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Author name: Vinod Jha

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Video Viral: नई पीढ़ी की बेशर्मी? वायरल वीडियो से मचा तहलका

Video Viral: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 12-13 साल के तीन शिशु एक लड़का और दो लड़कियां एक-दूसरे को गले लगाते नजर आ रहे हैं. वीडियो में दिखाया गया है कि पहले वे गले मिलते हैं, फिर लड़का एक लड़की को किस करता है और उसे गोद में उठा लेता है. इसी दौरान, एक पास के घर से एक व्यक्ति उन पर पानी फेंककर उन्हें वहां से जाने के लिए कहता है. जब शिशु नहीं मानते, तो वह व्यक्ति गुस्से में आकर उन पर जूता भी फेंकता है और डांटता है. इसके बाद लड़कियां वहां से भाग जाती हैं, लेकिन लड़का अपनी स्कूटी लेने के लिए वापस आता है. सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो के वायरल होने के बाद इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोग इसे बच्चों की अनुचित हरकत बता रहे हैं और कह रहे हैं कि उनके साथ और भी सख्ती से पेश आना चाहिए था. वहीं, कुछ लोग इसे समाज में बढ़ती अश्लीलता का संकेत मान रहे हैं. यह कुत्ते या कुत्तिया नहीं है है तो इंसान ही हैं बस हरकतें जानवरों वाली है pic.twitter.com/wbfOBQxaQG — Kikki Singh (@singh_kikki) February 14, 2025 कुछ यूजर्स का कहना है कि आज के दौर में बच्चों पर सही मार्गदर्शन और शिक्षा की कमी है, जिससे वे इस तरह की हरकतें कर रहे हैं. दूसरी ओर, कुछ लोगों को वीडियो में दिखाए गए व्यक्ति द्वारा बच्चों पर पानी फेंकने और जूता मारने जैसी हरकतों पर भी आपत्ति है. उनका मानना है कि बच्चों को सही राह दिखाने के लिए उनके साथ हिंसा या दुर्व्यवहार करना गलत है. बच्चों के मार्गदर्शन की जरूरत यह घटना समाज में बढ़ते डिजिटल प्रभाव और बच्चों की स्वतंत्रता को लेकर बहस को भी जन्म दे रही है. जहां कुछ लोग इसे संस्कारों की गिरावट मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों को सही दिशा देने की अपील कर रहे हैं. बच्चों को नैतिक शिक्षा देना और उन्हें सही-गलत का ज्ञान कराना जरूरी है, ताकि वे अपने कार्यों के परिणाम को समझ सकें. इस तरह के मामलों से यह स्पष्ट होता है कि बच्चों की परवरिश और शिक्षा में संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है. साथ ही, समाज को भी यह समझना होगा कि गलत व्यवहार को सुधारने के लिए हिंसा या अपमानजनक भाषा का सहारा लेना उचित नहीं है. इसे भी पढ़ें: सेना प्रमुख और पुलिस DGP में कौन ज्यादा शक्तिशाली? जानें इनकी सैलरी इसे भी पढ़ें: 17 से 21 फरवरी तक भारी बारिश-आंधी-तूफान हाई अलर्ट The post Video Viral: नई पीढ़ी की बेशर्मी? वायरल वीडियो से मचा तहलका appeared first on Naya Vichar.

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Mahakumbh 2025: महाकुंभ को लेकर रांची रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़, पांच महिला यात्री बेहोश, ट्रेन छूटने पर हंगामा

