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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी का फैसला, देखें Playing XI

New Zealand vs Pakistan Super 8 Match: पाकिस्तान की टीम ने एक बदलाव किया है. फखर जमां को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है और ख्वाजा नफे को आज टीम से बाहर रखा गया है. जबकि न्यूजीलैंड की टीम में तीन बदलाव किए गए हैं. काइल जैमीसन की जगह ईश सोढ़ी, जैकब डफी की जगह लॉकी फर्ग्यूसन की वापसी हुई है. बारिश के कारण मैच स्टार्ट होने में देरी कोलंबो में इस समय बारिश हो रही है. टॉस के समय बारिश रूक गई थी. लेकिन उसके बाद फिर से बारिश शुरू हो गई. जिस वजह से पिच को वापस कवर से ढंक दिया गया. बारिश की वजह से मैच शुरू होने में देरी हो रही है. न्यूजीलैंड (प्लेइंग इलेवन) टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), फिन एलन, रचिन रविंद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डैरिल मिशेल, मिशेल सैंटनर (कप्तान), जेम्स नीशम, मैट हेनरी, ईश सोढ़ी, लॉकी फर्ग्यूसन. पाकिस्तान (प्लेइंग इलेवन) साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, सलमान आगा (कप्तान), बाबर आजम, फखर जमान, उस्मान खान (विकेटकीपर), शादाब खान, मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ, सलमान मिर्जा, उस्मान तारिक. टॉस जीतने के बाद क्या बोले पाक कप्तान सलमान आगा ? न्यूजीलैंड के खिलाफ टॉस जीतने के बाद पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने कहा- हम पहले बल्लेबाजी करेंगे. हमारी टीम में एक बदलाव है. फखर जमान स्पोर्ट्स रहे हैं. हमारे पास एक तेज गेंदबाज, फहीम अशरफ हैं – वह एक अच्छे ऑलराउंडर हैं. हमारे पास दो तेज गेंदबाज और स्पिन गेंदबाजी के कई विकल्प हैं. The post पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी का फैसला, देखें Playing XI appeared first on Naya Vichar.

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AI Summit में यूथ कांग्रेस के शर्टलेश प्रदर्शन पर भड़के अखिलेश-मायावती, बताया देश का अपमान

