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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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NEET परीक्षार्थियों के लिए जरूरी खबर, EOU ने जारी की एडवाइजरी, भूलकर भी न करें ये गलती

Bihar News: NEET री-एग्जाम से पहले आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. EOU ने आशंका जताई है कि 21 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम के दौरान साइबर अपराधी और असामाजिक तत्व सोशल मीडिया व फर्जी कॉल के जरिए पेपर लीक और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने जैसे झूठे दावे कर अभ्यर्थियों को ठगी का शिकार बना सकते हैं. इसी को देखते हुए अभ्यर्थियों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है. पेपर दिलाने के नाम पर हो सकती है ठगी EOU ने कहा है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर कुछ लोग परीक्षा से जुड़ी भ्रामक जानकारी फैला सकते हैं. कई मामलों में प्रश्नपत्र या उत्तर उपलब्ध कराने के नाम पर पैसे मांगकर ठगी की कोशिश भी की जा सकती है. परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि ऐसे किसी भी लालच में न आएं और किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न दें. Eou ने जारी की एडवाइजरी फोन, ई-मेल या मैसेज आए तो तुरंत रहें सतर्क आर्थिक अपराध इकाई ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी को फोन कॉल, ई-मेल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, तो उसे तुरंत संदेह की नजर से देखें. ऐसी जानकारी मिलने पर नजदीकी थाना या साइबर थाना को तत्काल सूचना देने की अपील की गई है. अफवाहों को आगे न बढ़ाएं EOU ने अभ्यर्थियों से कहा है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी अपुष्ट या भ्रामक संदेश को आगे फॉरवर्ड न करें. कई बार गलत सूचनाएं तेजी से वायरल होकर उम्मीदवारों के बीच भ्रम पैदा करती हैं और परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होती है. यदि सोशल मीडिया पर पेपर लीक या प्रश्नपत्र वायरल होने का कोई दावा दिखे तो संबंधित पोस्ट का URL सुरक्षित रखें और उसकी जानकारी पुलिस को दें. शिकायत कहां करें? किसी भी संदिग्ध गतिविधि, पेपर लीक की सूचना या साइबर ठगी से जुड़ी जानकारी आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना को दी जा सकती है. व्हाट्सएप/मोबाइल नंबर: 9031829067 इसके अलावा साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी संपर्क किया जा सकता है. 10 साल तक की सजा और 1 करोड़ तक जुर्माना EOU ने चेतावनी दी है कि परीक्षा में कदाचार, पेपर लीक या अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर केंद्र प्रशासन के पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस कानून के तहत दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) 2023 में भी ऐसे अपराधों के लिए सख्त प्रावधान हैं. केवल आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा लगातार सामने आ रहे साइबर फ्रॉड और पेपर लीक की अफवाहों के बीच EOU की यह एडवाइजरी अभ्यर्थियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है. प्रशासन ने अपील की है कि उम्मीदवार किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने में सहयोग करें. Also Read: बिहार में 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन, किसान सभा का बड़ा ऐलान, गांव-गांव से जुटेंगे किसान The post NEET परीक्षार्थियों के लिए जरूरी समाचार, EOU ने जारी की एडवाइजरी, भूलकर भी न करें ये गलती appeared first on Naya Vichar.

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सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना क्यों है मना? बागेश्वर धाम बाबा ने बताई वजह

Vastu Rules: सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में दैनिक जीवन से जुड़ी कई परंपराएं और नियम बताए गए हैं, जिनका पालन आज भी बड़ी संख्या में लोग करते हैं. इन्हीं में से एक मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद या संध्याकाल में घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. अक्सर घर के बड़े-बुजुर्ग भी इस बात की सलाह देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों कहा जाता है? यदि कोई व्यक्ति शाम के समय झाड़ू लगाता है, तो इसका क्या प्रभाव पड़ता है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब बागेश्वर धाम बाबा से जानते हैं. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा? पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर धाम प्रशासन या महाराज के नाम से भी जाना जाता है, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर हैं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार संध्याकाल के समय भगवान शिव अपने गणों के साथ पृथ्वी पर भ्रमण करते हैं. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति शाम के समय घर की सफाई करके कचरा घर के बाहर फेंकता है, तो इसे शुभ नहीं माना जाता. उनका कहना है कि इससे भगवान शिव अप्रसन्न हो सकते हैं और घर का सकारात्मक वातावरण प्रभावित हो सकता है. इसी कारण वे सुबह के समय घर की साफ-सफाई करने की सलाह देते हैं. धार्मिक और वास्तु दृष्टिकोण हिंदू धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं, बल्कि धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. मां लक्ष्मी के आगमन का समय: शास्त्रों के अनुसार संध्याकाल का समय घर में सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के आगमन का समय माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस समय घर में झाड़ू लगाने या कचरा बाहर फेंकने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और घर में आने वाली सुख-समृद्धि वापस लौट जाती है. दरिद्रता का वास: वास्तु मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं, जिससे घर में आर्थिक तंगी, कर्ज और दरिद्रता का प्रभाव बढ़ सकता है. मजबूरी में शाम को झाड़ू लगानी पड़े तो क्या करें? आज की व्यस्त जीवनशैली में कई लोग नौकरी या अन्य कार्यों के कारण शाम को घर लौटते हैं. ऐसे में यदि किसी कारणवश रात में झाड़ू लगाना जरूरी हो जाए, तो वास्तु शास्त्र में इसके लिए कुछ उपाय बताए गए हैं. वास्तु नियम यदि रात में झाड़ू लगाना अनिवार्य हो, तो घर का सारा कचरा और धूल एक स्थान या कोने में इकट्ठा कर लें, लेकिन उसे रात में घर से बाहर न निकालें. उस कचरे को अगले दिन सुबह ही घर के बाहर फेंकें. मान्यता है कि रात में कचरा बाहर फेंकने से धन हानि और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना क्यों है मना? बागेश्वर धाम बाबा ने बताई वजह appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद के सोनारडीह में कोयला तस्करों का उत्पात, फायरिंग-बमबारी से दहशत 

कामदेव सिंह की रिपोर्ट  Dhanbad News : सोनारडीह ओपी क्षेत्र के बहियारडीह में अवैध कोयला तस्करों ने एक दर्जन से अधिक बम गोली चलाकर दहशत फैला दिया. तस्कर यही नहीं रुके सूचना मिलने पर बरोरा और सोनारडीह पुलिस टीम जब पहुंची, तो पुलिस वालों से राइफल छीनने का प्रयास किया. इस दौरान पुलिस गश्ती दल के वाहन को छतिग्रस्त कर दिया. 100 से अधिक संख्या में कोयला तस्करों का हुजूम देख पुलिस के भी होश उड़ गए.  घर-दुकान पर फायरिंग और तोड़फोड़ से मचा हड़कंप सामने शंकर साव के घर और दुकान पर भी जमकर उत्पात मचाया. उनके घर पर कई गोलियां चलाई. दुकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. कई बाइक, सीसीटीवी कैमरा, टीवी, फ्रिज सहित अन्य सामान तोड़ फोड़ कर चूर कर दिया. घटना सुबह 8 बजे के करीब बताई जा रही है. शंकर की पत्नी रूबी देवी ने रोते हुए बताया कि 100 से अधिक लोग आए और गोली चलाई, बम भी फोड़ें. कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की, जो घायल भी है. मेरे घर का लाखों के सामान का नुकसान पहुंचा दिया है. घटना के बाद पूरे बहियारडीह में दहशत का माहौल है. कोयला तस्करी के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा, पुलिस से झड़प  अवैध कोयला तस्करी और बम-गोली चलाने के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी पहुंचकर विरोध किया. इस दौरान ग्रामीण स्त्रीएं फोरलेन सड़क को जाम करने का प्रयास किया. जिसे पुलिस ने लाठीचार्ज कर भगा दिया. इससे ग्रामीण स्त्रीओं में आक्रोश है. ये भी पढ़ें: गढ़वा में सरस्वतिया नदी पुनर्जीवन मुहिम को मिला नया बल, मेदिनीनगर से बढ़े सहयोग के हाथ  ये भी पढ़ें: ई-वेस्ट पर झारखंड हाइकोर्ट सख्त: राज्य प्रशासन से मांगा जवाब, 2 जुलाई को अगली सुनवाई The post धनबाद के सोनारडीह में कोयला तस्करों का उत्पात, फायरिंग-बमबारी से दहशत  appeared first on Naya Vichar.

