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Author name: Vinod Jha

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अपराध, ताजा ख़बर

बिहार में डॉक्टर हुए डिजिटल अरेस्ट, लड़की से जुड़ा मामला बताया और ट्रांसफर करा लिए 15 लाख रुपए

नया विचार – बिहार में डिजिटल अरेस्ट का एक और केस सामने आया है. साइबर अपराधियों के चंगुल में बड़े-बड़े अधिकारी, डॉक्टर व व्यापारी फंसते जा रहे हैं. पढ़े लिखे और उच्च वर्ग के लोग साइबर फ्रॉड के झांसे में आकर लाखों रुपये गंवा रहे हैं. अब साइबर शातिरों ने जमुई जिले के एक डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर लिया. चिकित्सक से 15 लाख की साइबर ठगी की गयी. जमुई के डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट करके ठगा साइबर ठगी का एक ताजा मामला सिकंदरा के एक प्रसिद्ध चिकित्सक केपी शर्मा के साथ सामने आया है. जहां शातिर साइबर अपराधियों ने एक अस्पताल के संचालक डॉक्टर कैलाश प्रसाद शर्मा उर्फ केपी शर्मा को डिजिटल अरेस्ट करके 15 लाख रुपए की ठगी कर ली. 4 जनवरी को डॉ. केपी शर्मा के मोबाइल पर कॉल कर साइबर अपराधियों ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि आपके मोबाइल में यूज हो रहे सिम से लड़की का गंदा व अश्लील फोटो भेजा जा रहा है। मोबाइल से लड़की को वीडियो कॉल किया जा रहा है. साथ ही डॉ. केपी शर्मा के ऊपर मुंबई थाना में विदेश से सामान मंगवाने, मनी लॉन्ड्रिंग समेत 17 आरोपों को लेकर प्राथमिकी दर्ज होने एवं उक्त मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी होने की धमकी भी साइबर अपराधियों के द्वारा दी गयी. मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर डॉक्टर को डराया इन सभी बातों का भय दिखाकर साइबर ठगों ने डॉक्टर से खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर बात की. कहा-‘आपके खिलाफ वारंट जारी हो गया है लेकिन मैं आपको गिरफ्तारी से बचा सकता हूं. लेकिन मैं जैसा कहूंगा वैसा आपको करना पड़ेगा.’ अपराधियों ने चिकित्सक से कहा कि आपके खाते में जितनी राशि है, हमारे अकाउंट पर भेजिए. डॉक्टर को झांसा देकर कहा कि जांच के बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे। डॉक्टर ने डरकर भेज दिए लाखों रुपए साइबर अपराधियों के द्वारा मुंबई पुलिस का फर्जी आईडी, फर्जी वर्दी की फोटो एवं सारा फर्जी सबूत देकर डॉ. केपी शर्मा को धमकाया गया. जिसके उपरांत साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए बैंक खाता पर चिकित्सक ने दो बार में 15 लाख रुपये दो अलग अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए. CBI रेड का डर दिखाकर और पैसे मांगे तो हुआ शक इस दौरान डॉक्टर ने विकास अनंता के खाते में 11 लाख व सिटी यूनियन बैंक जोधपुर शाखा के अकाउंट हितेश कुमार के नाम पर चार लाख रुपया भेजा. उसके बाद साइबर अपराधियों ने डॉ. केपी शर्मा पर और पैसा भेजने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. पैसा नहीं भेजने की स्थिति में सीबीआई रेड होने का भी भय दिखाया गया. जिसके बाद डॉ. केपी शर्मा ने आखिरकार 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करायी. वहीं उनके द्वारा साइबर थाना में शिकायत दर्ज करायी गयी.

अपराध, ताजा ख़बर

कोलकाता कांड: संजय रॉय को उम्रकैद के साथ 50 हजार का जुर्माना, कोर्ट ने नहीं माना रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस

नया विचार – कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए डॉक्टर रेप-मर्डर केस में मुख्य आरोपी संजय रॉय को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. संजय रॉय को उम्रकैद की सजा देने के बाद कोर्ट ने राज्य प्रशासन को पीड़िता के परिजनों को 17 लाख मुआवजा देने का निर्देष दिया है. इस पर पीड़िता के माता-पिता लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया है. इस पर पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि उन्हें किसी तरह का मुआवजा नहीं चाहिए. संजय रॉय को बीएनएस की धारा 64, 66 और 103 (1) के तहत के दोषी पाया गया है. इन धाराओं के तहत अपराधी को अधिकतम फांसी या उम्रैकद का प्रावधान है. लेकिन जज ने उम्रकैद की सजा दी है. सजा सुनाने से पहले जज ने संजय रॉय से कहा, “मैंने तुम्हें पहले ही बताया था कि तुम पर लगाए गए सभी आरोप जैसे बलात्कार और हत्या के आरोप साबित हो चुके हैं.” इस पर संजय रॉय ने कहा, “मुझे बिना किसी वजह के फंसाया गया है. मैं हमेशा रुद्राक्ष की माला पहनता हूं. यदि मैं अपराध करता तो क्राइम सीन पर ही माला टूट जाती. मुझे बोलने नहीं दिया गया. कई कागजों पर जबरदस्ती साइन करवाए गए.” संजय रॉय ने दावा किया, “जब सीबीआई ने इस मामले को अपने हाथ में लिया, तो यहां रेलवे अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई, लेकिन उसमें कुछ भी नहीं दिखा.” जज ने जब उसके परिवार के बारे में पूछा, तो उसने कहा कि उसकी मां है, लेकिन गिरफ्तारी के बाद कोई भी उससे मिलने नहीं आया. गिरफ्तारी से पहले वो पुलिस कैंप में रहता था. उसने कहा कि उसने अपराध नहीं किया है, लेकिन उसे दोषी करार दिया गया. सीबीआई के वकील ने कोर्ट में कहा, “यह एक ऐसा मामला है जो दुर्लभतम श्रेणी में आता है. समाज में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए संजय रॉय को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए.” संजय रॉय के वकील ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष को ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए, जो यह साबित कर सकें कि दोषी के सुधार की कोई संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि वो फांसी के अलावा सजा के लिए प्रार्थना करते हैं.”

ताजा ख़बर, बिहार

भोजपुरी लिटिल सिंगर ने सीएम नीतीश के सामने गाया जिया हो बिहार के लाला, देखें वीडियो

नया विचार – भोजपुरी लिटिल सिंगर आर्यन बाबू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने अपनी मधुर आवाज में गाना गाया. जिससे सीएम नीतीश और उनके साथ मौजूद जदयू के अन्य नेता मुस्कुराते हुए दिखे. यह घटना जदयू की तरफ से आयोजित महाराणा प्रताप की जयंती समारोह में हुई. जो जदयू एमएलसी संजय सिंह के आवास पर आयोजित किया गया था. आर्यन बाबू ने अपने गाने में कहा, “सजा दो घर को रौशन सा मेरे प्रशासन आए हैं.” इसके बाद उन्होंने सीएम नीतीश की स्माइल और आंखों की तारीफ की और कहा, “ऐ राजा जी अखिया बा नीला आसमान जइसन हो.” आर्यन का यह गाना सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे. इसके बाद उसने सीएम नीतीश के सामने जिए हो बिहार के लाला गाने को भी प्रस्तुत किया. देखें वीडियो https://youtu.be/XWu3HX8DgOU?si=iIWQvRGnZjaykn0-

शिक्षा

देश भर में बीएड (B.Ed.) दाखिले के लिए एकीकृत प्रवेश परीक्षा, अगले वर्ष से हो सकती है लागू

नया विचार – एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन) देश भर में बीएड में दाखिले के लिए एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। यह प्रस्ताव नई शिक्षा नीति के तहत तैयार किया जा रहा है। वर्तमान व्यवस्था वर्तमान में बीएड की प्रवेश परीक्षा राज्यों के विश्वविद्यालयों द्वारा अलग-अलग आयोजित की जाती है। बिहार में कई वर्षों से बीएड की प्रवेश परीक्षा नियमित रूप से विश्वविद्यालय आयोजित करता रहा है। परीक्षा आयोजन: एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। समय सीमा: यह प्रणाली अगले वर्ष से लागू हो सकती है। परीक्षा कार्यक्रम: संयुक्त प्रवेश परीक्षा के अलावा चार वर्षीय स्नातक और पीजी के बाद शुरू होने वाले एक वर्ष के बीएड के लिए भी प्रवेश परीक्षा होगी। यह परीक्षा अप्रैल-मई में आयोजित की जा सकती है।

