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9 महीने बीतने को आए, मोहसिन नकवी अब तक दबाए बैठा है भारत का एशिया कप, आखिर कब मिलेगी सूर्या की ट्रॉफी?

India Asia Cup 2025 Trophy: एशिया कप 2025 का खिताब जीतने के करीब नौ महीने बाद भी हिंदुस्तानीय टीम को उसकी ट्रॉफी नहीं मिली है. मैदान पर पाकिस्तान को हराकर चैंपियन बनने वाली टीम इंडिया आज भी उस ट्रॉफी का इंतजार कर रही है, जिसे टूर्नामेंट के बाद विजेता टीम को सौंपा जाना था. इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष और एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के प्रमुख मोहसिन नकवी. 28 सितंबर 2025 को दुबई में स्पोर्ट्से गए एशिया कप फाइनल में, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में, हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर रिकॉर्ड नौवां एशिया कप खिताब जीता था. पाकिस्तान ने हिंदुस्तान को 146 रन का टारगेट दिया था, जिसे टीम इंडिया ने 19.1 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 150 रन बनाकर हासिल कर लिया. एक समय पर हिंदुस्तान 10 रन पर 2 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रहा था, लेकिन तिलक वर्मा की शानदार पारी ने हिंदुस्तान को जीत का तिलक लगाया.  हिंदुस्तान की ट्रॉफी लेकर भाग गए मोहसिन नकवी यहां तक तो ठीक था, लेकिन मैच खत्म होने के बाद ट्रॉफी प्रस्तुति समारोह में ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि विजेता हिंदुस्तानीय टीम को ट्रॉफी ही नहीं मिली. हिंदुस्तानीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, जबकि नकवी इस बात पर अड़े रहे कि ट्रॉफी वही सौंपेंगे. नतीजा यह हुआ कि समारोह समाप्त हो गया और ट्रॉफी किसी को नहीं दी गई. उस रात हिंदुस्तानीय खिलाड़ी बिना ट्रॉफी के ही जश्न मनाने को मजबूर हुए. बाद रिपोर्ट्स में कहा गया कि नकवी ट्रॉफी को अपने होटल मके कमरे में लेकर चले गए. और फिर बाद में समाचार आई कि ट्रॉफी एसीसी के नियंत्रण में चली गई. ट्रॉफी लेने के कई प्रयास हुए मामला यहीं नहीं रुका. हिंदुस्तानीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी फाइनल के बाद कहा था कि चैंपियन टीम ट्रॉफी की हकदार होती है. वहीं हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई और इसे स्पोर्ट्स भावना के खिलाफ बताया. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि हिंदुस्तान चाहता था कि किसी तटस्थ अधिकारी के हाथों ट्रॉफी दी जाए, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद एसीसी की बैठकों में भी यह मुद्दा उठा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोहसिन नकवी ने विवाद पर खेद जताया, लेकिन ट्रॉफी को व्यक्तिगत रूप से सौंपने की अपनी शर्त से पीछे नहीं हटे. यही वजह है कि महीनों बाद भी यह मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया. आज तक नहीं मिला हिंदुस्तान का एशिया कप  नवंबर 2025 में इस बात की चर्चा आईसीसी की मीटिंग में उठाई गई थी, जिसके बाद मामले को सुलझाने के लिए समिति भी बनाई गई. लेकिन इसका क्या हुआ कुछ समाचार सामने नहीं आई. आज तक हिंदुस्तानीय टीम को औपचारिक रूप से एशिया कप 2025 की ट्रॉफी नहीं सौंपी गई है. चाहते क्या हैं नकवी? अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मोहसिन नकवी क्या चाहते हैं? क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ ट्रॉफी सौंपने का मामला नहीं रह गया है. नकवी एक साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री, पीसीबी प्रमुख और अभी भी वह एसीसी अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे हैं. अप्रैल 2025 में उन्होंने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का पद संभाला था. ऐसे में ट्रॉफी विवाद क्रिकेट से आगे बढ़कर प्रतिष्ठा और नेतृत्वक संदेश का विषय बन गया है.  फिलहाल स्थिति यह है कि एशिया कप जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम के नाम रिकॉर्ड में खिताब दर्ज है, लेकिन ट्रॉफी अब भी उसके हाथों तक नहीं पहुंची है. नौ महीने बाद भी यह सवाल कायम है कि क्या एसीसी इस विवाद का समाधान निकाल पाएगी या फिर एशिया कप 2025 हमेशा उस टूर्नामेंट के रूप में याद किया जाएगा, जिसमें विजेता टीम को ट्रॉफी ही नहीं मिली. नकवी ने इसे अपनी इज्जत का सवाल बना लिया है. वह किसी भी कीमत पर हिंदुस्तान के विजेताओं को सम्मानित करना चाहते थे, लेकिन पहलगाम हमले की वजह से गुस्से में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने उनकी यह इच्छा पूरी नहीं होने दी थी. लेकिन हिंदुस्तान की जीती हुई ट्रॉफी को हजम करने की भी एक सीमा है. अप्रैल 2027 में वह इस पद से हटेंगे. इसके बाद बांग्लादेश या अफगानिस्तान के पास इसकी अध्यक्षता जाएगी, क्योंकि एशियन क्रिकेट काउंसिल की अध्यक्षता रोटेशनल बेसिस पर होती है.  ये भी पढ़ें:- फीफा वर्ल्ड कप 2026 होगा नेमार का ‘द लास्ट डांस’? ब्राजीलियाई स्टार के कमेंट से बवाल ये भी पढ़ें:- वैभव सूर्यवंशी ने बताया अपना फ्यूचर प्लान, राजस्थान रॉयल्स ने शेयर किया खास वीडियो अप्रैल 2027 के बाद मिल सकती है हिंदुस्तान की एशिया कप 2025 ट्रॉफी 2021 में हिंदुस्तान से जय शाह इसके अध्यक्ष थे, फिर 2024 में श्रीलंका के  शम्मी सिल्वा ने कार्यभार संभाला, वहीं 2025 में मोहसिन नकवी का नंबर लगा. 2027 में इसकी अध्यक्षता अफगानिस्तान के पास जाने का सबसे ज्यादा चांस है, क्योंकि 2018 में बांग्लादेश के नजमुल हसन ही इसके प्रेसिडेंट थे. ऐसे में अगर मोहसिन नकवी अप्रैल 2027 तक हिंदुस्तान की एशिया कप ट्रॉफी 2025 को पचा सके, तो इसकी एसीसी की अध्यक्षता जाते ही हिंदुस्तान को अपनी ट्रॉफी मिलेगी. अभी कहां हैं नकवी? फिलहाल मोहसिन नकवी ईरान युद्ध में अपने देश के आर्मी चीफ के पोस्टमैन बनकर तेहरान में चिट्ठी लेकर गए हैं. पाकिस्तान ईरान युद्ध में अमेरिका की ओर अप्रत्यक्ष रूप से नियुक्त प्रत्यक्ष वार्ताकार बना हुआ है. हालांकि, दो बार की कोशिशों के बाद भी कुछ खास नतीजा नहीं निकल पाया है. The post 9 महीने बीतने को आए, मोहसिन नकवी अब तक दबाए बैठा है हिंदुस्तान का एशिया कप, आखिर कब मिलेगी सूर्या की ट्रॉफी? appeared first on Naya Vichar.

