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Author name: Vinod Jha

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Success Story: कभी बेचते थे चूड़ी, सिविल सर्विस की तैयारी के लिए छोड़ी सरकारी नौकरी फिर बन गये IAS

चतरा : झारखंड के आईएएस अधिकारी रमेश घोलप की गिनती झारखंड के तेज तर्रार आईएएस अधिकारियों में होती है. आज वे चतरा के डीसी हैं. वे सोशल मीडिया पर भी खासा सक्रिय रहते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि उनका सविल सर्वेंट बनने का सफर आसान नहीं था. घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उन्हें अपनी मां और भाई के साथ सड़कों पर चूड़ी बेचना पड़ा. चूंकि उनकी मां शिक्षा के महत्व को जानती थी इसलिए वे उन्हें हमेशा पढ़ाई पर ध्यान देने को कहती थी. इसका खुलासा खुद रमेश घोलप ने नया विचार से बातचीत में किया था. साइकिल रिपयेरिंग का काम करते डीसी रमेश घोलप के पिता डीसी रमेश घोलप ने उस इंटरव्यू में कहा था कि उनके पिता साइकिल रिपयेरिंग का काम करते थे. चंकि उन्हें शराब पीने की भी लत थी इसलिए हमेशा घर में आर्थिक बनी रहती थी. इस वजह से मां ने चूड़ी बेचने का काम शुरू कर दिया. मां हमेशा कहती थी कि अच्छी शिक्षा से हम अपनी तकदीर बदल सकते हैं. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले ओपन यूनिवर्सिटी से ली स्नातक की डिग्री रमेश घोलप इस इंटरव्यू में आगे बताते हैं कि घर की स्थिति को सुधारने के लिए वे और उनके भाई भी 10 वीं के बाद अपनी मां के साथ चूड़ी बेचने लगे थे. हालांकि उनकी मां हमेशा उन दोनों को इसके लिए मना करती थी. 12वीं के बाद उन्होंने डीएड का कोर्स किया. इसके बाद ओपन यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री ली. इसके बाद उन्हें एक प्रशासनी स्कूल में शिक्षक की नौकरी मिल गयी. इससे उनकी मां बहुत खुश हुई. उन्हें लगने लगा था कि उनके घर की हालत अब सुधर जाएगी. लेकिन 6 माह बाद ही इस नौकरी से उनका मन भर गया. टीचर की नौकरी छोड़ सिविल सर्विस की तैयारी में जुटे आईएएस अधिकारी रमेश घोलप इसके बाद टीचर की नौकरी छोड़ सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गये. उस वक्त उनकी मां को इस फैसले से दुख तो हुआ लेकिन इसके बावजूद वह हमेशा उनका समर्थन करती थी. साल 2012 में उनकी मेहनत रंग लायी और उन्होंने महाराष्ट्र सिविल सर्विस में टॉप किया. साथ यूपीएससी की परीक्षा में 287वीं रैंक हासिल किया. Also Read: Success Story: मां करती थी दिहाड़ी मजदूरी, बेटा बन गया IAS अफसर झारखंड की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें The post Success Story: कभी बेचते थे चूड़ी, सिविल सर्विस की तैयारी के लिए छोड़ी प्रशासनी नौकरी फिर बन गये IAS appeared first on Naya Vichar.

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BCCI से सीधी टक्कर लेने को तैयार PCB, IPL के बीच होगा पाकिस्तान सुपर लीग

