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Author name: Vinod Jha

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अन्ना हजारे ने PM मोदी को लिखा पत्र: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से दुखी, शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा

अन्ना हजारे ने अपने पत्र में यह भी कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से प्रशासन कमजोर नहीं होगी. बल्कि इससे दूसरे मंत्रियों को जवाबदेही के बारे में एक मजबूत संदेश जाएगा और शासन में सुधार आयेगा. हजारे का यह पत्र ऐसे समय में आया है जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही हैं. मंत्री के इस्तीफे से दूसरे मंत्रियों को जाएगा साफ संदेश : हजारे अन्ना ने चिट्ठी में कहा, ‘‘अगर जवाबदेही तय की जाए और किसी मंत्री का इस्तीफा लिया जाए, तो प्रशासन सत्ता नहीं गंवायेगी. बल्कि, इससे दूसरे मंत्रियों को एक साफ संदेश जाएगा कि अगर वे अपने विभागों की जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभाते हैं, तो उन्हें भी अपने पद छोड़ने पड़ सकते हैं. इससे प्रशासन का कामकाज ज्यादा जवाबदेह और असरदार बनेगा.’’ “लोकतंत्र में हर स्थिति में हिंसा, प्रशासनी संपत्तियों को नुकसान तथा अत्यधिक बल प्रयोग से बचा जाना चाहिए.” युवा पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में देरी और बेरोजगारी से चिंतित हैं : अन्ना अन्ना ने कहा, “देश के लाखों युवा परीक्षा के पेपर लीक होने, भर्ती प्रक्रिया में देरी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर चिंतित हैं. इन चिंताओं को केवल कानून-व्यवस्था के मामले के तौर पर नहीं, बल्कि जनता के आक्रोश की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए.” अन्ना हजारे की पीएम मोदी को चिट्ठी, फोटो एक्स अच्छे नतीजों का श्रेय प्रशासन लेती है और गड़बड़ी पर अधिकारियों पर गिरती है गाज : अन्ना हजारे का यह भी कहना था कि जब भी कोई गड़बड़ी या घोटाला सामने आता था, तो अक्सर जिम्मेदारी सिर्फ निचले स्तर के अधिकारियों पर डाली जाती है, जबकि अच्छे नतीजों का श्रेय प्रशासन ले लेती है. उन्होंने कहा कि असल जिम्मेदारी तो ऊंचे पदों पर बैठे लोगों की होती है. जनता की आवाज को नेतृत्वक विरोधियों की आवाज न समझें : अन्ना अन्ना ने कहा, “लोकतंत्र में टकराव के बजाय बातचीत हमेशा बेहतर होती है. जनता की आवाज को नेतृत्वक विरोधियों की आवाज न समझें.” ये भी पढ़ें: राहुल गांधी का दावा: पुलिसवाले घसीटकर ले गए, लेकिन कान में कह रहे थे- इस प्रशासन को हटाओ ये भी पढ़ें: मेदांता के बाहर भारी पुलिस बल देख भड़कीं सोनम वांगचुक की पत्नी, बताया शर्मनाक ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जारी किया वीडियो, कहा- मैं अब भी जिंदा हूं; प्रशासन के सामने रखीं ये मांगें ये भी पढ़ें: जेपी नड्डा का पलटवार, कहा- जहां कांग्रेस और विपक्ष की प्रशासन वहां भी हुए पेपर लीक The post अन्ना हजारे ने PM मोदी को लिखा पत्र: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से दुखी, शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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जेपी नड्डा का पलटवार, कहा- जहां कांग्रेस और विपक्ष की सरकार वहां भी हुए पेपर लीक

JP Nadda: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने बुधवार (22 जुलाई) को मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्रों के आंदोलन का नेतृत्वकरण नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कथित पेपर लीक मामला जांच का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच भी की जा रही है. जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों के शासित राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर चुनिंदा रुख (सेलेक्टिव एप्रोच) अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को केवल नेतृत्वक लाभ के लिए उठा रहा है, जबकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सभी राज्यों में समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस की प्रशासन है वहां भी पेपर लीक हुए हैं. The post जेपी नड्डा का पलटवार, कहा- जहां कांग्रेस और विपक्ष की प्रशासन वहां भी हुए पेपर लीक appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जारी किया वीडियो, कहा- मैं अब भी जिंदा हूं; सरकार के सामने रखीं ये मांगें

