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Author name: Vinod Jha

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RRB Group D Exam 2025 रजिस्ट्रेशन डेट आगे बढ़ी, अब इस दिन तक करें अप्लाई

RRB Group D Exam 2025: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने 2025 के लिए एक बड़ा भर्ती अभियान शुरू किया है, जिसका लक्ष्य ग्रुप डी लेवल 1 की 32,438 रिक्तियों को भरना है.19 फरवरी 2025 को जारी नोटिस के अनुसार, आरआरबी ग्रुप डी भर्ती 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 1 मार्च 2025 तक बढ़ा दी गई है.आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं. RRB Group D Exam 2025: जानें जरूरी डेट्स यहां आरआरबी ग्रुप डी 2025 परीक्षा की महत्वपूर्ण तिथियां दी गई हैं, जिन्हें आपको अपने आवेदन और तैयारी की योजना बनाने के लिए ध्यान में रखना चाहिए: सांकेतिक सूचना जारी होने की तारीख: 28 दिसंबर 2024 अधिसूचना दिनांक: 22 जनवरी 2025 ऑनलाइन पंजीकरण के लिए प्रारंभ तिथि और समय: 23 जनवरी 2025 (00:00 बजे) ऑनलाइन सबमिशन की अंतिम तिथि और समय: 1 मार्च 2025 (23:59 बजे) आवेदन शुल्क भुगतान (अंतिम तिथि): 3 मार्च 2025 आवेदन में संशोधन के लिए सुधार विंडो: 04 मार्च 2025 से 13 मार्च 2025 (23:59 बजे) ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आरआरबी ग्रुप डी ऑनलाइन आवेदन 2025 फॉर्म कैसे भरें? आरआरबी ग्रुप डी 2025 के लिए आवेदन कैसे करें, इस पर एक त्वरित मार्गदर्शिका यहां दी गई है: रजिस्ट्रेशन: आधिकारिक आरआरबी वेबसाइट पर जाएं, अपना जोन चुनें और ग्रुप डी भर्ती लिंक पर क्लिक करें.अपनी जानकारी भरें: अपना व्यक्तिगत विवरण भरें और अपना आईडी और पासवर्ड प्राप्त करने के लिए पंजीकरण करें. आवेदन पूरा करें: अपने क्रेडेंशियल के साथ लॉग इन करें और आवश्यक व्यक्तिगत, शैक्षणिक और संपर्क विवरण भरें.दस्तावेज अपलोड करें: अपना फोटो, हस्ताक्षर और कोई भी आवश्यक प्रमाणपत्र अपलोड करें. फीस जमा करें: नेट बैंकिंग, यूपीआई या कार्ड का उपयोग करके आवेदन शुल्क का भुगतान करें.समीक्षा करें और सबमिट करें: अपनी जानकारी दोबारा जांचें, समय सीमा से पहले फॉर्म जमा करें. The post RRB Group D Exam 2025 रजिस्ट्रेशन डेट आगे बढ़ी, अब इस दिन तक करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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मैली हो रही गंगा, बरारी घाट का पानी आचमन के योग्य नहीं, सुलतानगंज, महादेवपुर व कहलगांव घाट का पानी नहाने लायक

