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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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घर आते ही सबसे पहले इन 5 चीजों पर जाती है मेहमानों की नजर, अच्छा इंप्रेशन बनाना है तो आज ही सुधार लें इन्हें

Home Decor Tips: सुबह का समय, अचानक से फोन बजता है और सामने वाला आपसे कहता है कि, “हम 15 मिनट में आ रहे हैं.” यह सुनते ही हमारे हाथ-पांव फूलने लगते हैं और हम पागलों की तरह जल्दबाजी में पूरे घर में झाड़ू-पोछा करने और चीजों को समेटने लग जाते हैं. हमें ऐसा लगता है कि जैसे ही मेहमान घर पर आएंगे, तो हमारे पूरे घर को ऊपर से नीचे तक परखेंगे. अगर आपको भी ऐसा ही लगता है, तो आप काफी हद तक गलत हो सकते हैं. जब मेहमान घर आते हैं, तो उनका ध्यान सबसे पहले आपकी महंगी पेंटिंग्स या फिर आलीशान डेकोरेशन पर नहीं, बल्कि घर की कुछ बेहद आम और छोटी-मोटी चीजों पर सबसे पहले जाता है. कई बार तो ये वे चीजें होती हैं, जिन पर हम खुद भी कभी ध्यान नहीं देते हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं चीजों और जगहों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, जिन पर घर आने वाले मेहमानों की नजर सबसे पहले पड़ती है. जब आप इन जगहों के बारे में जान लेंगे, तो आपके लिए इन्हें परफेक्ट बनाकर रखना और भी आसान हो जाएगा. घर आते ही लोग सबसे पहले क्या नोटिस करते हैं घर का मुख्य दरवाजा और एंट्रेंस आपके घर का मुख्य दरवाजा ही आपके पूरे घर यानी कि आशियाने का आईना होता है. जैसे ही मेहमान आपके घर पहुंचते हैं, उनकी नजर सबसे पहले आपके घर के दरवाजे, नेमप्लेट और डोरमैट पर ही जाती है. अगर आपके घर का मुख्य दरवाजा गंदा होगा या फिर डोरमैट पुराना और धूल से भरा हुआ होगा, तो वहीं से एक निगेटिव इफेक्ट पड़ना शुरू हो जाता है. अगर आप नहीं चाहते हैं कि ऐसा हो, तो सबसे पहले अपने मुख्य दरवाजे को साफ रखना शुरू कर दें. वहां एक सुंदर और साफ-सुथरा डोरमैट बिछाएं. इसके अलावा आप अगर चाहें तो दरवाजे के पास एक छोटा सा पौधा या कोई सुंदर डेकोरेटिव पीस भी रख सकते हैं, जो आने वालों का मुस्कुराकर स्वागत करे. ये भी पढ़ें: घर आने वाला हर मेहमान करेगा आपके लिविंग रूम की तारीफ, बिना ज्यादा पैसे खर्च किए दें लग्जरी और ट्रेंडी लुक लिविंग रूम की सिटिंग अरेंजमेंट और सोफा जब मेहमान मुख्य दरवाजे से अंदर आते हैं, तो आप उन्हें सीधे लिविंग रूम में ले जाते हैं. वहां पर उनकी नजर सबसे पहले आपके बैठने की जगह यानी कि सोफे पर पड़ती है. बता दें अगर सोफे पर रखी चादर या कुशन कवर्स गंदे हों, मुड़े हुए हों या फिर बिखरे हों, तो पूरा कमरा बिखरा हुआ और अजीब सा लगता है. मेहमानों के आने से पहले सोफे के कुशन को ठीक से सेट करें और साफ-सुथरी कुशन कवर का इस्तेमाल करें. बैठने की जगह के आसपास फालतू का सामान जैसे अखबार, बच्चों के खिलौने या कपड़े न पड़े रहने दें. घर की खुशबू या महक पर भी जाता है ध्यान आपके घर से आ रही खुशबू या फिर महक एक ऐसी चीज है जिसे मेहमान बिना देखे ही महसूस कर लेते हैं. जैसे ही कोई आपके घर के अंदर कदम रखता है, तो घर की हवा और वहां की अच्छी या बुरी महक सीधे उनके मूड पर ही असर डालती है. अगर आपके घर में सीलन, किचन के मसालों या बंद कमरे की अजीब सी गंध आ रही हो, तो मेहमान इसकी वजह से भी असहज महसूस करने लगते हैं. अगर आप नहीं चाहते हैं कि ऐसा हो, तो सबसे पहले अपने घर को फ्रेश रखने के लिए सुबह-शाम खिड़कियों को खोलकर रखना शुरू कर दें. जब आप ऐसा करते हैं तो फ्रेश हवा पूरे घर में आ जाती है. इसके अलावा आप अगर चाहें तो हल्के रूम फ्रेशनर, सेंटेड कैंडल्स या डिफ्यूजर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इनकी हल्की और भीनी-भीनी खुशबू घर के माहौल को बेहद पॉजिटिव बना देती है. ये भी पढ़ें: छोटी सी बालकनी को बनाएं घर का सबसे खूबसूरत कोना, ये 5 सस्ते आइडियाज देंगे उसे मिनी गार्डन जैसा लुक वॉशबेसिन और बाथरूम की सफाई जब मेहमान घर आते हैं, तो वे एक बार तो कम से कम अपना हाथ-मुंह धोने के लिए वॉशबेसिन या फिर बाथरूम का इस्तेमाल जरूर करते हैं. यह आपके घर का वह हिस्सा है, जो आपकी स्वच्छता की आदत को सबसे सटीक तरीके से दिखाता है. अगर वॉशबेसिन पर पानी के दाग हों, साबुन की दानी गंदी हो या वहां टंगा तौलिया गीला और पुराना हो, तो मेहमानों को यह बहुत ही खराब लगता है. अगर आप नहीं चाहते हैं कि ऐसा हो तो वॉशबेसिन को हमेशा चमकाकर रखें. इसके अलावा वहां पर एक साफ और सूखा हैंड टॉवल भी जरूर लटकाएं. इस जगह पर एक अच्छी खुशबू वाला हैंडवॉश रखना भी बहुत फायदेमंद साबित होता है. फर्श और कोने की साफ-सफाई घर पर यहां से वहां चलते और बैठते समय मेहमानों की नजर फर्श पर जरूर जाती है. ऐसे में अगर फर्श पर धूल, पैरों के निशान दिखेंगे, या फिर कमरों के कोनों में जाले लगे रहेंगे, तो आपके घर की पूरी सजावट ही बेकार चली जाएगी. टीवी कैबिनेट के पीछे, पंखों पर या कमरों के कोनों में जमी धूल अक्सर लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच ही लेती है. इस शर्मिंदगी से बचने के लिए मेहमानों के आने से पहले फर्श पर अच्छे से पोंछा लगाएं और कोनों की धूल झाड़ लें. फर्श जितना साफ और चमकदार होगा, आपका घर उतना ही बड़ा और खुला-खुला महसूस होगा. ये भी पढ़ें: खाली पड़ी छत को बनाएं घर का सबसे कूल और कम्फर्टेबल कॉर्नर, ये 5 आइडियाज देंगे उसे खूबसूरत कैफे जैसा लुक The post घर आते ही सबसे पहले इन 5 चीजों पर जाती है मेहमानों की नजर, अच्छा इंप्रेशन बनाना है तो आज ही सुधार लें इन्हें appeared first on Naya Vichar.

