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Author name: Vinod Jha

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सदर अस्पताल में लगाया गया ब्लड डोनेशन कैंप

किशनगंज . 22 फरवरी से 27 फरवरी तक चलने वाले पुलिस सप्ताह के पहले दिन रविवार को सदर अस्पताल परिसर में ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया. बल्ड डोनेशन कैंप रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से लगाया गया. ब्लड डोनेशन कैम्प में जिले के विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. रक्तदान की प्रक्रिया आगे चल रही थी. इस अवसर पर सदर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन, अवर निरीक्षक अंकित सिंह, अवर निरीक्षक कुंदन कुमार आदि ने रक्तदान किया. एसपी सागर कुमार ने कहा कि रविवार से पुलिस सप्ताह की शुरुआत की गई है जिसमें अलग अलग तिथियों में विभिन्न कार्यक्रम के साथ ब्लड डोनेशम कैम्प का आयोजन किया जा रहा है. एसपी सागर कुमार ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है. रक्तदान समय पर जरूरतमन्दों के लिए वरदान साबित होता है. हो सके तो हर एक को रक्तदान करना चाहिए.एसपी ने कहा कि 27 फरवरी तक स्त्री सशक्तिकरण कार्यक्रम, जागरूकता कार्यक्रम सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. कार्यक्रम में रेड क्रॉस के सचिव मिक्की साहा ने भी अहम भूमिका निभायी. इस मौके पर सदर अस्पताल के कर्मी अशोक कुमार झा, रेड क्रोस के सचिव मिक्की साहा आदि मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सदर अस्पताल में लगाया गया ब्लड डोनेशन कैंप appeared first on Naya Vichar.

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शिव जयंती पर प्रजापिता ब्रह्म कुमारी की ओर से निकली शोभायात्रा

जमालपुर. 89वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती पर रविवार को प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र द्वारा मंगल कलश शोभायात्रा निकाली गयी. मारवाड़ी धर्मशाला परिसर से निकलने वाली शोभायात्रा का नेतृत्व जयमाला दीदी और डॉली दीदी ने किया. उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर 89वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है. इसके तहत हर एक मनुष्य आत्मा को परमपिता शिव परमात्मा के इस धरती पर अवतरण से परिचय कराया जा रहा है. परमात्मा को पाने के लिए मनुष्य आत्मा इतना जप, तप, व्रत, उपवास और तीर्थ करते हैं. वह श्रीमद् भागवत गीता में भी वर्णित है. इस कलयुग में उनका अवतरण हो चुका है. शोभायात्रा मारवाड़ी धर्मशाला से रवाना हुई. जो टिपटॉप गली, सदर बाजार, हिंदुस्तान माता चौक, जुबली वेल होते हुए जमालपुर- मुंगेर मुख्य मार्ग से मुंगेर के लिए प्रस्थान कर गई. भ्रमण करने के दौरान ब्रह्म कुमारी भाई-बहन एवं माता ने सहारवासी को शिव परमात्मा का परिचय देते हुए उनके अवतरण के बारे में बताया. इस दौरान माता एवं बहनों ने कलश लेकर नगर भ्रमण किया. जिसमें सैकड़ो की संख्या में ब्रह्मकुमारी भाई-बहन शामिल थे. मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय आबू से बीके संजय थे. मौके पर हर्षिता दीदी, रूहानी दीदी, संजय कुमार, सुबोध कुमार पासवान, विनोद कुमार पासवान, दीप नारायण प्रसाद, महेश प्रसाद, दिलीप गुप्ता, बालमुकुंद आदि मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post शिव जयंती पर प्रजापिता ब्रह्म कुमारी की ओर से निकली शोभायात्रा appeared first on Naya Vichar.

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जलबोझी के दौरान बागमती नदी मे डूबने से दो युवकों की मौत

