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Ranchi News: होली के दिन नामकुम में जमकर हुई मारपीट, तलवारबाजी में 4 गंभीर

Ranchi News| नामकुम (रांची), राजेश वर्मा : झारखंड की राजधानी रांची में शराब दुकान के पास 2 पक्षों में जमकर मारपीट हुई. इस दौरान तलवारबाजी भी हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गये. 4 की हालत गंभीर बतायी जा रही है. घटना रांची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत नामकुम रेलवे स्टेशन के समीप खटाल में हुई. जरार बस्ती और नामकुम खटाल के युवकों के बीच हुआ था विवाद पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की शाम पेट्रोल पंप के समीप स्थित प्रशासनी शराब दुकान के पास जोरार बस्ती एवं नामकुम खटाल के युवकों के बीच चाबी की वजह से विवाद शुरू हुआ. बाद में बात बढ़ी और मारपीट की नौबत आ गयी. खटाल के लोगों ने बस्ती के युवकों को पीट दिया. इसके बाद बस्ती वाले अपने-अपने घर चले गये. मारपीट के बीच एक पक्ष ने तलवार से कर दिया वार शनिवार (15 मार्कीच 2025) की सुबह बस्ती के दर्जनों लोग लाठी-डंडा लेकर खटाल पहुंचे. इसमें स्त्री और पुरुष दोनों थे. ये लोग खटाल गली में घुस रहे थे, तभी खटाल वालों को इसकी जानकारी मिल गयी. खटाल के लोग भी एकजुट हुए और बस्ती वालों के साथ मारपीट शुरू कर दी. इसी बीच एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष पर तलवार से वार कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हो गये. 4 की हालत गंभीर है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें तलवारबाजी के पूरा इलाका छावनी में तब्दील सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया. दो पक्षों में हुए विवाद को देखते हुए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. तलवारबाजी की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार की रात से ही नामकुम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार के नेतृत्व में इलाके में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें उग्रवाद से मुक्त होगा गुमला, नागफेनी अंबाघाघ बनेगा पर्यटन स्थल हिंदुस्तान फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट ही निकले लूट के मास्टरमाइंड, 5 गिरफ्तार सिमडेगा में स्त्री समेत 5 पीएलएफआई उग्रवादी गिरफ्तार, पुलिस ने जेल भेजा, लेवी वसूलने आये थे सभी The post Ranchi News: होली के दिन नामकुम में जमकर हुई मारपीट, तलवारबाजी में 4 गंभीर appeared first on Naya Vichar.

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Video: मुंगेर के लाल ASI संतोष सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई सलामी, एसपी ने दी अंतिम विदाई

Video: मुंगेर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए ASI संतोष कुमार सिंह को एसपी ने अंतिम विदाई दी. एसपी सय्यद इमरान मसूद ने शहीद ASI संतोष सिंह को पुलिस लाइन में अन्य पुलिसकर्मियों के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इसके बाद शहीद जमादार के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा. मुंगेर के मुफस्सिल थाना में तैनात जमादार संतोष कुमार सिंह की आज (शनिवार) इलाज के दौरान मौत हो गई. शुक्रवार देर रात बदमाशों ने सिर पर धारदार हथियार से मारकर ASI को घायल कर दिया था. ALSO READ: Munger ASI Murder: मुंगेर में ASI की मौत के बाद एक्शन में पुलिस, एनकाउंटर में अपराधी को मारी गोली ALSO READ: Video: वाह रे दादागिरी, होली स्पोर्ट्सने से मना किया तो मार दी गोली, गुंडागर्दी का यह वीडियो आया सामने The post Video: मुंगेर के लाल ASI संतोष सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई सलामी, एसपी ने दी अंतिम विदाई appeared first on Naya Vichar.

