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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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Skincare Tips: गुड़हल के फूल से मिलेगा खोया हुआ निखार, इस तरह से करें इसका इस्तेमाल

Skincare Tips: चेहरे को ग्लोइंग बनाने के लिए लोग अक्सर कई तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं. अगर गर्मी में त्वचा की चमक में कमी आ गई है तो इस परेशानी को दूर करने के लिए आप गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल कर सकते हैं. गुड़हल के फूल का इस्तेमाल कई जगहों पर किया जाता है. इसको बालों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है और कई लोग इससे बने चाय का भी सेवन करते हैं. चेहरे पर इस फूल से तैयार किया हुआ फेस पैक स्किन को कई फायदे देता है. तो आइए जानते हैं गुड़हल से बने फेस पैक के बारे में.  इस तरीके से फेस पैक करें तैयार गुड़हल से फेस पैक बनाने के लिए आप कम से कम 4-5 गुड़हल के फूलों को लें. इन फूलों से आप एक बारीक पेस्ट बना लें. इस पेस्ट में आप एक चम्मच दही को मिक्स कर दें और इस पेस्ट को फेस पर लगाएं. चेहरे पर इस पेस्ट को करीब 15 मिनट तक लगा कर रखें फिर पानी से इसे साफ कर लें. ये आपकी त्वचा को क्लीन करता है और चमक को भी बढ़ाता है.  ब्यूटी टिप्स से जुड़ी ट्रेंडिंग समाचारें यहां पढ़ें यह भी पढ़ें- Summer Face Packs: गर्मी से कम हो गई है चेहरे की रौनक, दही से बने ये फेस पैक दिखाएंगे कमाल गुड़हल के फायदे  गुड़हल के फूल का इस्तेमाल आपके चेहरे से ड्राइनेस को कम करता है और स्किन को मॉइश्चराइज करने में मदद करता है. अगर आपकी स्किन रूखी है तो गुड़हल से बने फेस पैक से आप स्किन को हाइड्रेटेड रख सकते हैं. अगर आपके चेहरे पर एजिंग के संकेत दिखाई दे रहे हैं तो गुड़हल के फूल का इस्तेमाल आपकी मदद कर सकता है. इसमें एंटी एजिंग गुण होते हैं और ये एंटीआक्सिडेंट से युक्त होता है और ये स्किन को टाइट करने में मदद करता है. गुड़हल के फूल पिंपल को दूर करने में सहायक है. गुड़हल के फूल दाग धब्बे को कम करता है. गुड़हल के अनेक फायदे हैं. इसका इस्तेमाल बाल को सॉफ्ट बनाने में मदद करता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है.  यह भी पढ़ें- Skincare Tips: स्किन केयर में रामबाण है नीम, इन आसान फेस पैक से मिलेंगे चौंकाने वाले रिजल्ट Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Skincare Tips: गुड़हल के फूल से मिलेगा खोया हुआ निखार, इस तरह से करें इसका इस्तेमाल appeared first on Naya Vichar.

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पहलगाम के आतंकियों की मानसिकता वाले लोग झारखंड में भी, बोले बाबूलाल मरांडी