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अन्नपूर्णा योजना में बड़ी गड़बड़ी से हड़कंप, 12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी महिलाओं का पैसा पुरुष के खाते में ट्रांसफर

खास बातें 12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी गड़बड़ी? तृणमूल का वार- ममता की लक्ष्मी भंडार बेहतर थी प्रशासनिक अक्षमता का प्रमाण प्रशासन बैकफुट पर, जांच और डेटा में सुधार के आदेश Annapurna Yojana: डेटाबेस री-वेरिफिकेशन क्या है पूरा मामला? कैसे सामने आयी गड़बड़ी संजीत बोले- खाते में अन्नपूर्णा भंडार के पैसे कैसे आये, नहीं मालूम प्रशासनी पैसा वापस करने के लिए उठायेंगे कदम Annapurna Yojana: पश्चिम बंगाल की हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन की महत्वाकांक्षी ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ (Annapurna Bhandar Yojana) में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आयी है. स्त्री सशक्तिकरण और कल्याण के लिए शुरू की गयी योजना का लाभ एक पुरुष को मिला है. लक्ष्मी भंडार योजना जैसी गंभीर विसंगति के सामने आते ही विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. 12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी गड़बड़ी? इस प्रशासनी योजना का लाभ पाने के लिए स्त्रीओं ने 12 पन्नों का विस्तृत आवेदन फॉर्म भरा था. इस फॉर्म में पहचान पत्र से लेकर बैंक विवरण तक की जानकारी ली गयी थी. इतने कड़े और लंबे वेरिफिकेशन प्रोसेस के बावजूद, जब प्रशासन ने योजना की राशि जारी की, तो वह स्त्रीओं के साथ-साथ एक पुरुष के बैंक अकाउंट में भी क्रेडिट हो गयी. तृणमूल का वार- ममता की लक्ष्मी भंडार बेहतर थी इस प्रशासनिक चूक को लपकते हुए तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और प्रवक्ताओं ने शुभेंदु प्रशासन की नयी नीति और कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल किये हैं. टीएमसी ने आरोप लगाया है कि भाजपा प्रशासन ने ममता बनर्जी प्रशासन की बेहद लोकप्रिय ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ का मुकाबला करने के लिए बिना किसी ठोस तैयारी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के जल्दबाजी में ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ को लागू कर दिया. इसे भी पढ़ें : अन्नपूर्णा भंडार के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, ऐसे पक्का करें 3000 रुपए प्रशासनिक अक्षमता का प्रमाण टीएमसी नेताओं ने कहा कि जो प्रशासन 12 पन्नों का फॉर्म भरवाने के बाद भी यह जांचने में अक्षम है कि लाभार्थी स्त्री है या पुरुष, वह राज्य की करोड़ों स्त्रीओं के साथ न्याय कैसे करेगी? उन्होंने मांग की है कि इस पूरे घोटाले या चूक की तुरंत उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें प्रशासन बैकफुट पर, जांच और डेटा में सुधार के आदेश इस मामले के तूल पकड़ते ही राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग तथा स्त्री कल्याण विभाग के भीतर हड़कंप मच गया है. गड़बड़ी को तकनीकी खामी (Technical Glitch) या डेटा एंट्री ऑपरेटर की गलती माना जा रहा है. संबंधित विभाग ने बैंकों और आईटी टीम को तत्काल प्रभाव से इस विसंगति को सुधारने और प्रभावित स्त्री लाभार्थियों के खातों में सही तरीके से राशि भेजने का निर्देश दिया है. Annapurna Yojana: डेटाबेस री-वेरिफिकेशन भविष्य में ऐसी फजीहत से बचने के लिए प्रशासन अब अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत जमा हुए सभी आवेदनों के डिजिटल डेटाबेस का दोबारा भौतिक सत्यापन (Re-verification) करने की तैयारी में है, ताकि अपात्र लोगों या गलत खातों को सिस्टम से तुरंत बाहर किया जा सके. इसे भी पढ़ें : बंगाल में लक्ष्मीर भंडार घोटाले की होगी SIT जांच, 30 लाख फर्जी खाते खंगालेंगे अधिकारी क्या है पूरा मामला? कैसे सामने आयी गड़बड़ी मामला नदिया जिले के भीमपुर थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव का है. संजीत विश्वास पेशे से ग्रामीण चिकित्सक हैं. उन्हें प्रशासनी वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलता है. नियमित रूप से पेंशन की राशि निकालने के लिए बैंक के कस्टमर सर्विस सेंटर (सीएससी) जाते हैं. संजीत विश्वास ने बताया कि हाल ही में पेंशन की राशि निकालने के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि उनके खाते में वृद्धावस्था पेंशन के अलावा अन्नपूर्णा भंडार योजना के 3,000 रुपए भी जमा हुए हैं. यह देखकर वह खुद हैरान रह गये. संजीत बोले- खाते में अन्नपूर्णा भंडार के पैसे कैसे आये, नहीं मालूम संजीत विश्वास ने कहा कि उन्होंने कभी अन्नपूर्णा योजना के लिए आवेदन नहीं किया. न ही वह इस योजना के पात्र लाभार्थी हैं. ऐसे में उनके खाते में यह राशि कैसे पहुंची, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. संजीत विश्वास ने कहा- मैं वृद्धावस्था पेंशन के पैसे निकालने गया था. वहीं पता चला कि मेरे खाते में अन्नपूर्णा योजना के 3,000 रुपए जमा हुए हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह कैसे हुआ. मैंने पैसा नहीं निकाला. मैंने केवल पेंशन की राशि निकाली. इसे भी पढ़ें : बंगाल में बदला सियासी मिजाज! भाजपा की 3000 रुपए वाले ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांट रहे ममता बनर्जी के पार्षद प्रशासनी पैसा वापस करने के लिए उठायेंगे कदम संजीत ने कहा कि वह इस मामले की जानकारी स्थानीय पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत प्रधान को देंगे. यदि जांच में पता चलता है कि यह राशि गलती से उनके खाते में जमा हुई है, तो वह प्रशासनी नियमों के अनुसार इसे वापस करने के लिए आवश्यक कदम उठायेंगे. इसे भी पढ़ें बंगाल में ‘अन्नपूर्णा भण्डार’ योजना शुरू, स्त्रीओं के खाते में आने लगे 3000 रुपये बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के 3 बड़े धमाके! 5 रुपए में मिलेगा मछली-चावल, 27 से भरे जायेंगे ‘अन्नपूर्णा योजना’ के फॉर्म अन्नपूर्णा भंडार योजना : 11 पन्ने के फॉर्म से पूरी कुंडली खंगालेगी शुभेंदु प्रशासन, आवेदन के लिए देने होंगे 30 सवालों के जवाब लक्ष्मी भंडार योजना 2026: बंगाल की सबसे बड़ी प्रशासनी योजना में कितने रुपए मिलते हैं, कौन और कैसे ले सकता है लाभ? The post अन्नपूर्णा योजना में बड़ी गड़बड़ी से हड़कंप, 12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी स्त्रीओं का पैसा पुरुष के खाते में ट्रांसफर appeared first on Naya Vichar.

