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BBMKU Convocation 2026: राज्यपाल का स्वागत, छात्राओं को गोल्ड मेडल और जयराम महतो को पीएचडी की डिग्री; तस्वीरों में देखें समारोह

BBMKU के तीसरे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शिरकत की. 99 छात्राओं को गोल्ड मेडल और विधायक जयराम महतो को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया. The post BBMKU Convocation 2026: राज्यपाल का स्वागत, छात्राओं को गोल्ड मेडल और जयराम महतो को पीएचडी की डिग्री; तस्वीरों में देखें समारोह appeared first on Naya Vichar.

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“कोई ईशान का दीवाना, कोई संजू का फैन”, रांची में मैच से पहले JSCA स्टेडियम के बाहर फैंस का जोश हाई

Ranchi Cricket Match: झारखंड की राजधानी रांची में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले T20 मुकाबले को लेकर क्रिकेट का जुनून सिर चढ़कर बोल रहा है. जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम के बाहर सुबह से ही क्रिकेट प्रशंसकों की भीड़ जुटने लगी है. मैच शाम सात बजे से शुरू होना है, लेकिन दर्शकों का उत्साह ऐसा है कि एंट्री शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए स्टेडियम पहुंचने लगे हैं. स्टेडियम के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम मैच को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं. स्टेडियम के गेट समेत प्रवेश द्वारों के आसपास बैरिकेडिंग की गई है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिसकर्मियों, पेट्रोलिंग टीम और कमांडो की तैनाती की गई है. वहीं, ट्रैफिक पुलिस भी जाम से निपटने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मुस्तैद है. स्टेडियम में प्रवेश करने वाले दर्शकों की सघन जांच की जाएगी. प्रशासन की कोशिश है कि मैच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और दर्शकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. स्टेडियम के गेट की बाहर की तस्वीर यह भी पढ़ें: IND vs WI T20: रांची में ईशान के दमदार शॉट्स से लेकर वैभव के लंबे छक्कों तक, देखें प्रैक्टिस की धमाकेदार तस्वीरें जीत के लिए हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज में होगी भिड़ंत मैच को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है. हिंदुस्तानीय प्रशंसक जहां टीम इंडिया की जीत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम भी कड़ी चुनौती पेश करने के इरादे से उतरेगी. फिलहाल स्टेडियम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है, पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और क्रिकेट फैंस अपनी पसंदीदा टीम को चीयर करने के लिए तैयार हैं. अब सभी को शाम सात बजे का इंतजार है, जब रांची में क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर पहुंचेगा. ये भी पढ़ें- JPSC रद्द मामले में आज फिर 11 बजे से सुनवाई, जानें JSSC CGL केस में हाईकोर्ट में क्या-क्या हुआ’ The post “कोई ईशान का दीवाना, कोई संजू का फैन”, रांची में मैच से पहले JSCA स्टेडियम के बाहर फैंस का जोश हाई appeared first on Naya Vichar.

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लालू के बाद RJD का सोनिया गांधी से बातचीत खत्म, पप्पू यादव बोले- तेजस्वी कांग्रेसियों को सम्मान नहीं देते