IPL 2025: दुनिया की सबसे बड़ी लीग इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2025) का 18वें सीजन का आगाज 22 मार्च से होने वाला है. इस लीग की सफलता को देखते हुए IPL के बीच ICC कोई इवेंट नहीं आयोजित करता है. लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) BCCI से सीधी टक्कर लेने वाला है. दरअसल, PCB ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को IPL के बीच आयोजित करने जा रहा है. इस संबंध में बोर्ड ने शुक्रवार, 28 फरवरी को शेड्यूल जारी कर दिया है. PSL के 10वें सीजन का आगाज  IPL के बीच में होगा. यह भी पढ़ें- मेरे दोस्त पाकिस्तान से ज्यादा…अफागनिस्तान की जीत से गदगद जडेजा, वकार यूनिस को दिया करारा जवाब PSL का शेड्यूल जारी पाकिस्तान सुपर लीग के 10वें सीजन की शुरुआत 11 अप्रैल से  होने वाली है, जबकि लीग का फाइनल मुकाबला 18 मई के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा. इस बीच IPL के भी मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे, क्योंकि IPL के 18वें सीजन के मुकाबले 22 मार्च से स्पोर्ट्से जाएंगे, जबकि फाइनल मैच 25 मई को आयोजित होगा. ऐसे में PCB ने PSL का शेड्यूल जारी कर सीधे BCCI से टक्कर लेने का प्रयास करने जा रहा है.   Mark your calendars! 🗓️ The #HBLPSLX schedule is HERE! ⚡ Read more: https://t.co/Nh5xUOkEYA Which match are you hyped for? 🤩#HBLPSL10 l #DECADEOFHBLPSL pic.twitter.com/qAlmbWqt1R — PakistanSuperLeague (@thePSLt20) February 28, 2025 18 मई को स्पोर्ट्सा जाएगा फाइनल मैच PCB की तरफ से जारी शेड्यूल के मुताबिक, PSL के 10वें सीजन का पहला मुकाबला पिछले सीजन की विजेता रही इस्लामाबाद यूनाइटेड और दो बार की चैंपियन रही लाहौर कलंदर्स के बीच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. लीग के 13 मुकाबले लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. इसमें दो एलिमिनेटर मुकाबले सहित 18 मई को होने वाला फाइनल मुकाबला भी शामिल है. नया विचार प्रीमियम स्टोरी: Mughal Harem Stories :  मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम दोनों लीगों में शामिल खिलाड़ियों को होगी परेशानी इसके अलावा, रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में 13 मई को होने वाला क्वालिफायर 1 सहित कुल 11 मैच आयोजित होंगे. जबकि कराची नेशनल बैंक स्टेडियम और मुल्तान क्रिकेट स्टेडियम में कुल 5-5 मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे. ऐसे में अब देखना यह दिलचस्प होगा कि जो खिलाड़ी दोनों लीग का हिस्सा हैं, वे किस लीग को प्राथमिकता पर रखते हैं. अगर वे IPL को दरकिनार कर PSL को चुनते हैं, तो उन्हें सख्त नियमों से गुजरना पड़ेगा, क्योंकि अब IPL के नियम सख्त हो गए हैं.   हिंदुस्तान-पाकिस्तान सीरीज कैसे हो सकती है? सुनील गावस्कर ने सुझाया उपाय, कहा- अगर सीमा पर… The post BCCI से सीधी टक्कर लेने को तैयार PCB, IPL के बीच होगा पाकिस्तान सुपर लीग appeared first on Naya Vichar.

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Lok Sabha Speaker: देश की परंपरा और प्रकृति की रक्षा में बंजारा समाज की भूमिका है महत्वपूर्ण

Lok Sabha Speaker: देश की परंपरा और प्रकृति की रक्षा में बंजारा समाज के योगदान अहम रहा है. बंजारा समाज वनों के संरक्षण में सबसे आगे रहता है और अब समय आ गया है कि इस समाज को देश की विकास यात्रा में प्रमुख भागीदार बनाया जाए. दिल्ली के डॉ अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में संत सेवालाल महाराज की 286 वीं जयंती और रूप सिंह जी महाराज की पुण्यतिथि पर बंजारा समाज के लोगों को संबोधित करते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब उनकी आवाज सुनी जाएगी और उनकी समस्याओं का निराकरण हो.  बंजारा समाज के पूज्य संत सेवालाल जी महाराज का जीवन ज्ञान, तपस्या, त्याग और मानवता सेवा का पर्याय था और रूप सिंह जी महाराज वीरता और न्याय के प्रतीक थे. मौजूदा पीढ़ी को इन संतों के पदचिन्हों पर चलते हुए एक बेहतर समाज का निर्माण करना चाहिए. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बंजारा समाज कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद समाज की सेवा के प्रति हमेशा समर्पित रहा है. समाज ने कड़ी मेहनत और व्यापार में ईमानदारी से राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. समाज में शिक्षण और प्रशिक्षण की जरूरत बिरला ने युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र में परिवर्तन लाने के लिए बंजारा समाज को शिक्षण और प्रशिक्षण मिलना चाहिए. हमें एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना चाहिए जहां अगली पीढ़ी न केवल शिक्षित हो, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार भी हो. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के युवाओं को बढ़ावा देने और उनकी कड़ी मेहनत और प्रयासों के द्वारा व्यापक परिवर्तन लाने की जरूरत है. खासकर लड़कियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें शिक्षित कर बंजारा समाज समग्र रूप से प्रगति कर सके.   The post Lok Sabha Speaker: देश की परंपरा और प्रकृति की रक्षा में बंजारा समाज की भूमिका है महत्वपूर्ण appeared first on Naya Vichar.

