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Author name: Vinod Jha

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SC ने कहा- शर्म करें पुलिस अधिकारी, 3 साल की बच्ची से बलात्कार की जांच SIT को सौंपी

Supreme Court : हरियाणा के गुरुग्राम में 3 तीन साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस के रवैये की निंदा की है और कहा है कि पुलिस विभाग ने जो कुछ किया वह शर्मनाक है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्त्री आईपीएस अधिकारियों की एक जांच टीम गठित की है. पॉक्सो के अपराध को दबाने की कोशिश की गई : सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची एवं जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने पॉक्सो (यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर में गंभीर धारा लगाने की बजाय हल्की धारा लगाकर अपराध को कमतर दिखाने की कोशिश की. कोर्ट ने कहा कि सरासर पुलिस विभाग की लापरवाही है.सुप्रीम कोर्ट ने बच्ची के बयान पर अपना पक्ष पूरी तरह से बदलने के लिए एक निजी अस्पताल की डॉक्टर को भी फटकार लगाई और कहा कि एक डॉक्टर का ऐसा करना शर्मनाक है. कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.कोर्ट ने गुरुग्राम बाल कल्याण समिति को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने कहा पुलिस अधिकारियों को शर्म आनी चाहिए मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि जब ऐसे पुलिस अधिकारियों को शर्म आनी चाहिए, जो कोर्ट द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद गिरफ्तारियां शुरू करते हैं. इस घटना की रिपोर्ट 4 फरवरी 2026 को सेक्टर 53 के थाने में दर्ज कराई गई थी. हालांकि घटना दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की है, लेकिन जब बच्ची ने घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी, तो रिपोर्ट दर्ज कराई गई. ये भी पढ़ें : अमेरिका की 15 सूत्री शांति योजना का ईरान ने उड़ाया मजाक, कहा– युद्ध जारी रहेगा स्त्रीओं के लिए खुशसमाचारी, परिसीमन से पहले ही प्रशासन आधी आबादी को दे सकती है  33% आरक्षण जानिए, अगर कोई दलित अपना लेता है ईसाई धर्म, तो उसे क्यों नहीं मिलेगा कानूनी संरक्षण और आरक्षण The post SC ने कहा- शर्म करें पुलिस अधिकारी, 3 साल की बच्ची से बलात्कार की जांच SIT को सौंपी appeared first on Naya Vichar.

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चैत्र नवरात्रि 2026: गलती से बुझ जाए अखंड ज्योति तो क्या करें?

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि में माता आदि शक्ति के नौ स्वरूपों का ध्यान करते हुए अखंड ज्योति जलाने का विधान है. भक्त अटूट आस्था के साथ लगातार नौ दिनों तक इस दीपक को जलाकर रखते हैं. मान्यता है कि इससे नवदुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है, घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और वातावरण शुद्ध होता है. हालांकि, कई बार हवा के झोंके, घी की कमी या बाती की खराबी के कारण ज्योति बुझ जाती है. ऐसे में मन में भय और अशुभ शंका उत्पन्न होने लगती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दीपक का गलती से बुझ जाना डरने की बात नहीं है. यह एक सामान्य भौतिक घटना है और इससे आपकी भक्ति या पूजा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता. लेकिन यदि आपके मन में शंका हो, तो ऐसी स्थिति में आप ये उपाय कर सकते हैं: मन से डर निकालें और क्षमा मांगें ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा जी के अनुसार, सबसे पहले अपने मन को शांत रखें. माता रानी भाव देखती हैं, न कि केवल कर्मकांड. यदि ज्योति अनजाने में बुझ गई है, तो मां दुर्गा के समक्ष हाथ जोड़कर अपनी भूल के लिए क्षमा मांगें. आप ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ या क्षमा प्रार्थना मंत्र का जाप कर सकते हैं. दीप पात्र की सफाई बुझी हुई ज्योति के दीप पात्र को सावधानी से साफ करें. यदि बाती पूरी जल चुकी है, तो उसे हटा दें. पात्र में नया घी या तिल का तेल डालें और नई लंबी बाती लगाएं. ‘साक्षी दीपक’ की मदद लें अखंड ज्योति के साथ अक्सर एक छोटा ‘साक्षी दीपक’ भी जलाया जाता है. यदि वह जल रहा है, तो उसी की लौ से अखंड ज्योति को पुनः प्रज्वलित करें. यदि वह भी बुझ गया है, तो नया दीपक जलाकर संकल्प दोहराएं. गंगाजल का छिड़काव ज्योति को पुनः जलाने के बाद पूरे पूजा स्थल और दीपक के चारों ओर थोड़ा गंगाजल छिड़कें. यह शुद्धिकरण का प्रतीक है. माना जाता है कि इससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है. अखंड ज्योति दोबारा प्रज्वलित करने का मंत्र दीपक जलाते समय इस मंत्र का उच्चारण करना शुभ माना जाता है:“दीपज्योतिः परब्रह्मः दीपज्योति जनार्दनः.दीपो हरतु मे पापं संध्यादीपं नमोऽस्तुते॥” यह भी पढ़ें: Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि अष्टमी तथा नवमी तिथि का कन्फ्यूजन करें दूर, जानें पूजा और हवन की सहीं तिथि The post चैत्र नवरात्रि 2026: गलती से बुझ जाए अखंड ज्योति तो क्या करें? appeared first on Naya Vichar.

