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Author name: Vinod Jha

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कौन हैं अभिषेक कुमार? बांकीपुर से BJP ने जिस चेहरे पर खेला दांव, जानिए उनका राजनीतिक सफर

Bankipur Bypoll BJP Candidate: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी ने अभिषेक कुमार ‘बंटी’ को अपना उम्मीदवार बनाया है. उनके नाम के ऐलान के साथ ही नेतृत्वक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर अभिषेक कुमार हैं कौन और पार्टी ने उन्हें इतनी अहम सीट से मैदान में क्यों उतारा. बांकीपुर को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है, इसलिए इस सीट पर उम्मीदवार का चयन भी काफी अहम माना जा रहा है. कायस्थ समाज से आते हैं अभिषेक कुमार अभिषेक कुमार ‘बंटी’ कायस्थ समाज से आते हैं. वे लंबे समय से हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़े रहे हैं. पार्टी के भीतर उनकी पहचान एक जमीनी, सक्रिय और संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ता की रही है. यही वजह है कि बीजेपी ने इस हाई-प्रोफाइल उपचुनाव में उन पर भरोसा जताया है. नितिन नवीन के करीबी माने जाते हैं अभिषेक कुमार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का करीबी माना जाता है. उन्होंने लंबे समय तक नितिन नवीन के साथ विभिन्न संगठनात्मक और नेतृत्वक कार्यक्रमों में जिम्मेदारियां निभाई हैं. पार्टी के कई अभियान और जनसंपर्क कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है. संगठन के भीतर उनकी कार्यशैली और सक्रियता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है. 26 साल का संगठनात्मक अनुभव अभिषेक कुमार पिछले करीब 26 वर्षों से हिंदुस्तानीय जनता पार्टी और हिंदुस्तानीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े हुए हैं. इस दौरान उन्होंने संगठन के लगभग हर स्तर पर काम किया है. बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक की जिम्मेदारियां निभाने के कारण उन्हें संगठन की मजबूत समझ रखने वाला नेता माना जाता है. बूथ से प्रदेश तक का सफर अभिषेक कुमार ने अपने नेतृत्वक जीवन की शुरुआत संगठन के निचले स्तर से की. उन्होंने पाटलिपुत्र मंडल और कृष्णा मंडल में काम करते हुए कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई. इसके बाद पटना महानगर युवा मोर्चा और बिहार प्रदेश युवा मोर्चा में भी अहम जिम्मेदारियां संभालीं. उनकी सबसे बड़ी खासियत यह मानी जाती है कि वे केवल चुनाव के दौरान ही सक्रिय नहीं रहते, बल्कि पूरे साल लोगों के बीच मौजूद रहते हैं. जनसेवा, संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं से संवाद उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है. वर्तमान में निभा रहे हैं यह जिम्मेदारी इस समय अभिषेक कुमार हिंदुस्तानीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष हैं. इससे पहले वे पटना महानगर हिंदुस्तानीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. युवा कार्यकर्ताओं को जोड़ने, सदस्यता अभियान चलाने और संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें संगठन में निभा चुके हैं कई अहम पदों पर जिम्मेदारी अपने लंबे नेतृत्वक सफर में अभिषेक कुमार कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. 1999 से 2005: पाटलिपुत्र मंडल में मंत्री के रूप में बूथ और वार्ड स्तर पर संगठन को मजबूत किया. 2006 से 2012: पाटलिपुत्र मंडल के मंडल मंत्री रहे और जनसंपर्क अभियान चलाए. 2006 से 2012: कृष्णा मंडल के अध्यक्ष के रूप में संगठन विस्तार और बूथ सशक्तिकरण पर काम किया. 2020 से 2023: पटना महानगर हिंदुस्तानीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे. इस दौरान युवा कार्यकर्ताओं को जोड़ने, नवमतदाता अभियान और सेवा कार्यक्रमों का नेतृत्व किया. वर्तमान में वे हिंदुस्तानीय जनता युवा मोर्चा, बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं. अब अभिषेक कुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव है. यह सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है और इस बार मुकाबला भी काफी चर्चा में है. ऐसे में पार्टी ने एक ऐसे चेहरे को मौका दिया है, जिसने वर्षों तक संगठन में काम किया है. अब देखना होगा कि संगठन का यह अनुभव चुनावी मैदान में कितना असर दिखाता है. Also Read: बांकीपुर से अभिषेक कुमार होंगे BJP उम्मीदवार, पार्टी ने किया ऐलान The post कौन हैं अभिषेक कुमार? बांकीपुर से BJP ने जिस चेहरे पर स्पोर्ट्सा दांव, जानिए उनका नेतृत्वक सफर appeared first on Naya Vichar.