Pappu Yadav: बिहार के पूर्णिया जिले के सांसद पप्पू यादव के बयान को लेकर सियासी गलियारे में चर्चा तेज हो गई है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर आरोप लगाए हैं. तेजस्वी यादव पर पप्पू यादव ने कांग्रेसियों का अपमान करने के साथ-साथ उन्हें बीजेपी का बी टीम भी बताया. उन्होंने तेजस्वी यादव का बीजेपी से सांठगांठ होने की भी बात कही. आरजेडी और सोनिया गांधी की बात बंद पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, जब तक लालू प्रसाद थे तब तक उनका और आरजेडी का कांग्रेस और सोनिया गांधी से बातचीत होती थी. लेकिन अब स्थिति इसके उलट हो गई है. आज की तारीख में दोनों के बीच बातचीत नामुमकिन है. इतना ही नहीं, उन्होंने स्पष्ट कहा कि तेजस्वी यादव कांग्रेसियों का सम्मान नहीं करते हैं. नया विचार से खास बातचीत के दौरान भी उन्होंने यह क्लियर किया. कांग्रेस को पप्पू यादव ने बताया बड़ा भाई सांसद पप्पू यादव से कांग्रेस और आरजेडी के बीच बातचीत को लेकर सवाल किया गया था. इस पर उन्होंने कहा, बातचीत तो होती ही नहीं है. लालू प्रसाद थे तब उम्मीद थी. सोनिया गांधी से बातचीत हो जाती थी. दोनों एक-दूसरे का सम्मान भी करते हैं. साथ ही आगे पप्पू यादव ने यह भी कहा कि कांग्रेस बड़े भाई की भूमिका में है. तेजस्वी यादव से सांसद ने पूछा आप कांग्रेस के बगैर हैं कौन? तेजस्वी पर बीजेपी से सांठगांठ का आरोप पप्पू यादव इतने पर ही नहीं रुके. आगे उन्होंने यह भी कहा, तेजस्वी यादव बीजेपी से ना लड़कर कांग्रेस से लड़ रहे हैं. तेजस्वी की सांठगांठ बीजेपी से है. उन्होंने इशारे-इशारे में तेजस्वी यादव को बीजेपी का बी टीम बताया. पप्पू यादव ने कहा, वह बीजेपी को जिताने और कांग्रेस को हराने के लिए यह सारा गेम स्पोर्ट्स रहे हैं. पप्पू यादव के बयान के बाद चर्चा तेज पप्पू यादव के इस बयान के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. खासकर महागठबंधन में टूट की चर्चा फिर तेज हो गई है. एमएलसी चुनाव की बात करें तो, कई सीटों पर आरजेडी और कांग्रेस आमने-सामने होंगे. इस तरह से एक ही गठबंधन के नेता एक-दूसरे को टक्कर देंगे. लेकिन उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर तेजस्वी यादव का कहना था कि स्थानीय निकाय चुनावों का स्वरूप अलग होता है और इसमें पहले भी घटक दलों ने अपने-अपने स्तर पर उम्मीदवार उतारे हैं. Also Read: रोहिणी आचार्य ने लालू प्रसाद का हेयर स्टाइल बनाते वीडियो किया शेयर, कहा-रिश्तों की मर्यादा को मैंने हमेशा दिल से संभाला The post लालू के बाद RJD का सोनिया गांधी से बातचीत खत्म, पप्पू यादव बोले- तेजस्वी कांग्रेसियों को सम्मान नहीं देते appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन शुक्रवार रात 9 बजे से होंगे बंद? CJP प्रोटेस्ट से पहले सरकार अलर्ट

Delhi Protest: 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा तैयारियां तेज हो गई हैं. दिल्ली पुलिस ने DMRC को 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद करने और कुछ स्टेशनों पर ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी घटाने का प्रस्ताव भेजा है. दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर, ट्रांसपोर्ट रेंज की ओर से गुरुवार को DMRC को पत्र भेजा गया. इसमें कहा गया कि प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए एहतियात के तौर पर चिन्हित स्टेशनों पर जरूरी कदम उठाए जाएं. इन बड़े मेट्रो स्टेशनों के नाम शामिल पुलिस की सूची में राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, पटेल चौक, जनपथ, नई दिल्ली, मंडी हाउस, ITO, सुप्रीम कोर्ट और इंद्रप्रस्थ जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं. इसके अलावा कश्मीरी गेट, करोल बाग, INA, हौज खास, लाजपत नगर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, सीलमपुर, वेलकम, शाहदरा, रिठाला, रोहिणी ईस्ट और रोहिणी वेस्ट समेत कुल 57 स्टेशनों का जिक्र किया गया है. ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी भी घटाने का सुझाव पत्र में सिर्फ गेट बंद करने की बात ही नहीं है. पुलिस ने चिन्हित स्टेशनों पर मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही की फ्रीक्वेंसी कम करने का भी प्रस्ताव दिया है. इसके पीछे संवेदनशील इलाकों की ओर भीड़ के बढ़ने की आशंका बताई गई है. DMRC से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी निर्देश जारी करने की भी अपील की है. DMRC ने इस पर क्या फैसला लिया है, यह अभी साफ नहीं हो पाया है. 10 अक्टूबर को CJP का जंतर-मंतर प्रदर्शन CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में प्रदर्शन का ऐलान किया है. इसे देखते हुए नई दिल्ली जिले और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. Also Read:10 अक्टूबर के CJP मार्च पर दिल्ली पुलिस की सख्त चेतावनी, जंतर-मंतर पर जुटान हुआ तो होगा एक्शन The post दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन शुक्रवार रात 9 बजे से होंगे बंद? CJP प्रोटेस्ट से पहले प्रशासन अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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रोहिणी आचार्य ने लालू प्रसाद का हेयर स्टाइल बनाते वीडियो किया शेयर, कहा-रिश्तों की मर्यादा को मैंने हमेशा दिल से संभाला