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Maa Ka Sum OTT Release: नंबर और लॉजिक के खेल में मां के लिए परफेक्ट पार्टनर खोजेगा बेटा, जानें स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म डिटेल्स

Maa Ka Sum OTT Release: Prime Video की आने वाली कॉमेडी‑ड्रामा सीरीज ‘मां का सम’ की वर्ल्डवाइड रिलीज डेट 3 अप्रैल, 2026 को अनाउंस कर दी गई है. यह आठ एपिसोड वाली सीरीज हिंदी में स्ट्रीम होगी और तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम सबटाइटल के साथ हिंदुस्तान और दुनिया के 240 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में उपलब्ध होगी. अगर आप कुछ नया देखने का सोच रहे हैं और सीरीज का टाइटल दिलचस्प लग रहा है, तो आइए जानते हैं इसकी स्टार कास्ट और डिटेल, जिससे आप तय कर पाएंगे कि इसे देखें या नहीं. View this post on Instagram A post shared by prime video IN (@primevideoin) ‘मां का सम’ की स्टार कास्ट और टीम इस सीरीज में मोना सिंह, मिहिर आहूजा, अंगिरा धर और रणवीर बराड़ मुख्य भूमिकाओं में हैं. मिहिर आहूजा 19 साल के मैथ्स के जीनियस, अगस्त्य का किरदार निभा रहे हैं. जबकि, मोना सिंह उनकी मां विनीता के रोल में हैं. इसका निर्देशन निकोलस खारकोंगोर ने किया है और कहानी रविंदर रंधावा और सुमरित शाही ने लिखी है. मां का सम की कहानी क्या है? मां का सम एक सिंगल मां और उसके 19 साल के बेटे के बीच के रिश्ते को दिखाती है. अगस्त्य गणित का जीनियस है और दुनिया को ग्राफ, नंबर और एल्गोरिदम के नजरिए से देखता है. वह ऐसी दुनिया में रहता है जहां नंबर ही सब कुछ होते हैं, इसलिए उसे लगता है कि इंसानी रिश्तों की सबसे मुश्किल समस्याओं को भी नंबर की मदद से समझा और हल किया जा सकता है. वह हर चीज का लॉजिकल सॉलूशन ढूंढने की कोशिश करता है. सीरीज में अगस्त्य ने “Project MOM” शुरू किया है, जिसमें वह अपनी मां के लिए सबसे सही जीवनसाथी ढूंढना चाहता है. शो की टैगलाइन “Equation या Emotion?” अगस्त्य के लॉजिकल दिमाग और इंसानी इमोशंस के बीच के क्लैश को उजागर दिखाती है. क्यों देखें ‘मां का सम’? 3 अप्रैल, 2026 को प्रीमियर के बाद ‘मां का सम’ दर्शकों के बीच लोकप्रिय होने की उम्मीद है. क्योंकि यह सीरीज आज की सोच और पुराने पारिवारिक मूल्यों का अच्छा मेल पेश करती है और मां‑बेटे के रिश्तों को एक नया और अलग नजरिया देती है. यह भी पढ़ें: The Traitors India Season 2 से नेहा धूपिया ने किया किनारा, इंस्टाग्राम स्टोरी में बताई वजह The post Maa Ka Sum OTT Release: नंबर और लॉजिक के स्पोर्ट्स में मां के लिए परफेक्ट पार्टनर खोजेगा बेटा, जानें स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म डिटेल्स appeared first on Naya Vichar.