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वायनाड में बार-बार क्यों होता है लैंड स्लाइड? जानिए,क्यों आती है यह आपदा

Wayanad landslide : दो साल पहले 30 जुलाई 2024 को केरल के वायनाड जिले के मेप्पाडी पंचायत के चोरालमाला और मुंडक्कई में हुए लैंडस्लाइड की यादें मंगलवार को एक बार फिर ताजा हो गई. उस भीषण भूस्खलन में 300 लोगों ने अपनी जान गंवाईं थी और दो गांव पूरी तरह से नष्ट हो गए थे. इसी चोरालमाला से केवल चार किलोमीटर दूर मीनाक्षी क्षेत्र में मंगलवार 7 जुलाई को हुए भूस्खलन में 3 लोगों की जान चली गई जबकि 7 लोग अब भी लापता हैं. वायनाड में बार-बार क्यों होता है लैंडस्लाइड इस घटना से आपके मन में एक सवाल जरूर आया होगा कि आखिर केरल का वायनाड जिला बार- बार इस प्राकृतिक आपदा का शिकार क्यों होता है. इसके पीछे वजह है वायनाड की भौगोलिक बनावट और इस इलाके में होने वाली अत्यधिक मानसूनी वर्षा. इसके साथ- साथ यहां होने वाले मानवीय गतिविधियों के कारण भी यह इलाका भूस्खलन के लिए काफी संवेदनशील है. जैसे कि तीव्र ढलान वाली भौगोलिक स्थिति, मिट्टी की विशेष बनावट और सीस्मिक जोन (जहां भूकंप की आशंका ज्यादा होती है) के साथ साथ जलवायु परिवर्तन भी एक वजह है. वनों की कटाई, अवैज्ञानिक निर्माण कार्य और दूसरे मानवीय कारक भी यहां होने वाली भूस्खलन के लिए जिम्मेदार हैं. लैंडस्लाइड से हिंदुस्तान को कितना खतरा है ? केरल हिंदुस्तान का इकलौता राज्य नहीं है, जो इस तरह की विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं का शिकार होता है.हिंदुस्तान के 17 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेश इस आपदा के साए में है . इतना ही नहीं हिंदुस्तानीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट की मानें तो हिंदुस्तान दुनिया के शीर्ष 5 सबसे अधिक भूस्खलन-संभावित देशों में शामिल है. हिंदुस्तानीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के अनुसार, हिंदुस्तान का लगभग 12.6% भूभाग यानी कि लगभग 4.2 लाख वर्ग किलोमीटर इलाका भूस्खलन की चपेट में है. ISRO के लैंडस्लाइड एटलस के अनुसार दर्ज भूस्खलन घटनाओं में हिंदुस्तान का सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका उत्तर-पश्चिम हिमालय क्षेत्र हैं. कच्ची पहाड़ियों और भूकंपीय संवेदनशीलता के कारण यह सबसे खतरनाक माना जाता है. इस भाग में हिंदुस्तान के उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर राज्य आते हैं. यहां लैंडस्लाइड 66.5% घटनाएं होती हैं. हिंदुस्तान में मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश वाला उत्तर-पूर्व हिमालय क्षेत्र में 18.8% लैंडस्लाइडकी घटनाएं दर्ज होती हैं, जबकि केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र का पहाड़ी इलाका जिसे पश्चिमी घाट कहा जाता है. पश्चिमी घाट के इस इलाके में 14.7% लैंडस्लाइड की घटनाएं होती हैं. हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा लैंडस्लाइड कहां होता है ? उत्तराखंड का रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जिला हिंदुस्तान में सबसे अधिक जोखिम वाले जिलों में शीर्ष पर हैं. प्रतिशत के लिहाज से देखें तो सिक्किम का 57.6% हिस्सा भूस्खलन के प्रति संवेदनशील है. वहीं पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक भूस्खलन की घटनाएं (12,385) मिजोरम में दर्ज की गई हैं. जबकि गैर-हिमालयी राज्यों में केरल सबसे संवेदनशील है. क्यों होता है लैंडस्लाइड ? पहाड़ी ढलानों पर जमी मिट्टी, चट्टानें और मलबा जब अचानक तेजी से नीचे की ओर खिसकने लगते हैं, तो उसे लैंडस्लाइड (भूस्खलन) कहते हैं. लैंडस्लाइड होने के कारणों को लेकर विशेषज्ञ कहते हैं कि यह घटना तब होती है जब पहाड़ी ढलान को थामे रखने वाली मिट्टी और चट्टानें कमजोर हो जाती है . मिट्टी और चट्टानों के कमजोर होने के पीछे मुख्य रूप से प्राकृतिक और मानवीय कारक होते हैं. अत्यधिक मूसलाधार बारिश का होना, भूकंप आना और किसी कारण से मिट्टी का कटाव या कमजोर भूगर्भीय संरचना के कारण होने वाली लैंडस्लाइड प्राकृतिक कारणों से होती है जबकि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई , अवैज्ञानिक निर्माण कार्य और गलत तरह से खेती करने के तरीके जैसे कि पहाड़ों पर ढलान की दिशा में खेती करना या पानी की निकासी का सही इंतजाम न होना मानवीय कारकों में आते हैं. ये भी पढ़ें : वायनाड भूस्खलन का खौफनाक वीडियो आया सामने; मंजर देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे इनपुट : गौतम कुमार The post वायनाड में बार-बार क्यों होता है लैंड स्लाइड? जानिए,क्यों आती है यह आपदा appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

