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ग्लोबल तनाव के बीच स्थिर हुए सोना-चांदी के रेट्स, इन्वेस्टर्स अब भी हैं सतर्क

Gold-Silver Price: हिंदुस्तान में रविवार, 7 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया. वेस्ट एशिया में चल रहे जियो-पॉलिटिकल तनाव और अमेरिकी डॉलर के मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुएं लगभग स्थिर रहीं. आमतौर पर संकट के समय सुरक्षित इनवेस्टमेंट माने जाने वाले सोने-चांदी में इस बार कोई बड़ी उछाल नहीं दिखी. इसका मतलब है कि इन्वेस्टर्स अभी संभलकर कदम उठा रहे हैं और बाजार में मांग सामान्य बनी हुई है. रीटेल मार्केट के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत करीब 15,572 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 14,274 रुपये प्रति ग्राम के आसपास चल रही है. वहीं, घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी 2,74,900 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर बनी हुई है. अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और ज्वेलर्स के मुनाफे (मार्जिन) की वजह से इन रेट्स में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है. आपके शहर में सोने का क्या भाव है? हिंदुस्तान में सोने की कीमतें मुख्य रूप से इंटरनेशनल मार्केट्स, रुपये-डॉलर के उतार-चढ़ाव, इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) और शादियों के सीजन की मांग पर निर्भर करती हैं. देश के बड़े शहरों में प्रति ग्राम सोने के दाम इस प्रकार दर्ज किए गए: घरेलू खुदरा बाजार में सोने की दरें: शहर  24 कैरेट सोना (₹ प्रति ग्राम) 22 कैरेट सोना (₹ प्रति ग्राम) दिल्ली  ₹15,273 ₹14,000 मुंबई  ₹15,273 ₹14,000 कोलकाता   ₹15,273 ₹14,000 चेन्नई   ₹15,491 ₹14,200 चांदी के रेट्स में कितना अंतर आया? इन्डस्ट्रीअल डिमांड और इनवेस्टमेंट के कारण चांदी लंबे समय के औसत के मुकाबले अभी भी ऊंचे लेवल पर कारोबार कर रही है. हालांकि, सोने की तुलना में चांदी की कीमतें ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग ट्रेंड्स से ज्यादा प्रभावित होती हैं, इसलिए इस धातु में उतार-चढ़ाव तेजी से होता है. घरेलू खुदरा बाजार में चांदी की दरें: शहर   चांदी (₹ प्रति 10 ग्राम) चांदी (₹ प्रति किलोग्राम) दिल्ली  ₹2,650 ₹2,65,000 मुंबई  ₹2,650 ₹2,65,000 कोलकाता  ₹2,650 ₹2,65,000 चेन्नई  ₹2,700 ₹2,70,000 MCX में क्या हलचल रही? मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर हफ्ते के आखिरी कारोबारी सेशन (शुक्रवार, 5 जून) में दोनों धातुओं पर भारी दबाव देखा गया, जिसकी क्लोजिंग रिपोर्ट सामने आई है. हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले से पहले ट्रेडर्स काफी सतर्क दिखे, जिससे बाजार में बिकवाली का माहौल रहा. MCX क्लोजिंग रेट्स (लास्ट ट्रेडिंग सेशन): कमोडिटी   क्लोजिंग प्राइस   बाजार में बदलाव   सोना (जुलाई फ्यूचर्स) ₹1,55,600 (प्रति 10 ग्राम) 2.47% की गिरावट  चांदी (अगस्त फ्यूचर्स) ₹2,48,201 (प्रति किलोग्राम) 6.27% की भारी गिरावट   मार्केट एक्स्पर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में ग्लोबल इकोनॉमी के आंकड़ों, करेंसी की चाल और जियो-पॉलिटिकल हालातों को देखकर ही सोने-चांदी का अगला रुख तय होगा. ये भी पढ‍़ें: शेयर की तरह सोना खरीदने का नया तरीका, जानें क्या हैं EGR इन्वेस्टिंग के ये 3 स्टेज The post ग्लोबल तनाव के बीच स्थिर हुए सोना-चांदी के रेट्स, इन्वेस्टर्स अब भी हैं सतर्क appeared first on Naya Vichar.

