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Author name: Vinod Jha

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हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस को सुनाई खरी-खरी, कहा- केंद्र सरकार का विरोध करना जुर्म नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जुलाई) को मुंबई पुलिस के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक नेतृत्वक कार्यकर्ता को मुंबई से तड़ीपार किया गया था. कोर्ट ने कहा कि केंद्र प्रशासन के कुछ फैसलों के खिलाफ रैली या प्रदर्शन आयोजित करना किसी व्यक्ति को तड़ीपार करने का आधार नहीं बन सकता. कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे आधार पर कार्रवाई करना नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. एसडीपीआई के महासचिव 49 वर्षीय सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस माधव जमदार ने यह टिप्पणी की. जस्टिस ने कहा कि प्रशासन की नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना या नारे लगाना किसी व्यक्ति को महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत तड़ीपार करने का आधार नहीं हो सकता. कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध नागरिकों का अधिकार है. किन मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहे थे सईद अहमद चेंबूर निवासी सईद अहमद लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. उनके खिलाफ 2019 से 2024 के बीच कई एफआईआर दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें एक साल के लिए मुंबई शहर, उपनगरों और आसपास के इलाकों से तड़ीपार कर दिया था. सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी के खिलाफ दर्ज ज्यादातर मामले नागरिकता संशोधन कानून (CAA), एनआरसी, ज्ञानवापी मस्जिद विवाद, बाबरी मस्जिद विध्वंस, वक्फ बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार और बढ़ती ईंधन कीमतों जैसे मुद्दों पर हुए प्रदर्शनों से जुड़े थे. यह भी पढ़ें : आरक्षण के खिलाफ बोलना गुनाह नहीं, जानिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऐसा क्यों कहा? चौधरी की ओर से पेश वकील पयोशी रॉय ने कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज की गई थीं. इनमें ज्यादातर मामले केंद्र प्रशासन के फैसलों के विरोध में प्रदर्शन करने से जुड़े थे. उन्होंने बताया कि ये केस हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दर्ज किए गए, जो प्रशासनी आदेशों की अवहेलना से संबंधित है. The post हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस को सुनाई खरी-खरी, कहा- केंद्र प्रशासन का विरोध करना जुर्म नहीं appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर सहित पूरे देश में E-Rickshaw बीच सड़क पर क्यों हो रहे हैं बंद? जानिए इसके पीछे की पूरी सच्चाई