Rohini Acharya: आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य एक बार फिर चर्चा में हैं. कुछ दिनों पहले ही वह सिंगापुर से पटना आईं थी. इस बीच उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया. इसमें उनके पिता लालू प्रसाद भी दिखें. रोहिणी आचार्य का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो के साथ लिखा इमोशनल कैप्शन वीडियो में देखा गया कि रोहिणी आचार्य अपने पिता लालू प्रसाद का बाल संवार रहीं हैं. साथ ही उन्होंने इमोशनल कैप्शन भी लिखा. रोहिणी ने एक्स पर लिखा, ‘माता-पिता और बेटी के बीच के पवित्र रिश्ते की मर्यादा को हमेशा मैंने दिल से संभाला है. आगे भी संभालूंगी. एक बेटी होने का फर्ज और धर्म मैं हर पल, हर घड़ी और हर परिस्थिति में निभाऊंगी’. इस इमोशनल पोस्ट को लेकर काफी चर्चा हो रही है. सोशल मीडिया पर रोहिणी एक्टिव रोहिणी आचार्य अक्सर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहतीं हैं. आरजेडी या फिर बिहार से जुड़े मुद्दों पर वह अपनी बात रखतीं हैं. नए पोस्ट में उन्होंने बिहार की नेतृत्व के बजाय माता-पिता के रिश्ते को लेकर जो जिम्मेदारी होती है, उसके बारे में बातचीत की. इससे पहले वह पटना में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन हो या फिर एमएलसी चुनाव से जुड़े मुद्दे पर रिएक्ट करतीं रहीं हैं. 1 अक्टूबर को पटना आईं थीं रोहिणी 1 अक्टूबर को पारिवारिक विवाद के काफी समय के बाद रोहिणी आचार्य पटना आईं थीं. उस दौरान उन्हें रिसीव करने के लिए खुद लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और सांसद मीसा हिंदुस्तानी समेत कई राजद कार्यकर्ता एयरपोर्ट पहुंचे थे. उनके पटना एयरपोर्ट पर पहुंचते ही राजद कार्यकर्ता में जोश देखने को मिला. इस दौरान लालू यादव, राबड़ी देवी समेत रोहिणी आचार्य जिदांबाद के नारे लगाए गए. रोहिणी आचार्य ने पटना एयरपोर्ट पर पिता लालू प्रसाद को गले लगाया था. राजद के कार्यकर्ताओं से मिलने के सवाल पर रोहिणी आचार्य ने कहा था, बिहार के सभी युवा मेरे भाई हैं. ये हमसे मिलने के लिए आए हैं. अपनी नाराजगी पर उन्होंने कहा थी, भले मैं पटना से दूर थी मगर मेरे दिल में पटना बस हुआ है और हमेशा आगे भी मेरे दिल में पटना बसा रहेगा. मामा साधु यादव से रोहिणी की हुई थी मुलाकात रोहिणी आचार्य ने हाल ही में अपने मामा और पूर्व सांसद साधु यादव से मुलाकात भी थी. रोहिणी आचार्य के पहुंचने पर साधु यादव ने उनका स्वागत किया था. काफी देर तक दोनों के बीच बातचीत हुई थी. उस वक्त साधु यादव ने कहा था, रोहिणी के उनके घर आने से वह काफी खुश हैं. उन्होंने अपनी बहन राबड़ी देवी से रिश्तों को लेकर कहा था कि उनके बीच कभी कोई दूरी रही ही नहीं. साधु यादव के अनुसार, परिवार में हमेशा आपसी संबंध और माहौल अच्छा रहा है. उन्होंने कहा था, मीडिया में कई बार बातों को उल्टा या तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है, जिससे लोगों के बीच गलत संदेश जाता है. Also Read: EOU Raid: सास के नाम पर 1.5 करोड़ की जमीन, 30 लाख के सोने-चांदी के गहने… इंजीनियर नारद दास के 4 जिलों में ठिकाने से क्या-क्या मिला? The post रोहिणी आचार्य ने लालू प्रसाद का हेयर स्टाइल बनाते वीडियो किया शेयर, कहा-रिश्तों की मर्यादा को मैंने हमेशा दिल से संभाला appeared first on Naya Vichar.

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IND vs WI 2nd T20I: JSCA स्टेडियम में मैच देखने जा रहे हैं, तो जान लें क्या ले जा सकते हैं और क्या नहीं

