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Author name: Vinod Jha

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CBI के शिकंजे में रांची रेलवे के ‘बड़े साहब’: 8.50 लाख के बिल भुगतान के बदले मांगी थी घूस, DCM से भी पूछताछ

CBI Raid in Ranchi, रांची : राजधानी रांची के हटिया स्थित मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) दफ्तर में बुधवार को अचानक हड़कंप मच गयी. दरअसल समाचार ये है कि सीबीआई की एक टीम ने रेलवे चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर को 50 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया है. आरोपी का नाम हिमांशु शेखर है. साथ ही सीनियर डीसीएम सूची सिंह से भी पूछताछ हो रही है. इससे पहले बिना किसी पूर्व सूचना के सीबीआई की टीम सुबह वहां पहुंच गयी. इसके बाद टीम के सभी सदस्य सबसे पहले सीधे वाणिज्य शाखा में गयी और वहां से संबंधित दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड की पड़ताल में जुट गये. चीफ कॉमर्शियल इंस्पेक्टर ने मांगी 50 हजार की घूस जानकारी के मुताबिक सीबीआई को ठेकेदार अजय त्यागी ने लिखित शिकायत की थी कि उसका 8.50 लाख रुपये का बिल बकाया है. इस बिल के भुगतान के लिए चीफ कॉमर्शियल इंस्पेक्टर हिमांशु शेखर 50 हजार रुपये घूस मांग रहा है. शिकायतकर्ता ने यह भी बताया था कि आरोपी अफसर इस रकम में सीनियर डीसीएम की हिस्सेदारी होने की भी बात कर रहा है. सीबीआई ने इस शिकायत का सत्यापन किया और फिर मामला सही पाये जाने पर संबंधित अधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. इमरजेंसी कोटा आवंटन पर भी उठे सवाल सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से यह भी शिकायत मिल रही थी कि हटिया रेल मंडल में इमरजेंसी कोटा के वितरण में नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है. आरोप है कि जिन परिस्थितियों के लिए यह कोटा निर्धारित है, वहां इसका उपयोग नहीं हो रहा, बल्कि प्रभावशाली लोगों और बिचौलियों के जरिये इसका नजायज तरीके से फायदा उठाया जा रहा है. Also Read: असम के रण में उतरेंगे CM हेमंत के सिपाही, JMM ने जारी की 20 ‘स्टार प्रचारकों’ की लिस्ट, यहां देखें पूरी सूची रिकॉर्ड और डेटा की गहन जांच जांच टीम पिछले कुछ महीनों में किये गये आवंटनों से जुड़े दस्तावेजों और कंप्यूटर में उपलब्ध डाटा की बारीकी से जांच कर रही है. इस दौरान संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से प्रक्रिया को लेकर जानकारी भी ली जा रही है. यह जानने की कोशिश हो रही है कि कोटा देने के मानदंडों का पालन हुआ या नहीं. संभावित मिलीभगत पर फोकस पूरी जांच का केंद्र इस बात पर है कि कहीं रेलवे कर्मियों और बाहरी लोगों के बीच कोई समन्वय तो नहीं, जिसके जरिये पैसे लेकर टिकट उपलब्ध कराये जाते हों. अगर ऐसा पाया जाता है, तो यह गंभीर अनियमितता मानी जायेगी. दफ्तर में बढ़ी सतर्कता, जांच जारी जैसे ही सीबीआई की टीम पहुंची, कार्यालय परिसर में आवाजाही पर नियंत्रण कर दिया गया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी. फिलहाल जांच जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ अन्य अहम तथ्य सामने आ सकते हैं. Also Read: झारखंडियों को लगा ‘महंगाई का करंट’: बिजली टैरिफ में भारी बढ़ोतरी, देखें नया रेट कार्ड The post CBI के शिकंजे में रांची रेलवे के ‘बड़े साहब’: 8.50 लाख के बिल भुगतान के बदले मांगी थी घूस, DCM से भी पूछताछ appeared first on Naya Vichar.

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नक्सलबाड़ी में ममता बनर्जी- SIR के नाम पर 8 लाख नाम हटाये, NRC और डिटेंशन कैंप पर दी चेतावनी

