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Author name: Vinod Jha

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15 जून को भोजपुर आएंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मसाढ़ में 31 करोड़ की एक्वा पार्क परियोजना का करेंगे शिलान्यास

Arrah News: (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) 15 जून को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भोजपुर जिले के मसाढ़ गांव पहुंचेंगे. यहां वे प्रस्तावित समेकित एक्वा पार्क परियोजना का शिलान्यास करेंगे. इस अवसर पर आयोजित जनसभा को भी संबोधित करेंगे. मसाढ़ गांव स्थित कारीसाथ क्षेत्र में 32 एकड़ भूमि पर कुल 3120.92 लाख रुपये की लागत से समेकित एक्वा पार्क का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना का नाम ‘वाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, कारीसाथ, उदवंतनगर’ रखा गया है. केंद्र प्रशासन से मिल चुकी है स्वीकृति डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत इस परियोजना का निर्माण कराया जाएगा. इस योजना को हिंदुस्तान प्रशासन के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय से प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. जिला प्रशासन के सहयोग से भूमि सीमांकन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है. 17 अत्याधुनिक अवयवों का होगा निर्माण समेकित एक्वा पार्क के तहत कुल 17 विभिन्न अवयव विकसित किए जाएंगे. इनमें कार्प हैचरी, आरएएस फिश फीड मिल, जल गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला, मछलियों की स्वास्थ्य जांच प्रयोगशाला, प्रशासनिक भवन सहित कई आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी. जलकृषि और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम अधिकारियों के अनुसार यह एक राष्ट्रीय स्तर का संस्थान होगा. इसके विकसित होने से बिहार में मत्स्य पालन और जलकृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी. साथ ही जलकृषि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना राज्य में आधुनिक मत्स्य उत्पादन और अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगी. साथ ही आत्मनिर्भर बिहार और आत्मनिर्भर हिंदुस्तान के लक्ष्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. Also Read: बेगूसराय में समसा मुखिया समेत छह गिरफ्तार, बंधक बनाकर मारपीट करने का है आरोप The post 15 जून को भोजपुर आएंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मसाढ़ में 31 करोड़ की एक्वा पार्क परियोजना का करेंगे शिलान्यास appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी को खुली चुनौती! 19 सांसदों का दावा- हम हैं असली TMC, ओम बिरला से मांगेंगे मान्यता

TMC Rebels: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बढ़ते आंतरिक संकट के बीच पार्टी के बागी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि उनके समूह के पास अधिकांश सांसदों का समर्थन है. उन्होंने कहा कि बागी सांसदों ने ‘असली टीएमसी’ नाम से एक अलग समूह बनाया है और वे 15 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उसे आधिकारिक मान्यता देने की मांग करेंगे. बसुनिया ने कहा कि उनका समूह लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था भी चाहता है और वह इस संबंध में स्पीकर से औपचारिक अनुरोध करेगा. हम ही असली टीएमसी हैं- जगदीश बर्मा बसुनिया न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक जगदीश बर्मा बसुनिया ने कहा- हमने असली टीएमसी समूह बनाया है. हमारे साथ अधिकतम सांसद हैं. हम स्पीकर से बात कर असली टीएमसी के रूप में मान्यता देने और अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया है. बसुनिया ने कहा- मुझे कोई फोन नहीं आया. मुझे नहीं पता कि किसी और सांसद से संपर्क किया गया है या नहीं, लेकिन मुझसे किसी ने बात नहीं की. विधानसभा चुनाव के बाद टीममसी में बढ़ा रार हाल के विधानसभा चुनावों में हार के बाद टीएमसी में नेताओं का असंतोष खुलकर सामने आया है. पार्टी के कई विधायक पहले ही बगावत कर चुके हैं. इसका असर पार्टी के संसदीय दल पर भी दिखाई दे रहा है. सूत्रों के अनुसार तीन टीएमसी सांसद राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि लोकसभा में बागी सांसदों का समूह 20 सांसदों के समर्थन का दावा कर रहा है. 19 सांसदों ने स्पीकर कार्यालय को सौंपी सूची सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार और सताबदी रॉय समेत 19 सांसदों ने 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय को अपने नामों की सूची सौंप दी थी. इस सूची में बापी हलदर, डॉ. शर्मिला प्रशासन, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, माला रॉय, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक सहित कई सांसदों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी पुष्टि की है कि 20 सांसदों के समूह ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की औपचारिक मांग की है. हर्ष वर्धन श्रृंगला ने कहा- बदलाव का विकल्प बनकर उभरी है बीजेपी राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला ने टीएमसी में चल रही उठापटक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी का विघटन होना ही था. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की पहचान अनियमितताओं, कुप्रथाओं और कुशासन के रूप में सामने आयी है. उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी क्षेत्रीय पार्टी का जनाधार कमजोर होता है तो उसके नेता और कार्यकर्ता उससे दूरी बनाने लगते हैं. बंगाल की जनता विकास, सुशासन और मजबूत प्रशासन चाहती है और बीजेपी उस बदलाव का विकल्प बनकर उभर रही है. Also Read: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला-कंप्रोमाइज्ड पीएम हिंदुस्तान माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते The post ममता बनर्जी को खुली चुनौती! 19 सांसदों का दावा- हम हैं असली TMC, ओम बिरला से मांगेंगे मान्यता appeared first on Naya Vichar.

