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Smash the Patriarchy 1 : प्यार-मोहब्बत अपनी जगह,सेल्फ आइडेंटिटी से समझौता नहीं चाहती हैं Gen Z लड़कियां

हमारे देश का संविधान स्त्रीओं को पुरुषों के बराबर ही अधिकार देता है, लेकिन समाज में भेदभाव मौजूद है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है. इन परिस्थितियों में देश की युवा पीढ़ी यानी Gen Z क्या सोचती है, इसपर नया विचार एक सीरीज शुरू कर रहा है, जिसमें Gen Z की सोच को सामने लाया जाएगा. इस स्टोरी में इस बात पर चर्चा है कि क्या शादी के बाद लड़कियों को अपना सरनेम बदलना चाहिए? अगर मेरा हैसबैंड मुझे बहुत प्यार करेगा और मेरी सारी जिम्मेदारियां भी उठाएगा, तब भी मैं उसकी सरनेम कैरी नहीं करूंगी. इसकी वजह यह है कि मेरी अपनी आइडेंटिटी है, मैं उस आइडेंटिटी के साथ ही पली बढ़ी हूं. ऐसा कैसे संभव है कि अचानक शादी के बाद मैं अपनी आइडेंटिटी बदल दूं. यह तो मेरी पहचान पर सवाल होगा, इसलिए मैं ऐसा नहीं करूंगी. यह कहना है बिहार के छपरा की रहने वाली सोनम सिंह का. सरनेम बदलना आइडेंटिटी से समझौता है सोनम सिंह एक जेन जी हैं और फिलहाल एक निजी कंपनी में काम करती हैं. उनका कहना है कि मैं जिस फैमिली से आती हूं वहां हमारी मां ने वह सबकुछ किया जो उनसे करवाया गया. उन्होंने यह समझा कि शादी के बाद अपना नाम बदलना (सरनेम) एक रिचुअल है, जिसे उन्हें करना है. उनके पास कोई विकल्प नहीं था, लेकिन मेरी स्थिति वैसी नहीं है. मैं जानती हूं कि मेरी अपनी पहचान है. मैं अपने पति से यह बता दूंगी कि मैं किसी भी परिस्थिति में अपना सरनेम चेंज नहीं करूंगी. अगर वो मुझे इसके लिए फोर्स करेगा, तो फिर मैं अपने रास्ते और वो अपने रास्ते. रांची की सौम्या शाहदेव कहती हैं कि पेट्रियारकी स्त्रीओं को दबाने और उन्हें नियंत्रित करने का एक जरिया है. हम अपनी पहचान खोना नहीं चाहते हैं, इसलिए मैं अपना सरनेम चेंज करने में बिलकुल भी यकीन नहीं रखती हूं. प्रशासन को भी चाहिए कि वो कोई ऐसी व्यवस्था बनाए, ताकि शादी के बाद फीमेल को अपनी आइडेंटिटी के साथ कोई समझौता ना करना पड़े. आखिर कब तक पेट्रियारकी औरतों को दबाने का काम करता रहेगा? सरनेम बदलना है या नहीं यह मेरी च्वाइस रांची की जूही कुमारी कहती हैं कि सरनेम बदलना तो नहीं चाहिए क्योंकि यह आइडेंटिी से जुड़ा मसला है. जहां तक मेरी बात करें तो मेरे नाम के साथ कुमारी जुड़ा है, इसलिए शादी के बाद मैं अपना सरनेम तो जरूर बदलूंगी. हां, यह जरूर ध्यान दूंगी कि कोई ऐसा बंदा मिले जिसका सरनेम मेरा नाम से मैच करता हो, तो मैं उसका सरनेम अपने नाम के साथ लगा लूंगी. जहां तक मेरे अपने सरनेम का सवाल है, तो मैं उसे इसलिए कैरी नहीं करूंगी क्योंकि वो मुझे पसंद नहीं है. परंपरा है, इसलिए सरनेम बदल लूंगी