पुरनहिया : थाना क्षेत्र के दोस्तियां दक्षिणी गांव मे स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से दो युवकों की मौत हो गयी है. घटना की सूचना पर अंचल अधिकारी पल्लवी कुमारी व थानाध्यक्ष प्रेमजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी ली. इस दौरान स्थानीय गोताखोरों द्वारा शव को गहरे पानी से निकाला गया. थानाध्यक्ष ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल शिवहर भेज दिया है. घटना रविवार अपराह्न की बतायी जा रही है. जब लखरांव पूजा को लेकर बिसाही गांव से श्रद्धालु जलबोझी के लिए दोस्तियां दक्षिणी गांव स्थित बागमती नदी घाट आये हुए थे. इस दौरान सभी श्रद्धालु नदी में स्नान कर रहे थे. इसी बीच वार्ड 6 निवासी भाग्य नारायण साह का 18 वर्षीय पुत्र विपुल कुमार तथा अवध साह का 25 वर्षीय पुत्र चुनचुन कुमार की गहरे पानी में चले जाने के कारण डूबने से उसकी मौत हो गयी. नदी में युवकों के डूबने की सूचना मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी. स्थानीय लोगों द्वारा एसडीआरएफ टीम बुलाने की मांग की जाने लगी. इस दौरान स्थानीय गोताखोरों द्वारा काफी प्रयास के बाद शव को बरामद कर लिया गया. घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया हुआ है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जलबोझी के दौरान बागमती नदी मे डूबने से दो युवकों की मौत appeared first on Naya Vichar.

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गोल्डन कप के पहले मैच में चाकंद स्पोर्टिंग क्लब की जीत

बेलागंज. बेलागंज प्रखंड मुख्यालय स्थित पड़ाव मैदान पर रविवार को गोल्डन कप फुटबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन पूर्व मंत्री सह जहानाबाद सांसद डॉ सुरेंद्र प्रसाद यादव और चर्चित कथावाचक स्वामी हीरा दास त्यागी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया. उद्घाटन के उपरांत मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्य लोगों ने मैदान में जाकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया. उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि क्षेत्र में इस तरह का फुटबॉल टूर्नामेंट होना चाहिए. इस तरह के आयोजन से लोगों के बीच मनोरंजन तो होता ही है. खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिलता है. वहीं आयोजक किशोरी प्रसाद को सांसद ने धन्यवाद देते हुए कहा कि बेहतर फुटबॉल टूर्नामेंट कराया जा रहा है. टूर्नामेंट का पहला मैच चाकंद स्पोर्टिंग क्लब चाकंद व नवयुवक आजाद स्पोर्टिंग क्लब नवानगर बक्सर के बीच मैच स्पोर्ट्सा गया. जिसमें रोमांचक मुकाबले के बीच चाकंद स्पोर्टिंग क्लब की टीम ने नवयुवक आजाद क्लब बक्सर की टीम को 5-3 से हराकर पहला मैच जीता. टूर्नामेंट के आयोजक किशोरी प्रसाद ने बताया कि यह टूर्नामेंट पिछले 30 वर्षों से होता आ रहा है. इस मौके पर थानाध्यक्ष अरविंद किशोर, जिला पार्षद प्रतिनिधि गुड्डू यादव, मुखिया वृद्धानंद प्रसाद, पूर्व मुखिया सुरेश यादव, विवेकानंद विवेक, फुलेंद्र यादव, शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष शत्रुघ्न यादव, राजेश कुमार, राज किशोर कुमार, चंद्रभूषण अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य, स्पोर्ट्सप्रेमी एवं दर्शक मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post गोल्डन कप के पहले मैच में चाकंद स्पोर्टिंग क्लब की जीत appeared first on Naya Vichar.

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उत्कृष्ट प्रतिमा की श्रेणी में सब्जी मंडी सरस्वती पूजा समिति विजेता

साहिबगंज. रविवार को कला भूमि संस्था के तत्वावधान में पुलिस लाइन शहीद स्मारक के समीप एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सरस्वती पूजा के दौरान जिले भर में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पूजा समितियों को सम्मानित किया गया. मुख्य अतिथि मुख्यालय डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम पूजा समितियों के उत्साहवर्धन के लिए आवश्यक हैं. उन्होंने कहा कि पूजा समितियों का दायित्व है कि वे स्वच्छ और शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा का आयोजन करें, न कि कानून व्यवस्था के दबाव में. उन्होंने कला भूमि संस्था द्वारा पुरस्कृत सभी समितियों को बधाई दी. इस अवसर पर एपीओ संजय कुमार ने कहा कि सरस्वती पूजा के दौरान किए गए बेहतरीन प्रदर्शन का यह पुरस्कार प्रमाण है. सामाजिक कार्यकर्ता सिंघेश्वर मंडल, जो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए संस्था का आभार व्यक्त किया और विजेता समितियों को शुभकामनाएं दीं. समिति के सदस्यों में कुमारी गरिमा, सच्चिदानंद मिश्रा, सुबोध झा और सार्जेंट कुमार संजय ने भी अपने विचार साझा किये. मंच का संचालन भगवती प्रसाद पांडे ने किया. कार्यक्रम के आरंभ में मुख्य अतिथियों मुख्यालय डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा, एपीओ संजय कुमार और सामाजिक कार्यकर्ता सिंघेश्वर मंडल की कला भूमि संस्था की ओर से शॉल ओढ़ाकर और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. संस्था के संरक्षक अमृत प्रकाश ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पूजा समितियों का मनोबल बढ़ता है और भविष्य में वे और बेहतर करने का प्रयास करते हैं. सच्चिदानंद मिश्रा ने सरस्वती पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना आवश्यक है और अनुशासनहीनता समाज के लिए कलंक है. उन्होंने सभी विजेताओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी. कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन सार्जेंट संजय कुमार ने किया. इस अवसर पर समिति के सदस्य सच्चिदानंद मिश्रा, कुमारी गरिमा, वासुकी साह, राकेश साह, संस्थापक अमृत प्रकाश, प्राचार्य वीरेंद्र प्रसाद सिंह, समाजसेवी सिद्धेश्वर मंडल, नील कुमार और मनीष कुमार उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post उत्कृष्ट प्रतिमा की श्रेणी में सब्जी मंडी सरस्वती पूजा समिति विजेता appeared first on Naya Vichar.

