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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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अब चेहरा दिखाकर पूरी होगी e-KYC, अंगूठे और OTP का झंझट खत्म; जानें नया तरीका

PM-Kisan: पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए केंद्र प्रशासन ने एक बड़ी खुशसमाचारी दी है. अब ₹6,000 की सालाना आर्थिक मदद पाने के लिए किसानों को न तो ओटीपी (OTP) का इंतजार करना होगा और न ही जन सेवा केंद्रों के चक्कर काटने पड़ेंगे. प्रशासन ने ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (Face Authentication) तकनीक शुरू की है, जिससे किसान अब सिर्फ अपना चेहरा दिखाकर घर बैठे ही e-KYC पूरी कर सकते हैं. बिना किसी ऑफिस गए घर बैठे e-KYC अक्सर गांवों में खराब नेटवर्क के कारण मोबाइल पर समय से ओटीपी नहीं आता था या उम्रदराज किसानों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं होते थे. इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए अब स्मार्टफोन के जरिए चेहरा स्कैन करने की सुविधा दी गई है. यह तरीका न केवल तेज है, बल्कि उन किसानों के लिए भी वरदान है जो तकनीकी दिक्कतों की वजह से अपनी किस्त से वंचित रह जाते थे. अब आपको किसी दफ्तर की लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं है. PM Kisan ऐप के जरिए e-KYC का आसान तरीका इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने फोन में ‘PM Kisan Mobile App’ इंस्टॉल करना होगा. गूगल प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड करने के बाद, किसान अपने आधार नंबर के जरिए लॉगिन कर सकते हैं. ऐप के भीतर ‘e-KYC’ सेक्शन में जाकर ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ का विकल्प चुनना होगा. इसके बाद फोन का कैमरा ऑन हो जाएगा और चेहरा वेरिफाई होते ही आपकी केवाईसी (KYC) प्रक्रिया मिनटों में पूरी हो जाएगी. चेहरा स्कैन करते समय रखें इन बातों का ध्यान फेस ऑथेंटिकेशन को सफल बनाने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है. चेहरा स्कैन करते समय आपके आसपास पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए ताकि कैमरा आपके फीचर्स को सही से पहचान सके. स्कैनिंग के दौरान अपने सिर को स्थिर रखें और कैमरे की ओर देखें. कुछ ही सेकंड में सिस्टम आपके आधार डेटा से चेहरे का मिलान कर लेगा और आपकी e-KYC सफलतापूर्वक सबमिट हो जाएगी. क्यों जरूरी है e-KYC की यह प्रक्रिया ? प्रशासन ने योजना में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए e-KYC को अनिवार्य कर दिया है. जिन किसानों का यह प्रोसेस अधूरा रहता है, उनकी अगली किस्त अटक सकती है. नई फेस स्कैन सुविधा उन इलाकों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है जहां ओटीपी आने में घंटों लग जाते थे. अब किसान बिना किसी बाहरी मदद के अपनी रुकी हुई किस्तें सुरक्षित कर सकते हैं और योजना का लाभ उठा सकते हैं. Also Read : लगातार तीन दिनों की गिरावट पर लगा ब्रेक, क्या रुपया फिर पकड़ेगा रफ्तार? The post अब चेहरा दिखाकर पूरी होगी e-KYC, अंगूठे और OTP का झंझट खत्म; जानें नया तरीका appeared first on Naya Vichar.

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FREE में 2 महीने चलेगा YouTube Premium, ऐसे करें एक्टिवेट