BAT-BMS App Explained: कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बहुत से वीडियोज तेजी से वायरल हो रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि सिर्फ एक मोबाइल ऐप की मदद से सड़क पर चलते किसी भी ई-रिक्शा को अचानक रोक दिया जा सकता है. वीडियो में कुछ लोग ई-रिक्शा के पास खड़े होकर मोबाइल चलाते हैं और कुछ ही सेकंड बाद वाहन बीच सड़क पर बंद हो जाता है. इस दावे ने खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में ई-रिक्शा चालकों की चिंता बढ़ा दी है. मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, दरभंगा, समस्तीपुर और पटना जैसे शहरों में हजारों परिवार ई-रिक्शा चलाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सचमुच कोई व्यक्ति आपके ई-रिक्शा को दूर से बंद कर सकता है. जवाब है- हां भी और नहीं भी. यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके ई-रिक्शा में लगी बैटरी और उसका Battery Management System (BMS) कितना सुरक्षित है. ये भी पढ़ें: मैरिज ऐप पर हुई दोस्ती ने बर्बाद कर दी जिंदगी, प्यार, गेमिंग और निवेश के जाल में युवक से 40 लाख की साइबर ठगी आखिर क्या है BAT-BMS App? BAT-BMS कोई हैकिंग ऐप नहीं है. यह एक सामान्य Battery Management System Monitoring Application है. इसे चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology ने विकसित किया है. Google Play Store पर उपलब्ध इस ऐप का उद्देश्य Bluetooth आधारित Lithium Battery की स्थिति की निगरानी करना है. यह ऐप बैटरी से जुड़कर कई जानकारियां दिखाता है, जैसे— बैटरी चार्ज प्रतिशत वोल्टेज करंट तापमान बैटरी की हेल्थ चार्ज-डिस्चार्ज साइकल प्रत्येक सेल की स्थिति यानी सामान्य परिस्थितियों में यह ऐप बैटरी की निगरानी के लिए बनाया गया है. Ai जेनरेटेड फोटो फिर विवाद क्यों शुरू हुआ? विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आए जिनमें कुछ लोग BAT-BMS ऐप के जरिए ई-रिक्शा रोकते दिखाई दिए. इन वीडियो में दावा किया गया कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ मोबाइल लेकर किसी भी ई-रिक्शा को बीच सड़क पर बंद कर सकता है. यहीं से भ्रम फैलना शुरू हुआ. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो मुजफ्फरपुर के साहेबगंज के एक ऑटो चालक ने सुनाई अपनी आपबीती चालक ने कहा कि “कल से एक चीनी ऐप चर्चा में है, जिसका नाम ‘Bat BMS’ बताया जा रहा है. समस्या यह है कि जब हम ई-रिक्शा चला रहे होते हैं, तो कोई भी अनजान व्यक्ति पीछे से इसे ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट करके गाड़ी बंद कर दे रहा है. इस कारण हम बीच रास्ते में कहीं भी फंस जाते हैं. अभी भी कई गाड़ियां लाइन में खड़ी हैं और उन्हें खींचकर ले जाना पड़ रहा है. प्रशासन को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और जल्द ही कोई ठोस कदम उठाना चाहिए, ताकि हम जैसे चालक सुरक्षित रूप से अपना काम कर सकें.” Ai जेनरेटेड फोटो एवं घेरे में पीड़ित चालक असली तकनीकी सच्चाई क्या है? तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार BAT-BMS हर ई-रिक्शा पर काम नहीं करता. यह केवल उन Lithium Battery Packs पर काम करता है जिनमें Bluetooth Enabled Battery Management System लगा हो. यदि उस BMS में सुरक्षा कमजोर है या Password Protection नहीं लगाया गया है, तभी कोई दूसरा व्यक्ति Bluetooth के माध्यम से उससे कनेक्ट हो सकता है. यानी खतरा ऐप में नहीं, बल्कि असुरक्षित Battery Management System में है. आखिर BMS होता क्या है? Battery Management System यानी BMS किसी भी Lithium Battery का दिमाग माना जाता है. यही सिस्टम तय करता है— बैटरी कितनी चार्ज होगी. कब चार्जिंग बंद करनी है. कितना करंट देना है. बैटरी गर्म हो रही है या नहीं. बैटरी सुरक्षित है या नहीं. आज अधिकांश आधुनिक Lithium Battery Packs इसी सिस्टम के साथ आते हैं. कैसे रुक सकता है E-Rickshaw? यदि किसी बैटरी में Bluetooth खुला हुआ है और उसका Password नहीं लगाया गया है, तो Bluetooth रेंज के अंदर मौजूद कोई व्यक्ति उससे कनेक्ट हो सकता है. कुछ BMS में “Discharge Disable” या “Output Cut Off” जैसे विकल्प होते हैं. यदि कोई व्यक्ति इस विकल्प को सक्रिय कर देता है, तो बैटरी मोटर को बिजली देना बंद कर सकती है. परिणामस्वरूप ई-रिक्शा अचानक रुक सकता है. हालांकि यह केवल उन्हीं बैटरियों में संभव है जिनकी सुरक्षा कमजोर हो. वायरल वीडियो क्लिप्स क्या हर E-Rickshaw खतरे में है? बिल्कुल नहीं. यही सबसे बड़ी गलतफहमी है. हिंदुस्तान में चल रहे सभी ई-रिक्शा Bluetooth आधारित Lithium Battery का उपयोग नहीं करते. कई ई-रिक्शा अभी भी Lead Acid Battery पर चलते हैं. वहीं कई कंपनियां Proprietary Battery System इस्तेमाल करती हैं, जिनसे सामान्य मोबाइल ऐप कनेक्ट ही नहीं हो सकता. इसलिए सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा कि “हर ई-रिक्शा मोबाइल से बंद किया जा सकता है”, पूरी तरह सही नहीं है. किन बैटरियों में ज्यादा जोखिम? विशेषज्ञों के अनुसार जोखिम सबसे अधिक उन सस्ती Lithium Battery Packs में है जिनमें— Bluetooth हमेशा चालू रहता है. Default Password नहीं बदला गया. Password Protection ही नहीं है. Manufacturer ने Security मजबूत नहीं रखी. ऐसी बैटरियां गलत हाथों में पड़ने पर परेशानी पैदा कर सकती हैं. वायरल वीडियो कितने सही? सोशल मीडिया पर वायरल अधिकांश वीडियो “प्रैंक कंटेंट” या “रील” के रूप में बनाए गए हैं. इनमें कई बार पहले से सेटअप किए गए वाहन दिखाए जाते हैं. कुछ मामलों में तकनीकी कमजोरी का फायदा उठाकर बैटरी डिस्चार्ज बंद किया गया. लेकिन हर वीडियो यह साबित नहीं करता कि कोई भी व्यक्ति किसी भी ई-रिक्शा को कहीं भी बंद कर सकता है. चालक क्या करें? यदि आपके ई-रिक्शा में Bluetooth आधारित Lithium Battery लगी है, तो कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं. सावधानी फायदा BMS Password तुरंत बदलें अनधिकृत कनेक्शन रुकेगा Default Password कभी न रखें सुरक्षा बढ़ेगी जरूरत न हो तो Bluetooth बंद रखें बाहरी कनेक्शन नहीं होगा केवल अधिकृत ऐप का उपयोग करें डेटा सुरक्षित रहेगा समय-समय पर Battery Firmware अपडेट करें नई सुरक्षा सुविधाएं मिलेंगी विश्वसनीय कंपनी की Battery खरीदें सुरक्षा जोखिम कम होगा ये भी पढ़ें: कहीं आपकी खरीदी हुई पुरानी गाड़ी चोरी की तो नहीं? खरीदने से पहले जरूर करें ये काम, नहीं तो पड़ सकते हैं कानूनी लफड़े में बैटरी खरीदते समय क्या पूछें? नई Lithium Battery खरीदने से पहले ये सवाल जरूर पूछें— क्या इसमें

