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Author name: Vinod Jha

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टी20 वर्ल्ड कप: कुसल मेंडिस की अर्धशतकीय पारी, श्रीलंका ने आयरलैंड को दिया 164 रन का टारगेट

T20 World Cup 2026: श्रीलंकाई टीम की ओर से विकेट कीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस ने अर्धशतक जमाया और आखिर तक आउट नहीं हुए. मेंडिस ने 43 गेंदों का सामना किया. जिसमें 5 चौके जमाए. श्रीलंका और आयरलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का मुकाबला श्रीलंका के आर प्रेमदासा स्टेडियम कोलंबो में स्पोर्ट्सा जा रहा है. कामिंदु मेंडिस ने स्पोर्ट्सी 44 रनों की पारी श्रीलंका की ओर से कामिंदु मेंडिस ने 19 गेंदों में 4 चौकों और दो छक्कों की मदद से 44 रनों की विस्फोटक पारी स्पोर्ट्सी. इसके अलावा ओपनर पथुम निस्संका ने 24 और कामिल मिश्रा ने 14 रन बनाए. दुनिथ वेलालेज 10, पवन रत्नायके 5 और वानिंदु हसरंगा ने एक रन बनाए. आयरलैंड ने श्रीलंका के नाक में किया दम श्रीलंकाई टीम को 163 रन बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी. आयरलैंड के गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बैटर को खुब परेशान किया. बैरी मैकार्थी और जॉर्ज डॉकरेल ने दो-दो विकेट चटकाए. जबकि मार्क अडायर और गैरेथ डेलानी ने एक-एक विकेट चटकाए. श्रीलंका (प्लेइंग इलेवन): पथुम निसांका, कामिल मिशारा, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), पवन रथनायके, कामिंडु मेंडिस, दासुन शनाका (कप्तान), डुनिथ वेललेज, वानिंदु हसरंगा, दुष्मंथा चमीरा, महीश थीक्षाना, मथीशा पथिराना. आयरलैंड (प्लेइंग इलेवन): पॉल स्टर्लिंग (कप्तान), रॉस एडायर, हैरी टेक्टर, लोरकान टकर (विकेटकीपर), कर्टिस कैम्फर, बेंजामिन कैलिट्ज, जॉर्ज डॉकरेल, गैरेथ डेलानी, मार्क एडायर, बैरी मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज. टॉस के बाद क्या बोले आयरलैंड के कप्तान? टॉस जीतने के बाद आयरलैंड के कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने कहा- पिच थोड़ी सूखी लग रही है, लेकिन अच्छी विकेट लग रही है. काफी सख्त और मजबूत है, इसलिए हम देखेंगे कि नई गेंद से हम क्या कर सकते हैं. हमारी तैयारी अच्छी रही है. हमारे पास बीच में अच्छे ऑलराउंडर विकल्प हैं. हमने आज एक अतिरिक्त बल्लेबाज को चुना है. श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने क्या कहा? श्रीलंकाई कप्तान दासुन शनाका ने कहा- पिच काफी अच्छी लग रही है, इसलिए इस पर 170 से ऊपर का स्कोर बहुत अच्छा माना जाएगा. मुझे लगता है कि विश्व कप से पहले हमने कई कमियों को दूर कर लिया है. मैं बहुत उत्साहित और खुश हूं. घरेलू विश्व कप है, इसलिए हर कोई उत्साहित है. The post टी20 वर्ल्ड कप: कुसल मेंडिस की अर्धशतकीय पारी, श्रीलंका ने आयरलैंड को दिया 164 रन का टारगेट appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के 213 प्रखंडों में स्नातक तक होगी पढ़ाई, नीतीश सरकार ने नए डिग्री कॉलेज खोलने का लिया फैसला