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झारखंडियों को लगा ‘महंगाई का करंट’: बिजली टैरिफ में भारी बढ़ोतरी, देखें नया रेट कार्ड

Jharkhand Electricity Rate, रांची : झारखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है. 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नये बिजली टैरिफ के तहत घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणियों की दरों में बढ़ोतरी कर दी गयी है, जिससे आम लोगों से लेकर व्यापार और उद्योग जगत तक पर इसका सीधा असर पड़ेगा. प्रति यूनिट दर बढ़ने से उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल बढ़ना तय है. घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ घरेलू कैटिगिरी में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गयी है. ग्रामीण इलाकों में प्रति यूनिट दर पहले जहां 6.70 रुपये लगता था वह अब बढ़कर 7.20 रुपये हो गयी है, जबकि शहरी उपभोक्ताओं के लिए यह 6.85 रुपये से बढ़कर 7.40 रुपये प्रति यूनिट हो गयी है. भले ही फिक्स्ड चार्ज में बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन यूनिट दर में वृद्धि का सीधा असर कुल बिल पर पड़ेगा, जिससे आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ेगा. व्यावसायिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा असर व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली महंगी कर दी गयी है. 5 किलोवाट से अधिक लोड वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 6.20 की दर को बढ़ाकर 6.70 प्रति यूनिट कर दी गयी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.70 रुपये से बढ़ाकर 7.30 रुपये प्रति यूनिट तय कर दी गयी है. इस बढ़ोतरी का असर छोटे दुकानदारों, प्रतिष्ठानों और सेवा क्षेत्र पर पड़ेगा, जहां पहले से ही लागत बढ़ने की समस्या बनी हुई है. Also Read: धनबाद से मुगलसराय तक 180 की स्पीड में दौड़ेंगी ट्रेनें, पूर्व-मध्य रेलवे ने किया ट्रायल उद्योगों की लागत में बढ़ोतरी तय औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी बिजली की दरों में इजाफा किया गया है. लो टेंशन औद्योगिक सप्लाई की दर 6.10 रुपये से बढ़ाकर 6.60 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है, जबकि हाई टेंशन सप्लाई 5.90 रुपये से बढ़कर 6.40 रुपये प्रति यूनिट हो गयी है. उद्योगों के लिए बिजली एक प्रमुख लागत होती है, ऐसे में दरों में वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ेगी और इसका असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है. संस्थानों और स्ट्रीट लाइट पर भी प्रभाव संस्थागत श्रेणी और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी सेवाओं के लिए भी टैरिफ में बढ़ोतरी की गयी है. इससे नगर निकायों और प्रशासनी संस्थानों के खर्च में इजाफा होगा, जिसका अप्रत्यक्ष असर आम लोगों पर पड़ सकता है. कुल मिलाकर लगभग सभी श्रेणियों में प्रति यूनिट दर बढ़ाई गयी है, जबकि फिक्स्ड चार्ज में सीमित बदलाव हुआ है. Also Read: बहरागोड़ा में डिफ्यूज कर दिया गया द्वितीय विश्वयुद्ध का बम, प्रशासन ने ली सेना की मदद The post झारखंडियों को लगा ‘महंगाई का करंट’: बिजली टैरिफ में भारी बढ़ोतरी, देखें नया रेट कार्ड appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान हमारी प्राथमिकता: उप विकास आयुक्त

कर्पूरी सभागार में ‘कार्यस्थल पर स्त्रीओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम’ पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर: स्थानीय कर्पूरी सभागार में आज “कार्यस्थल पर स्त्रीओं के यौन उत्पीड़न (प्रतिषेध, निवारण और अधिनियिम)” के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सूर्य प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रशासनी एवं निजी कार्यस्थलों पर स्त्रीओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना तथा संबंधित कानून के प्रावधानों के प्रति अधिकारियों व कर्मचारियों को जागरूक करना था। प्रमुख संबोधन: जागरूकता से ही आएगा बदलाव सभा को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त श्री सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि: “स्त्रीओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून तो बने हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में इनका पूर्ण लाभ लक्षित समूह को नहीं मिल पाता है। कार्यस्थल पर होने वाले भेदभाव और यौन उत्पीड़न के विरुद्ध बने नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार अनिवार्य है। इस कार्यशाला का उद्देश्य यही है कि सभी कार्यालय प्रधान और कर्मचारी कानून की बारीकियों को समझें ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को शून्य पर लाया जा सके।” कार्यशाला के मुख्य बिंदु: कानूनी जानकारी: विधि विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं द्वारा अधिनियम की विभिन्न धाराओं और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। आंतरिक शिकायत समिति (ICC): कार्यस्थलों पर ‘आंतरिक शिकायत समिति’ के गठन की अनिवार्यता और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। निवारण तंत्र: पीड़ित स्त्री को मिलने वाली कानूनी सहायता और दोषी के विरुद्ध की जाने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र में जिले के कई वरीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से श्रीमती सुनीता, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS) श्री रजनीश कुमार राय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री विष्णु देव मंडल, जिला पंचायत राज पदाधिकारी विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान, अधिवक्तागण और विधि विशेषज्ञ शामिल रहे. कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को अपने-अपने कार्यालयों में इस अधिनियम का कड़ाई से पालन करने और एक भयमुक्त वातावरण तैयार करने का निर्देश दिया गया।

