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Author name: Vinod Jha

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थोड़ी ही देर में लगेगा साल का अंतिम सूर्यग्रहण, सावन अमावस्या पर अद्भुत खगोलीय संयोग

Surya Grahan 2026: आज 12 अगस्त 2026, बुधवार को अब से थोड़ी ही देर में साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगने जा रहा है. धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से आज का दिन बेहद खास है. एक ओर सावन में भगवान शिव की आराधना का महत्व है, वहीं अमावस्या पर पितृ तर्पण और हरियाली अमावस्या पर प्रकृति पूजन की परंपरा है. इसी बीच सूर्य ग्रहण का संयोग इस दिन को और विशेष बना रहा है. रात 9:04 बजे शुरू होगा सूर्य ग्रहण पंचांग के अनुसार आज 12 अगस्त की रात 9:04 बजे सूर्य ग्रहण शुरू होगा. ग्रहण का समापन 13 अगस्त की देर रात 1:27 बजे होगा. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण है, जिसमें चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा. अमावस्या तिथि कब तक रहेगी? सावन अमावस्या तिथि 12 अगस्त 2026 को रात 1:52 बजे शुरू हुई और रात 11:06 बजे समाप्त होगी. इसी दिन हरियाली अमावस्या मनाई जा रही है. इस अवसर पर भगवान शिव की पूजा, दान-पुण्य और पौधरोपण करने की परंपरा है. हिंदुस्तान में नहीं लगेगा सूतक काल सूर्य ग्रहण को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सामान्यतः सूतक काल मान्य नहीं माना जाता. इसलिए हिंदुस्तान में रहने वाले लोग आज अमावस्या की पूजा, दान-पुण्य और शिव आराधना सामान्य तरीके से कर सकते हैं. हरियाली अमावस्या पर करें ये काम हरियाली अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा करने के साथ पौधरोपण और जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र का दान करने की परंपरा है. पितरों की शांति के लिए तर्पण और सेवा कार्य भी किए जाते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार इन कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है. ये भी पढ़ें: रिश्तों पर न लगने दें मनमुटाव का ‘ग्रहण’, आज साल के अंतिम सूर्यग्रहण पर पति-पत्नी साथ मिलकर करें ये सरल उपाय ग्रहण के दौरान रखें सावधानी सूर्य ग्रहण से जुड़े धार्मिक नियम अलग-अलग परंपराओं में अलग हो सकते हैं. इसलिए विशेष अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग या पारिवारिक परंपरा का पालन करें. वहीं, जहां ग्रहण दिखाई दे रहा हो, सूर्य को सीधे आंखों से देखना सुरक्षित नहीं है. The post थोड़ी ही देर में लगेगा साल का अंतिम सूर्यग्रहण, सावन अमावस्या पर अद्भुत खगोलीय संयोग appeared first on Naya Vichar.

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रांची में महिला यात्रियों के लिए बढ़ेगी सुविधा, शहर में चलेंगी 10 नई पिंक सिटी बसें