Table of Contents पहलगाम आतंकी हमले में मारे गये लोगों को बाबूलाल मरांडी ने दी श्रद्धांजलि ‘पहली बार आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों की हत्या की’ ‘झारखंड के मंत्री ही संविधान से ऊपर शरीया को मानते हैं’ ‘इनके पास हथियार नहीं, इसलिए बयानों से कर रहे वार’ संविधान से ऊपर शरीया को मानने वालों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करे प्रशासन – मरांडी Babulal Marandi on Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में हुए पर्यटकों पर हुए बर्बर आतंकवादी हमले के बाद झारखंड में इसका जश्न मनाये जाने पर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने झारखंड प्रशासन के एक मंत्री पर भी निशाना साधा है. बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि पहलगाम में आतंक की मानसिकता वाले लोग झारखंड में भी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड प्रशासन में ऐसे लोग शामिल हैं, जो संविधान से ऊपर शरीया को मानते हैं. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मुसलमान कब्र में नहीं सब्र में है, जैसी मानसिकता ही कलमा पढ़ाकर और धर्म पूछकर निर्दोष लोगों की हत्या करते हैं. पहलगाम आतंकी हमले में मारे गये लोगों को बाबूलाल मरांडी ने दी श्रद्धांजलि झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं. उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गये पर्यटकों को बुधवार को श्रद्धांजलि दी. मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि झारखंड भाजपा इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है. ‘पहली बार आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों की हत्या की’ झारखंड भाजपा के नेता ने कहा कि यह पहला मौका है, जब आतंकवादियों ने पर्यटकों से पहले उसका धर्म पूछा और फिर उसके कपड़े उतरवाकर और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया. इसके बाद निहत्थे और निर्दोष लोगों को गोलियों से भून दिया. मरांडी ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी प्रशासन इन आतंकवादियों को बख्शेगी नहीं. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ‘झारखंड के मंत्री ही संविधान से ऊपर शरीया को मानते हैं’ बाबूलाल मरांडी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आज झारखंड में भी ऐसी मानसिकता के लोग मौजूद हैं. झारखंड प्रशासन में शामिल मंत्री ही संविधान से ऊपर शरीया को मानते हैं. भाजपा नेता ने कहा कि मुसलमान कब्र में नहीं है, सब्र कर रहा है. सड़क पर उतरेगा, तो मार-काट होगा. ऐसी भाषा बोलने वाले लोग सत्ता में बैठे हैं. ‘इनके पास हथियार नहीं, इसलिए बयानों से कर रहे वार’ बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इनके पास हथियार नहीं है. इसलिए बयानों से वार कर रहे हैं, लेकिन मानसिकता में कोई अंतर नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर मुद्दों की लड़ाई लड़नी है, तो लोकतंत्र में कई रास्ते हैं. हिंसा की भाषा लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है. इसे भी पढ़ें : प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद प्रयाग मांझी ने पारसनाथ में संभाली थी नक्सलवाद की कमान इसे भी पढ़ें : Good News: धनबाद का यह इलाका बनेगा विकास का सबसे बड़ा केंद्र, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार संविधान से ऊपर शरीया को मानने वालों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करे प्रशासन – मरांडी भाजपा नेता ने कहा कि ऐसी मानसिकता, जो संविधान से ऊपर शरीया को माने, उसे तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए. भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रवक्ता रमाकांत महतो, विजय चौरसिया, मिसफिका हसन और योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे. इसे भी पढ़ें Heat Wave Alert: झारखंड में 2 दिन चलेगी उष्ण लहर, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी Pahalgam Attack Protest: पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में रांची में कैंडल मार्च पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले की झारखंड के नेताओं ने की निंदा, चंपाई सोरेन बोले- न भूलेंगे, न माफ करेंगे झारखंड : अब तक 806 नक्सली ढेर, 551 पुलिसकर्मी शहीद, 7 जिलों के 18 थाना क्षेत्रों में नक्सलियों का प्रभाव The post पहलगाम के आतंकियों की मानसिकता वाले लोग झारखंड में भी, बोले बाबूलाल मरांडी appeared first on Naya Vichar.

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बिहार की धरती से आतंकियों को कड़ा संदेश देंगे पीएम मोदी, प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर PMO ने जारी किया सख्त निर्देश