Mamata Banerjee Naxalbari Rally: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए उत्तर बंगाल के दौरे पर पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को मतदाता सूची (SIR) को लेकर केंद्र प्रशासन और चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला. नक्सलबाड़ी की चुनावी जनसभा में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की पहली पूरक सूची (Supplementary List) में करीब 8 लाख मतदाताओं के नाम काट दिये गये. उन्होंने इसे भाजपा की ‘विनाशकारी नीति’ करार दिया. उन्होंने कहा कि वह बंगाल में किसी भी कीमत पर एनआरसी (NRC) लागू नहीं होने देंगी. ममता बनर्जी ने पूछा- सूची की फिजिकल कॉपी कहां है? बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया से मांग की कि ऑनलाइन प्रकाशित पूरक सूची की भौतिक प्रतियां (Physical Copies) तत्काल प्रशासनी कार्यालयों में उपलब्ध करायी जायें. उन्होंने कहा कि जांच के दायरे में ाये 27 लाख में से 8 लाख वोटर के नाम काट दिये गये. अगर सूची जारी हो गयी है, तो प्रशासनी कार्यालयों को क्यों उपलब्ध नहीं कराया गया. बिना फिजिकल कॉपी के वोटर का वेरिफिकेशन कैसे होगा? SIR के कारण हुई 220 मौतें, भाजपा को शर्म आनी चाहिए – ममता बनर्जी ममता बनर्जी ने एक चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि SIR के दौरान लाइन में खड़े होने और मानसिक तनाव के कारण पश्चिम बंगाल में 220 लोगों की मौत हुई. उन्होंने दावा किया कि मरने वालों में आधे हिंदू और आधे मुसलमान थे. हालांकि, इन मौतों का अब तक कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जब बुजुर्गों की नागरिकता पर सवाल उठाये गये और उन्हें लाइनों में खड़ा किया गया, तब भाजपा किस मुंह से उनसे वोट मांगने आयेगी? ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल Mamata Banerjee Naxalbari Rally: ममता ने स्पोर्ट्सा राजबंशी और आदिवासी कार्ड दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी बेल्ट में चुनावी गणित साधते हुए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर आदिवासी और राजबंशी समुदायों के नाम मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर हटाये गये हैं. उन्होंने याद दिलाया कि इन समुदायों के लिए केवल तृणमूल कांग्रेस प्रशासन ही कल्याणकारी योजनाएं लेकर आयी हैं. बंगाल में न एनआरसी, न डिटेंशन कैंप – ममता बनर्जी अपनी रैली के अंत में ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए घोषणा की कि जब तक ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, यहां न तो एनआरसी (NRC) का काम होगा और न ही किसी को निरुद्ध शिविर (Detention Camp) में जाने दिया जायेगा. इसे भी पढ़ें नितिन नबीन का दावा- बंगाल में 50 लाख से अधिक घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से हटाये गये लक्ष्मी भंडार और युवा साथी की काट अन्नपूर्णा भंडार योजना, स्त्रीओं को मिलेंगे 3000 रुपए, अन्नपूर्णा देवी की घोषणा एसआईआर : बंगाल में 60 लाख से अधिक संदिग्ध मतदाता, लीगल ऑफिसर्स को सौंपी गयी लिस्ट ममता बनर्जी संभाल रहीं थीं 23 पद, बंगाल चुनाव से पहले सभी पदों से दिया इस्तीफा The post नक्सलबाड़ी में ममता बनर्जी- SIR के नाम पर 8 लाख नाम हटाये, NRC और डिटेंशन कैंप पर दी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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समाजवादी राजनीति में नया मोड़: लालू-नीतीश के बेटों के इर्द-गिर्द घूमेगा बिहार, क्‍या ‘पावर सेंटर’ हो रहा तैयार?