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Samsung Galaxy A35 पर मिल रहा फ्लैट 14,000 रुपये का डिस्काउंट, खरीदें या रहने दें?

अगर आप काफी दिनों से एक अच्छा Samsung फोन लेने की सोच रहे थे, तो यह आपके लिए सही समय हो सकता है. दरअसल, Samsung Galaxy A35 5G फिलहाल Flipkart पर भारी डिस्काउंट के साथ मिल रहा है. जो फोन लॉन्च के समय करीब 32,999 रुपये में आया था, वो अब 20,000 रुपये से भी कम कीमत में उपलब्ध है. इतनी बड़ी प्राइस कट के बाद यह फोन मिड-रेंज सेगमेंट में एक बेहतरीन वैल्यू-फॉर-मनी डील बन गया है. आइए इस ऑफर के बारे में डिटेल में जानते हैं. Flipkart पर सस्ता हुआ Samsung Galaxy A35 5G Samsung Galaxy A35 5G को हिंदुस्तान में लॉन्च के समय 32,999 रुपये की कीमत पर पेश किया गया था. लेकिन Flipkart पर अभी इस पर जबरदस्त ऑफर मिल रहा है. यहां इसकी कीमत सीधे घटकर 18,999 रुपये तक पहुंच गई है. यानी करीब 14,000 रुपये से ज्यादा का डिस्काउंट मिल रहा है. इतना ही नहीं, अगर आप Flipkart Axis Bank या SBI क्रेडिट कार्ड यूज करते हैं तो आपको करीब 950 रुपये तक का एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी मिल सकता है.  इसके साथ ही आसान खरीद के लिए नो-कॉस्ट EMI का ऑप्शन भी है. यह सिर्फ 668 रुपये प्रति महीने से शुरू होता है और 36 महीने तक चल सकता है. अगर आपके पास पुराना फोन है तो एक्सचेंज ऑफर से और भी फायदा मिल सकता है. इसमें मॉडल और कंडीशन के हिसाब से आपको 16,900 रुपये तक की एक्सचेंज वैल्यू मिल सकती है. Samsung galaxy a35 5g price details Samsung Galaxy A35 5G: क्या इसे खरीदना सही रहेगा? अगर आप डिस्काउंट में Galaxy A35 5G देख रहे हैं, तो यह वाकई में एक बढ़िया डील है. इसमें 6.7-इंच का बड़ा FHD+ AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1,900 निट्स तक की ब्राइटनेस के साथ आता है. परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर दिया गया है, जिसके साथ 12GB RAM और 256GB स्टोरेज मिलती है. फोन Android 15 पर चलता है और इसमें सबसे खास बात यह है कि कंपनी 6 बड़े Android अपडेट्स और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा करती है. बैटरी की बात करें तो इसमें 5000mAh बैटरी दी गई है जो 45W फास्ट चार्जिंग के साथ आती है. फोटोग्राफी के लिए इसमें 50MP मेन कैमरा, 8MP अल्ट्रा-वाइड और 5MP मैक्रो लेंस दिया गया है. वहीं फ्रंट में 12MP कैमरा सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए मौजूद है. अगर आपका बजट इसके लॉन्च प्राइस के आसपास है, तो आप OnePlus Nord 5, Nothing Phone (3a) Pro, Motorola Edge 60 Pro और Vivo V50 जैसे ऑप्शन भी देख सकते हैं, जो नए प्रोसेसर, बेहतर कैमरा और फास्ट चार्जिंग के साथ इस सेगमेंट में कड़ी टक्कर देते हैं. यह भी पढ़ें: ₹20,000 से ज्यादा सस्ता हुआ Samsung Galaxy S26 Ultra, Amazon पर मिली बड़ी डील The post Samsung Galaxy A35 पर मिल रहा फ्लैट 14,000 रुपये का डिस्काउंट, खरीदें या रहने दें? appeared first on Naya Vichar.