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बांकीपुर उपचुनाव के लिए BJP ने झोंकी पूरी ताकत, पवन सिंह, नितिन नवीन और सम्राट चौधरी समेत 40 दिग्गजों को मिली ये जिम्मेदारी

Bankipur Bypoll: पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. चुनाव प्रचार को धार देने के लिए बीजेपी ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है. बीजेपी ने कुल 40 नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया है. इस सूची में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और MLC पवन सिंह का नाम भी शामिल है. बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि चुनाव परिणाम 3 अगस्त 2026 को घोषित किए जाएंगे. बीजेपी ने जारी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी के लिए काफी अहम मानी जाती है. यह सीट नितिन नवीन के विधायक पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा सांसद बनने के बाद खाली हुई है. साल 1995 से इस सीट पर लगातार बीजेपी का कब्जा रहा है. इसी वजह से बांकीपुर को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है. इस बार मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. जन सुराज ने प्रशांत किशोर को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि बीजेपी ने अपने कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है. नीरज सिन्हा के प्रचार में जुटेंगे बीजेपी के दिग्गज बीजेपी ने अपने उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए 40 स्टार प्रचारकों की टीम तैयार की है. इसमें पार्टी के बड़े नेताओं के साथ बिहार प्रशासन के कई मंत्री और संगठन के प्रमुख चेहरे शामिल हैं. बीजेपी का लक्ष्य इस सीट पर अपनी पुरानी पकड़ बनाए रखना है. नितिन नवीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा? इससे पहले बांकीपुर उपचुनाव को लेकर नितिन नवीन ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि बांकीपुर क्षेत्र से उनका पुराना रिश्ता रहा है. क्षेत्र की जनता की इच्छा थी कि वह उनके बीच आएं, इसलिए वह लोगों से मिलने पटना पहुंचे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ‘जनता के बीच रहना मेरी जिम्मेदारी’ नितिन नवीन ने कहा कि एक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि के तौर पर जनता के बीच रहना उनकी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने एक छोटे से कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी दी है. इसके लिए वह पार्टी के आभारी हैं. 20 साल से बांकीपुर की जनता से जुड़ाव का किया जिक्र नितिन नवीन ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से वह बांकीपुर की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करते आए हैं. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों से उनका लगातार संपर्क रहा है और वह हमेशा जनता की उम्मीदों को पूरा करने का प्रयास करते रहे हैं. बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी अपनी पुरानी जीत की परंपरा को कायम रखना चाहती है, वहीं विपक्षी दल इस सीट पर सेंध लगाने की कोशिश में जुटे हैं. Also Read: पॉलिटिकल कंसल्टेंसी का काम छोड़ने के बाद भी बढ़ी प्रशांत किशोर की दौलत, हलफनामे में बताया कमाई का पूरा जरिया The post बांकीपुर उपचुनाव के लिए BJP ने झोंकी पूरी ताकत, पवन सिंह, नितिन नवीन और सम्राट चौधरी समेत 40 दिग्गजों को मिली ये जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि का इस्तीफे से इनकार, बोले- ‘मैदान छोड़कर भागना हमारे धर्म में नहीं’

