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अब मरीन ड्राइव के नजदीक प्रशांत किशोर का अनशन, प्रशासन से मिली इजाजत; एक शर्त भी लगाई

नया विचार पटना– जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पिछले कई दिनो से BPSC छात्रों की मांगों के समर्थन में आमरण अनशन कर रहे हैं। हाल ही में यह समाचार सामने आई थी कि अब प्रशांत किशोर पटना में गंगा किनारे मरीन ड्राइव के पास आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसके लिए जन सुराज की तरफ से वहां तंबू-टेंट भी लगाए जा रहे थे। लेकिन प्रशासन ने इसपर रोक लगा दी थी। अब पटना जिला प्रशासन से जन सुराज पार्टी को मरीन ड्राइव के पास कैंप कार्यालय संचालन की अनुमति मिल गई है। जिसके बाद अब प्रशांत किशोर मरीन ड्राइव के नजदीक जल्द ही आमरण अनशन करते नजर आ सकते हैं। दरअसल जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज हिंदुस्तानी की तरफ से जिलाधिकारी को पत्र दिया गया था। इस खत में कहा गया था कि सदर एसडीएम ने मरीन ड्राइव के नजदीक कैंप संचालन पर रोक लगाई है लिहाजा इस रोक को हटाया जाए। इसके बाद डीएम ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। डीएम ने जन सुराज को इस शर्त पर कैंप संचालन की अनुमति दी है कि वहां विधि व्यवस्था भंग नहीं होनी चाहिए। आपको बता दें कि प्रशांत किशोर मरीन ड्राइव के पास कुर्जी में कैंप सह ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करना चाहते हैं। इस कैंप की तैयारियों को लेकर कुछ तस्वीरें सामने आई थीं जिसमें नजर आ रहा था कि वहां हाईटेक टेंट बनाए जा रहे हैं। टेंट के कई सामान वहां गिराए गए थे। जमीन को समतल भी किया गया था। लेकिन सदर एसडीएम ने इस जमीन को प्रशासनी भूमि बताकर कैंप लगाने पर रोक लगा दी थी। प्रशांत किशोर ने सोमवार को पटना में कुछ बीपीएससी अभ्यर्थियों के साथ बैठक की थी। दरअसल बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पीके के अनशन को तोड़वाने की पहल करते हुए छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया था। अभ्यर्थियों की राज्यपाल से मुलाकात के पहले पीके ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी और कहा था कि उन्हें तथा छात्रों को उम्मीद है कि इस मुलाकात के बाद छात्रों की मांगों पर ध्यान दिया जाएगा। इसी के साथ प्रशांत किशोर ने यह भी ऐलान किया था कि उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। बाद में छात्रों ने राज्यपाल से मुलाकात भी की थी।

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बाबा सिद्दीकी जैसा अंजाम होगा, अब नीतीश के मंत्री संतोष सिंह को लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी

नया विचार पटना– कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर अब बिहार प्रशासन के एक मंत्री को धमकी दी गई है। बिहार प्रशासन के मंत्री संतोष सिंह से 30 लाख रुपये की मांग की गई है। धमकी देने वाले ने यह भी कहा है कि बाबा सिद्दीकी की जिस तरह से हत्या हुई है उसी तरह का अंजाम भुगतने को तैयार रहो। इस धमकी के बाद मंत्री संतोष सिंह ने बिहार के डीजीपी से इसकी शिकायत की है। डीजीपी ने पूरे मामले में कार्रवाई की बात कही है और फोन नंबर की भी जांच की जा रही है। एक मीडिया चैनल से बातचीत में मंत्री संतोष सिंह ने कहा कि उनको कई बार फोन और मैसेज आए। बार-बार वो अंजान नंबर का फोन नहीं उठा रहे थे और फोन कट कर दे रहे थे। इसके बाद उन्हें लगातार मैसेज आने लगे। एक मैसेज में कहा गया था कि सतर्क रहना तुमको 24 घंटे के अंद पता चल जाएगा। संतोष सिंह ने बताया कि धमकी देने वाले ने उनकी निजी गाड़ी का नंबर भी बताया। इसके साथ ही उसने यह भी कहा कि तुम चाहे डीजीपी को भी कह दो लेकिन अगर पैसा नहीं मिले तो अंजाम भुगतने को तैयार रहो। संतोष सिंह बिहार प्रशासन के श्रम मंत्री हैं। संतोष सिंह ने यह भी कहा है कि यह किसी की शरारत भी हो सकती है। संतोष सिंह ने मीडिया को यह भी बताया कि जिस नंबर से उन्हें लगातार फोन आ रहा है और धमकी देकर पैसे मांगे जा रहे हैं वो नंबर शायद यहां का नहीं है। उन्होंने कहा कि धमकी देने वाले की आवाज भी काफी अलग थी। श्रम मंत्री ने बताया कि धमकी देने वाले ने कई मैसेज किए हैं और बाकायदा एक स्कैनर भी भेजा है जिसके जरिए 30 लाख रुपये भेजने की बात कही गई है। संतोष सिंह ने कहा कि उन्होंने फोन करने वाले शख्स से यह भी कहा कि तुम मेरे कार्यालय में आओ, मैं तुमसे डरने वाला नहीं हूं। कहा जा रहा है कि संतोष सिंह को जिस नंबर से फोन आ रहा है वो हिंदुस्तान से बाहर का है। फोन करने वाले ने मंत्री से कहा है कि 30 लाख रुपये दे दो नहीं तो ठीक नहीं होगा। इसके बाद मंत्री ने भी यह कहा कि जो करना है कर लो मैं किसी से नहीं डरता। आपको बता दें कि पिछले साल 12 अक्टूबर को एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या मुंबई में गोली मार कर कर दी गई थी। जांच में इस बात का पता चला था कि बाबा सिद्दीकी को गोली मारने से पहले शूटर लगातार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई के संपर्क में थे। पुलिस ने बताया था कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए तीन लोगों को सुपारी दी गई थी।

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नीतीश के लिए दरवाजे खुले हैं, राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं; मीसा भारती का बड़ा बयान

नया विचार – बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी एवं सांसद मीसा हिंदुस्तानी ने बड़ा बयान दिया है। नीतीश की महागठबंधन में वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि नेतृत्व में कुछ भी असंभव नहीं है, मकर संक्रांति यानी खरमास के बाद ही शुभ कार्य शुरू होते हैं। उन्होंने नीतीश के लिए हमेशा राबड़ी आवास के दरवाजे खुले होने की बात भी कही। मीसा हिंदुस्तानी के इस बयान पर सियासी गलियारे में फिर से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पूर्व में कह चुके हैं कि नीतीश कुमार से हाथ मिलाना अपने पैरों पर ही कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा। आरजेडी सांसद मीसा हिंदुस्तानी मंगलवार को पटना स्थित राबड़ी आवास में मकर संक्रांति पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल होने पहुंचीं। इससे पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत में लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि बिहार में सियासत के पलटने की चर्चाएं चल रही हैं, इस पर उनका क्या कहना है? मीसा ने कहा, “काफी दिनों से इस बात की चर्चा हो रही है। पहले भी मकर संक्रांति के बाद सियासी उलटफेर हो चुका है। लेकिन, मुझे ऐसा नहीं लग रहा है।” मीसा हिंदुस्तानी ने आगे कहा कि नेतृत्व में कुछ भी असंभव नहीं है। हालांकि, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। आगे विधानसभा का चुनाव आ रहा है। खरमास के बाद ही शुभ कार्य शुरू होते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राबड़ी आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल नहीं होने पर उन्होंने कहा कि सीएम हमारे गार्जियन हैं। उनके लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं। नीतीश जब भी आना चाहें उनका स्वागत है। दूसरी ओर, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पिछले दिनों जेडीयू से गठबंधन की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन के दरवाजे बंद हो चुके हैं। उनसे हाथ मिलाना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा।

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BPSC छात्रों के शिष्टमंडल से दोपहर 2 बजे मिलेंगे बिहार के राज्यपाल।