बिहार : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश भर में गम और गुस्से का माहौल है. जिस वक्त आतंकी हमला हुआ उस वक्त प्रधानमंत्री  सऊदी अरब के दौरे पर थे. घटना की जानकारी होते ही उन्होंने अपना सऊदी दौरा छोड़कर देश लौट आएं. अब जानकारी सामने आ रही है कि प्रधानमंत्री ने 24 अप्रैल को यूपी के कानपुर में होने वाले अपने कार्यक्रम को रद्द कर दिया है. वहीं, उनका बिहार का दौरा रद्द नहीं हुआ है. इस बात की पुष्टि खुद बिहार बीजेपी के मीडिया प्रमुख दानिश इकबाल ने नया विचार से बातचीत के दौरान की. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पीएमो से कई दिशा निर्देश भी आया है. नहीं होगा कोई सम्मान समारोह   पीएमो की तरफ से जारी किए गए अपडेट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां वे बिहार को कई रेलवे परियोजनाओं की सौगात देंगे. पीएमओ की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि इस दौरान न तो किसी प्रकार का स्वागत समारोह होगा और न ही कोई औपचारिक सम्मान. यह फैसला राष्ट्रीय संवेदना को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे पर देश को संबोधित कर सकते हैं.  रेल परियोजनाओं की सौगात इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री जिन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उनमें सबसे प्रमुख है अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस. यह ट्रेन सहरसा से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) के बीच चलेगी और प्रवासी मजदूरों, छात्रों और व्यवसायिक यात्रियों के लिए एक सस्ता, तेज और आरामदायक विकल्प प्रदान करेगी. यह ट्रेन बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ते हुए व्यापक जनसंख्या को लाभ पहुंचाएगी.  बिहार की ताजा समाचारो के लिए यहां क्लिक करें दूसरी बड़ी सौगात है बिहार की पहली नमो हिंदुस्तान रैपिड रेल, जिसे ‘वंदे मेट्रो’ के नाम से भी जाना जाता है. यह ट्रेन जयनगर से पटना के बीच मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी और मोकामा होकर चलेगी.  यह सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन उत्तर बिहार और राजधानी पटना के बीच यात्रा के समय को लगभग आधा कर देगी. इसके अलावा, तीन नई पैसेंजर ट्रेनों की शुरुआत भी की जा रही है – पिपरा-सहरसा, बिथान-समस्तीपुर और अलौली-सहरसा पैसेंजर. ये ट्रेनें राज्य के अंदरूनी हिस्सों को जोड़कर स्थानीय आवागमन को अधिक सुगम बनाएंगी इसे भी पढ़ें : बिहार को मिली नई सौगात: 44 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला ये रेलवे स्टेशन हुआ तैयार The post बिहार की धरती से आतंकियों को कड़ा संदेश देंगे पीएम मोदी, प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर PMO ने जारी किया सख्त निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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ACB Trap: पलामू एसीबी की गढ़वा में बड़ी कार्रवाई, रोजगार सेवक गुलजार अंसारी 5000 रिश्वत लेते अरेस्ट

ACB Trap: गढ़वा, पीयूष तिवारी-भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बुधवार को करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की. पलामू एसीबी की टीम ने गढ़वा जिले से रोजगार सेवक को पांच हजार घूस लेते दबोच लिया. रिश्वतखोरी के खिलाफ इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. रोजगार सेवक गुलजार अंसारी चढ़ा एसीबी के हत्थे गढ़वा जिले की गढ़वा प्रखंड की कोरवाडीह पंचायत के रोजगार सेवक गुलजार अंसारी को 5000 रुपए रिश्वत लेते पलामू एसीबी की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. टीम गिरफ्तार करने के बाद आगे की कार्रवाई में जुट गयी है. एसीबी के अधिकारी गुलजार अंसारी से पूछताछ कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: झारखंड में मन रहा था पहलगाम आतंकी हमले का जश्न, “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाने वाला हुआ गिरफ्तार ये भी पढ़ें: मंईयां सम्मान योजना पर आया बड़ा अपडेट, इन लोगों को जल्द मिलेगा पैसा ये भी पढ़ें: Dream 11: कभी दिल्ली में था कुक, 49 रुपए से रातोंरात करोड़पति बने सोनू की कितनी बदली जिंदगी? The post ACB Trap: पलामू एसीबी की गढ़वा में बड़ी कार्रवाई, रोजगार सेवक गुलजार अंसारी 5000 रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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क्या महिलाओं को नहीं मिलेगा पुरुषों जैसा अधिकार? छीन जाएगा संपत्ति का हिस्सा!   