बीते 13 जनवरी से प्रयागराज में जारी महाकुंभ स्नान के दौरान सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने संगम तट के जल की शुद्धता को लेकर डाटा जारी किया है. बोर्ड ने पवित्र संगम के जल को स्नान के योग्य नहीं बताया है. हालांकि धार्मिक आस्था के कारण अबतक करोड़ों लोग संगम में स्नान कर चुके हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि 26 फरवरी को आयोजित शिवरात्रि तक पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी. इधर, अमृत स्नान की कई तिथि पर भागलपुर जिले के विभिन्न गंगातटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. सीपीसीबी ने संगम के अलावा भागलपुर समेत बिहार के विभिन्न गंगाघाट के जल की शुद्धता का आंकड़ा जारी किया है. इसके तहत जिले के किसी भी घाट का पानी पीने योग्य नहीं है. इस पानी का प्रयोग पीने से पहले एडवांस ट्रीटमेंट की जरूरत होगी. वहीं सुलतानगंज, महादेवपुर व कहलगांव घाट का पानी स्नान के योग्य है. जबकि भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में 38 बड़े नाले का पानी गंगा बेसिन में गिरने के कारण बरारी गंगा घाट का पानी स्नान या आचमन के भी योग्य नहीं है. सुलतानगंज व महादेवपुर सबसे स्वच्छ घाट बरारी गंगाघाट के प्रति 100 मिलीलीटर पानी में कॉलीफॉर्म बैक्टिरिया की संख्या औसतन 35 हजार यूनिट है. जबकि यह महज 2500 होना चाहिये. यह 14 गुना अधिक है. हालांकि सुलतानगंज गंगाघाट व नवगछिया के महादेवपुर घाट की स्थिति बहुत अच्छी है. यहां कॉलीफॉर्म की मात्रा 1300 पायी गयी, जो औसत से बेहतर है. वहीं कहलगांव फेरी घाट में कॉलीफॉर्म 2100 पाया गया. ऐसे में जिले में सबसे स्वच्छ पानी सुलतानगंज व महादेवपुर घाट पर उपलब्ध है. इन घाटों पर जल में ऑक्सीजन की मात्रा भी मानक के अनुसार 5 से 6 मिग्रा/लीटर के आसपास है. जबकि बरारी घाट में ऑक्सीजन की मात्रा महज दो है. कॉलीफॉर्म को खाने वाला बैक्टिरियोफेज कम हो रहा गंगानदी के बायोडायवर्सिटी के जानकार व जेपी विवि छपरा के पूर्व कुलपति डॉ फारुक अली ने बताया कि पानी के प्रदूषण स्तर को बढ़ाने वाला कॉलीफॉर्म बैक्टिरिया को बैक्टिरियोफेज नामक वायरस खा जाता है. इस कारण गंगाजल को बोतल में रखने के बावजूद यह कई वर्षों तक खराब नहीं होता था. लेकिन अब स्थिति बदल गयी है. इसके कई कारण हैं. इनमें गाद से गंगा की गहरायी कम होना, डैम बनाकर इसके प्रवाह को रोकना, नालों का पानी नदी में बिना ट्रीटमेंट के गिराना, आमलोगों द्वारा केमिकल युक्त प्रोडक्ट का अधिक प्रयोग इत्यादि. The post मैली हो रही गंगा, बरारी घाट का पानी आचमन के योग्य नहीं, सुलतानगंज, महादेवपुर व कहलगांव घाट का पानी नहाने लायक appeared first on Naya Vichar.

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BNMU के छठे दीक्षांत समारोह का कुलाधिपति ने किया उद्घाटन, बोले- अभी हम अमृत काल में जी रहे हैं

