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Author name: Vinod Jha

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Farmer: कृषि कानूनों पर गतिरोध जारी, सरकार और किसानों के बीच छठी बैठक बेनतीजा, अगली वार्ता 19 मार्च को

Farmer: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और अन्य मांगों को लेकर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है. इस बीच, किसानों और केंद्र प्रशासन के बीच चंडीगढ़ में छठी बैठक हुई, लेकिन इसमें कोई समाधान नहीं निकल सका. बैठक करीब ढाई घंटे चली, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई. अब अगली बैठक 19 मार्च को आयोजित की जाएगी. इस बैठक में केंद्र प्रशासन की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और पीयूष गोयल मौजूद थे. वहीं, पंजाब प्रशासन का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और फूड प्रोसेसिंग मंत्री लालचंद कतरूचक ने किया. किसानों की ओर से संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया. इनमें प्रमुख किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, अभिमन्यु कोहाड़, काका सिंह कोटडा, सुखजीत सिंह, अरुण सिन्हा, लखविंदर सिंह, जसविंदर लोंगोवाल, एमएस राय, नंद कुमार, बलवंत सिंह बेहरामके और इंद्रजीत सिंह कोटबुढ़ा शामिल थे. इसे भी पढ़ें: 26-27 फरवरी को स्कूल-ऑफिस बंद, जानें वजह केंद्र प्रशासन और किसानों के बीच मतभेद बरकरार बैठक में मुख्य मुद्दा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी रहा. किसान 23 फसलों पर एमएसपी लागू करने की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन अभी 18 फसलों पर एमएसपी दे रही है और दो से तीन और फसलों को इसमें जोड़ने की बात कह रही है. किसान नेताओं ने प्रशासन के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग दोहराई. प्रशासन ने किसानों को दिए आंकड़े, करेंगे मिलान बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चर्चा सकारात्मक माहौल में हुई. उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के पास अपने-अपने आंकड़े हैं और अब इनका मिलान किया जाएगा. उन्होंने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से अपना अनशन खत्म करने की भी अपील की. लेकिन डल्लेवाल ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी नहीं दी जाती, वह अनशन समाप्त नहीं करेंगे. इसे भी पढ़ें: अंडा या पनीर कौन है सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद! डल्लेवाल से मिलने पहुंचे शिवराज चौहान बैठक में शामिल होने के लिए जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचे, तो वे सबसे पहले किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के पास गए और उनकी सेहत का हाल जाना. गौरतलब है कि डल्लेवाल आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं और उन्हें बैठक के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-26 लाया गया था. प्रशासन के साथ वार्ता के लिए उन्हें एंबुलेंस से लाया गया था. किसानों ने फिर दी दिल्ली कूच की चेतावनी संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने बैठक से पहले कहा था कि यदि इस वार्ता में सकारात्मक परिणाम नहीं मिले तो 25 फरवरी को 101 किसान वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में दिल्ली कूच करेंगे. इससे पहले, 14 फरवरी को भी केंद्र प्रशासन और किसानों के बीच बैठक हुई थी, लेकिन वह भी बेनतीजा रही थी. ऐसे में अब नजरें 19 मार्च को होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां उम्मीद की जा रही है कि कोई ठोस समाधान निकल सकता है. हालांकि, फिलहाल किसान अपने रुख पर कायम हैं और प्रशासन से एमएसपी की गारंटी सहित अन्य मांगों पर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: सास-बहू में महायुद्ध! लात-घूंसे, झोटा झोटी, पटकी पटका, देखें वीडियो इसे भी पढ़ें: पेशाब के तुरंत बाद पानी पीना सेहत के लिए खतरा! जानें सही तरीका इसे भी पढ़ें: बारिश, बर्फबारी और बढ़ती गर्मी का हाई अलर्ट, जानिए आपके शहर का हाल The post Farmer: कृषि कानूनों पर गतिरोध जारी, प्रशासन और किसानों के बीच छठी बैठक बेनतीजा, अगली वार्ता 19 मार्च को appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Train: आज विक्रमशिला एक्सप्रेस सहित जमालपुर से गुजरने वाली कई ट्रेनें कैंसिल, इन ट्रेनों का परिचालन भी होगा प्रभावित

