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Author name: Vinod Jha

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कौन है बादशाह की पहली पत्नी? क्यों टूटा दोनों का रिश्ता, जानकर रह जाएंगे हैरान

Badshah: सिंगर और रैपर बादशाह हमेशा अपने गानों के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ की वजह से भी चर्चा में रहते हैं. इस बीच उन्होंने दूसरी शादी कर ली है,और अब उनका नाम फिर से सुर्खियों में आ गया है. बादशाह ने पंजाबी एक्ट्रेस से शादी रचाई है. सोशल मीडिया पर शादी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, और फैंस दोनों को ढेर सारी शुभकामनाएं दे रहे हैं, लेकिन इस बीच फैंस के मन में उनकी पहली पत्नी को लेकर कई सवाल सवाल चल रहे है. आइए आपको बताते हैं पूरी बात. बादशाह ने किससे की शादी ? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंगर-रैपर बादशाह ने अपनी गर्लफ्रेंड और पंजाबी एक्ट्रेस-मॉडल ईशा रिखी के साथ चुपचाप शादी कर ली है. यह बादशाह की दूसरी शादी बताई जा रही है. ईशा की मां पूनम रिखी ने इस शादी की कुछ तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं, जिनमें दोनों परिवार के बीच शादी की रस्में निभाते नजर आ रहे हैं. इन तस्वीरों के सामने आते ही सोशल मीडिया पर यह समाचार तेजी से फैल गई और फैंस लगातार इस कपल को बधाइयां दे रहे हैं हालांकि,अभी तक ना बादशाह और ना ही ईशा रिखी ने अपनी शादी को लेकर कोई आधिकारिक बयान दिया है, जिस वजह से इस शादी को लेकर सस्पेंस अभी भी बना हुआ है. पहली पत्नी और बेटी कौन ? बादशाह की पहली पत्नी जैस्मीन मसीह है, जो कि एक लव मैरिज थी. दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी, जहां से उनकी दोस्ती शुरू हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया. काफी समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद साल 2012 में बादशाह और जैस्मीन ने शादी कर ली थी. उनकी शादी क्रिश्चियन रीति-रिवाज से हुई थी. बादशाह और जैस्मीन मसीह का रिश्ता कई सालों तक अच्छा चला. साल 2017 में दोनों ने अपनी बेटी का स्वागत किया,जिसका नाम जेसेमी ग्रेस मसीह सिंह है, लेकिन साल 2020 में दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया और अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए. अब जैस्मीन अपनी बेटी के साथ लंदन में रहती हैं. वहीं बादशाह अपनी बेटी के साथ एक दोस्त जैसा प्यारा रिश्ता बनाए हुए हैं, जिसके बारे में उन्होंने खुद भी बताया है. पहली पत्नी संग क्यों टूटा रिश्ता ? बादशाह ने खुलासा किया कि उनके और जैस्मीन के रिश्ते में कल्चरल डिफरेंसेज और तालमेल की कमी थी. इसके बावजूद, बादशाह अपनी बेटी के साथ दोस्ताना रिश्ता बनाए हुए हैं. यह भी पढ़ें: कौन हैं ईशा रिखी? जिनके साथ बादशाह की शादी की समाचारें हो रहीं वायरल The post कौन है बादशाह की पहली पत्नी? क्यों टूटा दोनों का रिश्ता, जानकर रह जाएंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान बोर्ड 10वीं में झुंझुनू जिला अव्वल, देखें जिलेवार पास प्रतिशत

RBSE Rajasthan Board 10th Result 2026: राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) ने 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल बोर्ड परीक्षा में कुल 94.23 प्रतिशत छात्र-छात्राएं पास हुए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले बेहतर रिजल्ट माना जा रहा है. बोर्ड ने रिजल्ट के साथ ही जिलेवार पास प्रतिशत भी जारी किया है, जिससे यह साफ हो गया है कि इस बार किस जिले के छात्रों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया. इस साल झुंझुनू जिला पूरे राजस्थान में पहले स्थान पर रहा, जहां का पास प्रतिशत सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है. जिले के छात्रों और छात्राओं दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया. RBSE Rajasthan Board 10th में लड़कियां अव्वल राजस्थान बोर्ड 10वीं के रिजल्ट में इस बार भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा. बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार छात्रों का पास प्रतिशत 93.63 प्रतिशत रहा. वहीं छात्राओं का पास प्रतिशत 94.90 प्रतिशत दर्ज किया गया. अगर प्रथम श्रेणी से पास होने वाले छात्रों की बात करें तो 5,51,534 छात्रों में से 2,72,252 छात्र फर्स्ट डिविजन से पास हुए. वहीं 4,97,534 छात्राओं में से 1,99,661 छात्राएं प्रथम श्रेणी में सफल रहीं. इससे साफ है कि इस बार भी लड़कियों ने पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन किया. Rajasthan Board 10th First Division में जिलेवार रिजल्ट जिला फर्स्ट डिविजन छात्र जयपुर 59,216 सीकर 32,210 जोधपुर 29,294 बीकानेर 22,599 झुंझुनू 21,852 राजस्थान बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक फर्स्ट डिविजन हासिल करने वाले छात्रों में कुछ जिलों के विद्यार्थी सबसे आगे रहे. जयपुर जिले में सबसे ज्यादा छात्र फर्स्ट डिविजन से पास हुए. इन जिलों का रिजल्ट ज्यादा अच्छा रहा जिला कुल पास % छात्र % छात्रा % झुंझुनू 97.77 97.15 98.52 डीडवाना-कुचामन 97.59 97.30 97.92 सीकर 97.43 97.38 97.48 नागौर 97.09 96.89 97.31 जोधपुर 96.48 96.36 96.62 जालौर 96.23 95.90 96.62 बाड़मेर 96.14 95.97 96.35 सिरोही 96.05 95.57 96.59 राजसमंद 95.86 95.34 96.36 डूंगरपुर 95.75 95.21 96.28 राजस्थान बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कई जिलों का पास प्रतिशत 95 प्रतिशत से ऊपर रहा. इनमें झुंझुनू, सीकर, नागौर और जोधपुर जैसे जिले शामिल हैं. RBSE Rajasthan Board 10th Result 2026 Direct Link Check Here कुछ जिलों में पास प्रतिशत कम देखा गया जिला कुल पास % छात्र % छात्रा % बूंदी 90.21 88.46 92.17 झालावाड़ 89.94 87.87 92.29 बारां 89.72 88.54 91.03 कोटा 89.25 87.18 91.54 प्रतापगढ़ 88.11 87.11 89.03 धौलपुर 87.52 87.76 87.24 जहां कई जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं कुछ जिलों का पास प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा. हालांकि इन जिलों में भी हजारों छात्र सफल हुए. राजस्थान बोर्ड 10वीं में सबसे कम छात्र धौलपुर जिले से पास हुए हैं. यह भी पढ़ें: राजस्थान बोर्ड में बेटियों की बल्ले-बल्ले, 75% मार्क्स लाने पर मिलेंगे 1.15 लाख रुपये The post राजस्थान बोर्ड 10वीं में झुंझुनू जिला अव्वल, देखें जिलेवार पास प्रतिशत appeared first on Naya Vichar.