सीजेपी प्रदर्शन के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने अस्पताल से ही अपने एक्स अकाउंट से 2 मिनट 53 सेकेंड का वीडियो जारी किया. जिसमें उन्होंने लिखा- “मैं अभी भी जिंदा ही हूं. यह 25वां दिन है मेरे अनशन का. 25वें दिन तक लगभग मेरा 11 किलो वजन कम हुआ है और काफी मांसपेशियां कम होने लगी हैं, मगर ठीक ही हूं. शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए छात्रों की तारीफ छात्रों और प्रदर्शनकारियों के धैर्य की सराहना करते हुए वांगचुक ने कहा कि उकसावे और पत्थरबाजी जैसी स्थिति बनाए जाने के बावजूद छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से लाठियां सहीं और कोई हिंसक जवाबी हमला नहीं किया. इस अहिंसक आंदोलन को देखकर उनका दिल पिघल गया और इसी बर्बरता के विरोध में उन्होंने अनशन जारी रखने का निर्णय लिया था. 65 सांसदों और नेताओं ने की अनशन तोड़ने की अपील वांगचुक ने बताया कि उनसे मुलाकात करने और अनशन समाप्त करने की अपील लेकर लगभग 65 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र और कई नेता पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि वे खुद भी अनशन समाप्त कर देश सेवा और अपने काम पर लौटना चाहते हैं, क्योंकि उनका काम उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है. प्रशासन के सामने रखीं दो प्रमुख शर्तें अनशन समाप्त करने के लिए सोनम वांगचुक ने प्रशासन के समक्ष स्पष्ट शर्तें रखी हैं: बल प्रयोग पर रोक: प्रशासन प्रदर्शन कर रहे बच्चों और युवाओं पर ताकत या पुलिस बल का प्रयोग न करे. FIR व उत्पीड़न से संरक्षण: छात्रों पर झूठे आरोप लगाकर या FIR दर्ज कर उन्हें जेल और पुलिस के ज़रिए सताया न जाए. “मुझे प्रशासन से इस बात का लिखित या ठोस आश्वासन चाहिए कि बच्चों को सताया नहीं जाएगा. अगर यह आश्वासन आज ही मिल जाता है, तो मैं नेताओं के सम्मान में आज ही अनशन तोड़ दूंगा. लेकिन अगर ऐसा आश्वासन नहीं मिलता है, तो बदकिस्मती से मुझे अनशन जारी रखना पड़ेगा.” ये भी पढ़ें: मेदांता के बाहर भारी पुलिस बल देख भड़कीं सोनम वांगचुक की पत्नी, बताया शर्मनाक The post सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जारी किया वीडियो, कहा- मैं अब भी जिंदा हूं; प्रशासन के सामने रखीं ये मांगें appeared first on Naya Vichar.

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मेदांता के बाहर भारी पुलिस बल देख भड़कीं सोनम वांगचुक की पत्नी, बताया शर्मनाक