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Essay on Bhagat Singh in Hindi: भगत सिंह पर निबंध ऐसे लिखें छात्र

Essay on Bhagat Singh in Hindi: शहीद भगत सिंह एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने हंसते-हंसते देश के लिए अपनी जान दे दी थी. 23 मार्च को उनकी पुण्यतिथि है और इस मौके पर पूरे देश में अलग-अलग जगहों पर उन्हें और उनके बलिदान को याद करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. यह दिन छात्रों और युवाओं के लिए विशेष महत्व रखता है. स्कूल की परीक्षाओं या बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों को भगत सिंह पर निबंध लिखने के लिए दिया जा सकता है, इसलिए इस लेख में आप भगत सिंह पर निबंध (Essay on Bhagat Singh in Hindi) 150 शब्दों और 400 शब्दों में लिखना सीखेंगे. भगत सिंह पर निबंध (Essay on Bhagat Singh in Hindi) 150 शब्दों में भगत सिंह पर निबंध (Essay on Bhagat Singh in Hindi) इस प्रकार है- भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायपुर जिले में हुआ था. उनके पिता का नाम किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती था. भगत सिंह अकेले नहीं, उनके पिता और चाचा अजीत सिंह और स्वर्ण सिंह भी प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थे.  भगत सिंह ने अपनी पढ़ाई डीएवी हाई स्कूल, लाहौर से की थी।.13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में हुए हत्याकांड का गहरा असर 12 साल के भगत सिंह पर पड़ा. इसी घटना ने उन्हें अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा दी. इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और “नौजवान हिंदुस्तान सभा” बनाई. भगत सिंह ने राजगुरु और सुखदेव के साथ मिलकर काकोरी कांड को अंजाम दिया. 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ब्रिटिश संसद में बम और पर्चे फेंके, ताकि अंग्रेजी शासन को जागरूक किया जा सके. उनका “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा बहुत प्रसिद्ध हुआ. 7 अक्टूबर 1930 को उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी, जो 24 मार्च 1931 को दी जानी थी लेकिन अंग्रेजी प्रशासन इतनी डर गई थी कि उन्होंने 23 मार्च 1931 को तय तारीख से 11 घंटे पहले ही उन्हें फांसी दे दी. यह भी पढ़ें- 10 Lines on Bhagat Singh in Hindi: महान क्रांतिकारी भगत सिंह के बारे में 10 लाइन भगत सिंह पर निबंध (Essay on Bhagat Singh in Hindi) 400 शब्दों में भगत सिंह पर निबंध (Essay on Bhagat Singh in Hindi) इस प्रकार है- प्रस्तावना भगत सिंह हिंदुस्तानीय इतिहास के सबसे साहसी और प्रभावशाली स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे. उन्हें उनकी बहादुरी, क्रांतिकारी विचारों और देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान के लिए याद किया जाता है. 28 सितंबर 1907 को बंगा (अब पाकिस्तान में) में जन्मे भगत सिंह ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष के प्रतीक बन गए. भगत सिंह का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा (Bhagat Singh Essay in Hindi) भगत सिंह का जन्म एक सिख परिवार में किशन सिंह संधू और विद्यावती कौर के घर हुआ था. छोटी उम्र से ही वे देशभक्ति की कहानियों और स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों से बहुत प्रभावित थे. वे एक बुद्धिमान छात्र थे और उन्होंने शुरुआत में लाहौर के दयानंद एंग्लो-वैदिक (डीएवी) स्कूल में पढ़ाई की. एक युवा लड़के के रूप में वे 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड से स्तब्ध थे और इसने उन पर एक स्थायी प्रभाव डाला और हिंदुस्तान की स्वतंत्रता के लिए लड़ने के उनके दृढ़ संकल्प को बढ़ावा दिया. क्रांतिकारी आदर्श भगत सिंह (Bhagat Singh in Hindi) भगत सिंह की क्रांतिकारी यात्रा तब शुरू हुई जब वे “हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन” (HSRA) के सदस्य बने. वे चंद्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों से बहुत प्रेरित थे, जो ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ रहे थे. 1928 में भगत सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए एक ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जे.पी. सॉन्डर्स की हत्या की योजना बनाई. असेंबली बम विस्फोट 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ब्रिटिश प्रशासन की दमनकारी नीतियों के विरोध में दिल्ली में केंद्रीय विधान सभा में बम फेंके. इसका उद्देश्य हत्या करना नहीं था, बल्कि प्रशासन को युवाओं के गुस्से से अवगत कराना था. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उनका मुकदमा उनके लिए स्वतंत्रता संग्राम पर अपने विचार व्यक्त करने का एक मंच बन गया. भगत सिंह की शहादत और विरासत  अपने वीरतापूर्ण कार्यों के बावजूद, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को जे.पी. सॉन्डर्स की हत्या में शामिल होने के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी. 23 मार्च 1931 को भगत सिंह को 23 वर्ष की छोटी उम्र में फांसी दे दी गई थी. ब्रिटिश प्रशासन ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों से बचने के लिए उनकी फांसी की सजा को कई घंटे पहले ही तय कर दिया था. उनका साहस आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है. उपसंहार भगत सिंह की बहादुरी, बलिदान और स्वतंत्र हिंदुस्तान के लिए उनके सपने ने देश पर हमेशा के लिए प्रभाव छोड़ा है. उनकी विरासत उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो न्याय, समानता और स्वतंत्रता के लिए लड़ना जारी रखते हैं. भगत सिंह हिंदुस्तानीय इतिहास के सबसे महान शहीदों में से एक हैं. यह भी पढ़ें- Holika Dahan Essay in Hindi: होलिका दहन पर निबंध…इस तरह लिखें छात्र The post Essay on Bhagat Singh in Hindi: भगत सिंह पर निबंध ऐसे लिखें छात्र appeared first on Naya Vichar.

