़ी नजदीकी..पढ़ें पूरी समाचार The post ‘कृष का गाना सुनेगा…’ से रातोंरात छाया था धूम, झारखंड के इस वायरल स्टार की कहानी जानकर चौंक जाएंगे आप appeared first on Naya Vichar.

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Duleep Trophy Final, Day 3 Live: साउथ जोन का पहला विकेट गिरा, रिकी भुई लौटे पवेलियन

दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन में ईस्ट जोन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 708 रन बनाए. अब तीसरे दिन साउथ जोन के बल्लेबाजों पर नजरें रहेगी. लाइव अपडेट्स के लिए नया विचार के साथ जुड़े रहे. The post Duleep Trophy Final, Day 3 Live: साउथ जोन का पहला विकेट गिरा, रिकी भुई लौटे पवेलियन appeared first on Naya Vichar.

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Maa Durga 11 Hands Controversy: बंगाल में मां दुर्गा की 11 भुजाओं पर विवाद, जानें शास्त्रों में कितनी भुजाओं का है प्रमाण

Maa Durga Arms: शारदीय नवरात्र से पहले पश्चिम बंगाल में देवी दुर्गा के हाथों को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. सोमवार (7 सितंबर) को पश्चिम बंगाल बीजेपी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट किया गया जिसमें देवी दुर्गा के ग्यारह (11) हाथ दर्शाए गए हैं. इसके अलावा ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने भी ‘एक्स’ एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें मां दुर्गा के ग्यारह हाथों को दर्शाया गया है. क्या आप जानते हैं कि शास्त्र-पुराण में मां दुर्गा के हाथों को लेकर क्या प्रमाण है? देवी दुर्गा के कितने हाथ हैं ‘गीता प्रेस’ से प्रकाशित ‘दुर्गा सप्तशती’ नामक धार्मिक पुस्तक में देवी दुर्गा के स्वरूप को विस्तार से बताया गया है. इसके प्रथम अध्याय में मां दुर्गा का ध्यान मंत्र- “खड्‌गं चक्र-गदेषु-चाप-परिघाञ्छूलं भुशुण्डीं शिर: शंखं संदधतीं करौस्त्रिनयनां सर्वाड्गभूषावृताम्, नीलाश्मद्युतिमास्य-पाददशकां सेवे महाकालिकां यामस्तौत्स्वपिते हरौ कमलजो हन्‍तुंमधुं कैटभम्” है. इस ध्यान मंत्र के अनुसार मां दुर्गा के दस हाथ हैं. जिनमें वे अलग-अलग देवताओं द्वारा प्रदान किए गए अस्त्र-शस्त्र और अन्य वस्तु धारण की हुई हैं. ये भी पढ़ें: मार्कण्डेय पुराण का हिस्सा है दुर्गा सप्तशती दुर्गा सप्तशती ‘मार्कंडेय पुराण’ का अहम हिस्सा है. इसमें देवी की स्तुति के लिए 700 मंत्रों का उल्लेख किया गया है. 700 मंत्र होने की वजह से इस धार्मिक पुस्तक को ‘दुर्गा सप्तशती’ नाम दिया गया. इसे चंडी पाठ और देवी महात्म्य के नाम से भी जाना जाता है. दुर्गा सप्तशती के वर्णित 700 मंत्र को तीन चरित्रों (प्रथम, मध्यम और उत्तम) में बांटा गया है लेकिन किसी भी चरित्र में भगवती दुर्गा के ग्यारह हाथों का उल्लेख नहीं है. ऐसे में देवी दुर्गा की तस्वीर में उनके 11 हाथ को दर्शाना शास्त्र-पुराण सम्मत नहीं है. साथ ही ऐसी कल्पना निराधार है. क्यों हुआ मां दुर्गा का प्रादुर्भाव? मार्कण्डेय पुराण की कथा के अनुसार, महिषासुर नाम के राक्षस ने युद्ध में देवताओं को हराकर स्वर्गलोक पर अधिकार प्राप्त कर लिया और बारी-बारी से देवताओं को परेशान करने लगा. देवगण परेशान होकर त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) के पास पहुंचे. उनके तेज से एक शक्ति (देवी दुर्गा) का प्रदुर्भाव हुआ. देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया. The post Maa Durga 11 Hands Controversy: बंगाल में मां दुर्गा की 11 भुजाओं पर विवाद, जानें शास्त्रों में कितनी भुजाओं का है प्रमाण appeared first on Naya Vichar.