सरायरंजन के मेडिकल कॉलेज में नवजात की मौ”त, परिजनों ने एएनएम पर लगाया लापरवाही का आरोप

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन (समस्तीपुर)| सरायरंजन प्रखंड के नरघोघी स्थित श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार को एक नवजात की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। वहीं अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करते हुए ड्यूटी पर तैनात एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा है। मृत नवजात की मां की पहचान उजियारपुर प्रखंड के चांदचौर मथुरापुर निवासी प्रिंस कुमार राय की पत्नी कोमल कुमारी (27) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि कोमल कुमारी को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने उसी दिन सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया, जिसके बाद नवजात पूरी तरह स्वस्थ होने की जानकारी दी गई थी। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे अचानक नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन शिशु को लेकर हायर सेंटर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उनका आरोप है कि शिशु की देखभाल के लिए अस्पताल की ओर से दो एएनएम की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन दोनों ने अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर समुचित देखभाल और उपचार मिलता तो शिशु की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच का भरोसा दिया। मामले में श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राणा विश्वविजय सिंह ने बताया कि नवजात जन्म से ही रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस (आरडीएस) की समस्या से पीड़ित था। मेडिकल टीम लगातार उसकी निगरानी और उपचार में जुटी थी। उन्होंने कहा कि परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। ड्यूटी पर तैनात एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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नितिन नवीन वाली सीट बांकीपुर से अभिषेक कुमार होंगे BJP उम्मीदवार, पार्टी ने किया ऐलान

Bankipur Bypoll BJP Candidate: बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने अभिषेक कुमार को मैदान में उतारा है. अब 9 जुलाई को एनडीए प्रत्याशी अभिषेक कुमार अपना नामांकन दाखिल करेंगे. इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे. बांकीपुर उपचुनाव को राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल नेतृत्वक लड़ाइयों में माना जा रहा है. समाचार अपडेट की जा रही है The post नितिन नवीन वाली सीट बांकीपुर से अभिषेक कुमार होंगे BJP उम्मीदवार, पार्टी ने किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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इंडोनेशिया की संसद से पीएम मोदी का चीन को कड़ा संदेश, कहा- भारत विकास चाहता है, विस्तारवाद नहीं