Bihar Train: जमालपुर-भागलपुर रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों के निकट सब-वे निर्माण कार्य को लेकर रविवार को जमालपुर से गुजरने वाली कई ट्रेनें कैंसल रहेगी, जिसमें इस क्षेत्र की सर्वाधिक लोकप्रिय ट्रेन विक्रमशिला एक्सप्रेस के साथ जमालपुर से किऊल और भागलपुर जाने वाली दो पैसेंजर ट्रेन भी कैंसल रहेगी. जबकि कई ट्रेनों को डायवर्टेड रूट से चलाया जाएगा. इसके अतिरिक्त कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा. इसके कारण जमालपुर-भागलपुर-किऊल रेलखंड पर यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को परेशानी हो सकती है. बताया गया कि नाथनगर अकबरनगर के बीच गेट संख्या 2-ए अकबरनगर, सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन के बीच स्थित गेट संख्या 7 तथा सुल्तानगंज और कल्याणपुर रोड रेलवे स्टेशन के बीच स्थित गेट संख्या 11 पर इस दौरान सब-वे का निर्माण कार्य किया जाएगा. आज यह ट्रेनें रहेंगी रद्द 12367/12368 भागलपुर-आनंद विहार-भागलपुर विक्रमशिला एक्सप्रेस कैंसिल रहेगी 63423/63424 जमालपुर-क्यूल-जमालपुर पैसेंजर ट्रेन कैंसिल रहेगी 73430/73429 जमालपुर-भागलपुर-जमालपुर पैसेंजर ट्रेन कैंसिल रहेगी कई अन्य ट्रेनों का परिचालन भी होगा प्रभावित रेलवे द्वारा प्राप्त अधिकृत जानकारी में बताया गया है कि रविवार को कई अन्य ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा. 13334 डाउन पटना-दुमका एक्सप्रेस जमालपुर होकर नहीं चलेगी. यह ट्रेन क्यूल स्टेशन से झाझा, जसीडीह के रास्ते दुमका चली जाएगी. इसके अतिरिक्त 13409/13410 मालदा टाउन-किऊल-मालदा टाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस भी जमालपुर तक नहीं आएगी. यह ट्रेन भागलपुर में ही रुकेगी. जहां से वापस मालदा के लिए रवाना होगी. 13241 अप बांका-राजेंद्र नगर इंटरसिटी एक्सप्रेस जमालपुर नहीं आएगी. 13242 डाउन राजेंद्र नगर-बांका इंटरसिटी एक्सप्रेस भी शनिवार को किऊल रेलवे स्टेशन तक ही चली थी, जिसके कारण इस ट्रेन को रविवार को क्यूल स्टेशन से ही राजेंद्र नगर के लिए रवाना कर दिया जाएगा. इसके अतिरिक्त 63431/63432 साहिबगंज-जमालपुर-साहिबगंज पैसेंजर ट्रेन भी भागलपुर तक ही चलेगी. जहां से वापस साहिबगंज के लिये रवाना होगी. 13419 अप भागलपुर-मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस को भागलपुर में रीशेड्यूल किया जाएगा. यह ट्रेन अपने निर्धारित समय अपराह्न 14:05 के बजाय 15:20 बजे गंतव्य के लिए भागलपुर से रवाना होगी. वहीं 13424 डाउन अजमेर-भागलपुर एक्सप्रेस को रास्ते में 90 मिनट के लिए कंट्रोल किया जाएगा. लगभग 10 घंटे अनिश्चित विलंब से चली गरीब रथ एक्सप्रेस शनिवार को इस रेलखंड पर कई ट्रेनों का परिचालन अनिश्चित विलंब से होता रहा. 22406 डाउन आनंद विहार-भागलपुर गरीब रथ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय प्रातः 9:10 बजे से लगभग 10 घंटे अनिश्चित विलंब से चलकर संध्या 19:35 बजे जमालपुर पहुंची. रेल यात्रियों ने बताया कि आनंद विहार में ही इस ट्रेन को लगभग 5 घंटे विलंब से रवाना किया गया था, जो जमालपुर तक लगभग 10 घंटे लेट हो गयी. जिसके कारण भागलपुर से आनंद विहार के लिए रवाना होने वाली 22405 अप गरीब रथ एक्सप्रेस को 6 घंटे 20 मिनट के लिए रीशेड्यूल किया गया. बताया गया कि ट्रेन भागलपुर से अपने निर्धारित समय अपराह्न 13:55 बजे के बजाय रात्रि 20:15 बजे गंतव्य के लिए रवाना होगी. वहीं पटना से चलकर दुमका जाने वाली 13334 डाउन पटना-दुमका एक्सप्रेस लगभग सवा दो घंटे लेट चलकर जमालपुर पहुंची. जबकि 15657 डाउन दिल्ली- कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल लगभग 11 घंटे अनिश्चित विलंब से चलकर अपने निर्धारित समय गुरुवार की संध्या 18:10 बजे के बजाय शुक्रवार की सुबह 5:37 बजे जमालपुर पहुंची. इससे पहले 73426 डाउन क्यूल-जमालपुर डेमू पैसेंजर, 73435 अप साहिबगंज-जमालपुर डेमू पैसेंजर, 13031 अप हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस एवं 13230 राजेंद्र नगर-गोड्डा एक्सप्रेस लेट चलकर जमालपुर पहुंची थी. Also Read: Love Affair: आधी रात को प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी, जब घरवालों को लगी इसकी भनक तो… The post Bihar Train: आज विक्रमशिला एक्सप्रेस सहित जमालपुर से गुजरने वाली कई ट्रेनें कैंसिल, इन ट्रेनों का परिचालन भी होगा प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: नवादा में पहली बार होगा ककोलत महोत्सव, व्यवसायियों को स्टॉल लगाने का मिलेगा अवसर