समाचार में ये है खास वंशबेल से सिंचित हो रही पार्टियां? ‘राजा का बेटा ही राजा’ वाली मानसिकता? निशांत की एंट्री मजबूरी है? सिर्फ बिहार नहीं, देशभर में यही ट्रेंड निशांत की टीम में ‘पॉलिटिकल बैकग्राउंड’ हावी मजबूरी में भी नीतीश तलाशेंगे समाजवादी राह लालू और नीतीश के बेटों के आस-पास नेतृत्व? Lalu Yadav Nitish Kumar Bihar Political Dynasty : जैसा की आपको समाचार की हेडिंग से थोड़ा तो आभास हो ही गया होगा कि हम किस विषय पर चर्चा करने जा रहें हैं. दरअसल, बिहार की समाजवादी नेतृत्व एक नए मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है. यहां विचारधारा और वंशवाद के बीच जंग है. बिहार की नेतृत्व के वो पावर सेंटर जो लगभग 35 साल से बिहार की नेतृत्व के केंद्र में रहे. जो अब उम्र की वजह से बाहर होते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में सवाल है कि समाजवादी आंदोलनों की धरती से परिवारवाद की नई बेल सींची जा रही है? या लालू और नीतीश के बेटे के जरिए बिहार की नेतृत्व में नया पावर सेंटर तैयार किया जा रहा है? वंशबेल से सिंचित हो रही पार्टियां? तो आइए, इसी सवाल सवाल को समझने का प्रयास करते हैं. नेतृत्वक विश्‍लेषक कौशलेंद्र प्रियदर्शी कहते हैं बिहार वो धरती रही है. जहां नेता विचारों और क्रांति की सान पर धारदार हुए. समाजवादी नेता कभी समाज की बात करते थे और हाशिए पर पड़े लोगों की बात करते थे. मगर अब विचारधारा से उपजे नेताओं की पार्टियां वंशबेल (परिवारवाद) सहारे आबाद होने को मजबूर है. ‘राजा का बेटा ही राजा’ वाली मानसिकता? कौशलेंद्र कहते हैं कि बिहार की नेतृत्व में वंशवाद पोषित किया जा रहा है. जो केवल नेताओं के जरिए नहीं है. बल्कि इसे पोसने में बिहार की जनता भी उनती ही जिम्‍मेदार है. वह नारा, जिसमें ये कहा जाता था कि ‘रानी के पेट से राजा जन्‍म नहीं लेगा…’ बिहार की जनता की मानसिकता भी कुछ ऐसी ही है. वह राजा के बेटे को ही अपना राजा मानती है. इसका उदारण तेजस्‍वी यादव भी हैं और अब निशांत. पटना: मुजफ्फरपुर गोलीकांड पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक्टिव, पटना से पीड़ित परिवार से मिलने रवाना. तेजस्वी ने कहा— बिहार में कानून व्यवस्था खत्म, पुलिस आउट ऑफ कंट्रोल और निर्दोषों को मारा जा रहा है. आरोपित थानेदार पर शराब के नशे में गोली चलाने का आरोप, कठोर कार्रवाई की मांग.… pic.twitter.com/XEEuGhljSi — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 25, 2026 निशांत की एंट्री मजबूरी है? प्रियदर्शी यह भी कहते हैं कि लालू प्रसाद यादव ने अपनी नेतृत्वक कमान तेजस्वी यादव को सौंप दी, जिसे वे ‘थोपना’ मानते हैं. उनके अनुसार, लालू ने अपने बेटे और पत्नी को नेतृत्व में थोपा है. नीतीश कुमार मजबूत मानसिक अवस्‍था में होते तो ऐसा बिल्‍कुल भी नहीं होने देते. यानी निशांत नेतृत्व में नहीं आते. निशांत का जेडीयू में आना जेडीयू को टूट से बचाने की मजबूरी है. सिर्फ बिहार नहीं, देशभर में यही ट्रेंड अगर कौशलेंद्र प्रियदर्शी बातों को ही आधार माना जाए तो बिहार ही नहीं देश के दूसरे राज्‍यों की नेतृत्व में भी ऐसे ही ट्रेंड देखने को मिलते हैं. पड़ोसी राज्‍य उत्‍तर प्रदेश की बात करें या महाराष्‍ट्र से लेकर दक्षिण हिंदुस्तान तक. आपको लगभग यही पैटर्न हर राज्‍य में मिलेगा. जहां भी किसी बड़े नेता ने अपने बेटे या परिवार के सदस्य को उत्तराधिकारी नहीं बनाया, वहां पार्टी कमजोर या खत्म होती दिखी है.  निशांत की टीम में ‘पॉलिटिकल बैकग्राउंड’ हावी अगर निशांत कुमार की टीम पर नजर डालें, तो वहां भी नेतृत्वक परिवारों से आने वाले चेहरों की भरमार दिखती है. इसमें दिवंगत जदयू नेता राजेश रंजन के पुत्र रुहेल रंजन, पूर्व सांसद अरुण कुमार के पुत्र ऋतुराज कुमार, जदयू नेता दिनेश सिंह की बेटी कोमल सिंह शामिल हैं. इसके अलावा चेतन आनंद (आनंद मोहन के बेटे), शुभानंद मुकेश (कांग्रेस नेता सदानंद सिंह के बेटे), अतिरेक कुमार (कांग्रेस नेता अशोक कुमार के बेटे), विशाल मांजरिक मृणाल (जदयू नेता अशोक कुमार के बेटे), समृद्ध वर्मा (जदयू नेता दिलीप वर्मा के बेटे), नचिकेता मंडल (जदयू नेता ब्रह्मानंद मंडल के बेटे), आदित्य कुमार (जदयू नेता अशोक चौधरी के बेटे) और अभिषेक आनंद (पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के बेटे) जैसे नाम शामिल हैं. मजबूरी में भी नीतीश तलाशेंगे समाजवादी राह रमाकांत चंदन कहते हैं कि ये बात सच है कि निशांत की टीम में ज्‍यादातर नेता नेतृत्वक पृष्‍ठभूमि से आते हैं. लेकिन नीतीश पहले निशांत को तैयार करेंगे उन्‍हें बिहार की जनता के बीच भेजेंगे. उनका समर्थन लेंगे उसके बाद ही जेडीयू की कमान सौंपेंगे. हालांकि वो भी इस बात को स्‍वीकार करते हैं कि परिवारवाद नेतृत्व की मजबूरी बनती जा रही है. लेकिन नीतीश कुमार इस मजबूरी में भी समाजवाद की राह तलाशेंगे. पटना: CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार JDU दफ्तर पहुंचे. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत. जिला अध्यक्षों और सारण प्रमंडल के पदाधिकारियों संग बैठक जारी. चेतन आनंद, रुहेल रंजन और ऋतुराज कुमार मौजूद. एमएलसी संजय गांधी भी बैठक में शामिल.#NishantKumar #JDU… pic.twitter.com/1DNPiiARQ9 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 25, 2026 लालू और नीतीश के बेटों के आस-पास नेतृत्व? ऐसे में अब देखना यह होगा कि यह नई पीढ़ी सिर्फ विरासत संभालती है या वाकई एक नया नेतृत्वक ‘पावर सेंटर’ बनाती है? इस बात का भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि भले ही लालू-नीतीश बिहार की नेतृत्व से बाहर हो जाएंगे लेकिन उनके बेटे अब बिहार की नेतृत्व का नया पावर सेंटर तैयार करेंगे. बिहार की नेतृत्व अब लालू नीतीश के बाद उनके बेटों के इर्द-गिर्द होगी. जहां उनके साथ नेतृत्व में नेतृत्वक परिवारों से उगी नई वंशबेल का दबदबा होगा. पटना: नीतीश कुमार जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए. बेटे निशांत कुमार ने दी बधाई. पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद निशांत बोले- हम लोग पिता जी के ही मार्गदर्शन पर चलेंगे. मेरी कोशिश रहेगी कि पार्टी के वरीय नेता-कार्यकर्ता या प्रतिनिधी हों, सभी लोगों को साथ लेकर चलें.… pic.twitter.com/4guJYaY0f2 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 25, 2026 Also Read : नीतीश कुमार पर मीसा हिंदुस्तानी ने कसा तंज, बोली-अब परिवार पर नहीं बोल पायेगें, उप-प्रधानमंत्री बनने दी सलाह The post समाजवादी नेतृत्व में नया मोड़: लालू-नीतीश के बेटों के इर्द-गिर्द घूमेगा बिहार, क्‍या ‘पावर सेंटर’ हो रहा तैयार? 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The Traitors Season 2 में होगी शुभमन गिल की बहन शहनील की एंट्री? जानें कौन-कौन होंगे इस बार शो का हिस्सा