नया विचार -BPSC छात्रों के शिष्टमंडल से दोपहर 2 बजे मिलेंगे बिहार के राज्यपाल। प्रशांत किशोर ने कहा उम्मीद है कि राज्यपाल इस मामले में जांच करवाएंगे और छात्रों के हित में निर्णय होगा। उन्होंने कहा पिछले कई दिनों से BPSC अभ्यर्थी अपनी मांगो को लेकर आंदोलन रथ हैं, इस दिशा में छात्र कठिनाई में भी अनशन पर बैठे हुएं है, मैं भी पिछले 12 दिनों से अनशन पर हूं। लेकिन इस बीच एक अच्छी बात ये है है कि राज्यपाल ने पहल दिखाई है छात्रों के हित में बड़ी बात कही है और उन्होंने कहा है छात्रों के एक शिष्ट मंडल को भेजा जाए उनसे बात किया जाएगा और वह अपने स्तर पर प्रशासन से बात करवाने की पहल करेंगे। छात्रों के 11 सदस्यीय शिष्टमंडल में शामिल हैं – सुभाष कुमार ठाकुर, सौरव कुमार,अनुराग,आकाश आनंद,अमन कुमार, संदीप गिरी,राम कश्यप,ऋषभ कुमार, निखिल, संदीप सिंह, नीतीश कुमार।

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विदेश में ब्लैक मनी खपाने वाले बिहारियों की अब बढ़ेगी मुश्किलें, कारोबारी से लेकर अफसर तक रडार पर!

नया विचार पटना– बिहार के उन लोगों की अब मुसीबत बढ़ने वाली है जो काली कमाई को विदेश में खपाए हुए हैं. ऐसे लोग इनकम टैक्स की रडार पर हैं और उनके ऊपर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. ऐसे लोगों की संदिग्ध संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. अभी तक कई ऐसे लोगों के बारे में पता भी चल चुका है. काला धन अधिनियम के तहत अब इन लोगों पर कार्रवाई हो सकती है. कई लोग रडार पर आए, हो सकती है कार्रवाई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कई ऐसे संदिग्ध संपत्तियों की जानकारी बिहार में आयकर विभाग को दी है. ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश मिला है. दरअसल, आयकर विभाग के रडार पर वो लोग हैं जिन्होंने अपने संपत्ति के ब्यौरे में उन संपत्ति का जिक्र नहीं किया है जो उन्होंने विदेश में रखा है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो कई कारोबारी और अफसर जांच के दायरे में आ सकते हैं. कौन चढ़े रडार पर? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे लोग जो खुद या उनके परिजन आए दिन किसी खास देश की यात्रा करते हैं वो भी रडार पर हैं. आइटीआर रिटर्न में जानकारी छिपाने वाले भी जांच के दायरे में आएंगे. कुछ लोग अपने उस परिजन के नाम पर लगातार आयकर रिटर्न फाइल करते हैं जो किसी तरह का कोई काम या कारोबार नहीं करते हैं. निजी संस्थान या ट्रस्ट के नाम पर भी टैक्स जमा करके अपनी वास्तविक आय छिपाने वाले उलझ सकते हैं. जेल तक की सजा का है प्रावधान बता दें कि इस तरह की जांच में फंसने वाले लोगों के खिलाफ 2015 के ब्लैकमनी कानून के अंतर्गत कार्रवाई हो सकती है. जिसमें प्रावधान है कि अगर विदेश में आपकी कोई संपत्ति है तो इसकी जानकारी आपको आयकर रिटर्न में देनी ही होगी. ऐसा नहीं करने पर संपत्ति जब्ती से लेकर जेल तक का प्रावधान है.