Mahakumbh 2025: रांची-महाकुंभ को लेकर ट्रेनों में अफरा-तफरी मची हुई है. रांची, हटिया और अन्य स्टेशनों के प्लेटफार्म पर यात्रियों की भीड़ के कारण पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है. यूपी या यूपी होकर जाने वाली ट्रेनें लगातार विलंब से रांची स्टेशन से रवाना हो रही हैं. इसके कारण रांची स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ पिछले कई दिनों से बढ़ गयी है. यूपी जानेवाली ट्रेनों में यात्री क्षमता से अधिक हो जा रहे हैं और गेट के पास खड़े होकर यात्रा करने को भी विवश हैं. यात्री जगह नहीं मिलने पर आरक्षित बोगी में भी प्रवेश कर जा रहे हैं. लोग ट्रेनों के शौचालय में भी यात्री सफर करने को विवश हैं. रविवार को ट्रेन संख्या 12817 (झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस) ट्रेन हटिया स्टेशन से ही यात्रियों से भरी हुई रांची स्टेशन पहुंची. सामान्य बोगी से लेकर स्लीपर, एसी बोगियों में बिना टिकट यात्रियों ने कब्जा कर लिया था और बोगी का गेट बंद कर दिया था. ट्रेन जब रांची स्टेशन पहुंची तो ट्रेन में पहले से सवार यात्रियों ने दरवाजा नहीं खोला. इससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गयी. यात्री दरवाजा खोलने की मिन्नत करते रहे लेकिन बोगी में सवार लोगों ने दरवाजा नहीं खोला. आरपीएफ के सिपाही भी भीड़ के सामने दिखे बेबस आरपीएफ के सिपाही भी भीड़ के सामने बेबस दिखे. एक-दो बोगी में आरपीएफ के जवान ने बोगी में घुसने का प्रयास किया लेकिन भीड़ इतनी थी कि जवान भी अंदर नहीं जा पाये. वहीं कुछ यात्री ट्रेन की अलग-अलग बोगी में किसी तरह घुस गये, लेकिन इस दौरान कुछ लोग बेहोश होने लगे. वहीं दिल्ली से रांची आये 18 लोगों का दल ट्रेन में सवार नहीं हो सका. दल में शामिल पांच स्त्रीएं भीड़ के कारण बेहोश हो गयीं. जिन्हें दल के अन्य लोगों ने चेहरे पर पानी का छिड़काव कर भीड़ से अलग किया. इसके बाद 60 से अधिक यात्रियों ने स्टेशन मास्टर कार्यालय में विरोध किया और राजधानी ट्रेन में जाने की अनुमति या एक बोगी राजधानी ट्रेन में जोड़ने की मांग की. इस पर स्टेशन मास्टर ने कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं. क्या बोले यात्री? यात्री प्रदीप कुमार ने कहा कि उनके साथ 18 लोगों का दल है, जो दिल्ली से रांची आया था. बोगी का दरवाजा नहीं खुला इस कारण ट्रेन में नहीं चढ़ सका. आरपीएफ के जवानों ने कोई मदद नहीं की. उनकी जिम्मेवारी थी कि कंफर्म टिकट वालों को ट्रेन में प्रवेश कराते लेकिन जवानों ने कोई मदद नहीं की.यात्री खुशबू ने कहा कि ट्रेन में अत्यधिक भीड़ थी. बोगी में किसी तरह घुसे लेकिन तबीयत खराब हो गयी. अन्य लोगों की मदद से बाहर निकल पायी. रेल प्रशासन के कारण 60 से अधिक लोगों की ट्रेन छूट गयी.रूही वर्मा व श्री वर्मा ने बताया कि उनके भाई व मां ट्रेन में सवार हो गये लेकिन भीड़ के कारण वह नहीं चढ़ सके. उन्होंने कहा कि फोन भी उन्हीं के पास रह गया इस कारण भाई व मां से संपर्क नहीं हो रहा है. दोनों बार-बार आरपीएफ के जवानों से मदद की गुहार लगा रही थी. महाकुंभ को लेकर ट्रेनों में बढ़ी है काफी भीड़-डीआरएम रांची रेल डिविजन के डीआरएम जसमित सिंह बिंद्रा ने कहा कि महाकुंभ को लेकर ट्रेनों में काफी भीड़ है. स्वर्ण जयंती ट्रेन में अत्यधिक भीड़ के कारण कुछ यात्रियों की ट्रेन छूटी है. उनका टिकट रिफंड किया जायेगा. उन्होंने दक्षिण-पूर्व रेल मुख्यालय को पत्र लिख कर 19 फरवरी को कुंभ स्पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति मांगी है. स्टेशन पर यात्रियों की सहूलियत मिले इसके लिए आरपीएफ के कमांडेंट को दिशा-निर्देश दिये हैं. वह खुद भी रांची और हटिया स्टेशन पर लगे सीसीटीवी से लगातार निगरानी कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: Delhi Station Stampede: दिल्ली भगदड़ से सबक, कोरस कमांडो ने झारखंड के इस स्टेशन पर संभाला मोर्चा ये भी पढ़ें: Weather Forecast: झारखंड में फिर बदलेगा मौसम, गरज के साथ होगी बारिश, वज्रपात का येलो अलर्ट The post Mahakumbh 2025: महाकुंभ को लेकर रांची रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़, पांच स्त्री यात्री बेहोश, ट्रेन छूटने पर हंगामा appeared first on Naya Vichar.

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Mahakumbh Fake Baba: महाकुंभ में फर्जी बाबा का पर्दाफाश! देखें वीडियो

