Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Alpha First Review: आलिया भट्ट की फिल्म का पहला रिव्यू आया सामने, थिएटर जाने से पहले पढ़ें, मिले इतने स्टार्स

Alpha First Review: आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर फिल्म ‘अल्फा’ कुछ ही घंटों में सिनेमाघरों में रिलीज हो जाएगी. वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की एक्शन ड्रामा में पहली बार दो स्त्री एजेंट्स को दिखाया जा रहा है. शिव रवैल की ओर से निर्देशित और आदित्य चोपड़ा की ओर से निर्मित मूवी में अनिल कपूर और बॉबी देओल भी हैं. Alia Bhatt Alpha First Review: आलिया भट्ट की अल्फा का फर्स्ट रिव्यू आया सामने फिल्म क्रिटिक्स कुलदीप गढ़वी ने अल्फा को 4 स्टार दिए. इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, फिल्म एक स्टाइलिश और हाई-ऑक्टेन स्पाई थ्रिलर है, जो एक्शन, इमोशन और सस्पेंस का शानदार कॉम्बिनेशन पेश करती है. निर्देशक शिव रवैल ने फिल्म को दो मजबूत स्त्री किरदारों की कहानी के रूप में पेश किया है, जो एक खतरनाक मिशन पर निकलती हैं. शुरुआत में कहानी किरदारों और उनकी बैकस्टोरी को समय देती है, लेकिन इंटरवल के बाद पूरी रफ्तार पकड़ लेती है. एक्शन, ट्विस्ट और क्लाइमैक्स इसे आखिर तक रोमांचक बनाए रखते हैं. View this post on Instagram A post shared by Kuldeep (@iamkuldeep23) Alpha Star Cast Performance: अल्फा के स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस की बात करें तो आलिया भट्ट अल्फा की जान साबित होती हैं. उन्होंने अपने किरदार में एक्शन के साथ इमोशनल डेप्थ भी दिखाई है, जिससे उनका स्क्रीन प्रेजेंस और भी मजबूत बन जाता है. वहीं शरवरी भी हर सीन में शानदार नजर आती हैं और आलिया के साथ उनकी केमिस्ट्री फिल्म की ताकत बनती है. विलेन के रोल में बॉबी देओल अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराते हैं. अनिल कपूर भी मजबूती देते हैं. वहीं ऋतिक रोशन का स्पेशल कैमियो किसी ट्रीट से कम नहीं है. View this post on Instagram A post shared by Yash Raj Films (@yrf) Alpha Cinematography: कैसी है अल्फा की सिनेमैटोग्राफी फिल्म की सिनेमैटोग्राफी स्टाइलिश है और कई फ्रेम इंटरनेशनल स्पाई थ्रिलर्स की याद दिलाते हैं. हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट, हाई-स्पीड चेज सबसे बड़ी यूएसपी हैं. म्यूजिक कहानी के साथ अच्छी तरह फिट बैठता है. यह फिल्म इमोशन, एक्शन और विजुअल्स का ऐसा पैकेज देती है, जो बड़े पर्दे पर देखने का अनुभव और भी खास बना देता है. यह भी पढ़ें- एक्शन, हॉरर, कॉमेडी या रोमांस… इस वीकेंड पॉपकॉर्न लेकर सिनेमाघरों में देखें ये फिल्में यह भी पढ़ें- Alpha Trailer: घमंड उसका शस्त्र था…खतरनाक ‘अल्फा’ बन बॉबी देओल की लंका ढाएगी आलिया, आखिरी 10 सेकेंड मिस किया तो सब बेकार The post Alpha First Review: आलिया भट्ट की फिल्म का पहला रिव्यू आया सामने, थिएटर जाने से पहले पढ़ें, मिले इतने स्टार्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

महुआ मोईत्रा पर हमले से लेकर मिड-डे मील विवाद तक, बंगाली डिश से सियासी हथियार बना ‘अंडा’