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डायबिटीज के मरीजों की शाम की भूख का हेल्दी और टेस्टी समाधान, घर पर बनाएं यह क्रिस्पी स्नैक

Roasted Chana and Makhana: आज की भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हमारे लिए अपने सेहत का ख्याल रखना और भी ज्यादा जरूरी हो जाता हो, खासकर तब जब हमें डायबिटीज की समस्या हो. जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या होती है उनके लिए शाम का समय काफी ज्यादा कठिन साबित होता है. दोपहर के लंच और रात के डिनर के बीच जब भूख लगती है, तो समझ में ही नहीं आता कि ऐसा क्या खाया जाए जिससे सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े. अक्सर शाम की चाय के साथ हम या तो बिस्कुट खा लेते हैं या फिर कोई नमकीन या समोसे. इस तरह की जितनी भी चीजें होती हैं, ये काफी आसानी से आपके ब्लड शुगर लेवल को अचानक से ही बढ़ा देते हैं. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और शाम के नाश्ते में कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो सिर्फ हेल्दी ही न हो बल्कि टेस्टी हो, तो रोस्टेड चना और मखाना आपके लिए एक परफेक्ट चॉइस है. खाने में यह काफी ज्यादा क्रिस्पी लगता है और साथ ही काफी आसानी से बनकर तैयार भी हो जाता है. तो चलिए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान रेसिपी. रोस्टेड चना और मखाना बनाने के लिए जरूरी सामग्री मखाना – 2 कप भुना हुआ काला चना, बिना छिलके वाला या छिलके सहित – 1 कप देसी घी या ऑलिव ऑयल – 1 छोटा चम्मच, डायबिटीज में सीमित मात्रा में घी फायदेमंद है हल्दी पाउडर- आधा छोटा चम्मच सेंधा नमक या काला नमक – स्वादानुसार भुना जीरा पाउडर – आधा छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच, स्वाद और डाइजेशन के लिए हींग – एक चुटकी रोस्टेड चना और मखाना बनाने की सबसे आसान रेसिपी रोस्टेड चना और मखाना बनाने के लिए सबसे पहले गैस पर एक भारी तले वाली कढ़ाई रखें. इसके बाद इसमें आधा चम्मच घी या तेल डालें. आंच को धीमा रखें और अब इसमें मखाने डालें और लगातार चलाते हुए 5 से 7 मिनट तक भूनें. जब मखाना हाथ से दबाने पर आसानी से टूट जाए और क्रिस्पी हो जाए, तो इसे एक प्लेट में निकाल लें. अब उसी कढ़ाई में बचा हुआ आधा चम्मच घी डालें और जब घी हल्का गर्म हो जाए तोउसमें हींग और हल्दी पाउडर डालें. इस बात का ख्याल रखें कि आंच बिल्कुल धीमी हो ताकि मसाले जलें नहीं. अब इस मसाले में भुना हुआ चना और पहले से भुने हुए मखाने डाल दें. इन सभी चीजों को अच्छी तरह से मिक्स करें ताकि चने और मखाने पर हल्दी की कोटिंग आ जाए. अब ऊपर से सेंधा नमक, भुना जीरा पाउडर और काली मिर्च पाउडर डालें. इन सभी चीजों को धीमी आंच पर 2 मिनट के लिए अच्छे से चलाएं ताकि मसालों का स्वाद अंदर तक चला जाए. लास्ट में गैस बंद कर दें और इस मखाना-चना मिक्स को थोड़ा ठंडा होने दें. ठंडा होने पर यह और भी क्रिस्पी हो जाएगा. ये भी पढ़ें: बच्चों की सेहत से नो समझौता, घर पर बनाएं बाजार जैसी वाटरमेलन आइस कैंडी, स्वाद और हाइड्रेशन का डबल डोज The post डायबिटीज के मरीजों की शाम की भूख का हेल्दी और टेस्टी समाधान, घर पर बनाएं यह क्रिस्पी स्नैक appeared first on Naya Vichar.

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जियो का यह सस्ता प्लान अब लावा और नोकिया यूजर्स के लिए भी खुला

कम कीमत में मोबाइल कनेक्टिविटी बनाए रखना चाहने वाले फीचर फोन यूजर्स के लिए बड़ी राहत की समाचार आई है. अब तक Jio का एक लोकप्रिय और किफायती रिचार्ज प्लान केवल Jio Phone इस्तेमाल करने वालों के लिए उपलब्ध था, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है. इसके बाद Lava, itel और Nokia के 4G फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहक भी इस प्लान का लाभ उठा सकेंगे. यह बदलाव उन लाखों यूजर्स के लिए खास माना जा रहा है जो स्मार्टफोन के बजाय फीचर फोन पर निर्भर हैं और कम खर्च में कॉलिंग औरव इंटरनेट सुविधा चाहते हैं. 123 रुपये में मिलेंगे कॉलिंग, डेटा और SMS जियो का 123 रुपये वाला प्लान फीचर फोन यूजर्स के बीच लंबे समय से लोकप्रिय रहा है. इस प्लान की वैधता 28 दिनों की है और इसमें रोजाना 0.5GB डेटा मिलता है. इसके अलावा अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और कुल 300 SMS की सुविधा भी शामिल है. कम कीमत में मिलने वाले इन फायदों की वजह से यह प्लान उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है जो मोबाइल का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग, मैसेजिंग और बेसिक इंटरनेट ऐक्सेस के लिए करते हैं. TRAI के निर्देश के बाद बदला नियम हाल ही में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे टैरिफ प्लान्स को लेकर दिशा-निर्देश दिये थे जो केवल चुनिंदा डिवाइस तक सीमित रहते हैं. इसके बाद जियो ने अपने इस फीचर फोन प्लान को अन्य ब्रांड्स के 4G फीचर फोन्स के लिए भी उपलब्ध कराने का फैसला किया. इस कदम से अब यूजर्स को सिर्फ किसी खास कंपनी का डिवाइस खरीदने की मजबूरी नहीं रहेगी. वे अपनी पसंद के फीचर फोन के साथ भी सस्ते प्लान का लाभ ले सकेंगे. किन यूजर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा? यह बदलाव खासकर ग्रामीण इलाकों, सीनियर सिटीजन्स और सेकेंडरी मोबाइल इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है. कई लोग आज भी फीचर फोन का इस्तेमाल बैकअप डिवाइस या केवल कॉलिंग के लिए करते हैं. ऐसे यूजर्स अब कम खर्च में पूरे महीने अपनी मोबाइल सेवाएं जारी रख पाएंगे. इसके अलावा Lava, itel और Nokia के 4G फीचर फोन की मांग पर भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है क्योंकि अब इन डिवाइसों के साथ जियो का सस्ता प्लान भी उपलब्ध होगा. Jio ने लॉन्च किया नया OTT पास भी फीचर फोन प्लान के विस्तार के साथ जियो ने हाल ही में एक नया OTT पास भी पेश किया है. 200 रुपये कीमत वाले इस पास में 28 दिनों की वैधता के साथ 30GB डेटा और कई लोकप्रिय स्ट्रीमिंग प्लैटफॉर्म्स का ऐक्सेस दिया जा रहा है. इस पैक के जरिए यूजर्स को मनोरंजन से जुड़ी कई सेवाएं मिलती हैं. हालांकि यह पास नियमित मोबाइल रिचार्ज से अलग खरीदना होगा. ऐसे में जो ग्राहक डेटा और OTT कंटेंट दोनों चाहते हैं, उनके लिए यह एक अतिरिक्त विकल्प बन सकता है. फीचर फोन बाजार में बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धा जियो के इस फैसले को फीचर फोन बाजार के लिए अहम माना जा रहा है. अब विभिन्न कंपनियों के 4G फीचर फोन यूजर्स एक जैसे किफायती टैरिफ प्लान का लाभ उठा सकेंगे. इससे ग्राहकों के पास डिवाइस चुनने की ज्यादा आजादी होगी और बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ सकती है. ध्यान रहे, ऊपर बताये गए पैक में बदलाव संभव है. ऐसे में कोई भी रिचार्ज पैक चुनने से पहले ऑफिशियल वेबसाइट से जरूर कंफर्म कर लें. यह भी पढ़ें: Jio का ₹198 प्लान: डेली 2GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग का फायदा The post जियो का यह सस्ता प्लान अब लावा और नोकिया यूजर्स के लिए भी खुला appeared first on Naya Vichar.