डॉ गीतांजलि ने अस्पताल के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के तहत सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया था. अदालत ने साफ किया था कि सोनम पुलिस हिरासत में नहीं हैं और उन्हें बेहतर इलाज और स्वतंत्रता देने के लिए यहां लाया गया है. “यह बेहद शर्मनाक है कि 25 दिनों से भूखे-प्यासे एक हिंदुस्तानीय नागरिक को मानसिक शांति नहीं दी जा रही है. सोनम के ICU के बाहर इतनी पुलिस तैनात है कि खुद अस्पताल का स्टाफ भी हैरान है.” डॉ गीतांजलि आंग्मो सांसदों को मिलने से रोकने पर प्रशासन से सवाल डॉ गीतांजलि ने कहा- विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल हस्ताक्षरित पत्र लेकर सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करने आया था. इसके अलावा लद्दाख से आए 10 नेता भी घंटों से बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन पुलिस ने किसी को मिलने नहीं दिया. डॉ गीतांजलि ने सवाल उठाते हुए कहा, “जब सांसद सोनम का अनशन तुड़वाने आए हैं और प्रशासन उन्हें मिलने नहीं दे रही, तो क्या प्रशासन यही चाहती है कि सोनम अपना अनशन जारी रखें?” अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखने का फैसला पत्नी गीतांजलि ने बताया, सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) और पत्र के जरिए संदेश दिया है कि वे अपना अनशन तभी तोड़ेंगे जब हिंदुस्तान प्रशासन की ओर से ठोस लिखित आश्वासन मिलेगा. अनशन खत्म करने की सोनम वांगचुक ने रखी शर्तें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी या शारीरिक कार्रवाई न हो और कोई FIR दर्ज न की जाए. आंदोलन में शामिल बच्चों के भविष्य और सुरक्षा की पूरी गारंटी दी जाए. मांगें पूरी न होने की स्थिति में सोनम ने अपनी भूख हड़ताल को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है. सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य कैसा है? पत्नी गीतांजलि ने बताया, 25 दिनों के अनशन के बाद सोनम वांगचुक का शरीर काफी कमजोर हो चुका है और मांसपेशियों में गिरावट आ रही है. हालांकि, डॉक्टरों के मुताबिक उनके वाइटल्स (Vitals) फिलहाल स्थिर हैं और स्थिति नियंत्रण में है. ये भी पढ़ें: CJP Protest: प्रदर्शन में बल प्रयोग का मामला, हाईकोर्ट ने प्रशासन और दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब ये भी पढ़ें: राहुल गांधी का दावा: पुलिसवाले घसीटकर ले गए, लेकिन कान में कह रहे थे- इस प्रशासन को हटाओ The post मेदांता के बाहर भारी पुलिस बल देख भड़कीं सोनम वांगचुक की पत्नी, बताया शर्मनाक appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: 24 जुलाई से शुरू होगा भारत का अभियान, जानिए पहले दिन का पूरा शेड्यूल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज 23 जुलाई से स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने जा रहा है. चार साल बाद आयोजित होने वाले इस मल्टी स्पोर्ट्स टूर्नामेंट में 74 देशों के लगभग 3000 एथलीट हिस्सा लेंगे. 10 स्पोर्ट्सों में कुल 215 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला होगा. हिंदुस्तान इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 19वीं बार भाग ले रहा है और उसके 125 एथलीट पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगे. लॉन बॉल्स से होगी हिंदुस्तान के अभियान की शुरुआत हिंदुस्तानीय दल अपने अभियान की शुरुआत 24 जुलाई को करेगा. पहले दिन हिंदुस्तान की सबसे अधिक निगाहें लॉन बॉल्स (बॉल्स एंड पैरा बॉल्स) पर होंगी, क्योंकि इसी स्पोर्ट्स ने बर्मिंघम 2022 में हिंदुस्तानीय स्पोर्ट्स इतिहास का एक यादगार अध्याय लिखा था. हिंदुस्तानीय स्त्री टीम ने तब लॉन बॉल्स में देश का पहला स्वर्ण पदक जीता था, जबकि पुरुष टीम ने रजत पदक हासिल कर इस स्पोर्ट्स में हिंदुस्तान की बढ़ती ताकत का परिचय दिया था. अब ग्लासगो में हिंदुस्तानीय खिलाड़ी उस सफलता को दोहराने और पदक अभियान की शानदार शुरुआत करने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे. कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए लॉन बॉल्स की टीम (फोटो- सोशल मीडिया) लॉन बॉल्स के अलावा पहले दिन हिंदुस्तानीय खिलाड़ी आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग, मुक्केबाजी और पैरा पावरलिफ्टिंग में भी अपनी चुनौती पेश करेंगे. कई युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रहेगी, क्योंकि शुरुआती मुकाबले ही आगे के अभियान की दिशा तय कर सकते हैं. इस बार सिर्फ 10 स्पोर्ट्सों में होगा मुकाबला इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स एवं पैरा एथलेटिक्स, स्विमिंग एवं पैरा स्विमिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, ट्रैक साइकिलिंग एवं पैरा ट्रैक साइकिलिंग, नेटबॉल, वेटलिफ्टिंग एवं पैरा वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, जूडो, बॉल्स एवं पैरा बॉल्स, 3×3 बास्केटबॉल और 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल जैसे स्पोर्ट्स शामिल हैं. सीमित स्पोर्ट्सों के बावजूद प्रतियोगिता का स्तर बेहद ऊंचा रहने की उम्मीद है, क्योंकि दुनिया भर के कई शीर्ष खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले रहे हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पहले दिन हिंदुस्तान का शेड्यूल तारीख समय (IST) स्पोर्ट्स खिलाड़ी इवेंट 24 जुलाई 1:00 PM बॉल्स एवं पैरा बॉल्स रूपा रानी तिर्की / पिंकी सिंह स्त्री युगल (सेक्शनल प्ले) 24 जुलाई 1:00 PM बॉल्स एवं पैरा बॉल्स पुतुल सोनोवाल पुरुष एकल (सेक्शनल प्ले) 24 जुलाई 2:30 PM आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स तपन मोहंती, तपेश्वरनाथ दास, स्वातिश केपी, योगेश्वर सिंह पुरुष टीम फाइनल एवं व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन (सब-डिवीजन 1) 24 जुलाई 3:00 PM तैराकी एवं पैरा तैराकी अली इमाम पुरुष S13 100 मीटर फ्रीस्टाइल (हीट्स) 24 जुलाई 3:00 PM तैराकी एवं पैरा तैराकी श्रीहरि नटराज पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक (हीट्स) 24 जुलाई 3:30 PM मुक्केबाजी प्रीति पवार स्त्री 54 किग्रा, राउंड ऑफ 16 24 जुलाई 3:30 PM मुक्केबाजी जैस्मिन लेम्बोरिया स्त्री 57 किग्रा, राउंड ऑफ 32 24 जुलाई 3:30 PM मुक्केबाजी सुमित कुंडू पुरुष 70 किग्रा, राउंड ऑफ 32 24 जुलाई 3:30 PM मुक्केबाजी जेदुमणि सिंह पुरुष 55 किग्रा, राउंड ऑफ 32 24 जुलाई 5:30 PM पैरा पावरलिफ्टिंग अशोक मलिक पुरुष लाइटवेट 24 जुलाई 5:30 PM पैरा पावरलिफ्टिंग परमजीत कुमार पुरुष लाइटवेट 24 जुलाई 5:30 PM पैरा पावरलिफ्टिंग सुमन देवी स्त्री लाइटवेट 24 जुलाई 5:30 PM पैरा पावरलिफ्टिंग जसप्रीत कौर स्त्री लाइटवेट 24 जुलाई 10:30 PM मुक्केबाजी प्रिया घनघस स्त्री 60 किग्रा, राउंड ऑफ 16 24 जुलाई 10:30 PM पैरा पावरलिफ्टिंग कस्तूरी राजामणि स्त्री हैवीवेट 24 जुलाई 10:30 PM पैरा पावरलिफ्टिंग सुधीर पुरुष हैवीवेट 24 जुलाई 10:30 PM पैरा पावरलिफ्टिंग सुधीर पुरुष हैवीवेट 24 जुलाई 10:30 PM पैरा पावरलिफ्टिंग झंडू कुमार पुरुष हैवीवेट द हाइड्रो में होगा रंगारंग उद्घाटन समारोह उधर, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का उद्घाटन समारोह हिंदुस्तानीय समयानुसार रात 10:30 बजे ग्लासगो के प्रतिष्ठित ‘द हाइड्रो’ एरीना में आयोजित होगा. रंगारंग कार्यक्रम के साथ स्पोर्ट्सों के इस महाकुंभ की औपचारिक शुरुआत होगी. हिंदुस्तानीय स्पोर्ट्स प्रेमियों की नजरें भी ग्लासगो पर टिकी होंगी, जहां टीम इंडिया पहले ही दिन लॉन बॉल्स, मुक्केबाजी और स्विमिंग में दमदार प्रदर्शन कर पदकों की दौड़ में मजबूत शुरुआत करना चाहेगी. ये भी पढ़ें: कॉमनवेल्थ गेम्स: 125 खिलाड़ियों के साथ उतरेगा हिंदुस्तान, इन स्टार्स पर होगी नजर The post CWG 2026: 24 जुलाई से शुरू होगा हिंदुस्तान का अभियान, जानिए पहले दिन का पूरा शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी का दावा: पुलिसवाले घसीटकर ले गए, लेकिन कान में कह रहे थे- इस सरकार को हटाओ