खास बातें महुआ से अभिषेक बनर्जी तक सब बने अंडे का शिकार बंगाल की नेतृत्व का नया ट्रेंड कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त रुख मिड-डे मील विवाद: प्लेट से अंडा हटाने पर बवाल Egg Politics in Bengal: प्रोजेक्ट की विवादित शर्त ओडिशा मॉडल पर विचार कर रही बंगाल प्रशासन Egg Politics in Bengal: पश्चिम बंगाल के नेतृत्वक अखाड़े में इन दिनों एक बेहद अजीब और अभूतपूर्व घटनाक्रम देखने को मिल रहा है. बंगाली परिवारों की थाली का साधारण और किफायती हिस्सा अंडा (Egg) अब राज्य का सबसे बड़ा सियासी हथियार बन गया है. बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से पोल्ट्री उत्पाद सड़कों पर नेताओं को अपमानित करने का हिंसक माध्यम बन गया है, तो दूसरी तरफ प्रशासनिक नीतियों को लेकर गहरे ध्रुवीकरण का कारण भी बन चुका है. महुआ से अभिषेक बनर्जी तक सब बने अंडे का शिकार बंगाल में जारी इस ‘एग थेरेपी’ या ‘एग वॉरफेयर’ (Egg Warfare) का सबसे ताजा और हिंसक रूप नदिया जिले के कृष्णनगर में देखने को मिला. ममता बनर्जी गुट की फायरब्रांड तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोईत्रा (Mahua Moitra) पर बुधवार को उग्र भीड़ ने काले झंडे दिखाये. अंडे और सड़े बैंगन से उन पर हमला किया. स्त्री सांसद ने भीड़ को ‘भाजपा के गुंडे’ करार दिया. हालात इतने हो गये खराब थे कि सांसद ने एक घंटे तक खुद को कमरे में कैद कर लिया. इसे भी पढ़ें : ‘अंडा हमले’ का डर या ‘रेकी’ की आशंका, ममता बनर्जी के आवास पर क्यों खड़ी हुई नीली दीवार! बंगाल की नेतृत्व का नया ट्रेंड बंगाल की नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर अंडे फेंके जाने का यह चलन राज्य का नया ट्रेंड बन गया है. 30 मई 2026 को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में अंडा फेंका गया. उन पर ईंट-पत्थरों से भी हमले किये गये. इसके बाद सुरक्षा के लिए उन्हें क्रिकेट हेलमेट पहनना पड़ा था. पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता और कुणाल घोष जैसे एक दर्जन से अधिक टीएमसी नेता पुलिस सुरक्षा या कोर्ट में पेशी के दौरान ‘अंडा थेरेपी’ का शिकार हो चुके हैं. सौगत रॉय और मदन मित्र जैसे नेताओं पर भी अंडे बरसाये जा चुके हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त रुख अंडा से हो रहे हमले पर कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने नेतृत्वक विरोधियों पर अंडे फेंकने की इस प्रवृत्ति को एक सामाजिक बुराई (Social Evil) करार दिया है. कोर्ट ने प्रशासन को कड़ी पुलिसिंग गाइडलाइंस बनाने और अब तक हुई गिरफ्तारियों पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. मिड-डे मील विवाद: प्लेट से अंडा हटाने पर बवाल सड़कों पर हथियार बनने के साथ ही अंडा इस समय राज्य सचिवालय के गलियारों में भी विवाद की वजह बना हुआ है. कोलकाता नगर निगम (KMC) के एक नये पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों के मिड-डे मील (Mid-day Meal) की जिम्मेदारी ‘अन्नमित्रा फाउंडेशन’ को सौंपने की तैयारी चल रही है, जो इस्कॉन (ISKCON) से जुड़ी संस्था है. इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी के बाद महुआ मोईत्रा पर फेंके अंडे और सड़े बैंगन, टीएमसी सांसद ने शेयर किया Video Egg Politics in Bengal: प्रोजेक्ट की विवादित शर्त इस प्रोजेक्ट की सबसे विवादित शर्त यह है कि स्कूलों के मेन्यू से अंडे को हटा दिया जायेगा. उसकी जगह शाकाहारी प्रोटीन विकल्प जैसे पनीर और सोया चंक्स दिये जायेंगे. इस फैसले से राज्य में धर्मनिरपेक्ष (Secular) और पोषण संबंधी विरोध शुरू हो गया. महुआ मोईत्रा, डेरेक ओब्रायन और रीतब्रत बनर्जी जैसे नेताओं ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया. कहा कि यह ‘खान-पान की जबरन थोपी गयी नीति’ है. इनका कहना है कि बंगाल में अंडा बच्चों के लिए पूर्ण प्रोटीन का सबसे सस्ता और सुलभ स्रोत है. धार्मिक प्राथमिकताओं के कारण बच्चों के पोषण से समझौता नहीं किया जा सकता. ओडिशा मॉडल पर विचार कर रही बंगाल प्रशासन भारी नेतृत्वक दबाव के बाद राज्य प्रशासन पड़ोसी राज्य ओडिशा के मॉडल का अध्ययन कर रहा है, ताकि स्कूलों को सीधे अलग से फंड दिया जा सके. इस फंड से स्कूल केंद्रीय शाकाहारी रसोई से इतर स्वतंत्र रूप से बच्चों के लिए अंडे खरीद सकेंगे. इसे भी पढ़ें Video: ममता बनर्जी के घर से बाहर निकलते ही तृणमूल नेता कुणाल घोष पर अंडे से हमला, वीडियो वायरल कटमनी, वसूली और धमकी मामले में युवा तृणमूल नेता सुरंजन मंडल गिरफ्तार, कोर्ट ले जाते समय लोगों ने बरसाये अंडे बंगाल में ‘सुरक्षा’ पर संग्राम! ममता बनर्जी की पसंद के बॉडीगार्ड्स को शुभेंदु प्रशासन ने हटाया, डेरेक ओब्रायन बोले- रात भर बिना सुरक्षा के थीं दीदी तृणमूल नेता पर प्रशासनी मुर्गे की चोरी का आरोप, गुस्साये लोगों ने कच्चे अंडे से नहलाया The post महुआ मोईत्रा पर हमले से लेकर मिड-डे मील विवाद तक, बंगाली डिश से सियासी हथियार बना ‘अंडा’ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सीमा पर तनाव और घुसपैठ विवाद के बीच बांग्लादेश की मैंगो डिप्लोमेसी, शुभेंदु अधिकारी को भेजे 500 किलो आम