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बिहार में बुलेट ट्रेन के लिए बिछेगा 400 किमी लंबा ट्रैक, इन 3 जिलों में बनेंगे स्टेशन, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी

Bullet Train High Speed Rail Corridor: बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई सारे रेल प्रोजेक्ट्स पर काम किए जा रहे हैं. इतना ही नहीं, बिहार को तो हाई स्पीड बुलेट ट्रेन की सौगात भी मिली है. इस रेल प्रोजेक्ट पर काम जोर-शोर से शुरू हो गया है. बुलेट ट्रेन के लिए देश में 1705 किलोमीटर लंबा ट्रैक बिछाया जाएगा. केंद्र प्रशासन ने दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है. इन चार राज्यों के बीच मजबूत होगी कनेक्टिविटी इस प्रोजेक्ट को लेकर बिहार में बुलेट ट्रेन के लिए लगभग 400 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट से चार राज्यों बिहार, बंगाल, यूपी और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी. मिली जानकारी के मुताबिक, रेलवे की तरफ से बुलेट ट्रेन के लिए हर 100 से 150 किलोमीटर की दूरी पर एक स्टेशन बनाए जाने की प्लानिंग है. इन जिलों में तैयार होंगे स्टेशन इस तरह से बिहार के तीन जिलों में स्टेशन बनाए जायेंगे. इन जिलों में पटना, बक्सर और कटिहार शामिल है. ऐसे में इन तीनों जिलों और इसके आस-पास के जिलों के लोगों को खास फायदा मिल सकेगा. खासकर उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच जुड़ाव आसानी से हो सकेगा. रेलवे के इस मेगा प्रोजेक्ट से बिहार के विकास को भी नई पहचान मिल सकेगी. बिहार की अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें जानिए पटना से दिल्ली, बनारस और सिलीगुड़ी की दूरी इसके साथ ही केंद्र प्रशासन के इस तोहफे से बिहार से दिल्ली जाना अब दूर नहीं रह जाएगा. बुलेट ट्रेन से पटना से दिल्ली की लगभग 1000 किलोमीटर दूर की यात्रा मात्र 4 घंटे 41 मिनट में ही पूरी की जा सकेगी. यानी कि जो अभी समय 13 या फिर 15 घंटे लगते हैं वो सिर्फ लगभग 5 घंटे में ही पूरे किए जा सकेंगे. इसके अलावा पटना से बनारस की दूरी सिर्फ 50 मिनट में ही पूरी की जा सकेगी. जबकि पटना से सिलीगुड़ी तक का सफर मात्र 2 घंटे 5 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. लोगों को होंगे ये सभी फायदे बुलेट ट्रेन की सौगात बिहार के लिए इसलिए भी और खास मानी जा रही है क्योंकि इससे युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध हो सकेंगे. जिन तीन जिलों से बुलेट ट्रेन गुजरेगी, वहां लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल हब डेवलप हो सकेंगे. इसके साथ ही लोगों के समय की भी बचत हो सकेगी. शिक्षा, कारोबार या फिर चिकित्सा के लिए भी आना-जाना आसान हो सकेगा. Also Read: बिहार के 18 जिलों में आज गरज-चमक के साथ होगी तेज बारिश, बिजली गिरने की भी चेतावनी, बाढ़ का खतरा मंडराया The post बिहार में बुलेट ट्रेन के लिए बिछेगा 400 किमी लंबा ट्रैक, इन 3 जिलों में बनेंगे स्टेशन, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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JPSC ने जारी किया प्रीलिम्स का रिजल्ट, जानें कब होगी मेंस परीक्षा और क्या है आगे की प्रक्रिया