IND vs WI 2nd T20I: हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज यानी शुक्रवार को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. मैच शाम 7 बजे से शुरू होगा. टीम इंडिया की नजर लखनऊ में पहला मुकाबला जीतने के बाद रांची में भी जीत दर्ज कर सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाने पर है. वहीं, मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है. अगर आप भी मैच देखने जेएससीए स्टेडियम जाने वाले हैं तो घर से निकलने से पहले एक बार अपना सामान जरूर चेक कर लें. इन चीजों के साथ नहीं मिलेगी स्टेडियम में एंट्री मैच के दौरान सुरक्षा और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई वस्तुओं को प्रतिबंधित किया गया है. इनमें डीएसएलआर कैमरा, वीडियो रिकॉर्डर, लैपटॉप, कंप्यूटर, ट्रांजिस्टर, ईयर प्लग और हेडफोन शामिल हैं. इसके अलावा दर्शक बैग, थैला, झोला, हेलमेट और सिक्के भी स्टेडियम के अंदर नहीं ले जा सकेंगे. बोतल और बाहर का खाना भी बैन पूरी लिस्ट फोटो—एआई जनरेटेड मैच देखने पहुंचने वाले दर्शकों को बाहर से खाना लेकर आने की अनुमति नहीं होगी. इसके साथ ही कांच या प्लास्टिक की बोतल, कैन और धातु के कंटेनर भी प्रतिबंधित सामान की सूची में हैं. सिगरेट-लाइटर और शराब भी नहीं ले जा सकेंगे स्टेडियम में सिगरेट, लाइटर, तंबाकू उत्पाद, शराब और अन्य नशीले या अवैध पदार्थ ले जाने पर रोक है. पटाखे, आतिशबाजी की सामग्री, हथियार और किसी भी तरह के खतरनाक या विषाक्त पदार्थ भी प्रतिबंधित हैं. इसके अलावा संगीत वाद्ययंत्र और ऐसे बैनर या झंडे भी नहीं ले जा सकेंगे, जिनसे अनधिकृत व्यावसायिक प्रचार या प्रायोजक अधिकारों का उल्लंघन होता हो. मैदान में घुसना पड़ा भारी, होगी कार्रवाई सिर्फ प्रतिबंधित सामान से बचना ही काफी नहीं है. स्टेडियम के अंदर पहुंचने के बाद भी दर्शकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा. पिच या स्पोर्ट्स के मैदान में घुसने, प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने, मैदान या दर्शकों की ओर कोई सामान फेंकने और स्टेडियम की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कार्रवाई की जा सकती है. स्टेडियम परिसर में सट्टेबाजी पर भी रोक रहेगी. सीढ़ियों, प्रवेश और निकास द्वार या आने-जाने वाले रास्तों पर खड़े होकर भीड़ का रास्ता रोकने की अनुमति नहीं होगी. शराब या नशीले पदार्थों के प्रभाव में पाए जाने अथवा अभद्र व्यवहार करने वाले दर्शकों को स्टेडियम से बाहर भी किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: IND vs WI 2nd T20I: रांची में 200 से 350 रुपये में मिल रही टीम इंडिया की जर्सी, धोनी की जर्सी की खास डिमांड मैच शुरू होने के बाद एंट्री को लेकर भी नियम दर्शकों की एंट्री से पहले टिकट की जांच और सुरक्षा स्क्रीनिंग होगी. इसलिए मैच देखने जाने वाले लोगों को समय से पहले स्टेडियम पहुंचने की सलाह दी गई है. एक खास बात यह भी है कि मैच शुरू होने के बाद प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे. वहीं, स्टेडियम में प्रवेश करने के बाद दर्शकों को कम से कम एक पारी पूरी होने के बाद ही बाहर निकलने की अनुमति होगी. ऐसे में दर्शक अपनी यात्रा और खाने-पीने की योजना पहले से बनाकर चलें. रांची में टीम इंडिया का रिकॉर्ड कैसा है? जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में हिंदुस्तान ने अब तक चार टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्से हैं. इनमें टीम इंडिया को तीन मुकाबलों में जीत मिली है, जबकि एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है. हिंदुस्तान ने यहां श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को हराया है, जबकि जनवरी 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ उसे हार मिली थी. अब हिंदुस्तानीय टीम की नजर रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत दर्ज कर सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करने पर होगी. ये भी पढ़ें: रांची में IND vs WI T20 पर बारिश का साया, मैच देखने पहुंचे क्रिकेट फैंस की बढ़ सकती है चिंता The post IND vs WI 2nd T20I: JSCA स्टेडियम में मैच देखने जा रहे हैं, तो जान लें क्या ले जा सकते हैं और क्या नहीं appeared first on Naya Vichar.

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‘हम जिसकी चाहें सत्ता पलट देंगे’ से ‘वेलकम टू इंडिया’ तक : एलन मस्क के पोस्ट और राहुल गांधी के रिप्लाई के क्या हैं मायने?

