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मां बनने के बाद अचानक क्यों झड़ने लगते हैं बाल? घबराने से पहले जान लें इसकी असली वजह और कंट्रोल करने के तरीके

Postpartum Hair Fall: मां बनना एक ऐसी एहसास है जिसे दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास भी माना जाता है. लेकिन डिलीवरी के कुछ ही समय बाद स्त्रीओं के शरीर में बहुत सारे बदलाव होने लगते हैं जो उन्हें कहीं न कहीं परेशान और एक तरह से निराश भी कर देते हैं. इन्हीं बदलावों में से एक है पोस्टपार्टम हेयर फॉल. अगर आप इस प्रॉब्लम के बारे में नहीं जानती हैं तो बता दें इसका मतलब होता है डिलीवरी के बाद अचानक से बालों का झड़ना काफी ज्यादा बढ़ जाना. जब आप अपने बालों को कंघी करती होंगी या फिर शैंपू करती होंगी, तो आपको गुच्छों में टूटे हुए बाल चारों तरफ दिखाई देते होंगे. जब ऐसा होता है, तो अक्सर स्त्रीएं पूरी तरह से घबरा जाती हैं. अगर आप प्रेग्नेंट हैं या फिर डिलीवरी के बाद इस प्रॉब्लम से जूझ रही हैं, तो बता दें यह पूरी तरह से ही नॉर्मल है. आज इस आर्टिकल में हम आपको आसान भाषा में इसके बारे में और इसे कंट्रोल करने के तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से. डिलीवरी के बाद क्यों झड़ते हैं बाल? प्रेग्नेंसी के दौरान स्त्रीओं के शरीर में एस्ट्रोजेन नाम के हार्मोन का लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है. यह हार्मोन आपके बालों को टूटने से प्रोटेक्ट करते है और साथ ही उन्हें घना बनाये रखने में भी मदद करता है. यह एक बड़ी वजह है कि प्रेगनेंसी के दौरान आपके बाल काफी ज्यादा खूबसूरत और शाइनी दिखते हैं. लेकिन डिलीवरी के तुरंत ही बाद, एस्ट्रोजेन का लेवल अचानक से नीचे गिर जाता है. इसी वजह से आपको जो बाल 9 महीनों के दौरान नहीं टूटे थे, वे सभी एक साथ रेस्टिंग फेज यानी कि सिक्सथ मंथ साइकल में चले जाते हैं और झड़ने लगते हैं. मेडिकल भाषा में इसे टेलोजन एफ्लुवियम कहा जाता है. शिशु की डिलीवरी के 2 से 4 महीने बाद इसकी शुरुआत होती है और यह 6 से 12 महीनों के अंदर अपने आप ही ठीक हो जाता है. बाल झड़ने को कंट्रोल करने के आसान तरीके अगर आप चाहती हैं कि यह प्रॉब्लम किसी भी तरह से रुक जाए, तो बता दें इसे पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता है क्योंकि यह एक नेचुरल प्रोसेस है. लेकिन कुछ ऐसी आदतें जरूर हैं जिन्हें अपनाकर आप बालों के झड़ने की इस रफ्तार को काफी हद तक धीमा कर सकते हैं और नए बालों को भी तेजी से उगा सकती हैं. तो चलिए अब इन आदतों के बारे में विस्तार से आपको बताते हैं. अपनी न्यूट्रिशन और डाइट पर ध्यान दें डिलीवरी के बाद आपके शरीर को अंदर से मजबूत होना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. शरीर को अंदर से मजबूती देने के लिए अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करें जिनमें आयरन, प्रोटीन, जिंक और विटामिन-डी की मात्रा काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता हो. इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, अंडे, ड्राई फ्रूट्स और सीजनल फ्रूट्स जरूर खाएं. ये सभी न्यूट्रिएंट्स बालों की जड़ों को मजबूत बनाने के लिए मेडिकली जरूरी माने गए हैं. डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स जारी रखें कई स्त्रीएं डिलीवरी के बाद अपनी प्रेगनेंसी वाली दवाएं जैसे कि आयरन और कैल्शियम खाना बंद कर देती हैं. डॉक्टरों का कहना है कि शिशु को दूध पिलाने की वजह से आपके शरीर को एक्सट्रा विटामिंस की जरूरत होती है. इसलिए अपने डॉक्टर से पूछकर मल्टीविटामिन या बायोटिन सप्लीमेंट्स जरूर लें. बालों के साथ रहें बिल्कुल सॉफ्ट डिलीवरी के बाद आपके बाल बहुत नाजुक होते हैं. अगर आप अपने बालों को बचाकर रखना चाहती हैं, तो उन्हें कभी भी गीले होने पर कंघी न करें. जब आपके बाल गीले होते हैं, तो उस समय आपकी जड़ें काफी कमजोर हो चुकी होती हैं. बालों को कंघी करने के लिए हमेशा ही एक मोटे दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें. इसके अलावा बालों को कभी भी बहुत ही कसकर न बांधें और हाई पोनीटेल या टाइट जूड़ा बनाने से भी बचें. इस तरह के हेयरस्टाइल से जड़ों पर खिंचाव पड़ता है और बाल ज्यादा टूटते हैं. केमिकल और हीटिंग टूल्स से दूरी बनाएं डिलीवरी के बाद कुछ समय के लिए बालों में स्ट्रेटनर, कर्लर या ब्लो ड्रायर जैसी गर्म चीजों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें. इसके अलावा, बालों में हैवी केमिकल वाले कलर, स्ट्रेटनिंग या स्मूदनिंग ट्रीटमेंट न भी करवाएं. अपने बालों को धोने के लिए हमेशा एक माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैम्पू और कंडीशनर का ही इस्तेमाल करें. स्कैल्प की हल्की मालिश और स्ट्रेस से दूरी अगर आप अपने बालों को बचाकर रखना चाहती हैं तो हफ्ते में एक या दो बार गुनगुने नारियल तेल या आल्मंड ऑयल से स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज जरूर करें. इससे सिर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और बालों को न्यूट्रिशन मिलता है. इसके साथ ही, नई मदर्स के लिए नींद की कमी और स्ट्रेस होना भी पूरी तरह से लाजमी है, लेकिन ज्यादा स्ट्रेस लेने से बाल और ज्यादा झड़ते हैं. जब आपका बच्चा सो जाए, तो उसी समय आप भी अपनी नींद पूरी करने की कोशिश करें. ये भी पढ़ें: AC की ठंडी हवा लेने के चक्कर में कहीं छिन न जाए चेहरे की खूबसूरती, जान लें इसके नुकसान The post मां बनने के बाद अचानक क्यों झड़ने लगते हैं बाल? घबराने से पहले जान लें इसकी असली वजह और कंट्रोल करने के तरीके appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड टी20 लीग का शेड्यूल हुआ जारी, उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे एमएस धोनी; फैंस के लिए एंट्री फ्री

