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Doctor in Bihar: बिहार में मृत बच्चे का तीन दिनों तक डॉक्टर करते रहे इलाज, बदबू आने पर किया रेफर

Doctor in Bihar: पटना. पटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्ताल पर मरीज के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है. परिजनों का आरोप है कि अस्ताल के डॉक्टर मृत शिशु का इलाज करते रहे, जब शव से बदबू आने लगा तो उन लोगों ने आगे रेफर कर दिया. 10 माह के मृत शिशु की मां अनिमा ने आरोप लगाया कि मेरे शिशु की मौत के बाद भी उसे जिंदा बता कर पैसा लिया गया है. हद तो तब हो गयी, जब शिशु के शव से बदबू आने लगी. इसके बाद उसे जिंदा बता कर दूसरी जगह ले जाने के लिए कहा गया. जब दूसरे अस्ताल में भर्ती कराने पहुंचे, तो वहां के डॉक्टरों ने कहा कि शिशु की मौत 48 घंटे पहले ही हो गयी. गलती की है, तो सबके सामाने माफी मांगे बस, मुझे शांति मिलेगी अस्पताल के बाहर बैठी मां अनिमा बार-बार यही कह रही थी कि अस्पताल प्रशासन ने जो गलती की है, बस माफी मांग ले. सबके सामने माफी मांग ले, इससे मेरे शिशु और मुझे शांति मिल जायेगी. अनिमा ने कहा कि बुधवार को शिशु को सांस लेने में समस्या हो रही थी, तो उसे अस्ताल में हमने भर्ती कराया. यहां आने के दो-तीन घंटे के बाद ही बच्चा मर चुका था, लेकिन तीन दिनों तक मरे हुए शिशु का इस अस्ताल में डॉक्टरों ने इलाज किया. परिजन डॉक्टरों पर लापरवाही करने का भी आरोप लगा रहे है. हालांकि, उन्होंने आवेदन देने से मना कर दिया है. उनका कहना है कि अस्पताल हमसे माफी मांगे. अस्पतालों के डॉक्टरों की डिग्री की जांच हो अनिमा ने आगे कहा कि मेरी मांग यही है कि इस अस्पताल में कितने भी डॉक्टर के पास एमबीबीएस की डिग्री है, ये मुझे बताया जाये, क्योंकि इन लोगों ने जिस तरीके से मेरे शिशु का इलाज किया है, उसे लेकर इनकी डिग्री पर भी मुझे शंका है. गांधी मैदान थानेदार राजेश कुमार ने बताया कि 18 मार्च को शिशु की मौत हुई थी. उनके परिवार का आरोप है कि शिशु की मौत लापरवाही से हुई है. शनिवार को परिजनों ने अस्ताल मे हंगामा किया है. परिजन ने आवेदन नहीं दिया है. आवेदन मांगने पर इनकार कर दिया है. मामले की जांच की जा रही है. Also Read: Bihar Politics: नीतीश कुमार का इफ्तार पार्टी आज, इन मुस्लित संगठनों ने किया बहिष्कार का एलान The post Doctor in Bihar: बिहार में मृत शिशु का तीन दिनों तक डॉक्टर करते रहे इलाज, बदबू आने पर किया रेफर appeared first on Naya Vichar.

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Meerut Murder: सौरभ हत्याकांड में बड़ा खुलासा, मुस्कान-साहिल के अलावा और भी कातिल?