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होली के जश्न के बीच मधुबनी में जल उठा घर, सिलेंडर विस्फोट से मची अफरा-तफरी

Bihar News: बिहार के मधुबनी के बेनीपट्टी स्थित बनकट्टा गांव में शनिवार होली के दिन भीषण आग लगने से एक परिवार का सब कुछ जलकर राख हो गया. हरिवंश झा के घर में लगी इस आग ने चार कमरों में रखा सारा सामान जल कर राख हो गया है. सिलेंडर विस्फोट से मची अफरा-तफरी आग इतनी भयानक थी कि घर में रखे गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया. तेज धमाके से पूरे इलाके में दहशत फैल गई, लोग घबराकर बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने लगे. आग पर काबू पाने के दौरान यह जानकारी मिली कि घर में एक और सिलेंडर मौजूद है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई. मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए समय रहते आग को बुझाया और बड़ा हादसा टाल दिया. पारिवारिक विवाद में आगजनी की आशंका स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आग किसी पारिवारिक विवाद का नतीजा हो सकती है. घर के मालिक हरिवंश झा के दो बेटे हैं—बड़ा बेटा मनोहर शादीशुदा है, जबकि छोटा बेटा कमलेश अविवाहित है. दोनों भाइयों के बीच काफी समय से तनाव चल रहा था. ग्रामीणों को शक है कि आग जानबूझकर पेट्रोल छिड़ककर लगाई गई होगी. हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. नया विचार प्रीमियम स्टोरी: मुगल राजदरबार में अकबर ने शुरू कराया था होली का जश्न, औरंगजेब ने लगा दिया था प्रतिबंध गांव में दहशत, जांच में जुटी पुलिस प्रत्यक्षदर्शी मनोरमा देवी ने बताया कि वह चाय बना रही थीं, तभी तेज धमाके की आवाज आई और आग की लपटें उठने लगीं. ग्रामीणों ने बताया कि घर में चार-पांच गैस सिलेंडर थे, लेकिन समय रहते चार को बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के सही कारणों की पड़ताल की जा रही है. The post होली के जश्न के बीच मधुबनी में जल उठा घर, सिलेंडर विस्फोट से मची अफरा-तफरी appeared first on Naya Vichar.

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Success Story: आसान नहीं था स्वीपर से SBI AGM बनने तक का सफर…ऐसी प्रेरणादायी है प्रतीक्षा टोंडवालकर के संघर्ष और सफलता की कहानी

