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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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सीएम नीतीश ने शेखपुरा को दी बड़ी सौगात, 150 करोड़ की योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास

Pragati Yatra: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को प्रगति यात्रा के तहत शेखपुरा गए. जहां उन्होंने 150 करोड़ की विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया. इसमें सौ करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन तो 50 करोड़ की योजनाओं का उन्होंने शिलान्यास किया. बता दें कि इन विकास योजनाओं में सड़क, नली, गली, सोलर लाइट, आहर, पईन के साथ स्पोर्ट्स मैदान और पंचायत प्रशासन भवनों का निर्माण शामिल है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गगौर गांव में योजनाओं की शुरुआत किया. उन्होंने 14 पंचायतों में बन चुके स्पोर्ट्स मैदानों का भी उद्घाटन किया. जिन पंचायतों में स्पोर्ट्स मैदान की शुरुआत हुई है उनमें गगौर, माफो, सर्वा, सामस बुजुर्ग, छठियारा, लोहान, चोरदरगाह एवं विमान शामिल हैं. इस यात्रा के दौरान उन्होंने पथ निर्माण विभाग की चार सड़कों का उद्घाटन भी किया. योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास के लिए गगौर के हेल्थ एवं बेलनेस सेंटर के पास स्थित मैदान में शिलापट्ट भी लगाये गए. Also Read: मोकामा शूटआउट केस: अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज, अभी जेल में ही रहेंगे बाहुबली The post सीएम नीतीश ने शेखपुरा को दी बड़ी सौगात, 150 करोड़ की योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video: नई नवेली दुल्हन को ठेले पर बैठाकर निकला दूल्हा, लोग देखकर हुए हैरान, बोले- क्या मजबूरी थी भाई

View this post on Instagram A post shared by Reena Pal (@reena.pal.1656) Viral Video: आजकल फोटोशूट के लिए लोग क्या से क्या कर जाते हैं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक दूल्हा अपनी दुल्हन को ठेले पर बैठाकर सड़क पर घूमता फिरता दिख रहा है. वीडियो में दूल्हा व्हाइट शेरवानी पहने दिख रहा है और दुल्हन ने रेड लहंगा पहना हुआ है. वह उसे ठेले पर बैठाकर सड़क पार करवाता है, तो कभी उस ठेले को खुद चलाता दिख रहा है. उनके आस-पास के लोग उन्हें रोककर दखने लगते हैं. ये वीडियो को इंस्टाग्राम अकाउंट @reena.pal.1656 पर शेयर किया गया है. कुछ लोग जहां कपल के इस हरकत पर मजे ले रहे हैं तो कुछ फोटोग्राफर का भी मजाक उड़ा रहे हैं. हालांकि वीडियो में नजर आ रहे दोनों सच में कपल है या फोटोशूट के लिए उन्होंने ये गेटअप लिया है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. वीडियो किसी शहर का है इस बारे में पता नहीं चला है. कुछ लोगों का कहना है कि ये वीडियो इंदौर का है. वीडियो पर यूजर्स कमेंट करने से पीछे नहीं हट रहे. एक मीडिया यूजर ने लिखा, सब्जी वाले की शादी. एक यूजर ने लिखा, इतनी भी क्या मजबूरी थी भाई की बीवी को ठेला में घूमाना पड़ रहा है. यह भी पढ़ें- Viral Video: महाकुंभ में यूपी पुलिस के सामने ही अल्लू अर्जुन बोलने लगे- झुकेगा नहीं पुष्पा, वायरल वीडियो ने उड़ाए सबके होश The post Viral Video: नई नवेली दुल्हन को ठेले पर बैठाकर निकला दूल्हा, लोग देखकर हुए हैरान, बोले- क्या मजबूरी थी भाई appeared first on Naya Vichar.

