Hot News

देवी दुर्गा के कितने हाथ? बंगाल में क्यों छिड़ा विवाद; क्या कहता है पुराण

Maa Durga Arms: शारदीय नवरात्र से पहले पश्चिम बंगाल में देवी दुर्गा भुजाओं (हाथों) को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. पश्चिम बंगाल बीजेपी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट किया गया जिसमें देवी दुर्गा के ग्यारह (11) हाथ दर्शाए गए हैं. इसके अलावा ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने भी ‘एक्स’ एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें मां दुर्गा के ग्यारह हाथों को दर्शाया गया है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि शास्त्र-पुराण में मां दुर्गा के हाथों को लेकर क्या बताया गया है?

देवी दुर्गा के कितने हाथ हैं

गीता प्रेस से प्रकाशित ‘दुर्गा सप्तशती’ नामक धार्मिक पुस्तक में देवी दुर्गा के स्वरूप को विस्तार से बताया गया है. इसके प्रथम अध्याय में मां दुर्गा का ध्यान मंत्र- “खड्‌गं चक्र-गदेषु-चाप-परिघाञ्छूलं भुशुण्डीं शिर: शंखं संदधतीं करौस्त्रिनयनां सर्वाड्गभूषावृताम्, नीलाश्मद्युतिमास्य-पाददशकां सेवे महाकालिकां यामस्तौत्स्वपिते हरौ कमलजो हन्‍तुंमधुं कैटभम्” है. इस ध्यान मंत्र के अनुसार मां दुर्गा के दस हाथ हैं. जिनमें वे अलग-अलग देवताओं द्वारा प्रदान किए गए अस्त्र-शस्त्र और अन्य वस्तु धारण की हुई हैं.

ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: कब से शुरू होगा पितृ पक्ष? किस तारीख को करें पूर्वजों का तर्पण, श्राद्ध या पिंडदान

मां दुर्गा के हाथों में कौन-कौन से अस्त्र-शस्त्र

मां दुर्गा के हाथों में खड्ग (तलवार), चक्र, गदा, इषु (बाण या तीर), चाप (धनुष), परिघ (लोहे का अस्त्र), शूल (त्रिशूल), भुशुण्डी (एक प्रकार का अग्नेयास्त्र), शिर (कटा हुआ सिर) और शंख है.

किन देवताओं ने मां दुर्गा को कौन से अस्त्र-शस्त्र दिए?

देवता प्रदान किए गए अस्त्र-शस्त्र या वस्तु
1. भगवान शिव त्रिशूल
2. भगवान विष्णु सुदर्शन चक्र
3. इंद्र देव वज्र और घंटा
4. अग्नि देव शक्ति (भाला)
5. वायु देव धनुष और बाण
6. वरुण देव शंख
7. यमराज कालदंड (दंड)
8. विश्वकर्मा जी शक्तिशाली फरसा (परशु) और कवच
9. काल देवता तलवार और ढाल
10. ब्रह्मा जी कमंडल और कमल का फूल
goddess durga (Image Crdit- Bengal BJP ‘X’ Handle)

शास्त्र-पुराण में देवी दुर्गा के ग्यारह (11) हाथों का जिक्र नहीं

देवी दुर्गा के हाथों को लेकर भगवती के उपासक और ज्योतिषाचार्य रतन कुमार मिश्र ने बताया कि ग्यारह (11) हाथों वाली देवी की दुर्गा की यह तस्वीर मनगढंत है. यह उसी तरह है जैसे आजकल के कुछ पंडित जी कलश पर ऊर्ध्व मुख (ऊपर की तरफ) नारियल स्थापित कर पूजन कराते हैं. लेकिन, यह अच्छा फल देने वाला नहीं है. शास्त्रों के अनुसार इसका फल रोगकारक (बिमारी उत्पन्न करने वाला) है. इसके आलावा उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी शास्त्र-पुराण में देवी दुर्गा के ग्यारह (11) भुजाओं का जिक्र नहीं है.

देवी दुर्गा के कितने हाथ हैं

देवी दुर्गा के एक अन्य वरिष्ठ साधन ने बताया कि शास्त्र-पुराणों में आदि शक्ति जगदम्बा को चतुर्भुजी (चार भुजाओं वाली), अष्टभुजी (आठ भुजाओं वाली), दशभुजी (दश भुजाओं वाली) और अष्टादश भुजी (अठारह भुजाओं वाली) कहा गया है.

ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व

मार्कण्डेय पुराण का हिस्सा है दुर्गा सप्तशती

दुर्गा सप्तशती ‘मार्कंडेय पुराण’ का अहम हिस्सा है. इसमें देवी की स्तुति के लिए 700 मंन्त्रों का उल्लेख किया गया है. 700 मंत्र होने की वजह से इस धार्मिक पुस्तक को ‘दुर्गा सप्तशती’ नाम दिया गया. इसे चंडी पाठ और देवी महात्म्य के नाम से भी जाना जाता है.

दुर्गा सप्तशती के वर्णित 700 मंत्र को तीन चरित्रों (प्रथम, मध्यम और उत्तम) में बांटा गया है लेकिन किसी भी चरित्र में भगवती दुर्गा के ग्यारह हाथों का उल्लेख नहीं है. ऐसे में देवी दुर्गा की तस्वीर में उनके 11 हाथ को दर्शाना शास्त्र-पुराण सम्मत नहीं है. साथ ही ऐसी कल्पना निराधार है.

क्यों हुआ मां दुर्गा का प्रादुर्भाव?

मार्कण्डेय पुराण की कथा के अनुसार, महिषासुर नाम के राक्षस ने युद्ध में देवताओं को हराकर स्वर्गलोक पर अधिकार प्राप्त कर लिया और बारी-बारी से देवताओं को परेशान करने लगा. देवगण परेशान होकर त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) के पास पहुंचे. उनके तेज से एक शक्ति (देवी दुर्गा) का प्रदुर्भाव हुआ. देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया.

The post देवी दुर्गा के कितने हाथ? बंगाल में क्यों छिड़ा विवाद; क्या कहता है पुराण appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top