Table of Contents कांग्रेस के विरोध में मायावती ने क्या कहा? अखिलेश यादव ने क्या कहा? प्रदर्शन से हिंदुस्तान की इंटरनेशनल लेवल पर इमेज खराब बनेगी : KTR यूथ कांग्रेस ने हम सबको शर्मिंदा कर दिया: जगन मोहन रेड्डी AI Summit: हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने शुक्रवार को हिंदुस्तान मंडपम के एक प्रदर्शनी हॉल में विरोध-प्रदर्शन किया था. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटा दिया था. विरोध प्रदर्शन का जहां कांग्रेस ने सपोर्ट किया है, वहीं बीजेपी ने इसको लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है. प्रदर्शन के सिलसिले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है. कांग्रेस के प्रदर्शन पर मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लंबा पोस्ट डाला. नई दिल्ली में आयोजित ’एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश व विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे तथा यह इवेन्ट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खि़यों में था, इस दौरान जिन भी लोगों द्वारा अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह… — Mayawati (@Mayawati) February 21, 2026 कांग्रेस के विरोध में मायावती ने क्या कहा? बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, नयी दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट, जिसमें देश व विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे. यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में था, इस दौरान जिन भी लोगों ने अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह अति-अशोभनीय और निन्दनीय है. उन्होंने कहा, अगर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी, किन्तु समिट के दौरान ऐसा आचरण करना यह चिंता की बात है अर्थात अपने देश की गरिमा और छवि को ना बिगाड़ा जाये तो यह उचित होगा. अखिलेश यादव ने क्या कहा? सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- एआई समिट में जहां दुनिया के बड़े-बड़े नेता और डेलीगेट्स शामिल हुए, उसमें चीन का नकली रोबोट नहीं लाना चाहिए था. इसमें प्रशासन से बड़ी चूक हुई है. अपमानीत होना पड़ा. कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर अखिलेश ने कहा- समिट के दौरान जो विरोध प्रदर्शन हुआ, उसके समर्थन में मैं नहीं हूं. उस तरह का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए था, जिससे दुनिया के सामने हमारे देश की क्षवि खराब हो, देश का अपमान हो. यह बात अखिलेश ने झांसी में एक कार्यक्रम के दौरान कही. It is absolutely deplorable that members of the Youth Congress chose the AI Impact Summit 2026 as a venue for petty political theatrics Using such a global platform for protests will project our great nation India in a poor light internationally While difference of opinion is… pic.twitter.com/sM3MmIb8UJ — KTR (@KTRBRS) February 21, 2026 प्रदर्शन से हिंदुस्तान की इंटरनेशनल लेवल पर इमेज खराब बनेगी : KTR BRS के वर्किंग प्रेसिडेंट और पूर्व मंत्री KTR ने यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की निंदा करते हुए एक्स पर फोटो पोस्ट किया और लिखा- यह बहुत बुरा है कि यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने AI इम्पैक्ट समिट 2026 को छोटी-मोटी नेतृत्वक नौटंकी के लिए चुना. विरोध के लिए ऐसे ग्लोबल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से हमारे महान देश हिंदुस्तान की इंटरनेशनल लेवल पर खराब इमेज बनेगी. हालांकि डेमोक्रेसी में अलग-अलग राय होना आम बात है, लेकिन यह समझना बहुत जरूरी है कि विरोध कहां और कैसे करना है. नेतृत्वक असहमति का एक समय और जगह होती है, और इंटरनेशनल समिट निश्चित रूप से उनमें से एक नहीं है. और मजे की बात यह है कि यूथ कांग्रेस के लोगों ने ठीक उसी समय विरोध किया जब उनकी अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री, रेवंत रेड्डी, उसी AI समिट को संबोधित कर रहे थे. Yesterday at the AI Summit, the Youth Congress made us all feel ashamed. Where is our politics heading! No one should ever demean our country. Whatever our political differences may be, we should always present a united face to the world. — YS Jagan Mohan Reddy (@ysjagan) February 21, 2026 यूथ कांग्रेस ने हम सबको शर्मिंदा कर दिया: जगन मोहन रेड्डी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने एक्स पर लिखा- AI समिट में यूथ कांग्रेस ने हम सबको शर्मिंदा कर दिया. हमारी पॉलिटिक्स कहां जा रही है! किसी को भी हमारे देश को नीचा नहीं दिखाना चाहिए. हमारे पॉलिटिकल मतभेद चाहे जो भी हों, हमें हमेशा दुनिया के सामने एक साथ रहना चाहिए. ये भी पढ़ें: कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, जमकर पत्थरबाजी, 5 आरोपियों को 5 दिन की कस्टडी The post AI Summit में यूथ कांग्रेस के शर्टलेश प्रदर्शन पर भड़के अखिलेश-मायावती, बताया देश का अपमान appeared first on Naya Vichar.

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72 घंटे में माफी मांगें, सुकांत मजूमदार को बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार का अल्टीमेटम