Jharkhand T20 League: झारखंड टी20 लीग 2026 की शुरुआत 10 जून से होने जा रही है. टूर्नामेंट के शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है. पहला मुकाबला 10 जून को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में छोटानागपुर रॉयल्स और रांची टाइटंस के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा. इस टूर्नामेंट में कुल 27 मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे. इस टूर्नामेंट को लेकर सबसे बड़ी समाचार यह है कि हिंदुस्तानीय टीम के पूर्व कप्तान और झारखंड के सबसे बड़े क्रिकेट आइकन महेंद्र सिंह धोनी उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे. झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के अध्यक्ष सौरभ तिवारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि धोनी ने आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है. 6 टीमें इस लीग में लेंगी हिस्सा झारखंड टी20 लीग के पहले सीजन में कुल छह टीमें हिस्सा ले रही हैं. इनमें छोटानागपुर रॉयल्स, रांची टाइटंस, कोयलांचल सुपर किंग्स, जमशेदपुर स्टीलर्स, धनबाद डायमंड्स और संथाल स्ट्राइकर्स शामिल हैं. लीग चरण में कुल 24 मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे. 21 जून तक स्पोर्ट्से जाएंगे लीग के मुकाबले लीग चरण के सभी मैच 10 जून से 21 जून के बीच स्पोर्ट्से जाएंगे. इसके बाद 22 जून को दो सेमीफाइनल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे. अंक तालिका में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें नॉकआउट चरण में जगह बनाएंगी. पहले सेमीफाइनल में अंक तालिका की पहले और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच मुकाबला होगा, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में दूसरे और तीसरे स्थान की टीमें आमने-सामने होंगी. टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 23 जून को स्पोर्ट्सा जाएगा, जहां दोनों सेमीफाइनल की विजेता टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी. झारखंड टी20 लीग का शेड्यूल मैच तारीख समय मुकाबला 1 10 जून 12:00 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs रांची टाइटंस 2 10 जून 7:30 PM कोयलांचल सुपर किंग्स vs जमशेदपुर स्टीलर्स 3 11 जून 12:00 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs धनबाद डायमंड्स 4 11 जून 7:30 PM रांची टाइटंस vs संथाल स्ट्राइकर्स 5 12 जून 12:00 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs कोयलांचल सुपर किंग्स 6 12 जून 7:30 PM धनबाद डायमंड्स vs जमशेदपुर स्टीलर्स 7 13 जून 12:00 PM रांची टाइटंस vs कोयलांचल सुपर किंग्स 8 13 जून 7:30 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs संथाल स्ट्राइकर्स 9 14 जून 12:00 PM रांची टाइटंस vs जमशेदपुर स्टीलर्स 10 14 जून 7:30 PM धनबाद डायमंड्स vs कोयलांचल सुपर किंग्स 11 15 जून 12:00 PM रांची टाइटंस vs संथाल स्ट्राइकर्स 12 15 जून 7:30 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs जमशेदपुर स्टीलर्स 13 16 जून 12:00 PM कोयलांचल सुपर किंग्स vs संथाल स्ट्राइकर्स 14 16 जून 7:30 PM रांची टाइटंस vs धनबाद डायमंड्स 15 17 जून 12:00 PM जमशेदपुर स्टीलर्स vs संथाल स्ट्राइकर्स 16 17 जून 7:30 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs कोयलांचल सुपर किंग्स 17 18 जून 12:00 PM धनबाद डायमंड्स vs संथाल स्ट्राइकर्स 18 18 जून 7:30 PM रांची टाइटंस vs जमशेदपुर स्टीलर्स 19 19 जून 12:00 PM धनबाद डायमंड्स vs कोयलांचल सुपर किंग्स 20 19 जून 7:30 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs संथाल स्ट्राइकर्स 21 20 जून 12:00 PM धनबाद डायमंड्स vs जमशेदपुर स्टीलर्स 22 20 जून 7:30 PM रांची टाइटंस vs कोयलांचल सुपर किंग्स 23 21 जून 12:00 PM छोटानागपुर रॉयल्स vs जमशेदपुर स्टीलर्स 24 21 जून 7:30 PM धनबाद डायमंड्स vs संथाल स्ट्राइकर्स सेमीफाइनल-1 22 जून 12:00 PM अंक तालिका में प्रथम स्थान प्राप्त टीम vs चौथे स्थान की टीम सेमीफाइनल-2 22 जून 7:30 PM अंक तालिका में दूसरे स्थान की टीम vs तीसरे स्थान की टीम फाइनल 23 जून 7:30 PM सेमीफाइनल-1 विजेता vs सेमीफाइनल-2 विजेता फैंस के लिए बड़ी खुशसमाचारी रांची और आसपास के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशसमाचारी है. स्टेडियम में जाकर मैचों और उद्घाटन समारोह का आनंद लेने के लिए किसी टिकट की आवश्यकता नहीं होगी. आयोजकों ने दर्शकों के लिए एंट्री पूरी तरह निशुल्क रखी है. ऐसे में फैंस बिना कोई टिकट खरीदे स्टेडियम में बैठकर लाइव क्रिकेट के साथ उद्घाटन समारोह का भी लुत्फ उठा सकेंगे. झारखंड क्रिकेट के लिए यह लीग बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. टूर्नामेंट का उद्देश्य राज्य के युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंच देना और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करना है. वहीं, उद्घाटन समारोह में एमएस धोनी की मौजूदगी इस लीग के पहले सीजन को और भी खास बनाने वाली है. यह भी पढ़ें: झारखंड T20 लीग में निरहुआ की एंट्री, VIDEO जारी कर फैंस से की खास अपील The post झारखंड टी20 लीग का शेड्यूल हुआ जारी, उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे एमएस धोनी; फैंस के लिए एंट्री फ्री appeared first on Naya Vichar.