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बचके रहना रे बाबा…! नियमों के बड़े पक्के हैं सेबी के नए चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय

SEBI New Chief: केंद्र प्रशासन ने तुहिन कांत पांडेय को हिंदुस्तानीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. वह माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे. उनका कार्यकाल 1 मार्च 2025 को समाप्त हो रहा है. कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी. वह तीन वर्षों तक इस पद पर कार्य करेंगे. सेबी के चेयरमैन बनने वाले तुहिन कांत पांडेय नियमों के पक्के बताए जाते हैं. सेबी चेयरमैन बनने के बाद इनके सामने कई नई चुनौतियां भी हैं. कौन हैं तुहिन कांत पांडेय तुहिन कांत पांडेय 1987 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. मौजूदा समय में वह वित्त सचिव के रूप में कार्यरत थे और कई महत्वपूर्ण आर्थिक नीतियों को लागू करने में उनकी अहम भूमिका रही है. अगस्त 2024 में उन्हें वित्त सचिव नियुक्त किया गया था. उनके प्रशासनिक अनुभव और वित्तीय मामलों की गहरी समझ के कारण प्रशासन ने उन्हें SEBI प्रमुख के रूप में चुना. सेबी के चेयरमैन को कितनी मिलती है सैलरी सेबी हिंदुस्तान के शेयर बाजार और वित्तीय नियमन का सबसे महत्वपूर्ण संस्थान है. यह न केवल निवेशकों के हितों की रक्षा करता है, बल्कि बाजार की पारदर्शिता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भी काम करता है. सेबी के चेयरमैन का पद हिंदुस्तान प्रशासन के सचिव के बराबर होता है. उन्हें हर महीने 5,62,500 रुपये वेतन (अन्य भत्तों के बिना) मिलता है. सेबी प्रमुख के कई दावेदार सेबी प्रमुख बनने की दौड़ में कई वरिष्ठ नौकरशाहों के नाम चर्चा में थे. इनमें इरडा के चेयरमैन देबाशीष पांडा, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ और तेल सचिव पंकज जैन प्रमुख हैं. हालांकि, तुहिन कांत पांडेय को इस पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा था. प्रशासन ने जनवरी 2025 में इस पद के लिए आवेदन मंगवाए थे, जिसकी अंतिम तिथि 17 फरवरी 2025 थी. पारदर्शी चयन प्रक्रिया के बाद पांडे को नियुक्त किया गया. तुहिन कांत पांडेये की बड़ी चुनौतियां शेयर बाजार की स्थिरता: हाल के महीनों में हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिसे स्थिर करने की जरूरत होगी. निवेशकों का विश्वास बढ़ाना: हिंडनबर्ग रिपोर्ट जैसे विवादों के बाद निवेशकों के विश्वास को फिर से मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी. बाजार नियमन को मजबूत करना: SEBI को पारदर्शी और प्रभावी बनाना ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके. डिजिटल बदलाव को अपनाना: फिनटेक, क्रिप्टोकरेंसी और AI आधारित ट्रेडिंग के बढ़ते उपयोग के चलते SEBI की नीतियों को आधुनिक बनाना आवश्यक होगा. इसे भी पढ़ें: EPFO Interest Rate: 7 करोड़ कर्मचारियों को झटका, PF ब्याज दर नहीं बढ़ी! तुहिन कांता पांडे का विजन तुहिन कांत पांडेय का कार्यकाल ऐसे समय में शुरू हो रहा है, जब हिंदुस्तानीय स्टॉक मार्केट रिकॉर्ड गिरावट के दौर से गुजर रहा है. सेबी की नीतियों में सुधार, निवेशकों की सुरक्षा और डिजिटल बदलाव को अपनाने के बीच सही दिशा तय करना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी. अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि तुहिन कांत पांडेय हिंदुस्तान के प्रतिभूति बाजार को कैसे नई दिशा देते हैं और किस तरह से हिंदुस्तानीय शेयर बाजार को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाते हैं. इसे भी पढ़ें: 1 मार्च से लाखों लोगों को नहीं मिलेगा राशन और प्रशासनी योजनाओं का लाभ, तुरंत करें ये काम The post बचके रहना रे बाबा…! नियमों के बड़े पक्के हैं सेबी के नए चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में जल्द शुरू होगा यह चीनी मिल, मंत्री ने बताया सरकार का प्लान