Pratiksha Tondwalkar Success Story in Hindi: कुछ कहानियां इतनी प्रेरणादायक होती हैं कि वे लोगों के जीवन में एक खास स्थान बना लेती हैं और लंबे समय तक उनके दिलों में ताजा रहती हैं. आज हम एक ऐसी ही प्रेरक कहानी साझा कर रहे हैं जो हमें यह सिखाती है कि मेहनत और संघर्ष से कोई भी मंजिल पाई जा सकती है. यह कहानी है प्रतीक्षा टोंडवालकर की जो कभी हिंदुस्तानीय स्टेट बैंक में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करती थीं लेकिन अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने बैंक में सहायक महाप्रबंधक (AGM) का पद हासिल किया. इस यात्रा ने न केवल उन्हें (Pratiksha Tondwalkar Success Story) अपने सपनों को पूरा करने की ताकत दी बल्कि दूसरों को भी यह संदेश दिया कि अगर दिल में आत्मविश्वास हो और मेहनत की जाए तो कोई भी कठिनाई बड़ी नहीं होती. प्रतीक्षा टोंडवालकर के बारे में (Pratiksha Tondwalkar Success Story) रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतीक्षा पुणे की रहने वाली हैं. उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि अपने माता-पिता की आर्थिक तंगी के कारण 17 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास करने से पहले ही सदाशिव कडू से शादी कर ली थी. कडू मुंबई में एसबीआई में बुकबाइंडर के तौर पर काम करते थे. दुखद बात यह है कि जब वे दोनों अपने गांव जा रहे थे तब एक दुर्घटना में कडू की मौत हो गई और इसके बाद प्रतीक्षा को 20 साल की उम्र में जीवनयापन के लिए संघर्ष करना पड़ा. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले सफाई करके हर महीने 60-65 रुपये कमाती थीं प्रतीक्षा अपने परिवार का भरण-पोषण करने और अपनी हाई स्कूल की शिक्षा पूरी करने के लिए उन्हें एसबीआई में स्वीपर के रूप में काम करना पड़ा. वह अपने बेटे की देखभाल करने और अन्य छोटे-मोटे काम करने के साथ-साथ शौचालय की सफाई और संपत्ति के फर्नीचर की सफाई करके हर महीने लगभग 60-65 रुपये कमाती थीं स्वीपर से ऐसे बैंक क्लर्क बनीं प्रतीक्षा (Pratiksha Tondwalkar) कहा जाता है कि हर सार्थक उपलब्धि में संघर्ष और जीत के अपने चरण होते हैं और प्रतीक्षा की स्थिति भी अलग नहीं थी. उन्होंने मुंबई के विक्रोली में एक नाइट कॉलेज में दाखिला लिया, 12वीं की परीक्षा पास की और दूसरे नाइट कॉलेज में मनोविज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की. ​​बाद में उन्होंने स्वीपर से बैंक क्लर्क तक का सफर तय किया. पति ने किया प्रोत्साहित तो सीजीएम-एजीएम के पद तक पहुंचीं प्रतीक्षा ने 1993 में दोबारा शादी की. उनके पति प्रमोद टोंडवालकर ने उनका बहुत साथ दिया और उन्हें बैंकिंग परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया. प्रतीक्षा ने स्थिति को बदल दिया और स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव किया. वह पूरी लगन से काम करने लगीं और अपने काम में पूरी तरह से जुट गईं. अपनी प्रतिबद्धता और लगन की वजह से प्रतीक्षा ट्रेनी ऑफिसर के पद तक पहुंचीं. बाद में वह चीफ जनरल मैनेजर (सीजीएम) और फिर असिस्टेंट जनरल मैनेजर (एजीएम) के पद पर पहुंचीं.  यह भी पढ़ें- UPSC IFS Success Story: कड़ी मेहनत और संकल्प की मिसाल…ऐसे पाई ‘सफलता की ऊंचाई’, जानें कौन हैं IFS तमाली साहा? समर्पण और आत्मविश्वास का फल है प्रतीक्षा की सफलता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में स्वीपर से एजीएम तक प्रतीक्षा (Pratiksha Tondwalkar in Hindi) का सफर दिखाता है कि कड़ी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास का फल कैसे मिलता है. जब आप अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहते हैं तब मुश्किलें सिर्फ अस्थायी होती हैं और सही दिशा और प्रयास से सफलता जरूर मिलती है. उनका यह संघर्ष यह बताता है कि जीवन में अगर हम कभी भी हार न मानें और अपने सपनों के प्रति वफादार रहें तो किसी भी स्थिति को बदलने की ताकत हमारे भीतर होती है. यह भी पढ़ें- UPSC Success Story: आसान नहीं थी तैयारी पर सपने सच होते हैं…पहले ही प्रयास में अनन्या रेड्डी ने हासिल की AIR 3, जानें सफलता की राज The post Success Story: आसान नहीं था स्वीपर से SBI AGM बनने तक का सफर…ऐसी प्रेरणादायी है प्रतीक्षा टोंडवालकर के संघर्ष और सफलता की कहानी appeared first on Naya Vichar.