अगर आप भी YouTube पर बार-बार आने वाले Ads से परेशान हैं, लेकिन Premium पर पैसे खर्च नहीं करना चाहते, तो आपके पास अच्छा मौका है. Google का वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube कुछ यूजर्स को खास ऑफर दे रहा है, जिससे यूजर्स सिर्फ बिना किसी खर्च के पूरे 2 महीने तक YouTube Premium का एक्सपीरियंस ले सकते हैं. कैसे उठायें ऑफर का फायदा इस ऑफर को एक्टिवेट करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें- YouTube ऐप ओपन करें. नीचे दिए गए You टैब में जाएं यहां Settings में जाकर YouTube Premium ऑप्शन (किसी-किसी में Purchases and Membership) पर क्लिक करें. इसके बाद आपको फ्री ट्रायल का ऑप्शन आएगा. इस पर क्लिक करते ही आपको पेमेंट डिटेल्स सेट करने का ऑप्शन मिलेगा. पेमेंट प्रोसेस कंप्लीट करते ही आपका यूट्यूब अकाउंट प्रीमियम में सेट हो जाएगा. इन बातों का रखें ध्यान इस ऑफर को एक्टिवेट करते वक्त पेमेंट वेरीफिकेशन के नाम पर 2 रुपये चार्ज लिया जा रहा है. हालांकि, कंपनी ने यह रकम 10 दिन के अंदर लौटाने की बात कही है. ऐसे में पेमेंट करते वक्त सावधानी बरतनी जरूरी है. इसके अलावा, 2 महीने के बाद ट्रायल खत्म होते ही आपको मेंबरशिप के लिए पूरे पैसे देने पड़ेंगे. इसके लिए आपको यूट्यूब की तरफ से पहले ही नोटिफिकेशन भेज दिया जाएगा. ऐसे में अगर आप मेंबरशिप कंटिन्यू नहीं रखना चाहते, तो 2 महीने पूरे होने से पहले कभी भी सब्सक्रिप्शन कैंसल कर सकते हैं. किसे मिल रहा है यह ऑफर? यह ऑफर सभी यूजर्स के लिए नहीं है. आमतौर पर जिन लोगों ने पहले कभी YouTube Premium नहीं लिया है, उन्हें यह 2 महीने का फ्री ट्रायल ज्यादा मिल रहा है. वहीं, जिनके पास पहले से सब्सक्रिप्शन रहा है, उन्हें इस ऑफर का फायदा नहीं मिल रहा है. साथ ही, डिवाइस के हिसाब से भी फर्क देखा गया है. कुछ iPhone यूजर्स को सिर्फ 1 महीने का ट्रायल मिल रहा है, जबकि नए Android यूजर्स को पूरे 2 महीने का ऑफर मिल रहा है. क्या मिलेंगे फायदे? YouTube Premium के फायदे: बिना किसी ऐड के वीडियो देखना YouTube Music Premium का एक्सेस बैकग्राउंड प्ले (फोन लॉक होने पर भी वीडियो/म्यूजिक चलता रहेगा) वीडियो और प्लेलिस्ट को ऑफलाइन डाउनलोड करना बेहतर 1080p वीडियो क्वालिटी और स्मार्ट डाउनलोड फीचर यह भी पढ़ें: AI म्यूजिक फीचर्स और नए इमोजी के साथ रोलआउट हुआ Apple iOS 26.4 The post FREE में 2 महीने चलेगा YouTube Premium, ऐसे करें एक्टिवेट appeared first on Naya Vichar.

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कांग्रेस को ऑफिस खाली करने का नोटिस, 28 मार्च तक का मिला समय

Congress Notice: मंत्रालय के संपदा विभाग ने 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड स्थित ऑफिस को 28 मार्च तक खाली करने का नोटिस दिया है. 1978 से 24 अकबर रोड पर था कांग्रेस का ऑफिस कांग्रेस का मुख्यालय 1978 से 24 अकबर रोड पर था, लेकिन अब यह 9ए कोटला मार्ग जा चुका है. पार्टी अकबर रोड स्थित अपने पुराने मुख्यालय का इस्तेमाल एक कार्यालय के रूप में कर रही है. हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का मुख्यालय 5 रायसीना रोड पर है. #WATCH | Delhi: Congress Leader Pawan Khera says, “Our 24 Akbar Road office and Youth Congress office have received a notice. What is the priority of the entire country today? The priority of the country is that there is no need to get stuck in the LPG lines, no need to buy in… pic.twitter.com/20L26x0LAg — ANI (@ANI) March 25, 2026 नोटिस पर क्या बोल पवन खेड़ा? कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, हमारे 24 अकबर रोड स्थित दफ्तर और यूथ कांग्रेस के दफ्तर को एक नोटिस मिला है. आज पूरे देश की प्राथमिकता क्या है? देश की प्राथमिकता यह है कि LPG की लाइनों में फंसना न पड़े, कालाबाजारी में खरीदना न पड़े, पेट्रोल और डीजल की कीमतों का बोझ न उठाना पड़े, महंगाई की मार न झेलनी पड़े. हमारे गरम मसाले, केले, अंगूर, हल्दी और बासमती चावल के किसान—इन सबकी हालत अभी अटकी हुई है. यही देश की प्राथमिकता है. लेकिन प्रशासन की प्राथमिकता आज आपके सामने है. प्रशासन ने इन सभी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने को प्राथमिकता दी है. देश की सुर्खियों को अपने हिसाब से चलाने को, लोगों को उलझाए रखने को, और विपक्ष का मुंह बंद करने को; ताकि वे इन मुद्दों को उठा न सकें, सवाल पूछ न सकें, प्रेस कॉन्फ्रेंस न कर सकें, और हमारी यूथ कांग्रेस की तरह विरोध प्रदर्शन न कर सकें. आप कितनी भी कोशिश कर लें, आप कांग्रेस का मुंह बंद नहीं कर पाएंगे. #WATCH | Delhi | Over notice to Congress to vacate its 24, Akbar Road office by March 28, party MP Imran Masood says,” The govt thinks it can silence the Congress by creating pressure on us. They should not try to scare us. Have they got the BJP office at 11, Ashok Road or at… pic.twitter.com/yOHlP9CWYD — ANI (@ANI) March 25, 2026 प्रशासन दबाव बनाकर कांग्रेस को चुप कराना चाहती है: इमरान मसूद दफ्तर खाली करने के नोटिस पर पार्टी सांसद इमरान मसूद ने कहा, प्रशासन को लगता है कि हम पर दबाव बनाकर वह कांग्रेस को चुप करा सकती है. उन्हें हमें डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. क्या उन्होंने 11, अशोक रोड या पंत मार्ग स्थित BJP का दफ्तर खाली करवाया है? क्योंकि वे ईरान युद्ध के मामले में कुछ भी नहीं कर पाए हैं, इसलिए वे इस मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. The post कांग्रेस को ऑफिस खाली करने का नोटिस, 28 मार्च तक का मिला समय appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Board 10th Result 2026: वेरिफिकेशन के लिए पहुंच रहे हैं छात्र, जल्द आ सकता है बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 