Bangladesh: बांग्लादेश में धार्मिक संगठनों ने स्त्री अधिकार आयोग को खत्म करने की मांग तेज कर दी है. शेख हसीना प्रशासन द्वारा स्थापित इस आयोग ने समान नागरिक संहिता की सिफारिश की थी, जिसे कट्टरपंथी “इस्लाम विरोधी” और “पश्चिमी विचारधारा” बता रहे हैं. बांग्लादेश में इन दिनों स्त्रीओं के अधिकारों को लेकर नई बहस छिड़ गई है. हाल के नेतृत्वक घटनाक्रमों के बाद, कट्टर धार्मिक संगठनों का प्रभाव फिर से बढ़ता नजर आ रहा है. खासकर, शेख हसीना प्रशासन के कार्यकाल में गठित “स्त्री मामलों में सुधार आयोग” अब धार्मिक संगठनों के निशाने पर है. हिफाजत-ए-इस्लाम और जमात-ए-इस्लामी जैसे शक्तिशाली धार्मिक दल इस आयोग को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: सुहागरात से पहले विधवा बनी दुल्हन, करती रही इंतजार… गौरतलब है कि शेख हसीना ने अपने कार्यकाल में कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था और स्त्रीओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए यह आयोग स्थापित किया था. आयोग ने विवाह, तलाक, संपत्ति में अधिकार जैसे मुद्दों पर समान नागरिक संहिता लागू करने की सिफारिश की थी. इसका उद्देश्य मुस्लिम पर्सनल लॉ की जगह एक ऐसा कानून लाना था जो सभी नागरिकों के लिए समान हो और स्त्रीओं के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त कर सके. इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान पर ‘हवाई हमला’ कब करेगा हिंदुस्तान? बड़े पत्रकार ने बताई तारीख! हालांकि अगस्त 2024 में छात्र आंदोलनों के बाद शेख हसीना की प्रशासन सत्ता से बाहर हो गई, जिससे देश की नेतृत्व में बड़ा बदलाव आया. अब जब धार्मिक संगठन दोबारा ताकत हासिल कर रहे हैं, तो वे स्त्री अधिकारों में सुधार के इस प्रयास को “इस्लामी मूल्यों के खिलाफ” बता रहे हैं. इसे भी पढ़ें: पहले धर्म पूछा, फिर कहा कलमा पढ़ो, नाम पूछ-पूछ कर मार दी गोली, दर्दनाक मंजर की खौफनाक दास्तां हिफाजत-ए-इस्लाम के नेता अजीज़ुल हक इस्लामाबादी का कहना है कि समानता की अवधारणा पश्चिमी संस्कृति से प्रेरित है और इससे पारंपरिक इस्लामिक कानून कमजोर होगा. वहीं, जमात-ए-इस्लामी के महासचिव मियां गोलाम परवार ने आयोग की सिफारिशों को “इस्लामी सोच को विकृत करने की साजिश” करार दिया है. इन दोनों संगठनों की मांग है कि आयोग को तुरंत भंग किया जाए. इसे भी पढ़ें: एक्शन में हिंदुस्तान, पहलगाम पहुंचे अमित शाह, NSA डोभाल के साथ रक्षा मंत्री की बैठक उधर, आयोग की ओर से यह तर्क दिया गया कि बांग्लादेश जैसे देश को स्त्रीओं की स्थिति सुधारने के लिए साहसिक कदम उठाने होंगे, ताकि वह वैश्विक मंच पर सकारात्मक भूमिका निभा सके. नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने भी आयोग की सिफारिशों का समर्थन करते हुए कहा था कि पूरी दुनिया की निगाहें अब बांग्लादेश पर टिकी हैं. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना फिलहाल हिंदुस्तान में निर्वासित जीवन बिता रही हैं और उन पर मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं. उनके शासनकाल के दौरान हुई प्रदर्शनकारियों की हत्याओं को लेकर अब मुकदमे चल रहे हैं. इन परिस्थितियों में स्त्री आयोग को लेकर हो रही सियासत, बांग्लादेश की बदलती नेतृत्वक और सामाजिक दिशा का प्रतीक बन गई है. The post क्या स्त्रीओं को नहीं मिलेगा पुरुषों जैसा अधिकार? छीन जाएगा संपत्ति का हिस्सा!    appeared first on Naya Vichar.