Table of Contents क्या है मामला? नोटिस में क्या मांग की गयी? Rajeev Kumar Legal Notice: क्यों बढ़ा सियासी तापमान? राजीव बाबू की छवि सार्वजनिक करने से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है! क्या कहा था सुकांत मजूमदार ने? कोयला घोटाले में भी घसीटा राजीव कुमार का नाम – वकील Rajeev Kumar Legal Notice: पश्चिम बंगाल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार (Rajeev Kumar) ने केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार (Sukanta Majumdar) को अल्टीमेटम दिया है. पूर्व डीजीपी की वकील ने लीगल नोटिस देते हुए केंद्रीय मंत्री से 72 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और फेसबुक से अपना पोस्ट डिलीट करने को कहा है. नोटिस में कहा गया है कि मजूमदार के सोशल मीडिया पोस्ट से राजीव कुमार की मानहानि हुई है. उनको मानसिक पीड़ा हुई है. क्या है मामला? लीगल नोटिस में कहा गया है कि सुकांत मजूमदार ने राजीव कुमार पर गंभीर आरोप लगाये हैं. ये आरोप झूठे, दुर्भावनापूर्ण और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले हैं. राजीव कुमार की वकील नंदिनी चटर्जी ने कहा है कि ये बयान न सिर्फ उनके क्लाइंट की व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पुलिस विभाग की साख को भी प्रभावित करते हैं. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर माफी नहीं मांगी गयी, तो उनके मुवक्किल आपराधिक और दीवानी दोनों प्रकार की कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे. नोटिस में क्या मांग की गयी? 72 घंटे के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगें कथित मानहानिकारक बयानों को वापस लें भविष्य में इस प्रकार के आरोपों से परहेज करें नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो हर्जाने का दावा और आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू की जा सकती है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Rajeev Kumar Legal Notice: क्यों बढ़ा सियासी तापमान? घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल की नेतृत्व पहले से ही आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजर रही है. राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर नेतृत्वक बयानबाजी लगातार सुर्खियों में है. ऐसे में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी द्वारा केंद्रीय मंत्री को भेजा गया लीगल नोटिस नेतृत्वक बहस को और धार दे सकता है. राजीव कुमार की वकील नंदिनी चटर्जी ने सुकांत मजबूमदार को भेजा नोटिस. राजीव बाबू की छवि सार्वजनिक करने से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है! राजीव कुमार की वकील की ओर से भेजे गये इस लीगल नोटिस पर पश्चिम बंगाल प्रदेश हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कटाक्ष किया है. बंगाल बीजेपी के WhatsApp ग्रुप में लीगल नोटिस को शेयर करते हुए पार्टी ने लिखा है- यह पत्र विफल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चहेते पूर्व डीजीपी राजीव कुमार ने एक वकील के माध्यम से केंद्रीय मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार को भेजा है. राजीव बाबू की छवि सार्वजनिक करने से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है! क्या कहा था सुकांत मजूमदार ने? पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने जब कोलकाता में आई-पैक के ऑफिस और इसके डायरेक्टर के घर पर छापेमारी की, तो ममता बनर्जी के साथ डीजीपी भी वहां गये थे. इस पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कथित तौर पर अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया- दीदी तेरा डीजी दिवाना, हाय राम ईडी को डाले दाना. राजीव कुमार की वकील ने कहा है कि मजूमदार ने सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसे पोस्ट किया. कोयला घोटाले में भी घसीटा राजीव कुमार का नाम – वकील नोटिस के मुताबिक, फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज के साथ-साथ अन्य पब्लिक डोमेन पर भी इसे शेयर किया गया. केंद्रीय मंत्री से कहा गया है कि वे सभी प्लेटफॉर्म्स से अपने पोस्ट हटा लें, क्योंकि इससे उनके मुवक्किल का चरित्रहनन हुआ है, उनकी मानहानि हुई है. नोटिस में कहा गया है कि मजूमदार ने राजीव कुमार का नाम भ्रष्टाचार और कोयला घोटाला मामले में भी घसीटा है, जो अनुचित है. इसे भी पढ़ें I-PAC Raid Case: ममता बनर्जी को जेल भेजो, बोले गिरिराज सिंह, ईडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अब 10 को ममता बनर्जी के खिलाफ ईडी की याचिका पर सुनवाई 18 मार्च को आई-पैक रेड केस : मुश्किल में ममता बनर्जी! सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस, पढ़ें ईडी और टीएमसी चीफ के वकीलों की दलीलें I-PAC पर रेड से बढ़ा टकराव, मुख्यमंत्री, डीजीपी और पुलिस कमिश्नर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 2 याचिका दाखिल The post 72 घंटे में माफी मांगें, सुकांत मजूमदार को बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार का अल्टीमेटम appeared first on Naya Vichar.

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कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, जमकर पत्थरबाजी, 5 आरोपियों को 5 दिन की कस्टडी