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इस दिन थियेटर्स में दस्तक देगी बंटवारा 1947, मोशन पोस्टर में दिखा सनी देओल-प्रीति जिंटा का दमदार अंदाज

Batwara 1947: सनी देओल एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाल मचाने के लिए तैयार हैं. उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म बंटवारा 1947 का मोशन पोस्टर सामने आ गया है. इसी के साथ मेकर्स ने रिलीज डेट भी अनाउंस कर दी. एक्शन ड्रामा 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. बंटवारा 1947 की रिलीज डेट से उठा पर्दा गदर 2 एक्टर ने सोशल मीडिया पर फिल्म का मोशन पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, “नफरत और डर के दौर में उन्होंने साहस को चुना… 14 अगस्त 2026 से सिनेमाघरों में देखें ‘बंटवारा 1947’.” छोटी सी क्लिप में सनी के साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल और सनी के बेटे करण देओल की भी झलक देखने को मिली. View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol) बंटवारा 1947 को लेकर फैंस एक्साइटेड सनी देओल की नई फिल्म की पहली झलक देखकर फैंस सुपर एक्साइटेड हो गए. एक यूजर ने लिखा, ”सुपर डुपर हिट…सनी पाजी 100 परसेंट.” एक दूसरे यूजर ने लिखा, ”सनी सर मैं 40 साल का हूं और मैं बचपन से आपकी फिल्म देख रहा हूं.” एक अन्य यूजर ने लिखा, ”सनी देओल+राज कुमार संतोषी.” बंटवारा 1947 में दिखेंगे ये स्टार्स इस पीरियड ड्रामा का निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर राजकुमार संतोषी कर रहे हैं, जबकि फिल्म को आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनाया जा रहा है. फिल्म में सनी देओल के अलावा प्रीति जिंटा, शबाना आजमी और करण देओल जैसे कलाकारों की टोली है. बता दें कि साल 2023 में आमिर खान प्रोडक्शंस ने ऑफिशियल तौर पर इस फिल्म की घोषणा की थी. उस समय इसका नाम “लाहौर 1947” था. इस बीच, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ से टकराएगी. नितिन कक्कर की ओर से निर्देशित यह फिल्म हाशमी की 2007 में आई फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है, जिसमें श्रिया सरन है. यह भी पढ़ें- जब लड़कों से मिले गिफ्ट्स की कीमत देखती थी अनुष्का शर्मा, हिसाब लगाकर करती ये काम The post इस दिन थियेटर्स में दस्तक देगी बंटवारा 1947, मोशन पोस्टर में दिखा सनी देओल-प्रीति जिंटा का दमदार अंदाज appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के लोग ‘नोटों से भरी थैली’ लेकर पहुंच रहे हैं विधायकों के पास, कांग्रेस का आरोप

Rajya Sabha Election : मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग से बचने और अपने खेमे को एकजुट रखने के मकसद से कांग्रेस ने अपने विधायकों को पार्टी शासित कर्नाटक ले जाने का फैसला किया है. मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से इस संबंध में बात की. उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी विधायकों को किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में ले जाया जाएगा क्योंकि बीजेपी उनके विधायकों को कथित तौर पर खरीदने का प्रयास कर रही है. सिंघार ने कहा कि पार्टी के कुछ विधायकों ने उन्हें बताया है कि बीजेपी के लोग ‘नोटों से भरी थैली’ लेकर उनसे संपर्क करने आए थे लेकिन उन्होंने उन्हें लौटा दिया. सिंघार ने दावा किया कि 18 तारीख को मतदान के दिन बीजेपी का सारा ‘षड्यंत्र’ विफल होगा. सौंसर विधायक विजय रेवानाथ चौरे ने बाद में कहा कि सभी विधायक भोपाल से बेंगलुरु जा रहे हैं. उन्होंने भी दावा किया कि बीजेपी खरीद फरोख्त के प्रयास कर रही है इसलिए पार्टी के शीर्ष नेताओं ने विधायकों को एक साथ किसी कांग्रेस शासित राज्य में रखने का फैसला किया है. मध्य प्रदेश में खाली हुई जिन तीन सीटों पर चुनाव चुनाव हो रहे हैं, उनमें से दो पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है जबकि संख्या बल के लिहाज से तीसरी सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी है. लेकिन राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को पेचीदा बना दिया है. बीजेपी ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है और तीसरी सीट पर मध्यप्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट पर दांव लगाया है. बैठक में कांग्रेस का एक विधायक नहीं पहुंचा कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, जहां उनका मुकाबला केवट से होना निश्चित है. चुघ और अग्रवाल ने शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि नटराजन और केवट ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया. इससे पहले, सोमवार देर रात सिंघार के घर पर पार्टी नेताओं की एक बैठक हुई, जिसमें करीब 60 विधायक शामिल हुए. पार्टी का एक विधायक बैठक में शामिल नहीं हुआ क्योंकि वह दिल्ली में था, जबकि वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने आनलाइन माध्यम से इसमें हिस्सा लिया. बीजेपी के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं वर्तमान में वर्तमान में मध्यप्रदेश की कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की संख्या 229 है. इनमें बीजेपी के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं जबकि एक सीट हिंदुस्तान आदिवासी पार्टी के पास है. दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र हिंदुस्तानी की सदस्यता रद्द हो चुकी है, जिस वजह से एक सीट रिक्त है. श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर हाई कोर्ट की रोक है. सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए मध्यप्रदेश हाई  कोर्ट में याचिका लगाई गई है. ऐसे में यह संभावना है कि वह इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करें. सप्रे ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात भी की है. राज्यसभा में वोटों का ये है गणित राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है. इस हिसाब से दो सीटें जीतने के लिए भाजपा को 116 वोट की जरूरत है. कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद बीजेपी के पास 48 वोट बचेंगे. तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी बीजेपी को 10 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है. निर्मला सप्रे और हिंदुस्तान आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश डोडियार के मत बीजेपी को मिले लें तो उसकी संख्या 50 तक पहुंच सकती है. इसके बावजूद जीत के लिए उसे कम से कम आठ और मतों की आवश्यकता होगी. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी इसकी पूर्ति कांग्रेस खेमे में सेंध लगाकर करने का प्रयास कर रही है. यह भी पढ़ें : राज्यसभा चुनाव : डिनर टेबल पर सियासी रणनीति, कांग्रेस को सताने लगा टूट का डर? कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या से चार वोट अधिक सप्रे का रुख और मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक की वजह से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 पर सिमट सकता है. हालांकि, चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या से चार वोट अधिक है. मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा. सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन था. The post राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के लोग ‘नोटों से भरी थैली’ लेकर पहुंच रहे हैं विधायकों के पास, कांग्रेस का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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RJD नेता शिवचंद्र राम के समर्थन में उतरे तेज प्रताप यादव, बोले- निराशाजनक और निंदनीय व्यवहार हुआ है, मैं उनके साथ खड़ा हूं…