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Bihar School News: अब एप के जरिए लगेगी बच्चों की हाजिरी, शिक्षा विभाग के ACS ने जारी किया निर्देश

Bihar School News: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक गुणवत्तापूर्ण बनाने को लेकर प्रशासनी स्कूलों की कार्य प्रणाली में लगातार सुधार किए जा रहे हैं. बिहार की शिक्षा और प्रशासनी स्कूल की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा विभाग के एसीएस एस. सिद्धार्थ ने एक बार फिर नया निर्देश जारी किया है. एसीएस ने बच्चों के अटेंडेंस को लेकर नया फरमान जारी किया है. बीते दिन शिक्षा विभाग की तरफ से एक और निर्देश जारी किया गया था, जिसमें कहा गया कि पहली से आठवीं कक्षा तक संचालित स्कूलों को प्रतिदिन बच्चों की उपस्थिति का प्रमाणपत्र देना होगा. इसपर प्रधानाध्यापक के साथ ही विद्यालय के सभी शिक्षकों का हस्ताक्षर करना होगा. हस्ताक्षर नहीं करने वाले शिक्षक को अनुपस्थित माना जाएगा. अब बच्चों के अटेंडेंस को लेकर नया निर्देश जारी किया गया है.  इन छह जिलों के स्कूल में होगा लागू  मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार के प्रशासनी स्कूलों में अब बच्चों का अटेंडेंस एप के माध्यम से लगेगा. पहले चरण के तहत इस फैसले को पटना, नालंदा, वैशाली, जहानाबाद, सारण और भोजपुर जिले के स्कूलों में लागू किया जाएगा. इसको लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने इन जिलों के डीईओ को पत्र लिखकर निर्देश जारी किया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें पायलट प्रोजेक्ट के तहत होगा टैबलेट का वितरण  फर्स्ट फेज में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इन जिलों के कक्षा तीन के छात्रों के रोज का अटेंडेंस, वार्षीय और अर्धवार्षिक परीक्षा के रिजल्ट समेत अन्य सभी तरह की जानकारी टेबलेट के माध्यम से ई-शिक्षाकोष एप पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं. पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में बिहार के पटना, नालंदा, वैशाली, जहानाबाद, सारण और भोजपुर जिले में संचालित प्रशासनी स्कूलों को पांच-पांच टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे. ALSO READ: Muzaffarpur News: ACS एस सिद्धार्थ ने सभी हेडमास्टरों के लिए जारी किया सख्त निर्देश, करना होगा ये जरूरी काम The post Bihar School News: अब एप के जरिए लगेगी बच्चों की हाजिरी, शिक्षा विभाग के ACS ने जारी किया निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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गुलाब के फूल को इन देवी-देवताओं को कर सकते हैं अर्पित