JPSC Civil Services Prelims Result 2026: JPSC सिविल सेवा परीक्षा में 2204 कैंडिडेट्स सफल हुए हैं. अब ये सभी कैंडिडेट्स 18 जुलाई से 20 जुलाई तक होने वाली मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे. JPSC ने मेन्स परीक्षा के संबंध में नोटिस जारी की है. जारी नोटिस के अनुसार, इस परीक्षा के लिए आज से ही यानी कि 3 जुलाई 2026 से फॉर्म भरे जाएंगे. आवेदन करने की लास्ट डेट 9 जुलाई 2026 है. JPSC मेन्स परीक्षा का शेड्यूल देखें दिनांक प्रथम पाली(पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 1:00 बजे तक) द्वितीय पाली(अपराह्न 2:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक) 18 जुलाई 2026 प्रथम पत्र (Paper-I) द्वितीय पत्र (Paper-II) 19 जुलाई 2026 तृतीय पत्र (Paper-III) चतुर्थ पत्र (Paper-IV) 20 जुलाई 2026 पंचम पत्र (Paper-V) — कैसे भरे JPSC सिविल सेवा मेन्स परीक्षा के लिए फॉर्म? सबसे पहले JPSC की ऑफिशियल वेबसाइट jpsc.gov.in पर जाएं. Online Application या Login सेक्शन में जाकर अपना Registration Number/User ID और Password दर्ज करें. JPSC Combined Civil Services Mains Examination के लिंक पर क्लिक करें. मांगी गई जानकारी भरें, जैसे- पर्सनल डिटेल, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, परीक्षा केंद्र डालें. जरूरी डॉक्यूमेंट्स (फोटो, साइन और अन्य सर्टिफिकेट) निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें. अपनी कैटेगरी के अनुसार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें (यदि लागू हो). सभी जानकारी एक बार अच्छी तरह जांच लें और Submit बटन पर क्लिक करें. आवेदन सफल होने के बाद Confirmation Page/Application Form डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट फ्यूचर के लिए सेव कर लें. Jpsc ऑफिशियल वेबसाइट JPSC मेन्स परीक्षा के फॉर्म में इन गलतियों से बचें JPSC आवेदन फॉर्म में नाम, डेट ऑफ बर्थ, कैटेगरी और अन्य जानकारी प्रीलिम्स आवेदन के अनुसार ही भरें. एजुकेशनल डिटेल्स सही-सही डालें.  परीक्षा केंद्र सोच-समझकर चुनें, क्योंकि बाद में बदलाव की अनुमति नहीं मिल सकती. फोटो, साइन और जरूरी डॉक्यूमेंट फॉर्मेट और साइज में ही अपलोड करें. आवेदन सबमिट करने से पहले पूरे फॉर्म की एक बार अच्छी तरह जांच जरूर करें. फॉर्म जमा होने के बाद Confirmation Page/Application Form डाउनलोड कर उसका प्रिंट या PDF सेव कर लें.  JPSC में 2204 सफल कैंडिडेट्स मेन्स परीक्षा में होंगे शामिल JPSC ने सिविल सर्विस प्रीलिम्स परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. ये परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी. इस भर्ती परीक्षा के जरिए कुल 103 पद भरे जाएंगे. प्रीलिम्स परीक्षा में कुल 2204 कैंडिडेट्स चुने गए हैं. अब ये सभी कैंडिडेट्स मेन्स में शामिल होंगे. यह भी पढ़ें- पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय यूजी एडमिशन की 2nd लिस्ट जारी, यहां करें चेक The post JPSC ने जारी किया प्रीलिम्स का रिजल्ट, जानें कब होगी मेंस परीक्षा और क्या है आगे की प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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जापान की PM को ‘छोटी बहन’ क्यों बोले पीएम मोदी? जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी

हिंदुस्तान-जापान की 16वीं वार्षिक शिखर बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबको चौंकाते हुए जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची को अपनी ‘छोटी बहन’ कहकर संबोधित किया. उनके इस बयान ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. कई लोगों को लगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक होकर जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची को ‘छोटी बहन’ कहा, लेकिन इसकी असली वजह हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं के बीच हुई एक प्राइवेट बातचीत थी. पीएम मोदी और सानाए ताकाइची के बीच क्या हुई बात? हिंदुस्तान टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से एक समाचार प्रकाशित की है. इसमें बताया गया है कि हैदराबाद हाउस में हुई बातचीत के दौरान जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने पीएम मोदी से कहा कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे उनके बड़े भाई जैसे थे और वह उनका बहुत सम्मान करती थीं. उन्होंने यह भी कहा कि आबे का पीएम मोदी से गहरा लगाव था, इसलिए अब वह भी मोदी को अपने बड़े भाई की तरह मानती हैं. आबे की हत्या के बाद पीएम मोदी गये थे जापान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच बेहद करीबी और व्यक्तिगत संबंध थे. 8 जुलाई 2022 को नारा में शिंजो आबे की हत्या कर दी गई थी. आबे के कार्यकाल में हिंदुस्तान-जापान के रिश्तों को नई मजबूती मिली और दोनों देशों की साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंची. आबे के निधन के बाद पीएम मोदी 27 सितंबर 2022 को खास तौर पर टोक्यो पहुंचे थे, जहां उन्होंने राजकीय अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने आबे की पत्नी अकी आबे से मुलाकात कर उन्हें अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की थीं. यह भी पढ़ें : राष्ट्रपति भवन में जापान की पीएम तकाइची का भव्य स्वागत, मोदी बोले- रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार प्रधानमंत्री मोदी और सानाए ताकाइची, दोनों ही शिंजो आबे का बेहद सम्मान करते थे. इसी वजह से पीएम मोदी ने उन्हें अपनी ‘छोटी बहन’ कहकर संबोधित किया. जवाब में ताकाइची ने भी इस रिश्ते को खुले दिल से स्वीकार किया और पीएम मोदी का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें ‘छोटी बहन’ कहे जाने पर खुशी है. The post जापान की PM को ‘छोटी बहन’ क्यों बोले पीएम मोदी? जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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आमिर खान ने बताई तीसरी वेडिंग की पूरी प्लानिंग, कहा- परिवार और करीबी दोस्त होंगे शामिल, फैंस से मांगा आशीर्वाद

Aamir Khan Wedding: बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान 60 साल की उम्र में तीसरी बार शादी करने जा रहे हैं. आमिर 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी के बंधन में बंधेंगे. फिल्म ‘प्रीतम और पेड्रो’ की स्क्रीनिंग के दौरान एक्टर ने अपनी शादी की डिटेल्स फैंस को दी. विरल भयानी ने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि यह शादी बेहद प्राइवेट और सिंपल तरीके से होगी. Aamir Khan Wedding Ceremony: घर पर होगी छोटी और प्राइवेट शादी वीडियो में आमिर खान ने कहा, ‘हां मेरी शादी हो रही है 5 जुलाई को और बहुत ही छोटी शादी है घर पर ही कर रहे हैं. दोनों फैमिली के लोग होंगे. 5 जुलाई हमारे लिए बहुत ही खास दिन है. बस दोनों फैमिली हैं, कुछ खास दोस्त हैं, छोटा सा फंक्शन घर पर ही कर रहे हैं हम लोग. हम सबकी दुआएं चाहेंगे. आप सब लोग आशीर्वाद दें, प्रार्थना करें कि हम खुश रहें और अच्छा सफर रहे हमारा. शादी में करीबी लोग बचपन के दोस्त लोग रहेंगे. बहुत ही छोटा अफेयर है. घर पर ही है.’ View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) Aamir Khan-Gauri Spratt Love Story: कैसे शुरू हुई दोनों की लव स्टोरी? गौरी स्प्रैट और आमिर खान की पहली मुलाकात बेंगलुरु में आमिर की कजिन नुजहत खान के जरिए हुई थी. धीरे-धीरे दोनों करीब आए और करीब एक साल तक एक-दूसरे को डेट किया. इसके बाद आमिर ने अपने 60वें जन्मदिन से पहले मीडिया के सामने गौरी को अपनी पार्टनर के रूप में इंट्रोड्यूस किया था. तब से दोनों कई मौकों पर साथ दिखाई दिए. रिपोर्ट्स के मुताबिक गौरी स्प्रैट पिछले कुछ समय से आमिर खान के बांद्रा स्थित घर में उनके साथ रह रही हैं. आमिर खान और गौरी स्प्रैट, फोटो- इंस्टाग्राम Aamir Khan Previous Marriages: आमिर खान की टूट चुकी हैं दो शादियां अगर आमिर खान की निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी दोनों पिछली शादियां टूट चुकी हैं. आमिर ने पहली शादी साल 1986 में रीना दत्ता से और दोनों के दो शिशु आयरा और जुनैद खान है. साल 2002 में दोनों का तलाक हो गया. साल 2005 में आमिर ने किरण राव से दूसरी शादी की और उनका एक बेटा आजाद है. हालांकि ये रिश्ता भी साल 2021 में खत्म हो गया. यह भी पढ़ें- जब बारिश में चप्पल और शॉर्ट्स पहन कॉलेज पहुंचे आमिर खान, फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया The post आमिर खान ने बताई तीसरी वेडिंग की पूरी प्लानिंग, कहा- परिवार और करीबी दोस्त होंगे शामिल, फैंस से मांगा आशीर्वाद appeared first on Naya Vichar.