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Anant Singh : नाम से नहीं, काम से! बेटे की राजनीति में इंट्री से पहले ‘बाहुबली’ ने रखी बड़ी शर्त?

Anant Singh Bahubali Statement Son : ‘बाहुबली’ ये शब्द अनंत सिंह के नाम के साथ बरबस ही लग जाता है. जेल की यात्राएं उनके लिए आम सी बात है. अनंत सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आए हैं. इस बार दुलारचंद यादव की हत्‍या के मामले में नामजद अभियुक्त बनाए गए थे. चार महीने जेल में रहने के बाद जेल से बाहर आए. उनके आगमन पर राजधानी पटना में जबरदस्त उत्साह देखा गया. बाहुबली का भव्‍य स्‍वागत हुआ. आज वो बड़हिया रवाना हुए. दोबारा कहा, नहीं लड़ेंगे चुनाव इस दौरान उन्होंने जो बात कही वो बिल्कुल ही चौंकाने वाली थी. शायद ‘बाहुबली’ के मुंह से तो ये बात थोड़ी अलग जरूर थी. वो बात क्या है? इस पर चर्चा आगे करेंगे. मगर इससे पहले थोड़ा बैकग्राउंड बता दूं. वैसे तो अनंत सिंह ये पहले ही कह चुके हैं कि अब वो चुनाव नहीं लड़ेंगे. यह ऐलान उन्होंने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद किया. उन्होंने यह भी कहा था कि जब नीतीश जी नहीं रहेंगे, तो हम भी चुनाव नहीं लड़ेंगे.  ‘पहले जनता के बीच जाएगा’ आज उन्होंने इसी बात को एक बार फिर बड़हिया जाते वक्त भी दोहराया है. उन्होंने अपने अंदाज में कहा, ‘न अब हम चुनाव नहीं लड़ेंगे.’ पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्‍या आप अपने बेटे को चुनावी मैदान में उतारेंगे? इस पर उनका जवाब ‘देखेंगे’ जैसा था. पहले तो अनंत सिंह इस सवाल पर रुकते नजर आए. फिर उन्होंने कहा, ‘पहले तो वो जनता के बीच जाएगा, जनता से मिलेगा… उनसे घुलेगा-मिलेगा, उनका काम करेगा तब.’ बिहार: Anant Singh जेल से बाहर आते ही एक्टिव हो गए हैं. मंगलवार को वे बड़हिया में माता का दर्शन करने पहुंचे, जहां समर्थकों की भारी भीड़ जुटी. करीब 100 गाड़ियों का काफिला भी निकला. मीडिया से बातचीत में उन्होंने फिर साफ किया कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे. बेटे के चुनाव लड़ने पर उन्होंने… pic.twitter.com/FRO1RadWAu — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 24, 2026 विरासत नहीं, काम से नेतृत्व का संकेत अब आते हैं उसी चौंकाने वाली बात पर. अनंत सिंह ने जो जवाब दिया, वो बिहार की नेतृत्व के लिए तो चौंकाने वाली बात है. वो ऐसे कि उनका अपने विधानसभा क्षेत्र मोकामा में जो दबदबा है, उसे किसी को बताने की जरूरत नहीं. इस लिहाज से ये बयान चौंकाता है! अनंत सिंह जिस क्षेत्र में चुनाव लड़ाने और जिताने की क्षमता रखते हैं, उस क्षेत्र में अपने बेटे को मिलने-जुलने और जनता का काम करने की नसीहत दे रहे हैं! मोकामा में अनंत सिंह का साथ चुनाव में जीत की गारंटी है. मोकामा में अनंत सिंह की छवि और रुतबा अलग है. छोटी-मोटी समस्या के समाधान के लिए इलाके के लोग थाने नहीं जाते. विवादों का निपटारा उनके आवास पर ही हो जाता है. शायद इसलिए उन्हें ‘छोटे प्रशासन’ कहा जाता है. मगर वही छोटे प्रशासन अपने बच्‍चों को विरासत सौंपने से पहले जनता से मिलने-जुलने का संदेश दे रहे हैं. बाहुबली का रुख चौंकाने वाला ऐसे में, अपने बेटे को लेकर उनका यह बयान एक अलग नेतृत्वक संदेश देता है. आमतौर पर नेतृत्व में विरासत का रास्ता आसान माना जाता है, लेकिन अनंत सिंह इसे सहज नहीं बनाना चाहते. उनका संकेत साफ है, चाहे अभिषेक हों या अंकित, नेतृत्व में आने से पहले उन्हें जनता के बीच जाकर काम करना होगा, लोगों का भरोसा जीतना होगा. सिर्फ ‘अनंत सिंह’ का नाम ही उनकी पहचान नहीं बनेगा. बिहार की नेतृत्व में जहां उनसे जुड़े विवाद अक्सर चर्चा में रहते हैं, वहीं ‘बाहुबली’ नेता का यह रुख अपने आप में अलग और चौंकाने वाला जरूर है. ”जा रहे हैं कोर्ट लड़ने बड़हिया, क्षेत्र नहीं जा रहे हैं, वहां जाएंगे 15 दिन बाद जायेंगे घुमने के लिए.”- अनंत सिंह, jdu विधायक. बेटे के चुनाव लड़ने की बात पर उन्होंने कहा की वो जनता में घुलेगा उनके लिए काम करेगा तो लडेगा.#Bihar #anantsingh #prabhatkhabar @MLA_AnantSingh… pic.twitter.com/rB4KlnCX4Q — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 24, 2026 Also Read : जेल से बाहर आते ही अनंत सिंह एक्टिव, माता का आशीर्वाद लेने निकले, बोले- चुनाव नहीं लड़ेंगे The post Anant Singh : नाम से नहीं, काम से! बेटे की नेतृत्व में इंट्री से पहले ‘बाहुबली’ ने रखी बड़ी शर्त? appeared first on Naya Vichar.