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Women’s Asia Cup: 7 रन देकर 6 विकेट… नशरा संधू के तूफान में उड़ा हांगकांग, पाकिस्तान की सेमीफाइनल में एंट्री

Women’s Asia Cup: स्त्री एशिया कप 2026 में हिंदुस्तान से करारी हार झेलने के बाद पाकिस्तान ने शानदार वापसी की है. पाकिस्तान ने हांगकांग, चीन को 72 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली. इस जीत की सबसे बड़ी स्टार नशरा संधू रहीं. उन्होंने सिर्फ 7 रन देकर 6 विकेट चटकाए और हांगकांग की पूरी टीम को 71 रन पर समेट दिया. 28 रन पर गिर चुके थे 2 विकेट 144 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरे हांगकांग की शुरुआत बेहद खराब रही. पावरप्ले खत्म होने तक टीम का स्कोर 28 रन पर 2 विकेट था. मारिको हिल लगातार तीसरी बार खाता खोले बिना आउट हुईं, जबकि नताशा माइल्स को सादिया इकबाल ने अपनी पहली ही गेंद पर पवेलियन भेज दिया. इसके बाद नशरा संधू गेंदबाजी करने आईं और यहीं से मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल गया. चार गेंदों में दो विकेट लेकर तोड़ी कमर यास्मिन दसवानी और कैरी चान ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन नशरा ने इस साझेदारी को तोड़ दिया. इसके बाद उन्होंने सिर्फ चार गेंदों के अंदर मरिना लैम्पलॉ और मरियम बीबी को आउट कर हांगकांग को 40 रन पर 5 विकेट के संकट में डाल दिया. इसके बाद हांगकांग की पारी संभल नहीं सकी. नशरा ने शांजीन शहजाद और एलिसन सुई को भी पवेलियन भेज दिया. एक समय वह हैट्रिक के करीब भी पहुंच गई थीं. हालांकि हैट्रिक पूरी नहीं हो सकी, लेकिन अपनी गेंदबाजी की आखिरी गेंद पर छठा विकेट लेकर उन्होंने इतिहास रच दिया. ये भी पढ़ें: एशिया कप में पुरुष टीम के बाद अब स्त्रीओं की बारी, हिंदुस्तान जीता तो क्या नकवी के हाथों ट्रॉफी लेंगी हरमनप्रीत? पाकिस्तान की पहली स्त्री गेंदबाज बनीं नशरा संधू स्त्री टी20 इंटरनेशनल में एक पारी में 6 विकेट लेने वाली पाकिस्तान की पहली स्त्री गेंदबाज बन गई हैं. यह टी20 इंटरनेशनल में उनका पहला पांच विकेट का प्रदर्शन भी है. इससे पहले निदा डार और ओमैमा सोहैल पाकिस्तान के लिए पांच-पांच विकेट ले चुकी थीं. हांगकांग की ओर से कैरी चान ने सबसे ज्यादा 30 रन बनाए. हालांकि 16वें ओवर में आयशा जफर ने उनकी पारी खत्म कर दी. इसके बाद हांगकांग की पूरी टीम 71 रन पर ऑलआउट हो गई. 144 रन तक पहुंचा था पाकिस्तान इससे पहले पाकिस्तान ने बल्लेबाजी करते हुए 144 रन बनाए थे. शवाल जुल्फिकार ने सबसे ज्यादा 47 रन की पारी स्पोर्ट्सी. हांगकांग की जॉयलीन कौर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट लिए और पाकिस्तान को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन टीम 144 रन तक पहुंचने में सफल रही. 11 को सेमीफाइनल में श्रीलंका से होगी भिड़ंत अब पाकिस्तान का सामना 11 सितंबर को एशिया कप के दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका से होगा. नशरा संधू की इस शानदार गेंदबाजी के बाद पाकिस्तान की नजरें अब फाइनल में जगह बनाने पर होंगी. ये भी पढ़ें: Fatima Sana fined 10 percent match fee: Fatima Sana पर ICC की बड़ी कार्रवाई, हिंदुस्तान के खिलाफ मैच में इशारा करना पड़ा भारी; लगा 10% जुर्माना The post Women’s Asia Cup: 7 रन देकर 6 विकेट… नशरा संधू के तूफान में उड़ा हांगकांग, पाकिस्तान की सेमीफाइनल में एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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8 सितंबर की टॉप 20 खबरें: 1.10 लाख करोड़ की सैन्य खरीद को मंजूरी, बंगाल में उपचुनाव की घोषणा