Ram Mandir Donation Theft Case: कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने मीडिया से बात करते हुए कहा- इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी लोग हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक (SBI) के कर्मचारी हैं. उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारियों को उनकी बैकग्राउंड और पात्रता की पूरी जांच करनी चाहिए थी तथा उन्हें अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए थी. करीब 3 करोड़ रुपये की हुई चोरी : गोविंद गिरि चोरी की रकम के बारे में पूछे जाने पर गोविंद गिरि महाराज ने कहा कि उनके व्यक्तिगत अनुमान के अनुसार यह राशि करीब तीन करोड़ रुपये हो सकती है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे आधिकारिक या प्रामाणिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह विशेष जांच टीम (SIT) की जांच और सप्रीम कोर्ट की ओर से मामले की निगरानी से संतुष्ट हैं. जब समय संघर्ष का हो, तब मैदान छोड़कर भागना हमारे धर्म में नहीं : गोविंद गिरि गोविंद गिरि महाराज ने यह भी कहा कि उनके इस्तीफा संबंधी समाचारें दुर्भावनापूर्ण और भ्रामक हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं कहा कि मैं इस्तीफा दूंगा. मैं छत्रपति शिवाजी महाराज का अनुयायी हूं और मैं भागने वालों में से नहीं हूं. जब समय संघर्ष का हो, तब मैदान छोड़कर भागना हमारे धर्म में नहीं है.’’ चंपत राय ने स्वेच्छा से पद छोड़ा : गोविंद गिरि न्यास के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर गोविंद गिरि महाराज ने कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ा है. उन्होंने कहा, ‘‘न्यास के संविधान के अनुसार, एक बार इस्तीफा सौंपे जाने के बाद, उसे मंजूर हुआ मान लिया जाता है.’’ उन्होंने उन चर्चाओं को भी खारिज किया कि चंपत राय को बलि का बकरा बनाया गया. उन्होंने कहा कि चंपत राय की लापरवाही की वजह से यह स्थिति बनी और इस्तीफा देने से पहले उन्हें इसका एहसास हो गया था. मेरा काम न्यास के बैंक खातों में जमा कोष की देखरेख करना है : गोविंद गिरि गोविंद गिरि ने कहा, ‘‘कोषाध्यक्ष के तौर पर मेरी भी कुछ जिम्मेदारियां हैं. मेरा काम न्यास के बैंक खातों में जमा कोष की देखरेख करना है. पांच चार्टर्ड अकाउंटेंट नियमित रूप से इन खातों की जांच करते हैं.’’ गोविंद गिरि महाराज ने कहा कि मंदिर की दान पेटियों में जमा रकम का गबन किया गया, न कि न्यास के बैंक खातों में जमा रकम का. गोविंद गिरि ने एसबीआई पर फोड़ा ठीकरा कोषाध्यक्ष ने कहा कि स्थानीय न्यासी दान पेटियों में जमा रकम की गिनती और हिसाब-किताब का काम देखते थे. गोविंद गिरि महाराज ने कहा कि दान पेटियों से मिलने वाले दान के प्रबंधन और हिसाब-किताब की जिम्मेदारी एसबीआई को सौंपी गई है. उन्होंने कहा, ‘‘अब तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे सभी एसबीआई के कर्मचारी हैं. उन्हें एसबीआई ने ही तैनात किया था, न्यास ने नहीं. भले ही कुछ नियुक्तियां सिफारिश के आधार पर की गई हों, लेकिन संबंधित लोगों की बैकग्रांड और पात्रता की जांच करना एसबीआई की जिम्मेदारी थी. एसबीआई देश के अग्रणी बैंक में से एक है.’’ उन्होंने कहा कि न्यास को उम्मीद थी कि बैंक वित्तीय अनुशासन बनाए रखेगा और चढावे के रोजाना के हिसाब-किताब की देखरेख के लिए खास तौर पर कर्मचारी तैनात करेगा. उन्होंने कहा, ‘‘हो सकता है कि न्यासियों के पास वित्तीय मामलों की जानकारी न हो, लेकिन बैंक अधिकारियों के पास तो होती है.’’ दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए : गोविंद गिरि यह पूछे जाने पर कि क्या बैंक कर्मचारियों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए था, गोविंद गिरि महाराज ने कहा, ‘‘वे उपदेशक नहीं हैं, वे बैंक अधिकारी हैं. इसलिए उन्हें सतर्क रहना चाहिए था.’’ उन्होंने कहा कि न्यास की प्राथमिकता अब व्यवस्था को मजबूत करना और कमियों को दूर करना है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. उन्होंने यह भी कहा कि न्यास एसआईटी की जांच में दखल नहीं देगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. प्रायश्चित के तौर पर इस्तीफा देने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं : कोषाध्यक्ष कथित चोरी ‘‘भगवान राम के खिलाफ एक अपराध’’ थी. गोविंद गिरि ने कहा, ‘‘हम शर्मिंदा हैं कि ऐसी घटना हुई. यह हमारे लिए बहुत दुख की बात है.’’ कोषाध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने की मांगों पर गोविंद गिरि महाराज ने कहा कि प्रायश्चित के तौर पर इस्तीफा देने की ‘‘बिल्कुल भी जरूरत नहीं’’ है. उन्होंने कहा, ‘‘मेरा प्रायश्चित इस्तीफा देना नहीं है. बल्कि यह पक्का करना है कि जो गलतियां हुईं, वे दोबारा न हों. हमने खामियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.’’ चोरी की घटना के बाद हुए कई बदलाव: गोविंद गिरि कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने कहा- न्यास ने कई सुधारात्मक उपाय लागू किए हैं, जिनमें नकदी संभालने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली वर्दी अनिवार्य करना, सीसीटीवी के दायरे में सभी स्थान को लाना, नोट के बंडल छिपाने की आशंका रोकने के लिए मेज की बजाय फर्श पर बिछी चटाई पर नकदी की गिनती करना, नकदी की गिनती के दौरान न्यास के दो प्रतिनिधियों और एसबीआई के दो अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा गिनती कक्ष में प्रवेश और बाहर निकलने वाले सभी कर्मचारियों की तलाशी लेना शामिल है. ये भी पढ़ें: राम मंदिर दानराशि गड़बड़ी मामला: मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी को ADA का अंतिम नोटिस, निर्माणाधीन मकान पर सीलिंग की चेतावनी ये भी पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट पर भड़के शंकराचार्य, CEO  की नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल, बयान के बाद तेज हुई बहस The post राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि का इस्तीफे से इनकार, बोले- ‘मैदान छोड़कर भागना हमारे धर्म में नहीं’ appeared first on Naya Vichar.

