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Author name: Vinod Jha

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तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के खिलाफ कोंडा सुरेखा की बेटी ने दिया बयान, कैबिनेट से छुट्टी

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य की मंत्री कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिमंडल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह कदम उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं पर की गई तीखी टिप्पणियों के बाद उठाया गया है. इस विवाद के चलते कांग्रेस के अंदर खींचतान बढ़ गई है. गुरुवार (3 सितंबर) को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को भेज दी गई है. अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की प्रक्रिया पूरी होगी. ये भी पढ़ें: VIDEO: पीएम मोदी ने रेवंत रेड्डी को खुले मंच से दिया साथ आने का न्योता, अपनी हंसी नहीं रोक पाए सीएम कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने क्या कहा था? यह विवाद तब शुरू हुआ, जब कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा. उन्होंने पार्टी विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी का समर्थन करने और उन्हें परकल सीट से दोबारा चुनाव लड़ाने के मुख्यमंत्री के फैसले पर सवाल उठाए. सुष्मिता ने परकल को ‘कोंडा का इलाका’ बताते हुए रेवंत रेड्डी के फैसले पर आपत्ति जताई. सुष्मिता ने कहा, “आप मेरे इलाके में, कोंडा के इलाके में आकर लोगों से प्रकाश रेड्डी को दोबारा जिताने की अपील क्यों कर रहे हैं?” ये भी पढ़ें: परिसीमन पर साउथ में बढ़ा विवाद, सीएम रेवंत रेड्डी ने भेदभाव का लगाया आरोप परकल में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लोगों से मौजूदा विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी को पिछली बार से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जिताने की अपील की थी. इसके कुछ दिन बाद सुष्मिता ने मुख्यमंत्री के इस समर्थन पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री इस विधानसभा क्षेत्र में विधायक के समर्थन में क्यों खड़े हैं. परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं सुष्मिता सुष्मिता के बयान को नेतृत्वक तौर पर इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह खुद अगले विधानसभा चुनाव में परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सीधे निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए. सुष्मिता का दावा है कि मुख्यमंत्री और उनके भाइयों ने राज्य के हितों की अनदेखी कर फायदा उठाया. उन्होंने करीब 200 करोड़ रुपये की प्रशासनी जमीन से जुड़े मामले का भी जिक्र किया. इसके अलावा एक शेल कंपनी को लेकर भी सवाल उठाए. हालांकि, मुख्यमंत्री और उनके भाइयों पर लगाए गए ये आरोप फिलहाल सुष्मिता के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. The post तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के खिलाफ कोंडा सुरेखा की बेटी ने दिया बयान, कैबिनेट से छुट्टी appeared first on Naya Vichar.

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नाक में सिंदूर, हाथों में कांच की चूड़ियां…Tamannaah Bhatia के इस लुक में दिखा बिहारी रंग, जानें क्या है इस परंपरा का राज