Table of Contents युवा कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा आरोपियों में कौन-कौन हैं शामिल? गिरफ्तार आरोपियों पर क्या है आरोप? एआई शिखर सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश: रीजीजू AI Summit Protest: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के विरोध की निंदा करते हुए BJP कार्यकर्ता जब विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, उस समय कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. दोनों ओर पत्थरबाजी भी हुई. हालात इतने खराब हो गए थे कि स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस तैनात की गई. युवा कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को एक दिन पहले एआई इम्पैक्ट समिट के आयोजन स्थल पर प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने दिल्ली पुलिस की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें पूछताछ के लिए आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का अनुरोध किया गया था. आरोपियों में कौन-कौन हैं शामिल? गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार से युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंदन यादव; उत्तर प्रदेश से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार; और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों पर क्या है आरोप? दिल्ली पुलिस ने यह दलील देते हुए गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की पांच दिन की हिरासत का अनुरोध किया कि उन्होंने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी. इसने दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद किए जाने आवश्यक हैं और चूंकि वे अलग-अलग राज्यों से हैं, इसलिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है. एआई शिखर सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश: रीजीजू केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में विरोध प्रदर्शन करने के लिए अपनी युवा शाखा के कार्यकर्ताओं को लगाकर देश के खिलाफ बड़ा पाप किया है. रीजीजू ने विरोध प्रदर्शन को शर्मनाक बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस युवा शाखा का विरोध प्रदर्शन कोई गलती नहीं, बल्कि हिंदुस्तान पर हमला करने के लिए पार्टी द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश थी. रीजीजू ने कहा कि जहां पूरा देश शिखर सम्मेलन में कांग्रेस के कृत्यों की निंदा कर रहा है, वहीं पार्टी और उसके नेता माफी मांगने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने कहा, जब हिंदुस्तान प्रगति करता है, तो राहुल गांधी और कांग्रेस दुखी हो जाते हैं. कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता हिंदुस्तान को बदनाम करने के लिए चौबीसों घंटे साजिशें रचते रहते हैं. ये भी पढ़ें: बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर किया राहुल गांधी का विरोध, देखें वीडियो The post कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, जमकर पत्थरबाजी, 5 आरोपियों को 5 दिन की कस्टडी appeared first on Naya Vichar.

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साउथ अफ्रीका को नहीं मिलेगा फायदा, सुपर-8 मैच से पहले सूर्यकुमार का बड़ा बयान