बीएनएमयू के कुलगीत में जो कहा गया है उसे सभी छात्र-छात्राएं आत्मसात करें. नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति ने आपलोगों को सही उदाहरण देकर समझाया है. उन्होंने आपको पश्चिम और हिंदुस्तान के अंतर को बेहतर बताया है. आपके विश्वविद्यालय का मोटो है, सा विद्या या विमुक्तये. एक संस्कृत श्लोक है. यह विष्णु पुराण से लिया गया है. इसका मतलब है कि असल शिक्षा वह होती है, जो मुक्ति का साधन बनती है. दूसरे शब्दों में कहें, तो जो विद्या मुक्ति दिलाती है, वही असली विद्या है. उक्त बातें सूबे के राज्यपाल सह कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खां ने बीएनएमयू के छठे दीक्षांत समारोह के अवसर पर बुधवार को कही. कुलाधिपति ने कहा कि हिंदुस्तानीय समाज में हमें कई चीजें जन्म से प्राप्त होती है. जैसे परिवार में एक-दूसरे के बीच जन्म से रिश्ता बनता है. उन्होंने छात्रों से कहा कि आपका तेज पूरे समाज में रोशनी फैलाए. बिहार आने के बाद यह मेरा पहला दीक्षांत समारोह है. मिश्र और यूनान की संस्कृति हमसे भी पुरानी है, लेकिन उन देशों का अपनी संस्कृति से आज कोई रिश्ता नहीं है. हिंदुस्तान आज भी अपनी संस्कृति से प्रेरणा प्राप्त कर रहा है. संस्कृति परिभाषित होती है. राज्यपाल ने कहा कि अभी हम अमृत काल में जी रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा है कि हिंदुस्तान अग्रणी देशों की कतार में होगा. हिंदुस्तानीय होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है, जाति और धर्म हमारी पहचान नहीं हो सकती. विविधता से हिंदुस्तान कभी परेशान नहीं हुआ, इससे हिंदुस्तान की एकता मजबूत हुई है. इसका सम्मान करना है. यह नैसर्गिक है. यह जीवन का सच है. हमारे उपनिषद में बताया गया है. एक तरफ हमें कहा गया इस विविधता को स्वीकार करो. हमारा दर्शन हमारी परंपरा हमारी संस्कृति बताती है कि इसके आधार पर दीवारें खड़ी नहीं की जा सकती है. कुलाधिपति ने कहा कि आपने यह डिग्री ली है. यह आपका दूसरा जन्म है. आपने जो शपथ ली है. उसका उपयोग आप बेहतर भविष्य के लिए करेंगे. 2047 तक हिंदुस्तान को विकसित व अग्रणी देशों की कतार में खड़ा करना है. इसके लिए हमें मिलकर मेहनत करनी है. इसके पूर्व राज्यपाल ने प्रधान सचिव आरएल चोंगथू, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति मुख्य अतिथि प्रो अभय कुमार सिंह, कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा के साथ दीप प्रज्वलित कर दीक्षांत समारोह का उदघाटन किया. इसके बाद कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा ने अंगवस्त्र, मोमेंटे व पुष्पगुच्छ देकर राज्यपाल का स्वागत किया. नयी पीढ़ी से ज्ञान व मानवता के सुरक्षा की उम्मीद: अभय बीएनएमयू के छठे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नालंदा विश्वविद्यालय राजगीर के कुलपति प्रो अभय कुमार सिंह शामिल हुए. मौके पर उन्होंने कहा कि विज्ञान की पद्धति के अनुसार, डाटा/तथ्यों से प्राप्त सूचना और उसके विवेचन से नॉलेज का सृजन होता है. अतः प्रकृति और जीवन के प्रति जुटाया गया तथ्यकोष ही ज्ञान है. तर्क और बौद्धिक आधार पर परखकर सिद्ध करने के आग्रह के कारण इस नॉलेज का भौतिक जगत और मटेरियल लाइफ से संबंध है. जीवन संरक्षण के लिए संघर्ष द्वारा समस्याओं का समाधान, प्रकृति पर विजय प्राप्त करना, प्रकृति का दोहन कर मानव जीवन में सुखों की वृद्धि करना और मनुष्य को सर्व-श्रेष्ठ प्राणी और विश्व का अधिपति मानने का हठ इसका मंतव्य है. इस ज्ञान कोष का निरंतर निर्माण कार्य ही मानव प्रगति का मार्ग है. अतः सूचना का संकलन और विश्लेषण कर बौद्धिक क्षमता को उन्नत करना ही ज्ञान प्राप्ति का मार्ग हो गया है. इसी लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हुए आज की मानव सभ्यता ””नॉलेज सोसाइटी”” के स्तर को प्राप्त कर रही है. विद्या व शिक्षा में है घनिष्ठ संबंध नालंदा विश्वविद्यालय राजगीर के कुलपति प्रो अभय कुमार सिंह ने कहा कि हिंदुस्तानीय मनीषियों ने ज्ञान तत्व को नॉलेज की सीमित परिभाषा से अधिक व्यापक और उद्देश्यपूर्ण माना है. ज्ञान में मानव प्रगति ही नहीं, अपितु मानवता के विकास का लक्ष्य निहित होता है, जो विद्या या विचार सकारात्मक होता है, सृजनात्मक होता है, कल्याणकारी, मंगलकारी और शुभ होता है, वही ज्ञान की कोटि में है. “न ही ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते”. ज्ञान के अंतर्गत शाश्वत सत्य, मानवता के आदर्श, जीवन की सार्थकता, बौद्धिक प्रवृत्ति की नैतिकता, विदित है. अतः ज्ञान का सही पर्याय विजडम ही माना जाये. ज्ञान नियामक है, इसके प्रयोग के फल हितकारी, न्यायपूर्ण और कल्याणकारी होते हैं, इसी कारण ज्ञानियों का परामर्श और नियंत्रण स्वीकार्य रहा है. उन्होंने कहा कि विद्या और शिक्षा में घनिष्ठता है. विद्या हमारी बौद्धिकता और अनुभव जनित है. विद्या बहुत उपयोगी है और प्रशंसनीय भी. मुनि प्रमाण सागर जी के कथनुसार विद्यालब्धि है, शक्ति है. 14 महाविद्याएं प्रतिष्ठित हैं. विद्या ”अर्जित” की जाती है, जिसमें अभ्यास की भूमिका होती है. वहीं शिक्षा ”ग्रहण” की जाती है. शिक्षा में ”सीख लेना” इसका विशेष तत्व है. विद्यार्जन के उपरान्त, ज्ञान की सीख प्राप्त करने को ही शिक्षा-ग्रहण करना कह सकते हैं. डॉ अभय ने कहा कि गुरुकुल शिक्षा प्रणाली ने लंबे समय तक विद्यादान की परंपरा बनाये रखी. नालंदा जैसे संस्थागत शिक्षण केंद्र ने भी संस्थागत स्वरूप रखते हुए भी गुरु-शिष्य परंपरा की शिक्षण पद्धति को क्षत-आहत नहीं किया, लेकिन आधुनिक युग के करवट के बाद व्यवस्थाओं में परिवर्तन तो होना ही था. ब्रिटिश शिक्षा ने विश्व में एक नयी व्यवस्था के स्थापित की, जो हिंदुस्तान में भी लागू हुई. वर्तमान युग में ज्ञान, विद्या और शिक्षण के विषय में गुरुदेव टैगोर और महात्मा गांधी ने प्रयोग किये और विचार भी दिये थे, लेकिन स्वामी विवेकानंद की सोच ही बदली परिस्थितियों में अधिक उपयुक्त और व्यावहारिक प्रतीत होती है. इसका कारण उनकी सोच में ब्रिटिश शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत भी ज्ञान-वर्धन कर चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण और आधुनिक विकास व रूढ़ि मुक्ति का लाभ उठाया जा सकता है. स्वामी जी स्त्री-शिक्षा, नैतिक व चरित्र निर्माण, तथा विश्व शांति के पक्षधर थे. इस कारण उन्हें ब्रिटिश शिक्षा प्रणाली से इंकार नहीं था. समाज और शिक्षित वर्ग के बीच की कशमकश में यदि आज की शिक्षा पद्धति द्वारा किसी स्तर पर समाधान दिया जा सके, तो समाज में ज्ञान का स्तर स्वतः ही ऊंचा हो जायेगा. आगामी समय में जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव वर्चस्व प्राप्त कर रहा है. नयी पीढ़ी से ज्ञान और मानवता की सुरक्षा की आशा है. यही पीढ़ी