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बिहार के मुजफ्फरपुर में घर में घुसकर तीन लोगों पर बरसाई ताबड़तोड़ गोली, एक की मौत, दो लोगों की हालत गंभीर

नया विचार मुजफ्फरपुर – मुजफ्फरपुर के तुर्की थाना क्षेत्र के लदौरा पंचायत के सुमेरा नूरनगर गांव में रविवार की रात आपसी विवाद में पिता-पुत्र और पोते पर अंधाधुंध फायरिंग की गयी. जिसमें सुरेश साह (55), इनके पुत्र अजय साह उर्फ पिंटू (30) और पोता अंकुश कुमार (10) गंभीर रूप से जख्मी हो गये. गोली लगने से आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गयी. परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से सभी जख्मी को इलाज के लिए बैरिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया. गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती डॉक्टरों ने अजय साह उर्फ पिंटू को मृत घोषित कर दिया. वह निजी वाहन चालक था. वही सुरेश साह और 13 वर्षीय पोते की स्थिति गंभीर बनी हुई है. सूचना मिलते ही तुर्की पुलिस सहित एसडीपीओ पश्चिमी दो अनिमेष चंद्र ज्ञानी घटनास्थल पर पहुंच कर छानबीन की. गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है. भैया को सीने में पिस्टल सटा कर मार दी गोली मृतक अजय के भाई चंदन ने बताया कि रात साढ़े नौ बजे के आसपास वह सभी लोग घर के अंदर थे. इसी बीच उसका चचेरा भाई जितेंद्र उर्फ साहेब, राजा और राहुल उसके दरवाजे पर आकर ग्रिल खटखटाने लगा. अजय भैया जैसे ही ग्रिल के पास पहुंचे तो उनके सीने में पिस्टल सटा कर दो गोली मार दी गयी. शोर हाेने पर जब पिताजी और भतीजा बाहर निकले तो जितेंद्र घर के अंदर दाखिल होकर अंधाधुंध फायरिंग करने लगा.जिसमें दोनों लोग जख्मी हो गये.हमलोग किसी तरह जान बचा पाये. फायरिंग के बाद तीनों भाई मौका पाकर फरार हो गया. दो साल से चचेरे भाई से विवाद बताया जाता है कि मृतक के परिजनों और आरोपितों के बीच दो साल से रास्ता को लेकर विवाद चल रहा था. चंदन ने बताया कि तीन माह पहले भी जितेंद्र ने उनलोगों को जान से मारने की धमकी दी थी. उसने बताया कि जितेंद्र का किसी और से विवाद हुआ था. हमलोगों ने उसकी मदद की थी. इसी बात को लेकर वह खुन्नस में था.बार-बार जान से मारने की धमकी दे रहा था. ग्रामीण एसपी बोले… सुमेरा में फायरिंग में एक की मौत और दो लोगों के जख्मी होने की सूचना है. आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ पश्चिमी दो के नेतृत्व में पुलिस टीम छापेमारी कर रही है. विद्यासागर, ग्रामीण एसपी

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लड़कों जैसा कपड़ा… ट्यूशन पढ़ाने के दौरान प्यार, बेगूसराय की दो जवान लड़कियों ने की दिल्ली में शादी, बिहार में बवाल