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बिना शोरशराबा के शादी रचाई कृष्णा कुमार और अपर्णा मलिक ने, वायरल तस्वीर दख फैंस रह गए दंग

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में हाल ही में एक समाचार ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है. बात कुछ ऐसी थी कि बिना किसी शोरशराबे के अभिनेता कृष्णा कुमार और अभिनेत्री अपर्णा मलिक की शादी की तस्वीरें वायरल होने लगीं. तस्वीरें इतनी असली लग रही थीं कि फैंस ने समझ लिया कि दोनों सितारों ने सच में शादी कर ली है. लेकिन जब हकीकत सामने आई, तो सब हैरान रह गए. वायरल तस्वीर ने उड़ाया फैंस का होश पहले बात करते हैं उन वायरल तस्वीरों की, जिन्होंने फैंस को कन्फ्यूज कर दिया. तस्वीरों में अपर्णा मलिक और कृष्णा कुमार शादी के जोड़े में मंदिर में नजर आ रहे थे. समाचार फैल गई कि दोनों ने गुपचुप तरीके से गोरखपुर के एक मंदिर में शादी कर ली है. यहां तक कहा गया कि दोनों एक-दूसरे को कई सालों से डेट कर रहे थे और घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी की है. लेकिन जल्द ही यह साफ हो गया कि यह पूरी कहानी एक अफवाह थी. वायरल तस्वीरें दरअसल एक फिल्म के सीन की थीं, न कि किसी असली शादी की. बिना शोरशराबा के शादी रचाई कृष्णा कुमार और अपर्णा मलिक ने, वायरल तस्वीर दख फैंस रह गए दंग 2 ‘के के कहब बड़का भाई’ से आया ट्विस्ट अब बात करते हैं उस फिल्म की, जिससे यह सारा भ्रम शुरू हुआ. यह सीन भोजपुरी फिल्म ‘के के कहब बड़का भाई’ का था, जिसका निर्देशन सुनील मांझी जी ने किया है और निर्माण परी सिंघानिया जी ने किया है. इस फिल्म की शूटिंग हाल ही में गोरखपुर में पूरी की गई है. फिल्म में कृष्णा कुमार और अपर्णा मलिक के अलावा आर बी सिंघानिया, माहि खान, विनीत विशाल, रिंकू आयुषी, इंद्रसेन यादव और साहब लालधारी जैसे कई कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. जल्द ही पर्दे पर दिखेगी ‘के के कहब बड़का भाई’ फिल्म के आखिरी दिन की शूटिंग का अनुभव बहुत भावुक रहा. अभिनेता कृष्णा कुमार ने बताया कि पूरी टीम के साथ बिताए गए पलों को याद करते हुए सभी की आंखें नम हो गईं. शूटिंग खत्म होने के बाद कलाकारों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ‘फिर मिलेंगे’ कहा और एक-दूसरे का आभार व्यक्त किया. निर्देशक सुनील मांझी जी का मानना है कि यह फिल्म दर्शकों के लिए एक नई कहानी और नया अनुभव लेकर आएगा. ‘के के कहब बड़का भाई’ जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, और इसमें दिखेगा कि कैसे एक फिल्मी सीन भी लोगों को कुछ पल के लिए असल जिंदगी जैसा लग सकता है. यह भी पढ़े: Jaat ने गदर-एक प्रेम कथा के रिकॉर्ड को तोड़ा, बनी दूसरी सनी देओल की दूसरी सबसे बड़ी हिट फिल्म The post बिना शोरशराबा के शादी रचाई कृष्णा कुमार और अपर्णा मलिक ने, वायरल तस्वीर दख फैंस रह गए दंग appeared first on Naya Vichar.

