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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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Bigg Boss 20 Episode 1 Live: इस कंटेस्टेंट पर भड़की मैरी कॉम, बोली- आगे से मुझे मत टोकना

Bigg Boss 20 Episode 1: बिग बॉस 20 का प्रीमियर हो चुका है औऱ 16 कंटेस्टेंट्स अब अपने जबरदस्त गेम प्लान से दर्शकों को एंटरटेन करेंगे. इसी बीच फर्स्ट एपिसोड में क्या कुछ खास रहा. आइये जानते हैं पल-पल के अपडेट्स. The post Bigg Boss 20 Episode 1 Live: इस कंटेस्टेंट पर भड़की मैरी कॉम, बोली- आगे से मुझे मत टोकना appeared first on Naya Vichar.

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Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व

Pitru Paksha 2026 Rishi Tarpan: मिथिला और महावीर पंचांग के अनुसार, इस साल पितृ पक्ष का आरंभ 26 सितंबर से होने वाला है. इस दिन भाद्रपद (भादो) की पूर्णिमा तिथि है. इसलिए इस दिन ऋषियों के नाम से तर्पण किया जाएगा. इसके अलावा इस दिन उन पूर्वजों के लिए तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध कर्म किया जाएंगे जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि में हुई. इस साल आश्विन कृष्ण प्रतिपदा तिथि से अमावस्या तक पूर्वजों के लिए तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध किया जाएगा. आइए, जानते हैं कि पूर्वज से पहले ऋषि का तर्पण क्यों जरूरी है, यह किस तारीख को किया जाएगा और इसका महत्व क्या है. पितर से पहले क्यों जरूरी हो ऋषि तर्पण धर्मशास्त्र के मुताबिक, भाद्रपद पूर्णिमा के दिन ऋषियों का तर्पण करना जरूरी है. शास्त्रों के अनुसार, मनुष्य पर जन्म लेता है तब से ही वह ऋषि, देवता और पितर (पूर्वज) का ऋणी हो जाता है. इसे ऋषि ऋण, देव ऋण और पितृ ऋण के नाम से जाना जाता है. इसलिए पितृ पक्ष में इनके लिए तर्पण करने की परंपरा है. कर्मकांड के जानकार पं. धर्मनाथ झा ने बताया कि पितृ पक्ष में पितृ तर्पण से पहले ऋषि तर्पण करना जरूरी है क्योंकि इसके बिना पूर्वज भी तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध कर्म स्वीकार नहीं करते. पितृ पक्ष में कब होगा ऋषि तर्पण पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि गुरुवार, 26 सितंबर 2026 को है. ऐसे में इस दिन ऋषि तर्पण किया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि शास्त्रों में ऋषि तर्पण के लिए भाद्रपद पूर्णिमा तिथि का स्पष्ट उल्लेख है. तिथि दिनांक समय पूर्णिमा तिथि आरंभ 25 सितंबर 2026 रात- 11: 06बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त 26 सितंबर 2026 रात 10:18 बजे उदया तिथि के अनुसार पूर्णिमा 26 सितंबर, शनिवार पूरे दिन मान्य पितृ पक्ष में सबसे पहले अगस्त्य ऋषि का तर्पण क्यों? वैदिक परंपरा के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा तिथि पर सबसे पहले और विशेष रूप से अगस्त्य ऋषि के लिए तर्पण किया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि शास्त्रों में उन्हें पितृ पूजन का अधिकारी, विघ्नों को दूर करने वाला और तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध का साक्षी बताया गया है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: कब से शुरू होगा पितृ पक्ष? किस तारीख को करें पूर्वजों का तर्पण, श्राद्ध या पिंडदान देव और ऋषि तर्पण की विधि भाद्रपद पूर्णिमा के दिन ऋषि तर्पण के दौरान क्रम से देवता, ऋषि और पितर यानी पूर्वज का तर्पण किया जाता है. देव तर्पण के लिए पूरब की ओर मुंह करके जनेऊ को गले में आगे की ओर (हृदय की तरफ) रखें. दाहिने हाथ की उंगलियों के आगे वाले हिस्से (देवतीर्थ) से देवता को बारी-बारी से जल देना चाहिए. इस दौरान ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिदेव) का ध्यान करना चाहिए. यह नियम नदियों के लिए है. अर्धा से भी देवता को जल दिया जा सकता है. ऋषि तर्पण के दौरान उत्तर दिशा की ओर मुंह करके हथेली के ऋषि तीर्थ से ऋषि (अगस्त्य) को जल अर्पित करना चाहिए. ऋषि तर्पण इन्फोग्राफिक्स (AI) The post Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व appeared first on Naya Vichar.