Bihar Board 10th Result 2026: बिहार बोर्ड मैट्रिक यानी 10वीं परीक्षा 2026 के रिजल्ट का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है. बोर्ड की तैयारियां लास्ट स्टेज में है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि बोर्ड का रिजल्ट 30 या 31 मार्च को जारी हो सकता है. टॉपर्स का हो रहा वेरिफिकेशन रिजल्ट जारी करने से पहले बिहार बोर्ड इस बार भी टॉपर्स वेरिफिकेशन कर रहा है. टॉप 20 छात्र-छात्राओं का वेरिफिकेशन किया जा रहा है. इसके लिए सभी संभावित टॉपर्स को बोर्ड ऑफिस बुलाया जाएगा, जहां उनका इंटरव्यू लिया जाएगा. बिहार बोर्ड किसी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए टॉपर्स वेरिफेकशन करता है. 15 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने दी थी परीक्षा इस साल बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में करीब 15 लाख 12 हजार स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होकर 25 फरवरी 2026 तक आयोजित की गई थीं. अब सभी छात्रों को अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है. कहां देखें रिजल्ट? रिजल्ट जारी होने के बाद स्टूडेंट्स इन वेबसाइट्स पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकते हैं – bseexam.com biharboardonline.bihar.gov.in secondary.biharboardonline.com results.biharboardonline.com matricbiharboard.com कैसे चेक करें Bihar Board 10th Result 2026? रिजल्ट देखने के लिए इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें- सबसे पहले किसी एक आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं होमपेज पर “BSEB 10th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें अपना रोल नंबर और रोल कोड दर्ज करें सबमिट बटन पर क्लिक करें स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा इसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट निकाल लें यह भी पढ़ें- बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जल्द, इन वेबसाइट्स पर मिलेगी मार्कशीट The post Bihar Board 10th Result 2026: वेरिफिकेशन के लिए पहुंच रहे हैं छात्र, जल्द आ सकता है बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट  appeared first on Naya Vichar.

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शहर में 25 और गांव में 45 दिन, LPG बुकिंग के पुराने नियम बरकरार