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भारत की रिकॉर्ड जीत के हीरो मानव सुथार, डेब्यू टेस्ट में किसे दिया अपनी सफलता का श्रेय?

Manav Suthar: अफगानिस्तान के खिलाफ स्पोर्ट्से गए एकमात्र टेस्ट मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम ने अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज कर ली है. हिंदुस्तानीय टीम ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से हराया. इस मुकाबले में डेब्यू करने वाले युवा स्पिनर मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट झटके और 28 रन भी बनाए. उनके बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. मैच के बाद उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट स्पोर्ट्सना उनके बचपन का सपना था और जब उन्हें टीम इंडिया की कैप मिली तो वह पल उनके लिए अविश्वसनीय था. मानव सुथार ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतरता और सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी को दिया। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सफलता हासिल करने के लिए धैर्य और अनुशासन सबसे जरूरी हैं. सफलता का श्रेय सुथार ने किसे दिया? मैच में 7 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए सुथार ने अपनी सफलता का श्रेय सही जगह पर गेंदबाजी करने को दिया. उन्होंने कहा कि निरंतरता के कारण ही उन्हें सफलता मिली है. आपको बार-बार एक ही जगह पर गेंदबाजी करनी होती है. टेस्ट क्रिकेट ऐसा प्रारूप है जिसमें काफी धैर्य चाहिए. आपको अपनी योजनाओं पर कायम रहना होता है और लगातार सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करनी होती है. नई गेंद से गेंदबाजी करने पर मानव सुथार ने क्या कहा? मानव सुथार को मैच के दौरान दूसरी नई गेंद भी सौंपी गई, जिसे उन्होंने अपने लिए गर्व का क्षण बताया. उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है. टीम का भरोसा मिलना किसी भी खिलाड़ी के लिए खास होता है. अपने डेब्यू टेस्ट से मिली सबसे बड़ी सीख के बारे में पूछे जाने पर मानव ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र निरंतरता और धैर्य है. मुकाबले का हाल हिंदुस्तानीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 564 रन बनाए. हिंदुस्तान के लिए शुभमन गिल ने 126 और केएल राहुल ने 100 रन की पारी स्पोर्ट्सी. वहीं अफगानिस्तान की टीम पहली पारी में 152 रनों पर सिमट गई. उसके बाद अफगानिस्तान को फॉलोऑन मिला. फॉलोऑन में भी अफगानिस्तान की टीम 112 रन पर ढेर हो गई. हिंदुस्तान ने यह मुकाबला पारी और 300 रन से जीत लिया. यह भी पढ़ें: डेब्यू मैच में चमके मानव सुथार, दिग्गजों के खास क्लब में हुए शामिल The post हिंदुस्तान की रिकॉर्ड जीत के हीरो मानव सुथार, डेब्यू टेस्ट में किसे दिया अपनी सफलता का श्रेय? appeared first on Naya Vichar.

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बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म, जानिए किन 25 फैसलों पर लगी मुहर

Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को बिहार कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में ग्रामीण विकास विभाग की नई योजना विकसित हिंदुस्तान-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) को मंजूरी दी गई. राज्य प्रशासन इस योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरे बिहार में लागू करेगी. Press-Cabinet-08-06-26Download गन्ना किसानों को मिलेगा बकाया भुगतान कैबिनेट ने गोपालगंज के सासामूसा चीनी मिल को फिर से चालू करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. इसके लिए गन्ना किसानों का वर्षों से लंबित बकाया भुगतान करने की मंजूरी दी गई है. किसानों को करीब 43 करोड़ रुपये की राशि देने का रास्ता साफ हो गया है. डकरानाला पंप नहर योजना के अधूरे कामों को पूरा करने के लिए 251 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है. इसके अलावा सिंधवारणी जलाशय और उससे जुड़ी मुख्य नहर के मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य के लिए लगभग 197 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. बाढ़ प्रबंधन के लिए करोड़ों रुपये की मंजूरी हर साल आने वाली बाढ़ की चुनौती को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण और नदी प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए बड़ी राशि जारी करने की अनुमति दी है. इसके तहत बाढ़ प्रबंधन, भूमि अधिग्रहण और नदी संरक्षण कार्यों के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. जल जीवन मिशन 2.0 को मिली मंजूरी राज्य प्रशासन ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र प्रशासन के साथ समझौता करने पर भी सहमति दे दी है. इस योजना का उद्देश्य लोगों तक बेहतर पेयजल सुविधा पहुंचाना है. अमृत 2.0 मिशन के तहत बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं. बेगूसराय में सीवरेज नेटवर्क और एसटीपी निर्माण के लिए सबसे अधिक राशि स्वीकृत की गई है. वहीं हाजीपुर, बिहारशरीफ और सहरसा में भी जलापूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण काम किए जाएंगे. पेंशनधारियों को समय पर मिलेगी राशि प्रशासन ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत दी है. वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग और अन्य पेंशन योजनाओं के तहत मई, जून और जुलाई महीने की पेंशन देने के लिए 3662 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम राशि मंजूर की गई है. इससे लाखों लाभार्थियों को समय पर पेंशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है. किसानों के लिए फिर लागू होगी फसल बीमा योजना कैबिनेट ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को फिर से लागू करने की मंजूरी दी है. यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के रबी सीजन से लागू होगी. इससे प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें आईआईटी पटना रिसर्च पार्क के निर्माण और आईआईटी पटना फेज-2 के तहत नए हॉस्टल निर्माण को भी मंजूरी दी गई है. वहीं उद्योगों को मंजूरी देने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत करने का फैसला लिया गया है. कैबिनेट ने 15 साल से पुरानी प्रशासनी और निजी गाड़ियों की स्क्रैपिंग से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है. इसके अलावा विभिन्न प्रशासनी योजनाओं और वित्तीय कार्यों के लिए नए सॉफ्टवेयर के विकास पर भी मुहर लगाई गई है. भ्रष्ट अधिकारी पर कार्रवाई बैठक में समस्तीपुर के तत्कालीन जिला अवर निबंधक मणिरंजन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को मंजूरी दी गई. गंभीर आरोपों के आधार पर उन्हें प्रशासनी सेवा से बर्खास्त करने के फैसले पर कैबिनेट ने अंतिम मुहर लगा दी. कैबिनेट ने बिहार काश्तकारी संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी दी है. इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी नैदानिक संस्थानों की नियमावली में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है. इसे भी पढ़ें: Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश The post बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म, जानिए किन 25 फैसलों पर लगी मुहर appeared first on Naya Vichar.