Meerut Murder: उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए सौरभ कुमार हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. इस दर्दनाक वारदात को पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर अंजाम दिया. जिस सौरभ को परिवार ने हमेशा प्यार और दुलार दिया, उनकी मौत इतनी क्रूर होगी, इसका किसी ने अंदाजा भी नहीं लगाया था. इस हत्याकांड में लगातार नए और चौंकाने वाले मोड़ सामने आ रहे हैं. अब सौरभ के करीबी दोस्तों ने मुस्कान और साहिल को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं. उनका दावा है कि मुस्कान और साहिल के अलावा और भी लोग इस हत्या में शामिल हैं. सौरभ के शव के टुकड़े कर सीमेंट में छुपाया शव (Saurabh Murder Case) मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंद्रानगर इलाके में सौरभ राजपूत की हत्या की गई. मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर सौरभ की हत्या करने के बाद शव के टुकड़े-टुकड़े कर ड्रम में डाल दिए और उस पर सीमेंट भर दिया ताकि किसी को हत्या का पता न चल सके. 18 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट में पेशी के दौरान हंगामा, वकीलों ने की पिटाई (Meerut Murder case) बुधवार को दोनों हत्यारोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. लेकिन जब उन्हें शाम को जेल ले जाया जा रहा था, तो कचहरी परिसर में वकीलों ने दोनों की जमकर पिटाई कर दी. हालात इतने बेकाबू हो गए कि पुलिस फोर्स को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और किसी तरह दोनों आरोपियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. मुस्कान अकेली दोषी नहीं, दोस्तों ने किया बड़ा खुलासा (Meerut Murder Muskaan sahil news) अब सौरभ के दोस्तों ने चौंकाने वाला दावा किया है. उनके मुताबिक, मुस्कान और साहिल अकेले सौरभ की हत्या के जिम्मेदार नहीं हैं. दोस्तों ने कहा कि मुस्कान के परिवार ने भी इस साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्कान के परिवार ने खुद को बचाने के लिए बेटी को सरेंडर करवाया है. सूरत यात्रा में हुई थी सौरभ और मुस्कान की मुलाकात (Meerut Murder Latest News) सौरभ और मुस्कान की प्रेम कहानी की शुरुआत सूरत यात्रा के दौरान हुई थी. ट्रेन में दोनों की मुलाकात हुई, जो बाद में दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई. हालांकि, दोनों के परिवारों ने इस रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं किया. जब सौरभ और मुस्कान ने शादी का फैसला किया, तो परिवार के विरोध के चलते उन्होंने घर से भागकर शादी कर ली. मुस्कान करती थी अजीब हरकतें (Saurabh Rajput murder case) सौरभ के दोस्तों ने बताया कि मुस्कान अक्सर घर में सिंदूर से अनर्गल बातें लिखती थी और अजीब हरकतें करती थी. इन बातों ने भी सौरभ को काफी परेशान कर रखा था. दोस्तों ने आरोप लगाया कि मुस्कान और साहिल के अलावा मुस्कान के परिवार ने भी सौरभ की हत्या की साजिश रची. दोस्तों की मांग- दोषियों को मिले कड़ी सजा (Meerut Murder New revelation) सौरभ के दोस्तों ने मुस्कान और साहिल के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है. उन्होंने कहा कि सौरभ की निर्मम हत्या में शामिल हर व्यक्ति को सख्त सजा मिलनी चाहिए. इस मामले में अब पुलिस मुस्कान के परिवार की भूमिका की भी जांच कर रही है. इसे भी पढ़ें: पहले सौरभ का दिल चीरा, फिर गर्दन और दोनों हथेलियों को काटा इसे भी पढ़ें: कर्ण पिशाचनी तंत्र से हुई सौरभ की हत्या? पुलिस के इस खुलासे ने सबको कर दिया हैरान The post Meerut Murder: सौरभ हत्याकांड में बड़ा खुलासा, मुस्कान-साहिल के अलावा और भी कातिल? appeared first on Naya Vichar.

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Benefits of Drinking Water in Silver Glass: चांदी के गिलास में पानी पीने से क्या होता है

Benefits of Drinking Water in Silver Glass: हिंदुस्तान में प्राचीन काल से ही चांदी को बेहद शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक धातु माना जाता है. आयुर्वेद में भी चांदी का महत्व बताया गया है. चांदी के बर्तनों का उपयोग सिर्फ शाही घरानों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि आम लोगों में भी इसे स्वस्थ रहने के लिए अपनाया जाता था. आज भी कई लोग चांदी के गिलास में पानी पीना पसंद करते हैं क्योंकि यह शरीर को डिटॉक्स करने और रोगों से बचाव करने में मदद करता है. Silver Glass Water Health Benefits: चांदी के गिलास में पानी पीने के फायदे Benefits of drinking water in silver glass: चांदी के गिलास में पानी पीने से क्या होता है  1. Silver Glass Water for Immunity: प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए चांदी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं.  यह संक्रमण से बचाव करता है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है. 2. Ayurvedic Benefits of Silver Glass Water: पाचन तंत्र को रखे स्वस्थ चांदी के गिलास में रखा पानी पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद होता है.  यह आंतों को साफ करता है और गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. 3. Detox Benefits of Drinking Water in Silver Glass: शरीर को डिटॉक्स करे चांदी का पानी शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त करने में मदद करता है.  यह शरीर को अंदर से साफ करता है और हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है. 4. त्वचा में लाए निखार चांदी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट गुण त्वचा की सेहत को सुधारते हैं.  चांदी के गिलास में पानी पीने से त्वचा चमकदार और स्वस्थ बनी रहती है. 5. Silver Utensils Health Benefits: माइंड को करे शांत चांदी में ठंडक देने वाला गुण होता है, जो मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है.  इससे मस्तिष्क को शांति मिलती है और तनाव व चिंता में राहत मिलती है. 6. हृदय को रखे स्वस्थ चांदी का पानी हृदय के लिए भी फायदेमंद होता है.  यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करता है.  कैसे करें उपयोग? रोज सुबह खाली पेट चांदी के गिलास में पानी पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. रातभर चांदी के गिलास में पानी रखकर सुबह इसे पीना शरीर को डिटॉक्स करता है. बच्चों और बुजुर्गों को भी चांदी के गिलास में पानी पीने की सलाह दी जाती है.  सावधानियां: चांदी का गिलास शुद्ध हो, इसमें कोई केमिकल या अन्य मिश्रण न हो. गिलास को रोजाना साफ करें ताकि उसमें बैक्टीरिया न पनपे. चांदी के गिलास में पानी पीना न सिर्फ शरीर को शुद्ध और स्वस्थ रखता है, बल्कि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है.  आयुर्वेद में भी इसे अमृत तुल्य बताया गया है.  अगर आप प्राकृतिक तरीके से अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो चांदी के गिलास में पानी पीने की आदत जरूर डालें. Also Read: Shubh-labh on house entrance: घर के बाहर हल्दी कुमकुम सिन्दूर से शुभ लाभ लिखने से क्या होता है Also Read: 5 Tips to Pick the Best Watermelon: घर आएगा सबसे मीठा और ताजा तरबूज- 5 टिप्स से चुनें बेस्ट वाटरमेलन Also Read: Why not to eat Baigan: बैगन क्यूं नहीं खाना चाहिए? The post Benefits of Drinking Water in Silver Glass: चांदी के गिलास में पानी पीने से क्या होता है appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: धन, पत्नी या खुद की जिंदगी? सबसे पहले किसकी करें रक्षा