Bihar Government: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय-3 योजना के तहत बिहार के उन 213 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जहां अब तक उच्च शिक्षा का कोई साधन मौजूद नहीं था. सबसे खास बात यह है कि प्रशासन ने इन कॉलेजों में इसी साल जुलाई 2026 से स्नातक (Graduation) की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य रखा है. उच्च शिक्षा विभाग इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है. प्रशासन के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर न जाना पड़ेगा. प्रशासन ने क्या उपाय निकला नए कॉलेजों के भव्य भवनों के निर्माण में अभी समय लगेगा, इसलिए प्रशासन ने एक दूसरा रास्ता निकाला है. जब तक डिग्री कॉलेजों की अपनी बिल्डिंग तैयार नहीं हो जाती, तब तक इन प्रखंडों के प्लस-टू स्कूलों के नए भवनों में कॉलेज की कक्षाएं चलेंगी. शिक्षा विभाग इस बात पर विचार कर रहा है कि स्कूल और कॉलेज की कक्षाओं का समय अलग-अलग रखा जाए ताकि दोनों के संचालन में कोई परेशानी न हो. इन कॉलेजों को संबंधित विश्वविद्यालयों से मान्यता दिलाई जाएगी और इन्हें प्रशासनी कॉलेज का दर्जा दिया जाएगा. रोजगार के बेहतर बनेंगे छात्रों को पढ़ाने के लिए अनुभवी हेडमास्टर की नियुक्ति की जाएगी. इन कॉलेजों में केवल पारंपरिक विषय ही नहीं, बल्कि साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स की पूरी व्यवस्था होगी. इसके अलावा, आधुनिक जरूरतों को देखते हुए हर कॉलेज में चुनिंदा वोकेशनल कोर्स के लिए अलग विभाग बनाने का भी प्रस्ताव है. प्रत्येक वोकेशनल विभाग में एक प्रोफेसर और दो सहायक प्रोफेसर नियुक्त किए जाएंगे, जिससे युवाओं को डिग्री के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसर भी मिल सकें. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें भारी भरकम बजट का हुआ प्रावधान इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य प्रशासन ने बजट में भारी-भरकम राशि का प्रावधान किया है. उच्च शिक्षा के लिए लगभग 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है. इसमें नए कॉलेजों की स्थापना के साथ-साथ 55 मौजूदा संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना भी शामिल है. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार खुद भूमि चयन और प्रोसेस की निगरानी कर रहे हैं. कई प्रखंडों में जमीन चिन्हित की जा चुकी है. इसे भी पढ़ें : अंडर-19 वर्ल्ड कप हीरो अब देगा 10वीं बोर्ड परीक्षा, वैभव का एडमिट कार्ड हुआ जारी मार्च 2026 तक बिदुपुर तक दौड़ेगी गाड़ियां, बिहार की नई लाइफलाइन, 100 की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन The post बिहार के 213 प्रखंडों में स्नातक तक होगी पढ़ाई, नीतीश प्रशासन ने नए डिग्री कॉलेज खोलने का लिया फैसला appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

प्राथमिक शिक्षा में गुणवत्ता सुधार को ले एक दिवसीय कार्यशाला

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय सह सीआरसी गंगापुर में वर्ग 1, 2 और 3 के नामित शिक्षकों के लिए शिक्षा के उन्नयन पर केंद्रित एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य प्रारंभिक स्तर पर शिक्षण विधियां को सुदृढ़ करना और छात्रों की सीखने की क्षमता को बढ़ाना था। कार्यशाला को संबोधित करते हुए समन्वयक अखिलेश ठाकुर ने प्राथमिक शिक्षा को नींव का पत्थर बताया और शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण करार दिया। वहीं नोडल प्रशिक्षक कुमार गौरव ने शिक्षण विधियां, पाठ्यक्रम अनुकूलन, मूल्यांकन तकनीक एवं चुनौतियां और समाधान आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस कार्यशाला में शामिल सभी शिक्षक– शिक्षिकाओं ने इस पहल की सराहना की और अपनी कक्षाओं में इन सीखों को लागू करने को प्रति उत्साह दिखाया। प्रतिभागियों में मिताली सिंह, प्रिंसी यादव, चांदनी कुमारी, ममता सुमन, हिमांशु साहू, सुशीला कुमारी, अंजार अहमद, विनोद ठाकुर आदि ने सक्रिय सहभागिता दी।