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पॉपुलर सिंगर दलेर मेहंदी ने खरीदी Mahindra की कूपे स्टाइल वाली इलेक्ट्रिक SUV, जानें कीमत और खूबियां

अक्सर आपने देखा होगा कि सेलिब्रिटीज अपनी लाइफस्टाइल और पर्सनैलिटी के हिसाब से महंगी और प्रीमियम गाड़ियां चुनते हैं. लेकिन अब इस ट्रेंड में थोड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. आजकल कई इंडियन सेलेब्रिटीज देसी यानी होमग्रोन ब्रांड्स को सपोर्ट करते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में मशहूर सिंगर, सॉन्गराइटर और रिकॉर्ड प्रोड्यूसर दलेर मेहंदी ने भी एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने हाल ही में नई Mahindra XEV 9E इलेक्ट्रिक SUV खरीदी है. आइए देखते हैं वीडियो और जानते हैं इस कार की खूबियां. दलेर मेहंदी के घर आई Mahindra XEV 9E यह वीडियो Mahindra Electric SUVs के ऑफिशियल इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया गया है. इसमें दिखाया गया है कि डीलरशिप स्टाफ खुद गाड़ी लेकर सिंगर के घर पहुंचता है और वहीं पर डिलीवरी करता है. वीडियो में दलेर मेहंदी अपने परिवार के साथ उस जगह की तरफ जाते नजर आते हैं, जहां कार खड़ी होती है. गाड़ी पूरी तरह कवर होती है और फिर उसे खुद डलर मेहंदी अनवील करते हैं. कार देखने के बाद वो उसके सामने प्रार्थना भी करते हैं और फिर अंदर बैठते हैं. इस मौके पर डीलरशिप की टीम भी मौजूद रहती है. वो उन्हें गाड़ी के फीचर्स और फंक्शन्स के बारे में समझाती है. View this post on Instagram A post shared by Mahindra Electric Origin SUVs (@mahindraelectricsuvs) Mahindra XEV 9E की खूबियां Mahindra XEV 9E एक 5-सीटर इलेक्ट्रिक SUV है, जिसमें कूपे जैसी स्लोपिंग डिजाइन मिलती है. यह SUV साइज में भी काफी बड़ी है. इसकी लंबाई 4,790 mm, चौड़ाई 1,905 mm और ऊंचाई 1,690 mm है. वहीं इसका व्हीलबेस 2,775 mm है. इसमें टॉप वेरिएंट के हिसाब से फीचर्स की भरमार है. तीन बड़ी स्क्रीन वाला डैशबोर्ड, लेवल 2 ADAS सेफ्टी, और 663 लीटर का बड़ा बूट स्पेस दिया गया है. कम्फर्ट के लिए लेदरइट सीट्स, AR हेड-अप डिस्प्ले, NFC की, इन-कैबिन सेल्फी कैमरा, पैनोरमिक ग्लास रूफ, वेंटिलेटेड सीट्स और ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स मिलते हैं. सेफ्टी के मामले में भी यह SUV काफी आगे है. इसमें 6-7 एयरबैग्स, 360 डिग्री कैमरा और हिंदुस्तान NCAP में शानदार स्कोर शामिल है. परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें 59 kWh और 79 kWh के दो बैटरी ऑप्शन मिलते हैं. छोटा बैटरी पैक 228 bhp पावर के साथ 542 km की रेंज देता है, जबकि बड़ा पैक 282 bhp पावर और 656 km तक की रेंज ऑफर करता है. इसकी कीमत 21.90 लाख रुपये से शुरू होकर 31.25 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. यह भी पढ़ें: 59 साल पुरानी Ambassador में फिट कर दिया Skoda का इंजन और Mercedes गियरबॉक्स, देखें वीडियो The post पॉपुलर सिंगर दलेर मेहंदी ने खरीदी Mahindra की कूपे स्टाइल वाली इलेक्ट्रिक SUV, जानें कीमत और खूबियां appeared first on Naya Vichar.

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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से लेकर सर्वदलीय बैठक तक… इन पांच मुद्दों पर केंद्र को घेरेगा ‘इंडिया’ गठबंधन

INDIA Alliance Meeting: विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) की सोमवार (8 जून) को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बैठक हुई. बैठक में 23 दलों के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के खिलाफ साझा रणनीति पर चर्चा की. गठबंधन ने कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी एकजुटता बनाए रखने और आगे की रणनीति तय करने पर सहमति जताई. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में पांच बिंदुओं पर सर्वसम्मति से सहमत हुए हैं. आज हमने यह तय किया है कि हम इन मुद्दों के लिए लड़ेंगे, इन पर काम करेंगे और आगे बढ़ेंगे. #WATCH | Delhi | Congress National President Mallikarjun Kharge says, “The INDIA alliance meeting has concluded, with 25 parties in attendance. Everyone shared their views, and subsequently, we reached a consensus on five points. We have agreed today; we will fight for these… pic.twitter.com/Kcx730ph5r — ANI (@ANI) June 8, 2026 NEET और CBSE विवाद पर शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा और सीबीएसई की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) से जुड़े मुद्दों ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इन परीक्षाओं में शामिल युवाओं के साथ विश्वासघात हुआ है. गठबंधन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है. चुनावी पारदर्शिता पर सीजेआई को पत्र लिखने का फैसला ‘इंडिया’ गठबंधन ने बैठक में मतदाता सूची में कथित हेरफेर, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनावी निष्पक्षता और ‘वोट लूट’ जैसे मुद्दों पर चिंता जताई है. गठबंधन में शामिल दलों ने फैसला किया है कि इन विषयों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को जल्द ही एक पत्र भेजा जाएगा. विपक्षी दलों ने की सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग विपक्षी दलों ने केंद्र प्रशासन से देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और अन्य समस्याओं पर चर्चा के लिए तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. गठबंधन का कहना है कि इन विषयों पर व्यापक नेतृत्वक सहमति और संवाद की जरूरत है. #WATCH | Delhi | After the INDIA bloc meeting, Congress National President Mallikarjun Kharge says, “The Union government should immediately call an all-party meeting to discuss the precarious current economic situation, unemployment, price rise and farmers’ issue and other… pic.twitter.com/yNlytlKjBZ — ANI (@ANI) June 8, 2026 संसद के मानसून सत्र के लिए समन्वय रणनीति बैठक में यह भी तय किया गया कि संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच समन्वय बनाए रखा जाएगा. इसके लिए प्रतिदिन नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी. साथ ही गठबंधन के नेताओं की बैठक हर दो महीने में आयोजित करने पर सहमति बनी और अगली बैठक हैदराबाद में करने का फैसला लिया गया. ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में ये नेता हुए शामिल ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में कांग्रेस की तरफ से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हुए. इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े. इसके अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, भाकपा के डी राजा, माकपा के जॉन ब्रिटास और भाकपा (माले) लिबरेशन के दीपांकर भट्टाचार्य सहित कई अन्य नेताओं ने भी बैठक में हिस्सा लिया. DMK और AAP ने बनाई बैठक से दूरी बैठक में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) शामिल नहीं हुईं. आम आदमी पार्टी पहले ही सार्वजनिक रूप से गठबंधन से दूरी बना चुकी है, जबकि द्रमुक ने तमिलनाडु में कांग्रेस के उससे संबंध तोड़कर टीवीके की प्रशासन में शामिल होने के बाद बैठक का बहिष्कार करने का फैसला करने की घोषणा की थी. वहीं बैठक में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के शामिल नहीं होने से जुड़े सवाल पर कांग्रेस सूत्रों ने कहा- टीवीके इस बैठक में शामिल नहीं हुई क्योंकि केवल उन पार्टियों को आमंत्रित किया गया था, जिनके संसद में सदस्य हैं. भाजपा के बढ़ते प्रभाव के बीच विपक्षी एकता पर जोर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की जबरदस्त हार ने विपक्षी गठबंधन को देश में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एकजुट होने को मजबूर किया है. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी गठबंधन के दलों से अपील की कि वे केंद्र प्रशासन की नीतियों और चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी एकजुटता को और मजबूत करें. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन संविधान पर हमला जारी रखे हुए है. विपक्षी नेताओं ने भाजपा के बढ़ते नेतृत्वक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए साझा मंच को और मजबूत करने की जरूरत है. Also Read: ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में फूट-फूटकर रोने लगीं ममता बनर्जी! कहा- अपनों की गद्दारी ने कहीं का नहीं छोड़ा The post शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से लेकर सर्वदलीय बैठक तक… इन पांच मुद्दों पर केंद्र को घेरेगा ‘इंडिया’ गठबंधन appeared first on Naya Vichar.

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‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में फूट-फूटकर रोने लगीं ममता बनर्जी! कहा- अपनों की गद्दारी ने कहीं का नहीं छोड़ा