Bihar MLC Chunav: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने संगठन के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें MLC बनाने का वादा किया गया था, लेकिन अंतिम समय में उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया. शिवचंद्र राम के इस्तीफे के बाद अब लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी उनके समर्थन में सामने आ गए हैं. तेज प्रताप बोले- शिवचंद्र राम के साथ अन्याय हुआ तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए शिवचंद्र राम का खुलकर समर्थन किया. उन्होंने लिखा कि शिवचंद्र राम का पार्टी पद से इस्तीफा देना बेहद दुखद और पीड़ादायक है. तेज प्रताप ने कहा कि शिवचंद्र राम वर्षों से संगठन और समाज के लिए काम करते रहे हैं. उन्होंने संत रविदास के विचारों को आगे बढ़ाते हुए बिहार भर में समाज को जोड़ने का काम किया. ऐसे नेता के योगदान का सम्मान होना चाहिए था. उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह निराशाजनक और निंदनीय है. सामाजिक न्याय और समान भागीदारी की नेतृत्व में सभी को सम्मान मिलना चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूट-फूटकर रो पड़े शिवचंद्र राम सोमवार को महागठबंधन की ओर से RJD उम्मीदवार सुनील सिंह ने MLC चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया. इसके बाद शिवचंद्र राम की नाराजगी सार्वजनिक हो गई. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवचंद्र राम भावुक हो गए और रोने लगे. उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें विधान परिषद भेजने का भरोसा दिया था, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया. रोते हुए उन्होंने कहा कि मैं चार रातों से सो नहीं पाया हूं. ऐसी जिंदगी भगवान किसी को न दे. उनकी भावुक प्रतिक्रिया का वीडियो भी तेजी से चर्चा में आ गया. संगठनात्मक पद छोड़ा, पार्टी नहीं नाराजगी के बीच शिवचंद्र राम ने RJD के SC-ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि उन्होंने साफ किया कि उन्होंने केवल संगठनात्मक जिम्मेदारी छोड़ी है. उन्होंने कहा कि वह अभी भी RJD के सक्रिय सदस्य हैं और पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं. इस्तीफे के कुछ घंटों बाद उनकी तबीयत भी बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. MLC उम्मीदवार बनने की रेस में थे शिवचंद्र राम MLC चुनाव को लेकर RJD में जिन नामों की चर्चा थी, उनमें शिवचंद्र राम का नाम भी प्रमुख माना जा रहा था. नेतृत्वक गलियारों में यह चर्चा थी कि विपक्ष दलित प्रतिनिधित्व के मुद्दे को लेकर बड़ा संदेश दे सकता है. क्योंकि इस बार JDU और BJP ने भी किसी दलित नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि तेजस्वी यादव दलित समाज से किसी चेहरे को विधान परिषद भेज सकते हैं. लेकिन उम्मीदवारों की अंतिम सूची में उनका नाम नहीं आने से समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई. दलित समाज की उपेक्षा का लगाया आरोप अपने इस्तीफे में शिवचंद्र राम ने कहा कि विधान परिषद सीट को लेकर दलित और रविदास समाज के लोगों में काफी उम्मीद थी. लेकिन हालिया फैसले से समाज में निराशा फैल गई है. उन्होंने कहा कि जहां भी जाते हैं, लोग उनसे सवाल पूछते हैं. समाज के लोगों की पीड़ा देखकर उनका मन व्यथित हो जाता है. उन्होंने RJD नेतृत्व से मांग की कि पार्टी विधान परिषद और राज्यसभा में दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाए. लालू-राबड़ी और तेजस्वी को कहा धन्यवाद नाराजगी के बावजूद शिवचंद्र राम ने अपने इस्तीफे में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि उनके मन में किसी व्यक्ति के प्रति कोई कटुता नहीं है. लेकिन समाज और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए इस पद पर बने रहना उनके लिए नैतिक रूप से संभव नहीं था. कौन हैं शिवचंद्र राम? शिवचंद्र राम लंबे समय से सामाजिक न्याय की नेतृत्व से जुड़े रहे हैं. उनका कहना है कि वह 1990 से RJD और उसकी विचारधारा के साथ जुड़े हुए हैं. उन्होंने गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने का काम किया. पार्टी के कठिन दौर में भी उन्होंने साथ नहीं छोड़ा. विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान उन्होंने दलित, रविदास और वंचित समाज के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई. Also Read: MLC उम्मीदवार नहीं बनने पर दीपक प्रकाश के पास बचे ये 3 ऑप्शन, अब क्या करेंगे? The post RJD नेता शिवचंद्र राम के समर्थन में उतरे तेज प्रताप यादव, बोले- निराशाजनक और निंदनीय व्यवहार हुआ है, मैं उनके साथ खड़ा हूं… appeared first on Naya Vichar.