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Alia Bhatt Net Worth: कितने करोड़ की मालकिन हैं आलिया भट्ट, एक फिल्म के लिए इतना करती हैं चार्ज

Alia Bhatt Net Worth: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट फिल्म ‘अल्फा’ में एक्शन करती दिखाई देंगी. शिव रवैल की ओर से निर्देशित मूवी थियेटर्स में रिलीज हो चुकी है.फिल्मी परिवार में जन्मीं आलिया ने चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर पहली बार एक्टिंग की थी, लेकिन अपनी मेहनत से आज वह टॉप अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं. Alia Bhatt Net Worth: कितनी है आलिया भट्ट की नेटवर्थ जीक्यू इंडिया के अनुसार, आलिया भट्ट की कुल संपत्ति 550 करोड़ रुपये से अधिक है. एक फिल्म के लिए अभिनेत्री करीब 15 से 18 करोड़ रुपये तक फीस लेती हैं. इसके अलावा बड़े-बड़े ब्रांड्स के विज्ञापन भी उनकी कमाई का अहम हिस्सा हैं. ऐड की शूटिंग के लिए वह करीब 2 करोड़ रुपये चार्ज करती हैं. View this post on Instagram A post shared by αlia bhatt 💛 (@aliaabhatt) Apart From Acting, Alia Bhatt Earning: एक्टिंग के अलावा यहां से आलिया भट्ट करती हैं कमाई आलिया भट्ट की कमाई सिर्फ एक्टिंग तक सीमित नहीं है. साल 2020 में उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस Eternal Sunshine Productions शुरू किया था. इसी बैनर के तहत ‘डार्लिंग्स’ और ‘जिगरा’ जैसी फिल्में रिलीज हुई थी. बिजनेस की दुनिया में भी एक्ट्रेस हैं. उन्होंने सस्टेनेबल फैशन ब्रांड Ed-a-Mamma लॉन्च किया. आज इस ब्रांड की वैल्यू करोड़ों रुपये तक पहुंच चुकी है. View this post on Instagram A post shared by αlia bhatt 💛 (@aliaabhatt) Alia Bhatt Awards: आलिया भट्ट को मिले हैं ये अवॉर्ड्स नेशनल अवॉर्ड विनर: आलिया भट्ट ने साल 2022 की फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में शानदार अभिनय के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड अपने नाम किया. 6 बार फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस: आलिया अब तक छह बार Filmfare Best Actress Award जीत चुकी हैं. उन्हें ‘उड़ता पंजाब’, ‘राज़ी’, ‘गली बॉय’, ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’, ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ और ‘जिगरा’ के लिए यह सम्मान मिला. क्रिटिक्स की भी फेवरेट: फिल्म ‘हाइवे’ में दमदार परफॉर्मेंस के लिए आलिया को Filmfare Critics Award for Best Actress से सम्मानित किया गया. OTT पर भी किया कमाल: ‘डार्लिंग्स’ के लिए आलिया ने Filmfare OTT Award for Best Actress (Web Original Film) भी अपने नाम किया. यह भी पढ़ें- एक्शन, हॉरर, कॉमेडी या रोमांस… इस वीकेंड पॉपकॉर्न लेकर सिनेमाघरों में देखें ये फिल्में यह भी पढ़ें- Alpha First Review: आलिया भट्ट की फिल्म का पहला रिव्यू आया सामने, थिएटर जाने से पहले पढ़ें, मिले इतने स्टार्स The post Alia Bhatt Net Worth: कितने करोड़ की मालकिन हैं आलिया भट्ट, एक फिल्म के लिए इतना करती हैं चार्ज appeared first on Naya Vichar.

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पेनाल्टी में कौन बनेगा हीरो? खिलाड़ियों का दिमाग पढ़ रहा न्यूरोसाइंस