The Traitors Season 2: ‘द ट्रेटर्स’ का दूसरा सीजन आने वाला है और इसे लेकर लोगों में एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है. इस बीच समाचार सामने आई है कि हिंदुस्तानीय क्रिकेटर शुभमन गिल की बहन शहनील गिल इस बार शो में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आ सकती हैं, जिससे फैंस के बीच और भी दिलचस्पी बढ़ गई है. यह रियलिटी शो अपने माइंड गेम्स, चालाकी और ट्विस्ट के लिए जाना जाता है और पहले सीजन के बाद ही दर्शकों के बीच खास पहचान बना चुका है. अब फैंस नए सीजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, आइए पूरी अपडेट बताते हैं. शुभमन गिल की बहन की एंट्री ‘फिल्म विंडो’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहनील गिल ‘द ट्रेटर्स 2’ में कंटेस्टेंट के तौर पर हिस्सा ले सकती हैं. सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी फैन फॉलोइंग है और अब वह रियलिटी टीवी की दुनिया में अपना नया सफर शुरू करने जा रही हैं. उनकी एंट्री की समाचार ने शो को लेकर एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है. ये सितारे भी आ सकते हैं नजर Reality Scoop की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सीजन में मुनव्वर फारूकी और श्वेता तिवारी जैसे बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा, क्रिस्टल डिसूजा के भी शो का हिस्सा बनने की चर्चा है. हालांकि, पहले जो समाचारें आ रही थीं कि रुबीना दिलैक और एल्विश यादव शो में होंगे, उन्हें गलत बताया गया है. क्या है शो का कॉन्सेप्ट? ‘द ट्रेटर्स’ एक ऐसा गेम शो है, जिसमें कंटेस्टेंट्स को अपने बीच छिपे ‘गद्दारों’ (Traitors) को पहचानना होता है. हर कोई अपनी समझ, चालाकी और रणनीति से गेम में टिके रहने की कोशिश करता है. यही वजह है कि शो में हर समय सस्पेंस और ट्विस्ट देखने को मिलता है. पहले सीजन के विनर कौन थे? पहले सीजन में भी जबरदस्त गेम देखने को मिला था. आखिर में उर्फी जावेद और निकिता लूथर ने अपनी समझदारी और रणनीति से जीत हासिल की थी. इस सीजन में अपूर्वा मुखीजा, जैस्मिन भसीन, सुधांशु पांडे, हर्ष गुजराल, एल्नाज नौरोजी, पूरव झा जैसे कई जाने-माने चेहरे नजर आए थे, जिसने शो को और भी दिलचस्प बना दिया था. इस बार क्या होगा खास? पहले सीजन की सफलता को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि दूसरा सीजन और भी ज्यादा मजेदार और रोमांचक होगा. नए कंटेस्टेंट्स, नई रणनीतियां और ज्यादा ड्रामा इस बार दर्शकों को देखने को मिल सकता है. यह भी पढ़ें: The Traitors India Season 2 से नेहा धूपिया ने किया किनारा, इंस्टाग्राम स्टोरी में बताई वजह The post The Traitors Season 2 में होगी शुभमन गिल की बहन शहनील की एंट्री? जानें कौन-कौन होंगे इस बार शो का हिस्सा appeared first on Naya Vichar.

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ईरान का दावा: अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा, ट्रंप के शांति वार्ता का दिया जवाब

USS Abraham Lincoln : ईरान ने दावा किया है कि उसने नेवी की चेतावनी के ठीक एक घंटे बाद अमेरिका के विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर क्रूज मिसाइल से हमला किया है.हालांकि ईरान के इस दावे पर अमेरिका की ओर से कोई कंफर्मेशन या जवाब नहीं आया है. ईरान ने अब्राहम लिंकन पर हमला करने का दावा प्रशासनी टीवी पर किया है. चाबहार के पास अब्राहम लिंकन पर किया गया हमला! ईरानी प्रशासनी मीडिया के अनुसार उन्होंने अमेरिका के चलते-फिरते युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर कोस्टल क्रूज मिसाइल दागी है. इस मिसाइल के दागे जाने से कितना नुकसान हुआ, इसकी भी अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि अपुष्ट समाचारों के अनुसार ईरान ने चाबहार बंदरगाह के पास अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा है. यह डेवलपमेंट तेहरान की बढ़ती बयानबाजी के बीच हुआ है, वह भी तब, जब अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्री शांति योजना भेजी थी. 🚨 BREAKING : 🇺🇸🇮🇷 Iran fired cruise missiles toward the USS Abraham Lincoln near Chabahar, about 250–300 km off its coast….View more pic.twitter.com/jRSIxcTHc1 — INN Iran National News (@INNewx) March 25, 2026 विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें क्या है अब्राहम लिंकन की खासियत? अब्राहम लिंकन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थे और उनके नाम पर ही अमेरिकी एयरबेस यानी विमानवाहक पोत का नाम अब्राहम लिंकन रखा गया है.यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में गिना जाता है. यह एक चलता-फिरता एयरबेस है, जिसपर 60–70 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात हो सकते हैं.यह युद्धपोत पानी में रहकर ही हवाई हमले कर सकता है और अपनी रक्षा भी कर सकता है. यह युद्धपोत परमाणु ऊर्जा से चलता है और इसमें परमाणु रिएक्टर लगे होते हैं. यह सालों तक बिना ईंधन भरे काम कर सकता है. यह लगभग 333 मीटर लंबा युद्धपोत है.इसपर 5000 लोग सवार हो सकते हैं, जिसमें क्रू मेंबर और एयरविंग शामिल होते हैं. अब्राहम लिंकन कहां तैनात होता है इसकी सही लोकेशन के बारे में जानकारी सिर्फ अमेरिकन नेवी को ही होती है. यह प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, अरब सागर और फारस की खाड़ी में भी भ्रमण करता है. ये भी पढ़ें : अमेरिका की 15 सूत्री शांति योजना का ईरान ने उड़ाया मजाक, कहा– युद्ध जारी रहेगा SC ने कहा- शर्म करें पुलिस अधिकारी, 3 साल की बच्ची से बलात्कार की जांच SIT को सौंपी The post ईरान का दावा: अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा, ट्रंप के शांति वार्ता का दिया जवाब appeared first on Naya Vichar.