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मंईयां सम्मान योजना पर आया बड़ा अपडेट, इन लोगों को जल्द मिलेगा पैसा

रांची : रांची जिले के मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के लिए खुशसमाचारी है. जिन लोगों के खाते में मार्च माह की राशि नहीं गयी है, उनके खाते में तीन माह की राशि एक साथ जल्द भेज दी जाएगी. रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने इसे लेकर निर्देश दे दिये हैं. दरअसल दो दिन पहले उपायुक्त जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने मंईयां सम्मान योजना की स्थिति का जायजा लिया. रांची डीसी का क्या है निर्देश रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री के इस सवाल पर अधिकारियों ने बताया कि मार्च माह की राशि सभी लाभुकों के खाते में जा चुकी है, जिनके खाते में राशि नहीं गई है, उनका त्रुटि सुधार किया जा रहा है. साथ ही उनका आधार कार्ड से खाता लिंकेज कराया जा रहा है. इस पर डीसी ने संबंधित अधिकारी को एक्शन प्लान बनाते हुए जल्द से जल्द राशियों का भुगतान करने कहा. साथ ही ऐसे लाभुकों की सूची बैंकवार/पंचायतवार बनाने को कहा. Also Read: झारखंड में मन रहा था पहलगाम आतंकी हमले का जश्न, “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाने वाला हुआ गिरफ्तार अधिकतर स्त्रीओं के खाते में जा चुकी है मंईयां सम्मान की राशि गौरतलब है कि हेमंत सोरेन प्रशासन ने मंईयां सम्मान योजना की राशि सभी लाभुकों के खाते में भेजने का निर्देश दिया था. हालांकि 31 मार्च तक अपने बैंक खाता से अपने आधार को लिंक नहीं कराने वाले स्त्रीओं को इस योजना से वंचित कर दिया जाएगा. तकरीबन 20 लाख से अधिक स्त्रीओं ने अपने खाते को आधार से लिंक नहीं कराया था. हालांकि इनमें से अधिकतर के खाते में मंईयां सम्मान योजना की राशि भेज दी गयी है. इन योजनाओं के लाभुकों का सत्यापन कार्य अभी भी जारी है. Also Read: UPSC Success Story: झारखंड में अखबार बांटने वाले का बेटा बना अफसर, पिता रोक नहीं पाए आंसू, देखें VIDEO The post मंईयां सम्मान योजना पर आया बड़ा अपडेट, इन लोगों को जल्द मिलेगा पैसा appeared first on Naya Vichar.

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Pahalgam Attack Protest: पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में रांची में कैंडल मार्च

Pahalgam Attack Protest: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत के विरोध में बुधवार 23 अप्रैल को झारखंड की राजधानी रांची में विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. हमले में मारे गये पर्यटकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मशाल जुलूस निकाला जायेगा. कई संगठनों ने इसकी तैयारी की है. राष्ट्रीय युवा शक्ति, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा और हिंदुस्तानीय जनता युवा मोर्चा ने विरोध-प्रदर्शन और मशाल जुलूस निकालने की तैयारी की है. जिला स्कूल से अल्बर्ट एक्का चौक तक विरोध मार्च निकालेगा राष्ट्रीय युवा शक्ति राष्ट्रीय युवा शक्ति के केंद्रीय अध्यक्ष उत्तम यादव ने बताया है कि बुधवार को शाम 6 बजे जिला स्कूल से परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक तक श्रद्धांजलि एवं विरोध मार्च निकाला जायेगा. इसके बाद पाकिस्तानी आतंकवादी के हमले में मारे गये सभी 28 लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए दीप प्रज्ज्वलित की जायेगी. झारखंड प्रदेश कांग्रेस आंबेडकर चौक पर करेगा प्रदर्शन झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है. झारखंड कांग्रेस के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने कहा है कि 23 अप्रैल को शाम 4:30 बजे आंबेडकर चौक पर पहलगाम आतंकी हमले के जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च का आयोजन किया जायेगा. कैंडल मार्च के बाद पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की जायेगी. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भाजयुमो जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक करेगा आक्रोश प्रदर्शन हिंदुस्तानीय जनता युवा मोर्चा ने शाम 5 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से मशाल जुलूस निकालने की घोषणा की है. भाजयुमो के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार ने कहा है कि मंगलवार की रात जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के द्वारा ‘धर्म’ पूछकर 28 पर्यटकों की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गयी. इस कायरतापूर्ण कार्रवाई के विरोध में भाजपा रांची महानगर जिला की ओर से 23 अप्रैल की शाम 5:00 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक आक्रोश प्रदर्शन करने के लिए ‘मशाल जुलूस’ निकाला जायेगा. जेएलकेएम भी निकालेगा कैंडल मार्च झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) की ओर से भी शाम 6 बजे जिला स्कूल से कैंडल मार्च निकाला जायेगा. जेकेएलएम के देवेंद्र नाथ महतो ने कहा है कि पहलगाम में आतंकवादियों के द्वारा निर्दोष पर्यटकों की हत्या की गयी है. इस कायरतापूर्ण वीभत्स घटना के विरोध में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा शाम 6:00 बजे जिला स्कूल मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक आक्रोश का प्रदर्शन करते हुए ‘कैंडल मार्च’ निकाला जायेगा. इसे भी पढ़ें Heat Wave Alert: झारखंड में 2 दिन चलेगी उष्ण लहर, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी Video: हॉकर के बेटे राजकुमार महतो को यूपीएससी में 557वां रैंक, कहा- हार्ड वर्क का विकल्प नहीं, घर में जश्न पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले की झारखंड के नेताओं ने की निंदा, चंपाई सोरेन बोले- न भूलेंगे, न माफ करेंगे Good News: धनबाद का यह इलाका बनेगा विकास का सबसे बड़ा केंद्र, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार The post Pahalgam Attack Protest: पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में रांची में कैंडल मार्च appeared first on Naya Vichar.