Mahakumbh Fake Baba: लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और बिग बॉस 18 के टॉप फाइनलिस्ट रजत दलाल हाल ही में महाकुंभ में पहुंचे. वहां उन्होंने एक कथित फर्जी बाबा को एक्सपोज करने का दावा किया, जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को बिग बॉस के फैन पेज ने साझा किया, जिसमें रजत एक साधु वेशधारी व्यक्ति से सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं. कैसे एक्सपोज हुआ कथित फर्जी बाबा? वीडियो की शुरुआत में रजत दलाल भगवा कपड़े पहने एक बाबा के गले में हाथ डालकर बातचीत करते दिखाई देते हैं. वे एक वाहन के पास खड़े होते हैं, जिसमें उनके कई सहयोगी मौजूद होते हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि रजत दलाल अपने दोस्तों के साथ महाकुंभ में स्नान के लिए पहुंचे थे. इस दौरान, वे उस बाबा पर संदेह व्यक्त करते हैं और कहते हैं, “ये बाबा जी मुझसे भाग रहे थे!” फिर, वे अपने साथियों की ओर इशारा करते हुए कहते हैं, “भाई, मैंने पहले ही कहा था कि ये बाबा फर्जी हैं!” इसके बाद, रजत दलाल बाबा से एक बेहद सरल सवाल पूछते हैं, “राम जी के कितने भाई थे?” लेकिन बाबा इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे पाते और असहज होकर इधर-उधर देखने लगते हैं. रजत फिर से वही सवाल दोहराते हैं, लेकिन बाबा चुपचाप खड़े रहते हैं. इतना ही नहीं, जब रजत उनसे गायत्री मंत्र सुनाने को कहते हैं, तो बाबा यह भी नहीं बता पाते. Rajat Dalal exposed one of FARZI BABA at #MahaKumbh pic.twitter.com/agl2o61M5K — #BiggBoss_Tak👁 (@BiggBoss_Tak) February 15, 2025 रजत ने दी लोगों को चेतावनी बाबा की चुप्पी और सवालों के जवाब न दे पाने से रजत दलाल को यह यकीन हो जाता है कि यह व्यक्ति वास्तव में कोई धार्मिक संत नहीं, बल्कि एक फर्जी बाबा है, जो लोगों को धोखा दे रहा है. इस पर रजत कहते हैं, “अगर तुम गायत्री मंत्र भी नहीं जानते, तो भगवा क्यों पहन रखा है? मेहनत कर लो, मजदूरी कर लो, तुम्हारे हाथ-पैर सही हैं!” रजत ने आगे बढ़ते हुए बाबा से उनका आधार कार्ड भी दिखाने को कहा, जिससे उनकी असलियत का पता चल सके. इस पर वहां खड़ा एक अन्य व्यक्ति कहता है कि पहले भी एक स्त्री को एक ऐसे ही फर्जी बाबा ने अकेला पाकर लूट लिया था. फर्जी बाबाओं से बचने की जरूरत रजत दलाल ने इस पूरे वाकये के बाद अपने फॉलोअर्स और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि ऐसे ढोंगी लोग धर्म की आड़ में भोले-भाले श्रद्धालुओं को ठगते हैं और महाकुंभ जैसे आयोजनों में अपना स्वार्थ साधते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को ऐसे बाबाओं से सावधान रहना चाहिए और जरूरत पड़ने पर प्रशासन को सूचना देनी चाहिए. कौन हैं रजत दलाल? रजत दलाल सिर्फ एक बिग बॉस 18 के टॉप फाइनलिस्ट ही नहीं, बल्कि एक पूर्व गोल्डमेडलिस्ट वेटलिफ्टर भी रह चुके हैं. इसके अलावा, वे एक प्रमुख फिटनेस इन्फ्लुएंसर, डिजिटल क्रिएटर और जिम चेन के मालिक हैं. सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है और उनके इंस्टाग्राम अकाउंट (@rajat_9629) पर 40 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं. इस वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी है. कुछ लोग रजत दलाल की साहसिक पहल की सराहना कर रहे हैं, तो कुछ इस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं. लेकिन एक बात साफ है—इस घटना ने फर्जी बाबाओं को लेकर एक गंभीर चर्चा जरूर छेड़ दी है. इसे भी पढ़ें: 17 से 21 फरवरी तक भारी बारिश-आंधी-तूफान हाई अलर्ट इसे भी पढ़ें: सेना प्रमुख और पुलिस DGP में कौन ज्यादा शक्तिशाली? जानें इनकी सैलरी इसे भी पढ़ें: नई पीढ़ी की बेशर्मी? वायरल वीडियो से मचा तहलका The post Mahakumbh Fake Baba: महाकुंभ में फर्जी बाबा का पर्दाफाश! देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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Delhi New CM: दिल्ली का नया CM कौन? 19 फरवरी को होगा फैसला, 20 को शपथ ग्रहण