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ट्रांसजेंडर व्यक्ति संशोधन बिल में ऐसा क्या है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाता है?

Transgender Persons Amendment Bill 2026 : विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट लिखा और उसमें उन्होंने यह बताया कि वे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से संबंधित संशोधन विधेयक का विरोध करेंगे. उन्होंने कहा कि यह बिल ट्रांसजेडर के संवैधानिक अधिकारों और उनकी पहचान पर हमला है, इसलिए कांग्रेस इस विधेयक का विरोध करेगी. राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि इस बिल में किए गए प्रावधान ट्रांसजेंडर्स को अमानवीय परीक्षाओं से गुजरने पर मजबूर करते हैं, इसलिए वे इस बिल के विरोध में खड़े होंगे. ट्रांसजेंडर बिल में क्या है? ट्रांसजेंडर की पहचान 2019 का कानून नया संशोधन पहचान का अधिकार खुद तय कर सकते थे हटाया जा रहा है सर्टिफिकेट प्रक्रिया DM को सीधे आवेदन मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद DM के पास आवेदन मेडिकल जांच जरूरी नहीं जरूरी परिभाषा व्यापक सीमित केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने 13 मार्च को ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक संसद में पेश किया है. अभी यह बिल संसद से पारित नहीं हुआ है, लेकिन ट्रांसजेंडर इस बिल का विरोध कर रहे हैं. विधेयक में ट्रांसजेंडर की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कुछ व्यवस्थाएं की गई है, जो 2019 के ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम से अलग हैं. 2019 के एक्ट में यह प्रावधान था कि कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से खुद को ट्रांसजेंडर घोषित कर सकता था और उसके बाद उसे डीएम से प्रमाणपत्र मिल जाता है. अब यह व्यवस्था समाप्त हो गई है और मेडिकल टेस्ट कराना जरूरी कर दिया गया है. मेडिकल टेस्ट के बाद ही डीएम किसी को ट्रांसजेंडर का सर्टिफिकेट दे पाएंगे. साथ ही जबरन किसी को ट्रांसजेंडर बनाने पर सजा का प्रावधान किया गया है. साथ ही संशोधन विधेयक में यह भी बताया गया है कि कौन लोग ट्रांसजेंडर हो सकते हैं, इसमें अपनी मर्जी शामिल नहीं होगी, इस वजह से कई लोग ट्रांसजेंडर की श्रेणी से हटाए जा सकते हैं. इसी वजह से ट्रांसजेंडर इस संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर को दिया है अपनी पहचान सुनिश्चित करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने नालसा बनाम हिंदुस्तान संघ (2014) (NALSA v Union of India) (2014) के केस में यह फैसला सुनाया था कि खुद की पहचान मौलिक अधिकार है. कोई भी व्यक्ति यह तय कर सकता है कि वह पुरुष है, स्त्री है या फिर ट्रांसजेंडर है. इसके लिए किसी मेडिकल जांच की जरूरत नहीं पड़ती थी. प्रशासन अब जो बिल लेकर आई है उसमें मेडिकल जांच को अनिवार्य बना दिया गया है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है. कोर्ट ने यह कहा था कि हर किसी को गरिमा के साथ जीने का अधिकार है, लेकिन विधेयक में मेडिकल जांच की बात आ गई है, जो इसे प्रशासनी प्रक्रिया बना रहा है, जो ट्रांसजेडर्स के लािए परेशानी का सबब बन रहा है. ये भी पढ़ें : स्त्रीओं के लिए खुशसमाचारी, परिसीमन से पहले ही प्रशासन आधी आबादी को दे सकती है  33% आरक्षण जानिए, अगर कोई दलित अपना लेता है ईसाई धर्म, तो उसे क्यों नहीं मिलेगा कानूनी संरक्षण और आरक्षण हिंदुस्तान में सबसे लंबे समय तक प्रशासन चलाने वाले नेता बने पीएम मोदी, 2001 में शुरू हुआ था सफर The post ट्रांसजेंडर व्यक्ति संशोधन बिल में ऐसा क्या है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाता है? appeared first on Naya Vichar.