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शादी-पार्टी में महफिल लूटनी है तो तैयार होने से पहले जान लें ये 5 स्टाइलिंग हैक्स, भीड़ में भी दिखेंगे सबसे स्टाइलिश और ग्लैमरस

Fashion Tips: किसी की शादी या पार्टी पार्टी में जब जाने की बात होती है तो हमारे दिमाग में एक एक ही सवाल चलता रहता है कि, मैं ऐसा क्या पहनूं कि सभी की नजरें सिर्फ मुझपर ही टिकी हुई रह जाए? हर कोई यही चाहता है कि वह भीड़ में सिर्फ सबसे अलग ही नहीं बल्कि सबसे ज्यादा अट्रैक्टिव भी दिखे. अपनी इस ख्वाइश को पूरा करने के लिए अक्सर हम महंगे कपड़े और एक्सेसरीज खरीद लेते हैं, लेकिन फिर भी वह लुक अचीव नहीं कर पाते हैं जिसकी हमें चाहत रहती है. आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन स्टाइलिश दिखने के लिए आपको ज्यादा महंगे कपड़ों की नहीं, बल्कि एक सही स्टाइलिंग की समझ होनी ज्यादा जरूरी है. आज इस आर्टिकल में हम आपको 5 ऐसे आसान स्टाइलिंग हैक्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें ट्राई करके आप किसी भी पार्टी और शादी की जान बन सकते हैं. तो चलिए इन हैक्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. कपड़ों के रंग का सही चुनाव अगर आप भीड़ से सबसे अलग दिखना चाहते हैं तो इसका सबसे आसान तरीका है सही रंगों का चुनाव करना. आज के समय में अगर आप ध्यान दें, तो ट्रेडिशनल रेड, मैरून या पीले रंग के अलावा पेस्टल कलर्स जैसे कि मिंट ग्रीन, लैवेंडर, पाउडर ब्लू बहुत ही ज्यादा ट्रेंड में हैं. अगर आप कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो मोनोक्रोम लुक अपनाएं. इसका मतलब है कि सिर से लेकर पैर तक एक ही रंग के अलग-अलग शेड्स पहनना. यह आपको एक रॉयल और लंबा लुक देता है. इसके अलावा, आप कंट्रास्ट कलर्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे सिल्क की साड़ी के साथ बिल्कुल अलग रंग का हैवी ब्लाउज. ज्वेलरी से बदलें अपना पूरा लुक कई बार आपका सिंपल सा कुर्ता या फिर साड़ी भी बेहद ही खूबसूरत लगने लगती है, अगर उसके साथ आपके सही ज्वेलरी पहनी हुई हो तो. स्टाइलिंग का सबसे बड़ा नियम है चीजों को बैलेंस करना. अगर आपके जो कपड़े पहने हैं वह बहुत ही ज्यादा हैवी हैं या फिर उसमें कढ़ाई की गयी है, तो ज्वेलरी को हल्का रखने की कोशिश करें. सिर्फ एक जोड़ी बड़े झुमके या चांदबालियां पहनें और गले को खाली छोड़ दें. वहीं, अगर आपका पहनावा सिंपल है, तो एक भारी चोकर सेट या कुंदन का हार पहनकर अपने लुक को एकदम से चमका सकते हैं. मिक्स एंड मैच का चलने दें जादू अगर आप हर एक पार्टी के लिए अलग-अलग और नया कपड़ा नहीं खरीदना चाहते हैं, तो इससे बचने का सबसे आसान तरीका है कपड़ों को मिक्स एंड मैच करना. अपनी पुरानी हैवी बनारसी साड़ी के साथ एक मॉडर्न क्रॉप टॉप या शर्ट स्टाइल ब्लाउज पहनें. आप चाहें तो अपने किसी पुराने लहंगे के स्कर्ट के साथ एक नया ट्रेंडी केप या श्रग पेयर कर सकते हैं. यह न केवल आपके पैसों की बचत करेगा, बल्कि आपको एक इंडो-वेस्टर्न और बेहद यूनिक लुक भी देगा जो आसानी से किसी और के पास नहीं दिखेगा. फुटवियर और कंफर्ट पर ध्यान दें अक्सर लोग कपड़ों के चक्कर में जूतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि फुटवियर आपके पूरे लुक को बना या बिगाड़ सकते हैं. अगर आप साड़ी या लहंगा पहन रहे हैं, तो मोजरी या एथनिक हील्स बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकते हैं. लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि आप वही फुटवियर चुनें जिसमें आप आराम से चल और डांस सकें. अगर आप असहज होंगे, तो आपका कॉन्फिडेंस कम हो जाएगा, जिससे आपका पूरा लुक फीका पड़ सकता है. सही हेयरस्टाइल और न्यूड मेकअप शादी या पार्टी के लुक को पूरा करने में बालों और मेकअप का सबसे बड़ा हाथ होता है. आजकल लाउड या बहुत ज्यादा चमक-धमक वाला मेकअप पुराना हो चुका है. लेस इज मोर यानी कम ही ज्यादा है के नियम को अपनाएं. एक अच्छा ग्लोइंग बेस, न्यूड लिपस्टिक और स्मोकी आइज आपको बेहद एलिगेंट लुक देंगी. बालों के लिए आप सॉफ्ट कर्ल्स, मेसी बन या फिर एक साफ-सुथरी पोनीटेल बना सकते हैं. इसके साथ ही हेयरस्टाइल भी ऐसा होना चाहिए जो आपके चेहरे के कट पर सूट करे. ये भी पढ़ें: कम हाइट वाली लड़कियां कपड़े चुनते समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, स्टाइलिश और अट्रैक्टिव दिखना है तो जान लें The post शादी-पार्टी में महफिल लूटनी है तो तैयार होने से पहले जान लें ये 5 स्टाइलिंग हैक्स, भीड़ में भी दिखेंगे सबसे स्टाइलिश और ग्लैमरस appeared first on Naya Vichar.