PM Modi Indonesia Speech: पीएम मोदी ने हिंदुस्तान और इंडोनेशिया की ताकत को जोड़ते हुए कहा कि जब हिंदुस्तान के 140 करोड़ और इंडोनेशिया के 29 करोड़ लोग मिलकर आगे बढ़ेंगे, तो दुनिया को एक नया इतिहास देखने को मिलेगा. पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें समुद्र पर सबका हक: दक्षिण चीन सागर में चीन की मनमानी के बीच पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान चाहता है कि हिंद-प्रशांत समुद्री क्षेत्र सभी के लिए खुला और सुरक्षित हो, जहां जहाजों को आने-जाने की पूरी आजादी मिले. उन्होंने कहा कि समुद्र हमारे बीच दूरी नहीं बढ़ाता, बल्कि हमें आपस में जोड़ता है. लोकतंत्र की ताकत: पीएम ने कहा कि जब हिंदुस्तान और इंडोनेशिया जैसे लोकतांत्रिक देश एक साथ आते हैं, तो दुनिया का भरोसा बढ़ता है कि लोकतंत्र से ही बेहतर भविष्य बनता है. आतंकवाद पर मिलकर वार: दोनों देश मिलकर आतंकवाद, साइबर खतरों और कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ेंगे ताकि शांति चाहने वाले लोगों को मजबूती मिले. UN में बदलाव की मांग: दुनिया के मौजूदा हालातों को देखते हुए पीएम ने कहा कि अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बदलाव करने में और देरी नहीं होनी चाहिए. रक्षा और व्यापार को लेकर 12 समझौते संसद में भाषण देने से पहले पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ बड़ी बैठक की. इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी, खेती-किसानी, दवाइयों और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए करीब 12 समझौतों पर साइन किए गए. पीएम मोदी का तीन देशों का दौरा प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की यात्रा पर हैं. इस दौरे के पहले कदम के रूप में वे सोमवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ. इंडोनेशिया के बाद पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर जाएंगे. ये भी पढ़ें: पीएम मोदी का इंडोनेशिया में ग्रैंड वेलकम: आसमान में लड़ाकू विमान, जमीन पर राष्ट्रपति ने की अगवानी The post इंडोनेशिया की संसद से पीएम मोदी का चीन को कड़ा संदेश, कहा- हिंदुस्तान विकास चाहता है, विस्तारवाद नहीं appeared first on Naya Vichar.

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बीजेपी का आरोप- ओवैसी को भारतीय नहीं, बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की चिंता