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Redmi Note 15 SE 5G की लॉन्च डेट हुई पक्की, चेक करें डिटेल्स

अगर आप नया स्मार्टफोन लेने का सोच रहे हैं, तो Redmi Note 15 5G से जुड़ी ये समाचार आपके काम की हो सकती है. इस फोन को हिंदुस्तान में इस साल की शुरुआत में लॉन्च किया गया था. अब कंपनी इसे और खास बनाने की तैयारी में है. दरअसल, अप्रैल के पहले हफ्ते में इसका एक नया स्पेशल एडिशन लॉन्च होने वाला है, जिसे Redmi Note 15 SE 5G नाम दिया गया है. दिलचस्प बात ये है कि इस अपकमिंग फोन के लिए एक माइक्रोसाइट भी लाइव कर दी गई है, जिससे इसके डिजाइन की झलक मिल रही है. आइए जानते हैं इसके बारे में. कब होगा लॉन्च Redmi Note 15 SE 5G?  कंपनी ने X (Twitter) पर कन्फर्म किया है कि ये फोन हिंदुस्तान में 2 अप्रैल को लॉन्च होने वाला है. इतना ही नहीं, Flipkart पर इसका माइक्रोसाइट भी लाइव हो चुका है, जिससे साफ है कि इसकी बिक्री इसी प्लेटफॉर्म के जरिए होगी. This is #TheBolderNote. Introducing the all-new #REDMINote15SE, built to deliver a faster, bolder, and simply better experience across everything you do. Launching on 2nd April. Stay tuned. Get notified: https://t.co/EgWHEC0TWY#FasterBolderSimplyBetter pic.twitter.com/R5WJDRB96O — Redmi India (@RedmiIndia) March 24, 2026 Redmi Note 15 SE 5G का डिजाइन डिजाइन की बात करें तो टीजर में फोन एक स्टाइलिश रेड कलर में नजर आया है. इसके साथ गोल्डन फ्रेम दिया गया है. फोन के बैक पैनल पर बीच में Redmi की ब्रांडिंग दी गई है और इसमें स्क्विरकल (square + circle) शेप का कैमरा मॉड्यूल मिलेगा. इसमें दो कैमरे और LED फ्लैश होगा. डिजाइन लगभग वही हो सकता है जो स्टैंडर्ड Note 15 5G में देखने को मिलता है. Redmi Note 15 5G की कीमत  आपको याद दिला दें कि Redmi Note 15 5G इसी साल 6 जनवरी को हिंदुस्तान में लॉन्च हुआ था. इसकी शुरुआती कीमत ₹22,999 (8GB + 128GB) थी, जबकि 256GB वेरिएंट ₹24,999 में आया था. फिलहाल ये फोन Black, Glacier Blue और Mist Purple कलर ऑप्शन्स में उपलब्ध है. Redmi Note 15 5G के फीचर्स डिस्‍प्‍ले: 6.77 इंच का डिस्‍प्‍ले है जो 120Hz तक का रिफ्रेश रेट देता है. डिस्‍प्‍ले में 3,200 निट्स की पीक ब्राइटनैस मिलती है. चिपसेट: Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 रैम : 8GB तक  स्‍टोरेज:  256 तक ओएस: Android 15 पर बेस्‍ड HyperOS 2 वॉटरप्रूफ रेटिंग्‍स : IP65 कैमरा: 108MP का मेन कैमरा और 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा   फ्रंट कैमरा: 20MP बैटरी: 5,520mAh चार्जिंग: 45W यह भी पढ़ें: हिंदुस्तान में आज से शुरू हुई Vivo T5x 5G की बिक्री, जानें कीमत, ऑफर्स और फीचर्स The post Redmi Note 15 SE 5G की लॉन्च डेट हुई पक्की, चेक करें डिटेल्स appeared first on Naya Vichar.

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बालों का झड़ना नहीं हो रहा बंद? ये 4 घरेलू उपाय आपके काम जरूर आएंगे