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ग्लोबल तनाव के बीच स्थिर हुए सोना-चांदी के रेट्स, इन्वेस्टर्स अब भी हैं सतर्क

Gold-Silver Price: हिंदुस्तान में रविवार, 7 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया. वेस्ट एशिया में चल रहे जियो-पॉलिटिकल तनाव और अमेरिकी डॉलर के मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुएं लगभग स्थिर रहीं. आमतौर पर संकट के समय सुरक्षित इनवेस्टमेंट माने जाने वाले सोने-चांदी में इस बार कोई बड़ी उछाल नहीं दिखी. इसका मतलब है कि इन्वेस्टर्स अभी संभलकर कदम उठा रहे हैं और बाजार में मांग सामान्य बनी हुई है. रीटेल मार्केट के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत करीब 15,572 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 14,274 रुपये प्रति ग्राम के आसपास चल रही है. वहीं, घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी 2,74,900 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर बनी हुई है. अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और ज्वेलर्स के मुनाफे (मार्जिन) की वजह से इन रेट्स में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है. आपके शहर में सोने का क्या भाव है? हिंदुस्तान में सोने की कीमतें मुख्य रूप से इंटरनेशनल मार्केट्स, रुपये-डॉलर के उतार-चढ़ाव, इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) और शादियों के सीजन की मांग पर निर्भर करती हैं. देश के बड़े शहरों में प्रति ग्राम सोने के दाम इस प्रकार दर्ज किए गए: घरेलू खुदरा बाजार में सोने की दरें: शहर  24 कैरेट सोना (₹ प्रति ग्राम) 22 कैरेट सोना (₹ प्रति ग्राम) दिल्ली  ₹15,273 ₹14,000 मुंबई  ₹15,273 ₹14,000 कोलकाता   ₹15,273 ₹14,000 चेन्नई   ₹15,491 ₹14,200 चांदी के रेट्स में कितना अंतर आया? इन्डस्ट्रीअल डिमांड और इनवेस्टमेंट के कारण चांदी लंबे समय के औसत के मुकाबले अभी भी ऊंचे लेवल पर कारोबार कर रही है. हालांकि, सोने की तुलना में चांदी की कीमतें ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग ट्रेंड्स से ज्यादा प्रभावित होती हैं, इसलिए इस धातु में उतार-चढ़ाव तेजी से होता है. घरेलू खुदरा बाजार में चांदी की दरें: शहर   चांदी (₹ प्रति 10 ग्राम) चांदी (₹ प्रति किलोग्राम) दिल्ली  ₹2,650 ₹2,65,000 मुंबई  ₹2,650 ₹2,65,000 कोलकाता  ₹2,650 ₹2,65,000 चेन्नई  ₹2,700 ₹2,70,000 MCX में क्या हलचल रही? मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर हफ्ते के आखिरी कारोबारी सेशन (शुक्रवार, 5 जून) में दोनों धातुओं पर भारी दबाव देखा गया, जिसकी क्लोजिंग रिपोर्ट सामने आई है. हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले से पहले ट्रेडर्स काफी सतर्क दिखे, जिससे बाजार में बिकवाली का माहौल रहा. MCX क्लोजिंग रेट्स (लास्ट ट्रेडिंग सेशन): कमोडिटी   क्लोजिंग प्राइस   बाजार में बदलाव   सोना (जुलाई फ्यूचर्स) ₹1,55,600 (प्रति 10 ग्राम) 2.47% की गिरावट  चांदी (अगस्त फ्यूचर्स) ₹2,48,201 (प्रति किलोग्राम) 6.27% की भारी गिरावट   मार्केट एक्स्पर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में ग्लोबल इकोनॉमी के आंकड़ों, करेंसी की चाल और जियो-पॉलिटिकल हालातों को देखकर ही सोने-चांदी का अगला रुख तय होगा. ये भी पढ‍़ें: शेयर की तरह सोना खरीदने का नया तरीका, जानें क्या हैं EGR इन्वेस्टिंग के ये 3 स्टेज The post ग्लोबल तनाव के बीच स्थिर हुए सोना-चांदी के रेट्स, इन्वेस्टर्स अब भी हैं सतर्क appeared first on Naya Vichar.