Highlights अहमदाबाद में कोई खास फायदा नहीं  180 रन बनाकर भी मैच जीत सकते हैं  तिलक के फॉर्म पर क्या बोले सूर्यकुमार  सुपर-8 में हिंदुस्तान के तीन मैच  Suryakumar Yadav Statement: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर-8 राउंड में हिंदुस्तान और साउथ अफ्रीका (IND vs SA) के बीच 22 फरवरी को बड़ा मुकाबला होने जा रहा है. यह मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. इस अहम मैच से ठीक पहले हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने मीडिया से बातचीत की. कप्तान ने मैच की तैयारी, टीम के गेंदबाजों के प्रदर्शन और तिलक वर्मा (Tilak Varma) के रोल पर सीधे और साफ शब्दो में बयान दिया है. अहमदाबाद में कोई खास फायदा नहीं  सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद में होने वाले इस मैच को लेकर साफ किया कि यह मुकाबला पूरी तरह से 50-50 का होगा. जब कप्तान से यह सवाल पूछा गया कि साउथ अफ्रीका की टीम ने इस मैदान पर काफी मैच स्पोर्ट्से हैं, तो क्या इसका उन्हें कोई एक्स्ट्रा लाभ मिलेगा? इस पर सूर्या ने दो टूक जवाब दिया.  उन्होंने कहा कि हमारे हर एक खिलाड़ी ने भी अहमदाबाद के इस स्टेडियम में बहुत सारे मैच स्पोर्ट्से हैं. इसलिए मुझे नहीं लगता कि साउथ अफ्रीका को अहमदाबाद में ज्यादा मैच स्पोर्ट्सने का कोई अलग से बड़ा फायदा मिलने वाला है. दोनों ही टीमे इस मैदान की पिच और हालात को बहुत अच्छी तरह से जानती हैं. It will be a 50-50 competition. Every player have played a number of games in Ahmedabad. I don’t think SA will have added advantage of playing so many games in Ahmedabad: Suryakumar Yadav #INDvsSA #T20WC pic.twitter.com/vCZCY3cOQt — Press Trust of India (@PTI_News) February 21, 2026 180 रन बनाकर भी मैच जीत सकते हैं  कप्तान सूर्यकुमार ने अपनी टीम के तेज और स्पिन गेंदबाजो पर पूरा भरोसा जताया है. सूर्या ने कहा कि मुझे अपने गेंदबाजो के प्रदर्शन पर बहुत गर्व है. अगर हम किसी मैच में 170 से 180 रन के स्कोर पर भी अटक जाते हैं या पिच मुश्किल होती है, तो मुझे अपने गेंदबाजो पर पूरा विश्वास है कि वो सामने वाली टीम को रोककर हमें मैच जिता सकते हैं. उन्होंने हिंदुस्तानीय टीम की आक्रामक बल्लेबाजी में आए बड़े बदलाव पर भी बात की. सूर्या ने माना कि एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने खुद कभी नहीं सोचा था कि हिंदुस्तानीय टीम टी20 क्रिकेट में लगातार 230 से 240 रन का स्कोर खड़ा कर पाएगी. तिलक के फॉर्म पर क्या बोले सूर्यकुमार  युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा के फॉर्म को लेकर चल रही बातो पर भी सूर्यकुमार यादव ने टीम का रुख एकदम साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि तिलक वर्मा को टीम मैनेजमेंट की तरफ से साफ तौर पर बताया गया है कि उन्हें किस स्थिति में किस तरीके से बल्लेबाजी करनी है. टीम की रणनीति एकदम स्पष्ट है. अगर टीम का एक विकेट गिरता है, तो तिलक अपने खास आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर सकते हैं और खुलकर अपने शॉट स्पोर्ट्स सकते हैं.  लेकिन अगर टीम के जल्दी दो विकेट गिर जाते हैं, तो उन्हें क्रीज पर थोड़ा समय बिताना होगा और पारी को संभालना होगा. कप्तान ने साफ कहा कि तिलक के फॉर्म को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है. सुपर-8 में हिंदुस्तान के तीन मैच  टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में हिंदुस्तानीय टीम को कुल तीन अहम मैच स्पोर्ट्सने हैं. इस राउंड में टीम इंडिया का सामना साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज की टीमों से होगा. सुपर-8 का यह पहला मैच साउथ अफ्रीका के साथ अहमदाबाद में है. ये भी पढ़ें- आयें केने से आएं, ईशान किशन का देसी अंदाज वायरल, फैन से की मजेदार बात पर्ची कहां है? IND vs SA मैच से पहले कप्तान सूर्यकुमार ने टटोली अभिषेक शर्मा की जेब सुपर-8 से पहले पाकिस्तान खेमे में हलचल, बाबर फिर हुए बेइज्जत? कोच ने स्ट्राइक रेट पर किया खुलासा The post साउथ अफ्रीका को नहीं मिलेगा फायदा, सुपर-8 मैच से पहले सूर्यकुमार का बड़ा बयान appeared first on Naya Vichar.

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25 फरवरी को बिहार दौरे पर आ सकते हैं अमित शाह, इंडो-नेपाल बॉर्डर के वाइब्रेंट विलेज का करेंगे निरीक्षण

Amit Shah Bihar Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 25 फरवरी को बिहार दौरे की संभावना है. प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत उनका फोकस इंडो-नेपाल सीमा से सटे गांवों पर रहेगा. खास तौर पर वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चयनित पंचायतों का वे निरीक्षण कर सकते हैं. हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं. इंडो-नेपाल बॉर्डर के गांवों का करेंगे निरीक्षण सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री का कार्यक्रम उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों में प्रस्तावित है. इनमें मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण शामिल हैं. इन जिलों की कई पंचायतों का चयन केंद्र प्रशासन की वाइब्रेंट विलेज योजना में हुआ है. माना जा रहा है कि अमित शाह इन गांवों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे. सड़क, बिजली, संचार, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार सृजन जैसे मुद्दे उनके एजेंडे में रहेंगे. वे स्थानीय अधिकारियों से सीधे फीडबैक भी ले सकते हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें प्रशासन और पुलिस अलर्ट गृह मंत्री के दौरे की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है. सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है. पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी एक्टिव हैं. अधिकारियों को विकास योजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. पंचायत स्तर तक तैयारी सुनिश्चित की जा रही है. वाइब्रेंट विलेज योजना पर रहेगा फोकस वाइब्रेंट विलेज योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास करना है. प्रशासन इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना चाहती है. अगर यह दौरा होता है, तो इसे सीमा क्षेत्र के विकास के लिहाज से अहम माना जाएगा. प्रशासन अब आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार कर रहा है. Also Read: सोनपुर में 4200 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नीतीश कैबिनेट में 35 एजेंडों पर लगी मुहर Also Read: बिहार में अब बर्थ सर्टिफिकेट के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज से पहले ही हो जाएगा काम The post 25 फरवरी को बिहार दौरे पर आ सकते हैं अमित शाह, इंडो-नेपाल बॉर्डर के वाइब्रेंट विलेज का करेंगे निरीक्षण appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में अब बर्थ सर्टिफिकेट के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज से पहले ही हो जाएगा काम