मेजॉरिटी ऑफ जेन जी लड़कियां यह मानती हैं कि सरनेम चेंज करना उनकी आइडेंटिटी से जुड़ा मसला है, इसलिए वो सरनेम चेंज नहीं करेंगी. वहीं कुछ ऐसी लड़कियां भी हैं, जो यह मानती हैं कि यह हमारी परंपरा का हिस्सा है, इसलिए वो सरनेम चेंज कर लेंगी. जमशेदपुर की प्रियंका गोरांई कहती है कि उन्हें इस बात की नाॅलेज है कि यह उनकी पहचान से जुड़ा मसला है, बावजूद इसके वे अपना सरनेम चेंज करेंगी. इसके पीछे वजह यह है कि यह हमारी परंपरा का हिस्सा है. आखिर क्या है Patriarchy जिसका हो रहा है विरोध? Patriarchy यानी पितृसत्ता एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था है जिसमें पुरुषों के पास प्रमुख शक्ति होती है. प्रसिद्ध नारीवादी इतिहासकार और समाजशास्त्री गर्डा लर्नर (Gerda Lerner) के अनुसार पितृसत्ता परिवार में स्त्रीओं और बच्चों पर पुरुषों के वर्चस्व की अभिव्यक्ति और संस्थागतकरण तथा सामान्य रूप से स्त्रीओं पर पुरुषों के सामाजिक वर्चस्व का विस्तार है. पितृसत्ता की अवधारणा यानी सोच में परिवार, समाज, नेतृत्व तथा वित्तीय स्थिति के हर क्षेत्र में नेतृत्व का अधिकार पुरुषों के पास होता है. इस सोच आधारित समाज में स्त्रीओं को पुरुषों के अधीन माना जाता है और उन्हें एक स्वतंत्र इकाई के रूप में मान्यता नहीं दी जाती है. इसी सोच के तहत स्त्रीओं को जन्म से पिता, शादी के बाद पति और वृद्धावस्था में पुत्र के अधीन रखा गया है. वर्तमान समय में लड़कियां स्वतंत्र हैं और आर्थिक रूप से भी इंडिपेंडेंट हैं, इस वजह से वे पितृसत्ता का विरोध कर रही हैं. क्या लड़कियों के सरनेम चेंज करने को लेकर देश में है कोई कानून? हिंदुस्तान में चाहे हिंदू मैरिज एक्ट हो या मुस्लिम मैरिज एक्ट उनका निर्माण समाज में मौजूद परंपराओं के आधार पर हुआ है. जो अधिनियम बनाए गए हैं उनका डॉक्यूमेंटेशन यानी दस्तावेजीकरण परंपराओं के आधार पर हुआ है. इस संबंध में झारखंड हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट अवनीश रंजन मिश्रा ने बताया कि लड़कियों के सरनेम चेंज करने से संबंधित कोई कानून देश में नहीं है. संविधान ने स्त्रीओं को पुरुषों के बराबर माना है और उन्हें समान अधिकार दिए हैं. इसके साथ ही समाज से लिंग आधारित भेदभाव मिटाने के लिए समय-समय पर कई तरह के कानून भी बनाए गए हैं, जो स्त्रीओं को सशक्त करते हैं. जहां तक बात शादी के बाद सरनेम बदलने की है, तो यह सिर्फ और सिर्फ रूढ़ी और परंपरा आधारित व्यवस्था है, इसका कानून से कोई संबंध नहीं है. ये भी पढ़ें : राहुल गांधी के Smash the Patriarchy नारे के बीच क्यों ट्रेंड कर रहीं शाहबानो? जानिए पूरा मामला The post Smash the Patriarchy 1 : प्यार-मोहब्बत अपनी जगह,सेल्फ आइडेंटिटी से समझौता नहीं चाहती हैं Gen Z लड़कियां appeared first on Naya Vichar.