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Munger ASI Murder: मुंगेर में ASI की मौत के बाद एक्शन में पुलिस, एनकाउंटर में अपराधी को मारी गोली

Munger ASI Murder: मुंगेर के मुफस्सिल थाना में तैनात जमादार संतोष कुमार सिंह की आज (शनिवार) इलाज के दौरान मौत हो गई. शुक्रवार देर रात बदमाशों ने सिर पर धारदार हथियार से मारकर ASI को घायल कर दिया था. अब इस मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. पुलिस ने अपराधी गुड्डू यादव को एनकाउंटर में घायल किया है. घायल गुड्डू के दाएं पैर में गोली लगी है. साथ ही इस मामले में मुंगेर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया है, जिसमें एक स्त्री शामिल है. मृतक संतोष कुमार सिंह कैमूर जिले के भभुआ थाना अंतर्गत पिपरिया गांव के रहने वाले थे. वहीं शहीद ASI संतोष कुमार का पोस्टमार्टम करने के बाद पुलिस लाइन में सलामी दी जाएगी. बकरी को बचाने में पलटी पुलिस की गाड़ी इस मामले में एसपी सय्यद इमरान मसूद ने बताया कि मामले में गिरफ्तार एक अपराधी गुड्डू यादव को साथ लेकर पुलिस मुफसिल थाना के बाकरपुर जा रही थी. इस दौरान पुलिस की गाड़ी बकरी को बचाने में पलट गयी, जिसमें चार पुलिसकर्मी घायल हो गए. इस मौके का फायदा उठा कर अपराधी गुड्डू यादव जवान सैफ अली की रायफल लेकर फायरिंग करने की कोशिश करने लगा. अपराधी को फायरिंग करता देख पुलिस ने अपराधी गुड्डू को चेतावनी देते हुए आत्मरक्षा में गोली मारी. इस घटना में अपराधी गुड्डू यादव के दाएं पैर में गोली लगी है. एसपी ने आगे बताया कि अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. समाचार अपडेट की जा रही है… The post Munger ASI Murder: मुंगेर में ASI की मौत के बाद एक्शन में पुलिस, एनकाउंटर में अपराधी को मारी गोली appeared first on Naya Vichar.

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रात में था घर के पास सुबह मिला फंदे पर झूलता, लखीसराय में किशोर की मौत से गांव में हड़कंप

Bihar News: लखीसराय जिले के नगर थाना क्षेत्र के पचेना गांव में एक 16 वर्षीय किशोर का शव उसके घर में फांसी के फंदे से लटका मिला. मृतक की पहचान रामबालक यादव के पुत्र गोलू कुमार के रूप में हुई है. घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. पुलिस ने मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया है. परिजनों ने जताया हत्या का शक मृतक किशोर के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गोलू कुमार की हत्या कर शव को घर में लटका दिया गया. परिजनों का कहना है कि गांव के ही एक परिवार के चार लोगों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार की रात 8 से 9 बजे के बीच गोलू घर के आसपास ही मौजूद था, लेकिन शनिवार की सुबह उसका शव कमरे में फांसी से लटका मिला. इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है. नया विचार प्रीमियम स्टोरी: मुगल राजदरबार में अकबर ने शुरू कराया था होली का जश्न, औरंगजेब ने लगा दिया था प्रतिबंध पुलिस जांच में जुटी, एफएसएल टीम करेगी जांच नगर थाना अध्यक्ष सुनील कुमार सहनी ने बताया कि किशोर की मौत संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई है. पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा. परिजनों की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी. मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए FSL टीम को भी बुलाया गया है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना के पीछे की सच्चाई का खुलासा किया जाएगा. The post रात में था घर के पास सुबह मिला फंदे पर झूलता, लखीसराय में किशोर की मौत से गांव में हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

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March 2025 South Releases: बॉक्स ऑफिस पर होगा इन साउथ फिल्मों का महा-मुकाबला! जब रिलीज होगी यह धांसू फिल्में