Bihar News: लंबे समय से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल फिर से चालू करने की उम्मीद जगी है. चार वर्षों से बंद रीगा चीनी मिल के संचालन के बाद, गोपालगंज व सीतामढ़ी की बंद चीनी मिलों के चालू होने की संभावना बढ़ गयी है. इस संबंध में बिहार प्रशासन के गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने नया विचार से महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा, गोपालगंज जिला कभी गन्ना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था, आज बंद पड़ी चीनी मिलों की वजह से गन्ना की खेती पर संकट का सामना कर रहा है. हालांकि, प्रशासन ने गन्ना किसानों को राहत देने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है. गन्ना उद्योग मंत्री ने बताया कि राज्य प्रशासन गन्ना किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उनके लिए लगातार काम कर रही है. मंत्री ने बताया कि इन मिलों के चालू होने की प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने अवलोकन शुरू कर दिया है और रिपोर्ट के आधार पर अगले कदम उठाए जाएंगे. किसानों के आय में हो रही वृद्धि बिहार प्रशासन ने गन्ना किसानों के हित में कई पहल की हैं. मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने बताया कि राज्य प्रशासन ने गन्ना किसानों के लिए न्यूनतम मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के तहत उत्तम खाद, उत्तम बीज और कृषि यंत्रों पर अनुदान भी दिया जा रहा है. इससे किसानों को खेती में मदद मिल रही है और उनकी आय में वृद्धि हो रही है. कृष्णनंदन पासवान ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में गन्ना की खेती लगभग खत्म हो गयी है, वहां के किसानों को गुड़ प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. प्रशासन इच्छुक किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान देकर गुड़ प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने में मदद कर रही है. इससे गन्ना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और गन्ना किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे. प्रशासन क्या कदम उठाएगी गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि नीतीश प्रशासन आने वाले दिनों में गन्ना किसानों को और अधिक प्रोत्साहन देने का प्रयास करेगी. इसके साथ ही, बंद पड़ी चीनी मिलों के संचालन की दिशा में भी प्रशासन सक्रिय रूप से काम कर रही है. यह कदम किसानों के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ गन्ना उद्योग को भी पुनर्जीवित करेगा. प्रशासन का यह प्रयास गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत का कारण बनेगा और राज्य में चीनी मिलों के बंद होने से उत्पन्न संकट को दूर करने में मदद करेगा. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :  Mughal Harem Stories : अपने हुस्न और चतुराई से नूरजहां ने जहांगीर को कदमों में रखा और बनी मलिका ए हिंद History of Munda Tribes 7 : पड़हा राजा कैसे करते थे न्याय, कौन -कौन थे पदधारी और कब मिलती थी जिंदा गाड़ने की सजा The post बिहार में जल्द शुरू होगा यह चीनी मिल, मंत्री ने बताया प्रशासन का प्लान appeared first on Naya Vichar.

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Aayush: गिलोय की महत्ता को लेकर दुनिया में हो रहे हैं रिसर्च 