Asaduddin Owaisi : हैदराबाद के सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा तेलंगाना प्रशासन को लिखे गए पत्र पर आपत्ति जताते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रकाश रेड्डी ने निशाना साधा है. मंगलवार को एएनआई से बात करते हुए प्रकाश रेड्डी ने असदुद्दीन ओवैसी पर आरोप लगाया कि वे बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों का पक्ष ले रहे हैं. असदुद्दीन ओवैसी ने प्रशासन को क्यों लिखा है पत्र? तेलंगाना में हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने प्रशासन को पत्र लिखा है. अपने पत्र में उन्होंने मांग की है कि प्रशासन को आम जनता की सुविधा के लिए स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) बनानी चाहिए, ताकि वो आने वाले दिनों में किसी भी तरह के कागजी प्रक्रिया में ना उलझे. इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो भी शेयर किया. वीडियो में वे कह रहे हैं कि राज्य प्रशासन को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले ही, उन समस्याओं का समाधान कर लेना चाहिए जो भविष्य में हो सकती हैं. अवैध विदेशियों को नागरिकता देने की मांग कर रहे ओवैसी : भाजपा असदुद्दीन ओवैसीकी इस मांग को लेकर मंगलवार भाजपा के प्रकाश रेड्डी ने उन पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों का पक्ष लेने का आरोप लगाया . रेड्डी ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि उनकी मांग उन विदेशियों को नागरिकता देने की है जो देश में अवैध रूप से रह रहे हैं. रेड्डी ने यह भी दावा किया कि फिलहाल लाखों विदेशी, खासकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या, हैदराबाद में रह रहे हैं, जो शरणार्थी नहीं हैं. रेड्डी ने कहा कि हिंदुस्तान प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार हैदराबाद में कोई शरणार्थी नहीं हैं. असंवैधानिक है असदुद्दीन ओवैसी की मांग : रेड्डी बातचीत के दौरान प्रकाश रेड्डी ने केंद्र प्रशासन की अवैध अप्रवासियों के खिलाफ, ‘पता लगाओ, हटाओ और निर्वासित करो ’ पहल का भी जिक्र किया. इस पहल को लेकर रेड्डी ने दावा किया कि हैदराबाद में अवैध शरणार्थी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने वाले सभी व्यक्ति अवैध नागरिक हैं. जिन्हें ढूंढकर देश से निकाला जाना चाहिए. उन्होंने ओवैसी की मांग को असंवैधानिक और राष्ट्रीय हित के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि असदुद्दीन ओवैसी नेतृत्वक लाभ के लिए ऐसा कर रहे हैं. रेड्डी ने कहा कि ओवैसी को हैदराबाद में 400-500 वर्षों से रह रहे नागरिकों की नहीं बल्कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों में रुचि है. ऐसी मांगें वो अपने नेतृत्वक हित और चुनावी फायदे के लिए कर रहे हैं. (इनपुट : गौतम कुमार) ये भी पढ़ें :जयपुर में सड़क दुर्घटना, ट्रेलर की चपेट में आने से 3 बच्चों की मौत The post बीजेपी का आरोप- ओवैसी को हिंदुस्तानीय नहीं, बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की चिंता appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के स्टेट हाईवे पर प्राइवेट गाड़ियों को टोल से छूट, सिर्फ इन वाहनों से होगी टैक्स वसूली, CM सम्राट का ऐलान