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मैट्रिक परीक्षा में भागलपुर स्कूल प्रशासन हुआ सख्त, लेट पहुंचने पर कई छात्र हुए बाहर

BSEB Matric Exam: भागलपुर जिले के 63 परीक्षा केंद्रों पर मैट्रिक परीक्षा के तीसरे दिन कदाचार मुक्त माहौल में शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न हुई. परीक्षा के दौरान बीएलएस कॉमर्स कॉलेज, नवगछिया में कदाचार के आरोप में एक परीक्षार्थी को निष्कासित कर दिया गया. वहीं, भागलपुर शहर के क्राइस्ट चर्च हाई स्कूल में एक छात्रा को देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया. छात्रा ने दीवार फांदकर प्रवेश की कोशिश विलंब से पहुंची एक छात्रा को परीक्षा केंद्र में घुसने के लिए कुछ लोगों ने उकसाया, जिसके बाद उसने चहारदीवारी फांदकर अंदर प्रवेश करने की कोशिश की. हालांकि, परीक्षा केंद्र प्रशासन ने नियमों के तहत उसे परीक्षा से वंचित कर दिया. क्राइस्ट चर्च हाई स्कूल की प्रधानाध्यापिका मोहिता सोरेन ने बताया कि छात्रा को नियमानुसार परीक्षा से बाहर कर दिया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कई छात्र हुए परीक्षा से वंचित राजकीय इंटर स्तरीय बालिका उच्च विद्यालय समेत अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी विलंब से पहुंचने के कारण आधा दर्जन से अधिक परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया. परीक्षा में उपस्थिति और अनुपस्थिति का आंकड़ा दोनों पालियों में कुल 46,572 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 1,060 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी. पहली पाली में 23,282 परीक्षार्थी शामिल हुए और 471 ने परीक्षा छोड़ी, जबकि दूसरी पाली में 23,290 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी और 589 अनुपस्थित रहे. द्वितीय हिंदुस्तानीय भाषा की परीक्षा संपन्न परीक्षा के तीसरे दिन द्वितीय हिंदुस्तानीय भाषा की परीक्षा ली गई. परीक्षार्थियों ने प्रश्नों को संतोषजनक बताया। मारवाड़ी पाठशाला केंद्र की परीक्षार्थी अलका ने कहा कि प्रश्न अपेक्षाकृत सरल थे, जबकि सुनैना ने समय की कमी के कारण एक प्रश्न छोड़ने की बात कही. ये भी पढ़े: महाकुंभ में खोई बुजुर्ग स्त्री मुजफ्फरपुर में मिली, बेटे को देख मां के छलक पड़े आंसू परीक्षा केंद्रों के बाहर जाम की स्थिति परीक्षा के बाद विभिन्न केंद्रों के बाहर जाम की समस्या बनी रही. शाम के समय जिला स्कूल से घंटाघर, खरमनचक, मारवाड़ी पाठशाला और श्यामसुंदर विद्या निकेतन के पास सड़कें बाधित रहीं. हालांकि, परीक्षा के पहले और दूसरे दिन की अपेक्षा तीसरे दिन जाम की स्थिति में कुछ सुधार देखा गया. The post मैट्रिक परीक्षा में भागलपुर स्कूल प्रशासन हुआ सख्त, लेट पहुंचने पर कई छात्र हुए बाहर appeared first on Naya Vichar.