खास बातें 500 किलो आम की खेप पहुंची कोलकाता शेख हसीना के बाद भी जारी रही परंपरा शुभेंदु अधिकारी का सख्त रुख और ताजा विवाद Mango Diplomacy: बीएसएफ-बीजीपी में हुई थी झड़प Mango Diplomacy: हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में बढ़े कूटनीतिक और सीमाई तनाव के बावजूद ढाका ने अपनी मैंगो डिप्लोमेसी (Mango Diplomacy) जारी रखी है. बांग्लादेश प्रशासन ने एक सद्भावना संकेत (Goodwill Gesture) के रूप में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Shuvendu Adhikari) को प्रीमियम ‘हिमसागर’, ‘हरिभांगा’ और ‘आम्रपाली’ आमों की बड़ी खेप भेजी है. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है. 500 किलो आम की खेप पहुंची कोलकाता बांग्लादेश ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री, राजनयिकों और विशिष्ट नागरिकों के लिए कुल 500 किलोग्राम आम भेजे हैं. जेसोर के बेनापोल (Benapole) सीमा मार्ग से 500 किलोग्राम आम कोलकाता स्थित बांग्लादेश के उप-उच्चायोग पहुंचाये गये. इस खेप में 100 किलोग्राम विशिष्ट आम मुख्यमंत्री के लिए हैं. बाकी 400 किलो आम दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों में सद्भावना उपहार के रूप में बांटे जायेंगे. शेख हसीना के बाद भी जारी रही परंपरा मौसमी आमों का आदान-प्रदान लंबे समय से हिंदुस्तान-बांग्लादेश कूटनीति का अभिन्न हिस्सा रहा है. पड़ोसी देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अक्सर हिंदुस्तान के साथ संबंध मजबूत करने के लिए ‘इलिश (हिलसा) मछली’ और ‘आम’ को कूटनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करती थीं. वे इसे नियमित रूप से पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पीएम नरेंद्र मोदी को भेजती थीं. वर्ष 2024 में तख्तापलट के दौरान इस परंपरा में ब्रेक लगा था, लेकिन वर्तमान मोहम्मद यूनुस प्रशासन और अब नयी प्रशासन ने भी इस कूटनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. इसे भी पढ़ें : अंतरराष्ट्रीय बाजार में छायी बंगाल की ‘आम्रपाली’, एक हफ्ते में इटली और खाड़ी देशों को 10 टन आम का निर्यात शुभेंदु अधिकारी का सख्त रुख और ताजा विवाद बांग्लादेश की इस मैंगो डिप्लोमेसी पर इस बार विशेष चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालने के बाद से ही अवैध प्रवासियों के खिलाफ बेहद सख्त और आक्रामक रुख अपना रखा है. उन्होंने राज्य में ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ (पहचानो, हटाओ और निकालो) की नीति को सख्ती से लागू करने की घोषणा की है, जिससे बांग्लादेश के साथ नेतृत्वक और कूटनीतिक मोर्चे पर खासी कड़वाहट देखी जा रही थी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Mango Diplomacy: बीएसएफ-बीजीपी में हुई थी झड़प बांग्लादेश के नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के संस्थापक संयोजक नाहिद इस्लाम सहित कई राजनेताओं ने शुभेंदु अधिकारी के बयानों की तीखी आलोचना की थी. उन्होंने आरोप लगाया गया था कि बंगाल के सीएम ने बांग्लादेश को लेकर आक्रामक टिप्पणियां की थीं और अवैध घुसपैठियों को वापस धकेलने की चेतावनी दी थी. इस कड़े रुख के कारण हिंदुस्तान के सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच सीमा पर डिपोर्टेशन ड्राइव को लेकर झड़प और गतिरोध देखने को मिला था. इसे भी पढ़ें मालदा के हिमसागर आम पर मौसम की मार, अमेरिका जाने वाली पहली खेप अटकी, निर्यातकों में हड़कंप पश्चिम बंगाल में इस बार मालदा आम की बंपर पैदावार की उम्मीद The post सीमा पर तनाव और घुसपैठ विवाद के बीच बांग्लादेश की मैंगो डिप्लोमेसी, शुभेंदु अधिकारी को भेजे 500 किलो आम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

20 साल का प्रेमी ही निकला तलाकशुदा प्रेमिका का हत्यारा; यूपीआई पेमेंट कर फंसा आरोपी