खास बातें सोनिया और शरद के सामने बयां की बेबसी- अपनों ने पीठ में घोंपा काकोली घोष के कदम से लगा झटका बंद कमरे में अभिषेक बनर्जी पर फूटा गुस्सा वरिष्ठ नेताओं को किया गया जलील Mamata Banerjee Crying in INDIA Bloc Meeting: गठबंधन के साथियों ने बंधाया ढाढ़स नेतृत्वक अस्तित्व की लड़ाई Mamata Banerjee Crying in INDIA Bloc Meeting: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे अब तक के सबसे बड़े ऐतिहासिक तख्तापलट और लोकसभा में 20 सांसदों की खुली बगावत के बाद, बेहद कमजोर स्थिति में दिल्ली पहुंचीं ममता बनर्जी बंद कमरे में खुद को संभाल नहीं पायीं. बैठक के दौरान जब सभी विपक्षी दलों के शीर्ष नेता एक साथ बैठे, तब बंद कमरों की बातचीत में ममता बनर्जी फूट-फूटकर रोने लगीं. दीदी ने विपक्षी नेताओं के सामने अपनी ही पार्टी के बागियों और भतीजे अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किये. सोनिया और शरद के सामने बयां की बेबसी- अपनों ने पीठ में घोंपा सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के सामने रोते हुए कहा- मैंने जिंदगी भर जिन लोगों को अपनी उंगली पकड़कर नेतृत्व सिखायी, जिन्हें सांसद और मंत्री बनाया, आज सत्ता जाते ही उन्होंने ही मेरी पीठ में सबसे बड़ा खंजर घोंप दिया. काकोली घोष के कदम से लगा झटका दीदी ने विशेष रूप से लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार और उग्र गुट द्वारा सोमवार सुबह ही एनडीए (NDA) को समर्थन देने वाले सीक्रेट लेटर का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि दिल्ली पहुंचने से ठीक पहले उनके 20 सांसद इस तरह से बिक जायेंगे या पाला बदल लेंगे. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का स्पोर्ट्स खत्म बंद कमरे में अभिषेक बनर्जी पर फूटा गुस्सा सूत्रों ने बताया कि गुप्त बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के सामने तृणमूल कांग्रेस के भीतर बुआ और भतीजे के बीच चल रहे वर्चस्व की जंग की कड़वी सच्चाई को खुले तौर पर स्वीकार की. ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं से कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और उसके बाद विधायकों व सांसदों में मची इस भगदड़ की सबसे बड़ी वजह अभिषेक बनर्जी की तानाशाही और अति-महत्वाकांक्षी कार्यशैली है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें वरिष्ठ नेताओं को किया गया जलील उन्होंने रोते हुए कहा कि पार्टी के पुराने और वफादार नेताओं को लगातार दरकिनार कर जलील किया गया. इसकी वजह से आज पार्टी के भीतर इस तरह का आत्मघाती विद्रोह खड़ा हो गया है. काकोली घोष दस्तीदार, रीतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा जैसे कद्दावर नेताओं का बागी हो जाना इसी गलत सांगठनिक फैसलों का नतीजा है. Mamata Banerjee Crying in INDIA Bloc Meeting: गठबंधन के साथियों ने बंधाया ढाढ़स ममता बनर्जी को इस तरह भावुक और असहाय देख बैठक में मौजूद तमाम विपक्षी दिग्गजों ने अपनी नेतृत्वक दूरियां भुलाकर उन्हें ढाढ़स बंधाया. सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने खुद ममता बनर्जी के पास जाकर उन्हें चुप कराया और सांत्वना देते हुए कहा कि नेतृत्व में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, और इस संकट की घड़ी में पूरा ‘इंडिया’ गठबंधन उनके साथ मजबूती से खड़ा है. इसे भी पढ़ें : काकोली घोष दस्तीदार ने बगावत के लिए 8 जून को ही क्यों चुना? सामने आये 3 बड़े कारण नेतृत्वक अस्तित्व की लड़ाई नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि बंद कमरे में चाहे कितनी भी सहानुभूति मिली हो, लेकिन व्यावहारिक रूप से लोकसभा के 28 में से 20 सांसदों और बंगाल विधानसभा के 80 में से 58 विधायकों को गंवाने के बाद अब राष्ट्रीय नेतृत्व और ‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर ममता बनर्जी का वो पुराना दबदबा और नेतृत्वक वीटो पावर हमेशा के लिए खत्म हो चुका है. अब वे केवल अपने बचे-खुचे नेतृत्वक अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं. इसे भी पढ़ें टॉलीवुड का काला सच आया सामने, 10 साल तक काम के लिए तरसती रहीं श्रीलेखा मित्रा, ‘सिंडिकेट’ ने किया करियर बर्बाद आसान नहीं तृणमूल सांसदों का दलबदल! सांसदों की बगावत में बाधा बनेगा कानून विद्रोह के बीच तृणमूल की सर्जरी, अभिषेक के अधिकार घटे, सुखेंदु-सौगत और महुआ को ममता ने दी बड़ी जिम्मेदारी 1998 में आंदोलन की कोख से जन्म, सत्ता का घमंड और ऐतिहासिक पतन, पढ़ें ममता बनर्जी की पार्टी TMC की पूरी कहानी The post ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में फूट-फूटकर रोने लगीं ममता बनर्जी! कहा- अपनों की गद्दारी ने कहीं का नहीं छोड़ा appeared first on Naya Vichar.

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सुनील सिंह को टिकट देने पर राजद में बवाल, शिवचंद्र राम ने दिया राष्ट्रीय पद से इस्तीफा