राहुल गांधी ने बताया, “यह सच है कि पुलिस वालों ने मुझे थोड़ा खींचा-तानी की, लेकिन वे मेरे कान में धीरे से कह रहे थे कि इस प्रशासन को हटाओ. उनमें से एक ने कहा, ‘मैं राजस्थान से हूं, हमने बस वर्दी पहनी हुई है.’ दूसरा कह रहा था, ‘मैं हरियाणा से हूं, इन्हें हटाओ.’ तो यह भावना वहां है और हर कोई सच जानता है. उन लोगों को आदेश मानना ​​पड़ता है, इसलिए वे ऐसा कर रहे हैं. लेकिन जो हुआ है, उससे पुलिस भी खुश नहीं है. संवेदनशील पुलिसकर्मी महसूस करते हैं कि यह हमारे देश के भविष्य के साथ किया जा रहा एक अपराध है. वे इसमें अपने बच्चों को देख सकते हैं.” मुझे धक्के-मुक्के खाने की आदत है : राहुल गांधी राहुल गांधी से प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पूछा गया कि पीएम आवास के बाहर से जब उन्हें हिरासत में लिया गया, तो कैसा लग रहा था? इस सवाल पर मुस्कुराते हुए राहुल ने कहा, “कोई बात नहीं. मुझे धक्के-मुक्के खाने की आदत है. इससे कोई दिक्कत नहीं है. मेरा काम हिंदुस्तान के लोगों की इच्छा को सामने लाना है, चाहे वह छात्र हों, युवा हों या किसान. विपक्ष के नेता के तौर पर मुझे यही काम करना है. मुझे हिंदुस्तान के लोगों की आवाज बनना है. जहां भी लोगों को तकलीफ हो रही है, मुझे उस ओर ध्यान दिलाना है. ये बहुत छोटी-मोटी बातें हैं, कोई बड़ी बात नहीं है. ऐसा करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है कि मैं अपने लोगों की इच्छाओं के साथ खड़ा हो सकूं. तो थोड़े-बहुत धक्के-मुक्के लग भी जाएं, तो कोई समस्या नहीं है. मैं और भी धक्के सहने को तैयार हूं.” ये भी पढ़ें: राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों को ठहराया जायज: धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा, कहा- छात्रों से तुरंत माफी मांगे प्रशासन ये भी पढ़ें: CJP प्रदर्शन के दौरान शबाना आजमी की बिगड़ी तबीयत, चक्कर आने पर वॉलंटियर्स ने पहुंचाई मदद, वीडियो ये भी पढ़ें: C/JP की याचिका पर तत्काल सुनवाई से SC का इनकार, कहा- ‘वीडियो देखने का वक्त नहीं’ The post राहुल गांधी का दावा: पुलिसवाले घसीटकर ले गए, लेकिन कान में कह रहे थे- इस प्रशासन को हटाओ appeared first on Naya Vichar.