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लकड़ी मिल बंद हो जाने से बढ़ई कारीगरों को हो रही परेशानी: जिलाध्यक्ष

संवाददाता, दुमका झारखंड प्रदेश विश्वकर्मा समाज की दुमका जिला इकाई की बैठक ग्रांट इस्टेट दुमका में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गंगाधर शर्मा ने की. बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि दुमका जिले में परंपरागत बढ़ईगिरी के कार्य में संलग्न लगभग 500 कारीगरों को स्फूर्ति योजना के तहत जोड़ते हुए एक क्लस्टर बनाया जायेगा. सभी कारीगरों के लिए ऑर्टिजन कार्ड तैयार किया जायेगा और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे. जिलाध्यक्ष ने यह भी उल्लेख किया कि दुमका नगर क्षेत्र में लकड़ी मिल के बंद हो जाने के कारण बढ़ई कारीगरों को बेरोजगारी की समस्या से जूझना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गयी है. इस समस्या के समाधान के लिए दुमका विधायक बसंत सोरेन को ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर विधायक ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया. उन्होंने यह भी कहा कि यदि लकड़ी मिल और इससे संबंधित समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो विश्वकर्मा समाज सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा. बैठक में प्रदेश महासचिव जयप्रकाश शर्मा, प्रदेश सचिव पवन शर्मा, जिला उपाध्यक्ष क्रांति राणा, जिला महासचिव रवींद्र शर्मा, स्त्री मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष लता देवी, जिला कार्यकारिणी सदस्य नीलू मढैया, मुकेश शर्मा, विजय शर्मा, संजय शर्मा, सुभाष शर्मा, जितेंद्र शर्मा, पिंटू मिस्त्री, मसलियां प्रखंड अध्यक्ष बैजनाथ मिस्त्री और नरेश शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे. बैठक का संचालन जिला महासचिव रवींद्र शर्मा ने किया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post लकड़ी मिल बंद हो जाने से बढ़ई कारीगरों को हो रही परेशानी: जिलाध्यक्ष appeared first on Naya Vichar.

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स्कूलों में उधार के राशन से चल रहा मिड डे मील, रसोइयों को नहीं मिल रहा वेतन