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मां दुर्गा की ’11 भुजाओं’ पर घमासान: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी सरकार पर साधा निशाना, बताया बंगाली संस्कृति का अपमान

Durga Puja Advertisement Row Bengal: पश्चिम बंगाल में आगामी दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच एक नये विवाद ने जन्म ले लिया है. राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा अखबारों में प्रकाशित एक प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा के चित्र में पारंपरिक 10 भुजाओं की बजाय 11 भुजाएं (एकादश भुजा) दिखाये जाने पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. वहीं, भाजपा ने कहा है कि तकनीकी या प्रिंटिंग की गलती को नेतृत्वक रूप न दिया जाये. उच्चस्तरीय समन्वय बैठक से पहले जारी हुआ था विज्ञापन यह विज्ञापन कोलकाता में आयोजित होने वाली एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक (Coordination Meeting) की जानकारी देने के लिए जारी किया गया था. बैठक कोलकाता नगर निगम (KMC) और कोलकाता पुलिस के सहयोग से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में शहर की विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के साथ आयोजित की जा रही है. इसका उद्देश्य त्योहार को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है. मां दुर्गा और बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं को गलत तरीके से पेश किया जाना बेहद अपमानजनक है. दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं है. यह एक भावना और बंगाल की धड़कन है. मां का घर लौटना लाखों बंगालियों के लिए एक पवित्र अवसर है. फिर भी, जो प्रशासन बंगाल की बात करने का दावा करती है, वह बंगाली संस्कृति, परंपराओं और उन त्योहारों से लगातार दूर होती दिख रही है, जो बंगाल की पहचान हैं. -तृणमूल कांग्रेस मां दुर्गा के मूल स्वरूप से खिलवाड़ : कुणाल घोष तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर प्रशासनी विज्ञापन की तस्वीर साझा करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर कटाक्ष किया. विज्ञापन में मां दुर्गा के चित्र के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तस्वीरें भी छपी हैं. शास्त्रों से छेड़छाड़ का कुणाल ने लगाया आरोप कुणाल घोष ने अपने पोस्ट में लिखा- माननीय मुख्यमंत्री, प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा को 10 भुजाओं की बजाय ‘एकादश भुजा’ वाली दिखाया गया है. शास्त्रों और हमारी परंपरा के अनुसार मां दुर्गा ‘दशभुजा’ हैं. इसमें से एक हाथ कम किये जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को संबंधित विभाग को तुरंत निर्देश देना चाहिए कि वे मां दुर्गा के मूल स्वरूप और बंगाली परंपराओं के साथ छेड़छाड़ न करें. माननीय मुख्यमंत्री, प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा को ‘एकादश भुजा’ वाली के रूप में दिखाया गया है, जबकि पारंपरिक रूप से उन्हें ‘दस भुजा’ वाली के रूप में दर्शाया जाता है. शास्त्रों के अनुसार, एक हाथ कम किये जाने की जरूरत है. हम रोजाना अलग-अलग तरह की आचार-संहिता के बारे में सुनते हैं. अगर 2026 में मां (दुर्गा) की भुजाओं की संख्या बढ़ जाती है, तो मामला पेचीदा रूप ले सकता है. कृपया संबंधित विभाग को तुरंत निर्देश दें कि वह मां दुर्गा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न करे. -कुणाल घोष, प्रवक्ता, तृणमूल कांग्रेस बंगाली संस्कृति से कटी हुई है बीजेपी : तृणमूल तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट जारी कर इस चूक को बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर और भावनाओं का घोर अपमान करार दिया. टीएमसी ने कहा- दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बंगाल की धड़कन और पहचान है. बंगाल की बात करने का दावा करने वाली प्रशासन यहां की संस्कृति और परंपराओं से पूरी तरह अलग-थलग हो चुकी है. TMC ने भाजपा के सांस्कृतिक जुड़ाव पर उठाये सवाल ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर बीजेपी बंगाली संस्कृति से इतनी अनजान क्यों है कि प्रशासन की देखरेख में मां दुर्गा का गलत और अमर्यादित चित्र पेश किया जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस के इस बयान पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयी है. तकनीकी या प्रिंटिंग की गलती को नेतृत्वक रूप न दें : भाजपा हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मां दुर्गा से जुड़े इस विवाद पर तृणमूल को सलाह दी कि वह इसे नेतृत्वक विवाद का रूप न दे. शमिक ने कहा कि जिस चीज को उन्होंने ‘विज्ञापन एजेंसी की संभावित तकनीकी या प्रिंटिंग गलती’ बताया है, उसे नेतृत्वक विवाद का रूप न दिया जाये. इस गलती को बस ठीक कर लिया जाना चाहिए. The post मां दुर्गा की ’11 भुजाओं’ पर घमासान: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी प्रशासन पर साधा निशाना, बताया बंगाली संस्कृति का अपमान appeared first on Naya Vichar.