Bihar MLC Chunav: राजद के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रशासन के पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने पार्टी के अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST) प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. बिहार विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के बाद उन्होंने यह फैसला लिया. बिहार विधान परिषद की सीटों के लिए राजद ने सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है. सोमवार को सुनील सिंह ने पार्टी की ओर से नामांकन भी दाखिल कर दिया. इसके बाद शिवचंद्र राम की नाराजगी खुलकर सामने आ गई. उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि यह फैसला उन्होंने भारी मन से लिया है. पार्टी से नहीं, पद से दिया इस्तीफा शिवचंद्र राम ने अपने पत्र में साफ लिखा है कि वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं. उनका इस्तीफा केवल संगठन के पद से दिया है. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की विचारधारा और राजद के प्रति उनका विश्वास पहले की तरह बना हुआ है. लेकिन अपने समाज की भावनाओं और कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को देखते हुए अब इस पद पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं रह है. उन्होंने कहा कि वर्षों से वह पार्टी और सामाजिक न्याय की सोच के साथ जुड़े रहे हैं. नेतृत्व को उन्होंने कभी पद पाने का जरिया नहीं माना, बल्कि समाज के अधिकार और सम्मान की लड़ाई का माध्यम समझा. “ऐसी जिंदगी भगवान ना करे किसी को मिले…” एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाए जाने से नाराज राजद नेता शिवचंद्र राम मीडिया के सामने फूट-फूट कर रो पड़े. शिवचंद्र राम ने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया. एससी-एसटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर रहे शिवचंद्र राम ने आरोप लगाया कि पार्टी… pic.twitter.com/eR4KNspEeU — Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 8, 2026 समाज के बीच जाकर किया पार्टी का काम- राम अपने पत्र में शिवचंद्र राम ने लिखा कि उन्होंने गांव से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया. विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने दलित, वंचित और रविदास समाज के लोगों के बीच जाकर पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि हजारों कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत कर पार्टी को मजबूत बनाया. समाज के लोगों को उम्मीद थी कि उनकी भागीदारी और योगदान का सम्मान किया जाएगा. आहत हैं शिवचंद्र राम शिवचंद्र राम ने कहा कि हाल के घटनाक्रम ने उन्हें अंदर तक दुखी कर दिया है. जहां भी वह जाते हैं, लोग उनसे सवाल पूछते हैं. समाज के लोगों की नाराजगी और निराशा देखकर उन्हें काफी पीड़ा होती है. उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पद का मोह नहीं है. पद मिले या न मिले, इससे उनके जीवन का उद्देश्य नहीं बदलता. लेकिन जिस समाज ने उन पर भरोसा किया, उसकी भावनाओं को अनदेखा करना उनके लिए आसान नहीं है. चार दिनों से नहीं सो पाए शिवचंद्र राम ने भावुक होते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से वह मानसिक रूप से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि पिछले चार रात से वह ठीक से सो भी नहीं पाए हैं. समाज की उम्मीदों और लोगों के सवालों ने उन्हें भीतर तक परेशान कर दिया है. उनका कहना है कि वह लगातार सोच रहे हैं कि उन लोगों को क्या जवाब दें जिन्होंने उन पर भरोसा किया था और बेहतर प्रतिनिधित्व की उम्मीद लगाई थी. प्रतिनिधित्व को लेकर उठाया सवाल अपने इस्तीफे में शिवचंद्र राम ने राजद नेतृत्व से मांग की है कि विधान परिषद और राज्यसभा जैसी संस्थाओं में दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय केवल नारे या समर्थन तक सीमित नहीं होना चाहिए. समाज के विभिन्न वर्गों को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व भी मिलना चाहिए. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें लालू-राबड़ी के प्रति जताया सम्मान शिवचंद्र राम ने अपने पत्र में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पार्टी नेतृत्व का आभार भी जताया. उन्होंने कहा कि संगठन में काम करने का अवसर देने के लिए वह नेतृत्व के प्रति सम्मान रखते हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके मन में किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई नाराजगी या कटुता नहीं है. उनका फैसला पूरी तरह समाज की भावनाओं और अपने नैतिक दायित्व को देखते हुए लिया गया है. शिवचंद्र राम ने कहा कि सामाजिक न्याय, सम्मान और बराबरी की लड़ाई उनके जीवन का उद्देश्य रही है और आगे भी बनी रहेगी. वह पद छोड़ सकते हैं, लेकिन समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करना नहीं छोड़ेंगे. इसे भी पढ़ें: Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश The post सुनील सिंह को टिकट देने पर राजद में बवाल, शिवचंद्र राम ने दिया राष्ट्रीय पद से इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का खेल खत्म

खास बातें बागी सांसदों ने निकाली दलबदल कानून की काट हम एनडीए के साथ जा रहे हैं : काकोली घोष दस्तीदार दलबदल विरोधी कानून की उड़ी धज्जियां बंगाल की जनता के फैसले को किया स्वीकार TMC Crisis: दिल्ली में खलबली, कालीघाट में सन्नाटा ममता के ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक से पहले हुआ ‘धमाका’ TMC Crisis: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद बिखर रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ताबूत में सोमवार को दिल्ली की धरती पर सबसे आखिरी और सबसे बड़ा कील ठोक दिया गया. पश्चिम बंगाल से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक उस समय नेतृत्वक भूकंप आ गया, जब तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद और लोकसभा में पार्टी की पूर्व मुख्य सचेतक (Chief Whip) काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि टीएमसी के 28 लोकसभा सदस्यों में से 20 ने केंद्र में सत्तारूढ़ हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी राजग (NDA) को समर्थन देने का फैसला कर लिया है. बागी सांसदों ने निकाली दलबदल कानून की काट बागी टीएमसी सांसदों ने दलबदल कानून की काट निकालते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को आधिकारिक पत्र भी सौंप दिया है, जिससे ममता बनर्जी का संसदीय कुनबा ताश के पत्तों की तरह ढह गया. इसी तरह रीतब्रत बनर्जी की अगुवाई में 58 टीएमसी विधायकों ने ममता बनर्जी को बंगाल विधानसभा में झटका दिया था. हम एनडीए के साथ जा रहे हैं : काकोली घोष दस्तीदार सोमवार को काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी में सबसे बड़े विद्रोह की आधिकारिक पुष्टि की. उन्होंने खुलासा किया कि केंद्र प्रशासन को समर्थन देने की इच्छा जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक लिखित पत्र पहले ही भेजा जा चुका है. उन्होंने एक बड़ा तकनीकी दावा ठोकते हुए कहा- तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसदों ने, जिनमें मैं भी शामिल हूं, एनडीए को समर्थन देने के अपने फैसले से लोकसभा अध्यक्ष को अवगत करा दिया है. मैं अभी भी लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक बनी हुई हूं और यह निर्णय सभी साथी सांसदों के साथ गहन विचार-विमर्श और आम सहमति के बाद लिया गया है. इसे भी पढ़ें : कालीघाट की बैठकों के ‘सीक्रेट दस्तावेज’ लीक, रीतब्रत ने पूछे 3 सवाल, सीआईडी खंगालेगी विधायकों का मोबाइल लोकेशन दलबदल विरोधी कानून की उड़ी धज्जियां बागियों ने दलबदल कानून (Anti-Defection Law) के उस चक्रव्यूह को पूरी तरह भेद दिया, जिसकी चर्चा रविवार को टीएमसी के थिंक टैंक कर रहे थे. लोकसभा में टीएमसी के कुल 28 सदस्य हैं. नियमानुसार, दलबदल कानून से बचने और अपनी सांसदी बचाने के लिए दो-तिहाई यानी कम से कम 19 सांसदों की जरूरत थी. काकोली का दावा है कि 20 सांसदों का उनको समर्थन प्राप्त है. इसलिए दलबदल कानून उन पर लागू नहीं होता. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल की जनता के फैसले को किया स्वीकार बगावत को जायज ठहराते हुए काकोली घोष दस्तीदार ने कहा- हमने पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले और जनादेश को खुले दिल से स्वीकार कर लिया है. हमारा दृढ़ विश्वास है कि बंगाल के विकास के लिए हमारा भविष्य का नेतृत्वक मार्ग अब राजग (NDA) की नीतियों के अनुरूप ही होना चाहिए. TMC Crisis: दिल्ली में खलबली, कालीघाट में सन्नाटा यह अप्रत्याशित घटनाक्रम उस वक्त सामने आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर पिछले कुछ दिनों से वरिष्ठ नेताओं द्वारा खुले तौर पर केंद्रीय नेतृत्व (अभिषेक बनर्जी की शैली) के खिलाफ असहमति जताने और इस्तीफे देने का दौर चल रहा था. लोकसभा के 28 सांसदों के साथ-साथ राज्यसभा में भी टीएमसी के 12 सदस्य हैं, लेकिन लोकसभा में हुए इस 20 सांसदों के महा-विद्रोह ने ममता बनर्जी की राष्ट्रीय नेतृत्व को शून्य पर ला खड़ा किया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में 28 साल का सबसे बड़ा भूचाल, ममता में ‘लेनिन’ को देखने वाले रीतब्रत बने टीएमसी के 58 बागियों के ‘बॉस’ ममता के ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक से पहले हुआ ‘धमाका’ दिल्ली में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की बड़ी बैठक से ठीक पहले यह धमाकेदार समाचार आ गयी. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस महा-तख्तापलट और काकोली घोष दस्तीदार के दावों पर समाचार लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व (कालीघाट) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या खंडन सामने नहीं आया है. इसे भी पढ़ें अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ममता बनर्जी का कोलकाता की सड़कों पर चटाई बिछाकर धरना, टीएमसी में टूट की आशंका के बीच ‘दिल्ली चलो’ का नारा बंगाल में महाराष्ट्र जैसे विभाजन के दावों पर भड़के शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कहा- ममता बनर्जी के पास ही रहेगा ‘जोड़ा फूल’ मैं भी बड़ी खिलाड़ी हूं, समय आने पर दूंगी जवाब, चौतरफा संकट के बीच फेसबुक लाइव पर गरजीं ममता बनर्जी The post ममता बनर्जी को महा-झटका, काकोली घोष दस्तीदार समेत 20 सांसद NDA के साथ, दीदी का स्पोर्ट्स खत्म appeared first on Naya Vichar.