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Pahalgam Attack Video: एक्शन में भारत, पहलगाम पहुंचे अमित शाह, NSA डोभाल के साथ रक्षा मंत्री की बैठक

Pahalgam Attack Video: दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर प्रमुख पर्यटक स्थल बैसरन में मंगलवार को आतंकवादियों ने हमला कर दिया था. जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए. आतंकी हमले की समाचार मिलते ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंचे और हाई लेवल बैठक की. बुधवार को उन्होंने पहलगाम का दौरा किया और एरियल सर्वे कर वहां की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की. #WATCH | J&K | Union Home Minister Amit Shah reviews the security situation at Baisaran in Pahalgam, following yesterday’s terror attack, which claimed many lives pic.twitter.com/ZIdolyvnaV — ANI (@ANI) April 23, 2025 हिंदुस्तान आतंकवाद के सामने घुटने नहीं टेकेगा: अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश आतंकवाद के आगे घुटने नहीं टेकेगा और जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा ‘‘भारी मन से, पहलगाम आतंकी हमले के मृतकों को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. हिंदुस्तान आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा. इस नृशंस आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.’’ NSA अजीत डोभाल से रक्षा मंत्री की बड़ी बैठक पहलगाम आतंकी हमले को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाई लेवल बैठक की है. बुधवार को उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. बैठक में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा हुई. रक्षा मंत्री ने करीब ढाई घंटे बैठक की है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों को अपनी युद्ध तत्परता बढ़ाने और आतंकवाद विरोधी अभियानों में तेजी लाने का निर्देश दिया. सऊदी अरब की यात्रा बीच में छोड़कर हिंदुस्तान लौटे पीएम मोदी पहलगाम आतंकी हमले को समाचार मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की अपनी यात्रा बीच में छोड़कर बुधवार की सुबह स्वदेश लौट आए. प्रधानमंत्री ने संकल्प जताया है कि हमले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाएगा. The post Pahalgam Attack Video: एक्शन में हिंदुस्तान, पहलगाम पहुंचे अमित शाह, NSA डोभाल के साथ रक्षा मंत्री की बैठक appeared first on Naya Vichar.

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World Book And Copyright Day 2025 : किताबों से दोस्ती कर बढ़ाएं अपनी समझ का दायरा