Bihar Toll Tax: बिहार में स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर चल रही चर्चा के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला सुनाया है. उन्होंने साफ कर दिया कि प्राइवेट कार, जीप और अन्य निजी वाहनों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा. केवल कमर्शियल वाहनों जैसे टैक्सी, बस, ट्रक और अन्य व्यावसायिक गाड़ियों पर ही टोल लागू होगा. CM सम्राट चौधरी ने दूर किया भ्रम मंगलवार को अररिया के हरिपुर में आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि टोल टैक्स को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासन के मानकों के अनुसार व्यवस्था बनाई जाएगी, लेकिन बिहार प्रशासन ने निजी वाहनों को राहत देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि जो लोग अपने परिवार के साथ निजी वाहन से यात्रा करते हैं, उनसे टोल नहीं लिया जाएगा. प्रशासन सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से ही शुल्क वसूलेगी. कैबिनेट पहले ही दे चुकी है मंजूरी पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026’ को मंजूरी दी गई थी. इसी नियमावली के तहत पहली बार बिहार के स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लगाने का रास्ता साफ हुआ. अब तक बिहार में सिर्फ नेशनल हाईवे पर ही टोल टैक्स लिया जाता था. आने वाले समय में राज्य प्रशासन के अधीन आने वाली चुनिंदा सड़कों पर भी यह व्यवस्था लागू होगी. किस वाहन पर कितना लगेगा टोल? नई नियमावली के अनुसार कमर्शियल वाहनों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं. टैक्सी, कमर्शियल कार और जीप: 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर बस और ट्रक: 6.65 रुपये प्रति किलोमीटर बड़े वाहन और ट्रेलर: 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर ओवरलोड वाहनों से निर्धारित टोल के अलावा अतिरिक्त शुल्क भी लिया जाएगा अभी तय नहीं हुई शुरुआत की तारीख प्रशासन फिलहाल यह तय कर रही है कि किन स्टेट हाईवे पर टोल प्लाजा बनाए जाएंगे. बिहार में स्टेट हाईवे का नेटवर्क करीब 3,614 किलोमीटर लंबा है. इनमें अधिकांश सड़कें टू-लेन हैं. अभी टोल वसूली शुरू होने की तारीख घोषित नहीं की गई है. प्रशासन पहले सड़कों का आकलन करेगी, उसके बाद चरणबद्ध तरीके से व्यवस्था लागू की जाएगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें निजी वाहन चालकों को बड़ी राहत मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद लाखों निजी वाहन मालिकों को राहत मिली है. अब साफ हो गया है कि स्टेट हाईवे पर सफर करने वाले निजी कार और जीप मालिकों को किसी तरह का टोल नहीं देना होगा. वहीं, कमर्शियल वाहनों पर नई नियमावली के तहत तय दरों के अनुसार शुल्क लिया जाएगा. Also Read: पटना जू में बढ़ेगा रोमांच, अगले हफ्ते से दिखेगा व्हाइट टाइगर, पहली बार ग्रीन इगुआना भी आएगा The post बिहार के स्टेट हाईवे पर प्राइवेट गाड़ियों को टोल से छूट, सिर्फ इन वाहनों से होगी टैक्स वसूली, CM सम्राट का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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अफगानिस्तान क्रिकेट के ‘हीरो’ शपूर जादरान नहीं रहे, 38 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शपूर जादरान का मंगलवार (7 जुलाई) को 38 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह पिछले कई महीनों से हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नामक दुर्लभ और गंभीर इम्यून सिस्टम बीमारी से जूझ रहे थे तथा दिल्ली-एनसीआर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. उनके निधन की पुष्टि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की. अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक एसीबी ने अपने शोक संदेश में जादरान को अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक बताया. बोर्ड ने कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और जुनून ने अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. साथ ही उन्हें युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बताया. शापूर जादरान का करियर शापूर जादरान अफगानिस्तान क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने संघर्ष और मेहनत के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 वनडे मैचों में 43 और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 37 विकेट हासिल किए. पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को अपना आदर्श मानने वाले 6 फीट से अधिक लंबे शापूर अपनी रफ्तार, आक्रामक तेवर और लंबे रन-अप के लिए मशहूर थे. बाउंड्री लाइन के करीब से दौड़ते हुए गेंदबाजी करने का उनका अंदाज बेहद प्रभावशाली था, जिसने दुनिया के कई दिग्गज बल्लेबाजों को मुश्किल में डाला. जादरान को सबसे ज्यादा 2015 वनडे विश्व कप में स्कॉटलैंड के खिलाफ अफगानिस्तान की ऐतिहासिक पहली विश्व कप जीत के लिए याद किया जाएगा. उस मैच में उन्होंने गेंद से शानदार प्रदर्शन करने के साथ-साथ आखिरी क्षणों में विजयी रन भी बनाए थे, जिससे अफगानिस्तान ने विश्व कप इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज की थी. यह भी पढ़ें: MS Dhoni Birthday Special: फुटबॉल के गोलकीपर से क्रिकेट के वर्ल्ड चैंपियन कप्तान तक, ऐसी है धोनी की कहानी The post अफगानिस्तान क्रिकेट के ‘हीरो’ शपूर जादरान नहीं रहे, 38 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा appeared first on Naya Vichar.

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बच्चों की जंक फूड खाने की आदत छुड़ा देंगे ये 5 टेस्टी और हेल्दी स्नैक्स, हर शाम करेंगे इनकी डिमांड