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अब जाम छलकाना होगा महंगा! मिडिल-ईस्ट युद्ध के कारण शराब और बीयर की कीमतों में 15% बढ़ोतरी की मांग

Liquor Beer Price Hike: मिडिल-ईस्ट (मध्य-पूर्व) में जारी तनाव की आग अब हिंदुस्तान के आबकारी विभाग और शराब प्रेमियों की जेब तक पहुँचने वाली है. कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और चरमराती सप्लाई चेन से परेशान होकर देश के दो सबसे बड़े उद्योग निकायों ने राज्य प्रशासनों से शराब और बीयर की कीमतों में तत्काल 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की अपील की है. कंपनियों का कहना है कि अगर कीमतें नहीं बढ़ाई गईं, तो उनके लिए बाजार में टिके रहना मुश्किल हो जाएगा. कितनी बढ़ेगी कीमत ? शराब उद्योग के शीर्ष निकाय ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज’ (CIABC) ने राज्य प्रशासनों को पत्र लिखकर इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) के उत्पादों के दामों में संशोधन की मांग की है. संगठन के महानिदेशक अनंत एस. अय्यर के मुताबिक, वे प्रति केस (9 लीटर) पर 100 से 150 रुपये की वृद्धि चाहते हैं. दूसरी ओर, ‘ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (BAI) ने, जो यूनाइटेड ब्रुअरीज और कार्लसबर्ग जैसी दिग्गज बीयर कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है, प्रति केस (12 बोतल) पर 25 से 30 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की है. क्यों बढ़ रहे हैं दाम ? इस संकट की मुख्य वजह मिडिल-ईस्ट में बढ़ता युद्ध है, जिसने वैश्विक सप्लाई चेन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने पैकेजिंग और ढुलाई के खर्च को आसमान पर पहुंचा दिया है. बोतलों के ढक्कन में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक (PP/HDPE) के दाम फरवरी से अब तक 31% से 36% तक बढ़ चुके हैं, क्योंकि ईरान से होने वाला आयात लगभग ठप है. इसके अलावा, एल्युमीनियम और कागज की कीमतों में भी भारी उछाल आया है, जिससे बोतलों की सील और पैकिंग बॉक्स काफी महंगे हो गए हैं. प्रशासन के लिए भी बड़ा खतरा शराब और बीयर उद्योग न केवल रोजगार का बड़ा जरिया है, बल्कि यह प्रशासनी खजाने में हर साल करीब 3.50 लाख करोड़ रुपये का राजस्व (Revenue) भी जमा करता है. BAI के महानिदेशक विनोद गिरी ने चेतावनी दी है कि कई राज्यों में बीयर कंपनियां इस वक्त घाटे में चल रही हैं और बिना मूल्य वृद्धि के उनका अस्तित्व खतरे में है. उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि राजस्व की सुरक्षा और उद्योग को बचाने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला तुरंत लिया जाए ताकि बोझ केवल कंपनियों पर न पड़े. कांच की बोतलों का संकट और ऊर्जा की कमी शराब उद्योग के लिए सबसे बड़ी चुनौती कांच की बोतलों की कमी और उनकी बढ़ती कीमत है. फिरोजाबाद के ग्लास हब को होने वाली एलएनजी (LNG) सप्लाई में भारी कटौती की गई है, जिससे कांच की फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर हैं. इसके कारण कांच के सप्लायर अब 12% तक दाम बढ़ाने के संकेत दे रहे हैं. साथ ही, कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम इस महीने ₹144 बढ़कर ₹1,973.50 हो गए हैं और इंडोनेशियाई कोयला भी 20% महंगा हो गया है, जिससे शराब बनाने की पूरी प्रक्रिया की लागत कई गुना बढ़ गई है. लागत में कितनी हुई बढ़ोतरी ? कच्चा माल बढ़त (लगभग) मुख्य कारण प्लास्टिक (PP/HDPE) 31% – 36% ईरान से आयात बंद होना PET रेजिन 40% कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें कोयला (इंडोनेशिया) 20% वैश्विक ऊर्जा संकट कांच की बोतलें 8% – 12% गैस सप्लाई में कटौती और महंगा सिलेंडर Also Read: शेयर बाजार में तूफानी तेजी,सेंसेक्स 1,205 अंक उछला, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भरा निवेशकों में जोश The post अब जाम छलकाना होगा महंगा! मिडिल-ईस्ट युद्ध के कारण शराब और बीयर की कीमतों में 15% बढ़ोतरी की मांग appeared first on Naya Vichar.