World Book And Copyright Day 2025 : विश्व पुस्तक दिवस के आयोजक वर्ष 2025 की थीम ‘अपने तरीके से पढ़ें’ के माध्यम से लोगों खासतौर पर बच्चों को अपनी शर्तों पर पढ़ने की खोज करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. विश्व पुस्तक दिवस छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पढ़ने के आनंद का जश्न मनाता है और आजीवन सीखने को प्रोत्साहित करता है. यह छात्रों को नये लेखकों और पुस्तकों की खोज करने, साहित्य के प्रति प्रेम को बढ़ावा देने और उनके ज्ञान का विस्तार करने के लिए एक मंच प्रदान करता है. यह दिन व्यक्तिगत विकास के लिए पढ़ने के महत्व पर भी प्रकाश डालता है, जिसमें बेहतर संचार कौशल, शब्दावली विकास और बेहतर समझ शामिल है. इन दिनों जब दुनिया भर में विश्व पुस्तक दिवस एवं कॉपीराइट डे मनाये जाने की तैयारी है, आपके पास भी एक अवसर है कोर्स से इतर किताबों को अपने जीवन में शामिल करने का. छात्रों के लिए पढ़ना क्यों है जरूरी ! किताबें हर व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, खासकर एक छात्र के जीवन में. उन्हें छात्रों का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है. वास्तव में, वे उनकी सबसे अच्छी साथी हो सकती हैं. पाठ्यपुस्तकें यानी कोर्स की किताबें एक मानक निर्धारित करती है, लेकिन विविध प्रकार की किताबें पढ़ने में शामिल होने से ज्ञान, रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच को आकार मिलता है. किताबें पढ़ना इसलिए जरूरी है, क्योंकि इससे छात्रों में शब्दावली के साथ-साथ संज्ञानात्मक कौशल में भी वृद्धि होती है. किताबें छात्रों को विविध विचारों से परिचित कराती हैं, जिससे उनका ज्ञान और कल्पनाशीलता बढ़ती है और विश्व दृष्टिकोण व्यापक होता है. मजबूत पठन कौशल से अकादमिक प्रदर्शन में वृद्धि होती है, साथ ही लेखन क्षमता में भी सुधार होता है, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त होते हैं. पढ़ना मस्तिष्क और याददाश्त में सुधार करके छात्रों के संज्ञानात्मक विकास को बढ़ाता है. नियमित रूप से पढ़ने से भाषा कौशल मजबूत होता है और संचार में सुधार होता है. साहित्यिक किताबें पढ़ने की आदत डालने से तनाव कम होता है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है. घर बैठे कर सकते हैं दुनिया की यात्रा पुलित्जर विजेता हिंदुस्तानीय मूल की लेखिका झुम्पा लाहिड़ी ने कहा है-‘किताबों के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि आप बिना पैर हिलाए यात्रा कर सकते हैं.’क्या आप बिना यात्रा किए दुनिया की खोज करना चाहते हैं? क्या आप किसी खास विषय के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं या जानना चाहते हैं कि अतीत में जीवन कैसा था? किताबें पढ़ने से आपको सभी सवालों के जवाब मिल सकते हैं. इसलिए कोर्स की किताबों के अलावा साहित्य, इतिहास या विज्ञान किसी भी विषय में पर केंद्रित किताब, जो आपको पसंद हो पढ़ना शुरू करें. विकसित होता है भाषा कौशल पुस्तकें पढ़ने से लोगों को अपनी शब्दावली, मौखिक आदान-प्रदान कौशल और बातचीत की क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है. इससे अधिक सटीक और बोधगम्य भाषा के लिए सक्रिय मस्तिष्क का निर्माण होता है. छात्रों की शब्दावली मजबूत होती है और वे विविध दृष्टिकोण एवं नयी अवधारणाओं से अवगत होते हैं. किताबें पढ़ना छात्रों के लिए दैनिक जीवन में रचनात्मकता को बढ़ावा देने का एक शानदार तरीका है. आत्म-विश्वास होता है मजबूत पढ़ना आत्म-विश्वास को बढ़ाता है तथा उत्कृष्ट आत्मविश्वास के विकास में योगदान देता है. विविध प्रकार की कहानियों एवं साहित्य पढ़ने से छात्रों को विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलता है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों के बारे में उनकी जानकारी बढ़ती है. यह भी पढ़ें : World Book And Copyright Day 2025 : दुनिया में मशहूर हैं किताबों के ये घर The post World Book And Copyright Day 2025 : किताबों से दोस्ती कर बढ़ाएं अपनी समझ का दायरा appeared first on Naya Vichar.

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