March 2025 South Releases: एक्शन लवर्स के लिए इस महीने कई नई फिल्में रिलीज होने वाली हैं, जिसे आप अपने फैंमिली और फ्रेंड्स के साथ एंजॉय कर सकते है. इसमें एंटरटेनिंग फिल्म्स जैसे एल 2 एमपुराण, हरि हर वीरा मल्लू, वीरा धीरा सूरण और मैड स्क्वायर शामिल है. एल 2: एमपुराण एमपुराण प्रिथ्वीराज सुकुमारन के निर्देशन में बनी तीसरी फिल्म है और 2019 में रिलीज हुई लूसिफर ट्रिलॉजी का दूसरा भाग है. यह फिल्म 2025 की सबसे बहुप्रतीक्षित मलयालम फिल्मों में से एक मानी जा रही है और इसे एक जबरदस्त पॉलिटिकल एक्शन फिल्म बताया जा रहा है. Empuraan की कहानी खुरैशी अब’राम और स्टीफन नेडुमपल्ली (मोहलाल के दो किरदार) के बीच के रिश्ते को गहराई से दिखाएगी. यह फिल्म 27 मार्च 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Bollywood vs South Industry: क्या बॉलीवुड वालों का बोरिया–बिस्तर बांध देंगे साउथ वाले? हरि हर वीरा मल्लू: पार्ट 1 हरि हर वीरा मल्लू काफी समय से सबसे चर्चित तेलुगु फिल्मों में से एक रही है. यह एक ऐतिहासिक एक्शन-एडवेंचर फिल्म है, जिसका निर्देशन कृष जगर्लामुड़ी ने किया है. कहानी मुगल काल के वीर मल्‍लू नाम के एक बागी योद्धा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे मुगलों से कोहिनूर चुराने का जिम्मा सौंपा जाता है. फिल्म के संगीत को ऑस्कर विजेता एम. एम. कीरवानी ने कम्पोज़ किया है. यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 28 मार्च 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है. वीरा धीरा सूरण जब से चियान विक्रम की फिल्म वीरा धीरा सूरण का ऐलान हुआ है, तब से यह जबरदस्त चर्चा में बनी हुई है. चिट्ठा फेम निर्देशक एसयू अरुण कुमार के साथ विक्रम की यह नई फिल्म एक एक्शन थ्रिलर बताई जा रही है. कहानी एक स्थानीय किराने की दुकान चलाने वाले शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अनजाने में अपराध की एक खतरनाक दुनिया में फंस जाता है. इसके बाद उसकी जिंदगी कैसे बदलती है, यही इस फिल्म का असली रोमांच है। यह फिल्म 27 मार्च 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. मैड स्क्वायर मैड स्क्वायर को एक आने वाली उम्र की कॉमेडी-ड्रामा फिल्म बताया जा रहा है, ठीक उसी तरह जैसे इसकी पिछली फिल्म मैड (2023) थी. कहानी तीन दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कॉलेज लाइफ की मस्ती और चुनौतियों से गुजरते हैं. फिल्म में जबरदस्त मस्ती, दोस्ती और हंसी का तड़का देखने को मिलेगा, जो दर्शकों को खूब गुदगुदाएगा. यह पूरी तरह से एक कॉमेडी एंटरटेनर होगी. मैड स्क्वायर 28 मार्च 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए तैयार है. वडक्कन वडक्कन एक सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म है, जिसका निर्देशन सजीद ए ने किया है और मुख्य भूमिका में किशोर नजर आएंगे. इसकी कहानी सजीद ए और मशहूर उपन्यासकार उन्नी आर ने मिलकर लिखी है. फिल्म की कहानी एक पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो हेलसिंकी से हिंदुस्तान आता है ताकि वह एक रियलिटी टीवी शो के दौरान हो रही रहस्यमयी मौतों की जांच कर सके. लेकिन जैसे-जैसे वह गहराई में जाता है, कहानी और भी खौफनाक मोड़ लेने लगती है. यह फिल्म 7 मार्च 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. किंग्स्टन जीवी प्रकाश कुमार स्टारर किंग्स्टन 7 मार्च 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. कमल प्रकाश के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक फैंटेसी हॉरर बताई जा रही है. खास बात यह है कि इसमें अभिनय करने के साथ-साथ बैचलर फेम जीवी प्रकाश ने इसका संगीत भी खुद कंपोज किया है. फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसे लेकर जबरदस्त चर्चा है, खासतौर पर इसके अनूठे जॉनर की वजह से, जो इसे बाकी हॉरर फिल्मों से अलग बनाता है. रॉबिनहुड नितिन स्टारर रॉबिनहुड अपनी घोषणा के बाद से ही सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वेंकी कुदुमुला के निर्देशन में बनी यह फिल्म क्लासिक रॉबिनहुड की कहानी का मॉडर्न वर्जन मानी जा रही है, जिसमें एक ऐसा किरदार दिखाया जाएगा जो अमीरों से लूटकर गरीबों की मदद करता है. यह फिल्म एक्शन और एंटरटेनमेंट से भरपूर होगी. रॉबिनहुड 28 मार्च 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. The post March 2025 South Releases: बॉक्स ऑफिस पर होगा इन साउथ फिल्मों का महा-मुकाबला! जब रिलीज होगी यह धांसू फिल्में appeared first on Naya Vichar.