Birth Certificate In Bihar: अब प्रसव के बाद जन्म प्रमाण पत्र के लिए माता-पिता को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. बिहार के सदर अस्पताल समेत सभी प्रशासनी अस्पतालों में यह सुविधा शुरू की जा रही है. मां को डिस्चार्ज करने से पहले ही नवजात का जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर दिया जाएगा. मुख्यालय का निर्देश, तुरंत अमल राज्य मुख्यालय के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को आदेश भेजा है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने अस्पताल प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है. किसी भी स्त्री को छुट्टी देने से पहले शिशु का जन्म प्रमाण पत्र बनाना अनिवार्य होगा. रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु निबंधन ने भी पत्र जारी कर समय पर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने को कहा है. साथ ही, अस्पताल आने वाली स्त्रीओं को जन्म प्रमाण पत्र के महत्व के बारे में जागरूक करने का निर्देश दिया गया है. अस्पताल में ही होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अब शिशु के जन्म के साथ ही अस्पताल में ऑनलाइन एंट्री की जाएगी. वहीं से जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा. इससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी. अभिभावकों को अलग से आवेदन नहीं करना पड़ेगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें क्यों जरूरी है जन्म प्रमाण पत्र आज के समय में जन्म प्रमाण पत्र बहुत जरूरी दस्तावेज है. स्कूल में एडमिशन, प्रशासनी योजनाओं, आधार कार्ड और अन्य कागजात के लिए यह अनिवार्य है. पहले नामकरण के बाद माता-पिता को फिर अस्पताल या कार्यालय जाना पड़ता था. कई बार सर्वर की समस्या के कारण 3-4 दिन तक चक्कर लगाने पड़ते थे. नई व्यवस्था से इन परेशानियों से राहत मिलेगी. यह पहल अभिभावकों के लिए बड़ी सहूलियत साबित होगी. साथ ही जन्म निबंधन प्रणाली (Birth Registration System) को और मजबूत बनाएगी. Also Read: सोनपुर में 4200 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नीतीश कैबिनेट में 35 एजेंडों पर लगी मुहर The post बिहार में अब बर्थ सर्टिफिकेट के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज से पहले ही हो जाएगा काम appeared first on Naya Vichar.

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JPSC अभ्यर्थियों की बड़ी जीत: उम्र सीमा का विवाद खत्म, CM हेमंत सोरेन ने न्यू कट ऑफ डेट का किया ऐलान

JPSC Age Controversy, रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा को लेकर चल रहे विवाद पर आखिरकार विराम लग गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा सत्र के दौरान इसे लेकर बड़ी घोषणा कर दी है. सीएम ने एग्जाम का कट अफ डेट 2022 करने का ऐलान कर दिया है. इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो अब तक उम्र सीमा के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो जा रहे थे. झारखंड हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों के हक में सुनाया था फैसला बता दें कि लंबे समय से परीक्षार्थी उम्र सीमा में छूट और कट-ऑफ डेट में बदलाव की मांग कर रहे थे. प्रशासन के ऐलान के बाद उन अभ्यर्थियों के चेहरे पर मुस्कान आयी है जो ओवर ऐज के कारण परीक्षा लिखने से वंचित हो जा रहे थे. लंबे समय से अभ्यर्थी उम्र को लेकर परेशान थे. इसके लिए उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उच्च न्यायलय में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए उम्र में छूट देने का निर्देश देते हुए राज्य प्रशासन से जवाब मांगा था. Also Read: हाथी को भगाने के लिए 16 घंटे चला वन विभाग का रेस्क्यू अभियान, हुसैनाबाद में राहत JPSC जल्द जारी करेगा न्यू कट ऑफ डेट का आधिकारिक सूचना मुख्यमंत्री के इस घोषणा के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जेपीएससी जल्द ही न्यू कट ऑफ डेट का आधिकारिक सूचना जारी कर देगा. साथ ही फॉर्म भरने की तारीख भी बढ़ जाएगी. इससे पहले आयोग द्वारा आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी रखी गयी थी, जो शुक्रवार शाम 5 बजे तक ही वैलिड थी. उम्र सीमा विवाद का मामला झारखंड विधानसभा में भी कई विधायकों ने उठाया था, जिसके बाद वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी सदन में जानकारी दी थी प्रशासन इस पर विचार कर रही है. Also Read: इटखोरी महोत्सव 2026: कैलाश खेर के सुरों में डूबा चतरा, आज भोजपुरी स्टार कल्पना पटवारी मचाएंगी धमाल The post JPSC अभ्यर्थियों की बड़ी जीत: उम्र सीमा का विवाद खत्म, CM हेमंत सोरेन ने न्यू कट ऑफ डेट का किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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कैसा रहा CBSE 10th क्लास का इंग्लिश का पेपर? जानिए 