Jamshedpur News: हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस ट्रेन में पिछले महीने घायल अवस्था में मिली एक तलाकशुदा स्त्री की मौत के मामले में रेल पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. प्रेम, धोखा और बेरहमी से कत्ल की इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मृतका का 20 वर्षीय प्रेमी कुमार ऋषभ है, जो रांची के मारवाड़ी कॉलेज में बीसीए का छात्र है. शादी का दबाव बनाने पर 27 साल की प्रेमिका को मौत के घाट उतारने वाला यह शातिर आरोपी सब कुछ बेहद प्लानिंग के साथ कर रहा था, लेकिन स्टेशन पर ऑनलाइन यूपीआई पेमेंट कर पानी की बोतल खरीदने की उसकी एक छोटी सी भूल ने पुलिस को उस तक पहुंचा दिया और टाटानगर रेल पुलिस व आरपीएफ ने ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत उसे धर दबोचा. 6 जून को हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस में घायल मिली थी स्त्री 6 जून को हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस में एक स्त्री यात्री लहूलुहान और अचेत अवस्था में मिली थी. स्त्री के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी और उसके कान से खून बह रहा था. जीआरपी ने उसे तत्काल जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया. करीब 10 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के दौरान स्त्री न तो बयान देने की स्थिति में थी और न ही कोई उसका सुराग लेने अस्पताल पहुंचा था. अंततः 15 जून को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद मारपीट का यह मामला एक ‘ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री’ में तब्दील हो गया और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया. रांची की बरियातू की रहने वाली थी स्त्री जांच के बाद मृतका की पहचान रांची के बरियातू निवासी के रूप में हुई, जो तलाकशुदा थी. वहीं, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के पूर्वी चंपारण जिला अंतर्गत राजेपुर थाना क्षेत्र के कुमार ऋषभ (20 वर्ष) के रूप में की गई है. ऋषभ फिलहाल रांची के मारवाड़ी कॉलेज से बीसीए की पढ़ाई कर रहा है. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने पहले स्त्री को अपने प्रेम जाल में फंसाया और करीब एक महीने तक उसके साथ अवैध संबंध बनाए रखा. जब स्त्री ने उस पर सामाजिक रूप से शादी करने का दबाव बनाना शुरू किया, तो ऋषभ ने उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची और धोखे से ट्रेन में बैठा दिया. मोबाइल चार्जर के तार से स्त्री का गला घोटा गया रात के वक्त जब ट्रेन टाटानगर स्टेशन के नजदीक पहुंची, तो ऋषभ ने प्रेमिका को समझाने का खूब प्रयास किया. जब वह अपनी मांग पर अड़ी रही, तो आरोपी ने गुस्से में आकर मोबाइल चार्जर के तार से उसका गला घोंटकर हत्या करने का प्रयास किया और उसे मरा हुआ समझकर अचेत अवस्था में ही बोगी में छोड़कर भाग निकला. रांची स्टेशन के फुटेज से सुलझी गुत्थी इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए आरपीएफ के एएसआई बलबीर प्रसाद की टीम ने रांची से लेकर टाटानगर तक के सभी स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. रांची स्टेशन के फुटेज में स्त्री एक संदिग्ध युवक के साथ स्टेशन में प्रवेश करती दिखी. इसी दौरान वह युवक ट्रेन पकड़ने से पहले स्टेशन के एक स्टॉल पर ऑनलाइन भुगतान यूपीआई के जरिए पानी की बोतल खरीदता हुआ कैमरों में कैद हो गया. पुलिस ने तुरंत उस वेंडर से डिजिटल भुगतान का विवरण हासिल किया और बिष्टुपुर साइबर थाने की मदद से ट्रांजेक्शन का गहन विश्लेषण किया. कॉल डिटेल और लोकेशन से पकड़ाया आरोपी इससे पुलिस को आरोपी का प्राथमिक मोबाइल नंबर और उसकी पूरी गतिविधियों का सुराग मिल गया. इसके बाद कॉल डिटेल रिकॉर्ड और टावर लोकेशन से पुष्टि हो गई कि घटना के समय आरोपी उसी ट्रेन मार्ग पर मौजूद था. तकनीकी जांच के दौरान आरोपी का एक दूसरा सक्रिय मोबाइल नंबर भी पुलिस के हाथ लगा. बैंक खातों और केवाईसी दस्तावेजों की पड़ताल से आरोपी का नाम कुमार ऋषभ और उसका पता पूरी तरह स्पष्ट हो गया. बरियातू थाने में दर्ज थी स्त्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट इस बीच, 30 जून को रांची के बरियातू थाने में स्त्री की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया था. टाटानगर रेल पुलिस ने जब रांची पुलिस से संपर्क कर मृतका की तस्वीर का मिलान कराया और संदेही ऋषभ को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है. ये भी पढ़ें… हिमांशु सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल पर दो लाख का इनाम, सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गुप्त हेमंत प्रशासन का बड़ा फैसला: वकारिब बने जमशेदपुर के नये SSP, मनोज स्वर्गियारी को सरायकेला पुलिस की कमान The post 20 साल का प्रेमी ही निकला तलाकशुदा प्रेमिका का हत्यारा; यूपीआई पेमेंट कर फंसा आरोपी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ISRO Bomb Threat: इसरो मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