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Dhamaal 4 Trailer: खजाने की तलाश, भूतिया हवेली, जंगली जानवर और वही पुराना ‘लाल बटन’… आ गया ‘धमाल 4’ का धमाकेदार ट्रेलर

Dhamaal 4 Trailer: अजय देवगन की मोस्ट अवेटेड कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ का ट्रेलर आखिरकार रिलीज हो गया है. करीब 3 मिनट के इस ट्रेलर में जबरदस्त मस्ती, खजाने की तलाश, भूतिया घर और कई मजेदार ट्विस्ट देखने को मिले हैं. ट्रेलर देखकर लगता है कि इस बार फिल्म में पहले से ज्यादा कॉमेडी और हंगामा होने वाला है. फिल्म में अजय देवगन के साथ अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी, रवि किशन और संजय मिश्रा भी नजर आएंगे. पुराने ‘धमाल’ की याद दिलाता है ट्रेलर ट्रेलर की शुरुआत एक ऐसे डायलॉग से होती है जिसे सुनते ही पुराने ‘धमाल’ फैंस की यादें ताजा हो जाती हैं. “अपने ठीक सामने देखिए, व्हील के सामने एक रेड बटन है… नहीं दबाना था!” इसके बाद शुरू होता है हंसी और अफरा-तफरी से भरा सफर. ट्रेलर में कई ऐसे सीन हैं जो पुरानी ‘धमाल’ फिल्मों की याद दिलाते हैं और दर्शकों को नॉस्टैल्जिया का एहसास कराते हैं. फिर शुरू हुई खजाने की तलाश इस बार कहानी एक खजाने के नक्शे के इर्द-गिर्द घूमती नजर आती है. रवि किशन का किरदार एक समुद्री डाकू जैसे अंदाज में दिखाई देता है, जो हर हाल में खजाने का नक्शा हासिल करना चाहता है. दूसरी तरफ अजय देवगन और उनकी टीम भी इस खजाने की खोज में जुट जाती है. ट्रेलर में कई मजेदार गलतफहमियां और भागदौड़ देखने को मिलती है, जो फिल्म की कॉमेडी को और मजेदार बनाती है. जानवरों ने बढ़ाई मुश्किलें ‘धमाल 4’ की एक और खास बात है इसमें दिखाए गए जानवर. ट्रेलर में बाघ, मगरमच्छ, सांप, डॉल्फिन और ऑक्टोपस जैसे कई जानवर नजर आते हैं. खजाने की तलाश के दौरान इन जानवरों से टकराने पर किरदारों के साथ जो मजेदार घटनाएं होती हैं, वही फिल्म की कॉमेडी का बड़ा हिस्सा बनती हैं. कॉमेडी के साथ हॉरर का तड़का फिल्म में इस बार हॉरर का तड़का भी लगाया गया है. ट्रेलर में एक भूतिया हवेली दिखाई गई है, जहां अजय देवगन और संजय मिश्रा फंस जाते हैं. घर के अंदर अजीब घटनाएं और भूतों की मौजूदगी कहानी को नया मोड़ देती है. हालांकि, ये सीन डराने से ज्यादा हंसाने का काम करते हैं और फिल्म की कॉमेडी को और मजेदार बना देते हैं. नई जोड़ियों में दिखे सितारे फिल्म में कई नई ऑन-स्क्रीन जोड़ियां भी देखने को मिलेंगी. अजय देवगन के साथ ईशा गुप्ता नजर आएंगी. वहीं अरशद वारसी के साथ संजीदा शेख और रितेश देशमुख के साथ अंजलि आनंद दिखाई देंगी. जावेद जाफरी एक बार फिर अपने पुराने मजेदार अंदाज में दर्शकों को हंसाते नजर आएंगे. भोजपुरी गाने ने खींचा ध्यान ट्रेलर में एक भोजपुरी अंदाज का गाना भी सुनने को मिलता है, जिसके बोल हैं “फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी…”. इस गाने में रितेश देशमुख और अंजलि आनंद का अलग अंदाज देखने को मिलता है. अजय देवगन की पुरानी फिल्मों को दिया गया मजेदार ट्विस्ट ट्रेलर में अजय देवगन की कई पुरानी फिल्मों के रेफरेंस भी देखने को मिलते हैं. ‘फूल और कांटे’, ‘हिम्मतवाला’ और ‘विजयपथ’ जैसी फिल्मों के कुछ यादगार पलों को कॉमिक अंदाज में दोबारा दिखाया गया है. फैंस को खूब पसंद आ रहा है ट्रेलर ‘धमाल 4’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. दर्शकों को ट्रेलर का कॉमेडी अंदाज काफी पसंद आ रहा है. कई लोगों का कहना है कि फिल्म में आज के ट्रेंड के हिसाब से कई मजेदार डायलॉग और पंचलाइन रखी गई हैं, जो हंसी रोकना मुश्किल कर देती हैं. वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘धमाल 4’ की तुलना ‘वेलकम टू द जंगल’ से भी की है. उनका कहना है कि ट्रेलर के आधार पर ‘धमाल 4’ ज्यादा मजेदार और एंटरटेनिंग लग रही है. कब रिलीज होगी फिल्म? ‘धमाल 4’ का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है, जिन्होंने इससे पहले भी ‘धमाल’ फ्रेंचाइजी की फिल्मों का निर्देशन किया था. फिल्म को गुलशन कुमार और टी-सीरीज के साथ मिलकर बनाया गया है. यह फिल्म 10 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. सात साल बाद ‘टोटल धमाल’ के बाद एक बार फिर यह फ्रेंचाइजी बड़े पर्दे पर लौट रही है. यह भी पढ़ें: OG 2 Film: 250 करोड़ से ज्यादा कमाने वाली OG का बनेगा सीक्वल, पवन कल्याण ने दिया बड़ा अपडेट The post Dhamaal 4 Trailer: खजाने की तलाश, भूतिया हवेली, जंगली जानवर और वही पुराना ‘लाल बटन’… आ गया ‘धमाल 4’ का धमाकेदार ट्रेलर appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान और हुआ कंगाल, गरीबों की संख्या बढ़कर 7 करोड़ पहुंची