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US Iran War : ट्रंप का अल्टीमेटम! पावर प्लांट के बाद न्यूक्लियर साइट्स पर होंगे हमले

US Iran War : अमेरिका और ईरान के बीच प्रतिदिन सैन्य टकराव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पिकऐक्स माउंटेन इलाके पर हमला करने धमकी दी है. द हिंदू के मुताबिक, यह इलाका नतांज परमाणु केंद्र के पास स्थित है और इसे ईरान के सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकानों में माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यहां बने गहरे सुरंग नेटवर्क तक पहुंचना बेहद मुश्किल है. होर्मुज जलडमरूमध्य पर संघर्ष और गहराया इस बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर पर हमला किया, जिसके बाद जहाज के चालक दल को उसे छोड़कर भागना पड़ा. जवाब में अमेरिका ने लगातार दस रात भी ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए. इसके बावजूद ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ ढीली नहीं की है. इसी रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस गुजरती है. पुरानी तनातनी फिर बनी नए संकट की वजह ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु विवाद मुख्य रूप से अगस्त 2002 में शुरू हुआ, जब पश्चिमी खुफिया एजेंसियों ने ईरान के गुप्त नतांज परमाणु संवर्धन संयंत्र का खुलासा किया. इसके बाद 2015 में ‘JCPOA’ (परमाणु समझौते) के तहत तनाव कम हुआ था, लेकिन मई 2018 में अमेरिका के इस समझौते से बाहर होने पर विवाद फिर गहरा गया. हाल के दिनों में अमेरिकी हवाई हमलों और ईरानी जवाबी कार्रवाई ने पुराने विवाद को फिर से भड़का दिया है. दुनिया की नजर, बढ़ सकती है तेल की कीमत ईरान और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव से वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है. यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संघर्ष और तेज होता है तो कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खुलेगा या पश्चिम एशिया में युद्ध और व्यापक रूप लेगा. यह भी पढ़ें- ईरान का दावा : बहरीन-कुवैत में US सैन्य ठिकानों पर किए हमले, होर्मुज में 2 टैंकर रोका The post US Iran War : ट्रंप का अल्टीमेटम! पावर प्लांट के बाद न्यूक्लियर साइट्स पर होंगे हमले appeared first on Naya Vichar.