Aayush: देश में आयुर्वेद का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है. आयुर्वेद में गिलोय के कई फायदे बताए गए हैं. जानकारों का कहना है कि गिलोय का सेवन काफी फायदेमंद होता है. गिलोय को लेकर हिंदुस्तान ही नहीं वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध बायोमेडिकल एंड लाइफ साइंस रिसर्च संस्था पबमेड का दावा है कि पिछले एक दशक में गिलोय को लेकर प्रकाशित होने वाले रिसर्च पब्लिकेशन में 376 फीसदी की वृद्धि हुई है. इससे जाहिर होता है कि वैश्विक स्तर पर गिलोय की रोग निवारक क्षमता के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है. डेटा के अनुसार गिलोय को लेकर वर्ष 2014 में 243 अध्ययन प्रकाशित हुआ जो वर्ष 2024 में बढ़कर 913 हो गया.  आयुष मंत्रालय द्वारा रिसर्च को बढ़ावा देने को लेकर उठाए गए कदम की जानकारी देते हुए आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि मंत्रालय आयुष के क्षेत्र में रिसर्च को प्राथमिकता दे रहा है. मंत्रालय दुनिया की प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर आयुर्वेद और हर्बल प्लांट की गुणकारी क्षमताओं को सामने लाने की दिशा में कदम उठा रहा है. हमारी कोशिश आयुर्वेद को मुख्यधारा के स्वास्थ्य सेवा से जोड़ना है ताकि लोगों को अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सेवा मिल सके.   कोरोना के बाद बढ़ी उत्सुकता आयुष पद्धति के तहत लंबे समय से गिलोय का उपयोग किया जाता रहा है. वैज्ञानिकों को पहले से गिलोय के फायदे के बारे में पता था. लेकिन कोरोना के बाद गिलोय को लेकर होने वाले शोध में अचानक वृद्धि देखी गयी. विशेषज्ञों का मानना है कि गिलोय में प्राकृतिक तौर पर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के गुण है. कई रिसर्च में यह बात सामने आयी है कि गिलोय प्रतिरोधक क्षमता, एंटी वायरल और अन्य रोगों से लड़ने में काफी सहायक है. इस शोध के बाद वैश्विक स्तर पर गिलोय के प्रति वैज्ञानिकों की दिलचस्पी बढ़ी है. कई शोध में यह बात सामने आयी है कि गिलोय कैंसर, इम्यून संबंधी रोग और अन्य रोगों के उपचार में काफी कारगर है. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर गालिब का कहना है कि वैश्विक स्तर पर गिलोय के वैज्ञानिक पहलू पर चर्चा हो रही है. दुनिया के विशेषज्ञ मानने लगे हैं कि गिलोय में रोग ठीक करने की क्षमता है. आने वाले समय में गिलोय कई शोध का विषय बनेगा. फरवरी 2025 में गुजरात यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ साइंस के अध्ययन में पता चला कि गिलोय सर्वाइकल कैंसर के उपचार में मददगार है. जनवरी 2025 में टाटा मेमोरियल सेंटर के शोधकर्ताओं ने भी गिलोय के कैंसर के उपचार को लेकर अध्ययन प्रकाशित किया है.  The post Aayush: गिलोय की महत्ता को लेकर दुनिया में हो रहे हैं रिसर्च  appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

समस्तीपुर पांच घंटे के भीषण जाम से जूझते रहें लोग, ट्रैफिक पुलिस पर गुस्सा में दिखें शहरवासी 

नया विचार समस्तीपुर :समस्तीपुर शहर में ट्रैफिक थाना और डीएसपी की मौजूदगी के बावजूद जाम की समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। शहर, शुक्रवार को लगभग पांच घंटे तक भीषण जाम से जूझता रहा, लेकिन अधिकांश जगहों पर ट्रैफिक पुलिस दिखाई नहीं दी। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की दोपहर मगरदही घाट पर एक ट्रक खराब हो जाने से दरभंगा-पटना. मुख्य मार्ग पर भीषण जाम लग गया। इसका असर शहर के अन्य रास्तों व गलियों पर भी पड़ा। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि जिले में एक ट्रैफिक डीएसपी की पोस्टिंग पहले से ही है। बावजूद इसके ट्रैफिक व्यवस्था आए दिन चरमरा जाती है। ट्रैफिक पुलिस अगर समय रहते सड़क पर उतरकर यातायात को व्यवस्थित करती तो लोगों को कई घंटे जाम का सामना नहीं करना पड़ता। यह जाम बाजार समिति से लेकर शहर के मोहनपुर तक लगा हुआ था। इस जाम का सामना जिले के वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों को भी करना पड़ा। ऐसा नहीं है कि यह जाम पहली बार लगा हो। शहर को इस तरह की जाम की अब आदत हो चुकी है। इस जाम के कारण कई बार एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी इस जाम में फंस जाते हैं, जिससे मरीजों और अन्य जरूरतमंदों को मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। शहर में ट्रैफिक की समस्या को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक थाना, डीएसपी, 112 सेवा और पैंथर्स मोबाइल टीम को तैनात किया गया है। इसके अलावा पुलिस गश्ती भी की जाती है। लेकिन, बावजूद इसके वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग जाता है। हालांकि, शाम के बाद ट्रैफिक कम होने के बाद शहर में यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सुधर रही थी। वही ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुनील कांत का बताना है कि मुख्य सड़क पर ही हो गई थी ट्रक खराब जिस वजह से लगी जाम की समस्या ।