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75 मुस्लिम समुदाय समेत 77 जातियों का ओबीसी दर्जा खत्म, शुभेंदु अधिकारी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका

WB OBC Reservation Case: पश्चिम बंगाल में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण से जुड़े एक अहम मामले में नया कानूनी मोड़ आया है. पश्चिम बंगाल प्रशासन ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से अपनी वह याचिका वापस ले ली, जिसमें कलकत्ता हाईकोर्ट के चर्चित फैसले को चुनौती दी गयी थी. हाईकोर्ट ने 75 मुस्लिम समुदायों सहित कुल 77 जातियों का ओबीसी (OBC) दर्जा रद्द कर दिया था. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ के समक्ष राज्य प्रशासन की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका वापस लेने का आग्रह किया. राज्य मंत्रिमंडल ने लिया याचिका वापस लेने का निर्णय अदालत में मामले का उल्लेख करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को सूचित किया कि राज्य मंत्रिमंडल ने इस अपील को वापस लेने का औपचारिक निर्णय लिया है. इसके साथ ही, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (State Backward Classes Commission) को भी शीर्ष अदालत ने अपनी अलग से दाखिल अपील वापस लेने की मंजूरी दे दी. सुप्रीम कोर्ट की 3 सदस्यीय पीठ ने राज्य प्रशासन की अर्जी को स्वीकार करते हुए याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी. हालांकि, पीठ ने कहा कि इस फैसले से प्रभावित कोई भी अन्य पक्ष यदि व्यक्तिगत या समूह के स्तर पर अपील आगे बढ़ाना चाहता है, तो उसे इसकी पूरी छूट होगी. क्या था पूरा विवाद? ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रशासन के कार्यकाल के दौरान बनाये गये ओबीसी नियमों के तहत कई जातियों को सूची में जोड़ा गया था. हालांकि, कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में 75 मुस्लिम समुदायों समेत कुल 77 जातियों को दी गयी ओबीसी श्रेणी की मान्यता को प्रक्रियागत अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए रद्द कर दिया था. ये भी पढ़ें: OBC Reservation News: प्रशासनी नौकरी और दाखिले में ओबीसी आरक्षण पर पश्चिम बंगाल प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा समय हाईकोर्ट के खिलाफ ममता बनर्जी प्रशासन गयी थी सुप्रीम कोर्ट कलकत्ता हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ तत्कालीन ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. अब वर्तमान प्रशासन (शुभेंदु अधिकारी की प्रशासन)द्वारा इस याचिका को वापस लिये जाने के बाद राज्य में पिछड़ा वर्ग आरक्षण की पुरानी स्थिति और कानूनी दिशा को लेकर नये सिरे से चर्चा शुरू हो गयी है. ये भी पढ़ें: बंगाल विधानसभा में ओबीसी आरक्षण से जुड़े 2 बिल पास, 113 समुदाय सूची से बाहर The post 75 मुस्लिम समुदाय समेत 77 जातियों का ओबीसी दर्जा खत्म, शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका appeared first on Naya Vichar.