Rose Day 2025: वैलेंटाइन वीक की शुरुआत होने जा रही है. इस विशेष सप्ताह का पहला दिन यानी 7 फरवरी को रोज डे के रूप में मनाया जाता है. हर वर्ष 7 फरवरी को रोज डे के रूप में मनाया जाता है. इसके साथ ही, गुलाब के फूल का धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण स्थान है, और अनेक देवी-देवताओं को गुलाब के फूल अत्यंत प्रिय हैं. इन भगवानों को प्रिय है गुलाब का फूल मां लक्ष्मी को गुलाब का फूल अर्पित करें मां लक्ष्मी का प्रिय पुष्प कमल है, फिर भी माता को गुलाब का फूल अर्पित करना भी शुभ है. जब आप मां लक्ष्मी को गुलाब का फूल अर्पित करते हैं, तो घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. यदि घर में कोई आर्थिक समस्या है, तो वह भी शीघ्रता से समाप्त होने लगती है. वेंलेंटाइन वीक में कर लीजिए ये उपाय, खोया हुआ प्यार आ सकता है वापस हनुमान जी को गुलाब का फूल अर्पित करें हनुमान जी को गुलाब का फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है. यदि आपका कोई कार्य लंबे समय से रुका हुआ है, तो हर मंगलवार हनुमान जी को गुलाब का फूल अर्पित करें और उस कार्य की पूर्णता के लिए प्रार्थना करें. आपका कार्य शीघ्र ही संपन्न हो जाएगा. भगवान शिव को गुलाब का फूल अर्पित करें भगवान शिव की मूर्ति पर गुलाब का फूल अर्पित करने की अनुमति नहीं है, लेकिन शिवलिंग पर इसे चढ़ाना उचित है. शिवलिंग पर गुलाब अर्पित करने से इच्छाएं पूर्ण होती हैं. इसके अतिरिक्त, भगवान शिव की कृपा परिवार पर बनी रहती है और घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है. श्री कृष्ण को गुलाब का फूल अर्पित करें श्री कृष्ण को भी गुलाब के फूल अर्पित किए जा सकते हैं. श्री कृष्ण को गुलाब का फूल अर्पित करने से घर में नकारात्मकता समाप्त होती है और सकारात्मकता का संचार होता है. इसके साथ ही, श्री कृष्ण की कृपा से वैवाहिक जीवन में मिठास बढ़ती है, पारिवारिक विवाद समाप्त होते हैं और शांति का माहौल बना रहता है. इन देवताओं को प्रिय है गुलाब फूल हनुमानजी को गुलाब का फूल अर्पित करने के अनेक लाभ हैं. 11 मंगलवार तक ताजे लाल गुलाब के फूल अर्पित करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं. भगवान शिव को सफेद या लाल गुलाब का फूल अर्पित किया जाता है. मां दुर्गा को लाल रंग के गुलाब का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है. देवी लक्ष्मी को कमल के साथ-साथ गुलाब का फूल भी प्रिय है. लक्ष्मी जी को गुलाब अर्पित करने से घर में सुख और समृद्धि की वृद्धि होती है. श्रीकृष्ण की पूजा में भी गुलाब के फूल अर्पित किए जाते हैं, जिससे पारिवारिक विवाद समाप्त होते हैं. भगवान विष्णु की पूजा में भी गुलाब के फूल अर्पित किए जाते हैं. The post गुलाब के फूल को इन देवी-देवताओं को कर सकते हैं अर्पित appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर के कांटी थाने में तोड़फोड़ का वीडियो देखिए, हाजत में युवक की मौत के बाद मचा बवाल

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना के हाजत में लूट कांड में पकड़े गये आरोपी का शव गुरुवार सुबह फंदे से लटका मिला. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मृतक की पहचान कांटी थाना क्षेत्र के कलवारी गांव निवासी शिवम झा के रूप में की गई है. सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी विद्यासागर, डीएसपी पश्चिमी अभिषेक आनंद सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे. युवक का शव मफलर से बने फंदे से लटका हुआ था. वीडियोग्राफी करा कर फंदे से नीचे उतारा गया. इसी बीच पुलिस कस्टडी में युवक की मौत की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में लोग थाना पहुंच गये. परिजन हत्या का आरोप लगा कर हंगामा करने लगे. वहां उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया. लेकिन कुछ उपद्रवियों ने थाना परिसर में तोड़फोड़ कर दिया. जिसका वीडियो आप देख सकते हैं. Also Read: मोकामा शूटआउट केस: अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज, अभी जेल में ही रहेंगे बाहुबली The post मुजफ्फरपुर के कांटी थाने में तोड़फोड़ का वीडियो देखिए, हाजत में युवक की मौत के बाद मचा बवाल appeared first on Naya Vichar.

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Android Phone Vs iPhone: एंड्रॉयड फोन से महंगे क्यों होते हैं आईफोन? वजह जानकर आप भी मान लेंगे