ISRO Bomb Threat: हिंदुस्तानीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को धमकी मिलने के बाद पूरे परिसर में हडकंप मच गया. सुरक्षा एजेंसियां तुरंत एक्शन में आ गईं. सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे परिसर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया. धमकी मिलने के बाद पुलिस टीम, डॉग स्क्वॉड और बम का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने वाला दस्ता मौके पर पहुंचा. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर खाली कराकर गहन जांच शुरू की गई. हालांकि, जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला और धमकी फर्जी साबित हुई. जांच में नहीं मिला कोई संदिग्ध सामान पुलिस ने बताया कि धमकी के बाद एहतियात के तौर पर इसरो मुख्यालय में मौजूद सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया. इसके बाद इमारत के हर हिस्से की गहन तलाशी ली गई, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला. प्रारंभिक जांच में यह धमकी झूठी साबित हुई है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है. Karnataka | North Bengaluru DCP Babasab Nemagouda says, “Around afternoon ISRO headquarters in Sanjay Nagar police station limits received a bomb threat call. Our officials rushed to ISRO and thoroughly checked, nothing found. ISRO officials are filing a complaint with us and… — ANI (@ANI) July 2, 2026 फोन करने वाले की तलाश जारी पुलिस ने बताया कि मामले की जांच संजय नगर थाना कर रहा है. फोन किसने और कहां से किया इसका पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है. फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है. Also Read: हिंदुस्तान-जापान दोस्ती और भरोसे का नया अध्याय शुरू, डिफेंस से लेकर AI तक कई अहम समझौतों पर मुहर The post ISRO Bomb Threat: इसरो मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

उत्तराखंड में भारी बारिश, 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट; बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग प्रभावित

Uttarakhand Heavy Rain: मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. वहीं, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के लिए कहीं-कहीं भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने जिलाधिकारियों को आवश्यक सतर्कता बरतने और एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और केदारनाथ यात्रा मार्ग प्रभावित उत्तराखंड में लगातार वर्षा के बीच पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है. अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग पर एहतियातन वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है. उत्तराखंड में 30 जून को पहुंचा था मानसून उत्तराखंड में 30 जून को मानसून ने दस्तक दी थी और बुधवार तक यह पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया. इसके बाद से देहरादून सहित कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश हो रही है. पिछले 24 घंटे के दौरान नरेंद्रनगर में 110 मिलीमीटर वर्षा देहरादून स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान नरेंद्रनगर में 110 मिलीमीटर, धनोल्टी में 100 मिलीमीटर, खटीमा में 85.5 मिलीमीटर, जौलीग्रांट में 80.4 मिलीमीटर, देहरादून में 79.6 मिलीमीटर, मसूरी में 77.8 मिलीमीटर, लक्सर में 73.5 मिलीमीटर, बनबसा में 72 मिलीमीटर, पंतनगर में 70.6 मिलीमीटर, बड़कोट में 65 मिलीमीटर, रुद्रप्रयाग में 64.5 मिलीमीटर, जखोली में 63 मिलीमीटर और यमकेश्वर में 60 मिलीमीटर बारिश हुई. बारिश के कारण तापमान में गिरावट बारिश के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई. पिछले 24 घंटे के दौरान मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहा. मौसम केंद्र के अनुसार, बुधवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री कम था. वहीं, गुरुवार को न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है. ये भी पढ़ें: VIDEO: सड़कें बनीं झील, तैरती दिखीं कारें; भारी बारिश से मुंबई का हाल बेहाल, एक की मौत The post उत्तराखंड में भारी बारिश, 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट; बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राजस्थान में पटवारी और डिप्टी जेलर की भर्ती जल्द, RSSB CET के लिए नोटिफिकेशन जारी