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QS वर्ल्ड रैंकिंग में भारत का जलवा, IIT-JNU ने दुनिया को दिखाया दम

QS World University Rankings 2026: क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में हिंदुस्तानीय यूनिवर्सिटीज की संख्या अलग-अलग सब्जेक्ट में बढ़ी है. नई रैंकिंग से यह भी साफ होता है कि हिंदुस्तान की हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट का हाल धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है. वर्ल्ड लेवल पर IITs, IISc, IIMs और सेंट्रल यूनिवर्सिटी की अपनी पहचान बन रही है. आइए रैंकिंग में क्या-क्या है आसान भाषा में समझते हैं. QS World University Rankings 2026 में हिंदुस्तान के 20 नए इंस्टीट्यूट क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग (QS World University Rankings 2026) के मुताबिक इस साल हिंदुस्तान के 20 नए संस्थान इस रैंकिंग में शामिल हुए हैं. इसके साथ ही अब कुल 99 हिंदुस्तानीय इंस्टीट्यूट इस वर्ल्ड लेवल की रैंकिंग में जगह बना चुके हैं. पिछले साल यह संख्या 79 थी. एक ही साल में हिंदुस्तान ने अच्छी बढ़त दर्ज की है. कैसे तैयार होती है QS Ranking? क्यूएस रैंकिंग (QS Ranking) इस्टीट्यूट के कई मानकों के आधार पर तैयार की जाती है. इसमें सबसे पहले एकेडमिक रेपुटेशन यानी विश्वविद्यालय की पढ़ाई और रिसर्च की गुणवत्ता देखी जाती है. इसके अलावा एम्प्लॉयर रेपुटेशन देखा जाता है कि कंपनियां उस संस्थान के छात्रों को कितना पसंद करती हैं. साथ ही रिसर्च और सिटेशन, अंतर्राष्ट्रीय छात्र और फैकल्टी की संख्या और ग्लोबल कनेक्शन जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जाता है. Looking to study a specific subject? The latest QS World University Rankings by Subject are now live to help you compare your options. Check the full ranking here: https://t.co/HXOcokdaSN What’s the major you are planning to study?#SubjectRankings #QSWUR #UniRankings pic.twitter.com/RnmNa8dVaz — QS World University Rankings (@worlduniranking) March 25, 2026 120 नए विषयों में हिंदुस्तानीय इंस्टीट्यूट की एंट्री इस साल की रैंकिंग (QS World University Rankings 2026) में हिंदुस्तान ने अलग-अलग विषयों में भी उपलब्धि हासिल की है. हिंदुस्तान ने 120 नए विषयों में एंट्री दर्ज की है. कुल मिलाकर हिंदुस्तान के संस्थानों को 599 विषयों में जगह मिली है, जबकि पिछले साल यह संख्या 533 थी. QS World University Ranking 2026 Check Here QS रैंकिंग में IITs का दबदबा हिंदुस्तानीय संस्थानों में सबसे ज्यादा विषयों में एंट्री IIT Bombay को मिली है. इसके बाद IIT Kharagpur, University of Delhi, IIT Madras और IIT Delhi का स्थान है. नीचे टेबल में IITs की रैंकिंग देख सकते हैं- रैंक संस्थान का नाम स्थान ओवरऑल स्कोर एम्प्लॉयर रेपुटेशन 36 आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) नई दिल्ली, हिंदुस्तान 81.2 83.5 42 आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) मुंबई, हिंदुस्तान 80.3 84.3 62 आईआईटी मद्रास (IIT Madras) चेन्नई, हिंदुस्तान 78.2 78.8 64 आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) खड़गपुर, हिंदुस्तान 77.9 76.9 86 आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) कानपुर, हिंदुस्तान 76 77.5 IIT Delhi कई सब्जेक्ट्स में शामिल आईआईटी दिल्ली को Chemical Engineering में रैंक 48 मिला है. वहीं, Electrical and Electronic Engineering में इस कॉलेज की रैंक 36 है. इसके अलावा Mechanical Engineering में रैंक 44 और Computer Science में भी इस कॉलेज का नाम रैंक 45 पर है. विषय (Subject) रैंक (Rank) केमिकल इंजीनियरिंग (Chemical Engineering) 48 इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग (Electrical & Electronic Engineering) 36 मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Mechanical Engineering) 44 कंप्यूटर साइंस (Computer Science) 45 IIT BHU के 11 विषय टॉप 500 में शामिल आईआईटी बीएचयू को इस साल अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग (QS World University Rankings 2026) में अच्छी सफलता मिली है. आईआईटी-बीएचयू के 11 विषय दुनिया के टॉप 500 में शामिल हुए हैं. इसका मतलब है कि अलग-अलग इंजीनियरिंग और साइंस डिसिप्लिन में इस कॉलेज की पढ़ाई और रिसर्च को पहचान मिल रही है. यह भी पढ़ें: IIT धनबाद में MTech में एडमिशन शुरू, इस दिन तक करें अप्लाई The post QS वर्ल्ड रैंकिंग में हिंदुस्तान का जलवा, IIT-JNU ने दुनिया को दिखाया दम appeared first on Naya Vichar.