Neuroscience To Find Best Penalty Shooter: फुटबॉल में पेनाल्टी शूटआउट अक्सर मैच का नतीजा तय करता है. करोड़ों दर्शकों की निगाहें एक खिलाड़ी पर टिकी होती हैं और कुछ ही सेकेंड में वह हीरो या विलेन बन सकता है. अब दुनिया की कुछ फुटबॉल टीमें यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि दबाव की घड़ी में सबसे बेहतर पेनाल्टी कौन ले सकता है. इसके लिए वे खिलाड़ियों के स्पोर्ट्स कौशल के साथ-साथ उनके दिमाग का भी अध्ययन कर रही हैं. अमेरिकी पुरुष फुटबॉल टीम ने जर्मनी की न्यूरोसाइंस कंपनी न्यूरो-11 के साथ मिलकर एक ऐसी तकनीक अपनाई है, जिसके जरिए खिलाड़ियों की मस्तिष्कीय गतिविधियों को मापा जाता है. इसका मकसद यह समझना है कि तनावपूर्ण परिस्थितियों में कौन खिलाड़ी सबसे ज्यादा शांत, केंद्रित और प्रभावी रहता है. दिमाग की गतिविधियों से मिलती है अहम जानकारी फुटबॉल में मानसिक मजबूती को हमेशा सफलता का बड़ा आधार माना जाता रहा है, लेकिन पहली बार इसे वैज्ञानिक आंकड़ों के जरिए मापने की कोशिश हो रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार असफलता का कारण तकनीकी कमी नहीं, बल्कि मानसिक दबाव होता है. जांच के दौरान खिलाड़ियों को विशेष ईईजी (इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी) उपकरण पहनाए जाते हैं. यह उपकरण दिमाग की विद्युत तरंगों को रिकॉर्ड करता है. जब खिलाड़ी पेनाल्टी, फ्री-किक या कॉर्नर जैसी परिस्थितियों का अभ्यास करते हैं, तब वैज्ञानिक उनकी मस्तिष्कीय प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण करते हैं. इससे दबाव, एकाग्रता और मानसिक स्थिरता का आकलन किया जाता है. ऐसे चुने जाते हैं पेनाल्टी विशेषज्ञ अध्ययनों में पाया गया है कि तनाव की स्थिति में खिलाड़ी के मस्तिष्क का वह हिस्सा ज्यादा सक्रिय हो जाता है, जो भविष्य की चिंता और निर्णय लेने से जुड़ा होता है. दूसरी ओर, सफल खिलाड़ियों में शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले हिस्से अधिक प्रभावी ढंग से काम करते हैं. वैज्ञानिक यह देखते हैं कि कौन खिलाड़ी दबाव के बावजूद अपनी सामान्य क्षमता बनाए रखता है और किसका ध्यान आसानी से भटक जाता है. इसी आधार पर संभावित पेनाल्टी लेने वाले खिलाड़ियों की सूची तैयार की जाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यही मानसिक अंतर सफलता और असफलता के बीच फर्क पैदा कर सकता है. क्लब फुटबॉल में मिल चुकी है सफलता न्यूरोसाइंस आधारित यह प्रयोग क्लब फुटबॉल में पहले भी सफल साबित हो चुका है. इंग्लैंड के दिग्गज क्लब लिवरपूल ने भी न्यूरो-11 के साथ काम किया था. क्लब के पूर्व मैनेजर युर्गेन क्लॉप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि इस प्रणाली ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और मानसिक तैयारी को बेहतर बनाने में मदद की. रिपोर्ट्स के अनुसार, लिवरपूल के खिलाड़ियों ने एक महत्वपूर्ण कप फाइनल में लगातार 11 पेनाल्टी सफलतापूर्वक गोल में बदली थीं. यही वजह है कि अब राष्ट्रीय टीमें भी खिलाड़ियों के मानसिक प्रदर्शन को समझने और बेहतर निर्णय लेने के लिए न्यूरोसाइंस का सहारा ले रही हैं. फुटबॉल में बढ़ रही तकनीक की भूमिका आधुनिक फुटबॉल में डेटा और तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है. फिटनेस ट्रैकिंग, वीडियो एनालिसिस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बाद अब न्यूरोसाइंस भी स्पोर्ट्स का हिस्सा बनता जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में खिलाड़ियों के मानसिक प्रदर्शन का विश्लेषण टीम चयन और मैच रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है. यह भी पढ़ें: अपनी जन्मभूमि नहीं, पूर्वजों के देश के लिए स्पोर्ट्स रहे 290 फुटबॉलर; फ्रांस-नीदरलैंड बने ‘टैलेंट फैक्ट्री’ The post पेनाल्टी में कौन बनेगा हीरो? खिलाड़ियों का दिमाग पढ़ रहा न्यूरोसाइंस appeared first on Naya Vichar.

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खामेनेई के बेटे मोजतबा नहीं होंगे पिता के अंतिम संस्कार में शामिल