LPG Cylinder Booking Rules: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और समाचारों में गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं. हिंदुस्तान प्रशासन के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को साफ कर दिया है कि LPG सिलेंडर रिफिल की बुकिंग की टाइमलाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर एक्स्ट्रा बुकिंग न करें.  क्या बुकिंग के दिन बदल गए हैं? नहीं, यह सिर्फ एक अफवाह है. प्रशासन ने साफ किया है कि बुकिंग के पुराने नियम ही लागू रहेंगे: शहर में रहने वालों के लिए: दो बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर.  गांव में रहने वालों के लिए: दो बुकिंग के बीच 45 दिन का अंतर.  चाहे आपके पास उज्ज्वला (PMUY) कनेक्शन हो या नॉर्मल, नियम सबके लिए यही है. यहां देखें इस समाचार से जुड़ी पीआईबी की ऑफिसियल एक्स पोस्ट:  🚫 दावा:न्यूज़ चैनल @News18Bihar के क्लिप में दावा किया जा रहा है कि LPG गैस बुकिंग के नियम बदल दिए गए हैं और अब 25 दिन की जगह 35 दिन बाद ही बुकिंग कराई जा सकेगी। ❌ यह दावा फर्जी है। ✅ प्रशासन द्वारा LPG रिफिल बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, समय-सीमा पहले की… pic.twitter.com/3GLZniX231 — PIB Fact Check (@PIBFactCheck) March 25, 2026 क्या देश में गैस की कमी होने वाली है? बिल्कुल नहीं, मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) का पूरा स्टॉक मौजूद है. रिफाइनरियां पूरी ताकत से काम कर रही हैं. लोग डर कर फालतू में एक्स्ट्रा सिलेंडर बुक न करें, सबको अपनी बारी पर गैस मिलती रहेगी.  गड़बड़ी करने वालों पर क्या एक्शन हुआ? अफवाह फैलाकर कालाबाजारी करने वालों पर प्रशासन सख्त है: देशभर में 3,400 से ज्यादा छापेमारी की गई.  नियम तोड़ने पर 155 लोग गिरफ्तार हुए और कई गैस एजेंसियों के लाइसेंस पर तलवार लटक रही है.  लगभग 1,000 अवैध सिलेंडर जब्त किए गए हैं.  पाइप वाली गैस (PNG) के लिए क्या आदेश है? प्रशासन चाहती है कि जहां पाइपलाइन बिछी है, वहां लोग जल्दी कनेक्शन लें. अब स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल और कम्युनिटी किचन जैसी जगहों पर आवेदन के सिर्फ 5 दिन के अंदर पाइप वाली गैस का कनेक्शन देना अनिवार्य कर दिया गया है.  ये भी पढ़ें: अगर आपके इलाके में आ गई है पाइपलाइन, तो 3 महीने में बंद हो सकता है आपका LPG सिलेंडर The post शहर में 25 और गांव में 45 दिन, LPG बुकिंग के पुराने नियम बरकरार appeared first on Naya Vichar.

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Sora को क्यों बंद कर रही OpenAI? पैसे से जुड़ा है मामला

ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने अपने AI वीडियो प्लेटफॉर्म Sora को लॉन्च के एक साल से भी कम समय में बंद करने का फैसला किया है. कंपनी अब अपने किसी भी प्रोडक्ट या ChatGPT में वीडियो जेनरेशन का सपोर्ट नहीं देगी. कंपनी Sora ऐप और API दोनों को पूरी तरह से बंद करने वाली है. इसकी जानकारी कंपनी ने Sora के ऑफिशियल X अकाउंट पर पोस्ट के जरिए दी है. पोस्ट में कंपनी ने बताया है, कि जल्द ही ऐप और API बंद करने की टाइमलाइन शेयर की जाएगी. साथ ही यूजर्स के डेटा और कंटेंट को कैसे सेव किया जाएगा, इसकी जानकारी भी दी जाएगी. OpenAI ने यूजर्स को कहा अलविदा OpenAI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, “हम Sora ऐप को अलविदा कह रहे हैं. जिन्होंने इसके साथ काम किया, उनका धन्यवाद. हमें पता है कि यह समाचार निराशाजनक है.” हम जल्द ही और अधिक जानकारी शेयर करेंगे, जिसमें ऐप और API के लिए टाइमलाइन और यूजर्स के डेटा और कंटेंट को सेव करने के डिटेल्स शामिल होंगे. We’re saying goodbye to the Sora app. To everyone who created with Sora, shared it, and built community around it: thank you. What you made with Sora mattered, and we know this news is disappointing. We’ll share more soon, including timelines for the app and API and details on… — Sora (@soraofficialapp) March 24, 2026 Disney डील खत्म, अब OpenAI का फोकस बदला Sora के बंद होने के साथ ही OpenAI और Disney के बीच हुई बड़ी डील भी खत्म हो गई है. इस डील के तहत Disney के कई पॉपुलर कैरेक्टर्स को AI वीडियो में इस्तेमाल करने के लिए परमिशन दी जानी थी. Disney ने इस फैसले पर फीडबैक देते हुए कहा, कि AI तेजी से डेवलप हो रहा है और वह OpenAI के इस डिसीजन का सम्मान करता है. कंपनी ने यह भी कहा कि वह फ्यूचर में भी नई तकनीकों के साथ काम करती रहेगी, लेकिन साथ ही कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकारों और कॉपीराइट का ध्यान रखेगी. क्या है बंद करने की वजह? Sora को 2024 की शुरुआत में लॉन्च किया गया था और यह टेक्स्ट से हाई-क्वालिटी वीडियो बनाने वाला टूल था. सितंबर 2025 में इसका पब्लिक लॉन्च हुआ और यह तेजी से वायरल हो गया. हालांकि, ज्यादा यूजेज के कारण कंपनी के GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसर) पर भारी दबाव पड़ा, जिसके बाद OpenAI को इसके इस्तेमाल पर लिमिट लगानी पड़ी. साथ ही Sora को चलाने में बहुत ज्यादा कंप्यूटिंग पावर और खर्च लग रहा था. ऐसे में OpenAI अब इन रिसोर्सेज को कोडिंग, डेटा एनालिसिस और बिजनेस AI टूल्स में लगाने की प्लानिंग कर रही है. कंपनी को इस समय Anthropic जैसे कॉम्पिटीटर्स से भी कड़ी टक्कर मिल रही है, जो एंटरप्राइज मार्केट में तेजी से आगे बढ़ रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, OpenAI को इस साल करीब $14 बिलियन तक का नुकसान हो सकता है, इसलिए कंपनी अब इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने और IPO की तैयारी में जुटी है. Sora ऐप क्या करता था? Sora एक एडवांस AI वीडियो जेनरेशन ऐप था, जो यूजर्स को टेक्स्ट के आधार पर वीडियो बनाने की सुविधा देता था. इसमें कुछ फीचर्स दिए गए थे. जैसे- टेक्स्ट से वीडियो बनाना: यूजर सिर्फ लिखकर AI से पूरा वीडियो तैयार कर सकते थे. वीडियो एडिटिंग: पहले से मौजूद क्लिप्स को AI की मदद से बदलना या बेहतर बनाना. पर्सनलाइज्ड फीड: TikTok की तरह एक फीड, जहां AI वीडियो देखे और एक्सप्लोर किए जा सकते थे. Cameos फीचर: इसमें यूजर अपनी या किसी और की वीडियो/वॉइस कैप्चर करके खुद को AI सीन में शामिल कर सकते थे. सबसे खास बात यह थी कि यूजर अपने Cameos को कभी भी मैनेज या डिलीट कर सकते थे, जिससे उन्हें अपने कंटेंट पर पूरा कंट्रोल मिलता था. यह भी पढ़ें: ChatGPT के आने पर क्या था सुंदर पिचाई का पहला रिएक्शन? साढ़े तीन साल बाद सामने आयी यह बात The post Sora को क्यों बंद कर रही OpenAI? पैसे से जुड़ा है मामला appeared first on Naya Vichar.

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CM नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पहुंची बक्सर, बोले- 2005 से पहले डर का माहौल था, अब बिहार पूरी तरह बदल गया

Samriddhi Yatra: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के जरिए राज्य के विकास का नया अध्याय लिख रहे हैं. 23 मार्च से शुरू हुई इस यात्रा के पांचवें चरण में मुख्यमंत्री आज बक्सर और भोजपुर (आरा) के दौरे पर हैं. 23 मार्च से शुरू हुई इस यात्रा के पांचवें चरण में मुख्यमंत्री आज बक्सर और भोजपुर (आरा) के दौरे पर हैं. बक्सर के किला मैदान में आयोजित भव्य जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले को कुल 592 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी. बक्सर में ‘विकास का मेगा पैकेज’ समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने बक्सर को बड़ी सौगात दी. यहां 106 करोड़ रुपये की लागत से 41 योजनाओं का उद्घाटन किया गया, जबकि 486 करोड़ रुपये की 23 नई योजनाओं का शिलान्यास हुआ. कुल मिलाकर जिले को 592 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मिलीं. किला मैदान में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनीं और योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रशासन का लक्ष्य केवल आधारभूत संरचना का निर्माण नहीं, बल्कि हर गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाना है. डर के माहौल से आजादी का दावा बक्सर की जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर 2005 से पहले के बिहार की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, तब राज्य में डर का माहौल था और लोग शाम के बाद बाहर निकलने से कतराते थे. सीएम ने गर्व से कहा कि आज बिहार में कानून का राज है और लोग बिना किसी डर के दिन हो या रात, कहीं भी आ-जा सकते हैं. उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द पर जोर देते हुए कहा कि उनकी प्रशासन ने हिंदू-मुस्लिम विवादों को खत्म कर समाज में शांति स्थापित की है. बिहार अब निवेश के लिए तैयार समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल सड़कों और पुलों की बात नहीं की, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का बड़ा रोडमैप भी पेश किया. उन्होंने गरीब परिवारों को सहायता राशि देने और राज्य में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई. सीएम ने कहा कि बिहार अब निवेश के लिए तैयार है और औद्योगिक विकास से युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिलेगा. 23 मार्च से शुरू हुई यह यात्रा चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है, जो बिहार के समावेशी विकास के संकल्प को दोहराती है. जनता ने NDA को दिया बड़ा जनादेश सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में NDA को बक्सर में एक भी सीट नहीं मिली थी, लेकिन इस बार हालात पूरी तरह बदल गए हैं. उन्होंने कहा कि यह बदलाव जनता के विश्वास और संगठन की मजबूती को दर्शाता है. सम्राट चौधरी ने कहा कि बक्सर की जनता ने NDA पर भरोसा जताया है और यह विश्वास आगे भी कायम रखा जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन विकास के कामों को तेजी से आगे बढ़ाएगी और क्षेत्र की उम्मीदों पर खरा उतरेगी. Also Read: JDU सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ उतरे अपने ही पार्टी के नेता, कर दी अयोग्य ठहराने की मांग The post CM नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पहुंची बक्सर, बोले- 2005 से पहले डर का माहौल था, अब बिहार पूरी तरह बदल गया appeared first on Naya Vichar.