ताजा ख़बर, बिहार

बेतिया में 6 लोगों की संदिग्ध मौत, परिजन बोले-शराब पी थीः गांव में बिखरे पड़े शराब के पैकेट; प्रशासन को जांच रिपोर्ट का इंतजार, मेडिकल टीम तैनात

नया विचार – बेतिया में बीते 3 दिनों में 6 लोगों की संदिग्ध मौत हो गई है। लौरिया थाना क्षेत्र के मठिया गांव में ये मौतें हुई हैं। परिजनों का कहना है कि जिनकी मौत हुई वो शराब पीने के आदी थे। एक मृतक के भाई ने बताया कि सुबह उसके भाई ने शराब पी थी, देर शाम उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के लिए ले जाने पर मौत हो गई। परिजनों ने मृतकों का दाह-संस्कार भी कर दिया है। मठिया गांव में शराब के पाउच भी बिखरे पड़े मिले हैं, जो इस बात की तस्दीक करते हैं कि यहां शराब की खरीद-बिक्री हुई होगी। इधर संदिग्ध मौत के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आई। एसपी डॉ शौर्य सुमन और प्रभारी जिला अधिकारी सुमित कुमार ने रविवार देर रात गांव का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया है। फिलहाल प्रशासन शराब से मौत से इनकार कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कारणों का खुलासा हो पाएगा। पूरे मामले की जांच के लिए 4 सदस्यीय टीम बनाई गई है। साथ ही 10 सदस्यीय मेडिकल टीम को गांव में तैनात किया गया है। जांच के लिए 4 सदस्यीय टीम का गठन एसपी और डीएम के संयुक्त आदेश के बाद 4 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है। इसमें नरकटियागंज SDM, SDPO, सिविल सर्जन और उत्पाद अधीक्षक शामिल हैं। प्रभारी डीएम सुमित कुमार ने बताया कि ‘मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के गांवों में भी जांच की जा रही है। ग्रामीणों से अपील की है कि अगर किसी में कोई भी संदिग्ध लक्षण दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय पर इलाज किया जा सके।’ एसपी ने कहा- रिपोर्ट आने पर होगी पुष्टि मामले को लेकर एसपी डॉ शौर्य सुमन ने कहा कि फिलहाल जो जानकारी मिली है, ‘उसमें यही पता चला है कि सभी लोगों की मौत अलग-अलग समय और स्थानों पर हुई है। शराब से जुड़े कनेक्शन की जांच के लिए उत्पाद अधीक्षक को भी टीम में शामिल किया है, जो क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और निर्माण की जांच करेंगे। जांच टीम 24 घंटे बाद अपनी रिपोर्ट जाम करेगी। इसके बाद ही कुछ पक्के तौर पर पता चल सकेगा।’ परिजन शराब और गांजा पीने से मौत होने की जता रहे आशंका मृतकों के परिजनों ने कहा कि रामेश्वर साह के बेटे नंदधुतन प्रसाद उर्फ प्रदीप गुप्ता की मौत 16 जनवरी की रात 2 बजे हुई। उसके बड़े भाई दीपक गुप्ता ने बताया कि – मेरा भाई शराब का आदी था। 16 जनवरी की सुबह भी उसने दारू पी थी। दिन भर ठीक था। गांव में घूम रहा था। शाम में तबीयत बिगड़ी। मुंह से झाग आने लगा। हमलोग लौरिया लेकर गए। वहां से रेफर किया गया, हॉस्पिटल ले जा रहे थे तो उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों की माने तो मौत के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे है। कुछ परिजनों ने अधिक शराब और गांजा सेवन को मौत का कारण बताया है। कुछ मृतकों के परिवार ने दमा, लकवा, और ठंड से मौत की आशंका जताई है। परिजन शराब और गांजा पीने से मौत की आशंका जता रहे है। वहीं, पुलिस ठंड और बीमारी से मौत की बात कह रही है।

ताजा ख़बर, बिहार

राहुल गांधी बचकानी बात बोल रहे, जीतनराम मांझी का बड़ा बयान; तेजस्वी पर लगाया गंभीर आरोप