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सोमवार का गम मंगलवार को खत्म! सेंसेक्स 511 अंक दौड़ा, निफ्टी भी हुई गदगद

Indian Stock Market 9 June 2026: सोमवार की भारी गिरावट के बाद आज यानी मंगलवार (9 जून) को हिंदुस्तानीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की है. ग्लोबल मार्केट्स से मिले अच्छे संकेतों और घरेलू स्तर पर रिजर्व बैंक (RBI) के बड़े फैसलों से इन्वेस्टर्स का हौसला बढ़ा है. सुबह बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (BSE Sensex) 0.70% यानी 511 अंकों की बढ़त के साथ 74,035.41 पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (NSE Nifty) भी 0.59% यानी 136 अंक चढ़कर 23,259.05 पर पहुंच गया. निफ्टी के 50 में से 39 शेयर हरे निशान (बढ़त) में कारोबार कर रहे हैं.  बाजार में अचानक तेजी क्यों आई? इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी राहत पश्चिम एशिया से मिली है, जहां इजरायल और ईरान ने हवाई हमलों को रोककर सीजफायर का ऐलान किया है. इससे कच्चे तेल की कीमतें घटकर 93 डॉलर प्रति बैरल के पास आ गईं, जिससे ग्लोबल मार्केट को बड़ी राहत मिली. इसके अलावा, अमेरिकी बाजारों में टेक और एआई (AI) शेयरों में आई खरीदारी से पूरे एशिया में सकारात्मक माहौल बन गया. जापान का निक्केई 1.73% और साउथ कोरिया का कोस्पी करीब 5% तक उछल गया.  आरबीआई और अमेरिकी कोर्ट से क्या मिली राहत? आरबीआई ने सोमवार शाम को विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए डॉलर-रुपया फॉरेक्स स्वैप (FCNR-B) सुविधा की घोषणा की, जिससे बाजार में 40 से 50 अरब डॉलर आने की उम्मीद है. वहीं, अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 1 लाख डॉलर के H-1B वीजा शुल्क को वहां की अदालत ने खारिज कर दिया है, जिससे हिंदुस्तानीय आईटी कंपनियों को बड़ी राहत मिली है. इसके साथ ही, टेलीकॉम कंपनियों को पुराने स्पेक्ट्रम लेवी मामले में हाई कोर्ट से राहत मिलने के कारण टेलीकॉम शेयरों में भी खरीदारी देखी जा रही है. रुपये में भी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे की मजबूती आई और यह 95.49 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है.  आज कौन से शेयर चमके और कौन से फिसले? शुरुआती कारोबार में मुनाफा कमाने वाले शेयरों में ट्रेंट (2.6%), इंडिगो (1.7%), ग्रासिम (1.4%), जियो फाइनेंशियल (1.4%), एक्सिस बैंक (1.2%) और बजाज फाइनेंस (1%) सबसे आगे रहे. वहीं दूसरी ओर, नुकसान उठाने वाले शेयरों में कोल इंडिया (0.82%), एनटीपीसी (0.75%), इन्फोसिस (0.61%), टाटा स्टील (0.54%) और ओएनजीसी (0.51%) प्रमुख रूप से गिरावट में रहे.  हालांकि विदेशी इन्वेस्टर्स (FPIs) ने पिछले 6 दिनों में 36,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की है, लेकिन बाजार के बहुत नीचे गिर जाने (ओवरसोल्ड होने) के कारण इन्वेस्टर्स ने ‘बाय ऑन डिप’ यानी गिरावट में खरीदारी की रणनीति अपनाई है, जिससे बाजार को संभलने का मौका मिला.  ये भी पढ़ें: सोना 1,51,680 रुपये और चांदी 2,59,900 रुपये पर आई, तुरंत चेक करें आपके शहर नया रेट  The post सोमवार का गम मंगलवार को खत्म! सेंसेक्स 511 अंक दौड़ा, निफ्टी भी हुई गदगद appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता 2026-27 का शेड्यूल जारी

सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट Subroto Cup : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची द्वारा 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता (2026-27) के आयोजन हेतु तारीख तय कर दी है. इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है. जारी पत्र के अनुसार प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक चरणबद्ध रूप से किया जाएगा. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्पोर्ट्स भावना का विकास करना और उनकी प्रतिभा को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना है. परियोजना परिषद ने स्पष्ट किया है कि सभी स्तरों पर प्रतियोगिताएं निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही कराई जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आयोजन में पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए. शिक्षा विभाग के इस निर्णय से विद्यार्थियों को स्पोर्ट्स एवं अन्य गतिविधियों में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहचान मिल सकेगी. प्रतियोगिता में इन विद्यालयों के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे इस प्रतियोगिता में राज्य के सभी कोटी के प्रशासनी विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, अल्पसंख्यक विद्यालय, प्रशासनी सहायता प्राप्त विद्यालय, मॉडल विद्यालय, उत्कृष्ठ विद्यालय, प्रखंड स्तरीय आदर्श विद्यालय और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय के विद्यार्थी 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में भाग ले सकेंगे. प्रतियोगिता के बालिका वर्ग (अंडर-17 व 19) और बालक वर्ग (अंडर-14, 17 व 19) के मैच स्पोर्ट्से जाएंगे.  65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता का निर्धारित कार्यक्रम  विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता : 16 जून से 20 जून 2026 प्रखण्ड स्तरीय प्रतियोगिता : 23 जून से 30 जून 2026 जिला स्तरीय प्रतियोगिता : 01 जुलाई से 05 जुलाई 2026 प्रमंडल स्तरीय प्रतियोगिता : 08 जुलाई से 12 जुलाई 2026 राज्य स्तरीय प्रतियोगिता : 17 जुलाई से 21 जुलाई 2026 राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर : 25 जुलाई से 14 अगस्त 2026 राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता : 18 अगस्त से 25 सितंबर 2026 ये भी पढ़ें: गढ़वा में सरस्वतिया नदी पुनर्जीवन मुहिम को मिला नया बल, मेदिनीनगर से बढ़े सहयोग के हाथ  ये भी पढ़ें: ई-वेस्ट पर झारखंड हाइकोर्ट सख्त: राज्य प्रशासन से मांगा जवाब, 2 जुलाई को अगली सुनवाई The post झारखंड में 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता 2026-27 का शेड्यूल जारी appeared first on Naya Vichar.