Chanakya Niti: जिंदगी में मुश्किल और विपरीत समय का आना लाजमी होता है. सुख और दुख जीवन का एक अहम हिस्सा होता है. लेकिन कठिन वक्त में हम किस तरह के निर्णय लेते हैं, ये हमारे लिए काफी मायने रखता है, क्योंकि ऐसी परिस्थिति में लिया गया फैसला जिंदगी आगे की जिंदगी को तय करता है. ऐसे ही आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों के ग्रंथ में बताया है कि इंसान को विपरीत स्थिति में सबसे पहले क्या करना चाहिए. जो भी व्यक्ति इस बात को समझ लेता है, वह जीवन में कभी परेशान नहीं होता है. उसकी जिंदगी बदल जाती है. उन्होंने चाणक्य नीति के प्रथम अध्याय के 6ठें श्लोक में बताया है कि इंसान को कठिन समय में किन चीजों की रक्षा करनी चाहिए. आपदर्थे धनं रक्षेद् दारान् रक्षेद् धनैरपि।आत्मानं सततं रक्षेद् दारैरपि धनैरपि।। इस श्लोक का अर्थ यह है कि मुश्किल समय में धन की रक्षा करनी चाहिए. धन से ज्यादा पत्नी की रक्षा, लेकिन जब अपनी रक्षा की बात आ जाए, तो धन और पत्नी को त्याग कर सबसे पहले अपनी रक्षा करनी चाहिए. यह भी पढ़ें- Chanakya Niti: जंगल के समान हो जाता है घर, चाणक्य ने किया खुलासा यह भी पढ़ें- Chanakya Niti: जिंदगी को नर्क बना देंगी ये गलतियां, याद रखें चाणक्य के 3 सबक धन की रक्षा करें चाणक्य नीति के अनुसार, जब जिंदगी में मुश्किल समय आए, तो सबसे पहले धन की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि धन विपरीत परिस्थितियों में इंसान के बहुत काम आता है. ऐसे में चाहे सुख हो या दुख पैसों की बचत करके उसे एक जगह रखना चाहिए. इसके अलावा, रुपए, पैसों से ही आज के समय में व्यक्ति के कई काम पूरे होते हैं. पत्नी की रक्षा करें चाणक्य नीति के मुताबिक, अगर पत्नी की रक्षा की बात आए, तो धन का त्याग कर के सबसे पहले पत्नी की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि पत्नी परिवार की मान-सम्मान होती है. उसकी मान मर्यादा की रक्षा करने के लिए धन की रक्षा की परवाह नहीं की जानी चाहिए. अगर पत्नी जीवन से चली गई, तो धन का कोई मोल नहीं रह जाता है. खुद की रक्षा करें आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जब अपने रक्षा की बात आ जाए, तो सबसे पहले व्यक्ति को अपनी रक्षा करनी चाहिए. ऐसी परिस्थिति में धन और पत्नी की चिंता को छोड़कर सबसे पहले अपनी रक्षा की चिंता करनी चाहिए, क्योंकि जब व्यक्ति खुद सुरक्षित रहेगा तभी वह पत्नी और धन की रक्षा कर पाएगा. यह भी पढ़ें- Chanakya Niti: अगर नहीं सीखा ये सबक, तो जिंदगी भर पड़ेगा पछताना Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: धन, पत्नी या खुद की जिंदगी? सबसे पहले किसकी करें रक्षा appeared first on Naya Vichar.