Ranchi Pink Bus: झारखंड की राजधानी रांची में स्त्रीओं के सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है. शहर की सड़कों पर अब छह नयी स्त्री स्पेशल पिंक बसें उतारी जायेंगी. इन बसों के संचालन के बाद रांची में स्त्री स्पेशल पिंक सिटी बसों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो जायेगी. वर्तमान में शहर में चार पिंक बसें पहले से संचालित हैं. रांची नगर निगम की ओर से नयी बसों की खरीदारी के लिए बुधवार को टेंडर जारी कर दिया गया है. जारी निविदा के अनुसार 22 अगस्त को प्री-बिड मीटिंग आयोजित की जायेगी. वहीं, टेंडर खोलने की तिथि आठ सितंबर निर्धारित की गयी है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बसों की खरीदारी और उन्हें सड़कों पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जायेगी. 32 सीटर होंगी नयी पिंक बसें नगर निगम की ओर से खरीदी जाने वाली छह नयी पिंक बसें 32 सीटर होंगी. इन बसों को विशेष रूप से स्त्री यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संचालित किया जायेगा. फिलहाल शहर में चल रही पिंक सिटी बसें स्त्रीओं के लिए सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण साधन बनी हुई हैं. नगर निगम का उद्देश्य स्त्रीओं को शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच अपेक्षाकृत किफायती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है. नयी बसों के संचालन से मौजूदा व्यवस्था का विस्तार होगा और अधिक संख्या में स्त्रीएं इसका लाभ उठा सकेंगी. दो साल से हो रही थी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग शहर में पिंक सिटी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग पिछले करीब दो वर्षों से की जा रही थी. खासकर कचहरी से बिरसा चौक के बीच सफर करने वाली स्त्रीओं और युवतियों का कहना था कि मौजूदा बसों की संख्या यात्रियों की जरूरत के मुकाबले कम है. स्त्रीओं का कहना था कि ऑटो से रोजाना आवागमन करना कई लोगों के लिए महंगा पड़ता है. इसके अलावा भीड़भाड़ वाले ऑटो में सफर के दौरान चढ़ने-उतरने में भी परेशानी होती है. ऐसे में स्त्री स्पेशल बसें उनके लिए सुविधाजनक विकल्प साबित होती हैं. स्त्री यात्रियों की लगातार मांग को देखते हुए अब नगर निगम ने पिंक बसों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है. छह नयी बसों के शामिल होने के बाद यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक विकल्प मिलने की उम्मीद है. कचहरी से बिरसा चौक के बीच चलती हैं पिंक बसें वर्तमान में पिंक सिटी बसें कचहरी से बिरसा चौक के बीच संचालित होती हैं. इस मार्ग पर बड़ी संख्या में छात्राएं, कामकाजी स्त्रीएं और अन्य स्त्री यात्री आवागमन करती हैं. नयी बसों के जुड़ने के बाद इस रूट पर सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ सकती है. नगर निगम की योजना का मकसद सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्त्रीओं को शहर में आवागमन के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना भी है. खासकर रोजाना पढ़ाई या काम के लिए सफर करने वाली स्त्रीओं के लिए बसों की संख्या बढ़ना उपयोगी साबित हो सकता है. सामान्य यात्रियों के लिए भी खरीदी जायेंगी 17 सिटी बसें स्त्री स्पेशल बसों के अलावा रांची नगर निगम सामान्य यात्रियों के लिए भी 17 नयी सिटी बसों की खरीदारी करेगा. ये बसें सामान्य श्रेणी की होंगी और इनमें स्त्री एवं पुरुष दोनों यात्रा कर सकेंगे. इन बसों की खरीदारी की प्रक्रिया फिलहाल अंतिम चरण में है. निगम के अनुसार बहुत जल्द इन बसों की खरीदारी पूरी कर ली जायेगी. इसके बाद शहर में सामान्य सिटी बस सेवा के बेड़े में भी बढ़ोतरी होगी. इसे भी पढ़ें: आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे रघुवर दास, बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं भी अनशन पर बैठूंगा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत करने की कवायद एक साथ स्त्री स्पेशल और सामान्य श्रेणी की बसों की संख्या बढ़ाने की योजना को राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है. शहर में बढ़ती आबादी और रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन के साधनों का विस्तार जरूरी है. छह नयी पिंक बसों के आने से स्त्रीओं को सुरक्षित और किफायती आवागमन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा, जबकि 17 सामान्य सिटी बसों के जुड़ने से आम यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है. अब टेंडर प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है, यही असली परीक्षा है, क्योंकि प्रशासनी फाइलों की रफ्तार और सड़क पर बस की रफ्तार अक्सर दो अलग-अलग प्रजातियां साबित होती हैं. इसे भी पढ़ें: जीएसटी घोटाला: जमशेदपुर के कारोबारी विक्की भालोटिया की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज The post रांची में स्त्री यात्रियों के लिए बढ़ेगी सुविधा, शहर में चलेंगी 10 नई पिंक सिटी बसें appeared first on Naya Vichar.

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सावधान! IIT हैदराबाद में दाखिले का ऑफिशियल ऑफर लेटर भेजकर लगा दिया 8 लाख का चूना