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टर्बो-पेट्रोल इंजन, 360 डिग्री कैमरा और 6 एयरबैग्स… धड़ाधड़ बुक हो रही Maruti Suzuki की ये SUV, डेढ़ महीने पहले हुई थी लॉन्च

मारुति सुजुकी ने लगभग 6 हफ्तों में नई ब्रेजा के लिए 60,000 से ज्यादा बुकिंग हासिल कर ली है. इससे इस फेसलिफ्टेड SUV को हिंदुस्तानीय बाजार में एक मजबूत शुरुआत मिली है. कंपनी का कहना है कि इस दौरान ब्रेजा को हर दिन करीब 2,000 बुकिंग मिल रही थीं. ब्रेजा को 24 जुलाई को बोनट के नीचे एक बड़े बदलाव के साथ लॉन्च किया गया था, जिसमें नया 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट पेट्रोल इंजन दिया गया है. मारुति ने 1.5-लीटर पेट्रोल और S-CNG वर्जन को भी बरकरार रखा है. नए इंजन के साथ SUV में नया स्टाइल, 6-स्पीड गियरबॉक्स, केबिन में ज्यादा फीचर्स और एक्स्ट्रा सेफ्टी इक्विपमेंट दिए गए हैं. इसकी शुरुआती कीमत 7.39 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है. मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट बुकिंग का आंकड़ा 60,000 के पार मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी के अनुसार, लगभग 35 से 37 दिनों में बुकिंग का आंकड़ा 60,000 के करीब पहुंच गया. यह रोजाना औसतन 1,600 से ज्यादा बुकिंग दर्शाता है, हालांकि कंपनी ने संकेत दिया है कि मौजूदा रफ्तार 2,000 के करीब रही है. यह संख्या बुकिंग्स की है, ग्राहकों को डिलीवर की गई कारों की नहीं. इसे हर महीने होने वाली रिटेल बिक्री से सीधा नहीं जोड़ा जा सकता. कंपनी के मुताबिक, मारुति सुजुकी ने पिछले महीने ब्रेजा की लगभग 17,000 यूनिट्स बेचीं.  फेसलिफ्ट के बिक्री पर आने के तुरंत बाद बुकिंग को यह जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. मारुति ने इस बार काफी बड़े बदलाव किए हैं, खासकर टर्बो-पेट्रोल इंजन को शामिल करके. Maruti Suzuki Brezza Facelift: न्यू-टर्बो इंजन लाइनअप में हुआ शामिल नया 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट इंजन लगभग 109 hp की पावर और 170 Nm का टॉर्क देता है. यह छह-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन और मारुति सुजुकी की स्मार्ट हाइब्रिड तकनीक के साथ आता है. कंपनी इस वर्जन के लिए 20.47 किमी प्रति लीटर के माइलेज का दावा करती है. 