Bihar News: नवादा में कला महोत्सव के अंर्तगत ककोलत महोत्सव की घोषणा के बाद लोगों में जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है. ककोलत जलप्रपात नवादा की पहचान है. नये निर्माण के बाद इसकी भव्यता और बढ़ गयी है. गर्मी की आहट मिलने के साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है. आने वाले दिनों में इसको लेकर तीन दिनों का आयोजन नवादा को एक नयी पहचान देने वाला है. जिला प्रशासन तैयारी में लगी हुई है. ककोलत के जीर्णोद्धार के बाद जिले में पहली बार भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. महोत्सव की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन 27 फरवरी से लेकर एक मार्च तक होने वाले तीन दिवसीय कला महोत्सव के तहत ही 28 फरवरी को ककोलत महोत्सव का आयोजन हरिशचंद्र स्टेडियम में किया जायेगा. इसमें राष्ट्रीयस्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुति को प्रस्तुत करेंगे. ककोलत के नाम से होने वाले कार्यक्रम में देश के टीवी शो के फेमस सिंगर और इंडियन आइडल सीजन-10 के विजेता सलमान अली अपनी प्रस्तुति देंगे. वहीं, आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर की सिंगर मैथिली ठाकुर 28 फरवरी को अपनी प्रस्तुति देगी. व्यवसायियों को स्टॉल लगाने का अवसर महोत्सव के दौरान स्थानीय व्यंजन, वस्त्रों एवं अन्य वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों को स्टॉल लगाने की सुविधा प्रदान की जा रही है. इच्छुक दुकानदार जिला नजारत उपसमाहर्ता के कार्यालय से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं. महोत्सव का विस्तृत कार्यक्रम 27 फरवरी 2025 सलमान अली की प्रस्तुति उद्घाटन समारोह मगधी सांस्कृतिक मेला आपदा विभाग कार्यक्रम फरोगे-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला एवं मुशायरा एलईडी वैन प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक, आपदा संबंधित प्रशिक्षण सांस्कृतिक संध्या में सलमान अली की प्रस्तुति 28 फरवरी 2025 मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति ककोलत महोत्सव, वसंत पंचमी महोत्सव व मकर संक्रांति महोत्सव सुलेखन, मेंहदी प्रतियोगिता, चित्रकला, रंगोली, स्पोर्ट्सकूद प्रतियोगिता कबड्डी, पतंगबाजी, बालू कला प्रदर्शन सांस्कृतिक संध्या में मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति 01 मार्च 2025 मगही महोत्सव मगही भाषा व साहित्य सम्मेलन-सह-कार्यशाला मगही फिल्म प्रदर्शनी, मगही नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम Also Read: Cyber Crime: आठ लाख रुपये के लालच में मजदूर हुआ साइबर ब्लैकमेल का शिकार, जानें क्या है पूरा मामला क्या कहते हैं लोग ककोलत महोत्सव का आयोजन जिला प्रशासन के द्वारा पहली बार किया जा रहा है. इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होने से जिले का नाम गौरवान्वित होता है. जिले में इस तरह के कार्यक्रम की शुरुआत एक सुखद प्रयास है. – चंद्रशेखर कुमार नौसे, न्यू एरिया ककोलत के जीर्णोद्धार के बाद इस तरह का पहला ऐसा कार्यक्रम हो रहा है, जिसमें ककोलत को राज्यस्तर पर प्रस्तुत किया जा रहा है. पर्यटन के क्षेत्र में ककोलत एक फेमस जगह है. इसे सिर्फ प्रमोट करने की आवश्यकता है, जो जिला प्रशासन इस वर्ष कर रही है. – प्रो महेश प्रसाद, मिर्जापुर जिला प्रशासन की ओर से जिलास्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है. इस तरह के आयोजन हमेशा होते रहना चाहिए. प्रशासन के आयोजित किए गये 24 फरवरी को ऑडिशन का कार्यक्रम यह एक सराहनीय कदम है. जिले के शिशु को अपने प्रदर्शन का मौका मिलेगा.– मान्या वर्मा, पार नवादा इस तरह के बड़े आयोजन जिले में होते रहना चाहिए. ऐसे आयोजनों से जिलेवासियों का मनोबल बढ़ता है. जिला प्रशासन विभिन्न प्रतियोगिता व परफॉर्मेंस कार्यक्रम का आयोजन सराहनीय है. ककोलत के नये स्वरूप में आने के बाद इस प्रकार के आयोजन से क्षेत्र के विस्तार में लाभ मिलेगा. – प्रो सुनिल कुमार गुप्ता, स्टेशन रोड The post Bihar News: नवादा में पहली बार होगा ककोलत महोत्सव, व्यवसायियों को स्टॉल लगाने का मिलेगा अवसर appeared first on Naya Vichar.

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India vs Pakistan: 5 की फैक्टर, जो भारत को पाकिस्तान से रखते हैं आगे, धूल चटाने को तैयार रोहित की सेना