समस्तीपुर

समस्तीपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में ओपन सोर्स पर कार्यशाला, 140 छात्रों ने लिया प्रशिक्षण

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, समस्तीपुर में ओपन सोर्स तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “गिट एवं गिटहब कार्यशाला” का सफल आयोजन किया गया। एक दिवसीय इस कार्यशाला का विषय “ओपन सोर्स की दुनिया में प्रवेश” रखा गया, जिसमें छात्रों को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन अशीमो – द टेक्निकल क्लब द्वारा फॉस यूनाइटेड फाउंडेशन एवं बोध्या के सहयोग से किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म, वर्जन कंट्रोल सिस्टम तथा गिट और गिटहब के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी देना था, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रोजेक्ट्स में योगदान कर सकें। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दीपक कुमार मंडल के मार्गदर्शन में तथा आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. शिवा राम कृष्णा के समन्वयन में संपन्न हुआ। दोनों ने छात्रों को नई तकनीकों को सीखने और उन्हें अपने करियर में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में विशाल आर्य और अश्वनी कुमार शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को ओपन सोर्स इकोसिस्टम, वर्जन कंट्रोल सिस्टम और गिटहब के माध्यम से टीम के साथ काम करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। वक्ताओं ने यह भी समझाया कि कैसे छात्र छोटे-छोटे योगदान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं। प्रशिक्षण सत्र के दौरान छात्रों को गिट कमांड्स, रिपॉजिटरी प्रबंधन, ब्रांचिंग और कोलैबोरेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इससे छात्रों को तकनीकी विषयों को समझने के साथ-साथ उन्हें लागू करने का अवसर भी मिला। कार्यक्रम में कुल 140 छात्रों ने पंजीकरण कराया और सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्रों का उत्साह और सहभागिता इस आयोजन की सफलता का मुख्य कारण रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के संकाय सदस्य अमित गौरव, दिग्विजय कुमार और अतिश कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन किया और उनके उत्साह को बढ़ाया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने अपने सवाल पूछे और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया। अंत में आयोजकों ने सभी वक्ताओं, शिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का सफल समापन किया।

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जज के सामने पवन सिंह बोले- ज्योति संग नहीं रहना, मुझे तलाक चाहिए… सुनवाई में नहीं पहुंची पत्नी

Pawan Singh-Jyoti Controversy: भोजपुरी इंडस्ट्री के पावरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के तलाक मामले में एक बार फिर अहम सुनवाई हुई. इस दौरान पवन सिंह ने जस्टिस आशुतोष कुमार के सामने साफ कहा कि वे अब ज्योति सिंह के साथ नहीं रहना चाहते और उन्हें तलाक चाहिए. सिर्फ इतना ही नहीं, पवन सिंह ने कोर्ट को यह भी बताया कि वे वन टाइम सेटलमेंट के लिए तैयार हैं, ताकि मामला आपसी सहमति से सुलझ सके. सुनवाई में नहीं पहुंचीं ज्योति, कोर्ट की कोशिश भी नाकाम आज कोर्ट में रिकॉन्सिलिएशन यानी सुलह की प्रक्रिया के तहत दोनों पक्षों को बुलाया गया था. पवन सिंह तो कोर्ट पहुंचे, लेकिन ज्योति सिंह किसी वजह से नहीं आ सकीं. पवन सिंह के वकील सुमन कुमार ने बताया कि कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी दोनों के बीच बातचीत कराने की कोशिश की, लेकिन ज्योति सिंह से संपर्क नहीं हो पाया. ऐसे में सुलह की कोशिश आगे नहीं बढ़ सकी. कोर्ट से पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन सुनवाई से पहले पवन सिंह महौली गांव पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की. इसके बाद दोपहर करीब 2:20 बजे वे कोर्ट रूम में पहुंचे. हालांकि, कोर्ट से बाहर निकलते वक्त पवन सिंह कुछ मायूस नजर आए, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मामला अभी और लंबा खिंच सकता है. सोशल मीडिया पर एक्टिव दिखीं ज्योति इधर, कोर्ट की सुनवाई से पहले ज्योति सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर छठ पूजा का एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में वह मांग में सिंदूर लगाकर पूजा करती नजर आईं, जिससे अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. पिछली सुनवाई में भावुक हुई थीं ज्योति इससे पहले की सुनवाई में स्थिति उलट थी. तब ज्योति सिंह कोर्ट पहुंची थीं, लेकिन पवन सिंह मौजूद नहीं थे. उस दौरान ज्योति ने कोर्ट में सिर्फ इतना कहा था- मुझे न्याय चाहिए और यह कहते हुए वह भावुक होकर रो पड़ी थीं. इनपुट- विशाल Also Read: बक्सर को सीएम नीतीश ने दी 269 करोड़ की सौगात, सम्राट चौधरी बोले- अब ‘मेड इन USA’ नहीं, ‘मेड इन बक्सर’ पिएंगे लोग The post जज के सामने पवन सिंह बोले- ज्योति संग नहीं रहना, मुझे तलाक चाहिए… सुनवाई में नहीं पहुंची पत्नी appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