Hair Fall Control: आज के समय में बालों के झड़ने की समस्या काफी आम हो गयी है. दुनिया की एक बड़ी आबादी इस समस्या से जूझ रही है और इससे छुटकारा पाने के लिए हर उपाय अपनाते हैं. बालों के झड़ने के पीछे कई कारण जैसे कि, बदलती लाइफस्टाइल, गलत डाइट, स्ट्रेस और पॉल्यूशन जैसे कारण हो सकते हैं. अगर आप समय रहते इनपर ध्यान नहीं देते हैं तो समय के साथ यह प्रॉब्लम और भी ज्यादा बढ़ने लगती है. अगर आप भी बालों के झड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं तो आज की यह आर्टिकल खास आपके लिए है. आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप सिर्फ हेयर फॉल की प्रॉब्लम से छुटकारा नहीं पाते हैं, इन्हें अपनाकर आप उन्हें एक बार फिर से मजबूत भी बना सकते हैं. नारियल तेल से रेगुलर मसाज बालों के लिए नारियल के तेल को काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद न्यूट्रिएंट्स आपके बालों को जड़ों से मजबूती देने का काम करते हैं. अगर आप हेयर फॉल की प्रॉब्लम से छुटकारा पाना चाहते हैं तो हफ्ते में 2 से 3 बार गुनगुने नारियल के तेल से अपने स्कैल्प की मसाज करें. जब आप ऐसा करते हैं तो इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और आपके बालों को जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी मिल जाते हैं. यह भी पढ़ें: सुबह की ये 5 आदतें आपके बालों को बना सकती हैं स्ट्रॉन्ग और शाइनी, ट्राय करेंगे तो कुछ ही दिनों में दिखेगा फर्क आंवला और रीठा का इस्तेमाल आंवला के बारे में हमें आपको ज्यादा कुछ बताने की जरुरत नहीं है. इसमें मौजूद विटामिन-C आपके बालों की ग्रोथ के लिए काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. बालों को झड़ने से रोकने के लिए आंवला पाउडर को रीठा के साथ मिक्स कर लें और एक पेस्ट तैयार कर लें. अब इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाएं. नियमित तौर पर इस नुस्खे का जब आप इस्तेमाल करते हैं तो आपके बालों का झड़ना बंद होता है और वे मजबूत और घने भी बनते हैं. प्याज के रस का इस्तेमाल प्याज के रस को आपके बालों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में सल्फर पाया जाता है, जो आपके बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में काफी मदद करते हैं. हफ्ते में 1 से 2 बार अपने बालों और जड़ों पर प्याज के रस का इस्तेमाल करें और आधे घंटे बाद धो लें. इस नुस्खे को अपनाकर आप कुछ ही दिनों में हेयर फॉल की प्रॉब्लम से छुटकारा पा सकते हैं. सही डाइट और हाइड्रेशन बालों को झड़ने से रोकने और हेल्दी रखने के लिए सिर्फ बाहर से ही नहीं बल्कि आपको अंदर से भी उनका ख्याल रखना चाहिए. अपनी डाइट में हरी सब्जियों, फलों, दालों और प्रोटीन से लोडेड चीजों को शामिल करना शुरू कर दें. इसके अलावा हर दिन सही मात्रा में पानी भी पीएं. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके बालों का झड़ना कम होता है और साथ ही वे ज्यादा मजबूत भी बनते हैं. यह भी पढ़ें: कंघी करने का गलत तरीका बना रहा है बालों को कमजोर, छोटी-सी लापरवाही बन सकती है बड़े नुकसान की वजह The post बालों का झड़ना नहीं हो रहा बंद? ये 4 घरेलू उपाय आपके काम जरूर आएंगे appeared first on Naya Vichar.

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दरक रहा ममता बनर्जी का अल्पसंख्यक दुर्ग? ओवैसी, हुमायूं और नौशाद ने बढ़ायी तृणमूल की टेंशन