India vs Pakistan: हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा रविवार को दुबई इंटरनेशन स्टेडियम में होने वाला है. विजय रथ पर सवार रोहित शर्मा की सेना पाकिस्तान से मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. हिंदुस्तान का वैसे भी पाकिस्तान के खिलाफ दबदबा रहा है. हिंदुस्तान ने दुबई में अब तक एक भी वनडे मुकाबला नहीं गंवाया है. टीम इंडिया पाकिस्तान को रौंदने के लिए बिल्कुल तैयार है, क्योंकि पाकिस्तान लगातार हार के बाद इस मैच में मैदान पर उतरेगा, जबकि हिंदुस्तान के पास वनडे में चार लगातार जीत हैं. हम नजर डालते हैं कि हिंदुस्तान का पलड़ा क्यों भारी है… आईसीसी प्रतियोगिताओं में हिंदुस्तान का दबदबा हिंदुस्तान ने आईसीसी इवेंट्स में पाकिस्तान पर हमेशा दबदबा बनाया है और अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उसका रिकॉर्ड 17-4 है. दिलचस्प बात यह है कि चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान का हिंदुस्तान पर 3-2 का रिकॉर्ड है. उन्होंने 2017 के संस्करण के फाइनल में ओवल में हिंदुस्तान को 180 रनों से हराया था, जो टूर्नामेंट में दो एशियाई दिग्गजों के बीच आखिरी भिड़ंत थी. फिर भी हिंदुस्तान का जो इस समय प्रदर्शन है, वह पाकिस्तान को नाकों चने चबवा सकता है. Mughal Harem Stories : अपने हुस्न और चतुराई से नूरजहां ने जहांगीर को कदमों में रखा और बनी मलिका ए हिंद हिंदुस्तान ने पिछले 5 वनडे मुकाबलों में पाकिस्तान को चटाई है धूल हिंदुस्तान ने दोनों टीमों के बीच पिछले पांच वनडे मुकाबलों में पाकिस्तान को धूल चटाई है. इनमें से तीन जीत सात या उससे ज्यादा विकेट के अंतर से मिली हैं. हिंदुस्तान ने ओल्ड ट्रैफर्ड में 2019 विश्व कप के मुकाबले में पाकिस्तान को 89 रनों से रौंदा था. 2023 में कोलंबो में एशिया कप में उन्हें 228 रनों से अपमानित करके हिंदुस्तान ने डूब मरने के लिए छोड़ दिया था. पिछले कई मैचों से पाकिस्तान भार के आगे टिक नहीं पाया है. हिंदुस्तान दुबई में कभी कोई वनडे नहीं हारा हिंदुस्तान ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में सात मैच स्पोर्ट्से हैं और इनमें से छह में जीत हासिल की है. उन्होंने इस मैदान पर एक भी वनडे नहीं हारा है. हिंदुस्तान ने 2018 में दुबई में एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ एक मैच टाई स्पोर्ट्सा था. इसके विपरीत, पाकिस्तान का इस मैदान पर कोई अच्छा रिकॉर्ड नहीं है, जो पिछले दशक में ज्यादातर समय से उनका अपना घरेलू मैदान रहा है. उन्होंने दुबई में 22 वनडे मैचों में से सिर्फ 8 में जीत दर्ज की है. शुभमन गिल : वनडे क्रिकेट में रनों का अंबार शुभमन गिल ने अपने 50 ओवर के करियर की शानदार शुरुआत की है और 2022 से अब तक 101.65 की स्ट्राइक रेट से सिर्फ 48 पारियों में 2639 रन बनाए हैं. इस समय-सीमा में गिल के 8 शतकों से ज्यादा किसी बल्लेबाज ने नहीं बनाए हैं. उनका 65.97 का औसत भी इस अवधि में कम से कम 1000 रन बनाने वाले 63 बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा है. गिल पाकिस्तान के खिलाफ भी पारी की शुरुआत करेंगे और किसी भी पाकिस्तानी गेंदबाज की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आएंगे. रोहित शर्मा : पावर प्ले में उड़ा देते हैं गेंदबाजों की धज्जियां रोहित शर्मा ने विकेट बचाने के बजाय रन बनाने के मंत्र के साथ सफेद गेंद के क्रिकेट में शीर्ष क्रम में हिंदुस्तान के लिए बल्लेबाजी के खाके को अलग ढंग से परिभाषित किया है. उन्होंने पावरप्ले में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी है. पहले 10 ओवरों में रोहित की आक्रामक बल्लेबाजी ने हिंदुस्तान को घरेलू मैदान पर 2023 विश्व कप के फाइनल में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने कैरिबियन में 2024 टी20 विश्व कप में उनकी जीत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. रोहित का स्ट्राइक रेट 123.98 है, जो 2023 के बाद से वनडे में ट्रैविस हेड के बाद पावरप्ले में दूसरा सर्वश्रेष्ठ है. India vs pakistan The post India vs Pakistan: 5 की फैक्टर, जो हिंदुस्तान को पाकिस्तान से रखते हैं आगे, धूल चटाने को तैयार रोहित की सेना appeared first on Naya Vichar.

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Love Affair: आधी रात को प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी, जब घरवालों को लगी इसकी भनक तो…

Love Affair: औरंगाबाद के अकौना गांव में शनिवार को देवी मंदिर में प्रेमी जोड़े की शादी करायी गयी. परिजनों, जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की मौजूदगी में प्रेमी जोड़ा जीवन भर के लिए एक दूसरे के हो गए. जानकारी के अनुसार, फेसर के परसी निवासी रौशन कुमार का प्रेम प्रसंग लंबे समय से सदर प्रखंड के अकौना गांव की शोभा से चल रहा था. रौशन आधी रात को अपनी प्रेमिका से मिलने अकौना पहुंचा था. प्रेमिका के घरवालों को इसकी भनक लग गई और उसने रौशन को पकड़ लिया. इस दौरान तनाव जैसा भी माहौल हो गया. फिर इसकी जानकारी प्रेमी के घरवाले एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों को दी गयी. प्रेमी जोड़े की करा दी शादी सूचना पाकर सभी अकौना पहुंचे. जहां चर्चा के बाद दोनों प्रेमी जोड़े की शादी कराने की पहल की गयी. इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से अकौना स्थित देवी मंदिर में दोनों की शादी करायी गयी. लड़के के पिता अशोक यदाव द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि शोभा कुमारी को पूर्ण मान सम्मान दिया जायेगा. इसके बाद नवदंपत्ति को अकौना से परसी गांव के लिए विदा किया गया. इस दौरान पोईवां मुखिया शिवकुमार सिंह, पोईवां सरपंच धर्मेंद्र कुमार राम, इब्राहिमपुर मुखिया बृजमोहन यादव, नागेंद्र यादव, नरेंद्र सिंह, सुरेंद्र यदाव, पप्पू कुमार, विजय चौहान, अखिलेश यादव, विनोद कुमार सिंह सहित अन्य वर पक्ष एवं वधू पक्ष के लोग मौजूद थे. टिकारी से प्रेमी जोड़े को पुलिस ने किया बरामद इमामगंज पुलिस ने प्रेम-प्रसंग में फरार एक प्रेमी युगल को टिकारी बाजार से बरामद किया है. इस संबंध में एसआई आकाश कुमार ने बताया कि एक माह पूर्व प्रेम-प्रसंग के मामले में मैगरा थाना क्षेत्र के हरनी गांव के रहने वाला रमेश कुमार इमामगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से एक शिशु की मां को बहला कर घर से भगा ले गया था. उन्होंने बताया कि रमेश का भी एक बच्चा है. स्त्री के फरार होने के बाद परिजनों ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू की. इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर टिकारी से प्रेमी प्रेमिका को बरामद कर लिया गया. प्रेमिका को स्त्री कोर्ट में बयान दर्ज कराने के उपरांत मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है. वहीं रमेश कुमार को कोर्ट में पेशी करते हुए जेल भेज दिया गया है. Also Read: Cyber Crime: आठ लाख रुपये के लालच में मजदूर हुआ साइबर ब्लैकमेल का शिकार, जानें क्या है पूरा मामला The post Love Affair: आधी रात को प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी, जब घरवालों को लगी इसकी भनक तो… appeared first on Naya Vichar.