RSSB CET 2026 Notification: राजस्थान में प्रशासनी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए काम की समाचार है. राजस्थान स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड (RSSB) की तरफ से ग्रेजुएट लेवल सीईटी के लिए नोटिफिकेशन जारी हो गया है. इसमें आवेदन करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट- rssb.rajasthan.gov.in पर जाना होगा. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने ग्रेजुएट लेवल कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) 2026 नोटिफिकेशन के अनुसार, इस परीक्षा के लिए 4 जुलाई से आवेदन कर सकते हैं. इसमें आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स को 2 अगस्त 2026 तक का समय मिलेगा. इसमें आवेदन करने के लिए नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो करना होगा. RSSB CET 2026 के लिए ऐसे करें आवेदन सबसे पहले RSSB की आधिकारिक वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in पर जाएं. ग्रेजुएट लेवल CET 2026 के आवेदन लिंक पर क्लिक करें. SSO ID से लॉगिन करें या नया रजिस्ट्रेशन करें. आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें. जरूरी दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें. अपनी श्रेणी के अनुसार फीस ऑनलाइन जमा करें. सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें. भविष्य के लिए आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट अपने पास सुरक्षित रख लें. RSSB CET 2026 से इन पदों पर होगी भर्तियां एप्लीकेशन फीस RSSB CET 2026 के लिए सामान्य वर्ग, ओबीसी क्रीमी लेयर और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को 600 रुपये एप्लीकेशन फीस देना होगा. वहीं राजस्थान के ओबीसी, एमबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए एप्लीकेशन फीस 400 रुपये तय किया गया है. आवेदन फॉर्म में सुधार करने के लिए 300 रुपये का एप्लीकेशन फीस देना होगा. क्यों जरूरी है RSSB CET परीक्षा? राजस्थान में अब कई ग्रेजुएट लेवल प्रशासनी भर्तियों के लिए CET को अनिवार्य स्क्रीनिंग परीक्षा बनाया गया है. यानी बिना CET पास किए उम्मीदवार संबंधित भर्तियों में आवेदन नहीं कर पाएंगे. इसलिए अगर आपका लक्ष्य पटवारी, डिप्टी जेलर, ग्राम विकास अधिकारी, प्लाटून कमांडर, छात्रावास अधीक्षक या अन्य ग्रेजुएट लेवल प्रशासनी पद है, तो इस परीक्षा में शामिल होना जरूरी है. यह भी पढ़ें: प्रशासनी बैंक में क्रेडिट ऑफिसर की वैकेंसी, सैलरी होगी 90000 से ज्यादा The post राजस्थान में पटवारी और डिप्टी जेलर की भर्ती जल्द, RSSB CET के लिए नोटिफिकेशन जारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

20 साल बाद बदला लालू परिवार का पता, राबड़ी देवी ने खाली किया 10 सर्कुलर रोड वाला सरकारी बंगला

Rabri Devi Bungalow Row: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आखिरकार पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित प्रशासनी आवास को खाली कर दिया है. गुरुवार को लालू परिवार ने बंगले से अपना सामान हटा लिया और औपचारिक रूप से भवन निर्माण विभाग को इसकी जानकारी दे दी. करीब 20 साल तक इस बंगले में रहने के बाद अब लालू परिवार अस्थायी रूप से अपने निजी आवास में रहेगा. बाद में 39 हार्डिंग रोड स्थित नए प्रशासनी आवास में शिफ्ट होगा. 20 साल बाद खाली हुआ चर्चित प्रशासनी बंगला 10 सर्कुलर रोड का प्रशासनी बंगला लंबे समय से लालू परिवार का नेतृत्वक और पारिवारिक केंद्र रहा है. राबड़ी देवी मुख्यमंत्री रहने के दौरान यहां रहने आई थीं. इसके बाद सत्ता बदलने के बावजूद परिवार इसी आवास में रहा. पिछले साल नवंबर में बिहार प्रशासन ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राबड़ी देवी के लिए 39 हार्डिंग रोड स्थित प्रशासनी आवास आवंटित कर दिया था. इसके बाद कई बार नोटिस भी भेजे गए, लेकिन बंगला खाली नहीं हुआ. अब करीब सात महीने बाद परिवार ने यह आवास छोड़ दिया है. फिलहाल निजी घर में रहेगा लालू परिवार हालांकि राबड़ी देवी अभी नए प्रशासनी बंगले में नहीं गई हैं. उन्होंने 10 सर्कुलर रोड से सामान हटाकर पटना के कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में शिफ्ट किया है. बताया जा रहा है कि 39 हार्डिंग रोड स्थित प्रशासनी बंगले में अभी कुछ निर्माण कार्य चल रहा है. काम पूरा होने के बाद ही लालू परिवार वहां जाएगा. नए बंगले में लालू यादव के लिए कराए जा रहे बदलाव राबड़ी देवी ने कुछ दिन पहले भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर नए आवास में विशेष सुविधाएं देने की मांग की थी. उन्होंने लालू प्रसाद यादव की खराब सेहत का हवाला देते हुए रैंप, लिफ्ट और एक आउटहाउस बनाने का अनुरोध किया था. विभाग ने उनकी मांग पर काम शुरू करा दिया है. बंगले की मरम्मत के साथ रंग-रोगन भी कराया जा रहा है. माना जा रहा है कि सभी काम पूरे होने के बाद ही परिवार नए आवास में प्रवेश करेगा. सामान कहां-कहां पहुंचाया गया? 10 सर्कुलर रोड से हटाया गया जरूरी सामान कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में रखा गया है. वहीं, अन्य सामान तेजस्वी यादव के 1 पोलो रोड स्थित प्रशासनी आवास और परिवार के दूसरे परिसरों में भेजा गया है. फिलहाल लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में ही रहेंगे। राबड़ी देवी ने पहले किया था विरोध बंगला खाली करने को लेकर पिछले कुछ महीनों से नेतृत्व भी तेज थी. राबड़ी देवी ने पहले सार्वजनिक तौर पर कहा था कि वह प्रशासनी आवास खाली नहीं करेंगी. उन्होंने यहां तक कहा था कि प्रशासन चाहे तो फोर्स भेज दे. इसके बाद भवन निर्माण विभाग ने लगातार नोटिस जारी किए. हाल ही में राबड़ी देवी ने 5 जुलाई तक का समय भी मांगा था. लेकिन तय समय से पहले ही उन्होंने बंगला खाली कर दिया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें अब 10 सर्कुलर रोड में कौन रहेगा? राबड़ी देवी के बंगला खाली करने के बाद अब यह आवास बिहार प्रशासन के मंत्री नंदकिशोर राम को मिलेगा. भवन निर्माण विभाग ने मई 2026 में ही यह बंगला उनके नाम आवंटित कर दिया था. राबड़ी देवी के आवास खाली नहीं करने की वजह से वे अब तक यहां शिफ्ट नहीं हो सके थे. अब विभाग जल्द ही उन्हें बंगला सौंपेगा. हालांकि इससे पहले कुछ मरम्मत और रखरखाव का काम कराया जाएगा. बंगले के बाहर बदला नजारा राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास खाली करते ही वहां का माहौल भी बदल गया. लंबे समय से बंगले के बाहर मौजूद रहने वाले राजद कार्यकर्ता और समर्थक भी गुरुवार दोपहर बाद वहां से हट गए. करीब दो दशक तक बिहार की नेतृत्व का केंद्र रहे 10 सर्कुलर रोड का यह अध्याय अब समाप्त हो गया है. आने वाले दिनों में लालू परिवार 39 हार्डिंग रोड स्थित नए प्रशासनी आवास में शिफ्ट होगा, जबकि 10 सर्कुलर रोड पर प्रशासन के नए मंत्री का निवास होगा. Also Read: नितिन नवीन वाली बांकीपुर सीट पर उपचुनाव का ऐलान, 30 जुलाई को होगी वोटिंग, इलेक्शन कमीशन ने जारी किया पूरा शेड्यूल The post 20 साल बाद बदला लालू परिवार का पता, राबड़ी देवी ने खाली किया 10 सर्कुलर रोड वाला प्रशासनी बंगला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