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Asaduddin Owaisi: मस्जिदों के ढकने पर ओवैसी का तीखा सवाल- क्या मुसलमान दूसरे दर्जे के नागरिक हैं?

Asaduddin Owaisi: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश और केंद्र प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में मुसलमानों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने मस्जिदों को ढके जाने के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे लोग डरपोक थे जो पाकिस्तान चले गए, लेकिन यहां रहने वाले मुसलमान बहादुरों की संतान हैं और हिंदुस्तान को ही अपना वतन मानते हैं. हैदराबाद में एक जलसे को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों को उनके धार्मिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है और उनके आत्मसम्मान को छीना जा रहा है. उन्होंने कहा, “कुछ लोग कहते हैं कि अगर डर लगता है तो नमाज मत पढ़ो, घर में ही बैठ जाओ. कोई कहता है कि जैसे मस्जिदों को ढक दिया गया है वैसे ही तुम भी अपने सिर को ढक लो. कोई कहता है कि अगर हम सत्ता में आ गए तो मुसलमानों को बंगाल से निकाल देंगे. लेकिन हम बता देना चाहते हैं कि वे लोग डरपोक थे जो पाकिस्तान चले गए, लेकिन हम यहां पैदा हुए हैं और यहीं रहेंगे.” इसे भी पढ़ें: ‘शर्म करो, मुस्लिम हो’ नोरा फतेही ने मनाई होली, वीडियो वायरल ओवैसी ने आगे कहा कि मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक समझा जा रहा है, लेकिन वे इसका लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करेंगे और अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे. उन्होंने एक मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “अब हमें ये सिखाएंगे कि हमें नमाज कहां और कैसे पढ़नी चाहिए? मस्जिदें हमारे धार्मिक विश्वास का केंद्र हैं और हमें अपने धार्मिक कार्यों को करने का पूरा अधिकार है. हिंदुस्तानीय संविधान का अनुच्छेद 25 हमें इसकी अनुमति देता है और हम अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेंगे.” गौरतलब है कि होली और रमजान एक साथ पड़ने के कारण देश के कई हिस्सों में मस्जिदों को ढका गया था ताकि उन पर रंग न पड़े और किसी तरह का सांप्रदायिक तनाव न बढ़े. उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कई महीनों से तनाव बना हुआ है, ऐसे में वहां भी मस्जिदों को ढक दिया गया था. अयोध्या में भी मस्जिदों को ढकने के आदेश दिए गए थे ताकि होली के दौरान कोई विवाद न हो. इसे भी पढ़ें: यूपी समेत कई राज्यों में आज बारिश, ओलावृष्टि के बाद चलीं तेज हवाएं इस बार होली शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण यह मुद्दा नेतृत्वक बहस का केंद्र बन गया. दरभंगा की मेयर अंजुम आरा ने कहा था कि नमाज का समय बदला नहीं जा सकता, लेकिन होली के लिए दो घंटे का ब्रेक दिया जा सकता है. अंजुम आरा जेडीयू की नेता हैं और उनके इस बयान के बाद नेतृत्वक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं. वहीं, उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी ने कहा कि जो लोग रंगों से असहज महसूस करते हैं, वे घर में रहें. उन्होंने यह भी कहा कि होली साल में सिर्फ एक बार आती है, जबकि नमाज हर हफ्ते पढ़ी जाती है. ऐसे में मुसलमानों को व्यापक सोच रखनी चाहिए और सभी त्योहारों को मिल-जुलकर मनाना चाहिए. इस पूरे विवाद के बीच नेतृत्वक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. जहां ओवैसी इसे मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन इसे सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की कोशिश करार दे रहा है. इसे भी पढ़ें: अमेरिका का सख्त रुख! ट्रंप प्रशासन 41 देशों की यात्रा पर लगा सकता है रोक The post Asaduddin Owaisi: मस्जिदों के ढकने पर ओवैसी का तीखा सवाल- क्या मुसलमान दूसरे दर्जे के नागरिक हैं? appeared first on Naya Vichar.