फिल्म के ट्रेलर में एक चेहरा नजर आता है और नजर ठहर जाती है. वजह सिर्फ Tamannaah Bhatia नहीं, बल्कि उनके चेहरे पर नजर आ रहा वह सिंदूर है, जो मांग से होते हुए नाक तक पहुंचा है. Sidharth Malhotra के साथ The Vvaan: Force of the Forestमें Tamannaah एक बिल्कुल अलग अंदाज में दिखाई दे रही हैं. ट्रेलर सामने आने के बाद उनके इस लुक को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. आखिर नाक तक सिंदूर लगाने की वजह क्या है और इसका बिहार से क्या कनेक्शन है? दरअसल, Tamannaah के इस लुक में बिहार की एक खास परंपरा की झलक दिखाई देती है. बिहार में विवाहित स्त्रीओं के लिए सिंदूर महज श्रृंगार नहीं है. शादी और कई शुभ अवसरों पर स्त्रीएं मांग से लेकर नाक तक लंबा सिंदूर लगाती हैं. खासकर छठ जैसे पर्व पर भी इस तरह सिंदूर लगाने की परंपरा कई इलाकों में देखने को मिलती है. इसे सुहाग और परिवार की सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. नाक तक सिंदूर लगाने का क्या मतलब है? बिहार में सिंदूर लगाने का यह अंदाज बाकी जगहों से थोड़ा अलग नजर आता है. शादी के वक्त दुल्हन की मांग में सिंदूर भरने की रस्म तो पूरे देश में होती है, लेकिन बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में सिंदूर को नाक के सिरे से लेकर मांग तक लगाने की परंपरा भी है. लोकमान्यताओं में इसे पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की खुशहाली से जोड़ा जाता है. खास मौकों पर सिंदूर की यह लंबी रेखा स्त्री के सुहाग और उसके वैवाहिक जीवन के प्रति शुभकामना का प्रतीक मानी जाती है. यही वह छोटी-सी सांस्कृतिक बारीकी है, जो Tamannaah के लुक को खास बना देती है. उनके चेहरे पर दिखाई दे रहा सिंदूर किसी सामान्य बॉलीवुड दुल्हन वाले look जैसा नहीं है. यह एक खास क्षेत्रीय पहचान को सामने लाता है. फिल्म की कहानी भी बिहार से जुड़ी है अब यहां The Vvaan की कहानी इस लुक को और दिलचस्प बना देती है. फिल्म की कहानी बिहार के पटना के पास स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी स्थानीय लोककथा से प्रेरित है. मेकर्स के मुताबिक लेखक Arunabh Kumar ने मंदिर और उससे जुड़ी लोककथा के बारे में स्थानीय लोगों और पुजारियों से बातचीत के बाद इस कहानी पर काम किया. फिल्म folklore, spirituality, mystery और supernatural elements को एक साथ लेकर चलती है. वन देवी मंदिर को लेकर स्थानीय मान्यताएं भी काफी रहस्यमयी हैं. मंदिर को सदियों पुराना बताया जाता है और यहां देवी की पूजा पारंपरिक मूर्ति की जगह पिंड के रूप में किए जाने की बात सामने आई है. इस जगह से जुड़ी सबसे दिलचस्प मान्यता यह है कि सूर्यास्त के बाद जंगल में जाने से लोगों को मना किया जाता रहा है. ऐसे में Tamannaah का किरदार जिस रूप में ट्रेलर में दिखाई देता है, उसे सिर्फ एक traditional look कहकर छोड़ देना शायद पूरी तस्वीर नहीं होगी. साड़ी, सिंदूर और देसी अंदाज उस लोकविश्वास वाली दुनिया का हिस्सा नजर आते हैं, जिसमें फिल्म की कहानी बुनी गई है. Tamannaah के सिंदूर ने क्यों खींचा ध्यान? Tamannaah को इससे पहले दर्शकों ने कई तरह के ग्लैमरस और मॉडर्न किरदारों में देखा है. लेकिन The Vvaan में उनका लुक उनकी पिछली स्क्रीन इमेज से काफी अलग दिखाई देता है. नाक तक गया सिंदूर उनके किरदार को तुरंत एक क्षेत्रीय पहचान देता है. और शायद यही इस look की सबसे खास बात है. मेकर्स ने बिहार की कहानी को सिर्फ लोकेशन या भाषा के जरिए दिखाने के बजाय किरदार के पहनावे और श्रृंगार में भी उतारने की कोशिश की है. हालांकि फिल्म में Tamannaah के किरदार की पूरी कहानी अभी सामने नहीं आई है. इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि नाक तक लगा सिंदूर कहानी में कोई रहस्य या खास संकेत रखता है. लेकिन इतना जरूर है कि ट्रेलर में दिखा यह छोटा-सा detail फिल्म की बिहार वाली जड़ों को और मजबूत करता है. एक तरफ Sidharth Malhotra का किरदार जंगल और रहस्यमयी दुनिया में कदम रखता है. दूसरी तरफ Tamannaah पारंपरिक बिहारी अंदाज में दिखाई देती हैं. ऐसे में दर्शकों की दिलचस्पी सिर्फ इस बात में नहीं है कि फिल्म में आगे क्या होगा, बल्कि यह जानने में भी है कि Tamannaah का किरदार इस पूरी कहानी में आखिर कौन है. फिलहाल नाक तक लगा सिंदूर उनके लुक की सबसे अलग पहचान बन गया है. और इसकी वजह सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि इसके पीछे छिपा वह बिहारी touch है, जिसे The Vvaan पर्दे पर कहानी का हिस्सा बनाकर पेश करने वाली है. ये भी पढ़ें- Exclusive: ‘फिल्म नहीं चलेगी’ से 1500 स्क्रीन तक, ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर ने बताया कैसे हुआ ये ‘चमत्कार’ The post नाक में सिंदूर, हाथों में कांच की चूड़ियां…Tamannaah Bhatia के इस लुक में दिखा बिहारी रंग, जानें क्या है इस परंपरा का राज appeared first on Naya Vichar.