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लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती पर बवाल, राबड़ी आवास पर डटे समर्थक, श्रवण कुमार बोले- नियमों के तहत हुआ फैसला

Lalu Family Security: लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती को लेकर नेतृत्वक माहौल गरमा गया है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास के बाहर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ताओं का जुटान लगातार जारी है. बड़ी संख्या में समर्थक सोमवार से ही आवास के बाहर डटे हुए हैं और प्रशासन के फैसले के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं. सुरक्षा वापसी के बाद बढ़ा विवाद दरअसल, राज्य प्रशासन ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया है. इसके बाद विवाद और गहरा गया. बीते दिन तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी ने अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा वापस कर दी थी. इस फैसले को लेकर राजद नेताओं और समर्थकों ने प्रशासन पर निशाना साधा है. आज पटना लौट सकते हैं लालू यादव राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के रविवार को सिंगापुर से पटना लौटने की संभावना है. लालू यादव 30 मई को किडनी से जुड़े नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सिंगापुर गए थे. उनके लौटने से पहले ही सुरक्षा का मुद्दा नेतृत्वक बहस का केंद्र बन गया है. सुरक्षा को लेकर क्या बोले मंत्री श्रवण कुमार? लालू परिवार की सुरक्षा में कमी और सुरक्षा वापस किए जाने के सवाल पर मंत्री श्रवण कुमार ने प्रशासन का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था तय मानकों के अनुसार दी जाती है. मंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति को सुरक्षा रखनी है या नहीं, यह उसका निजी फैसला है. प्रशासन द्वारा जो सुरक्षा निर्धारित की गई है, वह उपलब्ध कराई गई है. पत्रकारों से बातचीत करते मंत्री श्रवण कुमार रोहिणी आचार्य की कार्यकर्ताओं से बड़ी अपील इस बीच लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजद कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की. उन्होंने लिखा कि लालू परिवार की असली ताकत और सुरक्षा कवच राजद कार्यकर्ता और जनता हैं. रोहिणी ने आरोप लगाया कि बिहार की पहली स्त्री मुख्यमंत्री और उनके परिवार को परेशान करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि जनता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी. Also Read: ‘ये नटवरलाल है, साजिश करता है…’, खान सर के चाचा ने उनपर लगाए कई गंभीर आरोप The post लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती पर बवाल, राबड़ी आवास पर डटे समर्थक, श्रवण कुमार बोले- नियमों के तहत हुआ फैसला appeared first on Naya Vichar.

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क्या आप जानते हैं जामुन खाने का सही समय और तरीका? आधे से ज्यादा लोग अनजाने में कर रहे हैं ये 3 बड़ी गलतियां

Jamun Eating Mistakes: गर्मियों और बरसात के मौसम में मिलने वाला छोटा सा, काले और बैंगनी रंग का जामुन हर किसी को ही पसंद आता है. स्वाद में हल्का सा खट्टा-मीठा होने के साथ ही इसे सेहत के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. साइज मे छोटे होने के बावजूद भी आपको जामुन में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स मिल जाते हैं. जब आप इसका इस्तेमाल रेगुलर बेसिस पर करना शुरू करते हैं तो आपकी इम्युनिटी तो बूस्ट होती ही है, बल्कि साथ ही यह डायबिटीज जैसी बीमारी में भी फायदेमंद साबित होता है. अगर आपको जामुन खाना पसंद है तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. बता दें अगर जामुन को गलत समय या फिर गलत तरीके से खाया जाए, तो इससे आपके सेहत को फायदे की जगह पर नुकसान भी हो सकते हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको जामुन खाने का सबसे सही समय और तरीका बताने जा रहे हैं. इसके अलावा हम 3 ऐसी गलतियों का भी जिक्र करने वाले हैं जो लोग अक्सर जामुन खाते समय अनजाने में कर देते हैं. जामुन खाने का सही समय क्या है? किसी भी फल का पूरा फायदा तभी मिलता है जब उसे सही समय पर खाया जाए. जामुन खाने का सबसे अच्छा समय दोपहर का वक्त माना जाता है. आप इसे सुबह के ब्रेकफास्ट के एक से दो घंटे बाद या फिर दोपहर के लंच के बाद खा सकते हैं. इस समय इसे खाने से यह खाने को डाइजेस्ट करने में मदद करता है और शरीर को भरपूर एनर्जी देता है. वहीं, शाम के समय या फिर रात को आपको जामुन खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है जिससे खांसी-जुकाम या पेट में ऐंठन जैसी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. क्या है जामुन खाने का सही तरीका? जामुन को हमेशा अच्छी तरह धोकर ही खाना चाहिए, क्योंकि इसके ऊपर धूल-मिट्टी और बैक्टीरिया आसानी से चिपक जाते हैं. जामुन को सादे पानी से धोने के बाद थोड़ी देर के लिए गुनगुने नमक के पानी में छोड़ देना सबसे अच्छा तरीका है. इसे खाते समय इस पर थोड़ा सा काला नमक या जीरा पाउडर छिड़कने से इसका स्वाद तो बढ़ता ही है, साथ ही यह पेट में गैस भी नहीं बनने देता. इस बात का ख्याल रखें कि जामुन को हमेशा चबाकर खाएं और इसकी गुठली को फेंक दें. हालांकि, गुठली को सुखाकर बनाया गया पाउडर शुगर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होता है कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 3 गलतियां? खाली पेट जामुन खाना कई लोग सुबह उठते ही या लंबे समय तक भूखे रहने के बाद जामुन खा लेते हैं. आपकी सेहत के लिए यह बेहद ही नुकसानदेह हो सकता है. जामुन में नैचुरली खट्टापन होता है, जिस वजह से इसे खाली पेट खाने से पेट में तेज एसिडिटी, जलन, दर्द और जी मिचलाने की प्रॉब्लम हो सकती है. जामुन खाने के तुरंत बाद पानी पीना जामुन खाने के तुरंत बाद कभी भी पानी नहीं पीना चाहिए. ऐसा करने से पेट का डाइजेस्टिव सिस्टम बिगड़ जाता है। इससे आपको डायरिया, पेट में मरोड़ या गैस की गंभीर समस्या हो सकती है. जामुन खाने के कम से कम 30 से 45 मिनट बाद ही पानी पिएं. जामुन और दूध का साथ में सेवन आपको भूलकर भी कभी जामुन खाने के तुरंत पहले या बाद में दूध, दही या चाय-कॉफी जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. दूध और जामुन का कॉम्बिनेशन शरीर में जाकर टॉक्सिक एलिमेंट्स बना सकता है, जिससे स्किन से जुड़ी प्रॉब्लम्स, एलर्जी या बदहजमी जैसी दिक्कतें आ सकती हैं. ये भी पढ़ें: डायबिटीज के मरीजों के लिए कितना फायदेमंद है जामुन? यहां जानिए आसान भाषा में The post क्या आप जानते हैं जामुन खाने का सही समय और तरीका? आधे से ज्यादा लोग अनजाने में कर रहे हैं ये 3 बड़ी गलतियां appeared first on Naya Vichar.