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हैरी ब्रूक को आउट करते ही बुमराह ने पूरे किए 150 वनडे विकेट, सबसे कम गेंदों में ऐसा करने वाले तीसरे भारतीय बने

हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन में स्पोर्ट्से जा रहे पहले वनडे मुकाबले में जसप्रीत बुमराह ने अपने करियर में एक और उपलब्धि हासिल कर ली है. 2023 के बाद वनडे क्रिकेट में वापसी कर रहे बुमराह ने इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को आउट करके वनडे करियर का 150 विकेट पूरा किया. सबसे कम गेंद में 150 विकेट लेने वाले तीसरे हिंदुस्तानीय बुमराह यह उपलब्धि हासिल करने वाले हिंदुस्तान के 10वें तेज गेंदबाज और ओवरऑल 16वें हिंदुस्तानीय गेंदबाज बन गए हैं. उन्होंने अपने 90वें वनडे मैच में यह कारनामा किया. खास बात यह है कि बुमराह ने वनडे क्रिकेट में सिर्फ 4,605 गेंदों पर 150 विकेट पूरे किए, जो हिंदुस्तानीय गेंदबाजों में तीसरा सबसे तेज रिकॉर्ड है. उनसे आगे केवल मोहम्मद शमी (4,070 गेंद) और कुलदीप यादव (4,513 गेंद) हैं. इंग्लैंड में सबसे ज्यादा वनडे विकेट बुमराह के नाम हैरी ब्रूक का विकेट लेते ही बुमराह ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. वह इंग्लैंड की धरती पर सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले हिंदुस्तानीय गेंदबाज बन गए हैं. उनके नाम अब इंग्लैंड में 31 वनडे विकेट दर्ज हैं. उन्होंने रवींद्र जडेजा (30 विकेट) को पीछे छोड़ दिया. वनडे क्रिकेट में हिंदुस्तान की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अनिल कुंबले के नाम है, जिन्होंने 269 मैचों में 334 विकेट लिए थे. वहीं तेज गेंदबाजों में यह रिकॉर्ड जवागल श्रीनाथ (315 विकेट) के नाम दर्ज है. हिंदुस्तान के लिए वनडे में 150 या उससे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज क्रम गेंदबाज विकेट 1 अनिल कुंबले 334 2 जवागल श्रीनाथ 315 3 अजीत अगरकर 288 4 जहीर खान 269 5 हरभजन सिंह 265 6 कपिल देव 253 7 रवींद्र जडेजा 232 8 मोहम्मद शमी 206 9 वेंकटेश प्रसाद 196 10 कुलदीप यादव 194 11 इरफान पठान 173 12 मनोज प्रभाकर 157 13 रविचंद्रन अश्विन 156 14 आशीष नेहरा 155 15 सचिन तेंदुलकर 154 16 जसप्रीत बुमराह 150+ ये भी पढ़ें: इंग्लैंड ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, वनडे में रोहित-विराट की वापसी के साथ उतरी टीम इंडिया; देखें प्लेइंग-11 The post हैरी ब्रूक को आउट करते ही बुमराह ने पूरे किए 150 वनडे विकेट, सबसे कम गेंदों में ऐसा करने वाले तीसरे हिंदुस्तानीय बने appeared first on Naya Vichar.

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टैक्स लगाकर फंसे ट्रंप, कोर्ट के आदेश के बाद अमेरिका को रिफंड करने पड़े 81 अरब डॉलर

Trump Tariff: इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने मई और जून के महीने में करीब 71 अरब डॉलर (लगभग 5.8 लाख करोड़ रुपये) कंपनियों के खातों में वापस भेज दिए हैं. अभी कंपनियों का और भी पैसा लौटाना बाकी है. क्या है पूरा मामला? राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने हिंदुस्तान, चीन और यूरोप समेत दुनिया के कई देशों से अमेरिका आने वाले सामानों पर भारी टैक्स लगा दिया था. ट्रंप का मानना था कि इससे विदेशी सामान महंगे हो जाएंगे, लोग अमेरिका में बने सामान खरीदेंगे और अमेरिकी प्रशासन की कमाई बढ़ेगी. लेकिन बड़ी-बड़ी कंपनियों ने इस टैक्स के खिलाफ अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में केस कर दिया. इसी साल फरवरी में कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ट्रंप प्रशासन का यह टैक्स नियम कानूनन गलत था. कोर्ट के आदेश के बाद अब प्रशासन को यह सारा पैसा कंपनियों को ब्याज समेत वापस करना पड़ रहा है. कोर्ट के फैसले के बावजूद ट्रंप नए टैक्स लगाने की तैयारी में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का पुराना टैक्स नियम 24 जुलाई को खत्म हो रहा है, लेकिन वे अब दुनिया के देशों पर 10% से 12.5% का नया टैक्स लगाने की प्लानिंग कर रहे हैं. ट्रंप के इस नए टैक्स की मार हिंदुस्तान, चीन, ब्रिटेन, जापान और ताइवान पर पड़ सकती है. ब्राजील और यूरोप को धमकी ट्रंप ने ब्राजील पर 25% टैक्स लगाने की धमकी दी है. साथ ही कहा है कि जो भी यूरोपीय देश अमेरिकी टेक कंपनियों (जैसे गूगल, एप्पल) पर टैक्स लगाएगा, अमेरिका उसके सामानों पर 100% टैक्स ठोक देगा. ये भी पढ़ें: ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी कब्जे का दावा ठोका: ईरान पर लगाया बैन; बाकी दुनिया के लिए एंट्री पर 20% टैक्स The post टैक्स लगाकर फंसे ट्रंप, कोर्ट के आदेश के बाद अमेरिका को रिफंड करने पड़े 81 अरब डॉलर appeared first on Naya Vichar.