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होटल से निकलते ही कारोबारी पर ताबड़तोड़ फायरिंग, चार गोली लगी, मौत

जमशेदपुर : चांडिल के टेंथ माइल स्टोन होटल में मीटिंग खत्म हुई और कदमा निवासी व होटल कारोबारी निखार सबलोक अपने दोस्तों के साथ बाहर निकले. अभी वह होटल की सीढ़ियों से उतरकर अपनी गाड़ी की ओर बढ़ ही रहे थे कि पहले से घात लगाये बैठे दो अपराधियों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. अचानक हुई फायरिंग से होटल परिसर में अफरा-तफरी मच गयी. निखार को चार गोलियां लगीं. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों अपराधी मौके से फरार हो गये. दोस्त निखार को लेकर टीएमएच अस्पताल पहुंचे. यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. निखार सबलोक (फाइल फोटो). घटनास्थल से मिले 9 खोखे घटना की सूचना मिलते ही चांडिल पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल से 9 खोखे बरामद किया है. अपराधियों ने किस वजह से निखार की हत्या की और वारदात के पीछे कौन लोग हैं, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है. भाजपा से भी जुड़े थे निखार सबलोक निखार सबलोक होटल कारोबारी होने के साथ-साथ हिंदुस्तानीय जनता पार्टी से भी जुड़े हुए थे. दिनदहाड़े होटल परिसर में हुई इस हत्या से इलाके में सनसनी फैल गयी है. वहीं, मिली जानकारी के मुताबिक निखार विधायक सरयू राय के भी करीबी बताए जाते हैं. हालांकि, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. The post होटल से निकलते ही कारोबारी पर ताबड़तोड़ फायरिंग, चार गोली लगी, मौत appeared first on Naya Vichar.

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अंतिम सोमवारी पर प्रदोष काल में करें 5 आसान काम, शिवजी दूर करेंगे हर कष्ट

Sawan 2026 Last Somvari Pradosh Puja: हिंदू पंचांग के अनुसार, आज सावन मास का आखिरी सोमवार है. शिव पुराण के अनुसार, इस दिन प्रदोष काल में कुछ काम करने से भगवान शिव समेत माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होगी. साथ ही शारीरिक, मानसिक और आर्थिक संकट से छुटकारा मिल सकता है. पंचांग के अनुसार, आज यानी 24 अगस्त को प्रदोष काल शाम 6 बजकर 14 मिनट से रात 8 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. यानी प्रदोष काल में शिव जी की पूजा के लिए 2 घंटे 21 मिनट का समय मिलेगा. ऐसे में इस दिन दौरान पांच आसान काम करने से भगवान शिव समेत माता पार्वती की विशेष कृपा भी प्राप्त होगी. प्रदोष काल में शिव जी की पूजा क्यों होती है खास? शिव पुराण के के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव, माता पार्वती के साथ रहते हैं. इसलिए इस दौरान उनकी पूजा करने से हर प्रकार की मनोकामना पूरी होती है. शास्त्रों में कहा गया है कि सावन सोमवार के दिन प्रदोष काल में शिवजी की पूजा करने से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा से भी छुटकारा मिल जाता है. शारीरिक, मानसिक और आर्थिक संकट दूर होते हैं. इसके अलावा सभी पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं और घर-परिवार खुशहाल रहता है. इतना ही नहीं, मोक्ष की प्राप्ति के लिए भी प्रदोष काल की पूजा बेहद खास मानी गई है. ये भी पढ़ें: सावन की अंतिम सोमवारी: महादेव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय, आर्थिक तंगी और विवाह की बाधाएं होंगी दूर! प्रदोष काल में शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं? जल या गंगाजल- सावन के आखिरी सोमवार पर प्रदोष काल में शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाएं. तांबे के लोटे में जल या गंगाजल भरकर उसमें कुछ काले तिल मिलाएं और शिवलिंग पर अर्पित करें. इससे शारीरिक कष्ट दूर होता है. बेलपत्र और अक्षत- प्रदोष काल में शिवलिंग पर तीन पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाने से तीन जन्मों के पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं. इसलिए प्रदोष काल में शिवलिंग पर बिना कटा-फटा बेलपत्र चढ़ाना चाहिए. शिवलिंग पर हमेशा उल्टा बेलपत्र अर्पित करना चाहिए. इस दौरान ध्यान रखना चाहिए कि उसका डंठल अपनी ओर हो. गन्ने का रस या केसर मिला हुआ दूध- प्रदोष काल की पूजा में शिवलिंग पर गन्ने का रस या केसर मिला हुआ गाय का कच्चा दूध अर्पित करने से धन-संकट से छुटकारा मिल सकता है. भांग, धतूरा और आक के फूल- पुराणों के अनुसार, भगवान शिव को भांग, आक के फूल और धतूरा अत्यंत प्रिय हैं. इसलिए प्रदोष काल की पूजा के दौरान इन चीजों को शिवलिंग पर चढ़ाने से भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. ये भी पढ़ें: सावन की अंतिम सोमवारी पर सजा बाबा बैद्यनाथ का दरबार, गूंजा ‘हर-हर महादेव’ सफेद चंदन या भस्म- प्रदोष काल में शिवलिंग पर सफेद चंदन या भस्म चढ़ाने से मन शांत रहता है. मन की नकारात्मक ऊर्जा होती है. साथ ही गुस्सा कम आता है. इसके अलावा मान-सम्मान मिलता है. The post अंतिम सोमवारी पर प्रदोष काल में करें 5 आसान काम, शिवजी दूर करेंगे हर कष्ट appeared first on Naya Vichar.