बरहरवा. प्रखंड क्षेत्र के प्रारंभिक विद्यालयों को तीन माह से मिड डे मील के संचालन के लिए राशि मुहैया नहीं करायी गयी है. इनमें से कुछ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के द्वारा बीइइओ को मिड डे मील संचालन करने में होने वाली समस्याओं से अवगत भी कराया है. उनका कहना है कि मिड डे मील के संचालन के लिए दुकान से राशन उधार में ले रहे हैं. अब वो दुकानदार भी उधार चुकाने को कह रहे हैं. शिक्षक बताते हैं कि भले ही प्रशासन के द्वारा मिड डे मील के लिए राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही हो लेकिन हमलोग राशन उधार लेकर बच्चों को भोजन करा रहे हैं. यह कुछ दिनों तक के लिए तो ठीक है लेकिन अब उधार की राशि का भी बोझ बढ़ रहा है. बताते चलें कि प्रखंड के 171 विद्यालयों में मिड डे मील चल रहा है. इनमें प्राथमिक, मध्य व मदरसा विद्यालय शामिल हैं. इनमें से अधिकांश विद्यालयों में बीते 2024 के नवम्बर माह के बाद से मिड डे मील की राशि नहीं मिली है. इससे मिड डे मील में संकट उत्पन्न होने की संभावना हो रही है. रसोइया को भी चार माह से नहीं मिला मानदेय प्रखंड के विभिन्न प्रारंभिक विद्यालयों में मिड डे मील तैयार करने वाली रसोइया को भी तीन माह से मानदेय नहीं मिल सका है. मानदेय नहीं मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है. रसोईया को हर महीने 2000 की राशि दी जाती है. ऐसे में यदि वह राशि भी समय पर नहीं मिल सके तो काम करने से क्या लाभ? जानकारी हो कि, प्रखंड क्षेत्र में करीब 460 रसोईया मिड डे मील तैयार करती है. इन्हें बीते वर्ष दुर्गा पूजा के समय ही मानदेय मिला था. उसके बाद अभी तक नहीं मिल सका है. कहते हैं पदाधिकारी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी रोबिन मंडल ने बताया कि मिड डे मील की राशि आ गयी है, एक-दो दिनों में स्कूलों को उपलब्ध करायी जाएगी. वहीं, रसोईया का वेतन भी जिला भेज दिया गया है. जल्द उन्हें भी मानदेय मिल जाएगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post स्कूलों में उधार के राशन से चल रहा मिड डे मील, रसोइयों को नहीं मिल रहा वेतन appeared first on Naya Vichar.

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चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान पर भारत की धमाकेदार जीत का रांची में मना जश्न, देखें Video

Ranchi Celebrates India Victory Over Pakistan:चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान पर हिंदुस्तान की धमाकेदार जीत का रांची में जोरदार जश्न मना. लोगों ने सड़कों पर उतरकर जमकर आतिशबाजी की. क्रिकेट प्रेमी नाचने-गाने लगे. हाथों मे तिरंगा लिये लोग रात को साढ़े नौ बजे के बाद सड़क पर आ गये. जैसे ही विराट कोहली ने विजयी चौका जड़ा, लोग नाचने लगे. सीटियां बजाने लगे. रांची की सड़कों पर इस जीत का जश्न देखते ही बन रहा था. हिंदुस्तान ने दुबई में स्पोर्ट्से गये चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप ए मैच में पाकिस्तान को रविवार को 6 विकेट से हराकर सेमीफाइनल के लिए अपना दावा मजबूत कर लिया. हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 49.4 ओवर में 241 रन पर समेट दया. इसके बाद 242 रन के टार्गेट का पीछा करने के लिए उतरी हिंदुस्तान की टीम ने इस लक्ष्य को 42.3 ओवर में 4 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया. हिंदुस्तान के लिए चेज मशीन विराट कोहली ने 100 रन की नाबाद पारी स्पोर्ट्सी. इससे पहले, श्रेयस अय्यर ने 56 और शुभमन गिल ने 46 रन की पारी स्पोर्ट्सी. #WATCH | #ICCChampionsTrophy | रांची में प्रशंसकों ने जश्न मनाया। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हिंदुस्तान ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर जीत दर्ज की। pic.twitter.com/z2gP5yuZF9 — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 23, 2025 इसे भी पढ़ें तेलंगाना के सुरंग में फंसे 4 श्रमिकों के परिजनों की टूट रही उम्मीद, सभी मजदूरों की तस्वीरें यहां देखें 23 फरवरी को आपके शहर में कितने में मिल रहा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें जैक पेपर लीक मामले में हुई गिरफ्तारी पर बाबूलाल मरांडी ने उठाये सवाल, जतायी ये आशंका Rain Alert: संताल परगना के इस जिले में अगले 3 घंटे में गरज के साथ बारिश-वज्रपात का अलर्ट The post चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान पर हिंदुस्तान की धमाकेदार जीत का रांची में मना जश्न, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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Russia Ukraine War: राष्ट्रपति पद छोड़ने को तैयार हैं जेलेंस्की! लेकिन रखी है यह शर्त, क्या बंद होगा रूस का हमला?