Healthy Snacks Ideas: आज के समय में अगर बच्चों की डाइट की बात की जाए, तो उन्हें चिप्स, बर्गर और पिज्जा जैसी चीजें खाना सबसे ज्यादा अच्छा लगता है. ये चीजें खाने में तो टेस्टी और मजेदार होती हैं, लेकिन अगर इन जंक फूड्स का सेवन रेगुलर बेसिस पर किया जाता रहे, तो बच्चों की सेहत पर इसका बहुत ही बुरा असर पड़ सकता है. जब शिशु छोटे होते हैं तो माता-पिता के दिमाग में हमेशा यही सवाल रहता है कि बच्चों को ऐसा क्या खिलाया जाए जो टेस्टी होने के साथ ही हेल्दी और मजेदार भी हों. अगर आपके घर पर भी छोटे शिशु हैं और आपके दिमाग में हर दिन यह सवाल उठता रहता है, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको घर पर आसानी से बनने वाले 5 ऐसे टेस्टी और हेल्दी स्नैक्स के बारे में बताएंगे, जिन्हें खाकर आपके शिशु बाहर का जंक फूड खाना हमेशा के लिए भूल जाएंगे. तो चलिए इन स्नैक्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. easy healthy snacks ideas बच्चों को खिलाएं सूजी और सब्जियों का चीला घर के छोटे शिशु अक्सर हरी सब्जियां खाने के नाम पर ही नखरे दिखाने लग जाते हैं. ऐसे में अगर आप उन्हें सब्जियां खिलाना चाहती हैं, तो इसका सबसे बेस्ट तरीका है घर पर सूजी का चीला बनाना. इसे बनाने के लिए सबसे पहले सूजी में थोड़ा सा दही, पानी और बारीक कटी हुई सब्जियां जैसे गाजर, शिमला मिर्च, प्याज और टमाटर मिला लें. अब इस मिक्चर को तवे पर हल्के घी या बटर के साथ दोनों तरफ से सेक लें. यह देखने में जितना रंग-बिरंगा लगता है, खाने में उतना ही क्रिस्पी और टेस्टी होता है. छोटे शिशु इसे टोमैटो केचप के साथ बड़े ही चाव से खाते हैं. ये भी पढ़ें: सुबह टिफिन को लेकर होती है टेंशन? 10 मिनट में बन जाएंगे ये 5 टेस्टी ऑप्शन, स्वाद ऐसा कि शिशु हो जाएंगे आपके फैन ट्राय कर सकते हैं भुना हुआ मखाना चाट अगर आपके बच्चों को चिप्स और कुरकुरे खाना अच्छा लगता है, तो इनकी जगह पर उन्हें मखाना चाट खिलाना भी एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. मखाने में कैल्शियम और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आपके बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले थोड़े से घी में मखानों को क्रिस्पी होने तक भून लें. इसके बाद इसमें थोड़ा सा नमक, चाट मसाला और चुटकी भर हल्दी मिला दें. अगर आपके शिशु को चटपटी चीजें खाना अच्छा लगता है, तो आप इसमें बारीक कटा हुआ खीरा, टमाटर और नींबू का रस मिलाकर एक मजेदार चाट तैयार कर सकते हैं. बच्चा मीठा खाना चाहे तो ओट्स और बनाना पैनकेक अगर आपके शिशु को मीठा खाना अच्छा लगता है, तो मैदे से बने केक या पेस्ट्री की जगह पर आप उसे ओट्स और केले से बना पैनकेक भी खिला सकते हैं. ओट्स और केले का पैनकेक बनाने के लिए सबसे पहले ओट्स को पीसकर पाउडर बना लें. इसके बाद इसमें पका हुआ केला, थोड़ा सा दूध और शहद मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें. अब एक नॉन-स्टिक तवे पर थोड़ा सा बटर लगाकर छोटे-छोटे पैनकेक सेक लें. यह स्नैक न सिर्फ खाने में बेहद टेस्टी होता है, बल्कि इसे खाकर बच्चों को भरपूर एनर्जी भी मिलती है. ये भी पढ़ें: सुबह ऑफिस की भागदौड़ में नहीं कर पा रहे हैं नाश्ता? 10 मिनट में तैयार करें ये 3 हेल्दी ब्रेकफास्ट बच्चों का ऑल-टाइम फेवरेट होममेड पोटैटो वेजेस दुकानों पर मिलने वाले फ्रेंच फ्राइज बच्चों के ऑल-टाइम फेवरेट होते हैं, लेकिन बार-बार इनके सेवन से बच्चों की सेहत बिगड़ भी सकती है. अगर आप अपने शिशु की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहते हैं, तो इन फ्रेंच फ्राइज की जगह पर आपको उन्हें घर पर ही बने आलू के वेजेस ट्राय करवाना चाहिए. इसे बनाने के लिए सबसे पहले आलुओं को लंबे टुकड़ों में काट लें और फिर उन पर थोड़ा सा ऑलिव ऑयल, नमक, काली मिर्च और ऑरेगानो छिड़क लें. अब इन्हें ओवन में बेक कर लें या तवे पर ढककर क्रिस्पी होने तक पका लें.. ये बाहर से क्रिस्पी और अंदर से बहुत ही सॉफ्ट होते हैं, जिस वजह से शिशु इन्हें खाकर बहुत खुश हो जाते हैं. शाम की छोटी भूख के लिए फ्रूट एंड नट्स योगर्ट पार्फे गर्मियों के मौसम में या शाम की छोटी भूख के लिए यह एक बहुत ही रिफ्रेशिंग स्नैक है. इसे बनाने के लिए एक कांच के ग्लास में सबसे पहले गाढ़ी दही की एक लेयर लगाएं. इसके बाद इसके ऊपर से बच्चों के पसंदीदा फल जैसे आम, केला, सेब या स्ट्रॉबेरी के टुकड़े डालें. इसके बाद ऊपर से थोड़े से आल्मंड, काजू और किशमिश डालें. आप अगर चाहें तो मिठास के लिए इसमें थोड़ा सा शहद भी मिला सकते हैं. यह दिखने में किसी आइसक्रीम संडे जैसा लगता है, इसलिए शिशु इसे तुरंत खत्म कर देते हैं. ये भी पढ़ें: रात की भूख भी मिटेगी और वजन भी नहीं बढ़ेगा, डिनर में शामिल करें ये 5 सुपर लो कैलोरी फूड्स The post बच्चों की जंक फूड खाने की आदत छुड़ा देंगे ये 5 टेस्टी और हेल्दी स्नैक्स, हर शाम करेंगे इनकी डिमांड appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