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फर्जी पिज्जा ऑर्डर, सुनसान इलाका और चलीं गोलियां… अमेरिका में भारतीय युवक की हत्या, परिवार बोला- साजिश

Indian Shot Dead Fake Pizza Order US: अमेरिका में हिंदुस्तानीय युवक की धोखे से की गई हत्या की एक दर्दनाक समाचार सामने आई है. तेलंगाना के रहने वाले 28 वर्षीय हिंदुस्तानीय युवक अंशुल कुंचा का गोली मारकर मर्डर कर दिया गया. परिवार का आरोप है कि अंशुल को एक फर्जी पिज्जा डिलीवरी ऑर्डर के जरिए सुनसान इलाके में बुलाया गया और वहां पहले से मौजूद हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया.  अंशुल कुंचा तेलंगाना के गुंडलापोचमपल्ली क्षेत्र के रहने वाले थे. उनकी मौत की समाचार फैलते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल है. अंशुल कुंचा पिछले चार साल से अमेरिका में रह रहे थे. वह एक मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी कर रहे थे. अतिरिक्त आय के लिए वह वीकेंड में पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम भी करते थे. शनिवार रात उन्हें एक पिज्जा डिलीवरी का ऑर्डर मिला. बताया जा रहा है कि ऑर्डर फिलाडेल्फिया के एक सुनसान इलाके के लिए था. जब अंशुल निर्धारित स्थान पर पहुंचे, तभी एक अज्ञात हमलावर ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. रिपोर्टों के अनुसार हमलावर ने अंशुल के सिर में कई गोलियां मारीं और मौके से फरार हो गया. हत्या के बाद भी नहीं ले गए कोई सामान परिवार का कहना है कि घटना के बाद अंशुल का कोई सामान नहीं छीना गया. यही वजह है कि हत्या के पीछे का मकसद लूटपाट करना नहीं, बल्कि हत्या करना ही था. परिजनों के मुताबिक स्थानीय रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि घटना के समय आसपास दो नकाबपोश संदिग्ध देखे गए थे. दोनों के पास बैग थे और वे इलाके में घूमते नजर आए थे. परिवार का मानना है कि यदि लूटपाट उद्देश्य होती तो हमलावर उनका सामान भी ले जाते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पहले भी लूट का शिकार हो चुके थे अंशुल अंशुल के परिवार ने बताया कि इससे पहले भी वह अमेरिका में एक बार लूटपाट की घटना का शिकार हुए थे. उस दौरान बदमाश उनके गले की चेन, मोबाइल फोन और नकदी लेकर फरार हो गए थे. हालांकि, उस घटना में उनकी जान को कोई खतरा नहीं हुआ था. परिवार का कहना है कि इस बार मामला पूरी तरह अलग और कहीं ज्यादा गंभीर दिखाई देता है. बहन का आरोप- यह हत्या की साजिश थी अंशुल की बहन तन्वी ने घटना को एक सुनियोजित जाल बताया है. उन्होंने कहा, ‘उन्हें एक सुनसान जगह पर पिज्जा पहुंचाने के लिए कहा गया था. बाद में हमें पता चला कि वहां कोई ग्राहक था ही नहीं. यह एक फर्जी ऑर्डर था और सिर्फ उन्हें वहां बुलाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. यह एक जाल था, जिसका मकसद केवल मेरे भाई की हत्या करना था.’ ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान के घटते प्रजनन दर पर एलन मस्क चिंतित, कहा- रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे गई, सबसे ज्यादा पढ़े लिखे लोगों में… ये भी पढ़ें:- कौन हैं ट्रंप प्रशासन के AI गुरु श्रीराम कृष्णन? किया इस्तीफे का ऐलान तन्वी ने कहा कि परिवार को अब तक यह समझ नहीं आ रहा कि हमलावरों को इस हत्या से क्या हासिल हुआ. उन्होंने मेरे भाई को हमसे छीन लिया और उसकी हत्या कर दी. तन्वी ने कहा कि परिवार को किसी विशेष व्यक्ति पर संदेह नहीं है, लेकिन वे चाहते हैं कि मामले की पूरी जांच हो और जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा मिले.  भावुक अपील में कहा- बच्चों को अमेरिका न भेजें मीडिया से बातचीत के दौरान तन्वी ने बेहद भावुक अपील भी की. उन्होंने कहा कि जो माता-पिता अपने बच्चों को अमेरिका भेजने की सोच रहे हैं, उनसे मैं कहना चाहती हूं कि वहां न भेजें. मेरे भाई जैसा खुशमिजाज इंसान अब हमारे बीच नहीं है. उसे अमेरिका जाने की कोई खास जरूरत भी नहीं थी. वह खुद भी नहीं जाना चाहता था, लेकिन वह गया और आज हमारे साथ नहीं है.’ परिवार की मांग- जल्द हिंदुस्तान लाया जाए शव तन्वी ने अधिकारियों से अंशुल का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द हिंदुस्तान भेजने की अपील की है ताकि अंतिम संस्कार में देरी न हो. उन्होंने कहा, ‘मेरा भाई बेहद खुशमिजाज और लोगों से प्यार करने वाला इंसान था. वह करीब चार साल से अमेरिका में रह रहा था. हमें सिर्फ इतना चाहिए कि उसका शव जल्द हिंदुस्तान पहुंचाया जाए ताकि हम अंतिम संस्कार कर सकें.’ We are deeply saddened by the untimely demise of Mr. Anshul Kuncha, an Indian national in Philadelphia, PA. Our thoughts and heartfelt condolences to his family during this difficult time. The Consulate is in touch with Anushul’s family and is extending all possible assistance.… — India in New York (@IndiainNewYork) June 6, 2026 हिंदुस्तानीय वाणिज्य दूतावास ने जताया दुख न्यूयॉर्क स्थित हिंदुस्तानीय महावाणिज्य दूतावास ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि वह स्थानीय प्रशासन तथा परिवार के संपर्क में है. अमेरिका में रहने वाले तेलुगु समुदाय के लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है.  फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी डिलीवरी ऑर्डर किसने दिया, हमलावर कौन थे और हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था. The post फर्जी पिज्जा ऑर्डर, सुनसान इलाका और चलीं गोलियां… अमेरिका में हिंदुस्तानीय युवक की हत्या, परिवार बोला- साजिश appeared first on Naya Vichar.

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