दुनिया के सबसे चर्चित टेक अरबपतियों में शामिल एलन मस्क एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार मामला हिंदुस्तान में उनकी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink की व्यवसायिक शुरुआत  में देरी से जुड़ा है. मस्क ने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान में कुछ प्रभावशाली कारोबारी समूह Starlink को बाजार में उतरने से रोक रहे हैं. इसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए लिखा, “Welcome to India, Elon. Wait till you discover the other guy.” यानी हिंदुस्तान में आपका स्वागत है, एलन. अभी दूसरे शख्स को देखना बाकी है. मस्क ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए लिखा, “Thank you, Rahul. This is indeed troubling.” यानी धन्यवाद, राहुल. यह वाकई चिंताजनक है. इस बातचीत के बाद मस्क का 2020 का वह पुराना ट्वीट भी चर्चा में आ गया, जिसमें उन्होंने लिखा था, “We will coup whoever we want! Deal with it.” इसका मोटे तौर पर अर्थ है, “हम जिसकी चाहें सत्ता पलट देंगे, इससे निपट लो.” हालांकि, वह ट्वीट बोलीविया में लिथियम और तत्कालीन नेतृत्वक घटनाक्रम को लेकर हुई बहस के संदर्भ में था, हिंदुस्तान को लेकर नहीं. ऐसे में चलिए इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझते हैं. राहुल गांधी ने क्या लिखा, मस्क ने क्या जवाब दिया? मस्क की टिप्पणी के बाद राहुल गांधी ने X पर लिखा, “Welcome to India, Elon. Wait till you discover the other guy.” राहुल ने अपने पोस्ट में ‘दूसरे शख्स’ का नाम नहीं लिया. हालांकि कई मीडिया रिपोर्टों में इसे उद्योगपति गौतम अडानी की ओर इशारा माना जा रहा है, लेकिन राहुल गांधी की तरफ से पुष्टि नहीं की गई है. राहुल गांधी-मस्क के ट्वीट हालांकि, सोशल मीडिया पर हुई इस बातचीत से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि राहुल गांधी और मस्क के बीच कोई नेतृत्वक गठजोड़ है. फिलहाल सामने आए पोस्ट से इतना ही स्पष्ट है कि दोनों ने हिंदुस्तान में कारोबारी माहौल और प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर टिप्पणी की है. Starlink की लॉन्चिंग में देरी से कैसे शुरू हुआ विवाद? इस पूरे विवाद की शुरुआत हिंदुस्तान में Starlink की सेवाएं शुरू होने में हो रही देरी से हुई. मस्क का कहना है कि उनकी कंपनी 165 से ज्यादा देशों में लाइसेंस के साथ काम कर रही है और हिंदुस्तान में भी प्रशासनी नियमों का पालन करने में पांच साल लगा चुकी है. इसके बावजूद कंपनी को इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं मिली है. Unfortunately, we are being blocked by certain oligarchs in order to maintain their monopolistic chokehold on the Indian people. You can guess who they are This is a crime against the people of India! — Elon Musk (@elonmusk) October 7, 2026 “> मस्क ने X पर आरोप लगाया कि Starlink को “certain oligarchs” यानी कुछ बेहद प्रभावशाली कारोबारी रोक रहे हैं, ताकि हिंदुस्तानीय बाजार पर उनकी पकड़ बनी रहे. उन्होंने इसे हिंदुस्तानीय लोगों के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इससे उन लोगों को नुकसान हो रहा है, जिन्हें अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं मिल पाती. इसके बाद मस्क ने एक और पोस्ट में सवाल किया, “Is Ambani the real boss of India?” यानी क्या अंबानी हिंदुस्तान के असली बॉस हैं? इस टिप्पणी को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी टेलीकॉम कंपनी Jio की ओर इशारे के तौर पर देखा गया. हालांकि, इससे पहले मस्क ने अपने शुरुआती आरोप में किसी कारोबारी समूह का नाम नहीं लिया था. “Is Ambani the real boss of India?” Elon Musk, SpaceX CEO https://t.co/ZQX00BKACL — Gen-Z of India (@GenZofIndia) October 8, 2026 “> हिंदुस्तान प्रशासन ने मस्क के आरोपों पर क्या कहा? मस्क के आरोपों के बाद हिंदुस्तान प्रशासन ने भेदभाव के दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि देश में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए प्रशासनी नियम निष्पक्ष और भेद-भाव रहित है. प्रशासन के मुताबिक, इस क्षेत्र में काम शुरू करने वाली कंपनियों को सुरक्षा से जुड़ी सभी शर्तें पूरी करनी होती हैं. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि Starlink, Reliance Jio की सैटेलाइट सेवा और हिंदुस्तानी समूह से जुड़ी Eutelsat OneWeb- तीनों कंपनियों की सुरक्षा से जुड़ी जांच की जा रही है और तीनों कंपनियां नियामकीय प्रक्रिया के लगभग एक ही चरण में हैं. सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित कंपनी स्पेक्ट्रम आवंटन की अगली प्रक्रिया की ओर बढ़ सकती है. इसलिए प्रशासन ने Starlink के साथ भेदभाव होने के आरोप को निराधार और गलत बताया. यानी मस्क जहां देरी के पीछे कारोबारी हितों को वजह मान रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि मंजूरी की प्रक्रिया सभी कंपनियों के लिए समान है और सुरक्षा शर्तों का पालन जरूरी है. मस्क का ‘सत्ता पलट’ वाला ट्वीट क्यों किया जा रहा याद? Starlink विवाद पर जब राहुल गांधी ने ट्वीट किया तो लोग कयास लगाने लगे कि क्या हिंदुस्तान में भी बोलीविया जैसा कुछ होने वाला है? और इसी बीच एलन मस्क का जुलाई 2020 का एक पुराना ट्वीट भी चर्चा में आ गया. दरअसल, जुलाई 2020 में सोशल मीडिया पर एक यूजर ने आरोप लगाया था कि अमेरिका ने बोलीविया के तत्कालीन राष्ट्रपति इवो मोरालेस की प्रशासन को हटाने के लिए तख्तापलट कराया, ताकि वहां के लिथियम संसाधनों तक पहुंच बनाई जा सके. इस आरोप के जवाब में मस्क ने लिखा था, “We will coup whoever we want! Deal with it.” इसका मतलब है, “हम जिसकी चाहें सत्ता पलट देंगे, इससे निपट लो.” मस्क का यह बयान उस समय काफी चर्चा में रहा था और बाद में ट्वीट हटा दिया गया था. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि मस्क का यह बयान बोलीविया और वहां के लिथियम संसाधनों को लेकर चल रही बहस के संदर्भ में था. इस ट्वीट से यह साबित नहीं होता कि मस्क ने खुद किसी देश में सत्ता परिवर्तन कराया था या वह हिंदुस्तान में ऐसा कुछ करना चाहते हैं. लेकिन उनके पुराने बयान और मौजूदा Starlink विवाद की वजह से उनकी कारोबारी ताकत, नेतृत्वक टिप्पणियों और अलग-अलग देशों में उनके प्रभाव को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है. क्या यह सिर्फ कारोबार की लड़ाई है? हिंदुस्तान में सैटेलाइट इंटरनेट का