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SSC GD Result 2025: एसएससी जीडी कांस्टेबल रिजल्ट जल्द होगा जारी, यहां करें चेक

SSC GD Result 2025 in Hindi: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर SSC GD कांस्टेबल 2025 परिणाम घोषित करने के लिए पूरी तरह तैयार है. हालांकि, पोर्टल पर परिणाम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. उम्मीद है कि परिणाम मार्च 2025 के अंत तक घोषित किया जाएगा. उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर SSC GD 2025 परिणाम पीडीएफ डाउनलोड कर सकेंगे. रिजल्ट के साथ जारी होगी कटऑफ और मेरिट लिस्ट SSC GD कांस्टेबल परिणाम घोषित होने के साथ उम्मीदवार रैंक सूची में अपनी रैंक और मेरिट स्थिति की चेक कर सकेंगे. अपनी योग्यता स्थिति के आधार पर उम्मीदवार पात्र होंगे और उपलब्ध रिक्तियों के साथ विभिन्न अर्धसैनिक बलों में विस्तृत राज्यवार कट ऑफ और अपनी स्थिति की चेक कर सकेंगे. इसके लिए आपको अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स डालने होंगे. आप रिजल्ट के बाद इसे सीधे लिंक से भी डाउनलोड कर सकते हैं. यह भी पढ़ें- CBSE Exam: सीबीएसई कक्षा 12 के छात्रों को मिलेगा ‘विशेष परीक्षा’ का मौका, बोर्ड ने जारी किया नोटिस एसएससी जीडी परिणाम 2025 कैसे चेक करें? उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके एसएससी जीडी परीक्षा परिणाम 2025 देख सकते हैं: सबसे पहले कैंडिडेट्स आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं जीडी परिणाम लिंक पर क्लिक करें परिणाम पीडीएफ को ध्यान से देखें पीडीएफ को डाउनलोड करके सेव करें. एसएससी जीडी मेरिट लिस्ट 2025 कैसे करें चेक? उम्मीदवार नीचे साझा की गई प्रक्रिया का उपयोग करके एसएससी जीडी रिजल्ट/मेरिट लिस्ट पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं: कैंडिडेट्स आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं रिजल्ट बटन पर क्लिक करें CTGD टैब पर क्लिक करें SSC GD रिजल्ट राइट-अप लिंक पर क्लिक करें लिस्ट में अपना नाम या रोल नंबर खोजें SSC GD मेरिट लिस्ट 2025 पीडीएफ डाउनलोड करें. यह भी पढ़ें- Bihar Board Result 2025: बिहार बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट कब और कहां होगा जारी? यहां देखें पूरी जानकारी एसएससी जीडी कांस्टेबल रिजल्ट 2025 के बाद आगे क्या होगा?  चयन प्रक्रिया के अनुसार, उम्मीदवारों का चयन सीबीई (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) में उनके प्रदर्शन के आधार पर होगा. इसके बाद, चयनित उम्मीदवारों को पीएसटी (शारीरिक मानक परीक्षण) और पीईटी (शारीरिक दक्षता परीक्षण) के लिए बुलाया जाएगा. ये परीक्षण सीएपीएफ द्वारा निर्धारित विभिन्न केंद्रों पर किए जाएंगे. इसके बाद डीएमई (डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन) और डीवी (दस्तावेज सत्यापन) के दौरान उम्मीदवारों की पात्रता और दस्तावेजो की पूरी तरह से जांच की जाएगी. The post SSC GD Result 2025: एसएससी जीडी कांस्टेबल रिजल्ट जल्द होगा जारी, यहां करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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