नया विचार पटना-  नरेंद्र मोदी प्रशासन के एमएमसएमई मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने कांग्रेस सांसद सह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बिहार की जातीय सर्वे को फेक बताने पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना को लेकर राहुल गांधी बचकानी बात बोल रहे हैं। बिहार में जातीय जनगणना का जब डाटा पेश किया गया है तब इसको फर्जी करार देना बेवकूफी है।  उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि किस रूप में फर्जी मानते हैं। सभी लोग बोलते हैं कि उनकी बातों में कोई दम नहीं है। गलतियां होती है। जहानाबाद में आयोजित हम पार्टी के सम्मेलन में मीडिया के सवाल पर कि राहुल गांधी जाति जनगणना को फर्जी बताया है इसके जवाब में उन्होंने उक्त बातें कही। राहुल गांधी ने पटना में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन में अपने भाषण में कहा कि था कि बिहार जातीय गणना जनता के साथ छलावा है। उसके बाद वे विरोधियों के निशाने पर हैं। हालांकि कांग्रेस पार्टी उनके बचाव में उतर आई है। जीतनराम मांझी ने कहा कि जाति जनगणना को लेकर हमलोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले थे। जिस पर प्रधानमंत्री ने साफ कहा था कि राज्य अपना जनगणना करा लें। मांझी ने कहा कि इसके लिए हम नीतीश कुमार को धन्यवाद देते हैं कि बिहार पहला राज्य हुआ जहां जनगणना कराया गया। जनगणना में देखा गया कि सभी समाज की जनसंख्या कितना घटी और बढ़ी है। इसी के आधार पर नीतीश कुमार ने आरक्षण का दायरा बढ़ाया है। केन्द्रीय मंत्री ने सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज उन्हें माई-बहिन योजना याद आ रहा है। पंद्रह वर्ष तक शासन किया तब उन्हें क्यों नहीं स्त्रीओं की याद आई थी। आज सिर्फ वोट के लिए तरह- तरह के वादों से लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास से वास्ता तो सिर्फ पीएम नरेन्द्र मोदी व सीएम नीतीश कुमार जानते हैं। इसलिए वे एनडीए का साथ नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि अरविंदकेजरिवाल की तरह तेजस्वी यादवभी जनता को वोट के लिए गुमराह कर रहे हैं।

घटनाएँ, ताजा ख़बर, बिहार

बिहार के सासाराम में रिटायर्ड होमगार्ड जवान की हत्या, लाठी से पीटकर मार डाला

नया विचार सासाराम –  बड़ी समाचार बिहार के सासाराम से है जहां एक बुजुर्ग की पीट कर हत्या कर दी गयी है। मृतक होमगार्ड जवान की सेवा से रिटायर हुआ था। उसके ग्रामीण ने ही उसे मार डाला। घटना सासाराम के नौहट्टा थाना क्षेत्र के उल्ली गांव की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हत्या का आरोपी फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि मृतक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। अक्सर उटपटांग हरकतें करता रहता था। घटना के संबंध में बताया जाता है कि गांव का जयराम साह होमगार्ड से रिटायर्ड व्यक्ति था तथा अर्द्धविक्षिप्त रहता है। रविवार को वह पागलपन मे ठुमका डोम उर्फ इंदल राम का सिलवट लेकर भाग रहा था। जब इंदल राम ने उसे पकड़ा तो लाठी से सिर पर मार दिया। रविवार की शाम उसे रेफरल अस्पताल लाया गया। रेफरल अस्पताल से उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज मे हॉस्पिटल में उसे ले जाया गया लेकिन वहां पहुंचते ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने वहीं से उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके पहले डेड बॉडी की प्रारंभिक जांच पड़ताल की गई। जमुहार थाना पुलिस कांड की जांच कर रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। आरोपी को जल्द दबोच लिया जाएगा। पुलिस गंभीरता के साथ मामले में काम कर रही है। घटना के बारे में परिजनों और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जा रही है।

ताजा ख़बर, बिहार

स्पीकरों के सम्मेलन में शिरकत नहीं करेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जानें क्या रही वजह