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IND vs SL 2nd Test Day 2 Live: बारिश के कारण हुआ टी ब्रेक, ध्रुव जुरेल 95 पर नाबाद; भारत 475/8

IND vs SL दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन का स्पोर्ट्स कुछ ही देर में शुरू होने वाला है. पहले दिन हिंदुस्तानीय टीम ने 5 विकेट पर 300 रन बनाए, जिसमें देवदत्त पडिक्कल का शानदार शतक शामिल था. आज ध्रुव जुरेल और सारांश जैन से बड़ी पारियों की उम्मीद है. The post IND vs SL 2nd Test Day 2 Live: बारिश के कारण हुआ टी ब्रेक, ध्रुव जुरेल 95 पर नाबाद; हिंदुस्तान 475/8 appeared first on Naya Vichar.

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IND vs SL 2nd Test Day 2 Live: लंच के तुरंत बाद आउट हुए ऋषभ पंत, भारत का 7वां विकेट गिरा

IND vs SL दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन का स्पोर्ट्स कुछ ही देर में शुरू होने वाला है. पहले दिन हिंदुस्तानीय टीम ने 5 विकेट पर 300 रन बनाए, जिसमें देवदत्त पडिक्कल का शानदार शतक शामिल था. आज ध्रुव जुरेल और सारांश जैन से बड़ी पारियों की उम्मीद है. The post IND vs SL 2nd Test Day 2 Live: लंच के तुरंत बाद आउट हुए ऋषभ पंत, हिंदुस्तान का 7वां विकेट गिरा appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-JSSC विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र और झारखंड सरकार को नोटिस

झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद पर आज सोमवार, 24 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट में JPSC की वर्ष 2025 की सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र प्रशासन, झारखंड प्रशासन और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है. याचिका में JPSC Combined Civil Services Preliminary Competitive Examination-2025 में कथित अनियमितताओं की जांच CBI या किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने की मांग की गई है. खास बात यह है कि याचिका में सीधे तौर पर परीक्षा रद्द करने की मांग नहीं की गई है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है. परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर उठे सवाल JPSC की परीक्षा को लेकर झारखंड में लंबे समय से विवाद चल रहा है. अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं. इसी बीच राज्य में JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन भी तेज हुआ. राज्य प्रशासन ने कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़ी जांच और छात्रों के आंदोलन के बीच कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था. प्रशासन के फैसले में JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षाओं समेत कई भर्ती परीक्षाएं शामिल थीं. Supreme Court issues notice to Centre, Jharkhand government and others on a PIL seeking CBI or an independent probe into the alleged irregularities in the Jharkhand Public Service Commission (JPSC) Civil Services Preliminary Examination 2025. — ANI (@ANI) August 24, 2026 “> ये भी पढ़ें: Sugar Price: केंद्र ने 10 लाख टन चीनी आयात की, झारखंड में कब सस्ती होगी चीनी? जानें बाजार पर क्या पड़ेगा असर हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में मामला इस विवाद में पिछले सप्ताह झारखंड हाईकोर्ट से भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया था. हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन के 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा तथा उनसे हुई नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी थी. इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिली, जिनकी नियुक्ति रद्द होने का खतरा पैदा हो गया था. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में JPSC की 2025 प्रारंभिक परीक्षा को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई है. ऐसे में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब और महत्वपूर्ण हो गई है. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब केंद्र प्रशासन, झारखंड प्रशासन और संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण होगा. अदालत यह देखेगी कि JPSC की 2025 प्रारंभिक परीक्षा में लगाए गए अनियमितता के आरोपों पर स्वतंत्र जांच की जरूरत है या नहीं. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के नोटिस को परीक्षा रद्द करने का आदेश नहीं माना जा सकता. यह याचिका में उठाए गए आरोपों और स्वतंत्र जांच की मांग पर संबंधित पक्षों से जवाब लेने की प्रक्रिया है. उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार याचिका का मुख्य जोर परीक्षा रद्द कराने के बजाय कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच पर है. यानी झारखंड के JPSC-JSSC विवाद में एक तरफ हाईकोर्ट से रद्द नियुक्तियों को लेकर अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ JPSC की 2025 प्रारंभिक परीक्षा की कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग अब सुप्रीम कोर्ट के सामने है. The post JPSC-JSSC विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र और झारखंड प्रशासन को नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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पत्नी के एक फोन ने खोला 27 दिन पुरानी हत्या का राज, प्रेमिका की लाश नोएडा के नहर में फेंककर भागा था आरोपी