समस्तीपुर

स्वास्थ्य जांच शिविर में 135 लोगों की हुई जांच

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के गावपुर स्थित फार्मेसी कॉलेज के समीप रविवार को विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस जांच शिविर का उद्देश्य लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। यह शिविर प्रातः 7:00 बजे शुरू हुआ जो, अपराह्न 1:00 बजे तक चला। इस अवसर पर आयुष्मान डायग्नोस्टिक के विशेषज्ञ चिकित्सक समेत अनुभवी लैब टेक्नीशियन मौजूद थे। इस शिविर में स्थानीय 135 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई। सभी लोगों की जांच रिपोर्ट अगले दिन दी जाएगी। इस विशेष स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में डॉ. आलोक रंजन झा, व्यवस्थापक अरुण कुमार राय, लैब टेक्नीशियन रवींद्र कुमार झा, मणिकांत झा, लक्ष्मीकांत, वाकास आदि ने सक्रिय सहयोग दिया।

समस्तीपुर

जल संसाधन मंत्री ने शोक संतप्त परिवारों से मिलकर दी सांत्वना

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : स्थानीय जदयू विधायक सह राज्य के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी रविवार को क्षेत्र भ्रमणकर कई मृतक के स्वजनों से मिलकर शोक संवेदना जताई। वहीं उन्होंने कई शादी समारोह में जाकर नव विवाहित वर वधू को शुभकामना दी। मृतक के स्वजनों से ढांढस बंधाते हुए उन्होंने कहा कि जीवन मरण प्रकृति का नियम है। इसे सहज रूप से सबको स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में हम आपके साथ हैं। ईश्वर से कामना है कि वे आप सभी को दुख सहने की असीम शक्ति प्रदान करें। उन्होंने मृतक के स्वजनों को यथासंभव प्रशासनी सहायता दिलाने का भी आश्वासन दिया। क्षेत्र भगवान के दौरान वे मनिका, शाहजादापुर, बरबट्टा, रुपौली बुजुर्ग, लातबसेपुरा, खेदूटांड़ आदि जगहों पर विभिन्न शादी समारोहों एवं श्रद्धांजलि सभाओं में भाग लिया। मौके पर युवा जदयू के जिलाध्यक्ष विशाल कुमार, प्रो.अमरेंद्र कुमार,अनिल सिंह बाबा, विद्याकर झा,संजय कुमार राय, विजय कुमार राय, रंजीत पटेल, बॉबी ईश्वर, मिलन कुमार सिंह, रामलाल झा,रितेश कुमार, अगम कुमार साह,मो. सद्दाम हुसैन, अजय कुमार राय, मधुकांत झा,नागराज झा, आदि मौजूदरहे।

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बाल-बाल बचा इंग्लैंड, लोकेश ने खेली शानदार पारी, नेपाल को मिली 4 रन से हार