आस्था, समस्तीपुर

1100 कुंवारी कन्याओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा, जयकारों से गूंजा लगूनिया डीह, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजन उत्सव व श्रीराम कथा को लेकर 10 दिवसीय मेले का आयोजन

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन – मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के लगूनिया डीह टोल में श्रीश्री 108 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजन उत्सव एवं श्रीराम कथा के आयोजन को लेकर गुरुवार को आदर्श युवा संघ के नेतृत्व में भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में 1100 कुंवारी कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कलश यात्रा में गांव की स्त्रीओं, बुजुर्गों, युवाओं समेत हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान राधे-कृष्ण के जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय हो उठा। कलश शोभायात्रा की शुरुआत यज्ञ स्थल से हुई। 1100 कुंवारी कन्याएं सिर पर कलश लेकर गांव की परिक्रमा करते हुए तालाब परिसर पहुंचीं। यहां पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई गई। इसके बाद कलश में पवित्र जल भरा गया। जल भरने के बाद सभी कन्याएं पुनः गांव की परिक्रमा करते हुए यज्ञ स्थल पहुंचीं। पूरे रास्ते श्रद्धालु राधे-कृष्ण के जयकारे लगाते रहे। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। आयोजन समिति के अनुसार, आदर्श युवा संघ लगूनिया डीह के तत्वावधान में 10 दिवसीय श्रीश्री 108 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजन उत्सव एवं श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। श्रीराम कथा का संगीतमय वाचन श्रीश्री 1008 स्वामी प्रणव पुरी जी महाराज एवं श्रीश्री 1008 कृष्ण बिहारी दास जी महाराज के मुखारविंद से किया जाएगा। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। मेले में दिखेगी वृंदावन के प्रेम मंदिर की झलक आयोजकों ने बताया कि 10 दिनों तक चलने वाले मेले में श्रद्धालुओं के लिए कई आकर्षण होंगे। मेले में विभिन्न प्रकार की यांत्रिक झांकियों के साथ श्रीकृष्ण जन्मलीला की विशेष झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को वृंदावन के प्रेम मंदिर जैसा भव्य और धार्मिक वातावरण देखने को मिलेगा। श्रीराम कथा, कृष्ण जन्मलीला की झांकी और अन्य आकर्षणों के कारण मेले में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन को सफल बनाने में मेला मालिक मुरलीधर पाठक, शिवनाथ चौधरी, हरिशंकर पोद्दार, नागराज झा, प्रिंस कुमार झा, रामकुमार राय, देवेंद्र पोद्दार, हरिशंकर भगत समेत गांव के सैकड़ों लोग सक्रिय रूप से जुटे हैं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि दस दिनों तक चलने वाले धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

आस्था, समस्तीपुर

राधे-श्याम मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर निकली भव्य कलश शोभायात्रा, 151 कुंवारी कन्याओं ने लिया हिस्सा, वैदिक मंत्रोच्चारण से भक्तिमय हुआ माहौल