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Success Story: टमाटर से चमड़ा बना रही यह कंपनी, बाजार में बेचे जा रहे बैग और जूते

Success Story: टमाटर वेज और नॉन-वेज के जायके में चार चांद लगा देता है, लेकिन क्या आपने कभी इस बात का गुमान किया है कि हिंदुस्तान का कोई बंदा सब्जी और सलाद में इस्तेमाल होने वाले टमाटर से लेदर भी बना सकता है और उस लेदर के जूते और बैग बाजार में बेचे जा रहे हों. निश्चित तौर पर आप इस बात पर यकीन नहीं करेंगे, लेकिन यह सौ फीसदी सच है. जी हां! हिंदुस्तान में एक स्टार्टअप टमाटर से बायो-लेदर (Bio-Leather) बना रहा है, जिसका इस्तेमाल जैकेट, बैग और जूते जैसे फैशनेबल प्रोडक्ट्स में हो रहा है. यह इनोवेटिव तरीका जानवरों को नुकसान पहुंचाए बिना एक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प प्रदान करता है. आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. ऐसे बनता है टमाटर से लेदर हिंदी की वेबसाइट नवहिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान में हर साल करीब 4.40 अरब टन टमाटर का उत्पादन होता है. इसमें से 30-35% बर्बाद हो जाता है. इसी टमाटर के कचरे से ‘द बायो कंपनी’ (The Bio Company-TBC) बायो-लेदर तैयार कर रही है. इस प्रक्रिया में पॉलीयुरेथेन (PU) और पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिससे यह पारंपरिक नकली चमड़े से अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल होता है. टमाटर में मौजूद पेक्टिन और अन्य प्राकृतिक तत्व इसे मजबूत बनाते हैं, जिससे यह असली चमड़े जैसा महसूस होता है. इस तकनीक के कारण यह पीयू/पीवीसी फ्री है, जो इसे बाजार में उपलब्ध अन्य सिंथेटिक लेदर से अलग करता है. कौन है इस अनोखे स्टार्टअप के पीछे? इस स्टार्टअप की स्थापना 26 वर्षीय प्रीतेश मिस्त्री ने की थी. उन्होंने इसे ‘द बायो कंपनी’ (TBC) के नाम से शुरुआत की, जो टमाटर के कचरे से टिकाऊ बायो-लेदर बना रही है. 2021 में इस कंपनी को PETA वेगन फैशन अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट इनोवेशन’ का पुरस्कार मिला था. बाजार में बढ़ती डिमांड और कमाई बायो-लेदर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा फैशन, एक्सेसरीज़ और ऑटोमोटिव सेक्टर में हो रहा है. कई इंटरनेशनल ब्रांड इस लेदर से जैकेट, बैग और जूते बना रहे हैं. टोरंटो स्थित प्लांट-बेस्ड हैंडबैग ब्रांड ‘सतुहाटी’ की फाउंडर नताशा मंगवानी का कहना है, “बायो-लेदर पीयू/पीवीसी फ्री है और इसका प्लांट-बेस्ड ओरिजिन इसे खास बनाता है.” इसे भी पढ़ें: स्टुअर्ट बिन्नी से अधिक कमाती है उनकी पत्नी मेअंती लैंगर, जानें दोनों के पास कितनी है संपत्ति टीबीसी हर महीने बन रहा 5,000 मीटर बायो-लेदर फिलहाल, टीबीसी हर महीने करीब 5,000 मीटर बायो-लेदर का उत्पादन कर रही है. हालांकि, कंपनी की सालाना कमाई और टर्नओवर को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. लेकिन, जिस तरह से टिकाऊ फैशन का ट्रेंड बढ़ रहा है, आने वाले वर्षों में बायो-लेदर का मार्केट तेजी से आगे बढ़ेगा. इसे भी पढ़ें: Mutual Fund: शिशु भी कर सकते हैं म्यूचुअल फंड में निवेश! जानें पूरी प्रक्रिया और फायदे The post Success Story: टमाटर से चमड़ा बना रही यह कंपनी, बाजार में बेचे जा रहे बैग और जूते appeared first on Naya Vichar.

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Neem Karoli Baba: मन में उठ रहे हैं बुरे विचार, तो याद रखें नीम करोली बाबा की ये बातें

Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा 20वीं सदी के महान संत, योगी और गुरु थे. उनका जीवन भक्ति, साधना और सेवा भाव से प्रेरित था. वे अपने अनुयायियों को भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना को बनाए रखने का उपदेश देते थे. वे भक्ति, सेवा और प्रेम पर उपदेश दिया करते थे. उनका मानना था कि भगवान के प्रति सच्चे प्रेम और भक्ति से ही मुक्ति प्राप्त होती है. वे हमेशा अपने अनुयायियों को भक्ति की भावना में लीन रहने की सलाह दी. उनकी बातें आज भी अनुयायियों का मार्गदर्शन करती हैं. ऐसे में जब जिंदगी जीना आसान न लगे, तो नीम करोली बाबा की बताई ये बातें ध्यान में रखें. ये बातें आपको हिम्मत देने के साथ जीवन को एक नई दिशा प्रदान करेंगी. यह भी पढ़ें- Neem Karoli Baba: खुशी के साथ बिताएंगे जीवन, कभी नहीं होंगे निराश, याद रखें नीम करोली बाबा की ये 3 बातें यह भी पढ़ें- Neem Karoli Baba: किस्मत बदल देगी नीम करोली बाबा की ये 4 बातें, घर में पैसों का लगा रहेगा अंबार नीम करोली बाबा कहते थे कि सब कुछ भगवान का है, हम केवल उनके सेवक हैं. ऐसे में अगर आप किसी बात को लेकर चिंतित हैं, तो इस बात को ध्यान में रखें. नीम करोली बाबा के अनुसार, सबसे प्यार करो, सबकी सेवा करो, सच बोलो और भगवान को याद रखो. नीम करोली बाबा कहा करते थे कि जब आदमी बीमार होता है, किसी दर्द में होता है या फिर किसी दाह संस्कार से वापस लौटकर आता है, तो वह वास्तविक जिंदगी की कई सच्चाइयों से सामना करता है. नीम करोली बाबा के मुताबिक, अगर आप ईश्वर पर विश्वास रखेंगे, तो वह आपका ध्यान रखेंगे. नीम करोली बाबा कहते थे कि व्यक्ति का घमंड ही उसके सारे दुखों की वजह बनता है. ऐसे में व्यक्ति को किसी बात का घमंड नहीं करना चाहिए. अगर आप दुनिया में हर इंसान से प्रेम करेंगे, तो आपके आधे से ज्यादा कष्ट और दुख समाप्त हो जाएंगे. यह भी पढ़ें- Neem Karoli Baba: जिंदगी से हो रहे हैं परेशान, तो ध्यान रखें नीम करोली बाबा की ये 4 बातें Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Neem Karoli Baba: मन में उठ रहे हैं बुरे विचार, तो याद रखें नीम करोली बाबा की ये बातें appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में खेल, खिलाड़ी और कोच पर हर साल 20.39 करोड़ खर्च, फिर भी नहीं आ रहे मेडल