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घर पर बनाएं बनारसी स्टाइल कद्दू की सब्जी, स्वाद जो दिल जीत ले

Banarasi Kaddu Ki Sabzi: बनारसी कद्दू की सब्ज़ी उत्तर हिंदुस्तान की एक पारंपरिक और बेहद स्वादिष्ट डिश है, जिसे खासतौर पर बनारस की रसोई में बड़े चाव से बनाया जाता है. इस सब्ज़ी की खासियत इसका अनोखा स्वाद है, जिसमें मीठा, खट्टा और हल्का मसालेदार फ्लेवर एक साथ मिलता है. हाल ही में मशहूर शेफ Ranveer Brar ने इस रेसिपी को अपने अंदाज़ में साझा किया है, जिससे इसे घर पर बनाना और भी आसान हो गया है. यह सब्ज़ी पूड़ी या कचौरी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है और खास मौकों पर खाने का मज़ा दोगुना कर देती है. कद्दू की सब्जी बनाने के लिए सामग्री  500 ग्राम कद्दू (छोटे टुकड़ों में कटा हुआ) 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल 1/2 छोटी चम्मच मेथी दाना 1/2 छोटी चम्मच जीरा 1/4 छोटी चम्मच हींग 2 सूखी लाल मिर्च 1 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर 1 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर 1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर स्वाद अनुसार नमक 1-2 चम्मच गुड़ 1 चम्मच इमली का पानी या अमचूर पाउडर हरा धनिया (सजाने के लिए) कद्दू की सब्जी बनाने का आसान तरीका  सबसे पहले कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करें. जब तेल अच्छी तरह गरम हो जाए, तब उसमें मेथी दाना, जीरा, हींग और सूखी लाल मिर्च डालकर तड़का लगाएं. अब इसमें कटे हुए कद्दू डालें और हल्का सा भून लें. इसके बाद हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालकर अच्छे से मिलाएं. थोड़ी देर ढककर पकाएं ताकि कद्दू नरम हो जाए. जब कद्दू लगभग पक जाए, तब इसमें गुड़ डालें और हल्का सा पानी डालकर मिलाएं. अंत में इमली का पानी या अमचूर डालें ताकि इसमें खट्टापन आए. सब्ज़ी को तब तक पकाएं जब तक यह थोड़ी गाढ़ी और मसालेदार न हो जाए. तैयार सब्ज़ी को हरे धनिए से सजाएं और गरमा-गरम पूड़ी या कचौरी के साथ परोसें. यह भी पढ़ें:  Moong Dal Chips: अब चाय के साथ मिलेगा कुरकुरे स्वाद का मजा, बनाएं मूंग दाल चिप्स यह भी पढ़ें: शेफ कुणाल कपूर से जानें कच्चे केले के चिप्स बनाने का तरीका The post घर पर बनाएं बनारसी स्टाइल कद्दू की सब्जी, स्वाद जो दिल जीत ले appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में नेताओं पर नकेल, राज्य के बाहर ईलाज कराना है, तो लेना होगा सीएम से परमिशन