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बिहार MLC चुनाव: 15 बाहुबली उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस, JDU से ज्यादा अमीर RJD कैंडिडेट, जानिए सबसे युवा चेहरा कौन

Bihar MLC Elections: बिहार में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की 4 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 4 सीटों पर विधान परिषद चुनाव कराए जायेंगे. चुनावी मैदान में टोटल 152 प्रत्याशी हैं और इनके लिए 5 लाख 32 हजार 547 वोटर्स वोट करेंगे. आज नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है. नामांकन के दौरान उम्मीदवारों की तरफ जो हलफनामा दिया गया, उससे साफ माना जा रहा है कि नेतृत्वक दल अब भी अमीर, बाहुबली और बुजुर्ग नेताओं पर भरोसा जता रहे हैं. RJD कैंडिडेट के पास 72 करोड़ की संपत्ति धनबल की बात करें तो, जितने प्रत्याशियों ने नामांकन किया है, उनमें सबसे अमीर प्रत्याशी पटना स्नातक सीट से राजद के दिलीप कुमार हैं. हलफनामे में इन्होंने बताया है कि इनके पास कुल संपत्ति 72 करोड़ रुपये है. इस सीट पर गौर करने वाली बात यह भी है कि पटना स्नातक से तीन बार एमएलसी रह चुके जेडीयू के नीरज कुमार के पास सिर्फ 80 लाख रुपये की संपत्ति है. 15 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज बिहार की नेतृत्व में अक्सर बाहुबली नेताओं का प्रभाव होने की चर्चा होती है. ऐसे में इस बार के विधान परिषद चुनाव की बात करें तो, 30 में से 15 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन पर आपराधिक मामले (Criminal Cases) दर्ज हैं. इन 15 उम्मीदवारों में दरभंगा शिक्षक सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. मदन मोहन झा पर सबसे ज्यादा केस दर्ज हैं. जानकारी के मुताबिक, डॉ. मदन मोहन झा पर 13 मुकदमे हैं. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें चुनाव में कौन हैं सबसे युवा उम्मीदवार? विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारों के उम्र के दायरे की बात करें तो, तिरहुत स्नातक सीट से जेडीयू कैंडिडेट अभिषेक झा सबसे युवा उम्मीदवार हैं. चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी उम्र 33 साल बताई है. जानकारी के मुताबिक, जदयू सबसे युवा औसतन 47 वर्ष की पार्टी है. दूसरी तरफ, सबसे बुजुर्ग चेहरे की बात करें तो, बीजेपी के तिरहुत शिक्षक सीट से उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह सबसे बुजुर्ग चेहरा है. उन्होंने हलफनामे में अपनी उम्र 79 वर्ष बताई. बताया जा रहा है कि बीजेपी सबसे बुजुर्ग औसतन 69 वर्ष की पार्टी है. 31 अक्टूबर तक पूरी होगी चुनावी प्रक्रिया पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की स्नातक निर्वाचन सीटों और पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की शिक्षक निर्वाचन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण चुनाव कराया जा रहा है. चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जायेगी. 23 अक्टूबर को चुनाव खत्म होने के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी. Also Read: बिहार MLC चुनाव: 5.32 लाख वोटर्स करेंगे मतदान, जानिए किस सीट पर कितनी है मतदाताओं की संख्या The post बिहार MLC चुनाव: 15 बाहुबली उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस, JDU से ज्यादा अमीर RJD कैंडिडेट, जानिए सबसे युवा चेहरा कौन appeared first on Naya Vichar.

