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CJP Protest: प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सोनम वांगचुक नाराज, कहा- रिहाई नहीं हुई तो करेंगे अनशन; दिया 24 घंटे का वक्त

Sonam Wangchuk on CJP Protest: वांगचुक ने चेतावनी दी है कि अगर अगले 24 घंटों में गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो वह खुद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने पर विचार करेंगे. वांगचुक ने एक्स पर एक मिनट 13 सेकेंड का वीडियो शेयर किया. ‘देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात’ सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही प्रदर्शन के दौरान शांति और एकजुटता बनाए रखने की अपील की थी. उन्हें उम्मीद थी कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मिलेगी. हालांकि, दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने चिंता जताई. वांगचुक ने कहा कि मौजूदा हालात ऐसे लग रहे हैं, मानो देश में अघोषित आपातकाल लागू हो गया हो. उन्होंने गिरफ्तारियों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रशासन से मामले का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की अपील की. ये भी पढ़ें: डिटेंशन के बाद का प्लान पहले से था तैयार? CJP ने जारी किया दीपके का वीडियो, बताया अब कौन करेगा प्रदर्शन का नेतृत्व 24 घंटे में रिहाई नहीं हुई तो करेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन सोनम वांगचुक ने प्रशासन से गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द रिहा करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर अगले 24 घंटों में गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो वह खुद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने पर विचार करेंगे. उन्होंने इसके लिए धरना, अनशन या लेह अथवा दिल्ली में पदयात्रा जैसे विकल्पों का जिक्र किया. हालांकि, वांगचुक ने उम्मीद जताई कि प्रशासन समय रहते बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझा लेगी और उन्हें विरोध का रास्ता नहीं अपनाना पड़ेगा. प्रशासन से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील वांगचुक ने अपने संदेश में प्रशासन से अपील की कि गिरफ्तारियों के मुद्दे पर जल्द पहल की जाए और विवाद का समाधान निकाला जाए. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन गिरफ्तार लोगों की रिहाई और संबंधित मुद्दों पर बातचीत के जरिए रास्ता निकालेगी. उनका यह संदेश दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई गिरफ्तारियों के बीच आया है. वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के पक्ष में हैं और प्रशासन से भी इसी दिशा में पहल की उम्मीद करते हैं. ये भी पढ़ें: CJP Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे नया विचार के पत्रकार प्रशांत डिटेन The post CJP Protest: प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सोनम वांगचुक नाराज, कहा- रिहाई नहीं हुई तो करेंगे अनशन; दिया 24 घंटे का वक्त appeared first on Naya Vichar.

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‘बेटे को कुछ हुआ तो सरकार होगी जिम्मेदार’, अभिजीत दीपके की हिरासत पर छलका मां का दर्द, पिता ने भी उठाए सवाल