Android Phone Vs iPhone: स्मार्टफोन की दुनिया में एंड्रॉयड फोन और आईफोन का मुकाबला हमेशा से एक चर्चा का विषय रहा है. दोनों के बीच न सिर्फ डिजाइन, फीचर्स और यूजर इंटरफेस में अंतर है, बल्कि इनके प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज के रेट्स में भी काफी अंतर देखने को मिलता है. अगर आपने कभी एंड्रॉयड और आईफोन के बीच तुलना की है, तो आपने देखा होगा कि आईफोन अक्सर महंगा होता है, जबकि एंड्रॉयड फोन की कीमतें बहुत व्यापक रेंज में उपलब्ध होती हैं. इस लेख में हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि एंड्रॉयड फोन और आईफोन के प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज के रेट्स में इतना अंतर क्यों होता है. Android Phone Vs iPhone : ब्रांडिंग और मार्केटिंग सबसे पहला कारण जो आईफोन की कीमत को अधिक बनाता है, वह है ऐपल का ब्रांड. ऐपल ने अपने उत्पादों के लिए एक प्रीमियम ब्रांडिंग बनाई है. आईफोन का नाम ही एक स्टेटस सिम्बल बन चुका है. ऐपल के प्रॉडक्ट्स की कीमतें इस प्रीमियम ब्रांड की पहचान को बनाए रखने के लिए निर्धारित की जाती हैं. ऐपल के प्रॉडक्ट्स को एक खास डिजाइन, क्वॉलिटी और एक्सपीरिएंस के रूप में पेश किया जाता है, जो अन्य कंपनियों से अलग होता है. इसके उलट, एंड्रॉयड फोन विभिन्न ब्रांड्स द्वारा बनाये जाते हैं, जैसे सैमसंग, शाओमी, वनप्लस, ओप्पो, आदि. इन कंपनियों का फोकस अधिक से अधिक यूजर्स तक पहुंचने पर होता है, जिससे उनकी कीमतें आईफोन की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहती हैं. एंड्रॉयड फोन की मार्केटिंग अक्सर ‘वैल्यू फॉर मनी’ पर आधारित होती है, जबकि आईफोन के विज्ञापन हमेशा एक विशिष्ट प्रीमियम अनुभव पर जोर देते हैं. Android Phone Vs iPhone : प्रॉसेसिंग और हार्डवेयर क्वॉलिटी आईफोन की कीमत हाई क्वॉलिटी वाले हार्डवेयर और प्रॉसेसिंग की वजह से भी अधिक होती है. ऐपल अपनी चिपसेट तकनीक (बायोनिक सीरीज) में खुद इनोवेशन करती है, जो दुनिया के सबसे शक्तिशाली स्मार्टफोन चिप्स में से एक मानी जाती है. इन चिप्स का परफॉर्मेंस बहुत अधिक होता है, जो आईफोन को तेज, शक्तिशाली और बेहतर यूजर एक्सपीरिएंस देता है. दूसरी तरफ, एंड्रॉयड फोन में विभिन्न प्रकार के प्रॉसेसर होते हैं, जैसे कि क्वालकॉम स्नैपड्रैगन, मीडिया टेक और अन्य. हालांकि ये प्रॉसेसर अच्छे होते हैं, ऐपल के प्रॉसेसर से उनका परफॉर्मेंस कम होता है और इस वजह से एंड्रॉयड फोन की कीमतें आईफोन से कम होती हैं. Android Phone Vs iPhone : सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम आईफोन में ऐपल का आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम होता है, जो एंड्रॉयड की तुलना में अधिक कस्टमाइज्ड और प्रीमियम एक्सपीरिएंस देता है. आईओएस एक क्लोज्ड सिस्टम है, जिसे पूरी तरह से ऐपल ही कंट्रोल करती है और इसमें सिक्योरिटी, अपडेट्स और यूजर एक्सपीरिएंस का लेवल बहुत हाई होता है. एंड्रॉयड एक ओपन-सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो विभिन्न कंपनियों द्वारा कस्टमाइज किया जा सकता है. एंड्रॉयड यूजर्स को अधिक कस्टमाइजेशन और फीचर्स का अनुभव होता है, लेकिन आईओएस की तुलना में इसमें सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी की चुनौतियां हो सकती हैं. इस वजह से, आईफोन का सॉफ्टवेयर