1.5-लीटर K15C पेट्रोल इंजन भी जारी रखा गया है. यह 102 hp की पावर और 139 Nm का टॉर्क जनरेट करता है और छह-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक के साथ उपलब्ध है. ऑटोमैटिक वर्जन में स्टीयरिंग-माउंटेड पैडल शिफ्टर्स भी मिलते हैं.  ये भी पढ़ें: Maruti Suzuki Baleno Facelift के किस वेरिएंट में क्या फीचर्स मिलेंगे? खरीदने से पहले जान लें इसके अलावा S-CNG वेरिएंट भी है. इसमें अंडरबॉडी-माउंटेड CNG टैंक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे बूट स्पेस खाली रहता है और इसमें 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलता है. CNG मोड में यह 87 hp की पावर और 121.5 Nm का टॉर्क देता है, जिसका माइलेज 26.9 किमी प्रति किलोग्राम क्लेम किया गया है. Maruti Suzuki Brezza Facelift: इंटीरियर में मिलते हैं ज्यादा फीचर्स फेसलिफ्ट सिर्फ इंजन रेंज तक सीमित नहीं है. मारुति सुजुकी ने नई ग्रिल, बुल बार और स्किड प्लेट के साथ फ्रंट-एंड स्टाइलिंग में बदलाव किया है, जबकि साइड क्लेडिंग और अलॉय व्हील्स को भी नया डिजाइन दिया गया है. इंटीरियर में ब्रेजा SUV में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, कूल्ड वायरलेस चार्जर और स्मार्टप्ले प्रो X इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है. इसमें 360-डिग्री कैमरा, TPMS और कनेक्टेड-कार फीचर्स भी दिए गए हैं. ये भी पढ़ें: Maruti Baleno Facelift vs Tata Punch Facelift: कीमत, इंजन, माइलेज, फीचर्स और स्पेसिफिकेशन में कौन बेहतर? सेफ्टी पैकेज के तहत 6 एयरबैग्स, ESP, हिल होल्ड असिस्ट और आगे-पीछे पार्किंग सेंसर शामिल हैं. ऊपर के वेरिएंट्स में ब्लाइंड व्यू मॉनिटरिंग, रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट और एग्जिट वार्निंग सपोर्ट जैसे फीचर्स भी जोड़े गए हैं. बुकिंग का आंकड़ा 60,000 पार होने के बाद अब नजर इस बात पर होगी कि आने वाले त्योहारी सीजन में ब्रेजा कैसा परफॉर्म करती है. The post टर्बो-पेट्रोल इंजन, 360 डिग्री कैमरा और 6 एयरबैग्स… धड़ाधड़ बुक हो रही Maruti Suzuki की ये SUV, डेढ़ महीने पहले हुई थी लॉन्च appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर चोरी मामले में हटाए गए तीन कर्मचारियों की वापसी, ट्रस्ट की नई व्यवस्था में फिर मिली जिम्मेदारी