नया विचार बेगुसराय – बिहार के बेगूसराय से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां की दो लड़कियों में दिल्ली के एक मंदिर में शादी करके सबको चौंका दिया है। दोनों ने 10 दिसंबर को घर से भागकर शादी की। इस घटना के बाद अधिकारों और समलैंगिक विवाह पर फिर से बहस छिड़ गई है। लक्ष्मी के परिवार ने प्रज्ञा के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस के दबाव के बाद दोनों ने थाने में आकर अपनी शादी की जानकारी दी। बता दें कि हिंदुस्तान में समलैंगिक विवाह मान्य नहीं है। लड़कों जैसे कपड़े पहनती है प्रज्ञा जानकारी के अनुसार, प्रज्ञा अक्सर लड़कों जैसे कपड़े पहनती है और उनकी आवाज भी लड़कों जैसी ही है। बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात ट्यूशन के दौरान हुई और धीरे-धीरे प्यार हो गया। परिवार वालों के विरोध के बावजूद दोनों ने एक साथ रहने का फैसला किया है। प्रज्ञा सुमन खोदाबंदपुर के मिल्की गोसाईमठ वार्ड नंबर 11 की रहने वाली है। लक्ष्मी कुमारी चेरियाबरियारपुर के खाजहांपुर गांव की है। प्रज्ञा दूल्हा और लक्ष्मी दुल्हन पुलिस के अनुसार, इन दोनों ने दिल्ली के एक मंदिर में शादी कर ली। प्रज्ञा ने दूल्हे और लक्ष्मी ने दुल्हन की भूमिका निभाई। 10 दिसंबर को घर से भागने के बाद दोनों ने शनिवार को थाने में जाकर अपनी शादी की समाचार दी। इससे पहले लक्ष्मी के परिवार ने प्रज्ञा पर लक्ष्मी को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए चेरियाबरियारपुर थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों युवतियों का मेडिकल टेस्ट करवाया। इस घटना ने इलाके में खूब चर्चा हो रही। लोग दो लड़कियों की शादी की समाचार सुनकर हैरान है। लक्ष्मी की बहन को ट्यूशन पढ़ाती थी प्रज्ञा बताया जा रहा है कि लक्ष्मी की बहन को प्रज्ञा ट्यूशन पढ़ाती थीं। इस दौरान दोनों की नजदीकियां बढ़ी। प्रज्ञा बीए पार्ट 3 की छात्रा हैं। जब दोनों के परिवारों को उनके रिश्ते के बारे में पता चला, तो उन्होंने दोनों को अलग करने की कोशिश की। लेकिन दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करती थीं। उन्होंने किसी की नहीं सुनी और उनका रिश्ता और मजबूत होता गया। आखिरकार, उन्होंने घर से भागकर दिल्ली जाने और वहां शादी करने का फैसला किया। दिल्ली के उत्तम नगर स्थित एक मंदिर में उन्होंने शादी रचाई। शनिवार को पुलिस के दबाव में आकर दोनों थाने पहुंची और सारी सच्चाई बताई। पति-पत्नी के रूप में रहना चाहती है लक्ष्मी ने बताया कि हम दोनों एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं और एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते। आगे कहा कि हमने नई दिल्ली के उत्तम नगर स्थित एक मंदिर में शादी की है। इस शादी में मैंने प्रज्ञा सुमन को अपना पति स्वीकार किया है। लक्ष्मी ने बताया कि वह अपने रिश्तेदार के घर गोसाई मठ गई थीं, जहां प्रज्ञा (प्रियंका) ट्यूशन पढ़ाने आती थीं। वहीं उनकी दोस्ती हुई जो बाद में प्यार में बदल गई। उसने बताया कि उनकी दोस्ती करीब आठ-नौ महीने पहले शुरू हुई थी। अब उन्होंने पति-पत्नी के रूप में साथ रहने का फैसला कर लिया है।

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मंत्री जी के भाई ने पिस्टल की नोंक पर जमीन लिखवाया..’ तेजस्वी यादव ने अपहरण का CCTV फुटेज दिखाया