मुख्य बातें पहले नहीं थी अनुमति की जरुरत स्वास्थ्य बिल को लेकर विवाद ये सुविधाएं शामिल प्रशासनी अस्पताल में मुफ्त ईलाज Bengal News : कोलकाता. पश्चिम बंगाल प्रशासन ने मंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए चिकित्सा सुविधाओं को लेकर नये सख्त नियम लागू किये हैं. अब राज्य के बाहर किसी भी अस्पताल में इलाज कराने से पहले मुख्यमंत्री से पूर्व-अनुमति लेना अनिवार्य होगा. राज्य सचिवालय नवान्न की ओर से गृह विभाग द्वारा जारी इस निर्देश को ‘द कोलकाता गजट’ में प्रकाशित किया गया है. अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री इस नियम के दायरे में आयेंगे. पहले नहीं थी अनुमति की जरुरत प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य चिकित्सा खर्च पर नियंत्रण रखना और प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है. पहले राज्य के बाहर प्रशासनी खर्च पर इलाज कराने के लिए ऐसी पूर्व-अनुमति की आवश्यकता नहीं थी. अतीत में चिकित्सा खर्चों को लेकर विवाद भी सामने आ चुके हैं. वाम मोर्चा शासनकाल में तत्कालीन मंत्री मानव मुखर्जी द्वारा महंगे चश्मे की प्रतिपूर्ति को लेकर विवाद हुआ था. वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में मंत्री सावित्री मित्रा के मेडिकल बिल को लेकर भी सवाल उठे थे. स्वास्थ्य बिल को लेकर विवाद नवान्न के एक अधिकारी ने बताया कि हाल के वर्षों में कुछ मंत्रियों द्वारा बिना किसी गंभीर बीमारी के अन्य राज्यों में नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर भारी-भरकम बिल जमा करने के मामले सामने आये थे. इन्हीं घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है. अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मंत्रियों के परिवार के कुछ सदस्य भी इस सुविधा के पात्र होंगे. इनमें अविवाहित बेटियां, आश्रित माता-पिता और 18 वर्ष तक के आश्रित भाई-बहन शामिल हैं. ये सुविधाएं शामिल नयी व्यवस्था के तहत चिकित्सा सेवाओं के दायरे का विस्तार किया गया है. अब प्रशासनी और प्रशासनी सहायता प्राप्त अस्पतालों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट, 2017 के तहत पंजीकृत निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को भी इसमें शामिल किया गया है. मेडिकल सेवाओं में परामर्श, पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल जांच, दवाएं, टीकाकरण, सर्जरी और दंत चिकित्सा जैसी सुविधाएं शामिल हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें प्रशासनी अस्पताल में मुफ्त ईलाज अधिसूचना में कहा गया है कि पहले के नियम के तहत ही प्रशासनी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा, जबकि निजी या पंजीकृत संस्थानों में इलाज की स्थिति में राज्य प्रशासन खर्च वहन करेगी या प्रतिपूर्ति देगी. इसके अलावा, डॉक्टर के निजी चैंबर या मंत्री के आवास पर चिकित्सा सेवाओं, अस्पताल के उच्च श्रेणी के वार्ड में रहने और विशेष नर्सिंग सेवाओं का खर्च भी इस योजना के तहत कवर किया गया है. Also Read: बंगाल में सप्लीमेंट्री सूची देख लोग हैरान, बशीरहाट के इस बूथ पर सभी विचाराधीन वोटर के नाम कटे The post बंगाल में नेताओं पर नकेल, राज्य के बाहर ईलाज कराना है, तो लेना होगा सीएम से परमिशन appeared first on Naya Vichar.

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इजरायल ने ईरान के कैस्पियन सागर पोर्ट पर किया हमला, रूस को होने वाली ड्रोन सप्लाई टूटी