Delhi New CM:  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ी जीत मिली, लेकिन चुनाव नतीजे आने के आठ दिन बाद भी प्रशासन का गठन नहीं हो पाया है. अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा. इसी बीच बीजेपी विधायक दल की बैठक, जिसमें नेता चुना जाना था, को स्थगित कर दिया गया है. पहले यह बैठक 17 फरवरी को होने वाली थी, लेकिन अब इसे 19 फरवरी को आयोजित किया जाएगा. इसके बाद शपथ ग्रहण समारोह की नई तारीख भी सामने आ गई है. सूत्रों के मुताबिक, 19 फरवरी को दिल्ली बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें पार्टी का नेता चुना जाएगा. जिस नेता का चयन विधायक दल करेगा, वही दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री बनेगा. हालांकि, अब तक बीजेपी की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. Delhi CM’s swearing-in ceremony may take place at the Ramlila ground on February 18: Sources — ANI (@ANI) February 16, 2025 बीजेपी सूत्रों के अनुसार, विधायक दल की बैठक के अगले ही दिन, यानी 20 फरवरी को, शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. यह कार्यक्रम दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होगा. समारोह ज्यादा भव्य नहीं होगा, बल्कि इसे एक साधारण और औपचारिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जाएगा. पहले यह कार्यक्रम 18 फरवरी को होना तय था, लेकिन अब इसे दो दिन आगे बढ़ा दिया गया है. दिल्ली के नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. खासतौर पर परवेश वर्मा का नाम इस दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है. हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि वे ही विधायक दल के नेता चुने जाएंगे या कोई अन्य नाम सामने आएगा. यह स्थिति 19 फरवरी को स्पष्ट होगी, जब बीजेपी विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव होगा. गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को हुआ था और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए गए थे. बीजेपी ने बहुमत हासिल किया, लेकिन अब तक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं हो पाई है. पहले विधायक दल की बैठक 17 फरवरी को होने वाली थी, लेकिन किसी कारणवश इसे टाल दिया गया. अब 19 फरवरी को इस बैठक के बाद ही दिल्ली के मुख्यमंत्री का नाम सामने आएगा. इसके बाद, 20 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा. इसे भी पढ़ें: 17 से 21 फरवरी तक भारी बारिश-आंधी-तूफान हाई अलर्ट इसे भी पढ़ें: सेना प्रमुख और पुलिस DGP में कौन ज्यादा शक्तिशाली? जानें इनकी सैलरी इसे भी पढ़ें: नई पीढ़ी की बेशर्मी? वायरल वीडियो से मचा तहलका इसे भी पढ़ें: महाकुंभ में फर्जी बाबा का पर्दाफाश! देखें वीडियो The post Delhi New CM: दिल्ली का नया CM कौन? 19 फरवरी को होगा फैसला, 20 को शपथ ग्रहण appeared first on Naya Vichar.

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Shiv Barat: देवघर शिव बारात पर निशिकांत दुबे ने उठाए सवाल, खटखटाएंगे हाईकोर्ट का दरवाजा, महाशिवरात्रि पर कहां जाएंगे?