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महाकुंभ में खोई बुजुर्ग महिला मुजफ्फरपुर में मिली, बेटे को देख मां के छलक पड़े आंसू

Bihar News: प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के दौरान अपने परिजनों से बिछड़ी झारखंड की बुजुर्ग स्त्री सुमित्रा देवी मंगलवार को भटकते हुए मुजफ्फरपुर जंक्शन पहुंच गईं. प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर ड्यूटी में तैनात GRP पुलिसकर्मियों ने जब उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने अपना नाम और पता बताया. वह गिरिडीह जिले के परसन थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं. परिजनों का नंबर नहीं था, जीआरपी ने ऐसे की मदद स्त्री को घर का कोई मोबाइल नंबर याद नहीं था, जिससे पुलिस के लिए उनके परिजनों से संपर्क करना मुश्किल हो गया. इसके बाद GRP थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने गिरिडीह पुलिस के ग्रुप में स्त्री की तस्वीर और पूरी जानकारी साझा की. कुछ देर बाद पुलिस को उनके बेटे वासुदेव राणा का मोबाइल नंबर मिला, जो चेन्नई में रहते हैं. बेटे को देख मां के छलक पड़े आंसू GRP ने वासुदेव राणा से संपर्क कर उन्हें मां के सुरक्षित होने की जानकारी दी. इससे पहले, परिजन गिरिडीह और प्रयागराज पुलिस की मदद से उनकी तलाश में जुटे थे. बुधवार को वासुदेव मुजफ्फरपुर पहुंचे और मां को देखते ही भावुक हो गए. जीआरपी की मदद से मां-बेटे का मिलन हुआ और वे झारखंड के लिए रवाना हो गए. ये भी पढ़े: मुजफ्फरपुर में अखाड़ाघाट पुल से भारी वाहनों की आवाजाही बंद, जानें किन रास्तों से होगा ट्रैफिक डायवर्ट GRP की तत्परता से सुरक्षित घर लौटी स्त्री मुजफ्फरपुर GRP की मुस्तैदी और तकनीकी सहायता से स्त्री को उनके परिजनों से मिलाने में सफलता मिली. परिजनों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की और आभार जताया. The post महाकुंभ में खोई बुजुर्ग स्त्री मुजफ्फरपुर में मिली, बेटे को देख मां के छलक पड़े आंसू appeared first on Naya Vichar.

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KBC Bonus Share: निवेशकों पर मेहरबान हुई केबीसी, बोनस देने का किया ऐलान

KBC Bonus Share: केबीसी ग्लोबल लिमिटेड के शेयरधारकों के लिए बड़ी खुशसमाचारी है. निर्माण और रियल एस्टेट विकास के क्षेत्र में सक्रिय नासिक की केबीसी ग्लोबल लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 15 फरवरी, 2024 को आयोजित बैठक में 1:1 बोनस शेयर जारी करने की मंजूरी दी है. हालांकि, कंपनी के इस फैसले पर शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है. बोनस इश्यू का ब्योरा बोनस रेशिया: 1:1 (प्रत्येक 1 रुपये के शेयर पर 1 बोनस शेयर) इश्यू स्रोत: फ्री रिजर्व, सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट और कैपिटल रिडेम्पशन रिजर्व इश्यू राशि: कुल 261.43 करोड़ रुपये शेयर पूंजी विस्तार: वर्तमान 261.43 करोड़ रुपये से बढ़कर 522.87 करोड़ रुपये रिकॉर्ड डेट: जल्द घोषित की जाएगी केबीसी ग्लोबल के भविष्य की योजनाएं कंपनी का उद्देश्य निकट भविष्य में विस्तार योजनाओं को गति देना और कर्ज में कमी लाना है. इस निर्णय के साथ कंपनी ने अपनी अधिकृत पूंजी बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इसके साथ ही, कंपनी का नाम बदलकर ‘धरन इंफ्रा-ईपीसी लिमिटेड’ या आरओसी की ओर से अनुमोदित किसी दूसरे नाम में परिवर्तन करने का प्रस्ताव रखा गया है. निवेश और तरजीही वारंट जारी कंपनी ने 99.50 करोड़ रुपये तक का निवेश प्राप्त किया है. पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क और फाल्कोन पीक फंड (सीईआईसी) लिमिटेड सहित दूसरे निवेशकों ने तरजीही आधार पर 2.20 रुपये प्रति वारंट (1.20 रुपये प्रीमियम सहित) की दर से निवेश किया. निदेशक मंडल ने 45.23 करोड़ परिवर्तनीय वारंट जारी करने की मंजूरी दी. वारंट आवंटन के बाद शेयरधारिता में बदलाव फाल्कोन पीक फंड (सीईआईसी) लिमिटेड: 8.48% पतंजलि कंपनियां: 1.48% फोरसाइट होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड: 1.04% फंड का इस्तेमाल: प्राप्त पूंजी से कंपनी अपने कर्ज का पुनर्भुगतान करेगी. अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स और विस्तार केबीसी ग्लोबल ने लाइबेरिया सेज (SEZ) प्राधिकरण के साथ 12.5 मिलियन डॉलर की हाउसिंग परियोजना के लिए समझौता किया. जून 2024 में केबीसी की सहायक कंपनी करडा इंटरनेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने पूर्वी अफ्रीका में 20 मिलियन डॉलर का सिविल इंजीनियरिंग अनुबंध प्राप्त किया. कंपनी ने अभी हाल ही में नासिक के देवलाली में एक नई आवासीय और वाणिज्यिक परियोजना की शुरुआत की गई. इसे भी पढ़ें: यूट्यूब से हर महीने कितना कमाती है सीमा हैदर? जानें कितने चैनल की है मालकिन सेबी नियमन के तहत प्रक्रियाएं बोनस शेयर जारी करने और वारंट आवंटन की पूरी प्रक्रिया सेबी (आईसीडीआर) विनियम, 2018 के अनुसार की जा रही है. सभी शेयर 18 महीनों के भीतर इक्विटी में परिवर्तित कर दिए जाएंगे. इसे भी पढ़ें: Fixed Deposit: आपकी एफडी पर इन बैंकों में मिलेगा सबसे अधिक रिटर्न, चेक करें लिस्ट The post KBC Bonus Share: निवेशकों पर मेहरबान हुई केबीसी, बोनस देने का किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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Rain Alert: आंधी-तूफान गरज और चमक के साथ बारिश, दिल्ली में मौसम का यू-टर्न, IMD का ताजा अपडेट