Highlights इंग्लैंड ने दिया 185 रन का टारगेट बेथेल और ब्रूक का अर्धशतक नेपाल की सधी हुई शुरुआत रोहित और दीपेंद्र की यादगार साझेदारी आखिरी ओवर का रोमांच ENG vs NEP: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला जिसने फैंस की धड़कनें बढ़ा दीं. इंग्लैंड और नेपाल (England vs Nepal) के बीच स्पोर्ट्से गए इस रोमांचक मैच में आखिरी गेंद तक सस्पेंस बना रहा, लेकिन अंत में इंग्लैंड की जीत हुई. नेपाल को इस मुकाबले में 4 रन से हार का सामना करना पड़ा. आखिरी ओवरों में लोकेश बम (Lokesh Bam) ने शानदार बल्लेबाजी की. इंग्लैंड ने दिया 185 रन का टारगेट मुंबई की पिच को देखते हुए इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का साहसी फैसला लिया. शुरुआत में नेपाल के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने धीरे-धीरे हाथ खोलने शुरू किए. इंग्लैंड ने 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 184 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. इस स्कोर में जैकब बेथेल (Jacob Bethell) और हैरी ब्रूक का सबसे बड़ा योगदान रहा. बेथेल और ब्रूक का अर्धशतक जब इंग्लैंड की टीम दबाव में दिख रही थी, तब जैकब बेथेल ने मोर्चा संभाला. उन्होंने मात्र 28 गेंदों में अपनी फिफ्टी लगाई. बेथेल ने 35 गेंदों में 55 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल थे. उनके जाने के बाद कप्तान हैरी ब्रूक ने कमान संभाली. ब्रूक ने 31 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 53 रनों की कप्तानी पारी स्पोर्ट्सकर टीम को 184 के स्कोर तक पहुंचाया. नेपाल की सधी हुई शुरुआत 185 रनों के बड़े टारगेट का पीछा करने उतरी नेपाल की शुरुआत काफी सकारात्मक रही. आसिफ शेख और कुसल भुर्तेल ने पहले विकेट के लिए 37 रन जोड़े. हालांकि, आसिफ 7 रन बनाकर लियम डॉसन का शिकार बने, लेकिन कुसल भुर्तेल ने 29 रनों की तेज पारी स्पोर्ट्सकर टीम को लय दी. नेपाल के बल्लेबाजों ने दिखा दिया कि वे विश्व कप में किसी भी टीम को टक्कर देने का माद्दा रखते हैं. रोहित और दीपेंद्र की यादगार साझेदारी मैच का सबसे रोमांचक मोड़ तब आया जब कप्तान रोहित पौडेल और दीपेंद्र सिंह एरी क्रीज पर थे. दोनों ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 82 रनों की शानदार साझेदारी की. दीपेंद्र ने 44 रन और रोहित ने 39 रन बनाकर मैच को नेपाल की मुट्ठी में ला दिया था. इन दोनों की बैटिंग देखकर एक समय ऐसा लगा कि नेपाल आज बड़ा उलटफेर कर देगा, लेकिन अहम मौके पर दोनों का विकेट गिरना नेपाल को भारी पड़ गया. आखिरी ओवर का रोमांच मैच के आखिरी ओवरों में लोकेश बम ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए नेपाल की उम्मीदों को जिंदा रखा. लोकेश ने सिर्फ 20 गेंदों में 39 रन कूट दिए और मैच को अंतिम गेंद तक ले गए. नेपाल को जीत के लिए आखिरी कुछ गेंदों में बड़े हिट की जरूरत थी, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने सटीक यॉर्कर डालकर मैच बचा लिया. नेपाल की टीम 180 रन ही बना सकी और इंग्लैंड ने 4 रन से यह कांटे की टक्कर जीत ली. ये भी पढ़ें- बेथेल और ब्रूक ने लगाई नेपाल की क्लास, इंग्लैंड ने दिया 185 रन का टारगेट रियल मैड्रिड का मैच छोड़ टीम इंडिया के लिए बने मैच विनर, सिराज की वापसी ने यूएसए को किया पस्त गंभीर ने सूर्या की पारी को बताया ‘मास्टरक्लास’, डिफेंडिंग चैंपियन का टी20 वर्ल्ड कप में जीत से आगाज The post बाल-बाल बचा इंग्लैंड, लोकेश ने स्पोर्ट्सी शानदार पारी, नेपाल को मिली 4 रन से हार appeared first on Naya Vichar.