अधिक महंगा होता है, क्योंकि ऐपल इसे लगातार अपडेट और सुधार करता है. Android Phone Vs iPhone : सर्विसेज और ऐप स्टोर ऐपल अपनी सर्विसेज को भी एक प्रीमियम स्तर पर रखता है. ऐपल के ऐप स्टोर पर उपलब्ध ऐप्स की क्वॉलिटी और सिक्योरिटी एंड्रॉयड की तुलना में बेहतर मानी जाती है. इसके अलावा, ऐपल की क्लाउड स्टोरेज, म्यूजिक स्ट्रीमिंग (Apple Music) और अन्य सर्विसेज का भी प्रीमियम मूल्य होता है. वहीं, एंड्रॉयड प्लैटफॉर्म पर कई ऐप्स मुफ्त या सस्ती कीमतों पर उपलब्ध होते हैं. गूगल के प्ले स्टोर की तुलना में ऐपल का ऐप स्टोर अधिक महंगा है और ऐप डेवलपर्स को भी ऐपल के ऐप स्टोर में 30% कमीशन देना होता है, जो एंड्रॉयड की तुलना में काफी अधिक है. Android Phone Vs iPhone : बिल्ड क्वाॅलिटी और डिजाइन ऐपल अपनी डिजाइन और बिल्ड क्वॉलिटी में हमेशा एक स्टैंडर्ड सेट करता है. आईफोन का मेटल और ग्लास बॉडी, फिनिश और फील उच्चतम स्तर की होती है. ऐपल के फोन का डिजाइन आमतौर पर बहुत प्रीमियम होता है और इसका इस्तेमाल करने पर एक खास अनुभव मिलता है. एंड्रॉयड फोन में विभिन्न ब्रांड्स द्वारा अलग-अलग डिजाइन पेश किये जाते हैं, जो मेटल, प्लास्टिक और ग्लास के होते हैं. हालांकि, सैमसंग जैसे ब्रांड प्रीमियम बिल्ड क्वाॅलिटी ऑफर करते हैं, लेकिन अधिकांश एंड्रॉयड फोन की बिल्ड क्वालिटी आईफोन के मुकाबले कमजोर होती है. इसके परिणामस्वरूप, एंड्रॉयड फोन की कीमतें आम तौर पर कम होती हैं. Android Phone Vs iPhone : स्मार्टफोन की लाइफ और रिसेल वैल्यू आईफोन की उम्र और रिसेल वैल्यू अक्सर एंड्रॉयड फोन से बेहतर मानी जाती है. ऐपल अपने फोन को लंबे समय तक सपोर्ट करता है और आईफोन की सॉफ्टवेयर अपडेट्स काफी समय तक मिलती रहती हैं. इसके अलावा, आईफोन की रिसेल वैल्यू भी अच्छी रहती है, यानी जब आप पुराने आईफोन को बेचते हैं, तो आपको अच्छी कीमत मिलती है. एंड्रॉयड फोन में, हालांकि अपडेट्स और सपोर्ट ब्रांड के हिसाब से भिन्न होते हैं. अधिकांश एंड्रॉयड फोन को उतना लंबा सपोर्ट नहीं मिलता, जितना आईफोन को मिलता है और उनकी रिसेल वैल्यू भी कम होती है. Android Phone Vs iPhone : मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन की बात आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग भी महंगी होती है. ऐपल हाई क्वॉलिटी वाले सामान का उपयोग करता है और इसे बनाने के लिए कड़ी क्वॉलिटी टेस्टिंग होती है. ऐपल का सप्लाई चेन सिस्टम भी बहुत सख्त और नियंत्रित है, जिससे इसके उत्पादों की कीमतें बढ़ जाती हैं. इसके उलट, एंड्रॉयड फोन के मैन्युफैक्चरर्स के लिए अधिक फ्फ्लेक्सिबिलिटी होती है, जिससे वे अपने प्रॉडक्ट्स को सस्ती कीमतों पर बना सकते हैं. इसके अलावा, एंड्रॉयड फोन की सप्लाई चेन ज्यादा विविध होती है, जो कीमतों काे तय करने में मदद करती है. Android Phone Vs iPhone : जरूरत और बजट पर तय करें यूजर्स कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि आईफोन और एंड्रॉयड फोन के बीच प्रॉडक्ट और सर्विसेज के रेट्स में अंतर खास तौर पर ब्रांड, हार्डवेयर क्वॉलिटी, सॉफ्टवेयर सपोर्ट, सर्विसेज और प्रॉडक्शन प्रॉसेस में अंतर की वजह से होता है. जहां आईफोन प्रीमियम ब्रांड और स्टाइलिश डिजाइन के साथ आता है, वहीं एंड्रॉयड फोन अधिक सस्ते और कस्टमाइज्ड रेंज ऑफर करते हैं. दोनों के अपने फायदे और सीमाएं