Ayodhya Ram Mandir Trust: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक और व्यवस्थागत संरचना में हो रहे बदलावों का असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है. अलग-अलग शिकायतों और आरोपों के चलते राम मंदिर की व्यवस्थाओं से हटाए गए तीन कर्मचारियों की दोबारा वापसी कर दी गई है. नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के आगमन के बाद यह फैसला लिया गया है. पुराने दायित्वों के साथ जिन कर्मचारियों को फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनमें कारसेवक वासुदेव गुप्ता के बेटे संदीप गुप्ता के अलावा केडी तिवारी और बजरंग पाठक शामिल हैं. इन कर्मचारियों की वापसी को राम मंदिर ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था में हो रहे बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है. अलग-अलग शिकायतों के बाद हटाए गए थे कर्मचारी राम मंदिर परिसर और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं में पहले अलग-अलग कारणों और शिकायतों के आधार पर कर्मचारियों को जिम्मेदारियों से हटाया गया था. इनमें संदीप गुप्ता का मामला विशेष रूप से चर्चा में रहा था. संदीप गुप्ता तीर्थयात्री सेवा केंद्र में लंगर व्यवस्था से जुड़े थे. उनके खिलाफ एक विदेशी स्त्री की ओर से शिकायत किए जाने के बाद उन्हें उनकी जिम्मेदारी से हटा दिया गया था. बताया गया कि लंगर में सामान रखने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी. इसके बाद विदेशी स्त्री ने मामले की शिकायत ट्रस्ट से की थी और शिकायत पत्र दिए जाने के बाद संदीप गुप्ता को व्यवस्था से अलग कर दिया गया था. नई प्रशासनिक व्यवस्था में फिर मिली पुरानी जिम्मेदारी अब राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव के दौर के बीच संदीप गुप्ता की दोबारा वापसी हुई है. उनके साथ केडी तिवारी और बजरंग पाठक को भी पुराने दायित्वों के साथ बहाल किया गया है. नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं में धीरे-धीरे नए फैसले लिए जा रहे हैं. तीन कर्मचारियों की वापसी को भी इसी क्रम का अहम निर्णय माना जा रहा है. व्यवस्थाओं में बदलाव का दौर जारी राम मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रस्ट के सामने दर्शन, सुरक्षा, तीर्थयात्री सुविधाओं और सेवा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है. ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्गठन और कर्मचारियों की तैनाती से जुड़े फैसले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जिन कर्मचारियों को पहले हटाया गया था, उनकी वापसी से यह साफ है कि ट्रस्ट अब अपनी व्यवस्थाओं की नए सिरे से समीक्षा कर रहा है. कर्मचारियों की वापसी से बढ़ी चर्चा तीन कर्मचारियों को दोबारा पुरानी जिम्मेदारियां दिए जाने के बाद राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक फैसलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है. खासतौर पर संदीप गुप्ता की वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उन्हें विदेशी स्त्री की शिकायत के बाद हटाया गया था. हालांकि, अब नई व्यवस्था में उन्हें फिर से दायित्व सौंप दिया गया है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों में अन्य स्तरों पर भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं. यह भी पढ़ें: आधी रात चलती ट्रेन से कूदा POCSO आरोपी, पुलिस देखती रह गई, चकमा देकर भागा, 3 पुलिसकर्मियों पर केस The post राम मंदिर चोरी मामले में हटाए गए तीन कर्मचारियों की वापसी, ट्रस्ट की नई व्यवस्था में फिर मिली जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंगाल : दुर्गापूजा समितियों को एक लाख रुपए का अनुदान, अष्टमी को शराबबंदी, डीजे पर प्रतिबंध

पश्चिम बंगाल प्रशासन ने इस वर्ष दुर्गापूजा समितियों के लिए एक लाख रुपए की वैकल्पिक प्रशासनी अनुदान की घोषणा की है. साथ ही कहा है कि दुर्गा पूजा में अष्टमी के दिन शराब दुकानें और बार बंद रहेंगे. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पूजा समितियों के साथ तैयारियों के लिए समीक्षा बैठक के बाद यह घोषणा की. हालांकि, उन्होंने बड़े बजट वाली पूजा समितियों से प्रशासनी आर्थिक सहायता नहीं लेने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन छोटी पूजा समितियों के लिए प्रशासनी सहायता के बिना पूजा आयोजित करना मुश्किल है, उन्हें एक लाख रुपए का अनुदान दिया जायेगा. इस अनुदान के लिए पूजा कमेटियों को स्थानीय थाने में आवेदन करना होगा. The post पश्चिम बंगाल : दुर्गापूजा समितियों को एक लाख रुपए का अनुदान, अष्टमी को शराबबंदी, डीजे पर प्रतिबंध appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO:हाजीपुर में बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे CM सम्राट, मृतकों के परिजनों को सौंपे ₹44 लाख; बोले- अगले दो दिन बेहद अहम