Pakistan Poverty : हिंदुस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान ने जिस तरह आतंकवादियों को ट्रेनिंग और आश्रय दिया और विकास से दूर होता गया, उसका परिणाम सामने नजर आ रहा है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के अनुसार पाकिस्तान के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार वहां पिछले छह वर्षों में गरीबी सात प्रतिशत बढ़ गई है. पाकिस्तान में गरीबों की कुल संख्या 7 करोड़ Federal Minister for Finance Muhammad Aurangzeb presented the copy of Pakistan Economic Survey- 2025-26 to the Prime Minister Muhammad Shehbaz Sharif on 11 June, 2026. pic.twitter.com/DIq2NmmQkw — Prime Minister’s Office (@PakPMO) June 11, 2026 पाकिस्तान के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार लगभग 2.7 करोड़ नए लोग गरीबी के दायरे में आ गए हैं और इसके साथ ही देश में कुल गरीबों की संख्या बढ़कर सात करोड़ हो गई है. देश के राष्ट्रीय आर्थिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है. पाकिस्तान आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26, को बृहस्पतिवार को वार्षिक प्रक्रिया के तहत जारी किया गया. देश की आर्थिक स्थिति को समझने के लिए आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया जाता है. बलूचिस्तान में सबसे अधिक 47 प्रतिशत गरीब आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में बात सामने आई है कि वर्ष 2018-19 में गरीबी का स्तर 21.9 प्रतिशत था, जो 2024-25 में बढ़कर 28.9 प्रतिशत हो गया. सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण गरीबी 28.2 प्रतिशत से बढ़कर 36.2 प्रतिशत हो गई जबकि शहरी गरीबी 11 प्रतिशत से बढ़कर 17.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है.प्रांतीय स्तर के आंकड़ों से पता चलता है कि सभी क्षेत्रों में गरीबी में वृद्धि दर्ज की गई है. पंजाब प्रांत में यह 16.5 प्रतिशत से बढ़कर 23.3 प्रतिशत हो गई, सिंध में 24.5 प्रतिशत से बढ़कर 32.6 प्रतिशत, खैबर पख्तूनख्वा में 28.7 प्रतिशत से बढ़कर 35.3 प्रतिशत और बलूचिस्तान में 41.8 प्रतिशत से बढ़कर 47 प्रतिशत हो गई है.बलूचिस्तान में गरीबी दर सबसे अधिक दर्ज की गई, जबकि चारों प्रांतों में पंजाब में गरीबी दर सबसे कम रही. ये भी पढ़ें : राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला-कंप्रोमाइज्ड पीएम हिंदुस्तान माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते अमेरिकी नौसेना के हमले में 3 हिंदुस्तानीयों की मौत से हिंदुस्तान नाराज, अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब कर जताया विरोध राज्यसभा चुनाव : नामांकन रद्द किए जाने पर मीनाक्षी नटराजन ने EC से पूछे सवाल, राहुल गांधी ने कहा-अब हो रही है सीट चोरी The post पाकिस्तान और हुआ कंगाल, गरीबों की संख्या बढ़कर 7 करोड़ पहुंची appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में अधीर रंजन चौधरी से मिले आलमगीर आलम, पार्टी की मजबूती पर की चर्चा