Shiv Barat: देवघर-पर्यटन विभाग की ओर से देवघर शिव बारात निकाले जाने पर सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने कई सवाल उठाए हैं. रविवार को देवघर स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सांसद ने कहा कि शिव बारात के नाम पर वे कभी देवघर में नेतृत्व नहीं होने देंगे. शिव बारात का टेंडर 20 फरवरी को फाइनल होना है, लेकिन उससे पहले झाकियां बनायी जा रही हैं. डढ़वा नदी से लीला मंदिर व बस स्टैंड से सारवां मोड़ तक तोरण द्वार बनाये जा रहे हैं, पर एनएच की सड़क पर तोरण द्वार बनाने के लिए हमारी कमेटी को अनुमति है. 20 फरवरी को टेंडर फाइनल होने से पहले शिव बारात के जितने भी काम चल रहे हैं, उन सारे कार्यों का वीडियो उनकी टीम बना रही है. टेंडर होने से पहले तैयारियों में किसका पैसा लग रहा है? किसे फायदा पहुंचाने की तैयारी चल रही है ? शिव बारात का आयोजन होने के बाद इन सारे मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे और सीएजी से पर्यटन विभाग के इस आयोजन में खर्चों का ऑडिट कराया जायेगा. शिवरात्रि में जाएंगे बागेश्वर धाम-निशिकांत दुबे सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि जब स्थानीय लोगों द्वारा शिव बारात का आयोजन होता रहा है, तो पर्यटन विभाग को खर्च करने की क्या जरूरत पड़ गयी? झारखंड प्रशासन का पैसा आम लोगों का पैसा है. आम आदमी के पैसे की बर्बादी नहीं होने देंगे. सारे वीडियो व साक्ष्य लोकायुक्त व सीएजी को सौंपे जायेंगे. उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी के पैसे से शीश महल बनाया, तो सीएजी की जांच हुई और अब उन्हें जेल जाना पड़ेगा. ठीक इसी तरह जो भी गलत करेंगे उन्हें केजरीवाल के रास्ते में जाना पड़ेगा. इसका खुलासा कोर्ट में किया जायेगा. सांसद ने बताया कि वे इस वर्ष शिव बारात में देवघर में नहीं रह पायेंगे, वे बागेश्वरधाम जा रहे हैं. बागेश्वर प्रशासन शिवरात्रि में गरीब कन्याओं का विवाह करा रहे हैं, उसमें शामिल होंगे. कोविड के बाद उनकी पहल पर बगैर चंदा लिए निकली थी शिव बारात सांसद ने देवघर में शिव बारात का इतिहास बताते हुए कहा कि महाशिवरात्रि पर देवघर की शिव बारात भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपीएन सिंह के नेतृत्व में बनी कमेटी ने 32 वर्ष पहले निकाली थी. उसके बाद इसी कमेटी ने पूर्व मेयर राजनारायण खवाड़े के नेतृत्व में बारात निकालने की परंपरा शुरू की. कोविड में शिव बारात बंद रही, तो वर्ष 2023 में मेरी पहल पर नयी कमेटी का गठन कर सबके सहयोग से शिव बारात निकाली गयी, लेकिन यह कमेटी 2023 में ही समाप्त हो गयी व वर्ष 2024 में बाबा बैद्यनाथ की अध्यक्षता में नयी कमेटी ने शिव बारात निकाली. उन्होंने कहा कि पहले शिव बारात में चंदा होता था, लेकिन जब मेरे पास यह कमेटी आयी, तो मैंने चंदा नहीं लेने का संकल्प नहीं लिया. बगैर चंदा के शिव बारात निकाली गयी. डॉ दुबे ने कहा कि शिव बारात कभी उनके लिए वोट बैंक की नेतृत्व नहीं रही है. शिव बारात सिर्फ आस्था का केंद्र रही है. शिव बारात में 2023 में हुए सक्रिय सांसद ने कहा कि वे तो शिव बारात में 2023 में सक्रिय हुए थे. इससे पहले शिव बारात में उनकी कोई भूमिका नहीं रहती थी, बावजूद देवघर की जनता ने मुझे वर्ष 2009, 2014 व वर्ष 2019 में वोट देकर सांसद चुना. इन तीन चुनावों में उन्हें देवघर विधानसभा में अधिक वोट आये, लेकिन 2024 में देवघर विधानसभा में लीड का अंतर कम गया. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शिवरात्रि महोत्सव समिति के अध्यक्ष थे, उन्हें भी उन्होंने देवघर की जनता की बदौलत चुनाव हराया है. वर्ष 2009 के चुनाव में भी उन्हें देवघर विधानसभा में लीड मिली थी, इसलिए अगर कोई व्यक्ति शिव बारात को लेकर उनके बारे में वोट बैंक की बात सोचता है, तो वह गलत सोच रहा है. बैद्यनाथ कॉरिडोर के नाम पर बगैर मुआवजा दिये उजाड़ने की तैयारी सांसद ने कहा कि जिस कमेटी को वर्ष 2023 की शिव बारात के बाद भंग कर दी गयी, अब भंग कमेटी के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर दो डील कर ली. एक डील देवघर में देवोत्तर जमीन की बेचने की हुई है. देवोत्तर एक तरह से भगवान की जमीन होती है, उस जमीन की इन दिनों रजिस्ट्री हुई है. झारखंड प्रशासन के इशारे पर कुंडा इलाके में 18 बाड़ी देवोत्तर भूमि की रजिस्ट्री हुई है. दूसरी डील बैद्यनाथ मंदिर कॉरिडोर को लेकर हुई है. झारखंड प्रशासन बाबा मंदिर के आसपास लखराज जमीन का बगैर मुआवजा दिये कॉरिडोर बनाना चाहती है. लखराज की जमीन पर बसे लोगों को झारखंड प्रशासन बगैर मुआवजा दिये उखाड़ने जा रही है. लखराज जमीन का मुआवजा दिये बगैर मंदिर के आसपास खाली करने की बात पर प्रशासन को शिव बारात का आयोजन करने का जिम्मा सौंप दिया गया. पर्यटन विभाग के जरिये इस शिव बारात के आयोजन का नेतृत्वकरण कर दिया गया. ये भी पढ़ें: Delhi Station Stampede: दिल्ली भगदड़ से सबक, कोरस कमांडो ने झारखंड के इस स्टेशन पर संभाला मोर्चा The post Shiv Barat: देवघर शिव बारात पर निशिकांत दुबे ने उठाए सवाल, खटखटाएंगे हाईकोर्ट का दरवाजा, महाशिवरात्रि पर कहां जाएंगे? appeared first on Naya Vichar.

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एसपीजी की तर्ज पर बिहार में भी मिलेगी विशेष सुरक्षा, जिलों में होगा ‘सिक्योरिटी पोल’ का गठन