Bihar Flood Update : बिहार में बाढ़ का कहर जारी है. गंगा समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को हाजीपुर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे मुलाकात कर हालात का जायजा लिया. उन्होंने राहत शिविर में पहुंचकर पीड़ितों की परेशानियां सुनीं और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली. राहत शिविर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से की बातचीत मुख्यमंत्री सोमवार सुबह करीब 11:22 बजे गंगा ब्रिज थाना के सामने बने बाढ़ राहत शिविर पहुंचे. यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना. मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में उपलब्ध खाने-पीने, इलाज समेत अन्य सुविधाओं की जानकारी भी ली. बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को मिले ₹44 लाख के चेक दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को ₹44 लाख की अनुग्रह राशि के चेक सौंपे. प्रशासन की ओर से आपदा में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के तहत यह राशि दी गयी. चेक मिलने से पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद की उम्मीद जगी है. चिकित्सा व्यवस्था और पशुओं के चारे की भी ली जानकारी मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन और पेयजल से लेकर चिकित्सा सुविधाएं किस तरह उपलब्ध करायी जा रही हैं. इसके साथ ही शिविर में इलाज की व्यवस्था और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता की भी समीक्षा की गयी. बोले- पानी घट रहा, लेकिन अगले दो दिन अहम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति अभी चिंताजनक जरूर है, लेकिन जलस्तर में कमी आ रही है. उनके मुताबिक गंगा के जलस्तर में करीब 17 से 18 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी है. हालांकि उन्होंने फरक्का से करीब 15 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने का भी जिक्र किया. ऐसे में आने वाले एक-दो दिन काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. अगले दो दिनों में स्थिति स्थिर होने की उम्मीद मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी कि अगले दो दिनों में बाढ़ की स्थिति स्थिर होगी और लोगों को राहत मिलनी शुरू होगी. उन्होंने कहा कि आपदा के समय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ प्रभावितों को कम से कम मुश्किलों का सामना करना पड़े. राहत और बचाव के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं और प्रशासन को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश हाजीपुर के राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली. प्रशासन को प्रभावित इलाकों में लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिये गये हैं. फिलहाल गंगा के जलस्तर में आयी कमी राहत की समाचार है, लेकिन फरक्का से छोड़े जा रहे पानी के कारण प्रशासन की चुनौती बनी हुई है. करीब 15 मिनट बाद राहत शिविर से रवाना हुए सीएम मुख्यमंत्री करीब 11:37 बजे राहत शिविर से रवाना हो गये. उनके दौरे के दौरान वैशाली विधायक सिद्धार्थ पटेल, लालगंज विधायक संजय कुमार सिंह, भाजपा नेता संजय सिंह, जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह, एसपी सुभांक मिश्रा समेत जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बाढ़ प्रभावित इलाकों में अभी खत्म नहीं हुई मुश्किल फिलहाल सबसे बड़ा सवाल गंगा के जलस्तर को लेकर है. आने वाले दिनों में जलस्तर किस तरह बदलता है और फरक्का से छोड़े जा रहे पानी का असर कितना पड़ता है, इस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है. प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. जलस्तर में कमी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन बिहार में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. Also Read : VIDEO: बिहार की ‘हसीना गैंग’ का नया स्पोर्ट्स, AC-1 कोच में शराब के साथ युवती गिरफ्तार; तस्करी का तरीका देख पुलिस भी हैरान The post VIDEO:हाजीपुर में बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे CM सम्राट, मृतकों के परिजनों को सौंपे ₹44 लाख; बोले- अगले दो दिन बेहद अहम appeared first on Naya Vichar.