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‘यूथ आइकन कैसे?’ समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद में लगा लाखों का जुर्माना

कॉमेडियन समय रैना की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं. 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उन्होंने कोर्ट को गुमराह किया और जो भरोसा अदालत के सामने दिया था, उसे निभाया नहीं. कोर्ट ने समय रैना और उनके साथी कॉमेडियन विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और दो हफ्ते के भीतर यह रकम जमा करने का आदेश दिया है. अदालत ने साफ कर दिया कि तय समय में जुर्माना जमा नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. कोर्ट ने क्यों लगाया जुर्माना? मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि समय रैना ने कोर्ट के पुराने आदेशों का सही तरीके से पालन नहीं किया. पहले अदालत ने उन्हें अपने शो में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और उनके लिए जागरूकता बढ़ाने की सलाह दी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. इसी को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने उन पर आर्थिक दंड लगाया. मुख्य न्यायाधीश ने जताई नाराजगी सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने समय रैना की ओर से दाखिल जवाब पर भी नाराजगी जताई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने जवाब को देखते हुए कहा, “इसे फेंक दीजिए.” साथ ही सवाल किया कि इतनी लंबी देरी के बाद आखिर ऐसा जवाब दाखिल करने का क्या मतलब है. कोर्ट ने समय रैना पर क्यों जताई नाराजगी? क्योर एसएमए फाउंडेशन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि समय रैना ने दिए गए आश्वासन के बावजूद न तो फाउंडेशन से संपर्क किया और न ही स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से जूझ रहे लोगों से मुलाकात की. उन्होंने कहा, “समय रैना लगातार शो कर रहे हैं, लेकिन कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया. ऐसे में उन्हें यूथ आइकन कहना मुश्किल है.” इन दलीलों पर गौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समय रैना ने अदालत के भरोसे को गंभीरता से नहीं लिया. सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समय रैना और अन्य कॉमेडियंस ने पहले जो भरोसा अदालत को दिलाया था, बाद की उनकी गतिविधियां उससे मेल नहीं खातीं. इसके बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस जे.वी. मोहना की पीठ ने पांचों कॉमेडियंस को सार्वजनिक माफी जारी करने, अनुपालन हलफनामा दाखिल करने और हर महीने दो विशेष कॉमेडी शो आयोजित करने का निर्देश दिया. इन कार्यक्रमों से जुटाई गई राशि स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित बच्चों के इलाज में इस्तेमाल की जाएगी. कोर्ट ने साफ शब्दों में चेतावनी भी दी कि अगर तय समय के भीतर आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो जुर्माने की रकम कई गुना बढ़ाई जा सकती है. मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “इसमें एक और जीरो जोड़ दिया जाएगा.” यानी मौजूदा 3 लाख रुपये का जुर्माना बढ़ाकर 30 लाख रुपये प्रति व्यक्ति तक किया जा सकता है. क्या है पूरा मामला? यह विवाद साल 2025 में यूट्यूब पर स्ट्रीम हुए ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दो एपिसोड से शुरू हुआ था. आरोप है कि समय रैना और अन्य कॉमेडियंस ने शो के दौरान स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से जूझ रहे मरीजों, इस बीमारी से पीड़ित एक शिशु, दृष्टिबाधित और भेंगापन से पीड़ित लोगों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं. इन टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर भारी विरोध हुआ और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. The post ‘यूथ आइकन कैसे?’ समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद में लगा लाखों का जुर्माना appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर: कटरा में बागमती का कहर, पीपा पुल पर बहा 4 फीट पानी; 14 पंचायतों का संपर्क टूटा