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन – सरायरंजन प्रखंड की जितवारपुर कुम्हिरा पंचायत स्थित कृष्ण चौक पर राधे-श्याम मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा एवं अष्टयाम को लेकर गुरुवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में 151 कुंवारी कन्याओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान कृष्ण चौक समेत आसपास का पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं द्वारा लगाए जा रहे राधे-राधे के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। कलश शोभायात्रा की शुरुआत मंदिर परिसर से वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद हुई। इसके बाद 151 कुंवारी कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा शुरू की। उनके साथ बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुष श्रद्धालु भी शामिल हुए। श्रद्धालु भक्ति गीत गाते और राधे-श्याम के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। शोभायात्रा कृष्ण चौक से निकलकर रामपुर कुम्हिरा होते हुए ब्रह्मस्थान परिसर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। ब्रह्मस्थान परिसर पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इसके बाद कलशों में पवित्र जल भरा गया। जल भरने के बाद कुंवारी कन्याएं और अन्य श्रद्धालु कलश लेकर पुनः मंदिर परिसर के लिए रवाना हुए। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद कलशों को विधि-विधान के साथ निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया। इस दौरान पंडित अमित कुमार झा ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण कराया। श्रद्धालुओं ने भगवान राधे-श्याम की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। आयोजकों ने बताया कि राधे-श्याम मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कलश शोभायात्रा इसी धार्मिक अनुष्ठान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। स्त्रीओं और युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं व्यवस्था को लेकर आयोजन समिति और स्थानीय लोगों ने विशेष तैयारी की थी। मौके पर यजमान रामनारायण राय, जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार अंजना, मुखिया नवीन कुमार सिंह, सरपंच धनेश्वर राय, संजय राय, मोहन राय, सोहन रजक, राजू रजक, मनोरंजन साह, अनिल राय, राजकुमार साह, विकास कुमार राय, उपेंद्र राय, कमलेश राय, पप्पू राय, आनंदी राय, शंभु कुमार राय, कुणाल कुमार राय, कुणाल महतो, अवधेश कुमार राय, विश्वजीत कुमार राय, रवि कुमार साह, लालो राय, रवि चौधरी, सुधीर कुमार राय, ललन कुमार साह, निरंजन कुमार चौधरी, रूपेश शर्मा, रमन चौधरी, विवेक साह, सुरेश साह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु एवं आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।

समस्तीपुर

प्रसिद्ध तबला वादक पं. किशन महाराज की जयंती मनी

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय गंगापुर में गुरुवार को देश के प्रसिद्ध तबला वादक पं. किशन महाराज की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश ठाकुर ने कहा कि पं. किशन महाराज हिंदुस्तानीय शास्त्रीय संगीत के महान साधक थे। उन्होंने अपने अद्भुत तबला वादन से देश-विदेश में हिंदुस्तानीय संगीत की विशिष्ट पहचान स्थापित की। उनका जीवन कला, साधना और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को महान कलाकारों के जीवन और योगदान से प्रेरणा लेकर अपनी प्रतिभा को निखारना चाहिए।इस अवसर पर शिक्षकों ने पं. किशन महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए हिंदुस्तानीय संगीत और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। छात्र-छात्राओं ने भी उनके जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें जानीं और उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। मौके पर वरीय शिक्षक त्रिभुवन शर्मा, राज कुमार, ज्योति कुमारी, रुबी कुमारी, अंबिका कुमारी, आरती कुमारी, रिंकू कुमारी, शुभम कुमारी, सृष्टि सिंह सहित सभी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