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ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में ये कैसी हलचल? चैंपियंस ट्रॉफी के लिए चुने गए खिलाड़ी ने कर दी संन्यास की घोषणा

Marcus Stoinis: ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस ने चौंकाते हुए वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है. स्टोइनिस को चैंपियंस ट्रॉफी टीम के लिए चुना गया था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने संन्यास लेकर सबको हैरान कर दिया है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने गुरुवार को कहा कि स्टोइनिस टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे और उनका यह कदम टी20 क्रिकेट पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है. उनके वनडे से संन्यास लेने का मतलब है कि सीए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम में उनकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी को शामिल करेगा. अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 74 मैच स्पोर्ट्सने वाले स्टोइनिस ने अपने संन्यास पर कहा, “ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट स्पोर्ट्सना एक अद्भुत यात्रा रही है, और मैं हरे और सुनहरे मैदानों पर बिताए हर पल के लिए आभारी हूं. उच्चतम स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करना एक सम्मान है जिसे मैं हमेशा संजो कर रखूंगा. यह निर्णय लेना आसान नहीं था, लेकिन मुझे लगता है कि अब मेरे लिए वनडे से कुछ समय दूर रहकर अपने करियर के अगले अध्याय पर ध्यान केंद्रित करने का सही समय है.” ऑस्ट्रेलिया के लिए उनका वनडे करियर 2015 में इंग्लैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में शुरू हुआ था, और उसी दौरे पर उन्होंने अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी स्पोर्ट्सा. हालांकि, उन्हें ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में अपनी जगह स्थापित करने के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ा, जब उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ईडन पार्क में नाबाद 146 रन बनाते हुए तीन विकेट भी लिए, जिससे उनकी स्थिति मजबूत हो गई. अपने कैरियर में मार्कस स्टोइनिस 1 शतक और 6 अर्धशतकों के साथ कुल 1495 रन बनाए. गेंदबाजी में भी उनका जलवा रहा है. इस दौरान उन्होंने 6 की इकॉनमी से 48 विकेट भी लिए.   “This wasn’t an easy decision, but I believe it’s the right time for me to step away from ODIs and fully focus on the next chapter of my career” Australia allrounder Marcus Stoinis has announced his ODI retirement and won’t feature in the upcoming Champions Trophy pic.twitter.com/xUkVr7D3wl — ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) February 6, 2025 स्टोइनिस 2023 में हिंदुस्तान में हुए वनडे विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की चैंपियन टीम का हिस्सा थे और 2018-19 में उन्हें देश का वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया था. हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा, “स्टोइनिस पिछले एक दशक से हमारे वनडे सेटअप का अहम हिस्सा रहे हैं. वह न केवल एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं, बल्कि टीम के भीतर एक शानदार इंसान भी हैं. वह एक स्वाभाविक नेता और असाधारण रूप से लोकप्रिय खिलाड़ी हैं.” चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम चयन में स्टोइनिस के संन्यास और पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की चोटों के कारण सीए ने कहा कि राष्ट्रीय चयन पैनल (एनएसपी) श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अंतिम टीम का चयन करेगा. ऑस्ट्रेलिया पहले ही मिशेल मार्श को पीठ की चोट के कारण खो चुका है, और अब स्टोइनिस के वनडे से संन्यास लेने के बाद टीम को चार नए खिलाड़ी जोड़ने होंगे. टूर्नामेंट के लिए आईसीसी को अंतिम टीम सौंपने की अंतिम तिथि 12 फरवरी है. ऑस्ट्रेलिया को चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप बी में अफगानिस्तान, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है. The post ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में ये कैसी हलचल? चैंपियंस ट्रॉफी के लिए चुने गए खिलाड़ी ने कर दी संन्यास की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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खुराफाती दिमाग का खेल, Video देख हिल जाएगा दिमाग