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बिना साफ लक्षण के बढ़ सकता है प्रोस्टेट कैंसर, पुरुष न करें इन 5 संकेतों को नजरअंदाज

Prostate Cancer in Men: कई बीमारियों की तरह प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती दिनों में शरीर में कोई बड़े बदलाव या लक्षण नजर नहीं आते. इसी वजह से ज्यादातर मामलों में इसका पता तब चलता है जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है. अक्सर लोग यूरीन (पेशाब) से जुड़ी दिक्कतों को बढ़ती उम्र की आम समस्या या प्रोस्टेट का नॉर्मल बढ़ना समझकर टाल देते हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ये दिक्कतें काफी दिनों तक बनी रहें, तो डॉक्टर को दिखाना बहुत जरूरी है. नई दिल्ली के PSRI हॉस्पिटल (साकेत) के सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अमित उपाध्याय बताते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर को लेकर लोगों में सबसे बड़ा भ्रम यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण तुरंत दिखाई देने लगते हैं. उनके अनुसार, “बीमारी की शुरुआत में कई मरीज पूरी तरह फिट महसूस करते हैं और उन्हें कोई परेशानी नहीं होती. इसीलिए इसके बारे में सही जानकारी होना, अपनी बॉडी के रिस्क को समझना और सही टाइम पर डॉक्टर से मिलना बहुत जरूरी है. अगर आप सिर्फ लक्षण बढ़ने का इंतजार करेंगे, तो बीमारी को पकड़ने और इलाज शुरू करने में काफी देर हो सकती है.” समय पर बीमारी का पता चलना क्यों जरूरी है? प्रोस्टेट कैंसर का सबसे बड़ा कारण बढ़ती उम्र है. 50 साल की उम्र के बाद इसका खतरा बहुत बढ़ जाता है. हालांकि, पेशाब से जुड़ी हर समस्या कैंसर ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. कई बार उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट का साइज नॉर्मल तरीके से भी बड़ा हो जाता है. लेकिन फिर भी डॉक्टर से चेकअप कराना ही समझदारी है. डॉ. उपाध्याय बताते हैं कि ज्यादातर पुरुष यह सोचकर डॉक्टर के पास जाने में आलस कर जाते हैं कि उम्र के साथ पेशाब में बदलाव आना तो नॉर्मल बात है. वे कहते हैं कि, “लोग अक्सर तब तक इंतजार करते रहते हैं जब तक कि यह परेशानी उनकी डेली लाइफ को खराब न करने लगे. लेकिन चेकअप में देरी करने से किसी गंभीर बीमारी को शुरुआती स्टेज में पकड़ने का मौका हाथ से छूट सकता है. टाइम पर टेस्ट कराने से यह साफ हो जाता है कि प्रॉब्लम नॉर्मल है या तुरंत इलाज की जरूरत है.” ये भी पढ़ें: मुंह के इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं कैंसर की शुरुआती चेतावनी प्रोस्टेट कैंसर के 5 बड़े वॉर्निंग साइंस बार-बार पेशाब आना, खासकर रात के टाइम अगर आपको रात में बार-बार उठकर वॉशरूम जाना पड़ रहा है या अचानक से पेशाब आने की गिनती बढ़ गई है, तो इसे आम बात समझकर नजरअंदाज न करें. यह प्रोस्टेट में किसी दिक्कत का इशारा हो सकता है. पेशाब करने में परेशानी होना अगर पेशाब की धार बहुत हल्की आ रही है, पेशाब शुरू करने में टाइम लग रहा है, जोर लगाना पड़ रहा है या ऐसा लगता है कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ, तो डॉक्टर की सलाह तुरंत लें. यूरीन या स्पर्म में ब्लड आना अगर एक बार भी पेशाब या स्पर्म में खून के निशान दिखें, तो इसे जरा भी हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं. कमर, कूल्हों या पेल्विस में लगातार दर्द कमर दर्द के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन अगर यह दर्द लगातार बना हुआ है और साथ में पेशाब से जुड़ी दिक्कतें भी हैं, तो डॉक्टर से चेकअप कराना जरूरी है. बिना किसी वजह के वजन गिरना या हर समय थकान रहना बिना किसी डाइट या वर्कआउट के अचानक वजन कम होना या हर वक्त शरीर में थकावट रहना सिर्फ प्रोस्टेट कैंसर ही नहीं, बल्कि कई बीमारियों का संकेत हो सकता है. अगर यह बाकी लक्षणों के साथ दिख रहा है, तो टेस्ट जरूर कराएं. किन्हें रहना चाहिए ज्यादा सावधान? डॉक्टर उपाध्याय यह बात पूरी तरह साफ करते हैं कि इन लक्षणों का दिखाई देना इस बात की गारंटी बिल्कुल नहीं है कि आपको प्रोस्टेट कैंसर ही है. असल में, ऐसे लक्षण महसूस करने वाले ज्यादातर लोगों को कैंसर की बीमारी नहीं होती, लेकिन केवल अंदाजों के भरोसे बैठकर सही स्थिति का पता लगाना नामुमकिन है. इसके लिए सही समय पर जरूरी टेस्ट कराना ही सबसे बेहतर तरीका है, जिससे यह साफ हो सके कि सबकुछ नॉर्मल है या फिर इलाज की दरकार है. हालांकि, इस मामले में 50 साल या उससे ज्यादा उम्र के पुरुषों को और उन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है जिनके परिवार में पिता या भाई को पहले कभी प्रोस्टेट कैंसर रहा हो, क्योंकि ऐसे पुरुषों में इस बीमारी का खतरा बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा बना रहता है. ये भी पढ़ें: रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा आया है? सिर्फ दवा खाने से नहीं बनेगी बात, ये 6 गलतियां कर सकती हैं आपकी सारी मेहनत बेकार The post बिना साफ लक्षण के बढ़ सकता है प्रोस्टेट कैंसर, पुरुष न करें इन 5 संकेतों को नजरअंदाज appeared first on Naya Vichar.