मुसरीघरारी में मॉडिफाइड बाइक पर प्रशासन की सख्ती, गैराज में छापेमारी कर दो बाइक जब्त

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। प्रखंड के मुसरीघरारी चौक पर मॉडिफाइड मोटरसाइकिलों और तेज आवाज वाले साइलेंसर की बढ़ती शिकायतों के बीच प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार की शाम ट्रैफिक डीएसपी आशीष राज के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के तहत एक गैराज में छापेमारी कर दो मॉडिफाइड बाइक जब्त की गईं। जानकारी के अनुसार, ट्रैफिक डीएसपी अपनी टीम के साथ मुसरीघरारी स्थित “शर्मा ऑटो स्पेयर” नामक मोटरसाइकिल गैराज पहुंचे, जहां अवैध रूप से बाइक मॉडिफिकेशन और साइलेंसर बदलने की शिकायतें मिल रही थीं। गैराज के संचालक इंद्र कुमार उर्फ छोटू बताए जा रहे हैं। छापेमारी के दौरान मौके से कई ऐसे संकेत मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यहां बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलों को मॉडिफाई किया जाता था। जांच के दौरान दो ऐसी बाइक बरामद की गईं, जिनमें तेज आवाज करने वाले साइलेंसर लगे थे और उन पर नंबर प्लेट भी नहीं थी। पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि ताजपुर-बख्तियारपुर फोर लेन पर स्टंट वीडियो बनाने और तेज आवाज वाले साइलेंसर से आम लोगों को परेशानी हो रही थी, जिसे देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ट्रैफिक डीएसपी आशीष राज ने बताया कि सभी वाहनों की विधिवत जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों में अवैध बदलाव न करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके।

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बहरागोड़ा में डिफ्यूज कर दिया गया द्वितीय विश्वयुद्ध का बम, प्रशासन ने ली सेना की मदद