Deogahr News: झारखंड प्रशासन के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अधीर रंजन चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच संगठनात्मक मजबूती, वर्तमान नेतृत्वक परिस्थितियों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने पर हुआ विचार-विमर्श मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया. साथ ही कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और संगठनात्मक एकता को और प्रभावी बनाने के विषय पर भी चर्चा की गई. नेतृत्व में मुलाकातें केवल चाय और शिष्टाचार तक सीमित नहीं रहतीं. कई बार इन्हीं बैठकों में भविष्य की रणनीतियों की रूपरेखा तैयार होती है और संगठन को नई दिशा देने के प्रयास शुरू होते हैं. जनहित के मुद्दों पर भी हुई चर्चा आलमगीर आलम और अधीर रंजन चौधरी के बीच वर्तमान नेतृत्वक हालात के अलावा आम जनता से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देते हुए पार्टी की नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए. कांग्रेस नेतृत्व को मजबूत करने और जनता के बीच पार्टी की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर भी चर्चा की गई. कार्यकर्ताओं से मिलकर काम करने की अपील बैठक के बाद आलमगीर आलम ने कहा कि अधीर रंजन चौधरी के साथ हुई बातचीत के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान और कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के उपायों पर विचार किया गया. उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूती और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना चाहिए. संगठन की एकजुटता ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत होती है और इसी के आधार पर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सकता है. मुलाकात के दौरान आहिल आलम भी रहे मौजूद इस अवसर पर आलमगीर आलम के पोते आहिल आलम भी मौजूद रहे. मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और दोनों नेताओं ने संगठन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए. नेतृत्वक गलियारों में इस मुलाकात को कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच संवाद और समन्वय को संगठनात्मक दृष्टि से सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है. इसे भी पढ़ें: शिक्षा के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम बना झारखंड का नंबर वन, मई 2026 की रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान कांग्रेस की एकजुटता का संकेत मानी जा रही मुलाकात नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि आलमगीर आलम और अधीर रंजन चौधरी की यह मुलाकात कांग्रेस संगठन की मजबूती और एकजुटता के लिहाज से अहम मानी जा सकती है. आने वाले समय में पार्टी को इससे संगठनात्मक स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. वरिष्ठ नेताओं के बीच इस तरह की बातचीत से कार्यकर्ताओं में भी सकारात्मक संदेश जाता है और संगठन के भीतर बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलती है. ऐसे समय में जब विभिन्न नेतृत्वक दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटे हैं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की यह मुलाकात भी नेतृत्वक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसे भी पढ़ें: नया विचार की समाचार का असर, पतरातू में अवैध बालू परिवहन पर तीन ट्रैक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी The post दिल्ली में अधीर रंजन चौधरी से मिले आलमगीर आलम, पार्टी की मजबूती पर की चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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क्यों रिटायर हुए केन विलियमसन? 19,346 रन बनाने वाले दिग्गज ने खुद बताई संन्यास की असली वजह