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Patna Student Protest: पटना में छात्रों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज, विधानसभा का गेट बंद, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच 6 घंटे तक झड़प

Patna Student Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को पटना में बड़ा प्रदर्शन हुआ. छात्र गांधी मैदान से मार्च निकालकर डाकबंगला चौराहा, कोतवाली थाना और राजभवन रोड तक पहुंच गए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास से पहले पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, जिससे वहां सुरक्षा और बढ़ा दी गई. कई घंटे तक पुलिस और छात्रों के बीच झड़प पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर छात्रों को रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे. करीब 6 घंटे तक कई जगह पुलिस और छात्रों के बीच झड़प होती रही. हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाया, कई बार लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े. कई छात्र, पुलिसकर्मी और पत्रकार घायल झड़प के दौरान कई छात्र, पुलिसकर्मी और कुछ पत्रकार घायल हो गए. पटना के IG जितेंद्र राणा भी इस दौरान घायल हुए. पूरे घटनाक्रम में कई लोगों को चोटें आईं और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. विधानसभा गेट बंद, सुरक्षा और कड़ी छात्र आंदोलन को देखते हुए बिहार विधानमंडल के मुख्य गेट को एहतियातन बंद कर दिया गया. सिर्फ पैदल आने-जाने वालों को बाहर निकलने की अनुमति दी गई. विधान परिषद की कार्यवाही समाप्त होने के बाद पूरे परिसर की सुरक्षा और बढ़ा दी गई. शहरभर में जाम, कई दुकानों के शटर गिरे प्रदर्शन का असर पूरे पटना शहर में देखने को मिला. डाकबंगला चौराहा और आसपास के इलाकों में कई दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपनी दुकानें बंद कर दीं. शहर के कई प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम लगा रहा. मार्च के कारण कई रास्तों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें प्रशांत किशोर ने क्या कहा छात्र प्रदर्शन पर जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि युवाओं और छात्रों का गुस्सा लंबे समय से दबा हुआ था. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं और अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं मिल रही है. इसी वजह से छात्रों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है. इसे भी पढ़ें: Patna Student Protest : पटना में पुलिस ने छात्रों पर किया लाठीचार्ज, प्रदर्शन में IG की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हमला, शीशे तोड़े The post Patna Student Protest: पटना में छात्रों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज, विधानसभा का गेट बंद, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच 6 घंटे तक झड़प appeared first on Naya Vichar.

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Bajaj Chetak vs TVS iQube: दोनों में से किसे खरीदने पर कम EMI देनी होगी? देखें कंपैरिजन