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क्या आपको पता है KTM का पूरा नाम और मतलब? जिनके पास है वो भी नहीं जानते होंगे इसका जवाब

हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी चीजें होती हैं जो हर दिन हमारी नजर में तो आते हैं लेकिन इनके बारे में हमें पता ही नहीं होता. वो इतनी नॉर्मल लगती हैं कि उनसे जुड़े बेसिक सवाल दिमाग में आते ही नहीं. फिर जब कोई अचानक उस चीज के बारे में पूछ ले, तो लगता है- अरे, ये तो हमने कभी सोचा ही नहीं. आज हम आपके लिए कुछ ऐसे ही दिलचस्प सवाल लेकर आए हैं. देखते हैं आपको इसके बारे में पता है या नहीं. KTM का पूरा नाम क्या है? बाइक चलाने का शौक किसे नहीं होता. लड़के तो बाइक के दीवाने होते ही हैं, लेकिन आजकल लड़कियां भी सड़क पर शानदार तरीके से बाइक चलाते हुए नजर आती हैं. अगर आप बाइक चलाते हैं या फिर बाइक के शौकीन हैं तो KTM का नाम जरूर सुना होगा. हो सकता है आप इसी कंपनी की बाइक यूज भी करते हों. नहीं भी करते होंगे तो सड़कों पर इस कंपनी की बाइक देखें ही होंगे. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि KTM का पूरा नाम क्या है? ज्यादातर लोगों को इसका जवाब नहीं पता होगा. दरअसल, KTM का पूरा नाम क्राफ्टफार्ट्सॉयगे ट्रंकेनपोल्ज मैटिगहोफेन (Kraftfahrzeuge Trunkenpolz Mattighofen) है. इसका अंग्रेजी में मतलब होता है ‘मोटर व्हीकल’. आसान भाषा में समझें तो यह ऑस्ट्रिया की एक कंपनी है जो स्पोर्ट्स कार और मोटरसाइकिल बनाती है. KTM की कहानी हर बड़ी कंपनी की तरह KTM की भी अपनी दिलचस्प कहानी है. KTM की शुरुआत साल 1934 में ऑस्ट्रिया के मैटिगहोफेन (Mattighofen) शहर में जोहान हंस ट्रंकेनपोल्ज (Johann Hans Trunkenpolz) ने की थी. शुरुआत में ये बस गाड़ियों की रिपेयर और फिटिंग का छोटा सा काम था. फिर साल 1954 में बिजनेसमैन एर्न्स्ट क्रोनराइफ (Ernst Kronreif) ने कंपनी में पैसा लगाया, जिसके बाद कंपनी का नाम बदलकर Kronreif Trunkenpolz Mattighofen यानी KTM पड़ गया. यह भी पढ़ें: ये 5 स्कूटर्स हैं डेली राइड के लिए परफेक्ट और वैल्यू फॉर मनी, Honda और TVS भी हैं लिस्ट में The post क्या आपको पता है KTM का पूरा नाम और मतलब? जिनके पास है वो भी नहीं जानते होंगे इसका जवाब appeared first on Naya Vichar.

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17वें दिन भी नहीं थमा सनी देओल की फिल्म का जलवा, जानें शाम 5 बजे तक की कमाई