समस्तीपुर

50 एमबीबीएस सीटों के साथ श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज को मिली मंजूरी, स्थानीय लोगों में खुशी 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। प्रखंड क्षेत्र के नरघोघी गांव स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए बड़ी समाचार सामने आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की प्रक्रिया और केंद्र प्रशासन के स्तर पर विचार के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर वार्षिक नामांकन की मंजूरी दी गई है। इससे मेडिकल कॉलेज के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। पहले कॉलेज को 100 एमबीबीएस सीटों के लिए प्रस्तावित किया गया था, लेकिन दूसरी अपील पर विचार करते हुए 50 सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी दी गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा कॉलेज की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों, स्पष्टीकरण और कमियों के अनुपालन की स्थिति की सावधानीपूर्वक समीक्षा की गई। कॉलेज प्रबंधन की ओर से आवश्यक दस्तावेज और सहायक साक्ष्य सक्षम पदाधिकारी के विचारार्थ अपील के साथ प्रस्तुत किए गए थे। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को टीईजी और सीओओ की संयुक्त बैठक में प्रस्तुत दस्तावेजों और कॉलेज की ओर से दी गई जानकारी पर विस्तार से विचार किया गया। समिति ने कॉलेज में पूर्व में बताई गई कमियों को दूर करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि बिहार प्रशासन ने कॉलेज में रिक्त संकाय पदों को जल्द से जल्द भरने का आश्वासन दिया है। राज्य प्रशासन की ओर से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट सहित अन्य आवश्यक चिकित्सकीय एवं शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में संकाय सदस्यों की उपलब्धता में सुधार भी पाया गया। बुनियादी ढांचे में भी हुआ सुधार समिति ने कॉलेज के बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी जायजा लिया। कॉलेज प्रबंधन की ओर से बताया गया कि प्रमुख आधारभूत संरचना से संबंधित निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। संस्थागत उद्देश्यों के लिए आवश्यक कुछ अंतिम कार्य तथा आंतरिक संशोधन का काम अभी प्रगति पर है। समिति ने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुई प्रगति को संतोषजनक माना। कॉलेज की चिकित्सा सेवाओं में भी विस्तार हुआ है। समिति के निरीक्षण में पाया गया कि ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 600 हो गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल में बेड की उपलब्धता और उपयोग की स्थिति में भी सुधार हुआ है। वहीं, कॉलेज अस्पताल में बड़ी सर्जरी की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। निरीक्षण के दौरान संकाय सदस्यों द्वारा प्रतिदिन करीब 10 बड़ी सर्जरी किए जाने की जानकारी सामने आई। समिति ने संकाय की उपलब्धता, आधारभूत संरचना और नैदानिक सेवाओं में हुई प्रगति के साथ बिहार प्रशासन की ओर से शेष आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने के आश्वासन को भी ध्यान में रखा। इन सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद कॉलेज के पक्ष में निर्णय लिया गया। 100 की जगह 50 सीटों पर मिली मंजूरी केंद्र प्रशासन द्वारा विधिवत विचार और जांच के बाद बिहार के समस्तीपुर जिले में स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की दूसरी अपील को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, कॉलेज को प्रस्तावित 100 एमबीबीएस सीटों के बजाय फिलहाल 50 एमबीबीएस सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी मिली है। इसके बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने 50 एमबीबीएस सीटों की क्षमता वाले नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए संतुष्टि जताई है। मंजूरी की जानकारी मिलने के बाद सरायरंजन क्षेत्र के लोगों में खुशी है। स्थानीय लोगों ने इसके लिए स्थानीय विधायक सह बिहार प्रशासन के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सरायरंजन में स्थापित कराने और इसके विकास में उपमुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुधीर कुमार कर्ण ने इसकी जानकारी दी।

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ईवीएम-वीवीपैट गोदाम का डीएम-एसपी ने किया मासिक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने गुरुवार को ईवीएम एवं वीवीपैट गोदाम का निर्धारित मासिक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, अग्नि सुरक्षा, साफ-सफाई तथा प्रवेश और निकास व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम ने गोदाम में रखी ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा और सुरक्षित रख-रखाव से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने उप निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार को निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सुरक्षा मानकों एवं निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरश: पालन करने को कहा। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने भी गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा में तैनात कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने अग्निशमन पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने संबंधित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से पालन करने का निर्देश दिया। मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार, वरीय कोषागार पदाधिकारी रमेश कुमार वर्णवाल, अग्निशमन पदाधिकारी, विभिन्न नेतृत्वक दलों के प्रतिनिधि एवं गोदाम की सुरक्षा में तैनात कर्मी मौजूद थे। डीएम ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ईवीएम एवं वीवीपैट का सुरक्षित भंडारण और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाएं हमेशा दुरुस्त रखने को कहा।

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पंजाब CM भगवंत मान पर BJP का गंभीर आरोप, ‘पत्नी संग मिलकर 5 करोड़ में किया रेप केस सेटल’