CBSE Board Exam English Paper Analysis: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 की इंग्लिश की परीक्षा आज आयोजित की थी. परीक्षा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चली. छात्रों और विषय विशेषज्ञों की शुरुआती प्रतिक्रिया के अनुसार पेपर का स्तर आसान से मध्यम (Easy to Moderate) रहा. ज्यादातर प्रश्न NCERT से पूछे गए थे और सिलेबस के बाहर से कुछ भी नहीं पूछा गया. इससे अच्छी तैयारी करने वाले छात्रों को पेपर हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई. कई छात्रों ने बताया कि वे तय समय के भीतर पूरा पेपर खत्म कर सके. सेक्शन-वाइज विश्लेषण रीडिंग सेक्शन: पैसेज सीधे और समझने में आसान थे. सवाल तथ्यात्मक और स्कोरिंग रहे. राइटिंग सेक्शन: फॉर्मेट आधारित प्रश्न जैसे लेटर और आर्टिकल राइटिंग अपेक्षाकृत सरल थे. ग्रामर: व्याकरण के प्रश्न स्पष्ट थे और अभ्यास करने वालों के लिए आसान साबित हुए. लिट्रेचर सेक्शन: कुछ प्रश्नों में विश्लेषणात्मक सोच की जरूरत पड़ी, जिससे यह भाग थोड़ा चुनौतीपूर्ण लगा, लेकिन पूरी तरह सिलेबस आधारित था. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पेपर संतुलित था और छात्रों को अच्छा स्कोर करने का अवसर देता है. जिन छात्रों ने नियमित रूप से सैंपल पेपर (Sample Paper) और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास किया था, उन्हें खास लाभ मिला. कुल मिलाकर, CBSE कक्षा 10 इंग्लिश का पेपर इस वर्ष स्टूडेंट्स के लिए राहत भरा और स्कोरिंग माना जा रहा है. यह भी पढ़ें- बिहार के युवा बनेंगे AI एक्सपर्ट, इंजीनियरिंग कॉलेज में Free एआई की पढ़ाई The post कैसा रहा CBSE 10th क्लास का इंग्लिश का पेपर? जानिए  appeared first on Naya Vichar.

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ट्रेड एक्ट 122 और 301 का प्रयोग करके ट्रंप लगाएंगे टैरिफ, जानिए अमेरिका में क्या हैं ये विशेष कानून