Israel Attack Iran Caspian Sea Port: यह हमला पिछले हफ्ते हुआ और कैस्पियन सागर में इजरायल का यह पहला बड़ा एक्शन माना जा रहा है. कैस्पियन सागर दुनिया की सबसे बड़ी झील है जो रूस और ईरान के बंदरगाहों को जोड़ती है. इनके बीच की दूरी करीब 600 मील (लगभग 965 किलोमीटर) है. यह रास्ता युद्ध के समय में हथियारों के साथ-साथ गेहूं और तेल भेजने का भी बड़ा जरिया बन गया है. बंदर अंजलि पोर्ट पर भारी तबाही इजरायली सेना ने बताया कि इस हमले में बंदर अंजलि पोर्ट पर मौजूद कई चीजों को निशाना बनाया गया है. इसमें जंगी जहाज, पोर्ट का ढांचा, कमांड सेंटर और जहाजों को ठीक करने वाला शिपयार्ड शामिल है. रिपोर्ट और ‘स्टोरीफुल’ द्वारा चेक की गई तस्वीरों में पोर्ट पर ईरान के नेवल हेडक्वार्टर और तबाह हुए जहाजों को देखा जा सकता है. हालांकि, पोर्ट को कुल कितना नुकसान हुआ है, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं है. इजरायल की नौसेना के पूर्व कमांडर एलीएजर मारुम ने कहा कि इस हमले का सबसे बड़ा मकसद रूस की स्मगलिंग को रोकना और ईरान को यह दिखाना है कि कैस्पियन सागर में उनका डिफेंस सिस्टम काम नहीं कर रहा. ड्रोन और गोला-बारूद का बड़ा रास्ता रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से रूस के लिए कैस्पियन सागर का यह रास्ता बहुत जरूरी हो गया है. 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, इस रास्ते से ईरान ने रूस को 3 लाख से ज्यादा आर्टिलरी शेल्स और लगभग 10 लाख राउंड गोला-बारूद भेजा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पकड़ में आने से बचने के लिए जहाज अक्सर अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर देते हैं. सीएसआईएस की एनालिस्ट मारिया स्नेगोवाया ने बताया कि पिछले साल बंदर अंजलि से होने वाली सप्लाई काफी बढ़ गई है. वहीं, एक्सपर्ट निकोल ग्रेजेवस्की ने बताया कि यह पोर्ट ईरानी ड्रोन के लिए एक मुख्य हब बन चुका है. खाने-पीने और बिजली की सप्लाई पर असर इस हमले का असर ईरान की आम जरूरतों पर भी पड़ सकता है क्योंकि इसी रास्ते से गेहूं जैसा जरूरी सामान भी आता है. इसी दौरान इजरायल ने ईरान के ‘साउथ पार्स’ नेचुरल गैस फील्ड पर भी हमला किया था. यह गैस फील्ड बिजली बनाने और खाद उत्पादन के लिए बहुत जरूरी है. पूर्व अमेरिकी अधिकारी एरिक रुडेनशियोल्ड का कहना है कि ड्रोन और अनाज की सप्लाई रुकने से ईरान की हालत पर बुरा असर पड़ सकता है. उधर, रूस के विदेश मंत्रालय ने इस हमले का विरोध करते हुए कहा है कि बंदर अंजलि सिविलियन व्यापार के लिए एक जरूरी जगह है. ये भी पढ़ें: क्या सऊदी अरब के इशारे पर ईरान से जंग लड़ रहे ट्रंप? क्राउन प्रिंस की प्लानिंग ने चौंकाया इजरायल और रूस के बीच का समीकरण इजरायल के लिए रूस को सीधे तौर पर चुनौती देना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि सीरिया जैसे इलाकों में दोनों के अपने हित जुड़े हैं. ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने इस हमले की जानकारी देते समय रूस का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया ताकि तनाव ज्यादा न बढ़े. एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस और ईरान इस नुकसान के बाद अपना रास्ता या पोर्ट बदल सकते हैं, जिससे सप्लाई कुछ समय के लिए रुक सकती है लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होगी. 23 मार्च को रूस और ईरान के बीच इस मुद्दे पर लंबी बातचीत भी हुई है. बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर मंडराता खतरा रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है. रूस का कहना है कि अगर न्यूक्लियर प्लांट को नुकसान पहुंचा तो यह पूरे इलाके के लिए पर्यावरण की बड़ी तबाही होगी. रूस ने इस पर अपील की है कि मामला बातचीत से सुलझाया जाए. फिलहाल पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद बहुत कम नजर आ रही है. इस बीच, अमेरिका ने ईरान को 15 पॉइंट्स वाला शांति प्लान तैयार किया है. ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया था कि वह न्यूक्लियर और एनर्जी ठिकानों पर पर हमले रोक सकते हैं, और उन्होंने पांच दिनों के विराम की घोषणा भी की थी. ये भी पढ़ें: ईरान के विदेश मंत्री की दो टूक: जब तक दुश्मन को पछतावा नहीं होगा, तब तक जारी रहेगी जंग The post इजरायल ने ईरान के कैस्पियन सागर पोर्ट पर किया हमला, रूस को होने वाली ड्रोन सप्लाई टूटी appeared first on Naya Vichar.

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