Bagmati river flood: मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड में बागमती नदी के जलस्तर में अचानक लगभग छह फीट की भारी वृद्धि होने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. नदी का पानी फैलने से प्रखंड के उत्तरी हिस्से की 14 पंचायतों के करीब 50 गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा सड़क संपर्क पूरी तरह भंग हो गया है. कटरा पीपा पुल के दोनों ओर पहुंच पथ पर लगभग चार फीट बाढ़ का पानी चढ़ गया है, जिससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप है. 2 किमी के सफर के लिए तय करनी पड़ रही 50 किमी की दूरी सड़क संपर्क टूटने के कारण प्रखंड की बसघट्टा, लखनपुर, पहसौल, खंगुराडीह, नगबारा, चंगेल, कटाई, यजुआर मध्य, यजुआर पूर्वी, यजुआर पश्चिम, बेलपकौना, बंधपुरा बर्री और तेहबारा सहित अन्य पंचायतों के लोगों की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं. ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए अब 2 से 10 किलोमीटर की जगह करीब 50 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है. वहीं, औराई प्रखंड के लोगों को भी भू-निबंध कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) पहुंचने के लिए 15 किलोमीटर की जगह करीब 70 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है. 300 एकड़ में लगी हरी सब्जी की फसल बर्बाद, मुआवजे की मांग अचानक आई इस बाढ़ ने क्षेत्र के किसानों की कमर तोड़ दी है. बकुची, बसघट्टा, पतारी, अंदामा, गंगेया, नवादा और भवानीपुर गांवों के लगभग 300 एकड़ में लगी हरी सब्जियों की खेती पूरी तरह पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है. बकुची निवासी धर्मेंद्र कमती, पूर्व मुखिया रामसकल भगत और हंसराज भगत सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ से लाखों रुपये की सब्जी की फसल नष्ट हो चुकी है. पीड़ित किसानों ने प्रशासन से बर्बाद हुई फसलों के लिए अविलंब उचित मुआवजे की मांग की है. प्रशासन अलर्ट: सीओ बोलीं- बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. कटरा की अंचलाधिकारी (सीओ) सुशीला कुमारी ने बताया कि प्रखंड में बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. प्रशासन किसी भी आपात स्थिति या परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन को भी वस्तुस्थिति की विस्तृत सूचना दे दी गई है. The post मुजफ्फरपुर: कटरा में बागमती का कहर, पीपा पुल पर बहा 4 फीट पानी; 14 पंचायतों का संपर्क टूटा appeared first on Naya Vichar.

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LFP बैटरी वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर क्यों बन रहे हैं पहली पसंद? खरीदने से पहले जान लें फायदे, नुकसान और बेस्ट ऑप्शंस

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. लेकिन अब ग्राहकों का ध्यान सिर्फ रेंज और कीमत तक सीमित नहीं है, बल्कि बैटरी टेक्नोलॉजी भी खरीदारी का बड़ा आधार बनती जा रही है. खासकर LFP (लिथियम आयरन फॉस्फेट) बैटरी वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. इसकी वजह है बेहतर सुरक्षा, लंबी लाइफ और हिंदुस्तानीय मौसम में शानदार प्रदर्शन. अगर आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि LFP बैटरी आखिर क्यों चर्चा में है और यह पारंपरिक NMC बैटरी से कितनी अलग है. LFP बैटरी क्या है और क्यों मानी जाती है ज्यादा सुरक्षित? LFP यानी लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी को खासतौर पर सुरक्षा और टिकाऊपन को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. इस तकनीक में कोबाल्ट और निकल जैसे महंगे तत्वों का इस्तेमाल नहीं होता, जिससे बैटरी ज्यादा स्थिर रहती है और ओवरहीट होने या आग लगने का खतरा काफी कम हो जाता है. हिंदुस्तानीय गर्मी और लंबे समय तक इस्तेमाल को देखते हुए LFP बैटरी बेहतर विकल्प मानी जाती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 10 साल या उससे भी अधिक समय तक चल सकती है और हजारों चार्जिंग साइकल आसानी से झेल सकती है. हिंदुस्तान में कौन-कौन से इलेक्ट्रिक स्कूटर देते हैं LFP बैटरी? अब कई बड़ी कंपनियां अपने फैमिली और बजट सेगमेंट के स्कूटर्स में LFP बैटरी टेक्नोलॉजी अपना रही हैं. Suzuki e-ACCESS में 3.072 kWh की फिक्स्ड LFP बैटरी दी गई है. कंपनी का दावा है कि यह हिंदुस्तानीय मौसम के हिसाब से तैयार की गई है और बैटरी कम चार्ज होने पर भी स्थिर प्रदर्शन देती है. Ampere Magnus Neo और Ampere Nexus भी LFP बैटरी के साथ आते हैं. कंपनी इन स्कूटर्स पर 5 साल या 75,000 किलोमीटर तक की बैटरी वारंटी देती है, जो ग्राहकों का भरोसा बढ़ाती है. Ather Rizta के कुछ वेरिएंट्स में भी LFP बैटरी आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया गया है. Ather ने यहां स्पोर्टी परफॉर्मेंस की बजाय सुरक्षा और लंबी बैटरी लाइफ को प्राथमिकता दी है. वहीं Ola Electric भी अपने गीगाफैक्ट्री में तैयार किये गए स्वदेशी LFP Gen 1 46100 सेल्स को भविष्य के किफायती S1 स्कूटर और एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है. LFP और NMC बैटरी में क्या है सबसे बड़ा अंतर? अगर तुलना की जाए तो LFP बैटरी सुरक्षा और लाइफ के मामले में आगे रहती है, जबकि NMC बैटरी हल्की होने के कारण ज्यादा तेज एक्सीलरेशन और बेहतर परफॉर्मेंस देती है. LFP बैटरी करीब 2,500 से 3,000 या उससे ज्यादा चार्जिंग साइकल तक चल सकती है, जबकि NMC बैटरी आमतौर पर 1,000 से 1,500 साइकल के बाद क्षमता खोने लगती है. हालांकि LFP बैटरी का वजन थोड़ा ज्यादा होता है, जिससे स्कूटर का कुल वजन बढ़ सकता है. दूसरी ओर NMC बैटरी हल्की होने की वजह से स्पोर्टी राइडिंग और बेहतर हैंडलिंग देती है. LFP बैटरी वाला स्कूटर खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान? अगर आप LFP बैटरी वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने जा रहे हैं, तो सिर्फ बैटरी टेक्नोलॉजी देखकर फैसला न लें. सबसे पहले ग्राउंड क्लीयरेंस कम से कम 150 मिमी होना चाहिए ताकि बड़े स्पीड ब्रेकर या खराब सड़कों पर दिक्कत न आए. चार्जिंग टाइम भी जरूर देखें. बड़ी LFP बैटरियां आमतौर पर घर पर पूरी तरह चार्ज होने में 4 से 6 घंटे लेती हैं. साथ ही स्कूटर में स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) होना चाहिए, जिससे बैटरी की सेहत लंबे समय तक बनी रहे. ध्यान रखें कि LFP बैटरी वाले स्कूटर NMC मॉडल्स की तुलना में 5 से 10 किलोग्राम तक भारी हो सकते हैं. इससे कम स्पीड पर हैंडलिंग में थोड़ा फर्क महसूस हो सकता है. किसके लिए सबसे सही है LFP बैटरी? अगर आपका रोजाना इस्तेमाल शहर के भीतर है, आप लंबे समय तक एक ही स्कूटर चलाना चाहते हैं और सुरक्षा आपकी पहली प्राथमिकता है, तो LFP बैटरी वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. वहीं अगर आपकी प्राथमिकता तेज एक्सीलरेशन, हल्का वजन और स्पोर्टी परफॉर्मेंस है, तो NMC बैटरी वाले मॉडल ज्यादा पसंद आ सकते हैं. हिंदुस्तान में बढ़ती EV मांग के बीच साफ है कि आने वाले वर्षों में LFP बैटरी टेक्नोलॉजी फैमिली और बजट इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में तेजी से अपनी जगह मजबूत करेगी. ये भी पढ़ें: Electric Scooter खरीदने जा रहे हैं? पहले जानिए कौन-सी बैटरी है सबसे भरोसेमंद, वरना बाद में होगा बड़ा नुकसान ये भी पढ़ें: क्या इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल में गियर होते हैं? खरीदने से पहले दूर कर लें यह बड़ा कन्फ्यूजन The post LFP बैटरी वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर क्यों बन रहे हैं पहली पसंद? खरीदने से पहले जान लें फायदे, नुकसान और बेस्ट ऑप्शंस appeared first on Naya Vichar.