1. हिंदुस्तानीय सेना होगी और ताकतवर : 1.10 लाख करोड़ की सैन्य खरीद को मंजूरी, हेलिकॉप्टर से लेकर नए हथियार होंगे शामिल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 7 सितंबर को रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक हुई. इसमें सेना को और मजबूत बनाने को लेकर चर्चा हुई. बैठक में सेना के लिए करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के हथियार और दूसरे जरूरी सैन्य सामान खरीदने के प्रस्तावों को शुरुआती मंजूरी दी गई. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. बंगाल विधानसभा उपचुनाव : नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट, 9 को आयेगा रिजल्ट Bengal Bypolls 2026: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का शेड्यूल जारी. 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को नतीजे आयेंगे. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 3. Delhi Building Collapse : सत्य निकेतन का मालिक हरिराम गिरफ्तार, पुलिस ने राजस्थान से दबोचा Delhi Building Collapse : दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. दिल्ली पुलिस ने हादसे के बाद से फरार चल रहे बिल्डिंग मालिक हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ लिया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 4. कर्मचारियों की चिंता पर बोले अंतरिक्ष एजेंसी प्रमुख- ISRO का नहीं होगा प्राइवेटाइजेशन ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा है कि हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का  प्राइवेटाइजेशन नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को लेकर उनकी जो भी चिंताएं हैं, प्रशासन और ISRO मिलकर उनका समाधान करेंगे. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 5. चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे का अपहरण, रांची पुलिस ने चंद घंटे में किया बरामद चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के अपहरण की सूचना सामने आई है. जानकारी के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे उसका अपहरण अमेटी यूनिवर्सिटी के पास से किया गया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 6. राम मंदिर चोरी मामले में हटाए गए तीन कर्मचारियों की वापसी, ट्रस्ट की नई व्यवस्था में फिर मिली जिम्मेदारी अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलावों का असर दिखने लगा है. तीन कर्मचारियों को शिकायतों के बाद हटा दिया गया था, लेकिन अब नई व्यवस्था में उनकी वापसी हुई है. यह निर्णय नए पूर्णकालिक महासचिव के कार्यभार संभालने के बाद लिया गया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 7. LPG सिलेंडर के नियम में बदलाव, ग्रामीण इलाकों में अब 25 दिन में करा सकेंगे बुकिंग LPG सिलेंडर की बुकिंग को लेकर प्रशासन ने बदलाव किया है. पेट्रोलियम मंत्री ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी. उन्होंने पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से तेल कंपनियों को भेजे गए पत्र की कॉपी भी साझा की है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 8. बाढ़ से बेहाल बिहार के लिए तेजस्वी ने PM मोदी को लिखा पत्र, 5 हजार करोड़ पैकेज समेत की ये 7 मांग बिहार में बाढ़ के हालात को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, 5 हजार करोड़ रुपये की मदद और विशेष राहत पैकेज की मांग की है. तेजस्वी ने सेना, हेलीकॉप्टर, राहत सामग्री और किसानों के लिए सहायता की भी मांग रखी है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 9. JPSC-JSSC परीक्षा गड़बड़ी: 22 दिन बाद भी दो आरोपी फरार, 15 सितंबर के बाद होगी घर की कुर्की JPSC और JSSC परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में फरार चल रहे पलामू के दो आरोपियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. रविशंकर कुमार और संतोष कुमार सिंह की गिरफ्तारी के लिए CID और पलामू पुलिस की संयुक्त टीम लगातार छापेमारी कर रही है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 10. Nepal Cyber Crime Action: बाढ़ पीड़ितों को ऑनलाइन गाली देना पड़ेगा भारी, 1 लाख तक जुर्माना और 5 साल जेल की सजा नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ के पीड़ितों को सोशल मीडिया पर निशाना बनाना अब भारी पड़ सकता है. पीड़ितों के खिलाफ गाली, अपमानजनक और मजाक उड़ाने वालों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का फैसला किया है.  यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 11. मां दुर्गा के ’11 भुजाओं’ पर घमासान: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी प्रशासन पर साधा निशाना, बताया बंगाली संस्कृति का अपमान पश्चिम बंगाल में आगामी दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच एक नये विवाद ने जन्म ले लिया है. राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा अखबारों में प्रकाशित एक प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा के चित्र में पारंपरिक 10 भुजाओं की बजाय 11 भुजाएं (एकादश भुजा) दिखाये जाने पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट. 12. Bigg Boss 20 Highlights: ‘भाई मत बोल’ पहले ही दिन काजी और यंग DSA के बीच हुई गाली गलौज, बाप तक पहुंची बात बिग बॉस 20 की शुरुआत ही ड्रामे के धमाके के साथ हुई.पहले ही दिन रैपर यंग DSA और काजी तौकीर के बीच जुबानी जंग छिड़ गई. काजी द्वारा यंग के बोलने के अंदाज की मिमिक्री करने पर विवाद इतना गहराया कि बात बाप और परिवार तक जा पहुंची, जिसे घरवालों ने बमुश्किल शांत कराया. इसी गरमा-गर्मी के बीच बिग बॉस ने अपने 20वें सीजन के जश्न में अजीबोगरीब ‘केक कैप्टेंसी टास्क’ का ऐलान किया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व Pitru Paksha 2026 Rishi Tarpan: पितृ पक्ष में पितृ देव से पहले ऋषि तर्पण करने की परंपरा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पिछे की वजह क्या है? इसके बारे में शास्त्रों में क्या कहा गया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. Weather Update : 8, 9, 10 सितंबर को देश के कई हिस्सों में बारिश, MP-Bihar समेत इन राज्यों में IMD का अलर्ट देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अगले तीन दिनों तक जारी रहेंगी. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8, 9 और 10 सितंबर के लिए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है. कुछ राज्यों में भारी बारिश की भी उम्मीद है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट The post 8 सितंबर की टॉप 20 समाचारें:

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