Kane Williamson Retirement: न्यूजीलैंड क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान केन विलियमसन ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर एक शानदार युग का अंत कर दिया. 35 वर्षीय बल्लेबाज ने 16 साल तक न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व किया और अपने करियर का समापन न्यूज़ीलैंड के सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में किया. विलियमसन ने अपने करियर में 378 अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्से और 19,346 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 48 शतक और छह दोहरे शतक भी निकले. हालांकि उनके संन्यास के फैसले ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया, लेकिन उन्होंने बताया कि यह फैसला काफी समय से उनके मन में था. “It’s a team I love and it’s so dear to my heart” Thank you for the memories, Kane 🖤🤍 pic.twitter.com/u1qBOMEfzy — BLACKCAPS (@BLACKCAPS) June 12, 2026 संन्यास लेने के समय विलियमसन ने क्या कहा? न्यूजीलैंड क्रिकेट द्वारा जारी बयान में विलियमसन ने कहा कि मैंने इस बारे में कुछ समय से सोचा था, लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह साफ हो गया कि अब सही समय है. मुझे हमेशा इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए एक मजबूत जुनून और भूख महसूस हुई है. मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने न्यूजीलैंड के लिए स्पोर्ट्से हर मैच में अपना सब कुछ दिया. इससे कम कुछ भी करना सही नहीं होगा और मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं अपनी शर्तों पर स्पोर्ट्स छोड़ रहा हूं. टीम के भविष्य को लेकर आशावादी विलियमसन ने अपने विदाई संदेश में मौजूदा न्यूज़ीलैंड टीम पर भी भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि टीम में भरपूर प्रतिभा है और आने वाले वर्षों में वह कुछ खास हासिल कर सकती है. मैं इस बात को लेकर आशावादी हूं कि यह टीम किस दिशा में आगे बढ़ रही है. इसमें बहुत प्रतिभा है और कुछ खास करने की सच्ची इच्छा भी है. यह एक ऐसी टीम है जिसे मैं बहुत पसंद करता हूं और इतने लंबे समय तक इसका हिस्सा रहना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है. इंग्लैंड दौरे से भी हुए बाहर विलियमसन के संन्यास का असर न्यूज़ीलैंड के मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर भी पड़ा है. उनकी घोषणा के बाद साफ हो गया है कि वह टेस्ट सीरीज के बाकी मुकाबलों में हिस्सा नहीं लेंगे. फिलहाल न्यूज़ीलैंड टीम सीरीज में 1-0 से पीछे चल रही है और उनकी जगह लेने वाले खिलाड़ी का ऐलान जल्द किया जाएगा. कप्तान के तौर पर विलियमसन का रिकॉर्ड विलियमसन सिर्फ शानदार बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड के सबसे सफल कप्तानों में भी शामिल रहे. 2016 से 2024 के बीच उन्होंने तीनों प्रारूपों में टीम की कप्तानी की. उनकी कप्तानी में न्यूजीलैंड ने 2019 वनडे विश्व कप और 2021 टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई. इसके अलावा टीम ने 2021 में पहली बार आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब भी जीता. उनकी कप्तानी में न्यूजीलैंड ने दो विश्व कप फाइनल, तीन सेमीफाइनल और एक विश्व टेस्ट चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती, जिसे टीम के स्वर्णिम दौर के रूप में याद किया जाएगा. यह भी पढ़ें: दूसरे टेस्ट से पहले न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, केन विलियमसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास The post क्यों रिटायर हुए केन विलियमसन? 19,346 रन बनाने वाले दिग्गज ने खुद बताई संन्यास की असली वजह appeared first on Naya Vichar.

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विकास के नए मानक गढ़ रहा बिहार, 20 साल में 13 गुना बढ़ी आय, गरीबी घटाने में देश में बना नंबर-1