UP News: नोएडा के मामूरा में 27 जुलाई को प्रेमिका की गला दबाकर हत्या कर शव नहर में फेंकने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है.आरोपी ने वारदात के बाद पहचान मिटाने और पुलिस से बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन पत्नी को किए गए एक धमकी भरे फोन कॉल ने उसका सच सामने ला दिया. पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और 27 दिन बाद आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पत्नी को फोन करना पड़ा भारी पुलिस के अनुसार, आरोपी सुभाष चंद्र ने 27 जुलाई को मामूरा में साथ रह रही स्त्री की गला दबाकर हत्या कर दी थी. इसके बाद उसने अपने चचेरे भाई सर्वेंद्र और जीजा के भाई नीरज को बुलाया. तीनों ने शव को पहले बाइक पर इस तरह ले जाया कि देखने वालों को स्त्री के बीमार होने का शक हो. बाद में शव को पिकअप वाहन में रखकर दादरी के पास कोट नहर में फेंक दिया गया. स्त्री का शव 31 जुलाई को मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र में जरारा और रसिकंदरपुर गांव के पास नहर से बरामद हुआ था. शराब के नशे में दी धमकी हत्या के बाद सुभाष ने अपनी पत्नी कांति देवी को फोन किया. उसने पहले पत्नी से कहा कि उसे उसकी याद आ रही है और वापस आकर साथ रहने का दबाव बनाया. साथ ही तलाक का मुकदमा वापस लेने को कहा. आरोप है कि पत्नी के इनकार करने पर उसने धमकी दी कि अगर वह साथ नहीं रहेगी तो उसे भी वहां भेज देगा, जहां दूसरी स्त्री गई है. इस धमकी से घबराई पत्नी 20 अगस्त को फेज-3 थाने पहुंची और अपनी सौतन की हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दी. शादी के दो साल बाद छोड़ दिया था घर पुलिस जांच में सामने आया कि कांति देवी की शादी वर्ष 2013 में सुभाष चंद्र से हुई थी. शादी के करीब दो साल बाद सुभाष ने उसे छोड़ दिया और हजारीबाग, बिहार की रहने वाली 38 वर्षीय दूसरी स्त्री के साथ रहने लगा. वर्ष 2021 में पहली पत्नी ने शादी से जुड़े दस्तावेज तैयार कर एटा कोर्ट में तलाक का मुकदमा दायर किया था. मामला अभी विचाराधीन है. दूसरी ओर, पुलिस मथुरा में मिले अज्ञात स्त्री के शव की पहचान कराने की कोशिश कर रही थी. अवैध संबंध के शक में हत्या, दो सहयोगी भी गिरफ्तार पूछताछ में 32 वर्षीय सुभाष ने पुलिस को बताया कि उसे साथ रह रही स्त्री के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने का शक था. इसी बात को लेकर विवाद हुआ और उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. वारदात के बाद उसने अपना पिकअप वाहन मामूरा में मिठाई की दुकान के पास खड़ा किया और दोनों सहयोगियों की मदद से शव को ठिकाने लगाया. अगले ही दिन उसने किराये का कमरा खाली किया और फिरोजाबाद चला गया. पुलिस ने हत्या और शव ठिकाने लगाने के आरोप में सुभाष के साथ उसके चचेरे भाई सर्वेंद्र और बहनोई नीरज को गिरफ्तार किया है. Also Read: यूपी पंचायत चुनाव 2026: क्या फिर से 6 महीने के लिए प्रशासक बनेंगे ग्राम प्रधान? OBC आरक्षण रिपोर्ट से फंसा पेच, जानिए नया अपडेट The post पत्नी के एक फोन ने खोला 27 दिन पुरानी हत्या का राज, प्रेमिका की लाश नोएडा के नहर में फेंककर भागा था आरोपी appeared first on Naya Vichar.