Abhijeet Dipke Detention : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की दिल्ली में हुई हिरासत के बाद उनके परिवार का गुस्सा और दर्द सामने आया है. प्लेन के भीतर से दीपके को हिरासत में लिए जाने की घटना पर उनकी मां ने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है, वहीं पिता ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. ‘मां का दिल नहीं माना’: दीपके ने किया था टीवी-फोन से दूर रहने का आग्रह अभिजीत दीपके को संभवतः इस बात का अंदेशा पहले से था कि दिल्ली पहुंचते ही उन पर कार्रवाई हो सकती है. यही वजह थी कि उन्होंने अपनी मां अनीता दीपके से पहले ही कह रखा था कि वे आज टीवी और मोबाइल फोन से दूर रहें. हालांकि, बेटे की चिंता में मां खुद को रोक नहीं सकीं. मीडिया से बातचीत में अनीता दीपके ने बताया, “एक मां का दिल ऐसा नहीं कर सका. मैंने फ्लाइट में बैठे हुए उसकी एक रील देखी और फिर समाचार आई कि उसे विमान के अंदर ही हिरासत में ले लिया गया. इस तरह विमान में घुसकर किसी को पकड़ना सरासर गलत है.” ‘मेरे शिशु ने क्या अपराध किया?’ एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अनीता दीपके ने आगे कहा कि उन्हें हिरासत की आशंका तो थी, लेकिन जिस तरह पुलिस एयर इंडिया के विमान में दाखिल हुई और दीपके समेत अन्य नेताओं को पकड़ा, वह बेहद चौंकाने वाला था. भावुक होते हुए उन्होंने सवाल किया, “मेरे शिशु ने ऐसा क्या अपराध किया था? अगर हिरासत के दौरान उसे कुछ भी हुआ, तो इसके लिए सीधे तौर पर प्रशासन जिम्मेदार होगी.” ‘बलात्कारियों-आतंकियों को नहीं पकड़ते’ अभिजीत के पिता भगवानराव दीपके को बेटे की हिरासत की समाचार इंस्टाग्राम के जरिए मिली. पुलिसिया कार्रवाई पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा: “देश में शायद पहली बार किसी छात्र नेता को इस तरह विमान के अंदर से गिरफ्तार किया गया है. बलात्कारियों, आतंकवादियों और देश का पैसा लेकर भागने वालों को तो पकड़ा नहीं जाता, लेकिन एक आम आवाज उठाने वाले को तुरंत उठा लेते हैं. मेरा अपने बेटे और उसके साथियों को पूरा समर्थन है—लड़ते रहो.” जंतर-मंतर कूच से पहले ही बड़ा क्रैकडाउन गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार, 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया था. दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी. ये भी पढ़ें: CJP Protest Latest Live Updates Hindi : ‘हिंदुस्तान में अघोषित आपातकाल’, दिल्ली क्रैकडाउन पर बोले सोनम वांगचुक; रिहाई न होने पर अनशन-पदयात्रा की चेतावनी शनिवार को मुंबई से दिल्ली फ्लाइट लैंड करते ही पुलिस ने दीपके और उनके साथियों को हिरासत में ले लिया. इससे पहले सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह और यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिए जाने की समाचारें सामने आई थीं. राजधानी में धारा 163 लागू कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. The post ‘बेटे को कुछ हुआ तो प्रशासन होगी जिम्मेदार’, अभिजीत दीपके की हिरासत पर छलका मां का दर्द, पिता ने भी उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

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जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर बोले संबित पात्रा- नाकाम हो गई राजधानी को बंधक बनाने की कोशिश, राहुल गांधी को बताया “नालायक”

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और लेफ्ट छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की कार्रवाई के चलते प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सके. पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, इस प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. संबित पात्रा बोले- आगजनी और मारपीट की कोशिश थी संबित पात्रा ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो हो रहा है, टीवी पर जो दिखाया जा रहा है और सोशल मीडिया के कुछ हैंडल पर जो तस्वीर दिखाई जा रही है, वह हिंदुस्तान की असली कहानी नहीं है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान शांत है और सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के एक हिस्से में कुछ लोग कई दिनों से अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. आज ऐसे लोगों का कार्यक्रम पूरी तरह फेल हो गया है. पात्रा के मुताबिक, इस प्रदर्शन के जरिए हिंदुस्तान और राजधानी दिल्ली को बंधक बनाने की कोशिश की जा रही थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान आगजनी और मारपीट करने की कोशिश की गई. ये भी पढ़ें: CJP Protest Latest Live Updates Hindi : पुलिस जहां रोके वहीं बना लें अपना जंतर-मंतर, CJP का प्रदर्शकारियों से लगातार बढ़ते रहने का आह्वान भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत हुई संबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले चाहते थे कि दिल्ली की सड़कों पर लड़ाई हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने इसे ‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत’ बताया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में हालात नियंत्रण में हैं और प्रदर्शन करने वालों की कोशिश सफल नहीं हुई. राहुल गांधी को बताया “नालायक” नेता संबित पात्रा ने कहा कि कल कुछ नेता राष्ट्रपति भवन गए थे. वहां से बाहर आने के बाद राहुल गांधी ने जो बयान दिया, वह एक ‘नालायक नेता’ के बयान जैसा था. पात्रा ने आरोप लगाया कि पहले कभी राष्ट्रपति को इस तरह सड़क की लड़ाई में घसीटने की कोशिश नहीं हुई. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ‘नालायक नेता’ ने राष्ट्रपति महोदया को सड़क की लड़ाई में घसीटने की कोशिश की. इस दौरान राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस समय हिंदुस्तान में हालात बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है, इसके पीछे की मंशा को समझना जरूरी है कि कैसे अराजकतत्वों के अंदर भी अराजकता का श्रेय लेने की होड़ मची है. संबित पात्रा ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले लोगों के बीच खासकर, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच इस बात को लेकर खींचतान चल रही है कि इसका श्रेय किसे मिले. ये भी पढ़ें: CJP Protest : ध्रुव राठी बोले- मैं यहां सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं आया; SIR को लेकर EC से पूछे 3 सवाल The post जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर बोले संबित पात्रा- नाकाम हो गई राजधानी को बंधक बनाने की कोशिश, राहुल गांधी को बताया “नालायक” appeared first on Naya Vichar.

