Hemant Soren Flag Hoisting: रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में शुक्रवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे गरिमामय माहौल में आयोजित हुआ. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इससे पहले उन्होंने परेड का निरीक्षण किया. इस बार समारोह में एक खास पहल देखने को मिली. पहली बार राष्ट्रगीत का पूरा अंतरा गाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. इसके बाद राष्ट्रगान हुआ. राष्ट्रगान के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल इतिहास की एक तिथि नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है. आजादी का अर्थ हर शिशु को अच्छी शिक्षा, हर युवा को सम्मानजनक रोजगार और हर नागरिक को न्याय तथा समान अवसर उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर एक नये पड़ाव पर खड़ा है. अब राज्य को अगले 25 वर्षों की दिशा तय करनी है. स्थानीय संसाधनों और हुनर से विकास पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड का विकास केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा. प्रशासन का जोर स्थानीय संसाधनों, लघु उद्योग, पारंपरिक हुनर, कृषि, वनोपज, स्त्री समूहों और युवाओं की क्षमता को आर्थिक शक्ति में बदलने पर है. उन्होंने कहा कि राज्य ऐसा मॉडल विकसित करना चाहता है, जिसमें विकास के साथ सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक विरासत का संतुलन बना रहे. परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, वार्षिक परीक्षा कैलेंडर की घोषणा युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है. इसके तहत समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, पारदर्शी और चरणबद्ध परीक्षा प्रणाली, उत्तर-कुंजी एवं ओएमआर की समयबद्ध उपलब्धता तथा परीक्षा प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही सुनिश्चित की जायेगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन परीक्षा व्यवस्था को ऐसी बनाना चाहती है, जिस पर अभ्यर्थियों के साथ-साथ समाज का विश्वास भी कायम हो. परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिसमें गड़बड़ी की गुंजाइश ही कम हो. युवाओं के लिए अहम ऐलान समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर लागू करने पर जोर. पारदर्शी और चरणबद्ध परीक्षा प्रणाली. उत्तर-कुंजी और ओएमआर समय पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था. परीक्षा प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही. जेपीएससी, जेएसएससी समेत राज्य की सभी नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने की बात. युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल. प्रशासनी सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में जेपीएससी, जेएसएससी सहित राज्य की सभी प्रमुख नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जायेगा. उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहती है कि युवाओं को अवसर मिले और उनकी ऊर्जा राज्य निर्माण में लगे. उन्होंने युवाओं से कहा कि प्रशासन केवल उनके सपनों की रक्षा करने की जिम्मेदारी नहीं लेती, बल्कि उनका विश्वास जीतना भी चाहती है. किसानों के लिए नयी कृषि वित्तीय स्थिति पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की आर्थिक शक्ति केवल बड़े उद्योगों में नहीं, बल्कि लाखों छोटे किसानों, बुनकरों, कारीगरों, स्त्री स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों में भी है. प्रशासन कृषि, बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, लाह, तसर, मिलेट, औषधीय पौधों और लघु वनोपज आधारित वित्तीय स्थिति को नयी गति देना चाहती है. उन्होंने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत राज्य में करीब 2.15 लाख एकड़ भूमि पर हरित खेती को बढ़ावा दिया गया है और लगभग 7 लाख परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य किसानों को केवल उत्पादक नहीं, बल्कि मूल्यवर्धित कृषि और बाजार से जुड़ा उद्यमी बनाना है. उद्योग और निवेश से 22 हजार युवाओं को रोजगार का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आयोजन किया गया. इसमें उद्योग, पर्यटन, आइटी, पीएचइडी, आधारभूत संरचना और अन्य क्षेत्रों के निवेशकों के साथ विचार-विमर्श हुआ. प्रशासन के प्रयासों के परिणामस्वरूप 16 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनमें कुल 10 एमओयू के धरातल पर उतरने से 22 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना बतायी गयी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचें, हर जिले में नये उद्योग विकसित हों और स्टार्टअप व नवाचार को प्रोत्साहन मिले. स्त्रीओं की आर्थिक ताकत को विकास से जोड़ने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रगति स्त्रीओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्त्रीओं के आर्थिक सशक्तीकरण का उल्लेख किया. ग्रामीण स्त्रीओं के नेतृत्व वाले समूहों को स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में प्रशासन की योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के तहत 50 वर्ष से कम उम्र की स्त्रीओं के लिए प्रति माह 2,500 रुपये की सहायता दी जा रही है. साथ ही स्त्री स्वयं सहायता समूहों को ऋण और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की बात कही. स्त्रीओं के लिए मुख्यमंत्री के संदेश के मुख्य बिंदु स्त्री समूहों से स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा. ‘पलाश ब्रांड’ के माध्यम से ग्रामीण स्त्रीओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर. स्त्री नेतृत्व को बढ़ावा देने की नीति. स्त्रीओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को राज्य के विकास से जोड़ने का प्रयास. स्वास्थ्य क्षेत्र में छह नये मेडिकल कॉलेज, आरआइएमएस-2 का निर्माण मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है. राज्य में छह नये चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है. साथ ही आरआइएमएस-2 का निर्माण कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग शिक्षा और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल बड़े शहरों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा पहुंचाना है. पंचायतों में दवा दुकानों को आगे बढ़ाने के साथ ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने की बात भी कही. ‘झारखंड मॉडल’ में आदिवासी चेतना और प्रकृति का संरक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी आदिवासी चेतना, प्राकृतिक संसाधनों और सामुदायिक जीवन से है. राज्य के विकास का मॉडल ऐसा होना चाहिए, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण