Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘शुरू से शुरू करते हैं’…सलमान खान ने लॉन्च किया अपना यूट्यूब चैनल

सलमान खान जब भी कुछ नया करते हैं, तो उनके फैंस की नजरें उन पर टिक जाती हैं. इस बार भाईजान ने फिल्मों से हटकर एक नई दुनिया में कदम रखा है. उन्होंने अपना आधिकारिक YouTube चैनल लॉन्च किया है और इसके साथ ही उनके नए सफर की शुरुआत हो गई है. चैनल पर फिलहाल छोटे वीडियो देखने को मिल रहे हैं, लेकिन फैंस को अब उनके अगले वीडियो का इंतजार है. चैनल पर अभी क्या देखने को मिल रहा है? सलमान खान ने अपने YouTube चैनल के बायो में खुद को फिल्म अभिनेता, कलाकार, पेंटर और समाजसेवी बताया है. चैनल पर शुरुआत में 10 छोटे वीडियो यानी Shorts अपलोड किए गए हैं. ये वीडियो छोटे और हल्के अंदाज के हैं. फिलहाल चैनल पर लंबे वीडियो या किसी खास सीरीज की जानकारी नहीं दी गई है. ऐसे में फैंस को इंतजार है कि सलमान आगे यहां क्या नया लेकर आएंगे. हो सकता है कि आने वाले समय में चैनल पर उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी झलकियां, फिल्म की शूटिंग के वीडियो, फिल्मों के प्रमोशन या पर्दे के पीछे के कुछ खास पल देखने को मिलें. हालांकि, अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. कई बॉलीवुड सितारे पहले से हैं YouTube पर एक्टिव सलमान खान से पहले भी बॉलीवुड के कई सितारे YouTube के जरिए अपने फैंस से जुड़े हुए हैं. आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, नोरा फतेही, जैकलीन फर्नांडिस, वरुण धवन, शिल्पा शेट्टी, अर्चना पूरन सिंह और फराह खान जैसे सितारे इस प्लेटफॉर्म पर वीडियो शेयर करते हैं. इनके वीडियो में कभी घूमने-फिरने के पल होते हैं, तो कभी फिटनेस, खाना बनाने और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी बातें देखने को मिलती हैं. साउथ सिनेमा के अल्लू अर्जुन और मोहनलाल जैसे सितारे भी अपने आधिकारिक चैनल चलाते हैं. टीवी की दुनिया के कई कलाकार भी YouTube पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. दीपिका कक्कड़, शोएब इब्राहिम, जन्नत जुबैर और अनुष्का सेन जैसे सितारे व्लॉग और लाइफस्टाइल वीडियो के जरिए बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंचते हैं. इसके अलावा सलमान खान फिल्ममेकर वामशी पैडिपल्ली की फिल्म ‘SVC63’ का भी हिस्सा हैं. इस फिल्म में नयनतारा भी नजर आएंगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म को ईद 2027 पर रिलीज करने की तैयारी है और इसे ‘मॉन्स्टर’ नाम से भी जोड़ा जा रहा है. अब देखना दिलचस्प होगा कि फिल्मों और टीवी पर दर्शकों का मनोरंजन करने वाले सलमान खान YouTube पर किस तरह का कंटेंट लेकर आते हैं और फैंस को उनके इस नए अंदाज में क्या देखने को मिलता है. ये भी पढ़ें: पवन सिंह के साथ ‘आरा के ओठलाली’ में दिखीं सोनम मलिक, अब ‘राइज एंड फॉल 2’ में दिखाएंगी दम The post ‘शुरू से शुरू करते हैं’…सलमान खान ने लॉन्च किया अपना यूट्यूब चैनल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJP Protest: 20 हजार पुलिसकर्मी, 300 CCTV कैमरे और 12 डिटेंशन सेंटर, 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले तैयार दिल्ली पुलिस

इसके तहत 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती, 300 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी और 12 डिटेंशन सेंटर की व्यवस्था की गई है. पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अनधिकृत जमावड़े रोकना और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा करना है. 20 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के मद्देनजर नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और राजधानी की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी की है. पुलिस को आशंका है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोग दिल्ली पहुंच सकते हैं. सुरक्षा व्यवस्था के तहत संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है. पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं. 1.5 किलोमीटर का इलाका सबसे संवेदनशील दिल्ली पुलिस ने करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे को बेहद संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है. इसमें जंतर-मंतर, जनपथ, चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस मुख्यालय के आसपास का इलाका शामिल है. इस क्षेत्र में 6,500 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी. जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की गई है. कुछ रास्तों पर सात स्तर तक बैरिकेड लगाए गए हैं. संवेदनशील स्थानों पर लाउडस्पीकर भी लगाए गए हैं. इनके जरिए लोगों को बताया जा रहा है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है. साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट नहीं करने की अपील की जा रही है. 12 डिटेंशन सेंटर तैयार, पुलिस को संयम बरतने के निर्देश दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राजधानी पहुंचने वाले लोगों को हिरासत में लेने की स्थिति में 12 डिटेंशन सेंटर तैयार किए हैं. सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों ने तैनात पुलिसकर्मियों को किसी भी उकसावे पर प्रतिक्रिया देने से बचने और अधिकतम संयम बरतने के निर्देश दिए हैं. पुलिसकर्मियों से कहा गया है कि वे हालात के अनुसार पेशेवर तरीके से कार्रवाई करें. अधिकारियों ने पिछले प्रदर्शन के अनुभवों का भी जिक्र किया और पुलिस के व्यवहार को लेकर सतर्क रहने को कहा. 300 से ज्यादा CCTV कैमरों से होगी निगरानी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली जिले के संवेदनशील स्थानों पर 300 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों में ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी है. इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए बॉडी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा. करीब 100 फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर भी तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है. वे प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को रिकॉर्ड करेंगे. इस रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल घटनाक्रम की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सबूत के तौर पर किया जा सकता है. गृह सचिव ने राज्यों को लिखा पत्र केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को पत्र लिखकर दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा है. पत्र में खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए आशंका जताई गई है कि प्रतिबंधों के बावजूद CJP के सदस्य दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं. राज्यों से खुफिया एजेंसियों, सीमा निगरानी अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच लगातार सूचना साझा करने तथा एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के पीछे प्रक्रियागत जरूरतों, पहले की कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं और सुरक्षा व यातायात पर संभावित असर का हवाला दिया है. मोहल्लों से होटल तक चलाया जा रहा जागरूकता अभियान दिल्ली पुलिस ने लोगों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है. इसके तहत सामुदायिक केंद्रों, मस्जिदों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के जरिए लोगों तक संदेश पहुंचाया जा रहा है. नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के होटल, लॉज और अन्य ठहरने की जगहों की भी जांच की जा रही है. संचालकों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर पुलिस को जानकारी देने को कहा गया है. Airbnb संचालकों और संपत्ति मालिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है. रामलीला मैदान के लिए नहीं मिला आवेदन प्रदर्शन को रामलीला मैदान में आयोजित करने की संभावना पर दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वहां कार्यक्रम की अनुमति के लिए अब तक कोई आवेदन नहीं मिला है. पुलिस के मुताबिक, आयोजकों को पहले औपचारिक आवेदन देना होगा. इसके बाद संबंधित अधिकारी उस पर विचार कर फैसला लेंगे. पुलिस की कार्रवाई की भी होगी रिकॉर्डिंग सुरक्षा योजना में पुलिस के व्यवहार और कार्रवाई को रिकॉर्ड करने पर भी जोर दिया गया है. वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे और हालात के अनुसार निर्णय लेंगे. पुलिसकर्मियों को पूरी कार्रवाई के दौरान पेशेवर रवैया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं. दिल्ली पुलिस ने स्थानीय निवासियों से सहयोग की अपील करते हुए एक खुला पत्र भी जारी किया है. पुलिस का कहना है कि उसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नई दिल्ली जिले में किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकना है. 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं. अब नजर इस बात पर है कि प्रदर्शनकारी पुलिस की रोक के बीच क्या कदम उठाते हैं और प्रशासन स्थिति को किस तरह संभालता है. ये भी पढ़ें: CJP Protest Latest Live Updates Hindi : जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को CJP का प्रदर्शन, दिल्ली में आज रात 10 बजे से इंटरनेट सेवा रहेगी बंद; पुलिस मुस्तैद The post CJP Protest: 20 हजार पुलिसकर्मी, 300 CCTV कैमरे और 12 डिटेंशन सेंटर, 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले तैयार दिल्ली पुलिस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJP Protest Latest Live Updates Hindi : जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को CJP का प्रदर्शन, दिल्ली में आज रात 10 बजे से इंटरनेट सेवा रहेगी बंद; पुलिस मुस्तैद

CJP Protest Live Updates Hindi : CEC के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में सियासी घमासान तेज हो गया है. 57 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं. 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की हर अपडेट के लिए जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post CJP Protest Latest Live Updates Hindi : जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को CJP का प्रदर्शन, दिल्ली में आज रात 10 बजे से इंटरनेट सेवा रहेगी बंद; पुलिस मुस्तैद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJP Protest: संजय निरुपम बोले- दीपेक, रांका, सौरव को कानून के बर्फ की सिल्ली पर लिटाकर के डंडे से पीटना चाहिए

CJP Protest: सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने ‘56 इंच के महामानव’ का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रेलवे, मेट्रो रेल और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बंद हो सकती हैं, लेकिन हम फिर भी प्रोटेस्ट करेंगे. इसी मुद्दे पर महाराष्ट्र बीजेपी नेता संजय निरुपम ने कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और बदतमीजी के बीच फर्क है. संजय निरुपम ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “शटअप, यह FoE (Freedom of Expression) नहीं, बदतमीजी है. उन्होंने कहा कि तीनों (अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका) को कानून के बर्फ की सिल्ली पर लिटाकर मुकदमों के डंडे से पीटना चाहिए. फिर इनकी Gen Z गिरी निकलेगी.” उनका यह बयान अपने तीखे और विवादित शब्दों के कारण चर्चा का विषय बन सकता है. क्या है FoE, जिस पर छिड़ी बहस? FoE का पूरा नाम Freedom of Expression यानी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है. लोकतंत्र में लोगों को अपने विचार रखने और प्रशासन या नेतृत्वक नेताओं की आलोचना करने का अधिकार प्राप्त है. हालांकि, इस अधिकार की कानूनी सीमाएं भी हैं. किसी खास बयान या गतिविधि के मामले में यह तय करने के लिए कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है या कानून का उल्लंघन करता है, उसके पूरे संदर्भ और लागू कानूनों को देखना जरूरी है. ये भी पढ़ें: CJP Protest: 9 और 10 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर- दिल्ली जाने वाली 13 ट्रेनें रद्द, यात्रियों की बढ़ी परेशानी The post CJP Protest: संजय निरुपम बोले- दीपेक, रांका, सौरव को कानून के बर्फ की सिल्ली पर लिटाकर के डंडे से पीटना चाहिए appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रांची T20 में भी वैभव सूर्यवंशी को नहीं मिला मौका, संजू सैमसन पर क्यों कायम है टीम इंडिया का भरोसा?

Why Vaibhav Sooryavanshi Not Playing: हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच रांची में स्पोर्ट्से जा रहे दूसरे टी20 मुकाबले में 15 वर्ष के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. इसके साथ ही एक बार फिर सवाल उठने लगा कि आखिर इस युवा खिलाड़ी को मौका कब मिलेगा? खासकर तब, जब विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का बल्ला पिछले कुछ टी20 मैचों में लगातार खामोश रहा है. लखनऊ में स्पोर्ट्से गए पहले टी20 मुकाबले में संजू सैमसन ने 9 गेंदों पर 11 रन बनाए थे. उनकी हालिया फॉर्म को देखते हुए उम्मीद की जा रही थी कि टीम मैनेजमेंट वैभव को मौका दे सकता है. लेकिन रांची में भी हिंदुस्तानीय टीम ने संजू पर भरोसा बनाए रखा. ये भी पढ़े- India A vs Australia A: दूसरे ODI में भी इंडिया ए की बैटिंग फ्लॉप, ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ लगातार मिली दूसरी हार अब सवाल यह है कि क्या संजू के अनुभव को वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी पर तरजीह दी जा रही है? क्या टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ी को जल्दबाजी में उतारने से बच रहा है? आइए, इन सवालों को आसान भाषा में समझते हैं. 1. संजू सैमसन की खराब फॉर्म के बावजूद टीम में क्यों हैं? संजू सैमसन की पिछली चार टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में 9, 7, 2 और 11 रन रहे हैं. इन आंकड़ों के आधार पर उनकी फॉर्म पर सवाल उठना स्वाभाविक है. हालांकि, किसी खिलाड़ी की जगह तय करने में सिर्फ पिछली एक या दो पारियों को नहीं देखा जाता. संजू का अनुभव, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी भूमिका और टीम के साथ उनका तालमेल भी चयन के फैसले में अहम हो सकता है. इसके अलावा, वह विकेटकीपर बल्लेबाज हैं, इसलिए उनकी भूमिका केवल रन बनाने तक सीमित नहीं है. इस साल टी20 विश्व कप में भी संजू ने अच्छा प्रदर्शन किया था. उन्होंने पांच पारियों में 321 रन बनाए थे. इससे पता चलता है कि उनमें बड़े मैचों में रन बनाने की क्षमता है. 2. वैभव सूर्यवंशी को मौका क्यों नहीं दिया गया? वैभव सूर्यवंशी हिंदुस्तानीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा बल्लेबाजों में से एक हैं. कम उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से उन्होंने काफी ध्यान खींचा है. ऐसे में फैंस चाहते हैं कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा मौके मिलें. लेकिन टीम में शामिल होना और प्लेइंग इलेवन में जगह पाना दो अलग-अलग बातें हैं. चयनकर्ताओं ने वैभव को हिंदुस्तानीय टी20 टीम में चुना है, मगर अंतिम एकादश का फैसला टीम मैनेजमेंट करता है. रांची के मुकाबले में वैभव को बाहर रखने के पीछे कोई स्पष्ट आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि उन्हें केवल उम्र, अनुभव या किसी दूसरे खिलाड़ी की वजह से बाहर रखा गया. ये भी पढ़े- ‘एक कचौड़ी, दो समोसा…’: रांची टी20 से पहले ईशान किशन का देसी डायलॉग वायरल हालांकि, टीम के पिछले फैसलों और कोच गौतम गंभीर के बयान से इतना समझ आता है कि मैनेजमेंट युवा खिलाड़ी को मौका देने में धैर्य रखना चाहता है. सितंबर में गंभीर ने वैभव के बारे में कहा था कि खिलाड़ी को अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है. उन्होंने यह भी कहा था कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिल सकती है. 3. क्या संजू सैमसन को एक और मौका देना सही फैसला है? टी20 क्रिकेट में खिलाड़ियों को लगातार मौके देना कई बार फायदेमंद होता है. खासकर तब, जब किसी बल्लेबाज ने पहले अपनी क्षमता साबित की हो और कुछ खराब पारियों के बाद उसकी फॉर्म गिर गई हो. संजू सैमसन के मामले में टीम मैनेजमेंट शायद यही देखना चाहता है कि वह अपनी पुरानी लय में लौट पाते हैं या नहीं. किसी अनुभवी बल्लेबाज को एक खराब मैच के बाद बाहर कर देना हमेशा सही रणनीति नहीं होती. दूसरी तरफ, हिंदुस्तानीय टीम के पास वैभव जैसा युवा विकल्प भी है. अगर किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर रखा जाता है, तो उसके अंतरराष्ट्रीय अनुभव और आत्मविश्वास को लेकर सवाल उठ सकते हैं. 4. वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी पर क्यों है सबकी नजर? वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनकी आक्रामक बल्लेबाजी है. वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने और तेजी से रन जुटाने की क्षमता दिखा चुके हैं. इसी वजह से उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करते देखने की मांग हो रही है. दोनों युवा बल्लेबाज अगर एक साथ उतरते हैं, तो हिंदुस्तानीय टीम को पावरप्ले में तेज शुरुआत मिल सकती है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता के लिए केवल बड़े शॉट स्पोर्ट्सना काफी नहीं है. गेंदबाजों की रणनीति को समझना, अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना और लगातार रन बनाना भी जरूरी है. वैभव को मौका मिलने पर यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आक्रामक शैली को किस तरह इस्तेमाल करते हैं. 5. क्या वैभव को संजू सैमसन की जगह ही मौका मिलेगा? यह जरूरी नहीं है कि वैभव को टीम में जगह देने के लिए संजू सैमसन को ही बाहर किया जाए. टीम मैनेजमेंट बल्लेबाजी क्रम और दूसरे खिलाड़ियों की भूमिकाओं को ध्यान में रखते हुए भी बदलाव कर सकता है. हालांकि, वैभव और संजू दोनों शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हैं. ऐसे में दोनों को एक साथ खिलाने के लिए टीम को बल्लेबाजी क्रम में सही तालमेल बैठाना होगा. अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि टीम को किस तरह की शुरुआत चाहिए, खिलाड़ियों का मौजूदा प्रदर्शन कैसा है और आगामी मुकाबलों के लिए मैनेजमेंट की क्या योजना है. ये भी पढ़ें: वैभव सूर्यवंशी ने नेट्स में जड़े ताबड़तोड़ छक्के, गौतम गंभीर भी देखते रह गए! क्या रांची T20 में मिलेगा मौका? 6. वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी रांची के जेएससीए स्टेडियम में हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी20 मुकाबला स्पोर्ट्सा जा रहा है. हिंदुस्तानीय टीम स्टेडियम पहुंच चुकी है. मुकाबले में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. ऐसे में टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. हिंदुस्तानीय टीम की प्लेइंग-11 अभिषेक शर्मा संजू सैमसन (विकेटकीपर) ईशान किशन श्रेयस अय्यर (कप्तान) तिलक वर्मा शिवम दुबे नमन धीर अक्षर पटेल अर्शदीप सिंह कुलदीप यादव मयंक यादव The post रांची T20 में भी

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJP का PM मोदी पर हमला: ट्रेनें बंद कर दीं, कर दिया दिल्ली बंद का ऐलान; इमरजेंसी में भी नहीं रुकी थी रेलवे

दिल्ली के जंतर-मंतर में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले प्रशासन ने 57 मेट्रो बंद करने और कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है. अभिजीत कहते हैं कि विश्वगुरू हमारे 56 इंच के महामानव जी ने रेलवे बंद कर दिए क्योंकि कल हम प्रोटेस्ट करने जा रहे हैं. प्रवक्ता सौरभ दास चुटकी लेते हुए कहते हैं कि मोदी जी ने जो माहौल बनाया है- टू गुड. वहीं आशुतोष रांका पीएम मोदी से पूछते हुए कहते हैं कि मोदी जी तबियत तो ठीक है न आपकी? दिक्कतें नहीं हो रही न ज्यादा? View on Instagram अभिजीत और टीम यहीं नहीं रुकते. वे कहते हैं कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में जब इमरजेंसी लगा दी गई थी. उस वक्त भी ट्रेनों का परिचालन बंद नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि यह नैरेटिव फैलाया जा रहा है कि लोग 10 अक्टूबर के प्रोटेस्ट में ज्यादा संख्या में नहीं आने वाले. वहीं प्रशासन द्वारा मेट्रो बड़ी संख्या में कैंसल हो जाना एक तरह से दिल्ली बंद का ऐलान जैसा समझा जा रहा है. दिल्ली पुलिस से नहीं मिली इजाजत इसके अलावे दिल्ली पुलिस की ओर से भी प्रदर्शन को लेकर इजाजत नहीं दी गई है. इन सब पाबंदियों के बावजूद सीजेपी का कहना है कि वे आएंगे और देश भर से भारी संख्या में लोग 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने वाले हैं. ये भी पढ़ें: 10 अक्टूबर को दिल्ली में क्या खुला और क्या बंद? मेट्रो, ट्रेन से लेकर स्कूल तक; घर से निकलने से पहले पढ़ लें पूरी लिस्ट The post CJP का PM मोदी पर हमला: ट्रेनें बंद कर दीं, कर दिया दिल्ली बंद का ऐलान; इमरजेंसी में भी नहीं रुकी थी रेलवे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जिस Orkut को Google ने 2014 में किया था बंद, क्या अब उसकी हो रही वापसी? फाउंडर ने शुरू किया कैंपेन

2000 के दशक में अगर सोशल मीडिया की बात होती थी, तो Orkut का नाम सबसे पहले आता था. खासकर हिंदुस्तान में इसकी पॉपुलैरिटी जबरदस्त थी. उस दौर में दोस्तों से जुड़ने, नए लोगों से मिलने और अपनी प्रोफाइल सजाने के लिए Orkut लोगों की पहली पसंद बन गया था. हालांकि, Google ने 2014 में इसे बंद कर दिया और इसके बाद Orkut धीरे-धीरे सिर्फ पुरानी याद बनकर रह गया. लेकिन अब 10 साल से ज्यादा समय बाद Orkut की वापसी की उम्मीद जगी है. Orkut के फाउंडर ऑर्कुट बुयुक्कोक्टेन (Orkut Buyukkokten) ने एक नए सोशल नेटवर्क के लिए कैंपेन शुरू किया है. उनका फोकस ऐसे प्लेटफॉर्म पर है, जहां लोग सिर्फ फॉलोअर्स और लाइक्स के पीछे न भागें, बल्कि असली लोगों से जुड़ें, सच्चे रिश्ते बनाएं और एक-दूसरे के साथ जुड़ाव महसूस करें. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या Orkut एक बार फिर सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी जगह बना पाता है. साल 2004 में शुरुआत हुई थी Orkut की Orkut आखिर शुरू कैसे हुआ और कुछ सालों बाद ऐसा क्या हुआ कि Google को इसे बंद करना पड़ा? यह जानने के लिए कहानी को थोड़ा पीछे ले जाना होगा. साल 2004 में सोशल मीडिया की दुनिया में Friendster नाम का प्लेटफॉर्म तेजी से पॉपुलर हो रहा था. Google ने इसे खरीदने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो कंपनी ने अपना ही सोशल नेटवर्क लॉन्च करने का फैसला किया. इसी से जन्म हुआ Orkut का. शुरुआत में Orkut ने लोगों का खूब ध्यान खींचा. लोग यहां नए दोस्त बनाने के साथ-साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों से जुड़ने लगे. देखते ही देखते इसके यूजर्स की संख्या लाखों में पहुंच गई. खास बात यह थी कि एक समय Orkut के यूजर्स Facebook से करीब तीन गुना ज्यादा थे. क्यों बंद हुआ था Orkut? Orkut जब अपने पीक पे था तभी सोशल मीडिया की दुनिया में Facebook की एंट्री हुई और कहानी धीरे-धीरे बदलने लगी. Facebook ने बेहद तेजी से लोगों के बीच अपनी जगह बनाई और करीब छह महीने के अंदर ही Orkut को पीछे छोड़ दिया. इसके बाद Facebook की पॉपुलैरिटी लगातार बढ़ती गई. साल  2012 तक वह सोशल नेटवर्किंग की दुनिया का सबसे बड़ा नाम बन चुका था. इसके बावजूद Orkut ने तुरंत हार नहीं मानी. करीब एक दशक तक यह प्लेटफॉर्म लोगों के बीच बना रहा. लेकिन बदलती सोशल मीडिया की दुनिया और Facebook जैसे प्लेटफॉर्म की बढ़ती पॉपुलैरिटी के बीच आखिरकार Google ने 2014 में Orkut को हमेशा के लिए बंद करने का फैसला कर लिया. Orkut को दोबारा क्यों शुरू करना चाहते हैं ऑर्कुट बुयुक्कोक्टेन? Büyükkökten का मानना है कि पिछले दो दशकों में इंटरनेट और सोशल मीडिया का यूज करने का तरीका काफी बदल गया है. उन्होंने याद दिलाया कि करीब 20 साल पहले उन्होंने शुरुआती सोशल नेटवर्क्स को बनाने में काम किया था. उस दौर के मुकाबले आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूजर्स का ध्यान ज्यादा से ज्यादा समय तक बनाए रखने पर फोकस्ड हो गए हैं. अब जब AI इंटरनेट और लोगों के आपस में जुड़ने के तरीके को तेजी से बदल रहा है, Büyükkökten फिर से सोशल मीडिया के उस दौर की ओर लौटना चाहते हैं, जहां हर ऑनलाइन कनेक्शन के पीछे एक असली इंसान मौजूद होता था. उनका मानना है कि सोशल नेटवर्किंग का मकसद सिर्फ लोगों का ध्यान खींचना नहीं, बल्कि लोगों के बीच भरोसा, अपनापन और एक मजबूत कम्युनिटी तैयार करना होना चाहिए. ये भी पढ़ें: Google ने पेश किया सबसे दमदार AI मॉडल Gemini 4 Argon, पर आम यूजर्स को अभी करना होगा इंतजार, जानें खासियतें और कीमत The post जिस Orkut को Google ने 2014 में किया था बंद, क्या अब उसकी हो रही वापसी? फाउंडर ने शुरू किया कैंपेन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

भारतीय मूल की नावी पिल्लई को मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार

हिंदुस्तानीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद (ज्यूरिस्ट) नवनथेम ‘नावी’ पिल्लई को वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला है. उन्हें यह पुरस्कार शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए दिया गया है. पिल्लई ने युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और नरसंहार के दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने में अहम योगदान दिया है. अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने में अहम योगदान नोबेल समिति के अनुसार, इस वर्ष की पुरस्कार विजेता ने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे और प्रभाव को व्यापक बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है. उन्होंने अपने कामों से यह साबित किया है कि कानूनी उपायों और अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्थाओं के ज़रिए युद्ध, हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं. दक्षिण अफ्रीका से अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों तक का सफर नावी पिल्लई दक्षिण अफ्रीका के हाई कोर्ट में जज के तौर पर काम कर चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने रवांडा के लिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कोर्ट में भी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. वह संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त भी रह चुकी हैं. उनके लंबे न्यायिक करियर में अंतरराष्ट्रीय न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं. संयुक्त राष्ट्र की जांच समिति की भी कर चुकी हैं अध्यक्षता पिल्लई ने हाल तक कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की अध्यक्षता की थी. इसके अलावा वह अंतरराष्ट्रीय कोर्ट (आईसीजे) में म्यांमार के खिलाफ नरसंहार के आरोपों से जुड़े मामले में जज के तौर पर काम कर रही हैं. उनके अनुभव ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर अपराधों की जवाबदेही तय करने के प्रयासों को मजबूती दी है. न्याय और जवाबदेही की दिशा में उल्लेखनीय भूमिका नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने कहा कि ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मुकदमों में पिल्लई ने दिखाया है कि कानूनी उपाय युद्ध और हिंसा की घटनाओं को रोकने में मददगार हो सकते हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून की संस्थाओं को मजबूत करने में भी योगदान दिया है. समिति के मुताबिक, उनकी स्वतंत्रता, विशेषज्ञता और दृढ़ता ने उन्हें हमारे समय के सबसे सम्मानित अंतरराष्ट्रीय न्यायविदों में शामिल किया है. शांति और मानवाधिकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून की अहमियत नोबेल समिति के इस फैसले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापित करने में कानून, न्याय और जवाबदेही की भूमिका को रेखांकित किया है. पिल्लई का काम इस विचार को मजबूती देता है कि युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. ये भी पढ़ें: रूसी सेना में 259 हिंदुस्तानीयों की भर्ती, 69 की जान को खतरा; 2 लाख सैलरी का लालच देकर भेजा था युद्ध में The post हिंदुस्तानीय मूल की नावी पिल्लई को मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Delhi Protest: मेट्रो-ट्रेन पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जनता की परेशानियों का हवाला देकर कहा- ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा न चलाएं’

Delhi Protest : 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार बंद करने और सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है. अदालत ने कहा कि मेट्रो के गेट पूरी तरह बंद होने से छात्रों, कर्मचारियों और बुजुर्गों समेत हजारों यात्रियों को परेशानी हो सकती है. इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र प्रशासन से चर्चा कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया. मेट्रो गेट बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद करने का असर बड़ी संख्या में आम लोगों पर पड़ेगा. गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और दूसरे इलाकों से दिल्ली आने वाले यात्रियों को इससे परेशानी हो सकती है. अदालत ने कहा कि प्रतिबंधों पर विचार करते समय आम लोगों की जरूरतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है. प्रदर्शन के लिए दूसरी जगह तलाशने का सुझाव मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने सुझाव दिया कि प्रदर्शनकारियों को अपनी लोकतांत्रिक मांग रखने का अधिकार देते हुए उनके लिए किसी बड़े वैकल्पिक खुले स्थान की पहचान की जा सकती है. उन्होंने कहा कि ऐसी जगह पर जरूरी सुविधाएं और आपात स्थिति में पहुंचने की व्यवस्था होनी चाहिए. CJI ने प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर बच्चों और चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ने वाले लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है. CJI सूर्यकांत ने कहा कि आपको कुछ चीजों को रोकना ही होगा. उन्हें रोकने के लिए सिर्फ उतनी ही कार्रवाई करें जितनी जरूरी हो. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करें. इस बात का हमेशा ध्यान रखा जाना चाहिए. प्रशासन से चर्चा करेंगे तुषार मेहता सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार बंद करने के मुद्दे पर प्रशासन से चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि हालात के हिसाब से प्रतिबंधों को नियंत्रित किया जा सकता है और समय-समय पर उनकी समीक्षा भी की जा सकती है. मेहता ने आश्वासन दिया कि रेलवे सेवाओं और मेट्रो स्टेशनों को लेकर उचित और स्थिति के अनुरूप कदम उठाए जाएंगे. प्रदर्शन की अनुमति को चुनौती देने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के फैसले को जब तक अदालत में चुनौती नहीं दी जाती, तब तक प्रतिबंधों को किस हद तक कम किया जा सकता है, इस पर विचार करना मुश्किल होगा. अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन आयोजित करने की मांग करने वाला समूह उस समय उसके सामने मौजूद नहीं था. इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दोपहर 2 बजे फिर से मामले का उल्लेख करने की अनुमति मांगी. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के आयोजकों को अदालत के सामने पेश किया जाएगा. ट्रेन, मेट्रो और इंटरनेट सेवाओं पर भी उठे सवाल सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने, मेट्रो सेवाएं बंद करने की प्रस्तावित योजना और राजधानी में इंटरनेट सेवाएं निलंबित किए जाने की आशंकाओं का मुद्दा उठाया. अदालत में इन प्रतिबंधों के आम लोगों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई गई. मामले में प्रशासन से चर्चा और प्रदर्शन के आयोजकों की ओर से पक्ष रखे जाने के बाद प्रतिबंधों के दायरे पर आगे विचार किए जाने की संभावना है. ये भी पढ़ें: PM Kisan: Farmer ID नहीं बनी तो अटक सकती है ₹2,000 की किस्त? जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी से बढ़ी किसानों की परेशानी The post Delhi Protest: मेट्रो-ट्रेन पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जनता की परेशानियों का हवाला देकर कहा- ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा न चलाएं’ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

योगी कैबिनेट का फैसला: यूपी के सबसे बड़े एयरपोर्ट का बदला गया नाम, अब PM नरेंद्र मोदी के नाम से जाना जाएगा नोएडा जेवर एयरपोर्ट

UP Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा जेवर रखने का प्रस्ताव पास किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी. मंत्री परिषद ने जेवर एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी सौगात बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया. यूपी का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, भविष्य में बनेगा एविएशन हब उत्तर प्रदेश मंत्री परिषद ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर राज्य का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है और भविष्य में यह देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है. इसी महत्व को देखते हुए मंत्री परिषद ने एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना मंत्री परिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रेरणादायी मार्गदर्शन और उत्तर प्रदेश के प्रति अटूट एवं निरंतर समर्पण के लिए उनकी मुक्त कंठ से सराहना की. कैबिनेट ने जेवर एयरपोर्ट को राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया. विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित हिंदुस्तान 2047 का संकल्प मंत्री परिषद ने विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित हिंदुस्तान 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण निष्ठा, ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य करने का दृढ़ संकल्प दोहराया. जेवर एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा जेवर रखने का प्रस्ताव इसी कैबिनेट बैठक में पारित किया गया. Must Read– UP में टोल प्लाजा के पास घर है? तो हो सकती है 1,200 की बचत, जल्द आने वाला है सालाना पास, जानें क्या होगा खास The post योगी कैबिनेट का फैसला: यूपी के सबसे बड़े एयरपोर्ट का बदला गया नाम, अब PM नरेंद्र मोदी के नाम से जाना जाएगा नोएडा जेवर एयरपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top