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पहली मुलाकात में ही बनाएं दमदार इम्प्रेशन, कॉन्फिडेंट और स्मार्ट दिखने के लिए अपनाएं ये टिप्स

First Impression Tips: जब आप पहली बार किसी से मिल रहे होते हैं, तो यह काफी ज्यादा खास होती है. चाहे वह एक जॉब इंटरव्यू हो, बिजनेस मीटिंग हो या फिर आप किसी दूसरे व्यक्ति से ही पहली बार क्यों ना मिल रहे हों. अक्सर जब हम किसी से पहली बार मिलने जाते हैं तो हमारे दिमाग में यह सवाल चलता रहता है कि आखिर सामने वाला हमारे बारे में क्या सोचेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि जो पहला इंप्रेशन होता है वह सबसे ज्यादा जरूरी होता है और यह काफी जल्दी बन भी जाता है. इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप कुछ खास बातों का ख्याल जरूर रखें जब आप किसी से पहली बार मिलने जा रहे हों तब. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं बातों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं. साफ-सुथरे और ढंग के कपड़े पहनें आप किस तरह के कपड़े पहन रहे हैं यह आपकी पर्सनालिटी के बारे में काफी कुछ बता देता है. यह बिलकुल जरूरी नहीं है कि आप काफी महंगे कपड़े पहनें या फिर किसी ब्रांड के ही कपड़े पहनें. आप नॉर्मल कपड़ों को भी अच्छी तरह से साफ करके और आयरन करके पहन सकते हैं. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि आप मौके को ध्यान में रखकर कपड़े पहन रहे हैं. जब आप अच्छी तरह से कपड़े पहनते हैं तो सामने वाले पर आपका काफी पॉजिटिव इम्पैक्ट पड़ता है और साथ ही आप एक कॉंफिडेंट इंसान की तरह भी दिखते हैं. क्या सोशल मीडिया धीरे-धीरे आपके रिश्ते को कर रहा है खराब? सच्चाई जानकर उड़ जाएंगे आपके होश स्माइल और पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज अगर आप सामने वाले इंसान पर एक पॉजिटिव और लॉन्ग लास्टिंग इम्प्रेशन बनाना चाहते हैं, तो आपके चेहरे पर उससे मिलते समय एक हल्की सी स्माइल जरूर होनी चाहिए. जब आप मुस्कुराकर किसी से मिलते हैं तो आपके साथ कम्फर्टेबल फील करने लगता है. इसके अलावा आपकी बॉडी लैंग्वेज भी काफी ज्यादा मायने रखती है. जब आप किसी से बात कर रहे हों, तो बिलकुल सीधे खड़े रहें, आंखों में आंखें डालकर बात करें. सही तरीके से बातचीत शुरू करें जब आप पहली बार किसी से बात कर रहे है , तो आपके शब्दों का चयन काफी सोच समझकर करें। बात करते समय हमेशा ही एक विनम्र भाषा का इस्तेमाल करें. इसके अलावा आपको सामने वाले इंसान की बातों को भी काफी ध्यान से सुनना चाहिए. जब आप किसी से बात कर रहे हैं तो उन्हें बीच में टोकने से बचें और साथ ही बातों को जितना लाइट और पॉजिटिव हो सके रखने की कोशिश करें. जब आप ऐसा करते हैं तो सामने वाला इंसान आपको समझदार और एलिगेंट समझता है. ये भी पढ़ें: क्या आप जानते हैं अपने पार्टनर का मूड पढ़ने के ये आसान तरीके? रिश्ते में गलतफहमियों से बचने के लिए जरूर जानें कॉन्फिडेंस रखें, लेकिन ओवरकॉन्फिडेंस नहीं जब आप किसी से पहली बार मिल रहे हैं तो आपके अंदर कॉन्फिडेंस होना चाहिए, लेकिन ओवरकॉन्फिडेंस से आपको बचना भी चाहिए. अपनी बातों को बिलकुल ही क्लियर और शांत तरीके से सामने वाले को कहें. अगर आप किसी सवाल का जवाब नहीं जानते हैं, तो ईमानदारी के साथ इस चीज को स्वीकार जरूर कर लें. समय की पाबंदी दिखाएं जब आप किसी भी जगह पर एकदम समय से पहुंचते हैं तो यह आपकी जिम्मेदारी और प्रोफेशनल एटीट्यूड को दिखाता है. जब आप पहली बार ही किसी से मिलने के लिए देर से पहुंचते हैं तो इसकी वजह से भी इम्प्रेशन खराब हो सकता है. जब आप पहली बार किसी से मिल रहे हैं तो समय से थोड़ा पहले पहुंचना ही आपके लिए बेस्ट होता है. ये भी पढ़ें: Relationship Tips: बाहर से हंसते-मुस्कुराते रिश्ते अंदर से क्यों होते हैं सबसे ज्यादा कमजोर? ये है टूटे हुए रिश्तों की कड़वी सच्चाई The post पहली मुलाकात में ही बनाएं दमदार इम्प्रेशन, कॉन्फिडेंट और स्मार्ट दिखने के लिए अपनाएं ये टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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बिना बनियान का कुर्ता पहनने पर ट्रोल हुआ ये एक्टर, मांगनी पड़ी माफी