Rain Alert: दिल्ली में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. आईएमडी का अनुमान है कि मौसमी तंत्र में बदलाव के कारण दिल्ली में एक दो दिन बारिश होगी. बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आ सकती है. मौसम विभाग ने बारिश के साथ आंधी का अनुमान जाहिर किया है. आईएमडी ने दिन में बारिश के साथ आंधी का अनुमान व्यक्त किया है और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना जताई है. तीन दिनों तक रहेगी बादलों की आवाजाही पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है. पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों में बादल छाने लगे हैं. राजस्थान, पंजाब, झारखंड समेत कई और राज्यों में बारिश की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में अगले तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही लगी रह सकती है. गुरुवार को भी दिल्ली में बादल छाए रहेंगे. हल्की बारिश की भी संभावना है. न्यूनतम तापमान में आ सकती है कमी दिल्ली में फरवरी महीने की शुरुआत से ही न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी थी. न्यूनतम तापमान अभी भी दहाई अंक से ऊपर बना हुआ है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक दो दिनों में भी न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक बना रह सकता है. मंगलवार को दिल्ली में इस मौसम का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 13.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है. बारिश के साथ चलेंगी तेज हवाएं देश की राजधानी दिल्ली में मौसम बदलने वाला है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बन रही है. दिल्ली-एनसीआर के आसमान में बादलों का डेरा है. मौसम विभाग ने आने वाले दो तीन दिनों तक तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है. Also Read: Heavy Rain Alert: चक्रवाती तूफान की दस्तक! 15 से ज्यादा राज्यों में बारिश की चेतावनी, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट The post Rain Alert: आंधी-तूफान गरज और चमक के साथ बारिश, दिल्ली में मौसम का यू-टर्न, IMD का ताजा अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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मंईयां योजना से हांफ रही सरकार, भाजपा ने सरकार को भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर घेरा