Russia Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की राष्ट्रपति पद छोड़ने को तैयार हैं! उन्होंने कहा है कि अगर उनके राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने से क्षेत्र में शांति लौटती है और यूक्रेन को नाटो की सदस्यता मिलती है, तो वो इसके लिए तैयार है. रविवार को राजधानी कीव में मीडिया से बात करते हुए जेलेंस्की ने कहा ‘अगर मेरे पद छोड़ने से यूक्रेन में शांति आती है, तो मैं तैयार हूं. लेकिन बदले में यूक्रेन को नाटो में जगह मिलनी चाहिए.’ रूस और यूक्रेन के बीच बीते तीन सालों से युद्ध जारी है. ट्रंप से जेलेंस्की को सहयोग की उम्मीद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के बाद आया है जिसमें ट्रंप ने जेलेंस्की को तानाशाह कह दिया था. रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच यूक्रेन में चुनाव नहीं कराए हैं. ट्रंप के बयान को लेकर जेलेंस्की ने कहा है कि वो उनके बयान से इसलिए नाराज नहीं है क्योंकि वो तानाशाह नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वो निर्वाचित राष्ट्रपति हैं. बता दें, यूक्रेन का कानून मार्शल लॉ के दौरान चुनाव की इजाजत नहीं देता है. यूक्रेन पर जारी है रूस का ताबड़तोड़ हमला- जेलेंस्की यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि रूस ने शनिवार रात यूक्रेन में पहले की तुलना में कहीं अधिक ड्रोन हमले किए है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, जेलेंस्की ने कहा कि 267 हमलावर ड्रोन भेजे गए थे, जिसे उन्होंने सबसे बड़ा हमला करार दिया. यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि 13 यूक्रेनी क्षेत्रों में 138 ड्रोन मार गिराए गए जबकि 119 अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके. वायुसेना ने बताया कि तीन बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी गईं. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक क्रिवी रीह सैन्य प्रशासन के प्रमुख ने बताया कि क्रिवी रीह शहर पर मिसाइल हमले में एक एक शख्स की मौत हो गई. जेलेंस्की ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा ‘हमें यूक्रेन में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति लाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए. यह सभी भागीदारों की एकता से संभव है हमें समूचे यूरोप की ताकत, अमेरिका की ताकत, उन सभी की ताकत की जरूरत है जो विश्वसनीय शांति चाहते हैं.’ The post Russia Ukraine War: राष्ट्रपति पद छोड़ने को तैयार हैं जेलेंस्की! लेकिन रखी है यह शर्त, क्या बंद होगा रूस का हमला? appeared first on Naya Vichar.

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खिलाड़ियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो

Pullela Gopichand : चैंपियंस ट्रॉफी की गर्माहट के बीच हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने एक साक्षात्कार के दौरान कुछ ऐसे सवाल उठाये हैं, जिसने स्पोर्ट्स जगत को झकझोर दिया है. इन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है. इसमें सबसे अहम यह है कि जो खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरने में विफल रहते हैं, उनके जीवन को आर्थिक तौर पर सुरक्षित बनाया जाए. यह सही है कि आमतौर पर खिलाड़ी अपना करियर बनाने के लिए पढ़ाई पर फोकस नहीं रख पाते. ऐसे में, जब वे विश्व स्तर पर पहुंचने में असफल रहते हैं, तो खुद को ठगा महसूस करते हैं. देश में पिछले कुछ दशकों में क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कबड्डी, वॉलीबाल, कुश्ती जैसे स्पोर्ट्सों में लीगों के आयोजन से ज्यादा खिलाड़ियों में संपन्नता तो आयी है, पर समस्या से निजात दिलाने के लिए यह पर्याप्त नहीं है. स्पोर्ट्सों में सफल करियर न बना पाने वाले युवाओं के लिए देश में कोई योजना न होने की निराशा में ही गोपीचंद ने मध्यम वर्ग के बच्चों को स्पोर्ट्स में करियर न बनाने की सलाह दी है. सही बात यह है कि प्रशासनों ने कभी इस समस्या पर ध्यान ही नहीं दिया. हालांकि ऐसा लगता है कि इस समस्या से निजात पाना भी आसान नहीं. इसकी वजह यह है कि स्पोर्ट्सों पर फोकस करने वाले ज्यादातर खिलाड़ी बहुत पढ़े-लिखे नहीं होते हैं, लिहाजा उन्हें ऊंचे पदों पर नौकरी नहीं दी जा सकती. ऐसे में, स्पोर्ट्स को करियर बनाने वाले खिलाड़ियों को पढ़ाई पर भी ध्यान देने के लिए जागरूक करने की जरूरत है. खिलाड़ियों में शिक्षा की कमी का एक किस्सा याद आता है. यह 1990 के दशक की बात है. एशियाई स्पोर्ट्सों के एक स्वर्ण पदक विजेता पहलवान अपनी समाचार छपवाने के लिए अखबार के दफ्तर में आये थे. अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन के कारण वह पुलिस अधीक्षक के पद पर पहुंच गये थे. उस दिन दूसरे साथी के छुट्टी पर होने की वजह से मुझ पर काम का दबाव था, तो मैंने उनसे कहा कि समाचार दे जाइए, मैं छाप दूंगा, पर वह समाचार लिख कर नहीं लाये थे. मैंने पैड और पैन उनकी तरफ बढ़ा दिया और अपने काम में लग गया. कुछ समय बाद देखा, तो वह चुपचाप बैठे थे. मैंने जब उनसे समाचार लिख कर देने को कहा, तो वह बोले, जैसे-तैसे तो मैंने दस्तखत करना सीखा है. इससे ज्यादा मुझे लिखना नहीं आता. ऐसे खिलाड़ी आज भी देखने को मिल सकते हैं. हां, अब खिलाड़ियों की समझ में भी आ रहा है कि खिलाड़ी के साथ शिक्षित होना भी जरूरी है. इसलिए मध्यवर्ग से निकले खिलाड़ी पढ़ाई पर भी ध्यान दे रहे हैं. जहां तक आर्थिक तौर पर मजबूत युवाओं द्वारा स्पोर्ट्सों को अपनाने की बात है, तो देश में इस तरह का स्पोर्ट्स ढांचा तैयार करना बिल्कुल भी संभव नहीं लगता. टेनिस, स्क्वैश और बैडमिंटन जैसे स्पोर्ट्सों को छोड़ दें, तो ज्यादातर स्पोर्ट्सों में आर्थिक तौर पर कमजोर और दूर-दराज के इलाके वाले युवा ही सुर्खियां बटोर रहे हैं. देश में ऐसे हजारों खिलाड़ी होंगे, जिनके घरों में न तो दो वक्त के खाने का इंतजाम था और न ही रहने के लिए पक्का मकान. उनके आसपास स्पोर्ट्सों की भी कोई सुविधा नहीं थी, पर अथक परिश्रम और जज्बे की वजह से वे शिखर पर पहुंचने में सफल रहे. राज्य प्रशासनों, रेलवे या सेना में ऐसे खिलाड़ियों की छोटी-मोटी नौकरी मिल जाने पर घर ढंग से चलने लगता है, तो वे इसे ऊपर वाले का वरदान मान लेते हैं. हमारे यहां कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेरता है, तभी उस पर पैसों की बारिश की जाती है. बेहतर हो कि स्पोर्ट्स प्रतिभाओं को तैयार करने पर पैसे खर्च किये जाएं. इसके लिए खिलाड़ी बनने की चाह रखने वालों तक सुविधाएं पहुंचायी जाएं. पिछले कुछ दशकों में अपने यहां स्पोर्ट्सों की स्थिति में बहुत सुधार आया है,पर देश की आबादी को देखते हुए यह नाकाफी है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर स्पोर्ट्स सुविधाएं बड़े शहरों में हैं, जहां तक हर किसी का पहुंचना संभव नहीं. इसलिए सुविधाओं को छोटे कस्बों तक ले जाने की जरूरत है. साथ ही, स्पोर्ट्सों को शिक्षा के साथ जोड़ना भी बेहद जरूरी है. अगर स्पोर्ट्सों में पढ़े-लिखे युवा आयेंगे, तो उनको नौकरी भी बेहतर मिलेगी और वे सम्मान के साथ जी सकेंगे. पुलेला गोपीचंद ने एक बात यह भी कही है कि उन्होंने एशियाई स्पोर्ट्सों के एक पदक विजेता को रेलवे के एक आइआरएस अधिकारी को ‘यस सर’ कहते देखा है. यह आदमी के संस्कारों और सिस्टम की देन है. मैंने अनेक ओलंपियन पहलवानों को स्पोर्ट्स पत्रकारों के पैर छूते देखा है, जो असल में सम्मान प्रदर्शित करने का उनका तरीका है. हमारा सिस्टम ही ऐसा है कि आदमी की अहमियत पद से होती है. स्पोर्ट्स भी इस सिस्टम से अलग नहीं हैं, पर यह जरूरी है कि एशियाई स्पोर्ट्सों, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्सों, विश्व चैंपियनशिपों और ओलंपिक जैसे स्पोर्ट्सों में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के सम्मान की रक्षा की जाए. ऐसा करके हम और भी युवाओं को स्पोर्ट्सों की तरफ आकर्षित कर सकते हैं.(ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post खिलाड़ियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो appeared first on Naya Vichar.

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