Viral Video: हिंदुस्तान में जुगाड़ के न जाने कितने तरीके हैं, जो लोगों के दिमागी कारनामों को साबित करते हैं. सोशल मीडिया पर ऐसे जुगाड़ के वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं, और जब भी ऐसा कोई वीडियो सामने आता है, तो सोशल मीडिया लोग हैरान रह जाते हैं. अब एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो आपको जुगाड़ के एक नए और बेहद अजीब तरीके से परिचित कराएगा. वायरल वीडियो में क्या हुआ? आप देख सकते हैं इस वायरल वीडियो में एक शख्स घर के अंदर खड़ा है, और वहां एक सीलिंग से पाइप लटका हुआ है. इस शख्स ने सिगरेट जलाई और फिर उसे आमतौर पर हवा में न उड़ाकर, पाइप के अंदर छोड़ दिया. लेकिन अब सवाल ये है कि यह शख्स ऐसा क्यों कर रहा है? वीडियो में आगे दिखता है कि कई पाइप्स का एक समूह है और एक पाइप से धुआं बाहर निकलता है। इस वीडियो को देखकर समझ में आता है कि यह शख्स पाइप की स्थिति और लाइन क्लियर करने के लिए इस तरीके का जुगाड़ इस्तेमाल कर रहा है। पाइप लाइन को चेक करने का यह तरीका सच में कमाल का है और इसे देखकर हर कोई हैरान रह जाएगा. Bro used 100% of his brain 😂 🔥 pic.twitter.com/U5uGLY72nH — Guhan (@TheDogeVampire) February 5, 2025 सोशल मीडिया पर इस वीडियो की खूब हो रही चर्चा यह वीडियो एक्स प्लेटफॉर्म पर @TheDogeVampire नामक अकाउंट से पोस्ट किया गया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा गया, ‘भाई ने अपना 100% दिमाग लगाया है।’ समाचार लिखे जाने तक इस वीडियो को 31 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं। वीडियो देखकर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, “देसी लोग देसी जुगाड़,” जबकि दूसरे यूजर ने कहा, “कितना दिमाग लगाया है यार।” तीसरे यूजर ने लिखा, “ये ट्रिक बाहर नहीं जानी चाहिए,” और चौथे ने कहा, “चेक करने का तरीका थोड़ा कैजुअल है।” एक अन्य यूजर ने तो मजाक करते हुए लिखा, “सब सोच रहे होंगे क्या हो गया।” वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे और भी दिलचस्प तरीके से कमेंट किया, जैसे “भाई अब वायर डालकर चेक नहीं करते ये सब. “ The post खुराफाती दिमाग का स्पोर्ट्स, Video देख हिल जाएगा दिमाग appeared first on Naya Vichar.

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School Closed News : आठवीं तक के स्कूल 8 फरवरी तक बंद, जानें वजह

School Closed News : महाकुंभ में अमृत स्नान के बाद वाराणसी में तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है. जिला प्रशासन ने शहरी क्षेत्रों में क्लास 8 तक के सभी स्कूलों को आठ फरवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है. इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी. बेसिक शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि जिलाधिकारी ने स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है. इसके निर्देशानुसार, वाराणसी के शहरी क्षेत्रों में आठवीं कक्षा तक के सभी प्रशासनी, शासकीय सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संबद्ध अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के स्कूल आठ फरवरी तक बंद रहेंगे. इस दौरान केवल ऑनलाइन क्लास हीं चलेंगे. शिक्षकों और कर्मचारियों की छुट्टी नहीं होगी अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल खुले रहेंगे. इस दौरान प्रशासनी और सहायता प्राप्त स्कूलों में डीबीटी प्रोसेसिंग, आधार सीडिंग और स्कूल की मरम्मत, रंग-रोगन इत्यादि जैसे काम जारी रखे जाएंगे. शिक्षकों और कर्मचारियों को इन कामों के देखरेख के लिए स्कूलों में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है. कब खत्म होगा महाकुंभ मेला? कुंभ मेला सनातन धर्म का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है. यह हर 12 साल पर लगता है. इस बार महाकुंभ प्रयागराज में लगा है. इसकी शुरुआत 13 जनवरी 2025 से हो चुकी है, जिसका समापन 26 फरवरी 2025 को होगा. The post School Closed News : आठवीं तक के स्कूल 8 फरवरी तक बंद, जानें वजह appeared first on Naya Vichar.