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Kangana Ranaut Birthday: कंगना रनौत ने बताया- क्यों अब तक नहीं की शादी, कहा- मुझे देखने के लिए मेरे होने वाले सास-ससुर…

Kangana Ranaut Birthday: फोर्ब्स इंडिया की सेलिब्रिटी 100 की लिस्ट में छह बार शामिल हो चुकी कंगना रनौत आज, 23 मार्च 2025 को, अपना 39वां जन्मदिन मना रही हैं. कंगना बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्रियों में से एक हैं और करोड़ों की संपत्ति की मालकिन भी हैं. हालांकि कुछ सालों से उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल कर नहीं पा रही. उनकी पिछली रिलीज फिल्म इमरजेंसी भी बॉक्स ऑफिस पर पिट गई. मूवी इसी साल सिनेमाघरों में आई थी. इसके अलावा तेजस, धाकड़ मूवीज भी पिट गई थी. अगर उनके पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था उन्होंने शादी क्यों नहीं की. कंगना रनौत ने अभी तक क्यों नहीं की शादी? रजत शर्मा के शो में कंगना रनौत ने अपनी शादी से जुड़े कुछ खुलासे किए थे. उन्होंने कहा था, “मुझ पर इतने सारे लोगों ने केस किए हैं, जिस वजह से हमेशा कोर्ट से समन आते रहते हैं.” एक फनी मोमेंट को शेयर करते हुए उन्होंने बताया था कि “एक बार मुझे देखने के लिए मेरे होने वाले सास-ससुर घर आए और उसी वक्त कोर्ट से एक लेटर आ गया. यह पुलिस केस में भेजा गया समन था, जिससे वे इतने डर गए कि इसके बाद उन्होंने मुझसे दोबारा संपर्क ही नहीं किया.” उनका नाम अध्ययन सुमन और ऋतिक रोशन के साथ जुड़ चुका हैं, हालांकि उनका रिश्ता चला नहीं. View this post on Instagram A post shared by Kangana Ranaut (@kanganaranaut) कंगना रनौत की नेट वर्थ कंगना रनौत ने एक्टिंग के साथ अब नेतृत्व में भी कदम रख दिया है और अब वह मंडी लोकसभा से सांसद हैं. चुनाव आयोग में दिए गए दस्तावेजों के अनुसार, कंगना रनौत की कुल संपत्ति 91.5 करोड़ रुपये से ज्यादा है. साथ ही उनके पास 5 करोड़ रुपये मूल्य का 6.7 किलो सोना, 50 लाख रुपये के 60 किलो चांदी के बर्तन और आभूषण, तथा 3 करोड़ रुपये के हीरे के आभूषण हैं. यह भी पढ़ें– Sikandar First Review: क्या प्रशासन की रीमेक है ‘सिकंदर’? सलमान खान की फिल्म का पहला रिव्यू आया सामने, बताया सीटी मार एंटरटेनर The post Kangana Ranaut Birthday: कंगना रनौत ने बताया- क्यों अब तक नहीं की शादी, कहा- मुझे देखने के लिए मेरे होने वाले सास-ससुर… appeared first on Naya Vichar.

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Meerut Murder : हत्या के बाद मुस्कान की मां ने क्यों किया दो बार फोन?