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11 अक्टूबर से सूर्य बदलेंगे नक्षत्र, करियर और धन के मामले में किन 5 राशि के लोगों को मिल सकता है भाग्य का साथ

Surya Nakshatra Parivartan: ग्रहों में राजा माने जाने वाले सूर्य गोचर के अलावा नक्षत्र परिवर्तन करते हैं. वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, सूर्य देव 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. सूर्य देव इस नक्षत्र में 24 अक्टूबर तक मौजूद रहेंगे. ऐसे में आइए ज्योतिषाचार्य जयशंकर तिवारी से जानते हैं सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन किन 5 राशि के जातकों के लिए खास रहने वाला है. मेष राशि: किस्मत का साथ मिलेगा सूर्य के चित्रा नक्षत्र में जाने के बाद मेष राशि के जातकों अच्छे दिन शुरू होंगे. इस दौरान आत्मबल बना रहेगा. कार्यों में भरपूर उत्साह और ऊर्जा महसूस करेंगे. नेतृत्व से जुड़े जातकों को उच्च पद की प्राप्ति का योग बनेगा. सेना में काम करने वाले लोग ऊंचा मुकाम हासिल कर सकते हैं. नौकरी में अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा. नौकरीपेशा जातकों को किस्मत का साथ मिलेगा. सिंह राशि: धन की स्थिति अच्छी रहेगी किसी भी काम को पूरी निष्ठा से करेंगे जिसके अधिकारी खुश रहेंगे. आत्मविश्वास मजबूत रहेगा. काम और रोजगार में तरक्की होगी. व्यापार करने वाले जातकों का मुनाफा बढ़ेगा. स्पोर्ट्स में प्रदर्शन अच्छा रहेगा, जिसका आने वाले समय में लाभ मिल सकता है. धन की स्थिति अच्छी रहेगी, क्योंकि पिता से आर्थिक लाभ का योग है. सूर्य ग्रह की अनुकूल स्थिति से करियर में तरक्की होगी. कन्या राशि: प्रशासनिक अधिकारी की मदद मिलेगी प्रशासनी नौकरी करने वाले जातकों को अधिकारियों की मदद से कोई काम बनेगा. प्रशासनिक अधिकारी की मदद मिल सकती है. बैंक में काम करने वाले लोगों को उपहार मिलेगा. नौकरी के प्रयास में जुटे छात्रों को शुभ समाचार मिलेगा. सूर्य नक्षत्र परिवर्तन इंफोग्राफिक्स (इमेज- एआई) तुला राशि: पिता से आर्थिक सहयोग का योग बिजनेस करने वाले लोगों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी. कारोबार में जुड़ा कोई काम बनेगा, जिससे चिंता दूर होगी. किसी काम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे. आत्मविश्वास मजबूत होगा. सेना में काम करने वाले जातकों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है. किसी नए काम को लेकर पिता से आर्थिक सहयोग मिल सकता है. धनु राशि: समाज में मान-सम्मान प्राप्त करेंगे धनु राशि के जातक महत्वाकांक्षी बनेंगे. साहस के बल पर कोई ऐसा काम करेंगे, जिससे समाज में प्रशंसा होगी. छात्रों का आत्मविश्वास मजबूत होगा. पिता की संपत्ति का लाभ मिलेगा. नेतृत्व से जुड़े जातक समाज में मान-सम्मान प्राप्त करेंगे. प्रशासनी योजना को लेकर किए गए कार्यों की तारीफ होगी. ये भी पढ़ें: Sun Transit 2026: 17 अक्टूबर से शुरू होगी इन 4 राशि वालों की तरक्की, जानें करियर पर क्या पड़ेगा असर The post 11 अक्टूबर से सूर्य बदलेंगे नक्षत्र, करियर और धन के मामले में किन 5 राशि के लोगों को मिल सकता है भाग्य का साथ appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका में TCS-Infosys समेत 8 टेक कंपनियों पर ग्रीन कार्ड एक्शन, IT जॉब्स और H-1B वीजा पर क्या असर?