जरूरी बातें किंगमेकर बनने की तैयारी में छोटे दल और गठबंधन हुमायूं के 182 में 100 से अधिक उम्मीदवार होंगे मुस्लिम मालदा-मुर्शिदाबाद में कांग्रेस की घर वापसी मतदाता सूची (SIR) का ‘सस्पेंस’ और 100 सीटों का गणित अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की मदद कर रहे छोटे दल – फिरहाद हकीम West Bengal Minority Vote Bank 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य का सबसे महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक वोट बैंक चर्चा के केंद्र में है. 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सत्ता का मुख्य आधार रहे करीब 30 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता इस बार कई विकल्पों के बीच बंटे नजर आ रहे हैं. मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में छोटे मुस्लिम संगठनों की बढ़ती सक्रियता और कांग्रेस की वापसी ने सत्तारूढ़ दल के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. बंगाल की 294 में से 114 सीटों पर यह समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है. किंगमेकर बनने की तैयारी में छोटे दल और गठबंधन नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला द्विपक्षीय नहीं रह गया है. कई नये मोर्चे मैदान में हैं. हुमायूं-ओवैसी गठबंधन : ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के साथ हाथ मिलाया है. कबीर का दावा है कि वे 182 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और खंडित जनादेश की स्थिति में ‘किंगमेकर’ बनेंगे. उन्होंने पहली बार मुस्लिम मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री का मुद्दा भी उछाल दिया है. नौशाद सिद्दीकी का ISF : दक्षिण 24 परगना की भंगड़ विधानसभा सीट से विधायक नौशाद सिद्दीकी युवा मुस्लिम मतदाताओं के बीच पैठ बना रहे हैं. उनका सीधा आरोप है कि टीएमसी अल्पसंख्यकों को सिर्फ ‘दूध देने वाली गाय’ समझती है. उसने मुसलमानों को वास्तविक विकास से दूर रखा है. पहले अल्पसंख्यक मतदाता लगभग तृणमूल के पीछे खड़े रहते थे. मुख्य रूप से भाजपा के कारण. नये दलों और स्थानीय शिकायतों के उभरने से छोटे स्तर पर हलचल पैदा हुई है, जो कड़े मुकाबले वाले चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है. विश्वनाथ चक्रवर्ती, नेतृत्वक विश्लेषक हुमायूं के 182 में 100 से अधिक उम्मीदवार होंगे मुस्लिम हुमायूं कबीर कहते हैं कि बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए यदि 100 मुस्लिम वोटर मतदान करें, तो 80 वोट एजेयूपी के उम्मीदवारों को मिलेंगे. तृणमूल के पूर्व नेता ने कहा कि बंगाल में 30 प्रतिशत आबादी होने के बावजूद मुसलमानों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला. हमारी पार्टी में 100 से अधिक उम्मीदवार मुस्लिम होंगे. यह दिखाता है कि मुसलमानों को नेतृत्वक प्रतिनिधित्व देने के प्रति कौन गंभीर है. अल्पसंख्यक जानते हैं कि केवल तृणमूल ने उनके हितों की रक्षा की है. ISF या AJUP भाजपा की मदद कर रही हैं. अल्पसंख्यक तृणमूल के साथ खड़े रहेंगे. फिरहाद हकीम, मंत्री, पश्चिम बंगाल इस बार के चुनाव में अल्पसंख्यक वोट पूरी तरह से बंट जायेगा. कुछ मुसलमानों ने तृणमूल कांग्रेस प्रशासन पर अपना भरोसा खो दिया है. चुनाव के नतीजों में साफ हो जायेगा. शुभेंदु अधिकारी, लीडर ऑफ ऑपोजीशन, पश्चिम बंगाल विधानसभा मालदा-मुर्शिदाबाद में कांग्रेस की घर वापसी कांग्रेस के कद्दावर नेता अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में पार्टी अपने पुराने गढ़ मालदा और मुर्शिदाबाद में फिर से सक्रिय हुई है. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बढ़े मत प्रतिशत और सागरदीघी उपचुनाव की जीत ने कांग्रेस के हौसले बुलंद किये हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अल्पसंख्यक मतदाता कांग्रेस की ओर झुकते हैं, तो इसका सीधा नुकसान तृणमूल को होगा. 2024 के लोकसभा चुनावों में वाम दलों के साथ चुनाव लड़ने पर मुर्शिदाबाद और मालदा में विपक्ष का मत प्रतिशत बढ़ा. हम 2023 में सागरदीघी उपचुनाव में तृणमूल को हरा भी चुके हैं. अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस मतदाता सूची (SIR) का ‘सस्पेंस’ और 100 सीटों का गणित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने भी इस हलचल को तेज कर दिया है. क्या कहते हैं आंकड़े? मुर्शिदाबाद : 11 लाख से अधिक नाम न्यायिक प्रक्रिया के अधीन. मालदा : 8.28 लाख मतदाताओं के नाम पर अब भी संशय. उत्तर व दक्षिण 24 परगना : करीब 11 लाख नामों पर सस्पेंस. ये जिले लगभग 100 विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं. विश्लेषकों का एक धड़ा मानता है कि नाम कटने से टीएमसी का आधार खिसक सकता है, जबकि दूसरा धड़ा इसे ‘ध्रुवीकरण’ के अवसर के रूप में देख रहा है. जिन सीटों पर भाजपा थोड़ी कमजोर है, कुछ मतदाता छोटे मुस्लिम दलों, कांग्रेस या वाम दलों की ओर जा सकते हैं. इससे विरोधी वोट बंट सकते हैं और तृणमूल के पारंपरिक अल्पसंख्यक वोट बैंक को कुछ क्षेत्रों में नुकसान पहुंच सकता है. मोहम्मद कमरुज्जमां, महासचिव, ऑल बंगाल माइनॉरिटी यूथ फेडरेशन अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की मदद कर रहे छोटे दल – फिरहाद हकीम बढ़ते विरोध के बीच तृणमूल के वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हाकिम ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि अल्पसंख्यक जानते हैं कि केवल ममता बनर्जी ने ही उनके हितों की रक्षा की है. दूसरी तरफ, हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी का दावा है कि इस बार मुस्लिम वोट पूरी तरह बंट जायेगा. एक तर्क यह है कि वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम हटने से तृणमूल को नुकसान हो सकता है, क्योंकि ये उसके गढ़ हैं. दूसरी संभावना यह भी है कि जब मतदाता महसूस करते हैं कि उनकी नागरिकता पर सवाल उठ रहा है, तो वे अपनी सुरक्षा करने वाली पार्टी के पीछे और मजबूत होकर खड़े हो सकते हैं. संशोधित वक्फ कानून, ओबीसी आरक्षण के विवाद, मदरसा भर्ती और अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को लेकर विभिन्न विवाद चुनाव से पहले बार-बार चर्चा में रहे हैं. नेतृत्वक विश्लेषक इसे भी पढ़ें भवानीपुर चुनाव 2026: ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी, क्या बचेगा दीदी का सबसे मजबूत किला? ममता बनर्जी ने टीएमसी के 74 विधायकों की कर दी छुट्टी, शुभेंदु अधिकारी से भवानीपुर में होगा नंदीग्राम का हिसाब बंगाल चुनाव 2026: 63 लाख वोटर गायब और ‘अस्मिता’ की जंग, ममता बनर्जी बचा पायेंगी अपना किला? बंगाल चुनाव 2026: चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा शेड्यूल, देखें आपकी विधानसभा सीट पर कब होगा मतदान The post दरक रहा ममता बनर्जी का अल्पसंख्यक दुर्ग? ओवैसी, हुमायूं और नौशाद ने बढ़ायी तृणमूल की टेंशन appeared