Border 2 Box Office Day 17: सनी देओल की मल्टीस्टारर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है. देशभक्ति और दमदार एक्शन से भरपूर यह फिल्म रिलीज के 17वें दिन भी सिनेमाघरों में दर्शकों को खींचने में कामयाब रही है. फिल्म पहले ही 300 करोड़ क्लब में अपनी जगह बना चुकी है और इसकी रफ्तार अब भी थमती नजर नहीं आ रही. दो हफ्तों में किया शानदार कारोबार अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने पहले हफ्ते में 224.25 करोड़ रुपये का जोरदार कलेक्शन किया था. वहीं दूसरे हफ्ते में भी फिल्म की कमाई मजबूत रही और इस दौरान फिल्म ने 70.15 करोड़ रुपये अपने खाते में जोड़े. बात करें 17वें दिन की कमाई की तो शाम 5 बजे के आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने 5.26 करोड़ रुपये की कमाई की और रात के शो के बाद कमाई में और बढ़ोत्तरी की उम्मीद है. इस तरह दो हफ्तों में ही ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया. ओपनिंग से ही दिखा था दम Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘बॉर्डर 2’ ने ओपनिंग डे पर 30 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. यही नहीं, यह फिल्म सनी देओल के करियर की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. वहीं वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी के करियर की यह सबसे बड़ी हिट साबित हुई है. कई बड़ी फिल्मों को छोड़ा पीछे 300 करोड़ क्लब में एंट्री के साथ ही ‘बॉर्डर 2’ ने धूम और सुल्तान जैसी बड़ी फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है. देशभक्ति से जुड़ा कंटेंट और दमदार स्टारकास्ट फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई है. 17वें दिन की ऑक्यूपेंसी फिल्म के 17वें दिन की मॉर्निंग ऑक्यूपेंसी के आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं, लेकिन ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि वीकेंड का फायदा फिल्म को आगे भी मिलता रहेगा. स्टारकास्ट और प्रोडक्शन फिल्म में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं. फीमेल कास्ट में मोना सिंह, सोनम बाजवा और मेधा राणा शामिल हैं. फिल्म को टी-सीरीज और जे.पी. दत्ता फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है. बता दें कि ‘बॉर्डर 2’, साल 1997 में आई सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था. यह भी पढ़ें: होंठों से छू लो तुम से कोई फरियाद तक, जगजीत सिंह के जन्मदिन पर सुनें उनकी ये 7 यादगार गजलें The post 17वें दिन भी नहीं थमा सनी देओल की फिल्म का जलवा, जानें शाम 5 बजे तक की कमाई appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद में रिकवरी एजेंट अमित अग्रवाल की हत्या, एक दिन पहले हुआ था अपहरण

Dhanbad: धनबाद सदर थाना क्षेत्र से शनिवार की रात लापता हुए रिकवरी एजेंट अमित अग्रवाल का शव पुलिस ने बरामद कर लिया है. शव सरायढेला थाना क्षेत्र सूर्य हाइलैंड सिटी स्थित विकास खंडेलवाल के घर के बाथरूम से मिला है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए धनबाद डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) नौशाद आलम और संबंधित थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्रारंभिक जांच में यह मामला एक करोड़ रुपये के लोन सेटलमेंट से जुड़ा बताया जा रहा है. विकास पर ही पुलिस को है शक पुलिस ने इस मामले में विकास खंडेलवाल को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. डीएसपी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अपहरण के बाद हत्या की आशंका है और हर एंगल से जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि अमित का मोटरसाइकिल भी बरामद हुआ है. विकास खंडेलवाल के बारे में पता चला है कि उन्होंने बैंक से लोन लिया था और रिकवरी के सिलसिले में भी अमित से मुलाकात होती थी. घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंची, जिसने साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा. ये भी पढ़ें… चाईबासा के उद्यान महाविद्यालय के छात्रों ने लहराया परचम, कोई बना पदाधिकारी तो कोई प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर धनबाद: दूधमुंहे शिशु पर टूटा पिता का गुस्सा, घरेलू विवाद में ली अपने ही खून की जान, मां ने लगाया गंभीर आरोप The post धनबाद में रिकवरी एजेंट अमित अग्रवाल की हत्या, एक दिन पहले हुआ था अपहरण appeared first on Naya Vichar.

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हावड़ा से हुगली तक चली थी पहली ट्रेन, खामोश शुरुआत से स्वर्णिम अध्याय तक का ऐसा रहा पूर्वी भारत में रेलवे का सफर