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Lata Mangeshkar Death Anniversary: सफेद साड़ी, सोने के पायल, जानें हेमा से लता बनी ‘स्वर सम्राज्ञी’ की अनसुनी बातें

Lata Mangeshkar Death Anniversary: ‘स्वर सम्राज्ञी’, ‘कोकिला’ और ‘बुलबुले हिंद’ से पुरे देश में विख्यात लीजेंडरी सिंगर लता मंगेशकर की आज पुण्यतिथि है. 28 सितंबर 1929 में इंदौर में हेमा नाम से जन्मीं लता मंगेशकर ने 6 फरवरी 2022 को 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली थी. आज भले वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी मधुर आवाज आज भी हमारे कानों में मिश्री घोलने का काम करती है. आज उनकी तीसरी डेथ एनिवर्सरी पर हम आपको उनसे जुड़े कुछ ऐसे दिलचस्प किस्सों से रूबरू कराएंगे, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे. ‘लता समग्र’ में दर्ज है 14 भाषाओं में गाए गानों का ब्योरा लता मंगेशकर बहुमुखी प्रतिभाओं की धनी थीं. उन्होंने ना सिर्फ हिंदी गाने गाए, बल्कि देश की बुलबुल ने 14 भाषाओं में गानों को अपनी आवाज दी. साथ ही अपने करियर में उन्होंने 50 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए, जिसके बाद उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया. लता मंगेशकर के साल 2014 तक गाए लिस्ट सुमन चौरसिया की किताब ‘लता समग्र’ में शामिल है. इसके मुताबिक, गायिका ने 5328 हिंदी फिल्मी गाने, 198 गैर फिल्मी गाने और 127 गाने ऐसे गाए जो कभी रिलीज नहीं हुए. साथ ही इस किताब में उनके 2014 तक अलग-अलग भाषाओं में गाए गए गानो की भी लिस्ट है. इसमें 405 मराठी गाने, 206 बंगाली, 69 पंजाबी, 48 गुजराती और 24 संस्कृत गानों शामिल है. क्यों पहनती थीं सफेद साड़ी? लता मंगेशकर अपने हर इवेंट या पुरस्कार समारोह में सफेद साड़ी पहनती थीं. गायिका को बचपन से ही सफेद रंग बहुत था. यतींद्र मिश्र ने लता मंगेशकर की बायोग्राफी ‘सुर गाथा’ में बताया था है कि जब उन्होंने लता से पूछा था कि वह सफेद साड़ी क्यों पहनती हैं तो गायिका ने कहा, ‘रंग मुझे अच्छे लगते हैं और वे सब साड़ियों में खूब फबते भी हैं, लेकिन दूसरों पर. खुद मुझे रंगीन कपड़े पहनना अटपटा सा लगता है. इसकी कोई वजह नहीं है, लेकिन अगर मैं कभी लाल या ऑरेंज कलर की साड़ी पहनती हूं तो मुझे लगता है कि किसी ने मुझ पर होली के रंग डाल दिए हैं, इसलिए मुझे सफेद या चंदन जैसे रंग पसंद आते हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘साड़ी जितनी सफेद होती है, मेरा मन उतना ही खुश हो जाता है. आप सोच रहे होंगे कि ऐसा भी क्या रंगों से परहेज करना, लेकिन मैं क्या करूं, मुझे गहरे रंग के कपड़े जंचते ही नहीं हैं.’ सोने के पायल पहनती थीं लता मंगेशकर ‘सुर गाथा’ किताब में ही इस बात का भी जिक्र किया गया था कि लता मंगेशकर अपने पैरों में कभी चांदी की पायल नहीं पहनती थीं. वह हमेशा सोने के पायल ही पहनना पसंद करती थीं क्योंकि उन्हें एक ज्योतिषी ने पैरों में साने की पायल पहनने की सलाह दी थी. यह भी पढ़े: Kangana Ranaut: कंगना के खिलाफ जारी हो सकता है गैर-जमानती वारंट, जावेद अख्तर ने फिर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा The post Lata Mangeshkar Death Anniversary: सफेद साड़ी, सोने के पायल, जानें हेमा से लता बनी ‘स्वर सम्राज्ञी’ की अनसुनी बातें appeared first on Naya Vichar.

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