बीजेपी का दावा है कि बिचौलियों के जरिए दुष्कर्म के मामलों को 5 करोड़ रुपये लेकर ‘सेटल’ किया जा रहा था. ये आरोप इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर गुरविंदर सिंह चहल से जुड़े मामले को लेकर लगाए गए हैं. चहल को एक स्त्री के अपहरण और कथित दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के करीब दो महीने बाद इसी सप्ताह उन्हें रिहा कर दिया गया. बीजेपी ने इसी मामले को आधार बनाकर पंजाब प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. प्रदीप भंडारी ने कहा, “भगवंत मान और उनकी पत्नी लूट और भ्रष्टाचार का रैकेट चला रहे हैं. इसके तहत बिचौलियों के जरिए 5 करोड़ रुपये लेकर दुष्कर्म के मामलों को निपटाया जा रहा है.” प्रदीप भंडारी (Photo: X) ऑडियो क्लिप प्रदीप भंडारी ने जारी किया बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ ऑडियो क्लिप भी जारी कीं. पार्टी का दावा है कि इनमें एक कथित बिचौलिया नेतृत्वक पहुंच का हवाला देकर दुष्कर्म और दूसरे आपराधिक मामलों को निपटाने की बात कर रहा है. हालांकि, इन ऑडियो क्लिप में कहीं भी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान या उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर का नाम नहीं लिया गया है. ऐसे में ऑडियो में किए गए दावों और भाजपा के आरोपों के बीच सीधे तौर पर नाम का उल्लेख नहीं है. प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, “इन ऑडियो क्लिप से पहली नजर में गंभीर सवाल उठते हैं कि क्या मुख्यमंत्री खुद किसी मामले को खत्म कराने के लिए हस्तक्षेप कर रहे हैं? क्या मुख्यमंत्री का आवास अब ऐसे सौदे तय करने की जगह बन गया है, जहां से कमीशन का पैसा पंजाब के ‘सुपर सीएम’ अरविंद केजरीवाल तक पहुंच रहा है?” आम आदमी पार्टी की ओर से मामले पर नहीं आया है रिएक्शन इन गंभीर आरोपों पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक कोई रिएक्शन नहीं आया है. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला बड़ा नेतृत्वक मुद्दा बनता नजर आ रहा है और इसे लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है. The post पंजाब CM भगवंत मान पर BJP का गंभीर आरोप, ‘पत्नी संग मिलकर 5 करोड़ में किया रेप केस सेटल’ appeared first on Naya Vichar.

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NALSAR विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कहा – BCI को लॉ स्टूडेंट्स पर एक्शन का अधिकार नहीं, जानें क्यों शुरू हुआ था विवाद

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने कहा कि जब तक कोई लॉ स्टूडेंट एडवोकेट के रूप में रजिस्टर्ड नहीं हो जाता, तब तक उसके आचरण पर डिसिप्लिनरी एक्शन लेने का अधिकार संबंधित विश्वविद्यालय या शिक्षण संस्थान का है. कोर्ट ने NALSAR के 2026 बैच के छात्रों को लेकर BCI की ओर से 13 अगस्त को जारी किए गए कम्युनिकेशन यानी आधिकारिक पत्र या आदेश और उसके बाद जारी संशोधित कम्युनिकेशन को रद्द कर दिया. हालांकि इन आदेश को BCI पहले ही वापस ले चुका था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले में यह महत्वपूर्ण कानूनी सवाल साफ कर दिया कि भविष्य में BCI छात्रों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं कर सकता है. BCI ने छात्रों के खिलाफ क्या की थी कार्रवाई ? विवाद की शुरुआत NALSAR के कुछ छात्रों के उस विरोध से हुई थी, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की ओर से 13 अगस्त को ऐसा निर्देश जारी किया गया था, जिसमें स्टेट बार काउंसिलों से NALSAR के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स का अगले आदेश तक एनरोलमेंट नहीं करने को कहा गया था. साथ ही उन छात्रों की पहचान करने वाली रिपोर्ट भी मांगी गई थी, जिन्होंने चीफ जस्टिस के खिलाफ अभियान शुरू किया था. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद BCI ने अपने निर्देश वापस ले लिए थे. स्टूडेंट्‌स और वकीलों के बीच अंतर को कोर्ट ने किया स्पष्ट NALSAR के कुछ छात्रों द्वारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल का स्पष्ट जवाब दिया.कोर्ट ने कहा कि Advocates Act, 1961, जिसके तहत BCI का गठन हुआ है, उसमें ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है जो BCI या स्टेट बार काउंसिल को लॉ स्टूडेंट्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की शक्ति देता हो. कोर्ट के मुताबिक, छात्रों के मामले में अनुशासनात्मक अधिकार उस यूनिवर्सिटी या शैक्षणिक संस्थान के पास है जहां वे पढ़ रहे हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि BCI का लॉ एजुकेशन से कोई संबंध नहीं है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि BCI कानून के तहत कानूनी शिक्षा के मानक निर्धारित और लागू कर सकता है, लेकिन इसके आधार पर वह किसी छात्र के खिलाफ व्यक्तिगत अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं कर सकता. ये भी पढ़ें :PM मोदी की डिग्री पर अभिजीत दीपके ने फिर उठाए सवाल, कहा-दोनों डिग्री दिखाते हैं; खत्म हो जाएगा विवाद The post NALSAR विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कहा – BCI को लॉ स्टूडेंट्स पर एक्शन का अधिकार नहीं, जानें क्यों शुरू हुआ था विवाद appeared first on Naya Vichar.