खास बातें 1860 के दशक में दिल्ली पहुंचा रेल नेटवर्क रेल्स थ्रू राज : द ईस्ट इंडियन रेलवे (1841–1861) 29 जून को परीक्षण के तौर पर पहली बार चला था इंजन 1845 में बनी ईस्ट इंडिया रेलवे कंपनी नौकरशाही की पहाड़ जैसी बाधाओं ने धीमी कर दी काम की रफ्तार 1854 में बिछ चुकी थी कलकत्ता से हुगली के बीच रेल पटरियां ‘केजरी’ के जरिये इंग्लैंड से कलकत्ता पहुंची थी इंजनों की पहली खेप बंगाल की खाड़ी में भीषण आपदा ने हालात कर दिये गंभीर 91 मिनट में ट्रेन ने तय किया 38 किलोमीटर का सफर ट्रेन की क्षमता से 10 गुना अधिक आये यात्रियों के आवेदन पंद्रह अगस्त 1854 का दिन आम दिनों जैसा ही था. यही वह तारीख थी, जो इतिहास में दर्ज होने जा रही थी. न कोई भव्य आयोजन, न भीड़ का शोर. हावड़ा स्टेशन से सुबह ठीक 8:30 बजे एक ब्रिटिश इंजन 5 डिब्बों को लेकर चुपचाप हुगली की ओर बढ़ चला. शांत प्रस्थान के साथ ही पूर्वी हिंदुस्तान में रेलवे युग का आरंभ हुआ. इंजीनियरिंग कौशल की एक ऐसी कहानी शुरू हुई, जिसने आने वाले समय की रफ्तार तय कर दी. 1860 के दशक में दिल्ली पहुंचा रेल नेटवर्क जिस ऐतिहासिक उपलब्धि को उस दौर की ईस्ट इंडियन रेलवे (ईआईआर) ने हासिल किया, और जिसका विशाल रेल नेटवर्क आगे चलकर 1860 के दशक तक दिल्ली पहुंचा, उसके पीछे कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं भी हैं. इन घटनाओं ने न केवल रेलवे के विस्तार की रफ्तार को कम कर दिया, बल्कि देश के लोगों को इसके महत्व को समझने में भी समय लगा. रेल्स थ्रू राज : द ईस्ट इंडियन रेलवे (1841–1861) ईस्ट इंडियन रेलवे (ईआईआर) और उसे खड़ा करने वाली ईस्ट इंडिया रेलवे कंपनी की स्थापना से लेकर विकास तक की कहानी कहती एक किताब आयी है – ‘रेल्स थ्रू राज : द ईस्ट इंडियन रेलवे (1841–1861)’. 19वीं सदी के अनेक दस्तावेजों और विभिन्न आक्राइव्स से मिली जानकारी के आधार पर इस रेलवे और इसे ईंट-दर-ईंट, लोहे-से-लोहे तक गढ़ने वाले लोगों की एक ‘जीवंत दास्तान’ पेश करने का प्रयास करती है यह नयी किताब. बंगाल की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 29 जून को परीक्षण के तौर पर पहली बार चला था इंजन इस पुस्तक के लेखक पीके मिश्रा लिखते हैं कि उद्घाटन यात्रा से पहले ही ईस्ट इंडियन रेलवे ने बंगाल के लोगों में जिज्ञासा जगा दी थी. 29 जून 1854 को हावड़ा से पांडुआ तक परीक्षण के तौर पर केवल इंजन चलाया गया. इसके बाद 6 जुलाई को उसी मार्ग पर इंजन के साथ एक डिब्बा जोड़कर एक्सपेरिमेंटल जर्नी शुरू की गयी. 1845 में बनी ईस्ट इंडिया रेलवे कंपनी हिंदुस्तानीय रेल के वरिष्ठ अधिकारी और हेरिटेज कंजर्वेशन के प्रबल समर्थक पीके मिश्रा कहते हैं कि हिंदुस्तान में वर्ष 1853 में रेलवे के आगमन से पहले ही ईस्ट इंडियन रेलवे कंपनी की नींव पड़ चुकी थी. एक जून 1845 को लंदन में एक संयुक्त स्टॉक कंपनी के रूप में ईस्ट इंडिया रेलवे कंपनी बनी थी. इसका कार्यालय कलकत्ता (अब कोलकाता) में था. आज का हावड़ा स्टेशन और ईस्ट इंडिया रेलवे कंपनी (इनसेट). फोटो : पीटीआई नौकरशाही की पहाड़ जैसी बाधाओं ने धीमी कर दी काम की रफ्तार पुस्तक में लिखा है कि कंपनी की स्थापना से पहले ‘औपनिवेशिक नौकरशाही की पहाड़ जैसी बाधाओं’ को हटाना पड़ा. भूमि अधिग्रहण में देरी तथा ढांचागत अड़चनों ने ईस्ट इंडियन रेलवे की रफ्तार धीमी कर दी. इसी का फायदा उठाते हुए ग्रेट इंडियन पेनिन्सुला रेलवे (जीआईपीआर) ने बढ़त बना ली और हिंदुस्तान की पहली रेलवे बनने का गौरव हासिल किया. हिंदुस्तान की पहली रेल यात्री सेवा 16 अप्रैल 1853 को शुरू हुई थी. ट्रेन बॉम्बे (अब मुंबई) से ठाणे तक चली. 1854 में बिछ चुकी थी कलकत्ता से हुगली के बीच रेल पटरियां ‘ईआईआर : द इनॉगरल जर्नी (1854)’ शीर्षक अध्याय में पीके मिश्रा लिखते हैं कि वर्ष 1854 की शुरुआत तक कलकत्ता और हुगली के बीच रेल पटरियां बिछ चुकीं थीं. पूरी तरह तैयार होने के बावजूद रेल लाइन निष्क्रिय पड़ी थीं. हावड़ा स्टेशन के बाहर ट्रेन का इंजन. फोटो : पीटीआई ‘केजरी’ के जरिये इंग्लैंड से कलकत्ता पहुंची थी इंजनों की पहली खेप मिश्रा लिखते हैं कि इंजनों की पहली खेप इंग्लैंड से ऑस्ट्रेलिया होते हुए जहाज ‘केजरी’ के जरिये कलकत्ता पहुंची. उस समय हावड़ा में समुचित सुविधाएं नहीं थीं. ऐसे में ‘इन विशाल लोहे के इंजनों’ को उतारना अपने आप में तात्कालिक जुगाड़ और इंजीनियरिंग कौशल की एक बड़ी जीत थी. बंगाल की खाड़ी में भीषण आपदा ने हालात कर दिये गंभीर वह लिखते हैं कि ईस्ट इंडियन रेलवे के लिए उस दौर में घट रही इन घटनाओं के बीच कहानी ने एक दुखद मोड़ भी लिया. बंगाल की खाड़ी में आयी एक भीषण आपदा ने हालात और गंभीर कर दिये. यही ईआईआर आजादी के बाद वर्ष 1952 में स्थापित हिंदुस्तानीय प्रशासन के अधीन पूर्व रेलवे के रूप में विकसित हुई. 91 मिनट में ट्रेन ने तय किया 38 किलोमीटर का सफर आखिरकार वह निर्णायक पल आया. आज के भव्य स्टेशन भवन से बिल्कुल अलग, हावड़ा में बने एक साधारण से अस्थायी शेड से 15 अगस्त 1854 की सुबह ट्रेन रवाना हुई. लगभग 38 किलोमीटर का सफर तय करते हुए महज 91 मिनट में यह ट्रेन हुगली पहुंच गयी. ट्रेन की क्षमता से 10 गुना अधिक आये यात्रियों के आवेदन पीके मिश्रा के अनुसार, इस पहली यात्रा के लिए करीब 3,000 आवेदन आये थे, जो ट्रेन की क्षमता से 10 गुना अधिक थे. इसके बाद 3 फरवरी 1855 को हावड़ा-रानीगंज खंड का उद्घाटन पूरे ठाठ-बाट से हुआ. इस ऐतिहासिक अवसर पर तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी स्वयं हावड़ा स्टेशन पर मौजूद थे. इसी के साथ पूर्वी हिंदुस्तान में रेल इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय की औपचारिक शुरुआत हुई. इसे भी पढ़ें Indian Railways News: रांची से पटना जाने वालों की हो गयी बल्ले-बल्ले, समय बचेगा, होंगे इतने फायदे The post हावड़ा से हुगली तक चली थी पहली ट्रेन, खामोश शुरुआत से स्वर्णिम अध्याय तक का ऐसा रहा पूर्वी हिंदुस्तान में रेलवे का सफर appeared first on Naya Vichar.

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