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मां दुर्गा के ’11 भुजाओं’ पर घमासान: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी सरकार पर साधा निशाना, बताया बंगाली संस्कृति का अपमान

Durga Puja Advertisement Row Bengal: पश्चिम बंगाल में आगामी दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच एक नये विवाद ने जन्म ले लिया है. राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा अखबारों में प्रकाशित एक प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा के चित्र में पारंपरिक 10 भुजाओं की बजाय 11 भुजाएं (एकादश भुजा) दिखाये जाने पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. वहीं, भाजपा ने कहा है कि तकनीकी या प्रिंटिंग की गलती को नेतृत्वक रूप न दिया जाये. उच्चस्तरीय समन्वय बैठक से पहले जारी हुआ था विज्ञापन यह विज्ञापन कोलकाता में आयोजित होने वाली एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक (Coordination Meeting) की जानकारी देने के लिए जारी किया गया था. बैठक कोलकाता नगर निगम (KMC) और कोलकाता पुलिस के सहयोग से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में शहर की विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के साथ आयोजित की जा रही है. इसका उद्देश्य त्योहार को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है. मां दुर्गा और बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं को गलत तरीके से पेश किया जाना बेहद अपमानजनक है. दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं है. यह एक भावना और बंगाल की धड़कन है. मां का घर लौटना लाखों बंगालियों के लिए एक पवित्र अवसर है. फिर भी, जो प्रशासन बंगाल की बात करने का दावा करती है, वह बंगाली संस्कृति, परंपराओं और उन त्योहारों से लगातार दूर होती दिख रही है, जो बंगाल की पहचान हैं. -तृणमूल कांग्रेस मां दुर्गा के मूल स्वरूप से खिलवाड़ : कुणाल घोष तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर प्रशासनी विज्ञापन की तस्वीर साझा करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर कटाक्ष किया. विज्ञापन में मां दुर्गा के चित्र के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तस्वीरें भी छपी हैं. शास्त्रों से छेड़छाड़ का कुणाल ने लगाया आरोप कुणाल घोष ने अपने पोस्ट में लिखा- माननीय मुख्यमंत्री, प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा को 10 भुजाओं की बजाय ‘एकादश भुजा’ वाली दिखाया गया है. शास्त्रों और हमारी परंपरा के अनुसार मां दुर्गा ‘दशभुजा’ हैं. इसमें से एक हाथ कम किये जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को संबंधित विभाग को तुरंत निर्देश देना चाहिए कि वे मां दुर्गा के मूल स्वरूप और बंगाली परंपराओं के साथ छेड़छाड़ न करें. माननीय मुख्यमंत्री, प्रशासनी विज्ञापन में मां दुर्गा को ‘एकादश भुजा’ वाली के रूप में दिखाया गया है, जबकि पारंपरिक रूप से उन्हें ‘दस भुजा’ वाली के रूप में दर्शाया जाता है. शास्त्रों के अनुसार, एक हाथ कम किये जाने की जरूरत है. हम रोजाना अलग-अलग तरह की आचार-संहिता के बारे में सुनते हैं. अगर 2026 में मां (दुर्गा) की भुजाओं की संख्या बढ़ जाती है, तो मामला पेचीदा रूप ले सकता है. कृपया संबंधित विभाग को तुरंत निर्देश दें कि वह मां दुर्गा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न करे. -कुणाल घोष, प्रवक्ता, तृणमूल कांग्रेस बंगाली संस्कृति से कटी हुई है बीजेपी : तृणमूल तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट जारी कर इस चूक को बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर और भावनाओं का घोर अपमान करार दिया. टीएमसी ने कहा- दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बंगाल की धड़कन और पहचान है. बंगाल की बात करने का दावा करने वाली प्रशासन यहां की संस्कृति और परंपराओं से पूरी तरह अलग-थलग हो चुकी है. TMC ने भाजपा के सांस्कृतिक जुड़ाव पर उठाये सवाल ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर बीजेपी बंगाली संस्कृति से इतनी अनजान क्यों है कि प्रशासन की देखरेख में मां दुर्गा का गलत और अमर्यादित चित्र पेश किया जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस के इस बयान पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयी है. तकनीकी या प्रिंटिंग की गलती को नेतृत्वक रूप न दें : भाजपा हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मां दुर्गा से जुड़े इस विवाद पर तृणमूल को सलाह दी कि वह इसे नेतृत्वक विवाद का रूप न दे. शमिक ने कहा कि जिस चीज को उन्होंने ‘विज्ञापन एजेंसी की संभावित तकनीकी या प्रिंटिंग गलती’ बताया है, उसे नेतृत्वक विवाद का रूप न दिया जाये. इस गलती को बस ठीक कर लिया जाना चाहिए. The post मां दुर्गा के ’11 भुजाओं’ पर घमासान: टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी प्रशासन पर साधा निशाना, बताया बंगाली संस्कृति का अपमान appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