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क्या अभिजीत दीपके चाहते थे 10 अक्टूबर का आंदोलन असफल हो? ये 3 कारण दे रहे संकेत

अभिजीत दीपके, आशुतोष रंका और सौरव दास जो नीट पेपर लीक आंदोलन के दौरान जेन जी के हीरो बन गए थे, उन्हें डिटेन कर लिया गया है. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मेट्रो, ट्रेन और सड़क यातायात पर भी रोक लगाई गई ताकि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक ना पहुंच सकें. यहां सवाल यह उठता है कि अगर अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी को आंदोलन सफल बनाना था और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना था, तो उन्होंने दिल्ली पुलिस को यह मौका ही क्यों दिया कि वह उनके खिलाफ घेराबंदी कर दे? यह स्थिति दीपके की मंशा पर सवाल खड़े करती है. आइए समझते हैं, वो कौन से संकेत हैं, जो यह बता रहे हैं कि दीपके नहीं चाहते थे कि यह आंदोलन सफल हो. प्रदर्शन की इजाजत मांगने में देरी करना सीजेपी ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए आवेदन 7 अक्टूबर को किया, जबकि वे इस बात से अच्छी तरह वाकिफ थे कि प्रशासन यह नहीं चाहती है कि प्रदर्शन हो. ऐसे में उन्हें नियमों का खास ख्याल रखते हुए समय पर इजाजत के लिए आवेदन करना चाहिए था, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया. परिणाम यह हुआ कि दिल्ली पुलिस ने आवेदन देर से करने की बात कहकर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी. दिल्ली जाने की सूचना को किया वायरल आमतौर पर प्रशासन विरोधी प्रदर्शनों के दौरान नेताओं को इस बात की शंका रहती है कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. इस वजह से वे अपने मूवमेंट को गुप्त रखते हैं. वे यह स्पष्ट नहीं करते हैं कि वे कैसे और कब प्रदर्शन स्थल तक पहुंच सकते हैं. अभिजीत दीपके और सीजेपी के नेताओं ने खुलकर बताया कि वे कैसे और कब दिल्ली पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम गिरफ्तार होने आ रहे हैं. नहीं बनाया प्लान बी किसी भी बड़े आंदोलन में जब नेताओं को पहले से गिरफ्तारी की आशंका होती है तो वे प्रदर्शनकारियों को एकजुट रखने और आंदोलन जारी रखने के लिए वैकल्पिक रणनीति तैयार रखते हैं. जिसे कहा जाता है कि अगर कोई योजना सफल ना हो तो प्लान बी रेडी रखना चाहिए. सीजेपी के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका ने गिरफ्तारी की आशंका पहले ही जताई थी. इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने के लिए कोई प्लान बी रेडी नहीं रखा. 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया, उसके बाद अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी कर यह कहा कि आंदोलन की कमान अब अजिंक्य शिंदे संभालेंगे. अजिंक्य शिंदे एक नया नाम हैं, जिन्हें प्रदर्शनकारी जानते भी नहीं है, ऐसे में विश्वास की कमी होती है और आंदोलन कमजोर होता है. ये भी पढ़ें : CJP प्रोटेस्ट पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, प्रदर्शन रोकने के लिए उठाए ये 5 कदम; जानें कैसे की प्लानिंग? The post क्या अभिजीत दीपके चाहते थे 10 अक्टूबर का आंदोलन असफल हो? ये 3 कारण दे रहे संकेत appeared first on Naya Vichar.

