अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शपूर जादरान का मंगलवार (7 जुलाई) को 38 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह पिछले कई महीनों से हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नामक दुर्लभ और गंभीर इम्यून सिस्टम बीमारी से जूझ रहे थे तथा दिल्ली-एनसीआर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. उनके निधन की पुष्टि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की.
अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक
एसीबी ने अपने शोक संदेश में जादरान को अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक बताया. बोर्ड ने कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और जुनून ने अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. साथ ही उन्हें युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बताया.
शापूर जादरान का करियर
शापूर जादरान अफगानिस्तान क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने संघर्ष और मेहनत के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 वनडे मैचों में 43 और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 37 विकेट हासिल किए. पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को अपना आदर्श मानने वाले 6 फीट से अधिक लंबे शापूर अपनी रफ्तार, आक्रामक तेवर और लंबे रन-अप के लिए मशहूर थे. बाउंड्री लाइन के करीब से दौड़ते हुए गेंदबाजी करने का उनका अंदाज बेहद प्रभावशाली था, जिसने दुनिया के कई दिग्गज बल्लेबाजों को मुश्किल में डाला.
जादरान को सबसे ज्यादा 2015 वनडे विश्व कप में स्कॉटलैंड के खिलाफ अफगानिस्तान की ऐतिहासिक पहली विश्व कप जीत के लिए याद किया जाएगा. उस मैच में उन्होंने गेंद से शानदार प्रदर्शन करने के साथ-साथ आखिरी क्षणों में विजयी रन भी बनाए थे, जिससे अफगानिस्तान ने विश्व कप इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज की थी.
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