अमेरिका में हिंदुस्तानीय आईटी कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता मुश्किल हो सकता है. अमेरिकी प्रशासन ने टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएलटेक समेत आठ टेक कंपनियों की ग्रीन कार्ड से जुड़ी पीईआरएम प्रक्रिया पर रोक लगाई है. इस सूची में माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी भी शामिल हैं. इस फैसले से इन कंपनियों के उन विदेशी कर्मचारियों की स्थायी निवास पाने की प्रक्रिया में देरी हो सकती है, जिनके मामले इस प्रक्रिया से जुड़े हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी कर्मचारियों की नौकरी या एच-1बी वीजा खत्म हो गया है. अमेरिका ने किन 8 टेक कंपनियों पर की कार्रवाई? इस सूची में चार हिंदुस्तानीय कंपनियां- टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएलटेक शामिल हैं. इनके अलावा कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी और फ्रांस की कैपजेमिनी का नाम भी सामने आया है. ये कंपनियां अलग-अलग तरह की तकनीकी सेवाएं देती हैं. टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएलटेक सॉफ्टवेयर और आईटी सेवाओं के लिए जानी जाती हैं. माइक्रोसॉफ्ट विंडोज और क्लाउड सेवाएं देती है, जबकि एडोबी फोटो, वीडियो और पीडीएफ से जुड़े सॉफ्टवेयर बनाती है. कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी दूसरी कंपनियों को तकनीकी सेवाएं और सलाह देती हैं. ग्रीन कार्ड और पीईआरएम क्या है? ग्रीन कार्ड अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देता है. कई हिंदुस्तानीय कर्मचारी पहले एच-1बी जैसे वर्क वीजा पर अमेरिका जाते हैं और बाद में कंपनी की मदद से ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं. PERM इस प्रक्रिया का एक अहम चरण है. इसमें कंपनी को यह दिखाना होता है कि संबंधित नौकरी के लिए अमेरिकी कर्मचारियों को मौका देने की जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई है और विदेशी कर्मचारी को नौकरी देने से जुड़े नियमों का पालन हुआ है. इस प्रक्रिया पर रोक लगने से प्रभावित कंपनियां नए आवेदन दाखिल नहीं कर पाएंगी और लंबित मामलों की प्रक्रिया भी रुक सकती है. इससे कुछ कर्मचारियों को ग्रीन कार्ड मिलने में देरी हो सकती है. H-1B वीजा और IT जॉब्स पर क्या असर होगा? एच-1बी वीजा विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में तय शर्तों के तहत काम करने की अनुमति देता है, जबकि ग्रीन कार्ड स्थायी निवास का रास्ता है. दोनों अलग-अलग हैं. PERM प्रक्रिया पर रोक लगने का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों का मौजूदा एच-1बी वीजा अपने आप रद्द हो जाएगा. इसी तरह, इस फैसले से सभी हिंदुस्तानीय आईटी कर्मचारियों की नौकरी जाने का दावा करना भी सही नहीं होगा. हालांकि, जिन कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड प्रक्रिया प्रभावित हुई है, उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है. वास्तविक असर हर कर्मचारी के मामले और उसकी वीजा स्थिति पर निर्भर करेगा. हिंदुस्तानीय IT कंपनियों की भर्ती पर क्या असर पड़ेगा? टीसीएस, इंफोसिस और दूसरी हिंदुस्तानीय आईटी कंपनियां अमेरिकी ग्राहकों को सॉफ्टवेयर और तकनीकी सेवाएं देती हैं. इस फैसले के बाद उन्हें अमेरिका में कर्मचारियों को भेजने और उनके स्थायी निवास से जुड़ी योजनाओं पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है. हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कंपनियां हिंदुस्तान में भर्ती बढ़ा देंगी या अमेरिका में नौकरियां कम कर देंगी. अमेरिकी प्रशासन ने अपनी कार्रवाई के पीछे विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने से जुड़े नियमों के कथित गलत इस्तेमाल और अमेरिकी कर्मचारियों के अवसरों की रक्षा करने की बात कही है. इन आरोपों को साबित हुआ अपराध नहीं माना जाना चाहिए. आगे क्या होगा? इस कार्रवाई का सबसे सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जिनकी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया PERM चरण में है. बाकी कर्मचारियों की नौकरी और वीजा पर असर उनकी अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. हिंदुस्तानीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी है कि वे ग्रीन कार्ड और एच-1बी वीजा को एक जैसा न समझें. फिलहाल इस फैसले को सभी हिंदुस्तानीय टेक कर्मचारियों की नौकरी पर खतरे के रूप में देखना सही नहीं होगा. आगे का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि रोक कितने समय तक लागू रहती है और अमेरिकी अधिकारी प्रभावित मामलों पर क्या फैसला लेते हैं. झारखंड के राजनगर से Infosys के अगले CEO पद तक, जानिए आशीष दाश के संघर्ष की पूरी कहानी The post अमेरिका में TCS-Infosys समेत 8 टेक कंपनियों पर ग्रीन कार्ड एक्शन, IT जॉब्स और H-1B वीजा पर क्या असर? appeared first on Naya Vichar.

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