Security Pole: पटना. आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभी से ही तैयारी की जा रही है. इसे लेकर अब बिहार के सभी जिलों में वीआईपी, वीवीआईपी की सुरक्षा के लिए एसपीजी की तर्ज पर सिक्योरिटी पोल तैयार किए जाएंगे. 13 अप्रैल तक हर हाल में सिक्योरिटी पोल सभी जिले के पुलिस अधीक्षक को तैयार कर इसकी सूची पुलिस मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है. दरअसल, 2023 में ही पुलिस मुख्यालय से सिक्योरिटी पोल का गठन किया गया था. यह अपने मूल प्रभाव में अभी तक नहीं आपाया. हर हाल में लागू होगा सिक्योरिटी पोल पुलिस मुख्यालय को लगातार वीआईपी की सुरक्षा में गड़बड़ी की सूचनाएं मिल रही थीं. इस वजह से सिक्योरिटी पोल को हर हाल में लागू करने का आदेश दिया गया है. बताया जा रहा है कि 14 फरवरी से सिक्योरिटी पोल को लेकर कई जिलों के एसपी ने काम भी शुरू कर दिया है. पोल के सदस्य खाकी में नहीं, सादी कमीज, काली पैंट, काले चमड़े के बेल्ट व जूते और काले या ब्लू रंग के मौजे में तैनात रहेंगे. इस दौरान वीआईपी की सुरक्षा में जो कारकेड रहेंगे, उसके ड्राइवर भी सिक्योरिटी पोल के सदस्य की तरह ही ड्रेस पहनेंगे. प्रत्येक सिक्योरिटी पोल 6, 12 से 30 की संख्या की एक सेट में होगी. कई जिलों में शुरू हुई गठन की प्रक्रिया भागलपुर संवाददाता के अनुसार वहां के आईजी ने सभी एसपी को सिक्योरिटी पोल में तेज तर्रार पुलिसकर्मियों को तैनात करने का आदेश दिया है. पूर्णिया और कोसी प्रमंडलों के पुलिस अधीक्षकों ने कपड़ा, जूता समेत अन्य सामान की खरीदारी करने का भी आदेश दे दिया है. वीआईपी की सुरक्षा में परिधान को लेकर अक्सर असमंजस की स्थिति हो जाती थी. कई पुलिसकर्मी जो सुरक्षा में लगे रहते थे, वे बेतरतीब तरीके से पुलिस ड्रेस पहनकर रहते थे. इस संबंध में पूर्णिया रेंज के डीआईजी प्रमोद कुमार मंडल कहते हैं कि सीमांचल के सभी जिले के एसपी ने सिक्योरिटी पोल के गठन पर काम शुरू कर दिया है. इस मामले पर बारीकी से ध्यान रखा जा रहा है. विधानसभा चुनाव मेंमिलेगा सीधा लाभ इसी वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं. इसमें प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों से भी वीआईपी आएंगे. इस दौरान सुरक्षा में कोई चूक नहीं हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है. बिहार के कई ऐसे इलाके हैं जहां पर किसी भी वीआईपी के आगमन होने पर सुरक्षा को लेकर अक्सर चुनौती बनी रहती है. सिक्योरिटी पोल के सदस्य स्थानीय पुलिसकर्मी और बाहर से आए अन्य सुरक्षा बलों के सदस्य मिलकर वीआईपी की सुरक्षा का कमान संभालेंगे. Also Read: देश को भाया नीतीश कुमार का बिहार मॉडल, स्कूली शिक्षा व्यवस्था में आया बुनियादी बदलाव The post एसपीजी की तर्ज पर बिहार में भी मिलेगी विशेष सुरक्षा, जिलों में होगा ‘सिक्योरिटी पोल’ का गठन appeared first on Naya Vichar.

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विधानसभा चुनाव के लिए एक्टिव हुई कांग्रेस, राहुल गांधी के बाद अब मल्लिकार्जुन खरगे आ रहे बिहार

Congress: पटना. बिहार में इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तरह एक्टिव हो गई है. पहले लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 20 से 25 दिनों के भीतर दो बार पटना के दौरेपर आ चुके हैं. अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 22 फरवरी को एक दिवसीय बिहार दौरे पर आ रहे हैं. पार्टी नेताओं से मिली जानकारी के अनुसार वे बक्सर में पार्टी की ओर से आयोजित जय बापू-जय भीम- जय संविधान कार्यक्रम में शामिल होंगे. राहुल गांधी ने जाति गणना को बताया था फेक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के संभावित बिहार आगमन को देखते हुए प्रदेश नेतृत्व की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है. इससे पहले जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पटना दौरे पर आए थे, तो बिहार की जातीय जनगणना को फेक और लोगों को बेवकूफ बनानेवाला बताया था. साथ ही आरजेडी चीफ लालू यादव से मिलने उनके आवास भी गए थे. इस दौरान पूर्व सीएम राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे थे. अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बिहार दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी उत्साह है. बिहार में गठबंधन को लेकर स्थिति साफ नहीं बिहार में राजद के साथ गठबंधन को लेकर स्थिति साफ नहीं है. पिछले दिनों लालू यादव ने ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक का नेता बनाने की वकालत की, तो तेजस्वी ने इंडिया गठबंधन को सिर्फ लोकसभा चुनाव तक सीमित रहने की बात कही थी. राहुल गांधी के बिहार प्रवास के दौरान लालू परिवार से मुलाकात के जरिए इंडिया गठबंधन में सबकुछ ठीक बताने की कोशिश की गई थी. ये मुलाकात इसलिए अहम मानी जा रही थी क्योंकि बिहार में सीट बंटवारे को लेकर आरजेडी और कांग्रेस के बीच पिछले दिनों काफी तल्खियां बढ़ी रहीं थी. 20 को पटना आयेंगे नये प्रदेश कांग्रेस प्रभारी प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के रूप में नियुक्ति के बाद कृष्णा अल्लवारू पहली बार 20 फरवरी को बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचेंगे. यह जानकारी देते हुए बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि कृष्णा अल्लवारू तीन दिनों के अपने प्रवास में पार्टी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे. साथ ही यहां प्रस्तावित विभिन्न नेतृत्वक कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे. उनके कार्यक्रम को लेकर पार्टी के कार्यकर्ता पूरी तरीके से उत्साहित हैं. उनके आगमन पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. Also Read: नीतीश की इस योजना से बिहार में बना स्वरोजगार का माहौल, 44 हजार से ज्यादा युवा बने उद्यमी The post विधानसभा चुनाव के लिए एक्टिव हुई कांग्रेस, राहुल गांधी के बाद अब मल्लिकार्जुन खरगे आ रहे बिहार appeared first on Naya Vichar.