Bihar Government: बिहार प्रशासन के योजना एवं विकास विभाग ने राज्य की विकास यात्रा को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े जारी किए हैं. विभाग का दावा है कि पिछले 20 वर्षों में बिहार ने मानव विकास, गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. रिपोर्ट के अनुसार, बिहार अब सामाजिक और आर्थिक विकास के कई मानकों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. मानव विकास सूचकांक में बड़ा सुधार मानव विकास सूचकांक (HDI) में बिहार ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है. वर्ष 2006 में बिहार का HDI 0.485 था, जो 2023 में बढ़कर 0.614 हो गया. इस दौरान राज्य में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि 23 प्रतिशत रही. गरीबी कम करने में बिहार देश में सबसे आगे नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के अनुसार बिहार ने गरीबी कम करने में देश में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है. वर्ष 2015-16 में राज्य की बहुआयामी गरीबी दर 51.89 प्रतिशत थी, जो 2019-21 में घटकर 33.76 प्रतिशत रह गई. यानी करीब 18.13 प्रतिशत अंक की कमी आई. राष्ट्रीय स्तर पर इसी अवधि में गरीबी में 9.89 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई थी. इस तरह बिहार का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना रहा. 20 साल में 13 गुना बढ़ी प्रति व्यक्ति आय राज्य की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है. वर्ष 2004 में बिहार की प्रति व्यक्ति आय केवल 5,780 रुपये थी. यह 2024-25 में बढ़कर 76,490 रुपये हो गई है. यानी पिछले 20 वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 13 गुना वृद्धि हुई है. विकास कार्यों पर बढ़ा खर्च बिहार प्रशासन ने विकास योजनाओं पर खर्च में लगातार बढ़ोतरी की है. प्रति व्यक्ति विकास व्यय 2005-06 में 1,463 रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 13,279 रुपये हो गया. इसी अवधि में स्वास्थ्य पर खर्च 14.8 गुना और शिक्षा पर खर्च 13.2 गुना बढ़ा है. स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है. संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 2005-06 में 19.9 प्रतिशत था, जो 2023-24 में बढ़कर 81.1 प्रतिशत हो गया है. जन्म के समय औसत जीवन प्रतिशत भी 64.2 वर्ष से बढ़कर 69.5 वर्ष हो गई है. बच्चों के पोषण स्तर में सुधार बच्चों के पोषण से जुड़े आंकड़ों में भी सकारात्मक बदलाव आया है. ठिगनापन (Stunting) में 20 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई है. वहीं कम वजन वाले बच्चों की संख्या में 20.2 प्रतिशत अंक और क्षीणता (Wasting) में 8.1 प्रतिशत अंक की कमी आई है. यह सुधार राष्ट्रीय औसत से बेहतर बताया गया है. बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से कम पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2024 के अनुसार बिहार की बेरोजगारी दर 3 प्रतिशत है. यह राष्ट्रीय औसत 3.2 प्रतिशत से कम है. प्रशासन का दावा है कि राज्य में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. SDG रैंकिंग में भी बिहार की छलांग सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के मामले में भी बिहार ने प्रगति की है. स्वच्छ जल और स्वच्छता (SDG-6) के क्षेत्र में बिहार 98 अंकों के साथ देश में तीसरे स्थान पर रहा. अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण (SDG-3) में राज्य का स्कोर 2018-19 के 44 से बढ़कर 2023-24 में 67 हो गया है. इसके साथ ही बिहार ‘Aspirant’ श्रेणी से निकलकर ‘Front Runner’ श्रेणी में पहुंच गया है. प्रशासन का दावा है कि आने वाले वर्षों में बिहार विकास के नए मानक स्थापित करेगा. Also Read: बिहार में 5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य, राजगीर-मुंगेर में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर, सीएम सम्राट बोले- हर जिले तक पहुंचेगी हवाई सुविधा The post विकास के नए मानक गढ़ रहा बिहार, 20 साल में 13 गुना बढ़ी आय, गरीबी घटाने में देश में बना नंबर-1 appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला-कंप्रोमाइज्ड पीएम भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते

Compromised PM : होर्मुज स्ट्रेट के पास तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए लगातार हमले में 3 हिंदुस्तानीयों की मौत पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए एक्स पर पोस्ट लिखा है कि जब कोई विदेशी ताकत किसी हिंदुस्तानीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है, लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक कंप्रोमाइज्ड पीएम हैं. कंप्रोमाइज्ड पीएम के पास ना ताकत है ना हिम्मत अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन हिंदुस्तानीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं। जब कोई विदेशी ताकत किसी हिंदुस्तानीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं। अगले हफ्ते G7 में,… — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 12, 2026 राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए लिखा है कि कंप्रोमाइज्ड पीएम, हिंदुस्तान माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते क्योंकि इन बेटों की जान लेने वालों को नाराज करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत. उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया. राहुल गांधी ने लिखा कि अगले हफ्ते जी 7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे . उन तीन हिंदुस्तानीयों की मौत पर वे एक शब्द भी नहीं कहेंगे. जिम्मेदारी से बच नहीं सकते पीएम मोदी कांग्रेस ने अमेरिका की लापरवाही भरी सैन्य कार्रवाइयों की बृहस्पतिवार को निंदा की थी. साथ ही प्रशासन से इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए राजनयिक कदम उठाने की मांग की थी. विपक्ष ने पीएम मोदी से यह कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी व्यक्तिगत घनिष्ठता को बार-बार एक कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में प्रदर्शित करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते. बुधवार को हुए हमले में तीन हिंदुस्तानीयों की मौत विदेश मंत्रालय ने यह स्वीकार किया है कि बुधवार को सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन हिंदुस्तानीयों की मौत हुई है. इस हमले पर नाराजगी जताते हुए विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया और उन्हें एक विरोध पत्र सौंपा. साथ ही होर्मुज स्ट्रेज में अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमले की निंदा भी की है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया है कि ये हमले रूकने चाहिए.हिंदुस्तान ने यह कहा है कि चाहे क्षेत्रीय संघर्ष कुछ भी हो, व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. ये भी पढ़ें : अमेरिकी नौसेना के हमले में 3 हिंदुस्तानीयों की मौत से हिंदुस्तान नाराज, अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब कर जताया विरोध राज्यसभा चुनाव : नामांकन रद्द किए जाने पर मीनाक्षी नटराजन ने EC से पूछे सवाल, राहुल गांधी ने कहा-अब हो रही है सीट चोरी राज्यसभा चुनाव : सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के अपील को किया खारिज, बोलीं नेता-यह लोकतंत्र और संविधान के लिए झटका The post राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला-कंप्रोमाइज्ड पीएम हिंदुस्तान माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते appeared first on Naya Vichar.