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IIT Jodhpur CSE vs AI: कंप्यूटर साइंस या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस? देखें कटऑफ और प्लेसमेंट ट्रेंड

IIT Jodhpur CSE vs AI: JoSAA काउंसलिंग के दौरान जब छात्रों की रैंक अच्छी आती है, तो उनके सामने सबसे बड़ा कन्फ्यूजन होता है ट्रेडिशनल कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग चुनें या तेजी से उभरती हुई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस ब्रांच.  IIT जोधपुर देश के उन चुनिंदा और अग्रणी संस्थानों में से एक है, जिसने AI ब्रांच में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है. अगर आप भी इस उलझन में हैं कि IIT जोधपुर में CSE बेहतर है या AI, तो आइए दोनों ब्रांचों का सिलेबस, कटऑफ ट्रेंड और प्लेसमेंट रिकॉर्ड के बारे में जानते हैं.  IIT Jodhpur CSE vs AI: सीएसई या एआई ब्रांच फैक्टर्स (Metrics) कंप्यूटर साइंस (BTech CSE) एआई और डेटा साइंस (BTech AI & DS) फोकस  सॉफ्टवेयर, कोडिंग, एल्गोरिदम और थ्योरी मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस, डीप लर्निंग JoSAA ओपनिंग-क्लोजिंग रैंक लगभग 2000 से 2950 (General) लगभग 3000 से 4250 (General) औसत पैकेज (Average CTC) 21.26 लाख प्रति वर्ष 18.22 लाख प्रति वर्ष प्लेसमेंट रेट 98.8% 97.9% हाईएस्ट पैकेज 50 से 60 लाख प्रति वर्ष 53 लाख प्रति वर्ष CSE और AI ब्रांच में मुख्य अंतर क्या है? BTech CSE (कंप्यूटर साइंस): यह एक एवरग्रीन और ब्रॉड फील्ड है. इसमें आपको कंप्यूटर के बुनियादी सिद्धांतों से लेकर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ऑपरेटिंग सिस्टम, नेटवर्किंग, डेटाबेस मैनेजमेंट (DBMS) और कोडिंग पूरी सिखाई जाती है.  BTech AI & DS (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस): यह पूरी तरह से फ्यूचर-ओरिएंटेड और स्पेशलाइज्ड ब्रांच है. इसमें शुरुआत के बाद आपका पूरा फोकस एडवांस मैथमेटिक्स, स्टैटिस्टिक्स, न्यूरल नेटवर्क, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और रोबोटिक्स पर शिफ्ट हो जाता है. यहां आप कंप्यूटर को इंसानों की तरह सोचना सिखाते हैं.  कटऑफ ट्रेंड: IIT जोधपुर में छात्रों की पहली पसंद कौन सी है? IIT जोधपुर के पिछले कुछ सालों के JoSAA ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक के ट्रेंड को देखें तो आज भी टॉप रैंकर्स की पहली पसंद CSE ही बनी हुई है. जनरल कैटेगरी के लिए CSE की क्लोजिंग रैंक आमतौर पर 2900 के आसपास सिमट जाती है. वहीं, जो छात्र कुछ रैंक से चूक जाते हैं, उनके लिए AI & Data Science सबसे पसंदीदा विकल्प बनकर उभरा है, जिसकी क्लोजिंग रैंक 4200 से 4250 के बीच देखी जा रही है. इसका मतलब यह है कि दोनों ही ब्रांच में सीट पाने के लिए तगड़ा कॉम्पिटिशन है.  IIT Jodhpur CSE vs AI: प्लेसमेंट और सैलरी पैकेज प्लेसमेंट डेटा के अनुसार, CSE का औसत पैकेज 21.26 लाख रुपये रहा है, जबकि AI एंड डेटा साइंस का एवरेज पैकेज 18.22 लाख रुपये दर्ज किया गया है. टेक दिग्गज जैसे Google, Microsoft, Cisco और Flipkart कंपनी  दोनों ही ब्रांच (IIT Jodhpur CSE vs AI) के स्टूडेंट्स को समान रूप से हायर कर रही हैं.  IIT Jodhpur Placement Statistics (Official Website) यह भी पढ़ें: IIT कानपुर में कैसे बदलती है ब्रांच? जानें योग्यता, नियम और पूरा प्रोसेस The post IIT Jodhpur CSE vs AI: कंप्यूटर साइंस या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस? देखें कटऑफ और प्लेसमेंट ट्रेंड appeared first on Naya Vichar.