Meerut Murder : उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. जानकारी के अनुसार, 27 साल की सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और 25 साल का उसका प्रेमी साहिल शुक्ला हत्या करने के बाद छह दिनों तक हिमाचल प्रदेश के कसोल में ठहरे थे. मुस्कान और साहिल ने मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ को चार मार्च को मार डाला था. नशीला पदार्थ देने के बाद चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर की गई थी. फिर उन्होंने उसके शव के टुकड़े करके उन्हें ड्रम में डाल दिया था तथा फिर ड्रम में सीमेंट भरकर उसे सील कर दिया था. सबूत को छिपाने के लिए हिमाचल प्रदेश गए साहित और मुस्कान सौरभ राजपूत  की हत्या के बाद दोनों सबूत को छिपाने के लिए हिमाचल प्रदेश गए और 17 मार्च को मेरठ लौट आए. कसोल स्थित एक होटल के संचालक अमन कुमार ने बताया कि मुस्कान और साहिल ने खुद को पति-पत्नी बताया. वे होटल में 10 मार्च से छह दिन तक ठहरे. 16 मार्च को चले गए. उसने बताया कि उनकी कार का ड्राइवर भी साथ था. कुमार ने बताया कि पर्यटक आमतौर पर कसोल में नयी जगहों को देखने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए आते हैं, लेकिन वे दोनों पूरे दिन अपने कमरे (203) में ही रहे. दिन में केवल एक बार बाहर निकले और कार से कहीं गए जो असामान्य था. यह भी पढ़ें : Justice Yashwant Varma : जले हुए नोट! जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के अंदर का वीडियो आया, सुप्रीम कोर्ट ने किया जारी होटल के कर्मचारियों के साथ कम बातचीत करते थे साहित और मुस्कान अमन कुमार ने कहा कि वे इस दौरान किसी से नहीं मिले, उन्होंने होटल के कर्मचारियों को अपना कमरा साफ नहीं करने दिया और कर्मचारियों के साथ कम से कम बातचीत की. उन्होंने कहा कि होटल से जाते समय मुस्कान और साहिल ने होटल संचालक से कहा कि वे मनाली से आए हैं और उत्तर प्रदेश वापस जाएंगे. मुस्कान को अपनी मां का दो बार फोन आया सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान और साहिल ने अपराध के दिन 4 मार्च को एक निजी टैक्सी किराए पर ली और हिमाचल प्रदेश के लिए 15 दिन की यात्रा पर निकल पड़े. अपनी यात्रा के बारे में कैब ड्राइवर अजब सिंह ने इंडिया टुडे टीवी को बताया कि दोनों के व्यवहार के आधार पर ऐसा नहीं लग रहा था कि उन्होंने अभी-अभी किसी की हत्या की है. शिमला और मनाली की पूरी यात्रा के दौरान मुस्कान और साहिल ने एक-दूसरे से बमुश्किल ही बात की. यात्रा के दौरान मुस्कान को अपनी मां का दो बार फोन आया.  The post Meerut Murder : हत्या के बाद मुस्कान की मां ने क्यों किया दो बार फोन? appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के 3 सीनियर IPS का तबादला, नैय्यर हसनैन लौटे ईओयू, अमित लोढ़ा को भी मिली पोस्टिंग

IPS: पटना. बिहार प्रशासन ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे एडीजी रैंक के दो आईपीएस सहित तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को नयी जिम्मेदारी सौंपी है. गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे 1994 बैच के आईपीएस परेश सक्सेना को असैनिक सुरक्षा बिहार का अपर आयुक्त सह अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) बनाया गया है. वहीं, केंद्रीय इकाई एसएसबी के आईजी रहे 1996 बैच के नैय्यर हसनैन खान फिर से बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी बनाये गये हैं. पिछले साल ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गये श्री खान की सेवा राज्य प्रशासन के अनुरोध पर वापस की गयी है. अतिरिक्त प्रभार से मुक्त हुए गंगवार एडीजी में नव प्रोन्नत एससीआरबी (राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो) के 1998 बैच के आईजी अमित लोढ़ा को उनके ही पद को उत्क्रमित करते हुए एससीआरबी के एडीजी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस तबादले के बाद डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार डीजी सह आयुक्त असैनिक सुरक्षा बिहार और विशेष शाखा के एडीजी सुनील कुमार ईओयूए डीजी पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त हो जायेंगे. अमित लोढ़ा पर दर्ज है आय से अधिक संपत्ति का केस IPS अमित लोढ़ा पर ‘खाकी’ वेब सीरीज भी बन चुकी है. अमित लोढ़ा की लिखी किताब पर बहुचर्चित वेब सीरीज खाकी द बिहार चैप्टर बनी थी. उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति, पद का दुरुपयोग और अनैतिक गतिविधि सेधन कमाने के आरोपों की जांच ईडी के स्तर पर चल रही है. राज्य की जांच एजेंसी एसवीयू (विशेष निगरानी इकाई) ने अमित लोढ़ा के खिलाफ 7 दिसंबर 2022 को आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में एफआईआर दर्ज की थी. इसमें मगध रेंज के तत्कालीन आईजी अमित लोढ़ा समेत अन्य को नामजद अभियुक्त बनाया गया. The post बिहार के 3 सीनियर IPS का तबादला, नैय्यर हसनैन लौटे ईओयू, अमित लोढ़ा को भी मिली पोस्टिंग appeared first on Naya Vichar.