बीते कुछ सालों में इंडियन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में बिक्री के मामलों में जबरदस्त उछाल देखने को मिली है. हाल ही में पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी, कॉस्ट ऑफ ऑनरशिप और E20 पेट्रोल के प्रभाव को लेकर आशाकाओं के कारण ज्यादा-से-ज्यादा ग्राहक ईवी की तरफ बढ़ रहे हैं. इसी में TVS iQube और Bajaj Chetak देश में काफी समय से सबसे अधिक सेल होने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों की सूची में आते हैं. जहां टीवीएस आईक्यूब को डेली अप-डाउन के लिए डिजाइन किया गया सिंपल, व्यवहारिक और बिना किसी तामझाम वाला ई-स्कूटर है, वहीं बजाज चेतक रेट्रो-थीम लुक के लिए पॉपुलर है. यदि आपको दोनों मॉडल पसंद हैं और फाइनेंस पर किसी एक को लेना चाहते हैं, तो तुलना के लिए यह आर्टिकल देखें. Bajaj Chetak vs TVS iQube: EMI कितनी देनी पड़ेगी? यदि आपको दोनों इलेक्ट्रिक गाड़ियां पसंद है और इसे फाइनेंस पर लेने की सोच रहे हैं, तो उसकी सुविधा भी मार्केट में उपलब्ध है. बजाज चेतक और टीवीएस आईक्यूब की EMI तुलना करने के लिए हमने दोनों स्कूटरों के बेस और टॉप वेरिएंट को रखा है. इसके लिए ब्याज दर 9.5 पर्सेंट रखा है, जबकि लोन अमाउंट एक्स शोरूम का 100 प्रतिशत है. इसमें EMI की समय अवधि 24 महीने यानि 2 साल रखी है. मॉडल लोन राशि (एक्स-शोरूम कीमत का 100%) ब्याज दर लोन अवधि हर महीने की EMI बजाज चेतक C2501 ₹95,802 9.5% 24 महीने ₹4,399 बजाज चेतक C3501 ₹1,52,140 9.5% 24 महीने ₹6,985 TVS iQube 2.2 kWh ₹94,434 9.5% 24 महीने ₹4,322 TVS iQube ST 5.3 kWh ₹1,58,834 9.5% 24 महीने ₹7,293 कैलकुलेशन के अनुसार, बजाज चेतक की मंथली EMI वेरिएंट के आधार पर 4,399 रुपये और 6,985 रुपये होगी. वहीं, टीवीएस आईक्यूब की महीने की इएमआई वेरिएंट के आधार पर 4,332 रुपये और 7,293 रुपये होगी.  हालांकि, आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि महीने की EMI कई कारणों पर निर्भर करती है. लोन अमाउंट, ब्याज दर, डाउन पेमेंट और चुने गए अवधि के हिसाब से ही तय होती है. ये भी पढ़ें:Honda Activa रही सबसे आगे, iQube की भी रिकॉर्ड बिक्री, देखें जून 2026 के 10 बेस्ट-सेलिंग स्कूटर्स Bajaj Chetak vs TVS iQube: फीचर्स  आईक्यूब स्मार्टएक्सकनेक्ट जैसे फीचर मिलते हैं, जिसमें 5.2 इंच TFT टचस्क्रीन डिस्प्ले शामिल है, जो 118 से ज्यादा कनेक्टेड फीचर्स देता है. इसमे अलेक्सा इंटीग्रेशन का ऑप्शन भी मिलता है. इसके अलावा टर्न बाय टर्न नेविगेशन, रियल टाइम डिस्प्ले इमप्टी, लाइव ट्रैकिंग और क्रैश अलर्ट जैसे फीचर्स भी हैं. वहीं, बजाज चेतक में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी वाली TFT और LCD डैश, टर्न बाय टर्न नेविगेशन, OTA अपडेट्स, हिल होल्ड असिस्ट, मल्टीपल राइड्स मोड, रिवर्स गियर और की-लेस ऑपरेशन जैसे फीचर्स मिलेंगे. Bajaj Chetak vs TVS iQube: रेंज  बजाज चेतक के बेस वेरिएंट (C25) में 2.5 kW का बैटरी मिलता है, जबकि टॉप (C35) में 3.5 kWh बैटरी लगी है. सबसे उच्च वेरिएंट की IDC क्लेम्ड रेंज 135 किलोमीटर बताई जाती है. वहीं, टीवीएस आईक्यूब कुल 5 वेरिएंट्स के साथ आता है. इसके टॉप वेरिएंट में 5.3 kW वाला बैटरी लगाया गया है, जो 212 किलोमीटर रेंज देने की क्षमता रखती है.  ये भी पढ़ें: Simple One इलेक्ट्रिक स्कूटर में क्या-क्या मिलता है? खरीदने से पहले जानें इसका हर एक फीचर The post Bajaj Chetak vs TVS iQube: दोनों में से किसे खरीदने पर कम EMI देनी होगी? देखें कंपैरिजन appeared first on Naya Vichar.

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