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SUV बाजार में बड़ा उलटफेर, स्कॉर्पियो ने छीनी क्रेटा की कुर्सी, बिक्री में निकली आगे

कुछ महीनों पहले तक जिस मुकाबले में हुंडई क्रेटा को आगे माना जा रहा था, वहां अब तस्वीर बदलती दिख रही है. मई 2026 की बिक्री के आंकड़ों में महिंद्रा स्कॉर्पियो ने क्रेटा को पीछे छोड़ते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया है. दिलचस्प बात यह है कि दोनों एसयूवी अलग-अलग तरह के ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं, फिर भी स्कॉर्पियो की बढ़ती मांग यह दिखाती है कि हिंदुस्तानीय खरीदार अब भी बड़ी, दमदार और रोड प्रेजेंस वाली एसयूवी को पसंद कर रहे हैं. ऐसे समय में जब शहरी एसयूवी का दबदबा बढ़ रहा है, स्कॉर्पियो की यह वापसी ऑटो बाजार के लिए अहम संकेत मानी जा रही है. मई में स्कॉर्पियो ने मारी बाजी मई 2026 में महिंद्रा स्कॉर्पियो रेंज, जिसमें स्कॉर्पियो एन और स्कॉर्पियो क्लासिक दोनों शामिल हैं, की कुल 15,774 यूनिट बिकीं. वहीं हुंडई क्रेटा की बिक्री 15,235 यूनिट रही. यानी स्कॉर्पियो ने 539 यूनिट के अंतर से क्रेटा को पीछे छोड़ दिया. यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि अप्रैल 2026 में स्थिति बिल्कुल उलट थी. उस समय क्रेटा की बिक्री स्कॉर्पियो से अधिक रही थी, लेकिन महिंद्रा ने अगले ही महीने वापसी करते हुए बढ़त हासिल कर ली. आखिर क्यों पसंद आ रही है स्कॉर्पियो? स्कॉर्पियो की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसकी मजबूत रोड प्रेजेंस, तीन पंक्तियों वाली सीटिंग और दमदार डीजल इंजन विकल्प माने जाते हैं. यह एसयूवी उन ग्राहकों को आकर्षित करती है जो लंबी यात्राएं, खराब सड़कें और बड़े परिवार की जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं. दूसरी ओर, क्रेटा एक अधिक शहरी और प्रीमियम अनुभव देने वाली एसयूवी है. इसमें आधुनिक फीचर्स, कई इंजन विकल्प और शहरों के लिए बेहतर ड्राइविंग अनुभव मिलता है. इसके बावजूद स्कॉर्पियो की बिक्री यह साबित कर रही है कि हिंदुस्तानीय बाजार में बड़ी एसयूवी की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है. क्रेटा के लिए क्यों अहम है यह चुनौती? हुंडई क्रेटा लंबे समय से मिडसाइज एसयूवी सेगमेंट की सबसे लोकप्रिय गाड़ियों में गिनी जाती रही है. पेट्रोल, डीजल, टर्बो पेट्रोल और इलेक्ट्रिक विकल्पों के साथ यह ग्राहकों की बड़ी पसंद रही है. ऐसे में स्कॉर्पियो का इसे पीछे छोड़ना केवल एक महीने का बिक्री आंकड़ा नहीं, बल्कि बाजार में बदलती प्राथमिकताओं का संकेत भी माना जा रहा है. इससे यह साफ होता है कि हर ग्राहक केवल कॉम्पैक्ट और सिटी-फ्रेंडली एसयूवी की तरफ नहीं जा रहा है. स्कॉर्पियो एन और क्लासिक का डबल फायदा महिंद्रा को सबसे बड़ा फायदा उसकी दोहरी रणनीति से मिल रहा है. एक तरफ स्कॉर्पियो एन आधुनिक फीचर्स और नए डिजाइन के साथ ग्राहकों को आकर्षित करती है, तो दूसरी तरफ स्कॉर्पियो क्लासिक अपनी पारंपरिक पहचान और मजबूत इमेज के कारण लोकप्रिय बनी हुई है. यही वजह है कि कंपनी एक साथ अलग-अलग तरह के ग्राहकों को टारगेट कर पा रही है, जिसका असर बिक्री के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है. आने वाले महीनों में और बढ़ेगी टक्कर मई के आंकड़ों ने एसयूवी बाजार की प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना दिया है. अगर स्कॉर्पियो की रफ्तार इसी तरह बनी रहती है तो महिंद्रा इस सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकती है. वहीं हुंडई भी क्रेटा को लेकर नए अपडेट, ऑफर्स और फीचर अपग्रेड के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर सकती है. फिलहाल इतना तय है कि हिंदुस्तानीय एसयूवी बाजार में क्रेटा और स्कॉर्पियो के बीच यह मुकाबला आने वाले महीनों में और रोमांचक होने वाला है. यह भी पढ़ें: 12 लाख से ज्यादा बिकी, रीसेल वैल्यू भी कमाल, 20 साल पहले आई ये कार MPV सेगमेंट में अब भी कर रही राज The post SUV बाजार में बड़ा उलटफेर, स्कॉर्पियो ने छीनी क्रेटा की कुर्सी, बिक्री में निकली आगे appeared first on Naya Vichar.

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