समस्तीपुर

प्रधानाध्यापक के साथ गाली गलौज और मारपीट मामले से नाराज़ शिक्षकों ने पांचवें दिन भी विद्यालय रखा बंद, सुरक्षा की मांग को लेकर बीआरसी में दे रहे योगदान

नया विचार सरायरंजन। सरायरंजन प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय झखड़ा पतैली के प्रधानाध्यापक के साथ गाली –गलौज और मारपीट की घटना से नाराज़ शिक्षकों ने आज पांचवें दिन भी विद्यालय बंद कर सरायरंजन बीआरसी में योगदान दे रहे हैं । स्कूल छोड़ बीआरसी में बैठे शिक्षकों का कहना है कि गांव के ही अमलेश झा के पुत्र विजय कुमार झा के द्वारा सोमवार की शाम विद्यालय के प्रधानाध्यापक अविनाश कुमार रंजन पर विद्यालय बंद कर घर जाने के दौरान गाली – गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट किया और उनकी कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया । घटना के बाद पीड़ित प्रधानाध्यापक के द्वारा आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी । लेकिन घटना के 5 दिनों के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है । शिक्षकों का कहना है कि युवक पूर्व में भी कई बार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। प्रधानाध्यापक अविनाश कुमार रंजन का कहना है कि आरोपी के डर से सारे शिक्षक विद्यालय नहीं जा रहे हैं । शिक्षक पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग कर रहे है । स्कूल बंद होने के कारण बच्चों का पठन – पाठन बाधित है । वंही इस मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक विक्षिप्त युवक के द्वारा प्रधानाचार्य के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई है । इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है । प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है । साथ ही एसडीओ और डीएसपी को पत्र लिखकर विद्यालय में सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है । ताकि विद्यालय सुचारू रूप से संचालित हो सके ।

समस्तीपुर

कोपड़िया स्टेशन  स्थित रेल भूमि एवं समपार संख्या 11 से कोपड़िया स्टेशन के बीच के दोनों तरफ की रेल भूमि से अतिक्रमण हटाया गया

नया विचार समस्तीपुर ।आज समस्तीपुर मंडल के कोपड़िया स्टेशन के रेल परिक्षेत्र स्थित रेल भूमि एवं समपार संख्या 11 से कोपड़िया स्टेशन के बीच के इर्द गिर्द तथा कोपड़िया स्टेशन के दोनों तरफ की रेल भूमि से अतिक्रमण हटाया गया।विदित हो कि इस अतिक्रमण मुक्ति अभियान के दौरान कोपड़िया स्टेशन के रेल परिक्षेत्र स्थित रेल भूमि एवं समपार संख्या 11 से कोपड़िया स्टेशन के बीच के इर्द गिर्द तथा कोपड़िया स्टेशन के दोनों तरफ की रेल भूमि से अतिक्रमित करके बनाई गई अवैध दुकानों तथा अन्य स्थायी एवं अस्थाई निर्माण को रेल प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीन से तोड़ कर हटाया गया। इस क्रम में वहां पर अवैध रूप से चल रहे दुकान सहित झोपड़ियों तथा अन्य सभी छोटे बड़े निर्माण को भी हटाया गया। इस अभियान के माध्यम से कुल 230 दुकानें/ झोपड़ियों को हटाया गया जिससे 6500 वर्गमीटर रेलवे की जमीन अतिक्रमणमुक्त कराया गया। रेलवे की इस कार्यवाई को स्थानीय लोगों और यात्रियों द्वारा काफी सराहा जा रहा है तथा अतिक्रमण को हटाने के लिए रेल प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई का स्वागत किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कोपड़िया स्टेशन के रेल परिक्षेत्र स्थित रेल भूमि एवं समपार संख्या 11 से कोपड़िया स्टेशन के बीच के इर्द गिर्द तथा कोपड़िया स्टेशन के दोनों तरफ की रेल भूमि पर चल रही इन अवैध दुकानों को हटाने से रेलवे की काफी जमीन अतिक्रमण मुक्त हुई है। जिससे अब यात्रियों को भी आने जाने में सहूलियत होगी एवं कीमती रेल भूमि पर रेलवे का और अधिक विकास कार्य हो सकेगा।इस कार्रवाई से यात्रियों और स्थानीय लोगों में हर्ष व्याप्त है। उन्होंने रेल प्रशासन को धन्यवाद दिया है ।विदित हो कि रेल प्रशासन ने इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है और अवैध दुकानों को हटाकर रेल परिसर को साफ कर दिया है। यह कार्रवाई रेलवे की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करने और यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए की गई है। इससे रेल संरक्षा में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