बीटेक कम्प्यूटर साइंस में बेटी के दाखिले के लिए वरिष्ठ इसीएल अफसर की पत्नी ने शिखर एजुकेशन कंसल्टेंट से किया संपर्क हैदराबाद जाकर मिली कंसल्टेंट के प्रतिनिधियों से, दाखिले का ऑफर लेटर मिलने पर किया 8 लाख का भुगतान, बाद में पता चला- सब फर्जी सावधान! अगर आप भी अपने बच्चों के एडमिशन के लिए किसी कंसल्टेंट के टच में हैं, तो यह समाचार आपके काम की है. एजेंसी को पैसे का भुगतान करने से पहले उसके बारे में अच्छी तरह से छानबीन कर लें. ऐसा नहीं किया, तो आप भी ठगी का शिकार हो सकते हैं. बच्चों का एडमिशन कराने के नाम पर अभिभावकों को लूटने वाले गिरोह देश भर में सक्रिय हैं. साइबर क्राइम थाना आसनसोल में एक केस दर्ज हुआ है. आइआइटी हैदराबाद में एडमिशन का ऑफिशियल ऑफर लेटर मेल पर भेज कर शातिरों ने इसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी से 8 लाख रुपए लूट लिये. वह अपनी बेटी के दाखिले के लिए शिखर एजुकेशन कंसल्टेंट संस्था के प्रतिनिधि के संपर्क में आयी, जिन्होंने स्त्री को चूना लगा दिया. घटना को लेकर साइबर क्राइम थाना आसनसोल में बीएनएस की धारा 316(2)/318(2)/319(2)/61(3)/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. ऐसे छात्रा के परिजन को अपने जाल में फंसायाइसीएल अधिकारी ने अपनी शिकायत में बताया कि आइआइटी हैदराबाद में बीटेक कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग प्रोग्राम में बेटी के दाखिले को लेकर उनकीपत्नी शिखर एजुकेशन कंसल्टेंट संस्था के प्रतिनिधि साहिल मधु बाकर के संपर्क में आयी. साहिल ने एडमिशन कराने में खुद को सक्षम बताने के लिए नकली एडमिशन कम्युनिकेशन और स्क्रीनशॉट शेयर किया. इस पर उनकी पत्नी ने बेटी की 10वीं व 12वीं कक्षा की मार्कशीट और जेइइ के डिटेल्स शेयर कर दिये. साहिल ने दावा किया कि आठ लाख रुपये के डोनेशन मॉडल से दाखिला हो सकता है, जिसकी रकम, ऑफिशियल एडमिशन ई-मेल मिलने के बाद नगद में देनी होगी. उसने देवकृष्ण नामक व्यक्ति को अपना सीनियर बता कर परिचय कराया और उसने एडमिशन प्रोसेस को लेकर भरोसा दिलाया. बाद में प्रतिनिधि के कहने पर कबीर नामक व्यक्ति ने खुद को आइआइटी हैदराबाद एडमिनिस्ट्रेशन अथॉरिटी से होने का दावा करके स्त्री से संपर्क साधा और उन्हें हैदराबाद बुलाया. उसके कहने पर तीन अगस्त 2026 को उनकी पत्नी हैदराबाद गयी और अभिषेक नामक एक व्यक्ति से मिलीं. उसने हैदराबाद के गाचीबोवली में एक कैफे से फिजिकल डॉक्युमेंट्स की कॉपी ली और उसी दिन रात 07:16 बजे बेटी के पते पर एक नकली कन्फर्मेशन ई-मेल भेजा गया, जिसमें आइआइटी हैदराबाद से एडमिशन का ऑफिशियल ऑफर होने का दावा किया गया. ई-मेल को असली मानकर उनकी पत्नी ने कैफे में ही अभिषेक को 8 लाख रुपये का भुगतान कर दिया. चार अगस्त को पता चला कि पूरा काम फर्जी है और सबके मोबाइल स्विचऑफ मिले. उसके बाद अधिकारी ने साइबर थाने में आकर शिकायत दर्ज करायी. The post सावधान! IIT हैदराबाद में दाखिले का ऑफिशियल ऑफर लेटर भेजकर लगा दिया 8 लाख का चूना appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी, नसीरुद्दीन शाह और बॉलीवुड पर भड़कीं कंगना रनौत, पूछा- पाकिस्तान से लव स्टोरी कब खत्म होगी?

छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर अनुभवी अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, “यह कोई नई बात नहीं है; फिल्म इंडस्ट्री का रवैया हमेशा से ऐसा ही रहा है. आपने संसद पर हुआ हमला देखा होगा. मेरे कई सांसद दोस्त हैं जिनकी गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और जिनकी खिड़कियां तोड़ दी गई थीं. यह सब जानते हैं; यह कोई छिपी हुई बात नहीं है. लोग मेरे घर के गेट तक चढ़ आए थे; बाहर कम से कम ढाई हजार लोग थे, और इतनी बड़ी पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी थी कि हम रात भर सो नहीं पाए थे. फिर भी, जब वह स्थिति थी, तो वे मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे. लेकिन अब, झारखंड में बच्चों पर हो रहे अत्याचारों के मामले में क्या वे ‘जेन जी’ (Gen Z) नहीं हैं? फिल्म इंडस्ट्री का यह दोहरापन नहीं चलेगा. जो लोग जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों पर मगरमच्छ के आंसू बहाते थे, उन्हें अब झारखंड के बच्चों के लिए भी वैसे ही आंसू बहाने चाहिए. वे शिशु भी बहुत बुरी हालत में हैं. इसीलिए मैंने आवाज उठाई क्योंकि उन्होंने एक बहुत ही घटिया वीडियो बनाया था जिसमें वे इस तरह की धमकियां दे रहे थे. चाहे उनकी फिल्में हों, उनके बयान हों या उनके इंटरव्यू, पाकिस्तान के साथ यह प्रेम-संबंध कब खत्म होगा? वे हमेशा पाकिस्तान के जुनून में डूबे रहते हैं. मैं जानना चाहती हूं: बंटवारे को इतने साल बीत चुके हैं, फिर भी यह प्रेम-कहानी खत्म क्यों नहीं होती? बॉलीवुड की पाकिस्तान के साथ प्रेम-कहानी आखिरकार कब खत्म होगी? इसके लिए उन्हें जवाब देना होगा.” राहुल गांधी में न तो शर्म बची है और न ही मर्यादा : कंगना लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, “मुझे लगता है कि वे देश का मजाक उड़ा रहे हैं. वे लगातार देश का मजाक बनाते हैं; उनके लिए सब कुछ एक मजाक है. यह पहली बार है जब मैं संसद का इतना मजाक बनते हुए देख रही हूं. एक ही बात में वे कहते हैं, ‘हम अमित शाह जी से जवाब चाहते हैं यह पूछना कि उन्होंने छात्रों के साथ ऐसा-वैसा किया या नहीं और साथ ही यह भी कहते हैं, “हम उन्हें सुनने के लिए यहां नहीं आए हैं.” उनमें अब न तो शर्म बची है और न ही मर्यादा का कोई ख्याल. पूरी दुनिया देख रही है और सोच रही है कि यह किस तरह का इंसान है. जिस तरह से वे अपनी हताशा निकाल रहे हैं और संसद का और इस तरह पूरे देश और उसके नागरिकों का अपमान कर रहे हैं, उसे देखते हुए मुझे यकीन हो गया है कि विपक्ष के नेता के तौर पर यह उनका आखिरी कार्यकाल होगा. राहुल सोचते हैं, उनके अलावा देश में किसी और का अस्तित्व ही नहीं है : कंगना कंगना ने राहुल पर हमला जारी रखते हुए कहा, “वह प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं—एक ऐसे लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता के, जिन्हें लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए भारी जनादेश मिला है. उन्हें लगता है कि इस देश में उनके अलावा किसी और का अस्तित्व ही नहीं होना चाहिए. फिर उनके दूसरे काम भी हैं. सोरोस या अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ने और बर्बाद करने की कोशिश करना. आखिरकार, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किसके इस्तीफे की मांग करते हैं या क्या चाहते हैं, क्योंकि जनता को उनकी कोई परवाह नहीं है. उनकी इटैलियन मां ही किसी तरह विपक्ष को उन्हें अपना नेता मानने के लिए मजबूर कर रही हैं; वरना, सौ चुनाव हारने के बाद उनकी कोई हैसियत ही नहीं होती.” ये भी पढ़ें: आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे रघुवर दास, बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं भी अनशन पर बैठूंगा The post राहुल गांधी, नसीरुद्दीन शाह और बॉलीवुड पर भड़कीं कंगना रनौत, पूछा- पाकिस्तान से लव स्टोरी कब खत्म होगी? appeared first on Naya Vichar.

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Samsung Galaxy S26 FE Leaks: 3nm Exynos 2500 चिपसेट और 50MP कैमरा के साथ लीक हुए पूरे स्पेसिफिकेशंस