नया विचार पटना– बिहार विधानमंडल में आयोजित अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शिरकत नहीं करेंगे. मुख्यमंत्री सोमवार को प्रगति यात्रा के तहत सुपौल जायेंगे और रात मधेपुरा में ही गुजारेंगे. अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में उनके शामिल होने की कोई सूचना नहीं है. कार्यक्रम के पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर और नाम शामिल हैं, लेकिन उद्घाटन सत्र में उनके संबोधन का कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया है. इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए 19 जनवरी की शाम को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पटना पहुंच चुके हैं. बिहार विधानसभाध्यक्ष नंदकिशोर यादव और विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने उनका स्वागत किया. 43 साल बाद पटना में हो रहा आयोजन बिहार में 43 साल बाद अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. सोमवार से दो दिवसीय 85वां अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन की शुरुआत हो रही है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत सभी राज्यों की विधानसभा के अध्यक्ष इस बैठक में शामिल होंगे. जहां संसद और विधायिका पर चर्चा होगी. विधानसभा में संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में संसद और राज्य विधायी निकायों का योगदान’ विषय पर चर्चा करेंगे. रविवार की शाम ही पटना पहुंचे ओम बिरला 19 जनवरी को देर शाम तक अधिकतर पीठासीन अधिकारी भी बिहार आ गए हैं. 20 जनवरी को सभी पीठासीन अधिकारी और सचिव अपने परिवार के सदस्य के साथ राज भवन में ब्रेकफास्ट करेंगे. 10:15 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में सभी अतिथियों का आगमन होगा. 10:35 बजे विधानसभा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विधानसभा पहुंचेंगे. फिर इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. अखिल हिंदुस्तानीय पीठासीन अधिकारियों की फोटोग्राफी होगी, जबकि 12:00 बजे से सेंट्रल हॉल में नेशनल एंथम से कार्यक्रम की शुरुआत होगी.

स्वास्थ्य

सर्दियों में क्यों बढ़ती है ब्लड शुगरः डायबिटीज है तो ये 10 फल-सब्जियां खाएं, शुगर लेवल कंट्रोल रहेगा

नया विचार – कड़कड़ाती ठंड और सर्द हवाओं की वजह से कई मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से क्रॉनिक डायबिटीज है, उन्हें इस मौसम में अधिक ऐहतियात बरतने की जरूरत है। दरअसल सर्दियों में डायबिटिक लोगों का ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। इसका मुख्य कारण है ठंड के मौसम में मेटाबॉलिज्म का फास्ट होना। ठंड में अक्सर पाचन बढिया रहता है और हम ज्यादा खाना खा लेते हैं। हालांकि, कुछ ऐसे मौसमी फल और सब्जियां हैं, जिन्हें अपनी डाइट में शामिल करके ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है। तो चलिए, आज जरूरत की समाचार में बात करेंगे कि सर्दियों में डायबिटिक लोगों के लिए कौन से फल-सब्जियां खाना फायदेमंद है? साथ ही जानेंगे कि- • ठंड में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का क्या कारण है? • ब्लड शुगर लेवल को कैसे कंट्रोल कर सकते हैं? सवाल- सर्दियों में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का खतरा क्यों रहता है? जवाब- सर्दियों में तापमान में गिरावट होने के साथ शरीर में बनने वाले इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है, जबकि ठंड में इसकी जरूरत अधिक होती है। यही वजह है कि सर्दियों में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का रिस्क होता है। इसके अलावा कुछ और कारण भी हैं। जैसे कि- ठंड में लोगों की फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। अक्सर लोग एक्सरसाइज करना बंद कर देते हैं। इससे कैलोरीज बर्न नहीं हो पाती हैं और ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। सर्दियों में खानपान में बदलाव की वजह से भी ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। ठंड के मौसम में प्यास कम लगती है। ऐसे