मेडिकल में सीटें बढ़ाने के निर्मला सीतारण के ऐलान का झारखंड को कितना फायदा?
Union Budget 2025: आम बजट 2025 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ायी जायेगी. शनिवार (1 फरवरी 2025) को अपने बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले 5 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 75,000 सीटें जोड़ी जायेंगी. उन्होंने कहा कि लक्ष्य को पूरा करने क दिशा में अगले वर्ष मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जायेंगी. निर्मला सीतारमण की इस घोषणा के बाद झारखंड में भी मेडिकल सीटें बढ़ने की संभावना बलवती हो गयीं हैं. एसएनएमएमसीएच में 50 सीट बढ़ाने का है प्रस्ताव झारखंड के धनबाद जिले में शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में 50 सीटें बढ़ने की संभावना है. इस कॉलेज में अभी 100 सीटें हैं. अगर कॉलेज के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गयी, तो इस कॉलेज में 150 स्टूडेंट्स का दाखिला होने लगेगा. इसी तरह जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एमजीएम) ने भी 50 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव दे रखा है. झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में कितनी सीटें मेडिकल कॉलेज जिला सीट की संख्या देवघर एम्स देवघर 125 राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) रांची 180 एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर 100 शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद 100 दुमका मेडिकल कॉलेज दुमका 100 हजारीबाग मेडिकल कॉलेज हजारीबाग 100 पलामू मेडिकल कॉलेज पलामू 100 झारखंड के 6 जिलों में खुलेंगे नये मेडिकल कॉलेज खूंटी, बोकारो, कोडरमा समेत झारखंड के 6 जिलों में नये मेडिकल कॉलेज खोले जाने का भी प्रस्ताव है. हालांकि, इसमें अभी कम से कम 3 साल का समय लगेगा. वर्तमान में झारखंड में 6 मेडिकल कॉलेज और देवघर में एक एम्स है. इनमें से 3 मेडिकल कॉलेज (हजारीबाग, दुमका और पलामू) में हैं, जिसमें अभी सीट बढ़ने की कोई संभावना नहीं है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें स्वास्थ्य मंत्रालय का बजट 11 फीसदी बढ़कर हुआ 99858.56 करोड़ बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बजट में इस बार लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. स्वास्थ्य मंत्रालय को 2025-2026 के बजट में 99,858.56 करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं, जो पिछले बजट में आवंटित राशि 89,974.12 करोड़ रुपए से लगभग 11 प्रतिशत अधिक है. इतना ही नहीं, वित्त मंत्री ने अगले 3 साल में सभी जिला अस्पतालों में ‘डे केयर’ कैंसर सेंटर खोलने की भी घोषणा की है. इनमें से 200 ‘डे केयर’ कैंसर केंद्र वित्त वर्ष 2025-26 में ही स्थापित किये जायेंगे. मेडिकल कॉलेजों में कैसे बढ़तीं हैं सीटें किसी भी मेडिकल कॉलेज में सीट बढ़ाने की एक प्रक्रिया है. नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) मेडिकल कॉलेजों से सीटें बढ़ाने का आवेदन करने को कहता है. संबंधित कॉलेज की ओर से आवेदन दिये जाने के बाद फिजिकल या ऑनलाइन इंस्पेक्शन होता है. फिर तय फीस मेडिकल काउंसिल में जमा करानी होती है. फैकल्टी से लेकर अस्पताल और कॉलेज के संसाधनों के बारे में विस्तार से बताना होता है. सारी जानकारी और उपलब्ध संसाधनों से संतुष्ट होने के बाद सीट बढ़ाने पर अंतिम फैसला लिया जाता है. दुमका मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल डॉ अरुण अरुण कुमार चौधरी ने नया विचार (nayavichar.com) को बताया कि उनको अभी प्रशासन या एनएमसी की ओर से कोई ऐसा दिशा-निर्देश नहीं मिला है. इसलिए दुमका मेडिकल कॉलेज में सीट बढ़ने की अभी कोई संभावना नहीं है. बता दें कि दुमका, पलामू और हजारीबाग में एक साथ मेडिकल कॉलेज खोले गये थे. इसलिए इन तीनों ही कॉलेजों में अभी सीटें बढ़ने की संभावना नहीं है. इसे भी पढ़ें ‘सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र और पोषण 2.0’ का झारखंड के 3.90 लाख कुपोषित बच्चों, गर्भवती स्त्रीओं को मिलेगा लाभ नक्सलियों की साजिश नाकाम, दूधिया जंगल से मिला 8 किलो का लैंडमाइन और देशी कट्टा निर्मला सीतारमण के बजट से झामुमो निराश, कहा- झारखंड को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया Budget 2025: निर्मला सीतारमण के बजट में झारखंड के लिए क्या? The post मेडिकल में सीटें बढ़ाने के निर्मला सीतारण के ऐलान का झारखंड को कितना फायदा? appeared first on Naya Vichar.