दक्षिण कोरियाई टेक दिग्गज सैमसंग अपने प्रीमियम स्मार्टफोन पोर्टफोलियो का नया मॉडल Galaxy S26 FE लॉन्च करने की तैयारी में है. मशहूर टेक पब्लिकेशन WinFuture द्वारा शेयर की गई रिपोर्ट के बाद इस अपकमिंग स्मार्टफोन के लगभग सभी फीचर्स, स्पेसिफिकेशंस और कीमत का खुलासा हो गया है. डिजाइन के मामले में यह सैमसंग गैलेक्सी फोन अपने पिछले मॉडल S25 FE से काफी मिलता-जुलता दिखाई देता है, लेकिन परफॉर्मेंस और बैटरी एफिशिएंसी के मोर्चे पर इसमें कुछ बड़े और अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं. पावरफुल Exynos 2500 प्रॉसेसर और परफॉर्मेंस प्रॉसेसर के मोर्चे पर सैमसंग ने इस बार बड़ा अपग्रेड किया है. पुराने Exynos चिपसेट को दोहराने के बजाय नये Galaxy S26 FE में सैमसंग का 3-नैनोमीटर GAA प्रॉसेस पर बना Exynos 2500 प्रॉसेसर इस्तेमाल किया गया है. यह 10-कोर सीपीयू और AMD RDNA 3 आर्किटेक्चर पर आधारित Xclipse 950 जीपीयू से लैस है. इसके साथ 8GB रैम और 128GB और 256GB स्टोरेज के दो विकल्प मिलेंगे. बेहतर प्रॉसेसर के चलते दैनिक इस्तेमाल और हैवी गेमिंग के दौरान फोन में बेहतर परफॉर्मेंस और स्टेबिलिटी देखने को मिलेगी. डिस्प्ले, डिजाइन और कैमरा सेटअप सैमसंग के इस नये मॉडल में 6.7-इंच की डायनैमिक AMOLED 2X डिस्प्ले दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1,900 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आती है. फोन की मोटाई 7.4 मिमी और वजन 193 ग्राम है, साथ ही इसमें धूल और पानी से बचाव के लिए IP68 रेटिंग दी गई है. फोटोग्राफी के लिए फोन में 50MP का मुख्य रियर कैमरा, 3x ऑप्टिकल जूम वाला 8MP टेलीफोटो लेंस और नया 12MP अल्ट्रा-वाइड सेंसर दिया गया है. वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 12MP का कैमरा मौजूद है. 4,900mAh बैटरी और बेहतर बैकअप Galaxy S26 FE में 4,900mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W वायर्ड और 15W वायरलेस फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. हालांकि EPREL चार्ज साइकिल रेटिंग पहले के 2,000 से घटकर 1,200 रह गई है, लेकिन नया और अधिक ऊर्जा-कुशल प्रॉसेसर बैटरी लाइफ को बढ़ाने में मदद करेगा. आधिकारिक दावों के अनुसार, यह फोन सिंगल चार्ज में 50 घंटे तक का बैकअप दे सकता है, जो पुराने मॉडल के 42.5 घंटे से काफी अधिक है. कीमत में बढ़ोतरी और संभावित लॉन्च टाइमलाइन मेमोरी कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत के चलते Galaxy S26 FE की कीमत में इजाफा देखा जा सकता है. यूरोप में इसके 128GB वेरिएंट की संभावित कीमत 800 यूरो (लगभग 72,000 रुपये) रखी जा सकती है, जो पुराने मॉडल की तुलना में करीब 50 यूरो अधिक है. हालांकि सैमसंग ने आधिकारिक लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है, लेकिन कंपनी के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह स्मार्टफोन अगले महीने यानी सितंबर में वैश्विक और हिंदुस्तानीय बाजारों में दस्तक दे सकता है. ये भी पढ़ें: Samsung Galaxy A56 5G पर ₹10,000 की छूट, क्या अब खरीदना सही रहेगा? ये भी पढ़ें: सैमसंग के नये फोल्डेबल फोन्स में आया मेड इन इंडिया फीचर, अब कभी मिस नहीं होगा बिल पेमेंट The post Samsung Galaxy S26 FE Leaks: 3nm Exynos 2500 चिपसेट और 50MP कैमरा के साथ लीक हुए पूरे स्पेसिफिकेशंस appeared first on Naya Vichar.

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आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे रघुवर दास, बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं भी अनशन पर बैठूंगा

रांची से अरविंद कुमार सिंह की रिपोर्ट JPSC Student Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पहुंचे. उन्होंने आंदोलनरत छात्रों को संबोधित करते हुए राज्य प्रशासन पर जमकर निशाना साधा. रघुवर दास ने कहा कि पिछले 20 दिनों से शिशु अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. राज्य के सुदूर क्षेत्रों से छात्र रांची पहुंचे हैं और अपने भविष्य को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र सड़क पर हैं. यह केवल कुछ छात्रों का आंदोलन नहीं है, बल्कि झारखंड के हर परिवार की भावना इस आंदोलन से जुड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि पूरे झारखंड की जनता छात्रों के साथ खड़ी है और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है. अधिकारियों को दी चेतावनी रघुवर दास ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन प्रशासन के अधिकारी आंदोलनरत छात्रों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपना काम सही तरीके से करें. सत्ता स्थायी नहीं होती, आती-जाती रहती है, लेकिन अधिकारियों का कैरियर लंबा होता है. उन्होंने कहा कि भविष्य में छात्रों के साथ छेड़छाड़ या दबाव बनाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों से संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप काम करने की अपील की. साथ ही कहा कि यदि छात्रों के साथ अन्याय जारी रहा, तो जनता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी. ‘नेतृत्वक बात नहीं करूंगा’ छात्रों को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने कहा कि उनका नेतृत्वक जन्म भी छात्र आंदोलन से हुआ है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मंच से वह नेतृत्वक बातें नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि यह मंच छात्रों के आंदोलन का है और उनका उद्देश्य उनकी जायज मांगों को समर्थन देना है. उन्होंने झारखंड की जनता से छात्रों की मदद करने की अपील की. रघुवर दास ने कहा कि छात्र आंदोलन को तन, मन और धन से समर्थन दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यही शिशु झारखंड का भविष्य हैं और उनके भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. ‘सबसे ज्यादा घोटाला जेएसएससी सीजीएल में’ पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में करीब 10 परीक्षाओं में गड़बड़ी और घोटाले के आरोप सामने आये हैं. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा विवाद जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर हुआ. उनके अनुसार, इन मामलों ने युवाओं के बीच व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा किया है. रघुवर दास ने आरोप लगाया कि नौकरियों को बेचने और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने जैसी स्थिति बनी है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण कई छात्र-छात्राओं की जान चली गयी, इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं खुली. उन्होंने उत्पाद सिपाही भर्ती के दौरान जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग की. ‘एक सप्ताह में मांगें पूरी करें प्रशासन’ रघुवर दास ने राज्य प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर छात्रों की जायज मांगें पूरी करने की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रशासन को भटकना बंद करना चाहिए और छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए. उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वह छात्रों के आंदोलन को प्रतिष्ठा का विषय न बनाये और हठधर्मिता छोड़कर बातचीत के माध्यम से समाधान निकाले. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक होती है. सत्ता में बैठे लोगों को जनता की आवाज सुननी चाहिए और सत्ता के अहंकार में नहीं जीना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो सत्ता में चढ़ाना जानते हैं, वही जनता समय आने पर उतारना भी जानती है. इसे भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी; प्राथमिकी दर्ज, आरोपी गिरफ्तार मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनशन की चेतावनी रघुवर दास ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वह स्वयं भी अनशन पर बैठेंगे. उन्होंने कहा कि वह छात्रों के संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे. उन्होंने प्रशासन से कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल निर्णय लिया जाये. उन्होंने दोहराया कि आंदोलनरत छात्र केवल अपनी व्यक्तिगत मांगों के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए आवाज उठा रहे हैं. अंत में रघुवर दास ने कहा कि वह छात्रों के साथ एक दास की तरह खड़े रहेंगे और उनके संघर्ष में पूरी मजबूती से साथ देंगे. इसे भी पढ़ें: रांची में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ मेदिनीनगर में सत्याग्रह, सूर्या सोनल सिंह ने उठाई युवाओं की आवाज The post आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे रघुवर दास, बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं भी अनशन पर बैठूंगा appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