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East Singhbhum News : भूमि संबंधी विवाद में रजिस्ट्री और म्यूटेशन ही मान्य

घाटशिला. ‘नया विचार’ पाठकों व आम लोगों के लिए प्रत्येक शनिवार को लीगल काउंसेलिंग का आयोजन करता है. इसके तहत 22 मार्च को घाटशिला अनुमंडलीय बार एसोसिएशन के सदस्य सह एचसीएल-आइसीसी के वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने पाठकों और आम लोगों को निःशुल्क कानूनी सलाह दी. इस दौरान ज्यादातर पाठकों ने जमीन और पारिवारिक विवाद से संबंधित सवाल पूछे. इस दौरान अधिवक्ता ने कहा कि भूमि संबंधी विवाद में रजिस्ट्री और म्यूटेशन ही मान्य होते हैं. किसी वैध दस्तावेज के बिना किसी का दावा अवैध माना जायेगा. कोई आपकी जमीन पर दावा कर रहा है, तो अंचल कार्यालय में लिखित शिकायत करें. वहां से समाधान नहीं होने तो एसडीओ कोर्ट में अपील करें. दरअसल पोटका के विनय टुडू ने पूछा कि था कि उनकी खतियानी जमीन पर दूसरा व्यक्ति दावा कर रहा है. वह कहता है कि मेरे पूर्वजों ने जमीन बेच दी थी. उसके पास केवल एक हस्ताक्षरित कागज है, जिस पर किसी ग्रामीण का हस्ताक्षर नहीं है. रजिस्ट्री के कोई दस्तावेज नहीं हैं. मुझे क्या करना चाहिए. आम जनता को कानूनी रूप से जागरूक होने की जरूरत वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने बताया कि बीते 20 वर्षों में प्रशासन और न्यायालय ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किये हैं. आम जनता को कानूनी रूप से जागरूक होने की जरूरत है. लोक अदालत के माध्यम से गरीबों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर प्री-लिटिगेशन के तहत मामले का समाधान किया जाता है. उन्होंने नया विचार की सराहना की. यह अखबार समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है. लीगल काउंसेलिंग के माध्यम से आमजन को अपने अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं की सही जानकारी मिल रही है. इससे वे अपने मामले आसानी से सुलझा सकते हैं. पाठकों के सवालों पर मिली सलाह सवाल : मेरी जमीन रैयती है, लेकिन दूसरा उस पर दावा कर रहा है. उसके पास रजिस्ट्री का कोई दस्तावेज नहीं है. इस मामले में मुझे क्या करना चाहिए. – अशोक महतो, राजाबासा, घाटशिलासलाह : रैयती जमीन उसी व्यक्ति की मानी जायेगी, जिसकी जमीन है. यदि किसी ने आपत्ति जतायी है, तो मामले को कानूनी रूप से देखा जायेगा. सवाल : मैं सेवानिवृत्त हो चुका हूं, लेकिन मेरी पेंशन रुकी हुई है. रिट फाइल कर चुका हूं, मामला लंबा खींच रहा है. मुझे क्या करना चाहिए. – लंबोदर हांसदा, बहरागोड़ा सलाह : अपने अधिवक्ता से बात कर स्पेशल मेंशन करवायें, ताकि आपका मामला जल्द निष्पादित हो सके. सवाल : कुछ लोग मेरी जमीन पर जबरन कब्जा कर चुके हैं. मैंने कई बार उन्हें हटाने की अपील की, लेकिन कोई असर नहीं हो रहा. मुझे क्या करना चाहिए. – गोवर्धन मोदी, कोकपाड़ा सलाह : एलआरडीसी कोर्ट में मामला दर्ज करवायें. इस मामले में जल्द समाधान होगा. सवाल : मैं पिछले 28 सालों से एक मकान में दुकान चला रहा हूं. अब मकान मालिक उसे खाली करने को कह रहा है. मैं क्या कर सकता हूं. -किशोर वर्धन, मुसाबनीसलाह : जिस मकान में आप दुकान चला रहे हैं, वह मालिक की संपत्ति है. आप मकान मालिक से कुछ समय की मांग कर सकते हैं, लेकिन अंततः आपको मकान खाली करना ही पड़ेगा. सवाल : मऊभंडार एचसीएल कंपनी की स्थिति बहुत खराब है, जिससे मजदूरों और स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है. इस समस्या का समाधान क्या हो सकता है. -कमल दास, मऊभंडार सलाह : चूंकि कंपनी से संबंधित मामला है, इसलिए आपको एचसीएल आइसीसी के प्रबंधन से संपर्क करना चाहिए. वे ही इस विषय पर स्पष्ट जानकारी दे सकते हैं. सवाल : मेरी बहन का 22 साल पहले तलाक हो गया था. उसे भरण-पोषण के लिए 7,000 रुपये मिलते थे. 2022 में उसने 12,000 रुपये भरण-पोषण के लिए कोर्ट में क्लेम किया, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया. पिछले 3 साल से उसे पैसे नहीं मिल रहे हैं. हमें क्या करना चाहिए. -एक व्यक्ति, जादूगोड़ा सलाह : कोर्ट से जो डिग्री मिली है, उसे संबंधित कंपनी में जमा करें. यदि कंपनी भुगतान नहीं करती है, तो फैमिली कोर्ट में दोबारा अपील कर सकते हैं. आपकी बहन को न्याय मिलेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post East Singhbhum News : भूमि संबंधी विवाद में रजिस्ट्री और म्यूटेशन ही मान्य appeared first on Naya Vichar.