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बिहार का भूजल देश की तुलना में बेहतर, फ्लोराइड का दायरा घटा तो क्लोराइड, यूरेनियम ने दी दस्तक

Ground Water in Bihar : पटना, प्रह्लाद कुमार. देश के अन्य राज्यों की तुलना में बिहार में पानी अब भी बेहतर स्थिति में है. भूजल में फ्लोराइड की मौजूदगी यूपी के 27 जिलों, झारखंड के आठ जिलों, राजस्थान के 31, गुजरात के 25, तेलंगाना के 28, तमिलनाडु के 21 जिलों में है. वहीं, बिहार में महज छह जिलों में फ्लोराइड है. साथ ही, सैलेनिटी (खारापन) की समस्या आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान व उत्तर प्रदेश में बहुत है, लेकिन बिहार की बात करें, तो यहां पानी में खारापन की स्थिति में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं है. आर्सेनिक प्रभावित जिलों में बिहार नंबर दो आर्सेनिक प्रभावित जिलों में बिहार उत्तर प्रदेश के बाद दूसरा राज्य है. बिहार के 20 जिलों के भूजल में आर्सेनिक की मात्रा अनुमान्य सीमा से काफी अधिक है. वहीं, यूरेनियम की उपस्थिति केवल सीवान में मिली है. बिहार प्रशासन के दिशा-निर्देश पर गुणवत्ता प्रभावित इलाकों में रहने वाले परिवारों को पानी से हो रही बीमारियों से बचाने के लिए पीएचइडी लगातार हर घर नल का जल पहुंचाने में जुटा है. प्रदूषण वाले इलाके में विभाग जल शुद्धिकरण संयंत्र लगा कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया है. मुख्य बातें -तेजी से बढ़ते भूजल संक्रमण को रोकने के लिए यह समेकित प्रयास जरूरी पीएचइडी द्वारा 123 जल जांच प्रयोगशाला चलायी जा रही हैं, लेकिन अधिकतर पद खाली रहने के कारण जल जांच कम हो रहे हैं. शहरी जलापूर्ति व्यवस्था के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के पास की लैब नहीं है. समुदाय स्तर पर फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से पेयजल गुणवत्ता की निगरानी जरुरी है. इसके लिए पीएचइडी ने किट खरीदने के लिए निविदा जारी की गयी है. कृषि में जैविक खाद को प्रोत्साहन देने के लिए काम किया जायेगा. कचरा जल प्रबंधन और मल प्रबंधन के लिए नयी नीति बनायी जायेगी, ताकि दूषित पानी का क्षेत्र में बढ़ोतरी नहीं हो. भूजल में नाइट्रेट, क्लोराइड, यूरेनियम ने दी दस्तक पीएचइडी के मुताबिक राज्य के 30,207 ग्रामीण वार्डों के भूजल में आर्सेनिक, फ्लोराइड व आयरन अनुमान्य सीमा से अधिक है. इसके बावजूद इसे जल शुद्धिकरण संयंत्र लगा कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया है, साथ ही, भूजल में नाइट्रेट, क्लोराइड, यूरेनियम व सैलेनिटी (खारापन) ने नयी चुनौती के रूप में दस्तक दी है. आयरन की चुनौती 10 जिलों तक ही नहीं, 33 जिलों में पहुंची है. वहीं, फ्लोराइड का दायरा घटा है. फ्लोराइड मात्र छह जिलों बांका, गया, जमुई, नालंदा, नवादा व शेखपुरा में ही रिपोर्ट हुई है. आर्सेनिक गंगा नदी के समीप वाले जिलों से आगे बढ़कर अररिया, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, किशनगंज, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, सुपौल, पश्चिम चंपारण में भी रिपोर्ट हुई है, जिसको लेकर पीएचइडी ने नये सिरे से नीति बनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. Also Read: नीतीश की इस योजना से बिहार में बना स्वरोजगार का माहौल, 44 हजार से ज्यादा युवा बने उद्यमी The post बिहार का भूजल देश की तुलना में बेहतर, फ्लोराइड का दायरा घटा तो क्लोराइड, यूरेनियम ने दी दस्तक appeared first on Naya Vichar.