नया विचार बेतिया – बिहार में बेतिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में शनिवार को एक युवक को जबरन गाड़ी में बैठाकर दबंग ले गए. उसे एक बड़े होटल में साथ लेकर गए फिर कुछ देर के बाद वापस भेज दिया. इस मामले में जो जानकारी सामने आयी है उसके अनुसार, युवक से जबरन जमीन लिखवाया गया है. हालांकि घटना पुलिस के संज्ञान में आने के बाद प्राथमिकी की प्रक्रिया शुरू हुई है. इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी बेतिया पहुंचे और प्रेस कांफ्रेंस करके घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने रखा. मंत्री के भाई पर उन्होंने हमला बोला है. तेजस्वी यादव ने बोला हमला तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर बड़ा हमला बोला है. बेतिया में प्रेस-कांफ्रेंस करके उन्होंने इस मामले को उठाया. तेजस्वी ने कहा कि -‘ मंत्री जी के भाई इसमें साफ-साफ दिखा गया कि होटल वगैरह कहीं ले जाकर पिस्टल के दम पर जमीन लिखवाया’. राजद के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है लेकिन अपराधिक प्रवृति के लोग को गिरफ्तार नहीं किया जाता है. तेजस्वी ने कहा कि इस व्यक्ति पर एक नहीं बल्कि दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं लेकिन ये व्यक्ति खुलेआम घूम रहा है. देखें वीडियो  https://youtube.com/shorts/JzZINPBW7GU?si=MvMr5RjoJIGH1S4U सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना दरअसल, एक युवक को जबरन अपने साथ खींचकर एक दबंग लेकर गए थे. इसका वीडियो फुटेज बाहर आया तो सियासी महकमे में भी हड़कंप मच गया. आरोपी एक नेता के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं. दिन दहाड़े पिस्टल की नोक पर अपहरण के इस मामले ने पुलिस महकमे को भी चुनौती दी है. जानकारी के अनुसार, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के महनागनी के शिवपुजन महतो को अगवा किया गया था. जबरन जमीन लिखवा लेने की चर्चा घटना के सीसीटीवी फुटेज में दिखा है कि हाफ स्वेटर पहने हाथ में पिस्टल लटकाए एक व्यक्ति शिवपुजन महतो को खींचकर ले जा रहा है. उसे अपनी कार में बैठाकर वहां से निकल जाता है. आसपास के लोगों ने जब यह देखा तो हैरान रह गए लेकिन भय से कोई कुछ नहीं बोल सका. बताया जा रहा है कि शिवपूजन को एक होटल में लेकर गए और जबरन उसकी जमीन को लिखवा लिया गया. आरोपी पर केस दर्ज किया गया इधर, बेतिया पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया कि आरोपित के ऊपर केस दर्ज कर लिया गया है. आरोपित स्व कृष्ण प्रसाद का पुत्र पावर हाउस चौक निवासी रवि कुमार उर्फ पीनू (उम्र 48 वर्ष) है.

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हेलमेट नहीं तो अब चालान पक्का, 26 जिलों में AI से होगी नियम उल्लंघन करने वालों की पहचान

नया विचार पटना– बिहार में अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना महंगा पड़ेगा. परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से जिलों में हेलमेट न पहनने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान की जाएगी. इसके लिए प्रदेश के 26 जिलों के 72 महत्वपूर्ण चौराहों पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे, जिससे ऑटोमेटिक चालान काटा जाएगा. यह व्यवस्था एक अप्रैल 2025 से लागू होगी. सख्ती से लागू होंगे यातायात नियम परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है. स्मार्ट सिटी वाले चार जिलों में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है और व्यापक कार्यक्रम के तहत 9 अन्य जिलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. ये सीसीटीवी कैमरे न केवल यातायात उल्लंघन करने वालों की पहचान करेंगे, बल्कि कानून-व्यवस्था तोड़ने वालों की भी पहचान करेंगे. सीसीटीवी लगाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट से मिल चुकी है मंजूरी परिवहन विभाग की मंत्री शीला कुमारी ने बताया कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 26 जिलों में सीसीटीवी लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. इससे निश्चित रूप से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोग सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के प्रति अधिक जागरूक होंगे. हेलमेट नहीं लगाने की वजह से 1389 लोगों की मौत बिहार में वर्ष 2023 में हेलमेट न पहनने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में 1389 लोगों की मौत हुई और 905 लोग गंभीर रूप से घायल हुए. इन मौतों में 882 दोपहिया वाहन चालक और 507 पीछे बैठे सवार थे, जिन्होंने दुर्घटना के समय हेलमेट नहीं पहना था. सड़क दुर्घटना के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतें हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं. बिना हेलमेट के सड़क पर वाहन चलाने से सिर में गंभीर चोट लगती है, जो जानलेवा हो सकती है. ऑटोमेटिक कटेगा चालान चौराहों पर लगाए जाने वाले अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) तकनीक से लैस होंगे. ये कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को अपने आप स्कैन कर लेंगे. किसी भी तरह के ट्रैफिक नियम के उल्लंघन की स्थिति में सिस्टम अपने आप चालान तैयार कर संबंधित वाहन मालिक के पते पर भेज देगा. कैमरे लगाने का काम पूरा करने के लिए मार्च 2025 का लक्ष्य रखा गया है और एक अप्रैल से ऑटोमेटिक चालान कटने शुरू हो जाएंगे. इन 26 जिलों में सीसीटीवी कैमरे से कटेंगे चालान मधेपुरा, सुपौल, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नवादा, समस्तीपुर, मधुबनी, शेखपुरा, जमुई, लखीसराय, बांका, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बक्सर, रोहतास, कैमूर, भोजपुर, गोपालगंज, सिवान, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली, खगड़िया, मोतिहारी.