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East Singhbhum News : कोर कमेटी में ग्राम प्रधान व वन अधिकार समिति को रखा जाये

जादूगोड़ा. एचसीएल की केंदाडीह माइंस के लीज नवीकरण से संबंधित ग्रामों में अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर कुलामारा गांव में ग्रामसभा हुई. इसकी अध्यक्षता ग्राम प्रधान चितरंजन सिंह ने की. कुलामारा गांव में केंदाडीह मांइस के लिए 1.490 हेक्टेयर वन भूमि के अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए चर्चा की गयी. इस दौरान ग्राम प्रधान चितरंजन सिंह ने मांग की कि कोर कमेटी में ग्राम प्रधान और वन अधिकार समिति को रखा जाये. केंदाडीह खनन परियोजना में सहभागिता के अनुसार गांव के बेरोजगारों को रोजगार दिया जाये, सामाजिक दायित्व के तहत पेयजल, लाइट समेत मूलभूत समस्याओं का निदान पूर्ण किया जाये. इसके बाद ही प्रमाण पत्र दिया जायेगा. केंदाडीह माइंस को लीज मिले, इसके लिए हम सब ग्रामीण समर्थन करते हैं. एचसीएल के डीजीएम दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि ग्रामीणों की मांगों को सीएसआर के तहत पूरा करने का प्रयास किया जायेगा. केदाडीह माइंस चालू होने से क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा. बेरोजगारों को रोजगार दे प्रबंधन : सोमा पूर्ति वन अधिकार समिति की अध्यक्ष सोमा पूर्ति ने कहा कि सबसे पहले प्रबंधन गांव के बेरोजगारों को रोजगार दे, ताकि गांव के युवा पलायन ना करें. वहीं कोर कमेटी में ग्राम प्रधान और वन अधिकार समिति के लोगों को रखा जाये. इससे पहले कोर कमेटी में पंचायत प्रतिनिधि को रखा गया था. ग्राम प्रधान को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गयी थी. यह गलत है. राखा बाजार का सौंदर्यीकरण किया जाये : मुखिया माटीगोड़ा पंचायत के मुखिया बॉबी मार्डी ने कहा कि राखा बाजार का सौंदर्यीकरण और शेड का निर्माण किया जाये, युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने, पेयजल की व्यवस्था, स्वास्थ्य की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, स्कूल में डेस्क, बेंच, चेकडैम, कम्प्यूटर की व्यवस्था, स्मार्ट क्लास की व्यवस्था, स्थानीय भेंडरों का रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जाये. ग्राम सभा में ये हुए शामिल ग्रामसभा में एचसीएल के डीजीएम दीपक श्रीवास्तव, सीनियर मैनेजर माइंस सतेन्द्र कुमार, अमतुल्ला खान, सुमित एक्का, साकेत सिन्हा, साहनी सिन्हा, कासु हांसदा, अजित किस्कु, विमलेन्दु बैठा, प्रखंड से उप निरीक्षक कन्हाई लाल हांसदा शामिल थे. वहीं ग्रामीणों की ओर से ग्राम प्रधान चितरंजन सिंह, वन अधिकार समिति के अध्यक्ष सोमा पूर्ति, सचिव सुशेन कालिंदी, मुखिया बॉबी मार्डी, राम पूर्ति, पोंडे बोदरा, सिंहराई पूर्ति, मांझी सुंडी, मंगल पूर्ति आदि सैकडों ग्रामीण मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post East Singhbhum News : कोर कमेटी में ग्राम प्रधान व वन अधिकार समिति को रखा जाये appeared first on Naya Vichar.

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East Singhbhum News : सुवर्णरेखा की स्थिति ने बजायी खतरे की घंटी, नहीं चेते, तो बूंद-बूंद पानी को तरसेंगे