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तस्वीरों में आंदोलन: इंदिरा के खिलाफ ‘सिंहासन खाली करो…’ से ‘रंग दे बंसती…’ तक, मम्मी-पापा से कितना अलग है Gen Z का आंदोलन

10 अक्टूबर को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले 250 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी गईं. CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में इमरजेंसी के दौरान भी ट्रेनों को रद्द नहीं किया गया था. रांका के इस बयान ने लोगों के मन में इंदिरा इमरजेंसी और अब के नेतृत्वक आंदोलनों की यादें ताजा हो गयीं हैं. ऐसे में रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘जनतंत्र का जन्म’ की पंक्तियां-‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ याद आती हैं. ये वही पंक्तियां हैं, जिसने रामलीला मैदान में प्रदर्शनकारियों में इंदिरा गांधी की प्रशासन के खिलाफ जोश भर दिया था. वर्ष 2026 के आंदोलनों में भी प्रदर्शनकारियों ने गीतों के जरिए अपनी बात रखी. इस बार उनके होंठों पर था—‘मेरा रंग दे बसंती चोला, मेरा रंग दे बसंती चोला.’ Gen Z ने 1970 के दशक के आंदोलनों को अपनी आंखों से नहीं देखा. इमरजेंसी के दौर की कहानियां उन्हें अपने मम्मी-पापा और किताबों के जरिए ही पता चलीं. लेकिन, उन कहानियों को याद करते ही आज भी आम-आवाम के जेहन में जयप्रकाश नारायण, रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ और हाथों में तख्तियां लिये प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें उभर आती हैं. उम्मीद है कि नेतृत्वक आंदोलनों के किस्से सुनकर आपके जेहन में भी कुछ कहानियां और किताबों में छपी तस्वीरें ताजा हो जाती होंगी. तो आइए, आज दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बहाने तस्वीरों के जरिए बीते 50 साल के दौरान बड़े नेतृत्वक आंदोलनों की कहानी जानते हैं… 1975 में प्रदर्शन करने आये लोगों को आसानी से पुलिस रोक रही है. 2026 में आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को जरूरत से ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है. यह समय के साथ आंदोलन के बदलते स्वरूप को दिखाता है. 1975 में आंदोलन के दौरान रामलीला मैदान में लाखों की भीड़ संयम से लाइन में बैठी नजर आ रही है. जबकि 2026 Gen Z प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारी टीशर्ट खोलकर हवा में लहराते नजर आए. 1975 में इमरजेंसी के खिलाफ सड़क पर उतरते ही कुछ इस तरह एमके स्टालीन को हिरासत में लिया गया था. जबकि 10 अक्टूबर 2026 को प्रोटेस्ट करने दिल्ली आ रहे दीपके और उनके साथियों को दिल्ली पुलिस ने फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया. The post तस्वीरों में आंदोलन: इंदिरा के खिलाफ ‘सिंहासन खाली करो…’ से ‘रंग दे बंसती…’ तक, मम्मी-पापा से कितना अलग है Gen Z का आंदोलन appeared first on Naya Vichar.

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डिटेंशन के बाद का प्लान पहले से था तैयार? CJP ने जारी किया दीपके का वीडियो, बताया अब कौन करेगा प्रदर्शन का नेतृत्व

CJP के मुताबिक अभिजीत दीपके ने संभावित गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए शुक्रवार रात ही यह वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था. इसमें बताया गया है कि जब तक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका हिरासत में रहेंगे, तब तक संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कमान संभालेंगे. गिरफ्तारी की आशंका के बीच पहले ही रिकॉर्ड कर लिया था वीडियो CJP से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दीपके ने पहले ही अंदाजा लगा लिया था कि उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने शुक्रवार रात वीडियो रिकॉर्ड किया, ताकि उनकी गैरमौजूदगी में भी प्रदर्शन के नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट रहे. सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी वीडियो- ये भी पढ़ें: दिल्ली प्रोटेस्ट से दूर कहां हैं सोनम वांगचुक? वीडियो शेयर कर क्यों बोले- और भी गम हैं जमाने में, सियासत के सिवा दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है. संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है. प्रमुख नेताओं की हिरासत के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि अजिंक्य शिंदे के नेतृत्व में प्रदर्शन किस तरह आगे बढ़ता है. The post डिटेंशन के बाद का प्लान पहले से था तैयार? CJP ने जारी किया दीपके का वीडियो, बताया अब कौन करेगा प्रदर्शन का नेतृत्व appeared first on Naya Vichar.

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CJP प्रोटेस्ट पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, प्रदर्शन रोकने के लिए उठाए ये 5 कदम; जानें कैसे की प्लानिंग?