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Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश

Bihar MLC Chunav: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए एनडीए के सभी 9 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है. इसके बाद बिहार की नेतृत्व में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इस बार उन्हें एनडीए की ओर से एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाया गया. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या वह आगे भी मंत्री पद पर बने रह पाएंगे या नहीं. मंत्री पद को लेकर क्यों उठ रहे सवाल? दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रह चुके उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं. वह इस समय बिहार प्रशासन में पंचायती राज मंत्री हैं. लेकिन फिलहाल वह न तो विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के. ऐसे में संवैधानिक नियमों को लेकर उनकी स्थिति पर चर्चा शुरू हो गई है. संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन उसे छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद में से किसी एक सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है. यदि तय समय के अंदर सदस्यता नहीं मिलती है तो मंत्री पद छोड़ना पड़ता है. मई में दोबारा मिली थी मंत्री पद की जिम्मेदारी दीपक प्रकाश ने पहले भी मंत्री पद की शपथ ली थी. उस कार्यकाल के समाप्त होने के बाद मई महीने में बने नए मंत्रिमंडल में उन्हें फिर से मंत्री बनाया गया. इसी वजह से छह महीने की नई समयसीमा की गणना मई से मानी जा रही है. नेतृत्वक जानकारों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में वह नवंबर तक मंत्री पद पर बने रह सकते हैं. लेकिन इसके बाद उनके सामने संवैधानिक चुनौती खड़ी हो सकती है. एमएलसी चुनाव में नहीं मिला मौका विधान परिषद की जिन सीटों पर चुनाव हो रहा है, वहां एनडीए ने अपने उम्मीदवारों के नाम पहले ही तय कर दिए हैं. भाजपा ने चार उम्मीदवार उतारे हैं. जदयू ने भी चार नेताओं को मैदान में भेजा है. एक सीट लोक जनशक्ति पार्टी (रा) के हिस्से में गई है. ऐसे में एनडीए की ओर से सभी नौ सीटों पर उम्मीदवार तय हो चुके हैं. दीपक प्रकाश का नाम इनमें शामिल नहीं है. यही कारण है कि उनके लिए फिलहाल विधान परिषद पहुंचने का रास्ता बंद नजर आ रहा है. दूसरी तरफ दसवीं सीट पर राजद ने सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है. नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेतृत्वक हलकों में अब दीपक प्रकाश की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा बढ़ गई है. नवंबर के बाद क्या हो सकता है? नेतृत्वक और संवैधानिक जानकारों का मानना है कि यदि नवंबर तक दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं बनते हैं तो उनके लिए मंत्री पद पर बने रहना संभव नहीं होगा. नियमों के तहत उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है. फिलहाल निकट भविष्य में विधान परिषद की कोई नई सीट खाली होती भी नहीं दिख रही है. ऐसे में उनके सामने सदस्य बनने के ऑप्शन कम नजर आ रहे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इस्तीफे की चर्चा भी तेज नेतृत्वक गलियारों में यह चर्चा भी चल रही है कि यदि समय रहते कोई रास्ता नहीं निकलता है तो दीपक प्रकाश नैतिक आधार पर स्वयं भी मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. अभी तक इस तरह की किसी संभावना पर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. प्रशासन, एनडीए या राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसे भी पढ़ें: दीपक प्रकाश ने नहीं किया नामांकन, मंत्री पद जाना तय! जानें 10 उम्मीदवारों के नाम The post Bihar MLC Chunav: कुर्सी जाने का काउंटडाउन शुरू? जानें कब तक मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश appeared first on Naya Vichar.

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