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US Iran War: किसके कहने पर अमेरिका ने किया ईरान पर हमला? राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया नाम

US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच बड़ा खुलासा किया है. ट्रंप ने बताया कि ईरान पर हमले की सबसे पहली सलाह उन्हें रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दी थी. ट्रंप के अनुसार, मिडिल ईस्ट के मुद्दों पर करीबी सहयोगियों के साथ बातचीत के दौरान यह सुझाव सामने आया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह खुलासा टेनेसी में आयोजित मेम्फिस सेफ टास्क फोर्स गोलमेज बैठक में किया. उन्होंने कहा कि फैसले से पहले उन्होंने हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, वायु सेना के जनरल डैन केन समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर ईरान की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की थी. ट्रंप ने क्या बताया? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर कार्रवाई से पहले कई वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की. उन्होंने बताया- मैंने पीट हेगसेथ को फोन किया, जनरल डैन केन को फोन किया, और अपने कई सहयोगियों से बात की. ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका के सामने एक महत्वपूर्ण मुद्दा है ईरान, जो पिछले 47 वर्षों से आतंकवाद का प्रसार कर रहा है और परमाणु हथियार के बेहद करीब है. उन्होंने कहा- या तो हम यूं ही आगे बढ़ते रह सकते हैं, या पश्चिम एशिया की ओर कदम बढ़ाकर इस बड़ी चुनौती का समाधान कर सकते हैं. ट्रंप ने की हेगसेथ की तारीफ मिडिल ईस्ट पर हमले के कारण देश में निंदा झेल रहे ट्रंप ने हेगसेथ की तुरंत प्रतिक्रिया की सराहना की है. ट्रंप ने कहा- पीट, मुझे लगता है कि आपने सबसे पहले कहा कि हमें कदम उठाना चाहिए, क्योंकि उन्हें परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जा सकता. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को पांच दिन टाला इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए ईओरान को दी गई समय सीमा बढ़ा दी है. ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को पांच दिनों के लिए टाल दिया गया है. ट्रंप का दावा- अमेरिका और ईरान के बीच हुई है सार्थक बातचीत इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के पूर्ण समाधान के लिए अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक बातचीत हुई है. ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि अमेरिकी दूत एक ईरान के एक नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं और ईरान समझौता करना चाहता है. ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका समझौते के तहत ईरान के संवर्धित यूरेनियम को वहां से निकालना और उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना चाहेगा. हालांकि ट्रंप ने बातचीत का कोई भी डिटेल जारी नहीं किया है. ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज इधर ईरान ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए इन्हें फर्जी समाचार बताया है. ईरान की ओर से सोशल मीडिया पर कहा गया कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. फर्जी समाचारें फैला कर वित्तीय और तेल बाजारों को प्रभावित करने और उस दलदल से निकलने के लिए किया जा रहा है जिसमें अमेरिका और इजराइल फंसे हैं. इसे भी पढ़ें:ट्रंप ने कहा- ईरान को कभी नहीं मिलेगा परमाणु हथियार, अमेरिकी हमले में हो गया तबाह The post US Iran War: किसके कहने पर अमेरिका ने किया ईरान पर हमला? राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया नाम appeared first on Naya Vichar.

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Instagram पर पोस्ट के बाद भी बदल सकते हैं कैरोसेल का ऑर्डर, जानें तरीका

क्या आपने कभी इंस्टाग्राम पर कैरोसेल (carousel) पोस्ट किया है और बाद में लगा हो कि सबसे अच्छी फोटो आखिर में चली गई या कोई बढ़िया वीडियो बीच में दबकर रह गया? अब तक अगर आपको कैरोसेल का ऑर्डर बदलना होता था, तो एक ही रास्ता था. और वो था पूरी पोस्ट डिलीट करो और फिर से शुरू करो. यह काम बड़ा ही झंझट वाला था. लेकिन अब ऐसा नहीं है. इंस्टाग्राम ने हाल ही में एक नया फीचर रोलआउट किया है, जिससे आप अपनी लाइव कैरोसेल (live carousel) पोस्ट के फोटोज और वीडियोज का आर्डर आसानी से बदल सकते हैं. इस अपडेट की जानकारी खुद इंस्टाग्राम ने अपने ऑफिसियल क्रिएटर पेज के जरिए दी है. ध्यान रखने वाली बातें सबसे अच्छी बात ये है कि पोस्ट के इंगेजमेंट (engagement) पर इसका कोई असर नहीं होगा. यानी आपके लाइक्स, कमेंट्स और बाकी इंटरेक्शन्स पहले जैसे ही बने रहेंगे. लेकिन एक लिमिटेशन भी है. आप किसी एक्सिस्टिंग कैरोसेल यानी पोस्ट हो चुकी कैरोसेल में नई फोटो या वीडियो ऐड नहीं कर सकते. और हां, ये फीचर अभी धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंच रहा है, तो हो सकता है अभी आपके अकाउंट में ये ऑप्शन न दिखे. इंस्टाग्राम कैरोसेल को रीऑर्डर कैसे करें? सबसे पहले अपने Android या iOS फोन में Instagram ऐप खोलें स्क्रीन के नीचे बाईं तरफ दिख रहे Profile icon पर टैप करें अब उस कैरोसेल पोस्ट को ढूंढें, जिसमें आप बदलाव करना चाहते हैं पोस्ट खोलने के बाद ऊपर दाईं तरफ दिए गए तीन डॉट्स (⋮) पर टैप करें और Edit ऑप्शन चुनें अब जिस फोटो या वीडियो को आगे-पीछे करना है, उसे दबा रख रखें और खिसकाएं बाईं तरफ ले जाएंगे तो वो पहले आ जाएगा दाईं तरफ ले जाएंगे तो वो आखिर में चला जाएगा यह भी पढ़ें: Telegram पर चुटकियों में भेंजे हाई क्वालिटी फोटो और वीडियो, जानें फाइल शेयरिंग का सिंपल ट्रिक The post Instagram पर पोस्ट के बाद भी बदल सकते हैं कैरोसेल का ऑर्डर, जानें तरीका appeared first on Naya Vichar.