नीट पेपर लीक के खिलाफ किए गए प्रदर्शन से दिल्ली पुलिस ने जिस तरह निपटा था, उससे उनकी छवि बिगड़ी थी. इतना ही नहीं प्रशासन को भी बैकफुट पर आना पड़ा था, लेकिन इस बार दिल्ली पुलिस ने पहले से ही तैयारी कर ली थी, ताकि नौबत लाठीचार्ज जैसी सख्ती तक ना पहुंचे और पुलिस की छवि के साथ-साथ कानून-व्यवस्था भी ना बिगड़े. 1. प्रोटेस्ट की नहीं दी इजाजत दिल्ली पुलिस ने इस बार जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट की इजाजत नहीं दी. दिल्ली पुलिस ने प्रोटेस्ट की इजाजत देने में कोई नरमी नहीं दिखाई और पूरी सख्ती से यह बात कही कि प्रोटेस्ट के लिए 10 दिन पहले इजाजत लेनी होती है. कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से प्रोटेस्ट के लिए आवेदन 7 अक्टूबर को आया था. दिल्ली पुलिस की ज्वाइंट कमिश्नर नुपूर प्रसाद ने 9 अक्टूबर को कहा कि पिछले प्रदर्शन में उन्होंने जिस तरह का व्यवहार किया था, उसे देखते हुए भी उन्हें प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई. उन्होंने बताया कि पिछली बार प्रदर्शन की अनुमति दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपने अंडरटेकिंग का पालन नहीं किया और पुलिस की ओर से बताए गए कानूनी दिशानिर्देशों का भी उल्लंघन किया था. 2. सीजेपी के तमाम नेताओं को किया डिटेन दिल्ली पुलिस ने इस बार यह तय कर लिया था कि वह प्रोटेस्ट नहीं होने देगी. इसी वजह से उनकी तैयारी भी पूरी थी. दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के तीनों बड़े चेहरे अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को दिल्ली घुसते ही प्लेन से ही उठा लिया. उन्हें इस बात का मौका ही नहीं दिया कि वे किसी भी तरह प्रदर्शन कर सकें. हालांकि प्लाइट से अभिजीत दीपके ने जो वीडियो शेयर किया, उसमें स्त्री पुलिसकर्मी उन्हें यह कहती हुई नजर आ रही हैं कि यह गिरफ्तारी नहीं है. इन तीनों के अलावा उन तमाम लोगों को भी डिटेन कर लिया गया है, जो प्रदर्शन स्थल जाकर कुछ हंगामा खड़ा कर सकते थे. इनमें यूट्‌यूबर ध्रुव राठी और सीजेपी की लीगल हेड भी शामिल है. इतना ही नहीं सीजेपी प्रोटेस्ट के समर्थकों पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है और उनके घरों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया है. 3. 57 मेट्रो स्टेशन को किया बंद पुलिस ने इसकी पूरी तैयारी की थी कि जंतर-मंतर तक प्रदर्शनकारियों को पहुंचने नहीं दिया जाएगा. इसके लिए पुलिस ने दिल्ली की लाइफ लाइन यानी मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया, ताकि प्रदर्शनकारी मेट्रो स्टेशन तक ना पहुंच सकें. इसकी तैयारी एक दिन पहले से ही कर ली गई थी. 4. दिल्ली पहुंचने के तमाम रास्तों को किया गया बंद दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग, फोटो-पीटीआई ऐसी संभावना भी थी कि सड़क और रेल मार्ग से प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंच सकते हैं. इस संभावना को खत्म करने के लिए कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं. इतना ही नहीं दिल्ली से जिन राज्यों की सीमाएं जुड़ती हैं वहां भी बैरिकेडिंग कर दी गई, ताकि प्रदर्शनकारी वहां से दिल्ली में प्रवेश ना कर पाएं. खासकर उत्तर प्रदेश के इलाके में सख्ती की गई. 5. प्रदर्शनकारियों की धरपकड़, उन्हें जमा होने नहीं दिया दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को जमा नहीं होने देने की प्लानिंग की थी, इसके तहत वहां निषेधाज्ञा लागू कर दिया था ताकि भीड़ ना जमा हो पाए. इतना ही नहीं पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को रोका, ताकि वे एकजुट होकर प्रदर्शन स्थल तक न पहुंच सकें. इस कार्रवाई के तहत 500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया. पुलिस की इस कार्रवाई का असर सीजेपी के उस अभियान पर पड़ा, जिसके तहत समर्थकों से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की गई थी. प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर रोक, नेताओं की हिरासत और प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने में आई बाधाओं ने समर्थकों को एकजुट होने से रोकने में भूमिका निभाई. ये भी पढ़ें : CJP Protest Latest Live Updates Hindi : अभिजीत दीपके, रांका-सौरव फ्लाइट के अंदर ही हिरासत में, केजरीवाल ने बताया तानाशाही The post CJP प्रोटेस्ट पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा, प्रदर्शन रोकने के लिए उठाए ये 5 कदम; जानें कैसे की प्लानिंग? appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे प्रभात खबर के पत्रकार प्रशांत डिटेन

CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे नया विचार के पत्रकार प्रशांत को भी डिटेन किया गया है. पत्रकार प्रदर्शन से जुड़ी समाचारों को कवर करने के लिए मौके पर पहुंचे थे. प्रशांत को बस से कहीं ले जाया जा रहा था. इस दौरान उन्होंने पुलिस से सवाल भी किया कि मीडिया वाले यहां प्रदर्शन को कवर करने आए हैं. उन्हें क्यों डिटेन किया जा रहा है. ये भी पढ़ें: CJP Protest Video: ‘मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं’, देखें अभिजीत दीपके के साथ फ्लाइट के अंदर क्या हुआ View on Instagram दिल्ली पुलिस ने लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया पीटीआई सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ड्रोन से भी नजर रख रही है. सूत्रों ने यह भी बताया कि यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 से हिरासत में लिया गया है. वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का दावा है कि दिल्ली में विमान उतरने के बाद उसके नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया गया. पार्टी ने अपनी लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह और तीन अन्य वकीलों को हिरासत में लिए जाने का भी दावा किया है. The post CJP Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचे नया विचार के पत्रकार प्रशांत डिटेन appeared first on Naya Vichar.

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CP Radhakrishnan Deoghar Visit Live: AIIMS देवघर के होनहारों का सम्मान: उपराष्ट्रपति ने बांटी मेडिकल डिग्रियां, 11 छात्रों को मिला विशेष पुरस्कार

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन देवघर पहुंचे हैं. वे एम्स के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और छात्रों को डिग्री प्रदान करेंगे. The post CP Radhakrishnan Deoghar Visit Live: AIIMS देवघर के होनहारों का सम्मान: उपराष्ट्रपति ने बांटी मेडिकल डिग्रियां, 11 छात्रों को मिला विशेष पुरस्कार appeared first on Naya Vichar.

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अभिजीत दीपके-सौरभ दास सहित CJP प्रोटेस्ट के 5 बड़े नेता डिटेन, ध्रुव राठी गुरुग्राम से हिरासत में लिए गए

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है. जिसके लिए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद हिरासत में लिया गया. पार्टी के सह-संयोजक सौरभ दास और नेता आशुतोष रांका को भी विमान से उतरने के बाद हिरासत में ले लिया गया है. ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली से सटे गुरुग्राम में हिरासत में लिया गया. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम पुलिस के सादे कपड़ों में आए कर्मियों ने उन्हें शनिवार सुबह हिरासत में लिया. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि राठी को दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और बीएनएस 163 लागू होने के बारे में समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह प्रदर्शन में शामिल होने की बात कह रहे थे. सीजेपी के लीगल हेड रत्ना सिंह भी हिरासत में CJP की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी हिरासत में लिए जाने की बात कही है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, उन्होंने बताया कि उन्हें तीन अन्य वकीलों के साथ हिरासत में लिया गया. क्यों हो रहा है प्रदर्शन? CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था. पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है. प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए गए सवाल हैं. प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोटरों के नाम हटाए जाने पर चिंता जताई है. ये भी पढ़ें: दिल्ली प्रोटेस्ट से दूर कहां हैं सोनम वांगचुक? वीडियो शेयर कर क्यों बोले- और भी गम हैं जमाने में, सियासत के सिवा दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शन से पहले दिल्ली में करीब 200 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी. पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर CJP तथा प्रशासन के बीच टकराव बढ़ गया है. The post अभिजीत दीपके-सौरभ दास सहित CJP प्रोटेस्ट के 5 बड़े नेता डिटेन, ध्रुव राठी गुरुग्राम से हिरासत में लिए गए appeared first on Naya Vichar.

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