में ड्रिहाइड्रेशन की वजह से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। सवाल- ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) क्या होता है? जवाब– ग्लाइसेमिक इंडेक्स वह पैमाना है, जिससे हमें पता चलता है कि कोई खाद्य पदार्थ कितनी तेजी से हमारे ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाता है। हम कुछ भी खाते हैं तो उसके बाद शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है। हरी सब्जियों का GI इंडेक्स सबसे कम होता है। उन्हें खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल बहुत देर से और बहुत मामूली सा बढ़ता है। वहीं ग्लूकोज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 100 होता है। यह पेट में जाने के बाद ब्लड शुगर लेवल को तुरंत बढ़ा देता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर जो खाद्य पदार्थ हाई रेटिंग वाले होते हैं, उनमें कार्ब की मात्रा ज्यादा होती है। ये पेट में जाकर जल्दी और आसानी से पचते हैं और ब्लड शुगर लेवल को तुरंत बढ़ाते हैं। वहीं जिन खाद्य पदार्थों की रैंकिंग ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर कम होती है, वो पचने में वक्त लेते हैं और उन्हें खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने की गति बहुत धीमी होती है, जैसे फाइबर, प्रोटीन और हाई क्वालिटी फैट। सवाल- ग्लाइसेमिक लोड (GL) क्या होता है? जवाब- ग्लाइसेमिक लोड यह बताता है कि खाद्य पदार्थ में कितनी मात्रा में शुगर मौजूद है और वह ब्लड शुगर लेवल को कितना बढ़ाता है। इससे उसका ग्लाइसेमिक लोड पता चलता है। सवाल- सर्दियों में कौन से फल डायबिटिक लोगों के लिए फायदेमंद हैं? जवाब- सर्दियों के सीजन में कई ऐसे मौसमी फल हैं, जो डायबिटिक लोगों के लिए रामबाण का काम करते हैं। ये ठंड में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार हैं। सवाल- क्या फ्रूट्स खाने के बजाय उसका जूस पी सकते हैं? जवाब- कई लोगों को लगता है कि फ्रूट जूस भी फ्रूट्स की तरह पोषण से भरपूर होते हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह महज एक मिथ है। फ्रूट जूस निकालते समय उसके फाइबर और मिनरल्स निकल जाते हैं। इस वजह से फ्रूट जूस ब्लड शुगर लेवल को ज्यादा बढ़ाते हैं। इसलिए डायबिटिक लोगों को फ्रूट जूस पीने के बजाय मौसमी फल ही खाने चाहिए। सवाल- फल खाते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है? जवाब– फल खाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे कि- • किसी भी फल को भोजन के साथ न खाएं। • हमेशा ताजे फल ही खाएं। फ्रोजन और कटे हुए फल खाने से बचें। • फल उसी समय काटें, जब आप उन्हें खाना चाहते हैं। देर तक काटकर रखने से उसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं। सवाल- सर्दियों में कौन सी सब्जियां डायबिटिक लोगों के लिए फायदेमंद हैं? जवाब– सर्दियों में मिलने वाली कुछ हरी सब्जियां ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार हैं। पालक पालक का ग्लाइसेमिक लोड कम होता है। इसका आप साग बनाकर खा सकते हैं। इससें फाइबर, विटामिन्स, कैल्शियम और आयरन जैसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। मेथी साग मेथी को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें फाइबर और अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है। मेथी के साग को डाइट में शामिल कर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं। बैंगन बैंगन की सब्जी बनाकर या इसे बॉइल करके खा सकते हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार है। ब्रोकली यह एक सुपरफूड है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी डायबिटिक प्रॉपर्टीज होती हैं। इसकी वजह से यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार है। सरसों का साग सरसों का साग विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर होता है। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने का काम करता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए सरसों का साग फायदेमंद होता है।