तमिलनाडु गैस रिसाव घटना के बाद सकुशल लौटे पश्चिमी सिंहभूम के 14 श्रमिक, चक्रधरपुर में स्वागत

चक्रधरपुर से रविशंकर मोहंती की रिपोर्ट West Singhbhum News: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद पश्चिमी सिंहभूम जिले के 14 प्रवासी श्रमिक सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं. गुरुवार को सभी श्रमिक रेल मार्ग से राउरकेला होते हुए चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. प्रशासन ने सभी श्रमिकों की कुशलक्षेम की जानकारी ली और उन्हें सुरक्षित उनके गृह क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की. यह पूरी प्रक्रिया झारखंड प्रशासन, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से पूरी की गई. गैस रिसाव की घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. अमोनिया गैस रिसाव के बाद शुरू हुई सुरक्षित वापसी जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले स्थित एक औद्योगिक इकाई में अमोनिया गैस रिसाव की घटना सामने आने के बाद वहां कार्यरत झारखंड के श्रमिकों को लेकर चिंता बढ़ गई थी. घटना की जानकारी मिलते ही झारखंड प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने तत्काल जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया. प्रभावित श्रमिकों से संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी ली गई और उन्हें सुरक्षित झारखंड वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गई. प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रमिक को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े. चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर प्रशासन ने किया स्वागत गुरुवार को जब सभी 14 श्रमिक रेल मार्ग से राउरकेला होते हुए चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे तो जिला प्रशासन की टीम पहले से वहां मौजूद थी. अधिकारियों ने सभी श्रमिकों का स्वागत किया और एक-एक कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति तथा यात्रा संबंधी अनुभवों की जानकारी ली. प्रशासन ने श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि राज्य प्रशासन उनके साथ खड़ी है और भविष्य में भी किसी आपात स्थिति में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. अधिकारियों ने श्रमिकों से बातचीत कर यह भी जाना कि तमिलनाडु में गैस रिसाव की घटना के दौरान उन्हें किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. घर पहुंचाने के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था रेलवे स्टेशन पर औपचारिक स्वागत के बाद जिला प्रशासन ने सभी श्रमिकों को उनके-अपने गांव और घर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था की. इससे श्रमिकों को आगे की यात्रा के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. इसके साथ ही प्रशासन की ओर से प्रत्येक श्रमिक को खाद्य सामग्री से युक्त फूड बास्केट भी उपलब्ध कराया गया. इसका उद्देश्य यह था कि घर पहुंचने के बाद उन्हें तत्काल भोजन या अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी महसूस न हो. प्रशासन की इस पहल की श्रमिकों और उनके परिजनों ने सराहना की. प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता जिला प्रशासन ने कहा कि झारखंड प्रशासन प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है. राज्य के बाहर कार्यरत श्रमिक किसी भी आपात स्थिति में अकेले नहीं हैं. प्रशासन लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर तत्काल हस्तक्षेप करती है. प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग ओपन जेल की सुविधाओं पर हाईकोर्ट सख्त, प्रशासन से 20 जुलाई तक मांगी स्टेटस रिपोर्ट भविष्य में भी तत्पर रहेगी झारखंड प्रशासन भविष्य में भी यदि किसी राज्य में कार्यरत झारखंड के श्रमिक किसी संकट में फंसते हैं तो उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य प्रशासन और जिला प्रशासन तत्पर रहेगा. तमिलनाडु की गैस रिसाव घटना के बाद 14 श्रमिकों की सकुशल घर वापसी इस बात का उदाहरण है कि विभिन्न विभागों के समन्वय और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से संकट की घड़ी में प्रभावित लोगों को समय पर राहत और सुरक्षा प्रदान की जा सकती है. इसे भी पढ़ें: दुमका और गोड्डा कोर्ट पर हमले की धमकी से हड़कंप, स्पीड पोस्ट से भेजे गए पत्र के बाद हाई अलर्ट The post तमिलनाडु गैस रिसाव घटना के बाद सकुशल लौटे पश्चिमी सिंहभूम के 14 श्रमिक, चक्रधरपुर में स्वागत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