गालूडीह. झारखंड की जीवनरेखा सुवर्णरेखा नदी मार्च महीने में मंद पड़ गयी है. नदी नाले जैसी बह रही है. यह स्थिति भविष्य में भयावह जल संकट की ओर इशारा कर रही है. दुनिया भर के पर्यावरणविद् पानी की कमी को लेकर चिंतित हैं. जल की मांग और आपूर्ति में असंतुलन से जल संकट बढ़ रहा है. ऐसे में हमें पर्यावरण संरक्षण के साथ सतत विकास के मॉडल अनुसार, पृथ्वी पर मौजूद सभी स्रोत का नीतिपूर्ण तरीके से आवश्यकता के हिसाब से उपयोग करना होगा. हम नहीं चेते, तो भविष्य की पीढ़ियां बूंद-बूंद पानी को तरसेंगी. जलस्रोत बचाने और संरक्षण का संकल्प लें हमें जल स्रोत को बचाने और संरक्षित करने का संकल्प लेना होगा. जलवायु परिवर्तन से भू-गर्भ जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है. नदी भी नाले की तरह बहने लगी है. वर्षा जल संचय जरूरी है. दारीसाई क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि जल, जंगल और जमीन ही जीवन के मूल आधार हैं. बढ़ती आबादी, वाहन, कल-कारखाने, कटते जंगल, फैलती आबादी और सिकुड़ती जमीन से पर्यावरण नष्ट हो रहा है. यही कारण है कि अब समय पर कोई मौसम नहीं बदलता है. न समय पर बारिश हो रही, न समय पर गर्मी और सर्दी आ रही. बेमौसम बारिश हो रही. प्राकृतिक आपदाएं बढ़ी हैं. सोख्ता बनाकर वर्षा का पानी बचायें वर्षा जल संचय ही भूगर्भ जलस्तर को बचाने का एकमात्र उपाय है. इसे बचाने के लिए कुआं, डोभा, तालाब की संख्या बढ़ानी होगी. घरों की छत के पानी को सोख्ता बनाकर जमीन के अंदर भेजना होगा. टपक सिंचाई पद्धति अपनानी होगी. वर्षा के पानी को बेकार बहने से रोकना होगा. गालूडीह बराज डैम के पास सुवर्णरेखा नदी की स्थिति डराने लगी है. बराज सूखा है. नदी में पत्थर ही पत्थर दिख रहे हैं. ऐसे में विश्व जल दिवस पर संकल्प लें कि नदी को बचाना है. क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक जल संचय के लिए कई किसान टपक पद्धति से फसलों की सिंचाई करते हैं. इससे किसान कम पानी ज्यादा खेती कर सकते हैं. जल संचय के लिए छत पर टंकी बनाकर बारिश का पानी इकट्ठा करें. घर की नालियों के पानी को गड्ढे में इकट्ठा करें. गटर के नीचे बैरल लगाकर बारिश का पानी इकट्ठा करें. छत से बारिश का पानी नालियों में इकट्ठा करके नीचे की ओर ले जायें. फिर किसी तरह के भंडारण में इकट्ठा करें. – एन सलाम, सह निदेशक, दारीसाई क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र————————————-वर्षा के पानी को हम रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से बचा सकते हैं. बरसात में डोभा और तालाब के माध्यम से संचय कर सकते हैं. किसान इसका उपयोग भविष्य में रबी में खेती के लिए कर सकते हैं. उस पानी में मछली व बत्तख पालन आदि कर सकते हैं. विभिन्न फसल और सब्जियां उगा सकते हैं. किसान अगर टपक सिंचाई प्रणाली से सब्जियों में सिंचाई करते हैं, तो 30 से 70 प्रतिशत तक पानी बचत कर सकते हैं. डॉ डालेश्वर रजक, कनीय वैज्ञानिक सह सहायक प्राध्यापक, दारीसाई —————————————–जल संसाधन सीमित और दुर्लभ है. पानी घट रहा है. भविष्य में पानी की कमी एक बड़ा संकट बन सकता है. हमें वर्षा जल संचय के स्थायी तरीकों को अपनाना चाहिए. वर्षा जल संरक्षण न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए, बल्कि शहरी क्षेत्रों के लिए जरूरी है. जल जीवन है. वन दोनों का आपस में संबंध है. जीने के लिए जल जरूरी है. – डॉ देवाशीष महतो, कृषि वैज्ञानिक, दारीसाई ———————————-वर्षा जल संचयन की प्रक्रिया में छत पर जमा वर्षा के जल को धरातल यानी जमीन पर लाया जाता है. उसे टैंकों, तालाबों, कुओं, बोरवेल, जलाशय आदि में इकट्ठा किया जाता है. वर्षा जल को इकट्ठा करने के लिए रिचार्ज गड्ढों का निर्माण किया जाता है. गड्ढों को कंकर, बजरी, मोटे रेत से भरा जाता है. वे अशुद्धियों के लिए एक फिल्टर की तरह काम करता है. – डॉ प्रदीप प्रसाद, कृषि वैज्ञानिक, दारीसाई डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post East Singhbhum News : सुवर्णरेखा की स्थिति ने बजायी खतरे की घंटी, नहीं चेते, तो बूंद-बूंद पानी को तरसेंगे appeared first on Naya Vichar.

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