आयतुल्ला हकीम इलाही ने कहा कि मोजतबा खामेनेई के अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल होने की संभावना बेहद कम है. उनका कहना है कि मौजूदा हालात में प्रशासन उनकी सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं दे सकता. इंडिया टुडे से खास बातचीत में उन्होंने ये बात कही. नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेहरान रवाना होने से पहले इलाही ने कहा कि मोजतबा खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल न होने का फैसला पूरी तरह सुरक्षा कारणों से लिया गया है. इलाही ने कहा कि वह पिछले सप्ताह ईरान गए थे, जहां उनकी मुलाकात ऐसे लोगों से हुई जो मोजतबा खामेनेई से मिले थे. उनके मुताबिक, मोजतबा लोगों के बीच आना और उनसे मिलना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसकी अनुमति नहीं दे रहीं. सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात में उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत ही ज्यादा चिंता है. इसलिए उनका सार्वजनिक रूप से बाहर आना खतरा पैदा कर सकता है. पूरे ईरान में शोक का माहौल : इलाही इलाही ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में कई दिनों तक राजकीय अंतिम संस्कार और शोक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. उनके मुताबिक, इन आयोजनों का मकसद इस्लामिक गणराज्य के प्रति जनता की आस्था और समर्थन को दुनिया के सामने दिखाना है. उन्होंने बताया कि खामेनेई की मौत के बाद पूरे ईरान में शोक का माहौल है. बड़ी संख्या में लोग मानते हैं कि खामेनेई जैसा नेता दोबारा मिलना मुश्किल है और उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी. यह भी पढ़ें : ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार, जानिए हिंदुस्तान से कौन-कौन होंगे शामिल इलाही ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन उनके समर्थकों के लिए बहुत बड़ा झटका है. उनके मुताबिक, लोग मानते हैं कि उन्होंने सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि अपनी ताकत और प्रेरणा का स्रोत खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती. उन्होंने बताया कि ईरान के अलग-अलग हिस्सों के अलावा कई देशों से भी लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं. The post खामेनेई के बेटे मोजतबा नहीं होंगे पिता के अंतिम संस्कार में शामिल appeared first on Naya Vichar.

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BaaS मॉडल के साथ सस्ती हुई Hyundai Creta Electric, शुरुआती कीमत ₹10.99 लाख

अगर आप Hyundai Creta Electric खरीदने का प्लान बना रहे थे, तो अब इसे खरीदना पहले से काफी आसान हो गया है. Hyundai ने अपनी इलेक्ट्रिक SUV के लिए Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल लॉन्च किया है. इससे कार की शुरुआती कीमत काफी कम हो गई है. अब Creta Electric की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत सिर्फ 10.99 लाख रुपये से शुरू होती है. हालांकि, इस प्लान में बैटरी खरीदने की बजाय आपको हर किलोमीटर चलाने पर 3.90 रुपये का भुगतान करना होगा. फिलहाल कंपनी ने अलग-अलग वेरिएंट्स की BaaS कीमतों का पूरा ब्रेकअप शेयर नहीं किया है. Hyundai Creta Electric: क्या-क्या मिला नया? अगर कीमत की बात करें, तो Hyundai Creta Electric की एक्स-शोरूम कीमत ₹18.03 लाख से शुरू होकर ₹24.70 लाख तक जाती है. लेकिन BaaS (Battery-as-a-Service) मॉडल के आने से इसकी शुरुआती कीमत करीब ₹7 लाख तक कम हो गई है. यानी अब आपको बैटरी की पूरी कीमत एक साथ नहीं चुकानी होगी. इसकी बजाय बैटरी के यूज के हिसाब से अलग से भुगतान करना होगा, जो काफी हद तक बैटरी की EMI जैसा एक्सपीरियंस देता है. यह भी पढ़ें: Skoda Kodiaq RS हिंदुस्तान में हुई लॉन्च, 6 मिनट में बिक गईं थी सभी 50 यूनिट्स, जानें कीमत सिर्फ इतना ही नहीं, Hyundai ने Creta Electric में कुछ नए अपडेट भी जोड़े हैं. अब इसमें इंटीग्रेटेड साइड स्टेप दिया गया है, जिससे कार में चढ़ना और उतरना पहले से ज्यादा आसान हो गया है. वहीं, HC (home charger) वेरिएंट्स के साथ अब 7.4kW AC वॉलबॉक्स चार्जर भी मिलेगा. पहले Creta Electric सिर्फ 11kW AC चार्जर के साथ ही उपलब्ध थी. Hyundai Creta Electric: बैटरी और रेंज इसमें आपको बैटरी के दो ऑप्शन मिलते हैं. पहला है 42kWh बैटरी पैक. ये एक बार फुल चार्ज होने पर 420 km तक की दावा की गई रेंज देता है. वहीं दूसरा 51.4kWh बैटरी पैक है. इसकी क्लेम्ड रेंज 510 km तक है. परफॉर्मेंस की बात करें तो Creta Electric में फ्रंट-एक्सल पर लगा सिंगल इलेक्ट्रिक मोटर मिलता है, जो आगे के पहियों को पावर देता है. बड़े 51.4kWh बैटरी पैक के साथ यह मोटर 171hp की पावर जनरेट करता है. वहीं 42kWh बैटरी वाले वेरिएंट में 135hp का इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है. यह भी पढ़ें: हिंदुस्तान में लॉन्च हुई BYD eMAX 7 की नई Comfort वेरिएंट, बड़ी बैटरी के साथ मिलेगी 485KM की रेंज The post BaaS मॉडल के साथ सस्ती हुई Hyundai Creta Electric, शुरुआती कीमत ₹10.99 लाख appeared first on Naya Vichar.

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