विकास योजनाओं की समीक्षा: DISHA बैठक में शिक्षा-स्वास्थ्य और बाढ़ राहत पर विशेष जोर

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा परिसर में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं समिति के अध्यक्ष नित्यानंद राय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में केंद्र एवं राज्य प्रशासन की ओर से संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाने का निर्देश दिया गया। बैठक में सह-अध्यक्ष सह समस्तीपुर सांसद शांभवी, विधान पार्षद तरुण कुमार, रोसड़ा विधायक वीरेंद्र कुमार, हसनपुर विधायक राजकुमार राय, वारिसनगर विधायक मांजरिक मृणाल, समस्तीपुर नगर निगम की मेयर अनीता राम, पूसा विश्वविद्यालय के कुलपति, डीएम रोशन कुशवाहा, एसपी अरविंद प्रताप सिंह, डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह समेत सभी प्रखंड प्रमुख और DISHA के सदस्य मौजूद रहे। स्कूलों में भवन और शिक्षकों की स्थिति की समीक्षा बैठक में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिले के विद्यालयों के भवनों की स्थिति पर चर्चा की गई। जर्जर भवनों की आवश्यकता के अनुसार मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कराने पर जोर दिया गया। छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुरूप शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने और पठन-पाठन की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता पर जोर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। आवश्यक दवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की नियमित समीक्षा कर आम लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल, दवा, स्वास्थ्य सुविधा, आश्रय स्थल, पशु चारा और आवागमन समेत आवश्यक राहत सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से संसाधनों की व्यवस्था रखने और लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के साथ आपदा की स्थिति में आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा भी जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। डीएम रोशन कुशवाहा ने बैठक में मिले निर्देशों के अनुरूप सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण करने का निर्देश दिया।

समस्तीपुर

बाल विवाह की रोकथाम में शिक्षकों की अहम भूमिका पर हुई परिचर्चा

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: प्रखंड अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, अख्तियारपुर में “बाल विवाह की रोकथाम में शिक्षकों की अहम भूमिका” विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ. सीमा कुमारी ने की। संचालन हर्ष मोहन ने किया, जबकि एनजीओ कार्यकर्ता किरण कुमारी की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका डॉ. सीमा कुमारी ने कहा कि बाल विवाह बालिकाओं के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है तथा उनकी शिक्षा और भविष्य के विकास में बाधक बनता है। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का निवास होता है।” बालिकाओं का शिक्षित एवं आत्मनिर्भर होना परिवार और समाज के साथ-साथ देश के विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों एवं अभिभावकों को जागरूक कर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विनय कुमार ठाकुर, श्वेता कुमारी, अर्चना कुमारी, अमित कुमार, संजीव कुमार, राज कुमार, कुंदन कुमार, मुरारी पंडित, बेबी सुरुचि, गायत्री प्रतिभा, रितेश कुमार, संतोष कुमार एवं राम नंदन शर्मा सहित विद्यालय क्लर्क उज्ज्वल प्रियदर्शी उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापिका की ओर से सभी शिक्षकों को डायरी एवं पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में हर्ष मोहन ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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