सहयोग शिविर के माध्यम से आमजन तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : जिलाधिकारी

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर। बिहार प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं नागरिक सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक सुलभ, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सहयोग शिविर कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिलाधिकारी समस्तीपुर श्री रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री अरविंद प्रताप सिंह ने उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत बेलारी पंचायत स्थित सहयोग शिविर एवं मालती पंचायत स्थित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, आमजनों से संवाद स्थापित किया तथा प्राप्त आवेदनों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों को विभिन्न प्रशासनी सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराया जाए। बेलारी पंचायत स्थित सहयोग शिविर में जिलाधिकारी ने कुल 07 प्रमाण-पत्रों का वितरण किया। इनमें 04 जन्म प्रमाण-पत्र, 02 मृत्यु प्रमाण-पत्र एवं 01 आवासीय प्रमाण-पत्र शामिल हैं। जन्म प्रमाण-पत्र के अंतर्गत शुभ कुमार, भत्या झा, नक्ष राज एवं आराध्या कुमारी के अभिभावकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। वहीं महेश सिंह एवं रामप्रीत पासवान के परिजनों को मृत्यु प्रमाण-पत्र सौंपे गए। इसके अतिरिक्त आरटीपीएस के माध्यम से रामनाथ राम को आवासीय प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसी प्रकार मालती पंचायत स्थित सहयोग शिविर में जिलाधिकारी ने कुल 04 प्रमाण-पत्रों का वितरण किया। इनमें 03 जन्म प्रमाण-पत्र एवं 01 मृत्यु प्रमाण-पत्र शामिल हैं। शाहीन प्रवीण, छोटेलाल सिंह एवं मोहम्मद परवेज के अभिभावकों को जन्म प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि विनोद कुमार सिंह के परिजनों को मृत्यु प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया। जिलाधिकारी ने उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा आयोजित सहयोग शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित अपनी समस्याओं के समाधान हेतु शिविरों में आवेदन करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आमजन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी दलसिंह सराय श्री किशन कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

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