समस्तीपुर

वीमेंस कॉलेज समस्तीपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन 

नया विचार समस्तीपुर।वीमेंस कॉलेज समस्तीपुर में विज्ञान विभाग द्वारा  प्रधानाचार्या प्रो. सुनीता सिन्हा की अध्यक्षता और डा. मृत्युंजय कुमार ठाकुर एवं डॉ अपूर्वा मुले के संयोजन में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।  इस अवसर पर विज्ञान विषयों की छात्राओं ने विज्ञान प्रोजेक्ट की प्रदर्शनी भी दिखाई गई।सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्या प्रो सिन्हा ने कहा कि विज्ञान मानव कल्याण के लिए है । हिंदुस्तान के विज्ञान अनुसंधान को विश्व गंभीरता से ले रहा है। मुख्य अतिथि  पूर्व प्रधानाचार्य एवं भौतिकी के विद्वान डॉ राज किशोर प्रसाद ने  कहा कि विज्ञान सर्वव्यापी है। मानव कल्याण के लिए निरंतर शोध हुआ है और आगे भी शोध की आवश्यकता है। विज्ञान से विश्व है, विज्ञान से विकास है और विज्ञान से विनाश भी है । आवश्यकता है विज्ञान का सदुपयोग कर सतत विकास करने की। डॉ मृत्युंजय कुमार ठाकुर ने कहा कि सी वी रमण के जीवन  व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रमण प्रभाव के आविष्कार से हिंदुस्तान का डंका विश्व में बजा है। विशिष्ट अतिथि प्रो बिगन राम ने कहा कि युवाओं में विज्ञान के प्रति विकसित सोच से ही विकसित हिंदुस्तान हो सकती है। प्रशासन को स्कूल कॉलेज में छात्र छात्राओं को विज्ञान के प्रति जागरूक करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना चाहिए। भौतिक विभाग के डा अपूर्वा मुले ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि हिंदुस्तान का युवा नित नए नए आइडिया से दुनिया को दिशा दिखा रहा है। इस वर्ष हिंदुस्तान प्रशासन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 की थीम विकास हिंदुस्तान के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए हिंदुस्तानीय युवाओं को सशक्त बनाना रखाहै, जो समीचीन है।धन्यवाद प्रस्ताव डा श्रीविद्या ने किया।  इस अवसर पर विज्ञान की 50 से अधिक छात्राओं ने अपने विज्ञान से संबंधित रूबी लेजर एसिड रेन वाटर, एटॉमिक, मंगलयान आदि प्रॉजेक्ट का मॉडल प्रदर्शित किया, जिसे आगत अतिथियों ने सराहा और शानदार कहा। छात्रा में कुमारी शालिनी,  पूजा रानी, शायदा प्रवीण, दीपिका सिंह, अनुराधा सिंह, समीक्षा चौधरी, प्रियंका, प्राची, शाहजहां प्रवीण, रुचि,  स्वाति, शिल्पी, कुमकुम रवि, सिम्मी कुमारी, सीमा कुमारी, आंचल सहित अधिक संख्या में छात्राएं  ने प्रॉजेक्ट प्रदर्शन की। मौके पर महाविद्यालय के डॉ विजय कुमार गुप्ता, डॉ मधुलिका मिश्रा,  डा नेहा कुमारी जायसवाल, डॉ रिंकी कुमारी, डॉ श्रीविद्या, डॉ संगीता, डॉ अरूण कुमार, डॉ नवेश कुमार, डॉ चंचल कुमारी, डा स्वीटी दर्शन, डा कुमारी शबनम, डॉ सोनल कुमारी, डॉ बबली कुमारी, प्रो पूनम कुमारी,  डॉ काजल श्रीवास्तव, डॉ स्वाति कुमारी सहित सभी शिक्षक उपस्थित थे।

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