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ICC Rankings: स्मृति मंधाना का जलवा कायम, 15 साल की फैनी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

Highlights हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों का रैंकिंग में दबदबा  दीप्ति शर्मा और गेंदबाजों की स्थिति  विदेशी खिलाड़ियों का प्रदर्शन और छलांग  15 साल की फैनी का वर्ल्ड रिकॉर्ड  ICC Rankings: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) हर हफ्ते खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग जारी करती है. मंगलवार को जारी नई रैंकिंग में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. इस नई रैंकिंग में हिंदुस्तान की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अपना दूसरा स्थान कायम रखा है. इसके साथ ही कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी रैंकिंग में अपनी जगह बेहतर की है और वह अब 14वें नंबर पर आ गई हैं. इस बार की रैंकिंग अपडेट में हिंदुस्तान की कई अन्य खिलाड़ियों को भी फायदा मिला है. इसके अलावा रवांडा देश की 15 साल की युवा खिलाड़ी फैनी ने एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर रैंकिंग में अपनी जगह बनाई है.  हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों का रैंकिंग में दबदबा  आईसीसी रैंकिंग में हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है. स्मृति मंधाना अपनी अच्छी बल्लेबाजी के कारण दूसरे नंबर पर बनी हुई हैं. उनके अलावा तेजी से रन बनाने वाली ओपनर शेफाली वर्मा छठे स्थान पर मौजूद हैं. वह टॉप 10 में शामिल दूसरी हिंदुस्तानीय खिलाड़ी हैं. मध्यक्रम की बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर काबिज हैं. हिंदुस्तानीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के प्रदर्शन में भी सुधार हुआ है और वह अब 14वें स्थान पर पहुंच गई हैं. इन सभी खिलाड़ियों ने अपने स्पोर्ट्स से रैंकिंग में हिंदुस्तान का नाम ऊपर रखा है. स्त्री टी20 बैटर्स की ताजा रैंकिंग (24-03-2026), Pic- Screenshot/ICC दीप्ति शर्मा और गेंदबाजों की स्थिति  बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी हिंदुस्तान का नाम ऊपर है. स्पिन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा एक पायदान ऊपर चढ़कर गेंदबाजों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर आ गई हैं. अपनी शानदार फॉर्म के कारण दीप्ति ऑलराउंडर खिलाड़ियों की लिस्ट में भी तीसरे स्थान पर पहुंच गई हैं. तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर अपना छठा स्थान बचाने में सफल रही हैं. हालांकि तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी को इस बार थोड़ा नुकसान हुआ है. वह टॉप 10 लिस्ट से बाहर होकर 11वें नंबर पर खिसक गई हैं. विदेशी खिलाड़ियों का प्रदर्शन और छलांग  हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के अलावा कुछ विदेशी खिलाड़ियों ने भी रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई है. ऑस्ट्रेलिया की सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वोल ने पहली बार बल्लेबाजी रैंकिंग के टॉप 10 में अपनी जगह पक्की की है. वहीं न्यूजीलैंड की दिग्गज खिलाड़ी सोफी डिवाइन ने भी काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार दो मैचों में अर्धशतक लगाया है. इस शानदार स्पोर्ट्स की वजह से सोफी दो स्थान ऊपर चढ़कर 18वें नंबर पर आ गई हैं. 15 साल की फैनी का वर्ल्ड रिकॉर्ड  इस हफ्ते की आईसीसी रैंकिंग में सबसे खास नाम रवांडा की खिलाड़ी फैनी उटागुशिमानिंदे का है. 15 साल की फैनी ने अपने पहले ही टी20 इंटरनेशनल मैच में घाना के खिलाफ शतक जड़ दिया है. वह अपने पहले मैच में शतक लगाने वाली दुनिया की पहली स्त्री क्रिकेटर बन गई हैं. इतना ही नहीं, वह पुरुष और स्त्री दोनों क्रिकेट को मिलाकर सबसे कम उम्र में टी20 शतक लगाने वाली खिलाड़ी भी बन गई हैं. इस ऐतिहासिक पारी के बाद उन्होंने आईसीसी रैंकिंग में सीधे 66वें नंबर पर अपनी जगह बनाई है. ये भी पढ़ें- IPL 2026: RCB का फैसला, चिन्नास्वामी में हमेशा खाली रहेंगी 11 सीटें, जानें वजह IPL 2026 से बाहर हुए यश दयाल, RCB के डायरेक्टर ने बताई गायब होने की असली वजह BCCI का एक्शन, IPL 2026 से पहले 7 नए कानून लागू, पढ़ें पूरी लिस्ट The post ICC Rankings: स्मृति मंधाना का जलवा कायम, 15 साल की फैनी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

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