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नागपुर में क्लोरीन गैस लीक से मचा हड़कंप, गोधनी प्लांट से 40 लोग अस्पताल पहुंचे

घटना गोधनी नगर पंचायत के जल शोधन केंद्र (Water Purification Center) की है. मनकापुर थाना प्रभारी हरेश कालसेकर के अनुसार, देर रात करीब 1 से 1:45 बजे के बीच जल शोधन केंद्र में क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम शुरू किया. कई लोगों को पुलिस और प्राइवेट गाड़ियों की मदद से अस्पताल भेजा गया. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया. इस दौरान स्थानीय पार्षद ने भी प्रशासन की मदद की और प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया. बाद में एनडीआरएफ, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमें भी मौके पर पहुंचीं. सभी एजेंसियों ने मिलकर गैस रिसाव को नियंत्रित करने का काम किया. पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह (24 अगस्त) करीब 9 बजे तक गैस रिसाव पर काबू पा लिया गया. फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और इलाके में शांति है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है. ये भी पढ़ें: बंगाल के पुरुलिया में हादसा, गैस पाइपलाइन फटने से घर में लगी आग आसपास 200 मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया पुलिस ने बताया कि गैस रिसाव के बाद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने प्लांट के आसपास 200 मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. इलाके को घेरकर लोगों की आवाजाही रोक दी. गैस की चपेट में आए कई लोग खुद अस्पताल पहुंचे, जबकि कुछ लोगों को पुलिस की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और केवल प्रशासन की ओर से दी गयी जानकारी पर ही विश्वास करें. The post नागपुर में क्लोरीन गैस लीक से मचा हड़कंप, गोधनी प्लांट से 40 लोग अस्पताल पहुंचे appeared first on Naya Vichar.

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Priya Meena Success Story: 7 साल का कड़ा संघर्ष, IRS प्रिया मीना की इंस्पायरिंग कहानी