Jharkhand News| रांची, राजेश तिवारी : झारखंड में स्पोर्ट्स और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन करोड़ों खर्च कर रही है. इसके बावजूद कई स्पोर्ट्सों की स्थिति ऐसी, जिनमें खिलाड़ियों का प्रदर्शन जीरो है. इसके बावजूद उन स्पोर्ट्सों को प्रशासन की ओर से अच्छा खासा अनुदान मिलता है. फुटबॉल, हॉकी (पुरुष), एथलेटिक्स जैसे स्पोर्ट्सों पर प्रशासन सालाना लाखों खर्च कर रही है. पर इनमें प्रदर्शन शून्य है. कुछ स्पोर्ट्सों को छोड़ दें, तो ज्यादातर स्पोर्ट्सों में खिलाड़ी नेशनल गेम्स में भी मेडल नहीं दिला पा रहे हैं. राज्य में स्त्री हॉकी की स्थिति कुछ हद तक ठीक है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर पुरुष हॉकी की भागीदारी नगण्य है. यही हाल फुटबॉल का भी है. राज्य को उन स्पोर्ट्सों में मेडल मिल रहे हैं, जिनमें प्रशासन की कोई भागीदारी नहीं है. लॉन बॉल, तीरंदाजी, वुशु, मॉडर्न पेंटाथलॉन जैसे स्पोर्ट्सों को प्रशासन अनुदान तक नहीं देती है. इसके बावजूद इन स्पोर्ट्सों में प्रदर्शन अन्य स्पोर्ट्सों की अपेक्षा बेहतर है. प्रशासन द्वारा स्पोर्ट्स सेंटरों व खिलाड़ियों को तैयार करने में किये जा रहे खर्च के ब्योरे पर नजर डालें, तो पायेंगे कि सेंटरों में रह रहे स्पोर्ट्स, खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों पर प्रशासन सालाना 20.39 करोड़ रु खर्च कर रही है. प्रशासन विभिन्न सेंटरों में इस तरह कर रही है खर्च पूरे राज्य में 108 डे-बोर्डिंग सेंटर हैं, जहां कुल 2700 खिलाड़ी हैं. प्रत्येक खिलाड़ी को प्रशासन की तरफ से 6000 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है. यानी इन पर 1.62 करोड़ रु खर्च किये जाते हैं. वहीं, 12 क्रीड़ा किसलय केंद्र में खिलाड़ियों पर एक साल में 20.16 लाख रुपये व 24 स्पोर्ट्सो इंडिया सेंटर के प्रशिक्षकों पर सालाना 72 लाख रुपये खर्च होता है. इसके बावजूद प्रदर्शन के नाम पर कुछ नहीं है. यही हाल राज्य में चलने वाले सेंटर ऑफ एक्सलेंस की भी है. पूरे राज्य में 10 सेंटर ऑफ एक्सलेंस संचालित हैं. यहां भी स्पोर्ट्स,खिलाड़ी, कोच और किट पर प्रशासन सालाना 4.74 करोड़ खर्च कर रही है. पर रिजल्ट नहीं आ पा रहा. आवासीय सेंटरों पर खर्च हो रहे 11 करोड़ रुपये राज्य में कुल 30 आवासीय सेंटर हैं. प्रत्येक सेंटर में 25 यानी कुल 750 एथलीट हैं. इन एथलीटों के केवल भोजन मद में प्रशासन लगभग 8.66 करोड़ खर्च कर रही है. वहीं, इनके किट पर प्रशासन 18.75 लाख रुपये सालाना खर्च कर रही है. इसके अलावा 30 प्रशिक्षकों पर प्रशासन सालाना 2.16 करोड़ खर्च कर रही है. कुल मिला कर प्रशासन इन सेंटरों पर खिलाड़ियों और कोच पर सालाना 11.01 करोड़ खर्च कर रही है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें फुटबॉल के 55 सेंटर, नतीजा सिफर राज्य में फुटबॉल के करीब 55 आवासीय सेंटर हैं. दोनों वर्गों (स्त्री-पुरुष) को मिला कर राज्य में 45 से 50 हजार फुटबॉलर हैं, लेकिन दोनों वर्गों की टीमों में से कोई भी नेशनल गेम्स के लिए क्वालीफाई नहीं कर पायी. वहीं, राज्य में साझा की ओर से संचालित 10 और प्रशासन द्वारा सीधे तौर पर चलाये जा रहे 25 आवासीय प्रशिक्षण केंद्र हैं. इनमें से अधिकतर सेंटरों की हालत ऐसी ही है. स्पोर्ट्स प्रशिक्षकों की कमी भी बड़ा कारण झारखंड में आर्चरी, एथलेटिक्स, हॉकी, रेसलिंग को छोड़ दें, तो यहां अन्य स्पोर्ट्सों के लिए स्पोर्ट्स प्रशिक्षकों की भारी कमी है. यहां अनट्रेंड स्पोर्ट्स प्रशिक्षकों को 15,000 रुपये प्रतिमाह पर नियुक्त किया जा रहा है. बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हैंडबॉल, जूडो, स्विमिंग, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, साइकिलिंग, बास्केटबॉल समेत ऐसे कई स्पोर्ट्स हैं, जिनमें प्रशिक्षक नहीं हैं. किसी स्पोर्ट्स में प्रशिक्षक रखे भी गये हैं, तो उन्हें अनुबंध पर काफी कम मानदेय देकर उनसे काम लिया जा रहा है. ऐसे स्पोर्ट्स प्रशिक्षक स्टेट लेवल स्पोर्ट्स कर ही राज्य के नेशनल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं. लॉन बॉल को मिले सर्वाधिक गोल्ड लॉन बॉल में झारखंड के खिलाड़ी लगातार मेडल ला रहे हैं. उत्तराखंड राष्ट्रीय स्पोर्ट्सों में झारखंड ने लॉन बॉल में पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य समेत कुल नौ पदक जीते. इस मामले में दूसरे नंबर पर तीरंदाज रहे, जिन्होंने दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते. इससे पहले गोवा में हुए 37वें राष्ट्रीय स्पोर्ट्सों में भी झारखंड के लॉन बॉल खिलाड़ियों का दबदबा दिखा था. गोवा नेशनल गेम्स में झारखंड के लॉन बॉल खिलाड़ियों ने चार गोल्ड और तीन ब्रांज समेत सबसे अधिक सात पदक जीते थे. वहीं, केरल में हुए 35वें राष्ट्रीय स्पोर्ट्सों में लॉन बॉल में झारखंड ने दो गोल्ड, दो रजत और तीन कांस्य पदक जीते थे. उत्तराखंड राष्ट्रीय स्पोर्ट्स में झारखंड स्पोर्ट्स गोल्ड सिल्वर ब्रोंज लॉन बॉल 05 02 02 तीरंदाजी 02 02 02 पेंटाथलॉन 00 01 03 वुशु 00 01 02 तैराकी 00 00 02 हॉकी 00 00 01 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कुल खर्च प्रतिवर्ष = 43800000 रुपये सेंटरों की संख्या = 10 सेंटर कुल खिलाड़ी = 300 (30 एथलीट/सेंटर) भोजन मद में खर्च = 350 रुपये/प्रतिदिन खिलाड़ियों के भोजन पर सालाना खर्च (330 दिन) = 300 एथलीट x 350 x 330 दिन = 34650000 रुपये किट में खर्च = 300 एथलीट x 2500 रुपये/प्रति एथलीट = 750000 प्रशिक्षकों पर खर्च = 10 प्रशिक्षक x 70000 रुपये/प्रशिक्षक x 12 महीने = 8400000 कुल खर्च = 34650000 750000 8400000 = 43800000 रुपये डे-बोर्डिंग केंद्र डे-बोर्डिंग की संख्या = 108 डे-बोर्डिंग के प्रशिक्षकों की संख्या = 1900 प्रशिक्षकों का मानदेय (12 महीने का) = 24624000 रुपये (अनुमानित) खिलाड़ियों की संख्या = 2700 वार्षिक छात्रवृत्ति = 6000 रुपये/प्रति एथलीट सालाना 2700 एथलीटों पर खर्च = 2700 एथलीट x 6000 प्रतिवर्ष = 16200000 रुपये क्रीड़ा किसलय केंद्र केंद्र की संख्या = 12 मानदेय प्रति केंद्र = 14000 प्रति माह सालाना खर्च = 12 केंद्र x 12 महीने x 14000 रुपये प्रतिमाह = 2016000 रुपये स्पोर्ट्सो इंडिया सेंटर केंद्र की संख्या = 24 प्रशिक्षक = 24 मानदेय = 25000 रुपये सालाना खर्च = 24 x 12 x 25000 = 7200000 रुपये आवासीय सेंटर सेंटरों की संख्या = 30 कुल खिलाड़ी = 750 (25 एथलीट/सेंटर) भोजन मद में खर्च = 350 रुपये/प्रतिदिन खिलाड़ियों के भोजन मद में सालाना खर्च (330 दिन) = 750 x 350 x 330 = 86625000 रुपये किट पर खर्च = 750 एथलीटों x 2500 रुपये = 1875000 रुपये प्रशिक्षकों पर खर्च = 30 प्रशिक्षक x 60000 रुपये प्रतिमाह x 12

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Battle of Baghpat: बागपत की ‘महान चाट लड़ाई’ को 4 साल पूरे, जानिए उस दिन क्या हुआ था?

Battle of Baghpat: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 22 फरवरी 2021 को हुई एक मजेदार लेकिन चर्चित घटना को आज चार साल हो गए हैं. यह घटना सोशल मीडिया पर इतनी वायरल हुई थी कि इसे “बैटल ऑफ बागपत” का नाम दे दिया गया. झगड़े का वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैला और देखते ही देखते यह एक मजाकिया किंवदंती बन गया. खास बात यह थी कि इस झगड़े में शामिल एक बुजुर्ग ने ऐसा जोश दिखाया कि लोग उन्हें “बागपत के बाहुबली” और “महायोद्धा” जैसे नाम देने लगे. सबसे मजेदार पहलू यह था कि इस विवाद को कहीं न कहीं “पापड़ी चाट” से जोड़ दिया गया, जिससे यह और भी मजेदार बन गया. It’s the 4th Anniversary of “The Great Battle of Papdi-Chaat” fought at Baghpat. It changed the world there after. 💪🏻💪🏻🔥🔥 pic.twitter.com/LQnMg0dTaP — Yo Yo Funny Singh (@moronhumor) February 22, 2025 क्या था ‘बैटल ऑफ बागपत’? बागपत जिले के एक बाजार में यह विवाद हुआ था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो पक्षों के बीच नगर पालिका की दुकानों को लेकर बहस हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई. दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे को घूंसे, लात और डंडों से पीटने लगे. लड़ाई में शामिल कुछ लोग बुजुर्ग भी थे, लेकिन उनके अंदर जोश किसी युवा से कम नहीं था. इस झगड़े का सबसे चर्चित चेहरा बने एक बुजुर्ग व्यक्ति, जिनकी लंबी सफेद दाढ़ी थी और जो पूरी ताकत से अपने विरोधियों पर हमला कर रहे थे. उनके गुस्से और जोश ने इंटरनेट यूजर्स को खूब हंसाया. इस वीडियो को देखकर लोगों ने तरह-तरह के मजेदार मीम्स बनाए और यह घटना कुछ ही घंटों में देशभर में चर्चा का विषय बन गई. ‘पापड़ी चाट’ और बागपत की लड़ाई इस झगड़े को लेकर एक और दिलचस्प कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई. कुछ लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया कि लड़ाई की असली वजह “पापड़ी चाट” थी. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन सोशल मीडिया के लिए यही मजेदार एंगल काफी था. लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि “पापड़ी चाट के लिए दो गुटों में महायुद्ध छिड़ गया!” कुछ ने तो यह भी मजाक किया कि “बागपत के योद्धाओं ने चाट की प्लेट के लिए कुरुक्षेत्र बना दिया.” मीम्स और सोशल मीडिया का धमाल ‘बैटल ऑफ बागपत’ का वीडियो वायरल होते ही ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इसे लेकर मीम्स की बाढ़ आ गई. कुछ चर्चित मीम्स इस तरह थे: “बागपत के बाहुबली” – इस मीम में सफेद दाढ़ी वाले बुजुर्ग को ‘बाहुबली’ के रूप में दिखाया गया. “जब कोई मेरी पापड़ी चाट खा ले” – इस मीम में लड़ाई की तस्वीर के साथ यह कैप्शन लिखा गया था. “बागपत का महाहिंदुस्तान” – इसमें इस झगड़े की तुलना कौरव-पांडव युद्ध से की गई. लोगों ने इस घटना का इतना आनंद लिया कि कुछ ने यहां तक कह दिया कि यह “हिंदुस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी लड़ाई थी जो पापड़ी चाट के लिए हुई!” पुलिस ने क्या किया? यह मामला जितना मजाकिया दिखा, उतना ही गंभीर भी था. पुलिस ने इस झगड़े को शांत कराया और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की. कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया था. बाद में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया और मामला शांत हुआ. लेकिन सोशल मीडिया के लिए यह घटना “एंटरटेनमेंट का पिटारा” बन गई. Also Read: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता कि कितने बैंक अकाउंट रखने चाहिए, जान जाएगा तो बन जाएगा अमीर The post Battle of Baghpat: बागपत की ‘महान चाट लड़ाई’ को 4 साल पूरे, जानिए उस दिन क्या हुआ था? appeared first on Naya Vichar.

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Heavy Rainfall: 50 KM की रफ्तार से चलेगी हवा, 28 फरवरी तक बारिश से नहीं मिलेगी राहत, IMD अलर्ट

Heavy Rainfall: मौसम विभाग ने 23 फरवरी 2025 को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों में बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ गरज के साथ बारिश की संभावना है. इसको लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि की संभावना मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, झारखंड, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश में छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 25 और 26 फरवरी को छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है. जम्मू क्षेत्र में 25 से 28 फरवरी तक छिटपुट स्थानों पर, हिमाचल प्रदेश में भी 25 से 28 फरवरी के दौरान, उत्तराखंड में 27 और 28 फरवरी को भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है. अधिकतम तापमान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई महत्पूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद 4-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी. उत्तर पश्चिम हिंदुस्तान के मैदानी स्थानों में अगले 4 दिनों के दौरान अधिकतम में 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा. मध्य हिंदुस्तान और गुजरात राज्य में अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई महत्पवूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी. हिंदुस्तान के शेष भागों में अगले 4-5 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है. The post Heavy Rainfall: 50 KM की रफ्तार से चलेगी हवा, 28 फरवरी तक बारिश से नहीं मिलेगी राहत, IMD अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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