बागमती के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी, खेत-खलिहानों में फैला पानी

नया विचार न्यूज़ कल्याणपुर।( प्रियांशु कुमार)-  प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली बागमती नदी के जलस्तर में पिछले एक सप्ताह से लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बुधवार को भी नदी के जलस्तर में करीब छह इंच की बढ़ोतरी हुई। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बागमती नदी का पानी बढ़ने के कारण रमजान नगर, तीरा, रामदीरी, नामापुर सहित नदी किनारे बसे गांवों के निचले हिस्से के खेत-खलिहानों में पानी पहुंच रहा है। कई जगहों पर खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान की आशंका है। इधर, बागमती के जलस्तर में वृद्धि के साथ उसकी उपधारा शांति नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। शांति नदी किनारे स्थित चौड़ में पानी फैलने से खेतों में लगी ढैंचा, जनेरा और सब्जियों की फसल प्रभावित हो रही है। किसानों के अनुसार, बैंगन समेत अन्य सब्जियों के खेतों में भी पानी प्रवेश कर गया है। पशुपालकों की बढ़ी परेशानी जलस्तर बढ़ने से पशुपालक किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। पशुओं के लिए चारा लाने के लिए उन्हें पानी हेलकर खेतों और चौर क्षेत्र तक जाना पड़ रहा है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

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15 अगस्त से गांव-गांव पहुंचेगी CJP: अभिजीत दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर सीजन 2 बहुत जल्द

अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा, “बहुत से लोग इंस्टाग्राम पर कमेंट कर रहे थे कि ‘जंतर-मंतर’ का सीजन 2 कब शुरू होगा. मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि ‘जंतर-मंतर’ का सीजन 2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है.” 15 अगस्त से नये अभियान की शुरू, प्रशासनी स्कूल होंगे टारगेट CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने नये अभियान के बारे में बताया, “आजादी के बाद से ही इस देश में प्रशासनी स्कूलों को लगातार और पूरी तरह से नज़रअंदाज किया गया है. हमारे गांवों के बच्चों को मजदूरी करने के लिए छोड़ दिया गया है. लेकिन अब प्रशासनों को प्रशासनी स्कूलों पर ध्यान देना होगा. आप अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते. इसीलिए हम 15 अगस्त को एक अभियान शुरू कर रहे हैं. हम मांग करेंगे कि प्रशासन गांव के सरपंचों से अपने गांवों के स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए कहे. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम वहां विरोध-प्रदर्शन करेंगे.” देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, यही है जंतर-मंतर सीजन 2 : सौरव दास CJP के फाउंडर दीपके के “जंतर-मंतर सीजन 2” वाले बयान पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “यह खुद ही सीजन टू है. ऐसी नाकाबिल प्रशासनों और अधिकारियों के खिलाफ पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. CJP की तरफ़ से हम अब एक देशव्यापी ‘लिसनिंग टूर’ (लोगों की बात सुनने का दौरा) शुरू कर रहे हैं ताकि जनता की बात सुन सकें। हम एक अभियान चलाएंगे और आजादी के दिन से शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देंगे. हम माता-पिता और नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने प्रशासनी स्कूलों में जाएं, सोशल ऑडिट करें, वहां के हालात रिकॉर्ड करें, सच्चाई सामने लाएं और उन्हें ठीक करने में मदद करें. युवा ज़िम्मेदारी उठा रहे हैं. जल्द ही सचमुच एक ‘विकसित हिंदुस्तान’ सामने आने वाला है.” अभिजीत दीपके ने बीजेपी पर लगाया लोगों को धमकाने का आरोप अभिजीत दीपके ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “आज दिल्ली में हमारे वॉलंटियर्स की मीटिंग होनी थी. हम हॉल ढूंढ रहे थे, लेकिन कोई भी हमें हॉल किराए पर देने को तैयार नहीं था. हर कोई यही कह रहा था कि ऊपर से दबाव है. बड़ी मुश्किल से हमें यह हॉल मिला था. हमारे पास इसकी रसीद भी है. लेकिन आज सुबह ही हॉल के मालिकों को धमकियां मिलीं. उनसे कहा गया कि अगर उन्होंने CJP की मीटिंग यहां होने दी, तो उन्हें उल्टा लटका दिया जाएगा. यह सब BJP कर रही है. उनकी हरकतों और बातों से साफ पता चलता है कि वे देश के युवाओं से डरे हुए हैं. अगर उन्हें लगता है कि ऐसी छोटी-मोटी हरकतों से हम डर जाएंगे, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं.” ये भी पढ़ें: ‘क्या बोलती पब्लिक’: धर्मेंद्र प्रधान का विकेट गिराने के बाद सितंबर से देशव्यापी मूवमेंट शुरू करेगी CJP आशुतोष रांका ने कहा- क्या दिल्ली पुलिस सिर्फ BJP के लिए काम कर रही है? मीटिंग के लिए हॉल नहीं दिए जाने पर नाराज CJP राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “दिल्ली पुलिस इस मामले में क्या कर रही है. क्या दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है? क्या दिल्ली पुलिस सिर्फ BJP के लिए काम कर रही है? दिल्ली पुलिस से सवाल यह है कि क्या वह दिल्ली की जनता के लिए काम करेगी?” ये भी पढ़ें: Video : अभिजीत दीपके ने देवेंद्र महतो से की बात, झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर क्या बोले देखें The post 15 अगस्त से गांव-गांव पहुंचेगी CJP: अभिजीत दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर सीजन 2 बहुत जल्द appeared first on Naya Vichar.

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सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी; प्राथमिकी दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

पाटन से रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट Hemant Soren Objectionable Post: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में पलामू के पाटन थाना में विनय विश्वकर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर इस मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इस संबंध में पाटन थाना क्षेत्र के पाल्हे कला गांव निवासी जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष उमाशंकर सिंह व सचिव रंजीत सिंह ने आवेदन दिया है.पुलिस को लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. शिकायतकर्ता के मुताबिक 11 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे उन्होंने अपने मोबाइल पर व्हाट्सएप और फेसबुक स्क्रॉल करने के दौरान एक अत्यधिक आपत्तिजनक पोस्ट देखी.इस पोस्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बेहद गंदी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था. जेपीएससी और सीबीआई जांच का जिक्र शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री पर जेपीएससी परीक्षाओं में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए लिखा था कि जब चोरी नहीं की तो जेपीएससी में सीबीआई जांच क्यों नहीं करवाते. पोस्ट में कथित तौर पर यह भी दावा किया गया कि जब तक परीक्षाओं की सीबीआई जांच नहीं होगी, तब तक इस तरह के पोस्ट सोशल मीडिया पर जारी रहेंगे. पोस्ट के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीर का भी गलत इस्तेमाल किया गया था. समाज में अशांति फैलाने का आरोप शिकायतकर्ता उमाशंकर सिंह ने आरोप लगाया है कि इस तरह के पोस्ट से मुख्यमंत्री की नेतृत्वक और सार्वजनिक छवि को गहरा धक्का लगा है, जिससे झामुमो समर्थकों और आम जनता में भारी आक्रोश और चिंता है. जांच करने पर पता चला कि यह पोस्ट पाटन थाना क्षेत्र के गहर पथरा गांव निवासी विनय विश्वकर्मा (पिता- नन्दकिशोर विश्वकर्मा) द्वारा किया गया है. आरोपी कथित तौर पर एक विशेष मोबाइल नंबर का उपयोग करके सोशल मीडिया पर समाज में अराजकता और नफरत फैलाने की कोशिश कर रहा था. इसे भी पढ़ें: रांची के मधुकम वाले महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से भी लगा करारा झटका, आदिवासी जमीन मामले में एसएलपी खारिज पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच में जुटे एसआई मामले की गंभीरता को देखते हुए पाटन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है. पुलिस ने शिकायतकर्ता के आवेदन और संलग्न किए गए स्क्रीनशॉट के आधार पर केस दर्ज कर ली है. पाटन अंचल के पुलिस निरीक्षक सुरेश कुमार मंडल को इस पूरे मामले का अनुसंधान करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी कर तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने में लगी है. इसे भी पढ़ें: जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति विवाद में हाईकोर्ट का फैसला: बोर्ड की योजना के अध्ययन के लिए बनाई समिति The post सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी; प्राथमिकी दर्ज, आरोपी गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली HC ने मेटा से पूछा- कॉपीराइट टूल का एक्सेस सबको क्यों नहीं? जज बोले- ‘चोर को घर की चाबी देने जैसा’

New Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने मेटा से उसके कॉपीराइट मैनेजमेंट टूल को लेकर सवाल किया है. कोर्ट ने कंपनी से पूछा कि आखिर इस टूल का एक्सेस किन नियमों और मानदंडों के आधार पर कुछ यूजर्स को दिया जाता है. यह टूल फेसबुक और इंस्टाग्राम पर क्रिएटर्स को अपने मूल कंटेंट के कॉपीराइट की निगरानी और सुरक्षा में मदद करता है. मोहित कुमार ने मेटा के टूल को लेकर उठाए सवाल मामले की सुनवाई जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की पीठ कर रही थी. यह याचिका सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर मोहित कुमार ने दायर की है. उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने उनके वीडियो डाउनलोड करके मेटा के राइट्स मैनेजमेंट टूल के जरिए उन्हीं पर कॉपीराइट का दावा कर दिया. तीन बार आवेदन, फिर भी नहीं मिला एक्सेस मोहित ने अदालत को बताया कि उन्होंने खुद इस टूल का एक्सेस पाने के लिए तीन बार आवेदन किया, लेकिन उन्हें बिना स्पष्ट कारण बताए इसे खारिज कर दिया गया. उन्होंने कहा कि दूसरी ओर कुछ ऐसे यूजर्स को भी इस टूल का एक्सेस मिला हुआ है, जिनके फॉलोअर्स की संख्या कुछ सौ ही है. सुनवाई के दौरान जस्टिस भंभानी ने मेटा की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “हर किसी को इसका एक्सेस क्यों नहीं मिलता? यह तो चोर को घर की चाबी देने और घर के मालिक को नहीं देने जैसा है.” फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक से क्रिएटर्स को खतरा मोहित ने कहा कि फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक के कारण किसी वास्तविक क्रिएटर का अकाउंट अचानक बंद हो सकता है. इससे उसकी वर्षों की मेहनत, कमाई, ब्रांड डील और डिजिटल कारोबार प्रभावित हो सकता है. मेटा की ओर से अदालत को बताया गया कि मोहित के खिलाफ की गई फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक को हटा दिया गया है और उसके तहत हटाया गया कंटेंट भी बहाल कर दिया गया है. कोर्ट ने कहा- सिस्टम की खामियों को दूर करना जरूरी कोर्ट ने मोहित की याचिका पर मेटा को समन जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को तय की. अदालत ने कहा कि कॉपीराइट मैनेजमेंट टूल से जुड़ी ऐसी शिकायतें कई कंटेंट क्रिएटर्स के मामलों में सामने आ रही हैं, इसलिए इस मुद्दे की गहराई से जांच जरूरी है. जस्टिस भंभानी ने कहा कि सिस्टम में कुछ “कमियां और खामियां” सामने आई हैं और इन्हें ठीक करने की जरूरत है. दूसरे मामले में भी अकाउंट सस्पेंड करने पर सुनवाई इसी जज के सामने एक अन्य मामले में भी यह सवाल विचाराधीन है कि क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म केवल कॉपीराइट स्ट्राइक के आधार पर किसी यूजर का अकाउंट सस्पेंड या डिलीट कर सकते हैं. यह मामला कंटेंट क्रिएटर सौरभ मौर्य से जुड़ा है, जिनका इंस्टाग्राम अकाउंट एक कॉपीराइट स्ट्राइक के बाद सस्पेंड कर दिया गया था. बाद में वह स्ट्राइक फर्जी पाई गई थी. Also read : मुंबई के घाटकोपर में भूस्खलन: मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हुई, 7 घायल The post दिल्ली HC ने मेटा से पूछा- कॉपीराइट टूल का एक्सेस सबको क्यों नहीं? जज बोले- ‘चोर को घर की चाबी देने जैसा’ appeared first on Naya Vichar.

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