Jharkhand Politics: मंईयां सम्मान योजना के बहाने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड प्रशासन पर बड़ा हमला बोल दिया है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने कहा है कि मंईयां योजना से यह प्रशासन हांफने लगी है. कभी भी प्रशासन वेंटिलेटर पर जा सकती है. उन्होंने कहा कि हर महीने की 11 तारीख को बहन-बेटियों के बैंक अकाउंट में 2500 रुपए भेजने में प्रशासन विफल हो चुकी है. 5 किस्तें देने के बाद ही प्रशासन हांफने लगी है. ‘अबुआ दिशुम दिकू राज’ स्थापित करना चाहती है प्रशासन – भाजपा भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड में ‘अबुआ दिशुम अबुआ राज’ नहीं, ‘अबुआ दिशुम दिकू राज’ स्थापित करना चाहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की लोकप्रिय नियोजन एवं स्थानीय नीति को निरस्त करके बगैर नीति बनाये बाहरी लोगों को नौकरियां बेची जा रहीं हैं. उन्होंने जनता की गाढ़ी कमाई अपनी ब्रांडिंग पर खर्च करने का भी आरोप लगाया. ‘मुख्यमंत्री का चेहरा चमकाने के लिए पानी की तरह बहाये जा रहे पैसे’ रमाकांत महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा चमकाने के लिए प्रशासनी पैसे विज्ञापन पर पानी की तरह बहाये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन ढिंढोरा पीट रही है कि वह झारखंडी युवाओं को नौकरियां बांट रही है, लेकिन यह सत्य नहीं है. सत्य से परे है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि 5 सालों में जेएसएससी और प्रशासनी संस्थाओं के द्वारा जितनी भी नियुक्तियां हुई हैं, उनमें से 75 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी झारखंड राज्य से बाहर के हैं. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें नियुक्तियों में जमकर हुई है धांधली – रमाकांत महतो रमाकांत महतो ने कहा कि हेमंत सोरेन प्रशासन ने जितनी भी नियुक्तियां की हैं, सभी में जमकर धांधली हुई है. प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए. कई विवाद हुए. जेएसएससी चेयरमैन को इस्तीफा देना पड़ा. मामला हाईकोर्ट पहुंचा. उन्होंने प्रशासन पर कोर्ट की अवहेलना करने का भी आरोप लगाया. जेपीएससी परीक्षा में भी हुई धांधली – भाजपा भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रशासन ने बाहरी लोगों को नौकरियां बेचीं हैं. शिक्षकों की नियुक्ति हो या लैब टेक्नीशियन की, नगर विकास, आवास विभाग या फिर अन्य विभाग की, हर मामले में प्रशासन के संरक्षण में धांधली हुई. यहां तक कि जेपीएससी परीक्षा भी अछूती नहीं रही. परीक्षा केंद्रों में खुलकर धांधली हुई. इसे भी पढ़ें 19 फरवरी को आपके शहर में क्या है 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर का रेट, यहां चेक करें वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, ओला वृष्टि और वज्रपात का अलर्ट जारी गिरिडीह के जंगल से मिला विस्फोटकों का जखीरा, बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे नक्सली Weather Alert: झारखंड के 3 जिलों में अगले 3 घंटे में तेज हवाओं के साथ वज्रपात का अलर्ट The post मंईयां योजना से हांफ रही प्रशासन, भाजपा ने प्रशासन को भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर घेरा appeared first on Naya Vichar.

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महाकुंभ के दुकानदार बन गए राजा! 3 लाख करोड़ रुपये की हुई बरसात

Mahakumbh: 13 जनवरी से प्रयागराज में आयोजित  महाकुंभ 2025 ने व्यापार और वित्तीय स्थिति के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. इस बात की जानकारी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने दिया है. सीएआईटी की तरफ से पब्लिश किए गए रिपोर्ट के मुताबिक इस बार के महाकुंभ ने 3 लाख करोड़ रुपए (360 बिलियन अमेरिकी डॉलर) से अधिक का व्यापार उत्पन्न किया है, जिससे यह हिंदुस्तान के सबसे बड़े आर्थिक आयोजनों में से एक बन गया है. रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए सीएआईटी के महासचिव और सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने  कहा कि यह आयोजन आस्था और वित्तीय स्थिति के गहरे संबंध को दर्शाता है. यह महाकुंभ का मेला 26 फरवरी तक चलेगा.   Ai image 3 लाख करोड़ रुपए के व्यापार की उम्मीद  प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि शुरुआती अनुमान के अनुसार, 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने और 2 लाख करोड़ रुपए के व्यापार की संभावना थी, लेकिन देशभर में इस आयोजन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह के कारण अब 60 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, जिससे कुल व्यापार 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने की संभावना है. महाकुंभ के दुकानदार बन गए राजा! 3 लाख करोड़ रुपये की हुई बरसात 4 महांकुभ में व्यापारियों पर बरसा पैसा महाकुंभ 2025 के दौरान कई व्यापारिक क्षेत्रों में बड़ा आर्थिक उछाल देखने को मिला. इनमें पर्यटन, होटल और आवास सेवाएं, खाद्य और पेय पदार्थ उद्योग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स, पूजा सामग्री, धार्मिक वस्त्र और हस्तशिल्प, हेल्थकेयर और वेलनेस सेवाएं, मीडिया, विज्ञापन और मनोरंजन उद्योग, स्मार्ट टेक्नोलॉजी, सीसीटीवी, टेलीकॉम और एआई आधारित सेवाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं. महाकुंभ के कारण केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि 150 किमी के दायरे में स्थित शहरों और कस्बों में भी व्यापार में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है. इसके अलावा, अयोध्या, वाराणसी और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे वहां की स्थानीय वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुंभ पर योगी प्रशासन ने खर्च किया 7,500 करोड़ रुपए महाकुंभ को सफल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन ने प्रयागराज में सड़क, फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण एवं सुधार पर 7,500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. इस राशि में से 1,500 करोड़ रुपए विशेष रूप से महाकुंभ की व्यवस्थाओं के लिए आवंटित किए गए थे. इससे न केवल प्रयागराज में, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी यातायात और नागरिक सुविधाओं में सुधार हुआ है. इसे भी पढ़ें: लालू यादव ने महाकुंभ को बताया फालतू तो भड़के CM योगी, RJD चीफ को जमकर लताड़ा The post महाकुंभ के दुकानदार बन गए राजा! 3 लाख करोड़ रुपये की हुई बरसात appeared first on Naya Vichar.