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एक साल, 260 मौतें और कई सवाल… आखिर AI-171 दुर्घटना की वजह क्या थी?

Air India AI-171 Crash: एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना को एक साल पूरा हो गया है, लेकिन इस भीषण हादसे में अपनों को खो चुके लोगों को हादसे की असली वजज नहीं पता चला है. 260 लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी की अंतिम जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है. विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने जुलाई 2025 में अंतरिम रिपोर्ट जारी की थी, लेकिन उसमें दुर्घटना के कारणों का साफ-साफ जिक्र नहीं किया गया था. रिपोर्ट में केवल इतना संकेत दिया गया था कि उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान के इंजनों के ईंधन स्विच बंद हो गए थे. इस अहम जानकारी के बावजूद दुर्घटना की असली वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है. अंतिम रिपोर्ट का इंतजार जारी है. परिवारों के लिए दर्दनाक रहा इंतजार हादसे में अपनों को खोने वाले परिवार बीते एक साल से जवाबों की तलाश में हैं. जांच रिपोर्ट का इंतजार कई परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक रहा है. वे इस त्रासदी में खोए अपने प्रियजनों की यादों के सहारे जी रहे हैं लेकिन उनके मन में उठ रहे सवालों के जवाब उन्हें अब भी नहीं मिले हैं. अंतिम रिपोर्ट नहीं आने के कारण उनका दुख और गहरा गया है क्योंकि उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा आखिर क्यों हुआ. अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत यदि संभव हो तो किसी विमान हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट एक साल के भीतर जारी की जानी चाहिए और यदि रिपोर्ट पूरी नहीं हो पाती तो अंतरिम बयान जारी किया जा सकता है. नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने 8 मई को कहा था कि जांच अंतिम चरण में है और रिपोर्ट एक महीने के भीतर आ सकती है. उन्होंने कहा था कि प्रशासन जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करती, लेकिन एएआईबी (AAIB) को हर जरूरी संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं. जल्दबाजी में रिपोर्ट जारी करने पायलट संघ ने किया विरोध इधर, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष सीएस रंधावा का कहना है कि एएआईबी को पूरी और व्यापक जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट जारी करनी चाहिए. उन्होंने मीडिया में चल रही अंतरिम रिपोर्ट जारी होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधूरी जानकारी सार्वजनिक करने से भ्रम और बढ़ सकता है. उनके मुताबिक यदि जांच से अभी कोई ठोस नतीजे नहीं निकला है, तो जल्दबाजी में रिपोर्ट जारी करना ठीक नहीं होगा. 32 सेकंड में खत्म हो गई थी उड़ान 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ान भरने के महज 32 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. विमान सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर पर गिर गया था. इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 260 लोगों की मौत हुई थी. जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी अपनी जान गंवाई थी. विमान में सवार केवल एक यात्री जीवित बच पाया था. गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में शामिल थे. प्रधानमंत्री को लिखा गया था पत्र हादसे में जान गंवाने वाले 30 लोगों के परिवारों ने अप्रैल 2026 में अहमदाबाद में बैठक कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. उन्होंने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और ब्लैक बॉक्स का डेटा सार्वजनिक करने और जांच जल्द पूरी करने की मांग की थी. परिजनों का कहना है कि दुर्घटना की सच्चाई सामने आना न केवल पीड़ित परिवारों के लिए जरूरी है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है. Also Read: राज्यसभा चुनाव : सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के अपील को किया खारिज, बोलीं नेता-यह लोकतंत्र और संविधान के लिए झटका The post एक साल, 260 मौतें और कई सवाल… आखिर AI-171 दुर्घटना की वजह क्या थी? appeared first on Naya Vichar.