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MS Dhoni IPL 2027: इम्पैक्ट प्लेयर नहीं बनेंगे एम एस धोनी, बद्रीनाथ ने बताया, क्या है माही की पसंद

Badrinath On MS Dhoni : एमएस धोनी के IPL भविष्य को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. धोनी ने अभी तक IPL 2027 में स्पोर्ट्सने या संन्यास लेने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. इसी बीच चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने धोनी की भूमिका को लेकर बड़ा दावा किया है. बद्रीनाथ के मुताबिक, अगर धोनी IPL में स्पोर्ट्सना जारी रखते हैं तो वह इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर मैदान पर उतरने के इच्छुक नहीं हैं. धोनी की पसंद अब भी फुल-टाइम विकेटकीपर के रूप में स्पोर्ट्सने की है. इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर क्यों नहीं स्पोर्ट्सना चाहते धोनी? IPL में इम्पैक्ट प्लेयर नियम टीमों को मैच के दौरान एक खिलाड़ी को दूसरे खिलाड़ी से बदलने की अनुमति देता है. ऐसे में उम्र और फिटनेस को देखते हुए धोनी के लिए सिर्फ बल्लेबाजी करने वाले इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका एक विकल्प हो सकती है. इस भूमिका में उन्हें पूरे मैच के दौरान विकेटकीपिंग करने की जरूरत नहीं होगी. इससे मैदान पर बिताया जाने वाला समय और शारीरिक दबाव कम हो सकता है. हालांकि, बद्रीनाथ के मुताबिक धोनी इस विकल्प के पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने अपने YouTube चैनल पर बताया कि धोनी ने उनसे व्यक्तिगत तौर पर कहा है कि वह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं स्पोर्ट्सना चाहते. धोनी अगर IPL में वापसी करते हैं तो खुद को सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर सीमित करने के बजाय फुल-टाइम विकेटकीपर की भूमिका निभाना पसंद करेंगे. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: लिटन दास को मिली बांग्लादेश की कमान, नाहिद राणा-तस्किन अहमद चोट के कारण बाहर बद्रीनाथ बोले- धोनी के लिए इम्पैक्ट प्लेयर रोल फायदेमंद होता दिलचस्प बात यह है कि बद्रीनाथ खुद मानते हैं कि इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका धोनी और CSK दोनों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है. धोनी आमतौर पर पारी के आखिरी हिस्से में बल्लेबाजी के लिए आते हैं और उनकी सबसे अहम भूमिका विकेट के पीछे रहती है. ऐसे में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के जरिए उनके मैदान पर रहने का समय सीमित किया जा सकता है. बद्रीनाथ का मानना है कि इससे धोनी पर शारीरिक दबाव कम हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि CSK के पूर्व कोच स्टीफन फ्लेमिंग धोनी की शारीरिक स्थिति और मैदान पर उनकी भूमिका को लेकर पहले बात कर चुके हैं. धोनी का IPL रिकॉर्ड अब भी शानदार धोनी का IPL करियर बेहद शानदार रहा है. उन्होंने 278 IPL मैचों में 5,439 रन बनाए हैं और उनके नाम 24 अर्धशतक दर्ज हैं. उनका IPL स्ट्राइक रेट 137.45 रहा है. बतौर कप्तान भी धोनी का रिकॉर्ड शानदार रहा है. उनकी कप्तानी में CSK ने पांच IPL खिताब जीते हैं. यही वजह है कि टीम में उनकी अहमियत सिर्फ बल्लेबाजी या विकेटकीपिंग तक सीमित नहीं रही है. मुश्किल परिस्थितियों में उनका अनुभव और फैसले लेने की क्षमता भी CSK के लिए काफी महत्वपूर्ण रही है. ये भी पढ़ें: 100 KM दौड़कर डाली क्रिकेट मैच की पहली गेंद, Guinness World Record के लिए ठोका दावा The post MS Dhoni IPL 2027: इम्पैक्ट प्लेयर नहीं बनेंगे एम एस धोनी, बद्रीनाथ ने बताया, क्या है माही की पसंद appeared first on Naya Vichar.

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