Ali Zafar: कभी-कभी सोशल मीडिया पर छोटी-सी बात भी बड़ा मुद्दा बन जाती है. ऐसा ही कुछ हुआ पाकिस्तानी एक्टर-सिंगर अली जफर के साथ, जिनकी एक ईद वाली तस्वीर पर खूब बवाल मच गया. दरअसल, अली जफर ने ईद के मौके पर अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की थीं. इन तस्वीरों में उन्होंने ट्रांसपेरेंट कुर्ता पहना था, लेकिन उसके नीचे बनियान नहीं थी. बस फिर क्या था, सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया और उनके ड्रेसिंग सेंस पर सवाल उठाने लगे. तंज भरी ‘माफी’ ने खींचा ध्यान इस पूरे मामले पर अली जफर ने एक नोट जारी किया, जिसमें उन्होंने बेहद मजेदार अंदाज में माफी मांगी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिना बनियान के ट्रांसपेरेंट कुर्ता पहनना और ईद पर अजरक प्रिंट धोती पहनकर पौधों को पानी देना शायद दुनिया के सबसे बड़े मुद्दों में शामिल हो गया है. ट्रोलर्स को दिया जवाब अली जफर ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह समझते हैं कि यह “गंभीर मुद्दा” बन चुका है और आगे से वह इस “गलती” को दोहराने से बचेंगे. उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर लोगों को काफी पसंद आया. हिंदुस्तान में अकाउंट बैन बता दें, साल 2025 में हुए पहलगाम टेरर अटैक के बाद हिंदुस्तान में अली जफर समेत कई पाकिस्तानी कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बैन लगा दिया गया था. अली जफर ने अपने करियर की शुरुआत टीवी से की थी और बाद में बॉलीवुड में तेरे बिन लादेन जैसी फिल्मों से पहचान बनाई. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम कर अपनी अलग जगह बनाई. यह भी पढ़ें: धुरंधर 2 के इस एक्टर के पास अपनी ही फिल्म देखने को नहीं है पैसे, दाम कम होने का इंतजार The post बिना बनियान का कुर्ता पहनने पर ट्रोल हुआ ये एक्टर, मांगनी पड़ी माफी appeared first on Naya Vichar.

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सुपरमैन बना 32 साल का फील्डर, हवा में उड़कर लपका कैच, वीडियो देख हैरान रह जाएंगे आप

Highlights करो या मरो मैच में साउथ अफ्रीका की जीत निक केली का हैरान करने वाला कैच कॉनर एस्टरहुइजन का शानदार डेब्यू दोनों टीमों का स्कोरकार्ड और प्रदर्शन Nick Kelly Catch: साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच स्पोर्ट्सी गई 5 मैच की टी20 सीरीज को प्रोटियाज ने 3-2 से अपने नाम कर लिया. निर्णायक मुकाबले में हार के बावजूद न्यूजीलैंड के 32 साल के खिलाड़ी निक केली ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. अपने डेब्यू में निक के बल्ले से सिर्फ 14 रन ही आए, लेकिन उनका एक शानदार कैच चर्चा का विषय बन गया है. करो या मरो मैच में साउथ अफ्रीका की जीत क्राइस्टचर्च के हैग्ली ओवल मैदान पर पांचवां मैच स्पोर्ट्सा गया. इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 33 रन से करारी मात दी. इसी के साथ टीम ने ट्राफी भी अपने नाम कर ली. यह मैच दोनों ही टीमों के लिए बेहद अहम था क्योंकि यह सीरीज का फैसला करने वाला मुकाबला था. इसी के साथ इस मैच को जीतकर साउथ अफ्रीका ने सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली. निक केली का हैरान करने वाला कैच न्यूजीलैंड के निक केली ने इसी टी20 सीरीज में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. उन्होंने पांच मैचों में केवल 57 रन बनाए. लेकिन इस पांचवें मैच में उन्होंने ऐसा कैच लपका जिसने देखने वालों को हैरान कर दिया. साउथ अफ्रीका की पारी का 16वां ओवर चल रहा था. कीवी गेंदबाज बेन सियर्स की पहली गेंद पर बल्लेबाज ने हवा में शॉट स्पोर्ट्सा. गेंद काफी दूर थी और निक केली ने दौड़ना शुरू किया. उन्होंने हवा में छलांग लगाकर बाएं हाथ से एक बेहतरीन कैच पकड़ लिया. NZ ने 4 कैच छोड़ा लेकिन तभी nick kelly ने ले लिया 😂 pic.twitter.com/AJnEW70e8v — LUCKNOW WALE (@13ajeetyadav) March 25, 2026 निक केली ने जिस बल्लेबाज का कैच पकड़ा, वह साउथ अफ्रीका के रूबीन हरमन थे. हरमन इस मैच में काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे. आउट होने से पहले उन्होंने 31 गेंदों का सामना करते हुए 39 रन बनाए थे. उन्होंने अपनी टीम के लिए तीसरे विकेट की खातिर 49 रन की साझेदारी भी की थी. निक के इस कमाल के कैच की वजह से रूबीन को डग आउट वापस लौटना पड़ा. कॉनर एस्टरहुइजन का शानदार डेब्यू इस पूरी सीरीज में एक और खिलाड़ी ने अपना डेब्यू किया और सभी पर अपनी छाप छोड़ी. साउथ अफ्रीका के कॉनर एस्टरहुइजन ने सीरीज में बेहतरीन स्पोर्ट्स दिखाया. उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर आफ द मैच और प्लेयर आफ द सीरीज दोनों अवाड दिए गए. कॉनर ने पांच मैचों में 145.99 की स्ट्राइक रेट से कुल 200 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से दो हाफ सेंचुरी भी निकली. दोनों टीमों का स्कोरकार्ड और प्रदर्शन इस आखिरी मैच में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 187 रन का एक बड़ा स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर केवल 154 रन ही बना सकी. इस तरह से साउथ अफ्रीका ने यह मैच 33 रन के अंतर से आसानी से जीत लिया. ये भी पढ़ें- IPL 2026 से पहले KKR का बड़ा फैसला, हमेशा के लिए रिटायर हुई रसेल की 12 नंबर जर्सी टी20 में अमेलिया कर का धमाका, तोड़ा रोहित शर्मा का रिकॉर्ड, साउथ अफ्रीका को हराया IPL 2026: बेन डकेट ने DC को दिया धोखा! क्या BCCI के नए नियम से लगेगा बैन? The post सुपरमैन बना 32 साल का फील्डर, हवा में उड़कर लपका कैच, वीडियो देख हैरान रह जाएंगे आप appeared first on Naya Vichar.

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