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रांची में ‘थार वाले’ का आतंक: मोरहाबादी में चेकिंग के दौरान पुलिस चालक को मारी टक्कर

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के लालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोरहाबादी इलाके में वाहन जांच के दौरान पुलिस टीम पर हमला करने का मामला सामने आया है. तेज रफ्तार और काले शीशों वाली एक काली थार एसयूवी ने पुलिस पीसीआर वैन के चालक राजेश यादव को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गई. इस घटना में पुलिस वाहन के चालक को गंभीर चोटें आई हैं. घटना के बाद रांची पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. वाहन जांच के दौरान रोकने का किया गया था प्रयास रांची पुलिस के अनुसार, पुलिस टीम नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी. इसी दौरान मोरहाबादी क्षेत्र से एक काले रंग की थार एसयूवी तेज गति और लापरवाही से चलती हुई आती दिखाई दी. वाहन की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने का संकेत दिया. हालांकि चालक ने वाहन रोकने के बजाय पुलिस टीम की ओर ही गाड़ी मोड़ दी और तेज रफ्तार में टक्कर मारकर मौके से फरार हो गया. पूरी घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस चालक गंभीर रूप से घायल टक्कर इतनी तेज थी कि पुलिस वाहन के चालक को गंभीर चोटें आईं. घायल चालक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है. पुलिस अधिकारियों ने घायल पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए रखी है. घटना के बाद आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने फरार वाहन का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी चालक तेज रफ्तार का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा. आरोपी की पहचान, कई टीमों का सर्च ऑपरेशन जारी रांची पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. प्रारंभिक जांच में आरोपी चालक की पहचान कर ली गई है. उसकी गिरफ्तारी के लिए शहर और आसपास के इलाकों में विशेष सर्च अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है. सीमावर्ती इलाकों और संभावित ठिकानों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है. इसे भी पढ़ें: जज उत्तम आनंद हत्याकांड में दोषियों को राहत नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी काले शीशों और तेज रफ्तार पर भी जांच पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वाहन में काले शीशे किस नियम के तहत लगाए गए थे और चालक इतनी तेज रफ्तार से वाहन क्यों चला रहा था. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय वाहन में और कौन-कौन लोग सवार थे. रांची पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि कानून से बचने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें: चचेरे भाई के साथ भागने की कोशिश में पकड़ी गई विवाहिता, चार साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग The post रांची में ‘थार वाले’ का आतंक: मोरहाबादी में चेकिंग के दौरान पुलिस चालक को मारी टक्कर appeared first on Naya Vichar.

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