चुनाव आयोग पहुंचा तृणमूल का ‘सिंबल’ युद्ध, 10 बागी विधायक दिल्ली में, ममता बनर्जी बोलीं- गद्दार हमेशा गद्दार ही रहेंगे

खास बातें विश्वासघातियों को पार्टी में दोबारा कभी नहीं लेंगे : ममता बनर्जी TMC Split: दो-तिहाई बहुमत का दावा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी से ममता की छुट्टी कुणाल घोष ने कहा- यह भाजपा प्रायोजित साजिश TMC Split: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में चल रहा तृणमूल कांग्रेस (TMC) का आंतरिक घमासान अब देश की राजधानी दिल्ली पहुंच गया है. रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी के बागी गुट के विधायक बुधवार को दिल्ली पहुंचे. रीतब्रत बनर्जी, संदीपन साहा, जावेद खान, अखरुज्जमां और अरूप रॉय सहित कुल 10 बागी विधायक गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात करने वाले हैं. बैठक में बागी गुट आधिकारिक तौर पर पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न (सिक्का/सिंबल) और पार्टी फंड पर दावा पेश करेगा. विश्वासघातियों को पार्टी में दोबारा कभी नहीं लेंगे : ममता बनर्जी इस नेतृत्वक बवंडर के बीच, कोलकाता के महाराष्ट्र निवास में ममता बनर्जी के वफादार नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन आयोजित किया गया. बैठक को पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने फोन के जरिये संबोधित किया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा- असली तृणमूल हम ही हैं. जिन लोगों ने हमारे साथ विश्वासघात किया है, जिन्होंने गद्दारी की है, हम उन्हें कभी भी पार्टी में वापस नहीं लेंगे. गद्दार हमेशा गद्दार ही रहेंगे. बैठक में चंद्रिमा भट्टाचार्य, मदन मित्रा, कुणाल घोष और शोभनदेव चट्टोपाध्याय जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी की नयी मुसीबत ‘सेवाश्रय’, विष्णुपुर थाने में दर्ज हुआ केस, जानें पूरा मामला TMC Split: दो-तिहाई बहुमत का दावा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी से ममता की छुट्टी तृणमूल कांग्रेस का विवाद तब और बढ़ गया, जब बागी गुट ने विशेष सत्र बुलाकर ममता बनर्जी को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटा दिया था. बागियों ने एक समानांतर राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन कर लिया था. इसके बाद दोनों गुटों ने चुनाव आयोग को अपने-अपने पदाधिकारियों की सूची सौंपी थी. दिल्ली रवाना होने से पहले रीतब्रत बनर्जी ने कहा- हम ही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) हैं. हमारे पास दो-तिहाई विधायकों का समर्थन है. इसलिए सिंबल पर दावा करने का सवाल ही नहीं उठता, वह हमारा ही है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कुणाल घोष ने कहा- यह भाजपा प्रायोजित साजिश ममता बनर्जी के करीबी बेलियाघाटा के विधायक और टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस पूरे विद्रोह को भाजपा (BJP) द्वारा प्रायोजित साजिश करार दिया है. घोष ने आरोप लगाया कि कई बागी नेता विभिन्न आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं. केवल कानूनी व नेतृत्वक सुरक्षा पाने के लिए वे हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये नेता डर के मारे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भी नहीं जा पा रहे हैं. इसे भी पढ़ें सत्ता छिनते ही TMC के अस्तित्व पर संकट, जानें क्यों अब ममता बनर्जी के लिए वापसी की राह है कठिन मुश्किल में ममता बनर्जी और अभिषेक, ‘दीदी’ पर सिलीगुड़ी और ‘भाईपो’ पर भवानीपुर में शिकायत, जानें क्या है पूरा मामला The post चुनाव आयोग पहुंचा तृणमूल का ‘सिंबल’ युद्ध, 10 बागी विधायक दिल्ली में, ममता बनर्जी बोलीं- गद्दार हमेशा गद्दार ही रहेंगे appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top