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Weather Forecast: झारखंड में फिर बदलेगा मौसम, गरज के साथ होगी बारिश, वज्रपात का येलो अलर्ट

Weather Forecast: रांची-झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलेगा. आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ बारिश हो सकती है. 19 फरवरी से झारखंड में बारिश के आसार हैं. 22 फरवरी तक बारिश की संभावना है. गर्जन और बारिश के दौरान वज्रपात भी हो सकता है. इसे लेकर मौसम केंद्र ने येलो अलर्ट जारी किया है. 18 फरवरी से आसमान में छाया रहेगा बादल मौसम केंद्र ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि 18 फरवरी से बादल छाया रहेगा. 22 फरवरी तक अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है. 19 फरवरी को दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है. 20 फरवरी को दक्षिण तथा निकटवर्ती मध्य हिस्से में बारिश के आसार हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 28-29 और न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा रांची का न्यूनतम तापमान राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान रविवार को 12 डिग्री सेल्सियस रहा. अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. जमशेदपुर, बोकारो, चाईबासा, डालटनगंज का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. न्यूनतम तापमान 11 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. सबसे गर्म सरायकेला रहा. वहां का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. झारखंड के सभी जिलों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान ये भी पढ़ें: Delhi Station Stampede: दिल्ली भगदड़ से सबक, कोरस कमांडो ने झारखंड के इस स्टेशन पर संभाला मोर्चा ये भी पढ़ें: Hemant Soren Gift: झारखंड के 11.80 लाख बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन की सौगात, एक साथ मिलेंगे इतने महीने के पैसे ये भी पढ़ें: Jharkhand Village Story: झारखंड का अनोखा गांव, जहां भीषण गर्मी में भी होता है ठंड का अहसास ये भी पढ़ें: Jharkhand Village Story: झारखंड का एक गांव, जहां बरसो पानी जोर से कहने और ताली बजाने पर होने लगती है बारिश The post Weather Forecast: झारखंड में फिर बदलेगा मौसम, गरज के साथ होगी बारिश, वज्रपात का येलो अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में अब सालो भर होगी परवल की खेती, गंगा व कोसी दियारा के किसानों की बढ़ेगी आमदनी

Farming in Bihar: भागलपुर. बिहार के गंगा व कोसी दियारा में बड़े पैमाने पर परवल, तरबूज व खरबूजा की खेती गर्मी के मौसम में होती है. अब इसकी खेती सालों भर करने की तैयारी की जा रही है. माना जा रहा है कि इससे किसानों के आय में वृद्धि होगी. उद्यान विभाग ने मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है. जिला के नाथनगर, नवगछिया, सबौर, इस्माइलपुर, बिहपुर आदि क्षेत्र में तरह-तरह के किस्म के परबल उगाए जाते हैं. लेकिन अब तक बरसात के दिनों में परवल की खेती करने के लिए यहां के किसानों को प्रशिक्षण नहीं मिला और न ही नयी किस्म ईजाद की गयी है. सादा परवल के साथ हरा परवल की खेती को मिलेगा बढ़ावा उद्यान विभाग के सहायक निदेशक अभय कुमार मंडल ने कहा कि किसान कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. किसानों को इसके लिए प्रशिक्षण व जागरूक करने की जरूरत है. सहायक निदेशक ने बताया कि सादा परवल के साथ हरा परवल की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा, ताकि यह अधिक दिनों तक टिकेगा और महानगरों तक पहुंचकर किसानों को अधिक मुनाफा कमाने का अवसर मिलेगा. अपग्रेड परवल की खेती से किसान एक हेक्टेयर में तीन लाख से अधिक का मुनाफा कमा सकते हैं. भागलपुर के 2000 हेक्टेयर में होती है परवल की खेती उत्तरप्रदेश व पूर्णिया में परवल की खेती से किसान लखपति बन रहे हैं, जबकि भागलपुर तो परवल की खेती के लिए वर्षों से मशहूर है. उन्होंने बताया कि मुख्यालय भेजे गये प्रस्ताव में परवल, तरबूज व खरबूज के अपग्रेड बीज पर अनुदान देने की तैयारी है. किसान अधिक से अधिक मूल्य के बीज को आसानी से खरीद सकेंगे और बेहतर परवल की खेती करेंगे. किसानों को बैंकों व महाजनों से ऋण लेकर परवल, तरबूज व खरबूज की खेती करने की समस्या नहीं रहेगी. भागलपुर के दियारा व अन्य ऊंचे स्थान पर 2000 हेक्टेयर भूमि में परवल, तरबूज व खरबूज की खेती होती है. किसानों को बढ़ावा देने के बाद यह रकबा और आगे बढ़ सकता है. Also Read: नीतीश की इस योजना से बिहार में बना स्वरोजगार का माहौल, 44 हजार से ज्यादा युवा बने उद्यमी The post बिहार में अब सालो भर होगी परवल की खेती, गंगा व कोसी दियारा के किसानों की बढ़ेगी आमदनी appeared first on Naya Vichar.

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