Trump Tariffs : अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को रद्द कर दिया है. कोर्ट का यह फैसला ट्रंप के लिए बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत ट्रेड टैरिफ लगाए गए थे और उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास इस इमरजेंसी अधिकार के तहत इतने व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है, यह काम सिर्फ वहां की कांग्रेस कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सवाल यह है कि ट्रंप ने जिन देशों पर तगड़े टैरिफ लगाए थे, क्या उनका पैसा वापस होगा? साथ ही यह भी बड़ा सवाल है कि अब ट्रंप का रुख कैसा होगा? ट्रंप का रुख अब भी है अड़ियल, क्या करेंगे आगे? सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को तो रद्द कर दिया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अब भी अपने अड़ियल रुख पर कायम हैं. उन्होंने यह कहा कि वे अब अपने उन अधिकारों का प्रयोग करेंगे जिनका प्रयोग अबतक अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने बहुत कम ही किया है. न्यूयार्क टाइम्स में छपी समाचार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट  में मिली हार के बाद ट्रंप एक तरह से बौखला गए हैं और उन रास्तों को तलाश रहे हैं जिनके जरिए वे ट्रेड टैरिफ को दोबारा लगा सके. ट्रंप ने कोर्ट के फैसले को अपने इगो पर ले लिया है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे  झुके नहीं हैं वे फेडरल कानूनों के जरिए टैरिफ को फिर वापस लेकर आएंगे. ट्रंप ने कहा कि वे सेक्शन 122 और 301 का प्रयोग करके टैरिफ को फिर से वापस लाएंगे. क्या है सेक्शन 122 और 301 जिनके जरिए ट्रंप टैरिफ की वापसी कराएंगे? सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा है कि वे ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122, 301 और 232 का प्रयोग करके ट्रैरिफ को फिर से लेकर आएंगे. इन तीनों सेक्शन में 122 एक ऐसा सेक्शन है, जिसका अबतक किसी राष्ट्रपति ने प्रयोग नहीं किया है और यह सेक्शन ट्रंप को अविलंब 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की इजाजत देता है. ये तीनों ट्रेड एक्ट अमेरिकी राष्ट्रपति को इमरजेंसी में या कहें कि विशेष परिस्थिति में टैरिफ लगाने की इजाजत देता है.  सेक्शन 232 के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति उन सामानों पर टैरिफ लगा सकता है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हों. सेक्शन 301 के तहत इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की चोरी या टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे ट्रेड पर टैरिफ लगाने की अनुमति देता है. सेक्शन 122 के तहत ट्रंप 10 प्रतिशत टैरिफ तो अविलंब लगा देंगे, जो 24 फरवरी से लागू भी हो जाएगा, लेकिन यह टैरिफ 150 दिनों तक चलेगा उससे आगे के लिए कांग्रेस की अनुमति लगेगी. सेक्शन के बारे में सेक्शन 122 सेक्शन 301 प्रकृति अस्थायी दीर्घकालिक लक्ष्य व्यापक, वैश्विक आर्थिक संतुलन देश-विशेष या प्रैक्टिस-विशेष अवधि अधिकतम 150 दिन (कांग्रेस की अनुमति से बढ़ सकती है अवधि) लंबी अवधि संभव प्रक्रिया राष्ट्रपति सीधे लागू कर सकते हैं जांच और प्रक्रिया के बाद लागू सेक्शन 122 और 301 में फर्क विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें क्या तगड़े टैरिफ का पैसा वापस करेंगे ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति ने जिन देशों पर तगड़े टैरिफ लगाए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वह टैरिफ तो रद्द हो गए, लेकिन अब सवाल यह है कि इतने दिनों तक जो टैरिफ वसूला गया क्या उसकी वापसी होगी? इस सवाल का जवाब यह है–यह बहुत मुश्किल होगा. असल में कोर्ट ने टैरिफ को तो स्पष्ट शब्दों में रद्द कर दिया है, लेकिन वसूले गए टैरिफ के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा है, ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि वसूले गए टैरिफ को ट्रंप वापस करेंगे. अगर मामला कोर्ट तक पहुंचता है, तब भी इसमें काफी समय लगेगा और यह मुश्किल ही प्रतीत होता है कि ट्रंप, टैरिफ का पैसा वापस करेंगे. ये भी पढ़ें : क्या है पैक्स सिलिका, जिसपर हस्ताक्षर करके हिंदुस्तान नयी टेक व्यवस्था का हिस्सा बना क्या केरला स्टोरी 2 के रिलीज होने से समाज में हिंदू–मुस्लिम के बीच नफरत भड़केगी, क्या है मंशा? क्या आप जानते हैं देश में कितने आईएएस 5 साल में चुने गए और बिहार के कितने ललना डीएम हुए? The post ट्रेड एक्ट 122 और 301 का प्रयोग करके ट्रंप लगाएंगे टैरिफ, जानिए अमेरिका में क्या हैं ये विशेष कानून appeared first on Naya Vichar.

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