बहरागोड़ा से प्रकाश मित्र की रिपोर्ट Baharagora Bomb Defused: पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र स्थित पानीपाड़ा नागुडसाईं स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले द्वितीय विश्वयुद्ध के एक शक्तिशाली बम को आखिरकार डिफ्यूज कर दिया गया. यह बम पिछले 9 दिनों से इलाके में पड़ा हुआ था, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ था. हिंदुस्तानीय सेना के जवानों ने नई तरकीब अपनाकर द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इस्तेमाल किए गए अमेरिकी बमों को डिफ्यूज किया. सेना की टीम में ये लोग रहे शामिल बम को डिफ्यूज करने के लिए हिंदुस्तानीय सेना के कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम मौके पर पहुंची. उनके साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे. इस दौरान घाटशिला एसडीपीओ अजीत कुजूर, मुसाबनी डीएसपी संदीप भगत, डीसी एलआर नित निखिल और थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की. सुरक्षा के कड़े इंतजाम सेना ने बम डिफ्यूज करने से पहले पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की. करीब एक किलोमीटर के दायरे में लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई. आसपास के ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया. मौके पर अग्निशमन दल और एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. जमीन में गाड़कर बमों का कराया गया विस्फोट हिंदुस्तानीय सेना के जवानों ने बम को निष्क्रिय करने के लिए नई और सुरक्षित तकनीक अपनाई. नदी किनारे रेत में गड्ढा खोदकर बम को जमीन के अंदर रखा गया और नियंत्रित तरीके से डेटोनेटर के माध्यम से विस्फोट किया गया. धमाके से दहला इलाका, उठा धुएं का गुबार जैसे ही बम को विस्फोट कर डिफ्यूज किया गया, पूरे इलाके में जोरदार धमाका हुआ. आग और धुएं का बड़ा गुबार आसमान में उठता नजर आया. हालांकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के कारण किसी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई. पुलिस और सेना के तालमेल से सफल ऑपरेशन इस पूरे ऑपरेशन में हिंदुस्तानीय सेना और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला. सेना के अधिकारियों ने पुलिस बल को पहले ही जरूरी प्रशिक्षण और निर्देश दिए थे, जिससे ऑपरेशन पूरी तरह सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सका. इसे भी पढ़ें: धनबाद में सांस लेना भी खतरनाक, झारखंड में बना सबसे प्रदूषित शहर बम डिफ्यूज होने के बाद लोगों ने ली राहत की सांस बम डिफ्यूज होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली. लंबे समय से बना भय का माहौल अब समाप्त हो गया है. प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत देने की अपील की है. इसे भी पढ़ें: रामनवमी से पहले पलामू पुलिस सख्त, पूरी कमिश्नरी के 3059 लोगों को भेजा गया नोटिस The post बहरागोड़ा में डिफ्यूज कर दिया गया द्वितीय विश्वयुद्ध का बम, प्रशासन ने ली सेना की मदद appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका की 15 सूत्री शांति योजना का ईरान ने उड़ाया मजाक, कहा– युद्ध जारी रहेगा

Iran War @ day 26 : ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के 26 दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति प्लान पर जोर दिया है और 15 प्वाइंट में अपनी शर्तें ईरान के सामने रखी हैं. अमेरिका के इस पीस प्लान पर ईरान की जो प्रतिक्रिया आई है, उसमें ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत के नए दावे को खारिज कर दिया और लड़ाई जारी रखने का वादा किया. ईरानी मिलिट्री के प्रवक्ता ने उड़ाया डोनाल्ड ट्रंप का मजाक अल जजीरा के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति प्लान पर जोर दिया, तो ईरानी मिलिट्री के प्रवक्ता ने ट्रंप द्वारा की गई बातचीत के दावों का मजाक उड़ाया. ईरान की प्रशासनी मीडिया के मुताबिक, ईरानी मिलिट्री के स्पोक्सपर्सन इब्राहिम जोल्फाकारी ने कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स खुद से ही बातचीत कर रहा है. उन्होंने एक वीडियो संदेश में वॉशिंगटन का मजाक उड़ाया. इब्राहिम जोल्फाकारी ने यह सवाल किया कि क्या उनके अंदरूनी झगड़े इस पॉइंट पर पहुंच गए हैं, जहां अमेरिका खुद से ही बातचीत कर रहा है. गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि वॉशिंगटन, ईरान के एक टॉप लीडर से बात कर रहा है, हालांकि वह सुप्रीम लीडर नहीं है. क्या है ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान के सामने रखी गई 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली प्रशासन ने ईरान के सामने पाकिस्तान की मध्यस्थता से 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेश की है. इस बात की पुष्टि पाकिस्तान ने की है. पाकिस्तान ने खुद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है. यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका की सेना 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके. न्यूयॉर्क टाइम्स ने मंगलवार को ही इस बात की पुष्टि कर दी थी कि युद्धविराम के लिए 15-सूत्रीय योजना ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है. हालांकि इजराइली अधिकारी अमेरिकी प्रशासन द्वारा युद्धविराम योजना सौंपे जाने से हैरान हैं और वे युद्ध को जारी रखना चाहते हैं. ये भी पढ़ें : ट्रांसजेंडर व्यक्ति संशोधन बिल में ऐसा क्या है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाता है? स्त्रीओं के लिए खुशसमाचारी, परिसीमन से पहले ही प्रशासन आधी आबादी को दे सकती है  33% आरक्षण जानिए, अगर कोई दलित अपना लेता है ईसाई धर्म, तो उसे क्यों नहीं मिलेगा कानूनी संरक्षण और आरक्षण The post अमेरिका की 15 सूत्री शांति योजना का ईरान ने उड़ाया मजाक, कहा– युद्ध जारी रहेगा appeared first on Naya Vichar.

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