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महाकुंभ में न खोएं बच्चे-बुजुर्गः बरतें 7 सावधानियां, जाने से पहले करें प्लानिंग, 5 बातों का रखें ख्याल

नया विचार – प्रयागराज में महाकुंभ, 2025 की शुरुआत हो चुकी है। हर रोज महाकुंभ में लाखों लोग स्नान करने पहुंच रहे हैं। सड़क से लेकर घाटों तक श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर अक्सर लोगों की अपने परिजनों से बिछड़ने की आशंका रहती है। महाकुंभ के पहले ही दिन शुरू के पांच घंटे में ही तकरीबन साढ़े चार हजार लोग अपने परिजनों से बिछड़ गए। इनमें ज्यादातर शिशु और बुजुर्ग थे। ऐसे में अगर आप भी परिवार के साथ महाकुंभ में स्नान करने जा रहे हैं तो पहले से कुछ तैयारियां करने की जरूरत है। इससे महाकुंभ के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आपका परिवार सुरक्षित रहेगा। तो चलिए, आज जरूरत की समाचार में बात करेंगे कि बच्चों-बुजुर्गों के साथ महाकुंभ की यात्रा के दौरान क्या सावधानियां बरतें। साथ ही जानेंगे कि- • परिवार के साथ महाकुंभ की प्लानिंग कैसे करें? अगर महाकुंभ में कोई बिछड़ जाए तो क्या करें? सवाल- महाकुंभ में हर रोज कितने लोग अपने परिजनों से बिछड़ रहे हैं? जवाब– महाकुंभ में मकर संक्रांति के दिन • अमृत स्नान के समय सुबह 4 बजे से 9 बजे के बीच करीब 4500 लोग अपनों से बिछड़ गए। बाद में खोया-पाया केंद्र के जरिए उन लोगों को उनके परिवार वालों से मिलवाया गया। ये महज पहले दिन के कुछ ही घंटों का आंकड़ा है। इसी तरह वहां भीड़भाड़ के चलते हर रोज सैकड़ों लोग अपने परिजनों से बिछड़ते हैं। सवाल- अगर छोटे बच्चों-बुजुर्गों के साथ महाकुंभ जा रहे हैं तो क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब– अगर महाकुंभ स्नान के लिए बच्चों-बुजुर्गों के साथ जा रहे हैं तो उनका विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। शिशु समझदार हैं तो उन्हें अपना मोबाइल नंबर और एड्रेस याद कराएं। बच्चों-बुजुर्गों को एक पर्ची में एड्रेस व मोबाइल नंबर लिखकर दें, जिससे बिछड़ने पर वह तुरंत किसी की मदद से संपर्क कर सकें। • साथ ही उन्हें डार्क कलर के कपड़े पहनाएं। इससे वह दूर से ही पहचान में आ सकेंगे। इसके अलावा कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखना जरूरी है। सवाल- बच्चों-बुजुर्गों को साथ लेकर महाकुंभ जाते हुए क्या सावधानियां बरतें? जवाब– महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन है। इसमें हर रोज दुनियाभर से लाखों-करोड़ों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। • प्रयागराज मेला प्राधिकरण के मुताबिक, 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलने वाले इस महाकुंभ में तकरीबन 40 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। • ऐसे में इतनी बड़ी संख्या के बीच सुरक्षित रहना और महाकुंभ का पूरा आनंद लेना अपने आपमें एक चुनौती है। इसलिए बच्चों-बुजुर्गों के साथ महाकुंभ जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। सवाल- अगर महाकुंभ में कोई परिजन बिछड़ जाए तो क्या करें? जवाब– महाकुंभ की लाखों-करोड़ों की • भीड़ में पलक झपकते ही शिशु या बुजुर्ग बिछड़ सकते हैं। अगर आपके सामने ऐसी स्थिति आती है तो बिल्कुल घबराएं नहीं, धैर्य से काम लें। तुरंत नजदीकी खोया-पाया केंद्र पर जाएं और अपने परिजन के खोने का अनाउंसमेंट करवाएं। • प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा महाकुंभ में 10 डिजिटल खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं, जो आपकी मदद करेंगे। इसके अलावा अपने नजदीकी पुलिस बूथ से संपर्क करें। • अगर ज्यादा भीड़ की वजह से आप खोया-पाया केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं तो कुंभ हेल्पलाइन नंबर 1920 पर कॉल करके भी मदद मांग सकते हैं। सवाल- महाकुंभ में जाने से पहले क्या तैयारियां करनी चाहिए? जवाब– ठंड का समय है। ऐसे में महाकुंभ जाने से पहले बहुत जरूरी है कि इसकी सही तरीके से प्लानिंग की जाए। अगर आप बस, ट्रेन या हवाई जहाज से जाना चाहते हैं तो इसके लिए टिकट की प्री-बुकिंग करा लें। इसके अलावा प्रयागराज में ठहरने के लिए होटल, लॉज, धर्मशाला या फिर टेंट सिटी की एडवांस बुकिंग कराएं। ताकि सर्दी के मौसम में परिवार के साथ किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। ध्यान रहे कि होटल की बुकिंग के समय सिर्फ ऑथराइज्ड वेबसाइट्स या मोबाइल नंबर्स का ही इस्तेमाल करें। कभी भी किसी व्यक्ति के जरिए सस्ते दामों में बुकिंग के चक्कर में न पड़ें। ऐसा करने से आप फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा महाकुंभ में अपने परिवार की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। जैसे कि- • स्नान के लिए हमेशा ऑथराइज्ड घाटों पर ही जाएं। • हमेशा बच्चों-बुजुर्गों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ही रहें। घाट पर सभी एक ही जगह स्नान करें। • अगर घाट पर भीड़ ज्यादा है तो बच्चों को वहां ले जाने से बचें। • स्नान के लिए घाट पर पहुंचते समय अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर रख दें। भीड़भाड़ वाली जगह पर सामान के चोरी होने का ज्यादा खतरा रहता है। • महाकुंभ में किसी भी अजनबी पर भरोसा न करें। इसके अलावा अनऑथराइज्ड जगह पर खाना खाने से भी बचें। • अपना पहचान पत्र, होटल या लॉज का नाम और बुकिंग से जुड़ी डिटेल्स साथ रखें। महाकुंभ के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।

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