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AI Mehndi Design: क्या कहें इसे- भविष्य की कला या कला का भविष्य?

AI Mehndi Design: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक नयी क्रांति आई है, जो मेहंदी की कला को नये आयाम दे रही है. आज के इस डिजिटल युग में, हम देख रहे हैं कि AI कैसे पारंपरिक हिंदुस्तानीय कला को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर कुछ अनोखा और खास बना रहा है. हाल ही में, AI से प्रेरित मेहंदी डिजाइन ने हमारे सामने एक नया नजारा पेश किया है जिससे शादियों, त्योहारों और विशेष अवसरों की सुंदरता में चार चांद लग गए हैं. Ai mehndi design: क्या कहें इसे- भविष्य की कला या कला का भविष्य? 8 AI Mehndi Design: मेहंदी डिजाइन में एआई देता है पर्सनल कस्टमाइजेशन AI का उपयोग मेहंदी डिजाइन में कई तरह से हो रहा है. सबसे पहले तो, यह तकनीक डिजाइन को त्वरित रूप से बनाने में मदद करती है जिससे कलाकारों को कम समय में अधिक विविध और जटिल पैटर्न बनाने में सहायता मिलती है. इसके अलावा, AI अलग-अलग संस्कृतियों और रीति-रिवाजों को ध्यान में रखते हुए पर्सनल कस्टमाइजेशन देता है, जिससे हर व्यक्ति के लिए अनोखे और व्यक्तिगत डिजाइन तैयार किये जा सकते हैं. Ai mehndi design: क्या कहें इसे- भविष्य की कला या कला का भविष्य? 9 मेहंदी डिजाइन : एआई ने बनाया इंडो-अरेबिक पैटर्न हाल ही की तस्वीरों से पता चलता है कि कैसे AI ने मेहंदी की कला को नयी ऊंचाई दी है. उदाहरण के लिए, एक तस्वीर में हम देख सकते हैं कि एक स्त्री के हाथों पर कैसे AI ने अरबी, हिंदुस्तानीय और पाकिस्तानी डिजाइन को मिलाकर एक नया पैटर्न बनाया है जो न केवल देखने में आकर्षक है बल्कि सांस्कृतिक मिश्रण का भी उदाहरण है. दूसरी तस्वीर में, एक नयी दुल्हन के हाथों पर AI से जेनरेट किया गया डिजाइन है जो उसकी पसंदीदा फूल और पत्तियों को प्रदर्शित करता है, जो कि पारंपरिक जालीदार डिजाइनों के साथ मिलकर बेहद सुंदर दिख रहा है. Ai mehndi design: सभी तस्वीरें ग्रॉक एआई से मेहंदी कलाकारों के लिए बदला काम करने का तरीका एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि AI डिजाइन न केवल सौंदर्य की दृष्टि से प्रभावशाली है, बल्कि यह समय की बचत और एक्यूरेसी भी लाता है. मेहंदी कलाकारों के लिए, यह तकनीक ने अपना काम करने का तरीका बदल दिया है, जिससे वे अधिक कुशलता से काम कर सकते हैं. हालांकि, कुछ पारंपरिक कलाकारों का मानना है कि AI से मेहंदी की व्यक्तिगत स्पर्श और भावना कम हो सकती है, लेकिन यह भी सच है कि AI ने इस क्षेत्र में नयी संभावनाएं खोल दी हैं. अंत में, AI मेहंदी डिजाइन ने न केवल कला को समृद्ध किया है बल्कि यह हमारी संस्कृति और तकनीक के बीच एक पुल बनकर उभरा है. यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि AI के साथ मेहंदी का भविष्य उज्ज्वल और रचनात्मक है. Mehndi Design: शादियों के सीजन में इस डिजाइन की रचाएं मेहंदी, खूबसूरती में लगाएगा चार चांद The post AI Mehndi Design: क्या कहें इसे- भविष्य की कला या कला का भविष्य? appeared first on Naya Vichar.

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