Priya Meena Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सर्विसेज एग्जाम को देश का सबसे टफ कॉम्पिटिशन एग्जाम माना जाता है. इसमें सफलता पाने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जबरदस्त पेशेंस (सहनशीलता) की भी जरूरत होती है. प्रिया मीना (Priya Meena, IRS) की सफलता की कहानी इस बात का सबसे बड़ा सबूत है. 7 साल की लंबी तैयारी, 6 अटेम्प्ट्स और 3 इंटरव्यू देने के बाद उन्होंने आखिरकार अपना सपना पूरा कर दिखाया. Priya Meena Success Story: एक नजर में डिटेल्स जानकारी ऑफिसर का नाम प्रिया मीना (Priya Meena) सिलेक्शन सर्विस इंडियन रेवेन्यू सर्विस – इनकम टैक्स (IRS) एग्जाम व रैंक UPSC CSE 2024 (Rank 833) कुल टाइम 7 साल की लंबी तैयारी एग्जाम डिटेल्स 6 अटेम्प्ट्स, 3 पर्सनैलिटी टेस्ट (इंटरव्यू) ये भी पढ़ें: BPSC Exam Prep: छूट ना जाए मौका, प्रशासनी नौकरी पाने के लिए पिछले सालों के ये 20 सवाल जरूर देखें 6वें अटेम्प्ट में मिली बड़ी कामयाबी (Rank 833) प्रिया मीना ने अपने 6वें अटेम्प्ट (UPSC CSE 2024) में ऑल इंडिया 833वीं रैंक हासिल करके इतिहास रच दिया. कई सालों के कठिन संघर्ष, रिजेक्शन और निराशा के बाद आखिरकार उन्हें यह बड़ी सफलता मिली. इस शानदार रैंक के साथ उनका सिलेक्शन इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS – Income Tax) के लिए हुआ है. 7 साल की इस लंबी यात्रा में उन्होंने हर असफलता को अपनी ताकत बनाया और अपनी गलतियों में सुधार करते हुए यह मुकाम हासिल किया. 7 साल की मेहनत और असफलता से मिली सीख सेल्फ डाउट से लड़ाई: प्रिया अपनी इंस्टाग्राम अकाउंट के पोस्ट के जरिए बताती हैं कि यह सफर उनके लिए एक बड़े बदलाव जैसा था. 7 सालों में ऐसे कई मौके आए जब मन में सेल्फ डाउट और डिमोटिवेशन आए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. इमोशनल और मेंटल स्ट्रेंथ: बार-बार मिलने वाले फेलियर ने उन्हें इमोशनली और मेंटली काफी मजबूत बना दिया. इससे उनकी समाज सेवा करने का इरादा और ज्यादा मजबूत हुआ. सपोर्ट सिस्टम का रोल: प्रिया अपनी इस सफलता का पूरा क्रेडिट अपनी फैमिली, टीचर्स, मेंटर्स और दोस्तों को देती हैं. उनका कहना है कि हर मुश्किल फेज में अपनों का साथ मिलना बहुत जरूरी होता है. Priya Meena Success Story: एस्पिरेंट्स के लिए टिप्स कंसिस्टेंसी बनाए रखें: UPSC में एक या दो अटेम्प्ट्स में सफलता न मिले तो बैकस्टेप न करें. अपनी गलतियों से सीखकर अगली बार और बेहतर तैयारी करें. मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें: सालों तक एक ही एग्जाम की तैयारी में स्ट्रेस होना नॉर्मल है. इसके लिए रेगुलर ब्रेक लें और अपनी मेंटल हेल्थ पर काम करें. खुद पर भरोसा रखें: प्रिया का कहना है कि जब आप सोचें कि अब आगे बढ़ना मुश्किल है, वही दिन आपको असली सफलता की तरफ ले जाते हैं. ये भी पढ़ें: BA LLB के बाद क्या? सिर्फ वकालत नहीं, ये भी हैं ऑप्शन The post Priya Meena Success Story: 7 साल का कड़ा संघर्ष, IRS प्रिया मीना की इंस्पायरिंग कहानी appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल हिंसा : पूजा समिति को लेकर हुआ झगड़ा, बीजेपी कार्यकर्ता की पीट -पीटकर हत्या

बारुईपुर : बारुईपुर थाना क्षेत्र के टैंगरबेरिया इलाके पूजा समिति का गठन होना है. पूजा समिति के गठन को लेकर रविवार को हुए हिंसक झड़प में एक भाजपा कार्यकर्ता की मौत हो गयी. आरोप है कि लोगों ने उसे पीट-पीटकर मार डाला. मृत भाजपा कार्यकर्ता का नाम बापी प्रमाणिक है. मृतक के परिवार ने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मामले की जांच में जुटी पुलिस पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूजा समिति गठन को लेकर बहस शुरू हुई थी, जो बाद हिंसक झड़प में बदल गयी. परिवार का कहना है कि तृणमूल के लोग बापी दा को घर से बुलाकर ले गये और पीट-पीट कर मार डाला. बेहोशी की हालत में परिवार के लोग बापी दा को अस्पताल ले गये, लेकिन डॉक्टरों ने वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है. Also Read: बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में The post बंगाल हिंसा : पूजा समिति को लेकर हुआ झगड़ा, बीजेपी कार्यकर्ता की पीट -पीटकर हत्या appeared first on Naya Vichar.

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