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शराबबंदी के बावजूद बिहार में सबसे ज्यादा पियक्कड़ पटना में, दरभंगा में सबसे कम शराबी

नया विचार पटना– बिहार में सख्त शराबबंदी के बावजूद शराब पीनेवालों की संख्या लाखों में है. पुलिस थानों में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि 2024 में एक लाख से अधिक लोग शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं. 2024 में एक जनवरी से 31 दिसंबर तक राज्य भर में शराब पीने के कारण एक लाख 42 हजार 40 लोग गिरफ्तार हुए. बिहार में शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार होनेवालों में पटना के लोगों की संख्या सबसे अधिक है, जबकि सबसे कम गिरफ्तारी दरभंगा जिले में दर्ज की गयी है. शराबबंदी कानून के तहत यह गिरफ्तारी मद्य निषेध विभाग के माध्यम से विभिन्न जगहों पर छापेमारी और अभियान के दौरान हुई है. सबसे अधिक पटना जिले में 17 हजार 617 लोग शराब पीने के कारण गिरफ्तार हुए. वहीं, दरभंगा में सबसे कम 1182 लोग शराब पीने के जुर्म में गिरफ्तार किए गए हैं. पूरे साल में हुई कुल 8 लाख 9 हजार 941 छापेमारी अवैध शराब बिक्री और सेवन के विरुद्ध एक वर्ष में बिहार के विभिन्न जिलों में 8 लाख 9 हजार 941 छापेमारी हुई थी. इसमें कुल एक लाख 19 हजार 941 केस दर्ज हुए. शराब पीने और बीचनेवाले एक लाख 77 हजार 286 लोगों की गिरफ्तारी हुई. 32 लाख 71 हजार 914 लीटर शराब जब्त की गई. इसमें 26.15 लाख लीटर देसी और 6.56 लाख लीटर विदेशी शराब शामिल है. शराब बनाने में काम आनेवाला 137 करोड़ 4 लाख 95 हजार किलो जावा महुआ जब्त किया गया. अवैध शराब लाने-ले जाने और बिक्री में उपयोग होनेवाले 8 हजार 542 वाहन जब्त किए गए। इनमें 6275 दोपहिया हैं. 642 तीन पहिया और 1490 चार पहिया और 135 ट्रक की जब्ती हुई. दूसरे प्रदेशों से सटे जिलों में अधिक गिरफ्तारी यूपी और बंगाल जैसे प्रदेशों की सीमा से सटे जिलों में शराब पीनेवालों की संख्या अधिक है. नेपाल, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल की सीमा इन जिलों से सटे हैं. पटना के बाद भभुआ में सबसे अधिक 8 हजार 722 लोग शराब पीने के अपराध में गिरफ्तार किए गए. पूर्वी चंपारण में 6584, जमुई में 4078, मधुबनी में 4130, किशनगंज में 2517 और सीवान में 5580 लोगों की गिरफ्तारी हुई. अप्रैल 2022 में शराबबंदी कानून में बदलाव के तहत पहली बार शराब पीकर पकड़े जानेपर 2 से 5 हजार तक जुर्माना देकर सजा से बचने का प्रावधान जोड़ा गया था. इसके पहले शराब पीकर पकड़े जाने पर सीधा जेल जाना पड़ता था. मजिस्ट्रेट के सामने या न्यायालय से शुल्क राशि लेकर जमानत मिल जाता है. 1 अप्रैल 2016 से पूर्णशराबबंदी कानून बिहार में एक अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है. इस कानून के प्रावधानों में 5 बार बदलाव किए जा चुके हैं. राज्य प्रशासन ने 2024 में शराबबंदी कानून को सीसीए के दायरे में लाया है. शराब माफियाओं पर सीसीए लगाने का प्रावधान है. शराब के धंधे में जुटे लोगों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है.

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