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बीमारी को दी मात, मोबाइल से पढ़कर MP के आयुष ने निकाला UPSC

Aayush Swami AIR 461: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों युवा एग्जाम देते हैं, लेकिन सफलता सिर्फ उन्हीं को मिलती है जो मुश्किल हालातों में भी हार नहीं मानते. ऐसी ही एक कहानी मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव के रहने वाले आयुष स्वामी (Aayush Swami AIR 461) की है. आयुष ने तमाम दिक्कतों, बीमारी और असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए यूपीएससी परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 461 हासिल की है. उनकी यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. आइए जानते हैं कि आयुष ने यूपीएससी में सफलता कैसे हासिल किया. Aayush Swami AIR 461: एक प्रशासनी टीचर के बेटे का बड़ा सपना आयुष स्वामी मध्य प्रदेश के बैंडखेड़ी नाम के एक छोटे से कस्बे के रहने वाले हैं. उनके पिता एक प्रशासनी प्राइमरी स्कूल के टीचर हैं और मां हाउसवाइफ हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद आयुष के सपने हमेशा से बड़े थे. 12वीं में उन्होंने साइंस (PCM) की पढ़ाई की थी. लेकिन, उनका लक्ष्य बिल्कुल साफ था कि उन्हें देश और समाज की सेवा करनी है. इसलिए, सिविल सर्विसेज की तैयारी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी स्ट्रीम बदल ली और सोहागपुर से बीए (Bachelor of Arts) की पढ़ाई पूरी की. जब बीमारी ने बदल दिया जिंदगी को देखने का नजरिया जब आयुष 10वीं क्लास में थे, तब एक गलत दवाई के रिएक्शन की वजह से उनकी तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई. हालात इतने खराब थे कि उन्हें लगभग पूरा साल भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा. ठीक होने के बाद उनके पास बोर्ड परीक्षा के लिए सिर्फ एक महीना बचा था. उन्होंने अपने दम पर 10वीं में 88% मार्क्स हासिल किए. मोबाइल फोन से की पढ़ाई, स्कॉलरशिप ने दिया सहारा यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली जाना आयुष के परिवार के लिए आर्थिक रूप से मुमकिन नहीं था. ऐसे में उन्होंने एक स्कॉलरशिप एग्जाम पास किया, जिससे उन्हें इंदौर में मुफ्त कोचिंग मिल गई. लेकिन तभी कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन लग गया. आयुष को वापस अपने गांव लौटना पड़ा. उन्होंने हार मानने के बजाय अपने मोबाइल फोन, गूगल सर्च और ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग करके करीब दो साल तक घर पर ही पढ़ाई की. इस दौरान उनके छोटे भाई ने भी नौकरी और पढ़ाई को बैलेंस करते हुए आयुष का पूरा साथ दिया. इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद प्रीलिम्स में फेल होना आयुष की UPSC की जर्नी आसान नहीं थी. अपने पहले ही प्रयास में वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गए और उन्होंने 175 मार्क्स स्कोर किए, लेकिन अंतिम लिस्ट में जगह बनाने से सिर्फ 9 से 10 नंबर से चूक गए. इसके बाद दूसरे प्रयास में वह प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर पाए. एक साल इंटरव्यू देना और अगले ही साल प्रीलिम्स में फेल हो जाना किसी भी छात्र को तोड़ सकता है. लेकिन आयुष ने इसे एक मौके की तरह लिया. उन्होंने पूरे एक साल अपनी कमियों को सुधारा, नोट्स बेहतर किए और मॉक टेस्ट दिए. फिर उन्होंने (Aayush Swami AIR 461) यूपीएससी 2025 में  AIR 461 हासिल की. यह भी पढ़ें: न थमा हौसला, न रुकी जिद, चौथे प्रयास में मधुबनी के शिवम ने क्रैक किया UPSC The post बीमारी को दी मात, मोबाइल से पढ़कर MP के आयुष ने निकाला UPSC appeared first on Naya Vichar.

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