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लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती पर बवाल, राबड़ी आवास पर डटे समर्थक, श्रवण कुमार बोले- नियमों के तहत हुआ फैसला

Lalu Family Security: लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती को लेकर नेतृत्वक माहौल गरमा गया है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास के बाहर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ताओं का जुटान लगातार जारी है. बड़ी संख्या में समर्थक सोमवार से ही आवास के बाहर डटे हुए हैं और प्रशासन के फैसले के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं. सुरक्षा वापसी के बाद बढ़ा विवाद दरअसल, राज्य प्रशासन ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया है. इसके बाद विवाद और गहरा गया. बीते दिन तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी ने अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा वापस कर दी थी. इस फैसले को लेकर राजद नेताओं और समर्थकों ने प्रशासन पर निशाना साधा है. आज पटना लौट सकते हैं लालू यादव राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के रविवार को सिंगापुर से पटना लौटने की संभावना है. लालू यादव 30 मई को किडनी से जुड़े नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सिंगापुर गए थे. उनके लौटने से पहले ही सुरक्षा का मुद्दा नेतृत्वक बहस का केंद्र बन गया है. सुरक्षा को लेकर क्या बोले मंत्री श्रवण कुमार? लालू परिवार की सुरक्षा में कमी और सुरक्षा वापस किए जाने के सवाल पर मंत्री श्रवण कुमार ने प्रशासन का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था तय मानकों के अनुसार दी जाती है. मंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति को सुरक्षा रखनी है या नहीं, यह उसका निजी फैसला है. प्रशासन द्वारा जो सुरक्षा निर्धारित की गई है, वह उपलब्ध कराई गई है. पत्रकारों से बातचीत करते मंत्री श्रवण कुमार रोहिणी आचार्य की कार्यकर्ताओं से बड़ी अपील इस बीच लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजद कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में राबड़ी आवास पहुंचने की अपील की. उन्होंने लिखा कि लालू परिवार की असली ताकत और सुरक्षा कवच राजद कार्यकर्ता और जनता हैं. रोहिणी ने आरोप लगाया कि बिहार की पहली स्त्री मुख्यमंत्री और उनके परिवार को परेशान करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि जनता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी. Also Read: ‘ये नटवरलाल है, साजिश करता है…’, खान सर के चाचा ने उनपर लगाए कई गंभीर आरोप The post लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती पर बवाल, राबड़ी आवास पर डटे समर्थक, श्रवण कुमार बोले- नियमों के तहत हुआ फैसला appeared first on Naya Vichar.

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क्या आप जानते हैं जामुन खाने का सही समय और तरीका? आधे से ज्यादा लोग अनजाने में कर रहे हैं ये 3 बड़ी गलतियां

Jamun Eating Mistakes: गर्मियों और बरसात के मौसम में मिलने वाला छोटा सा, काले और बैंगनी रंग का जामुन हर किसी को ही पसंद आता है. स्वाद में हल्का सा खट्टा-मीठा होने के साथ ही इसे सेहत के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. साइज मे छोटे होने के बावजूद भी आपको जामुन में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स मिल जाते हैं. जब आप इसका इस्तेमाल रेगुलर बेसिस पर करना शुरू करते हैं तो आपकी इम्युनिटी तो बूस्ट होती ही है, बल्कि साथ ही यह डायबिटीज जैसी बीमारी में भी फायदेमंद साबित होता है. अगर आपको जामुन खाना पसंद है तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. बता दें अगर जामुन को गलत समय या फिर गलत तरीके से खाया जाए, तो इससे आपके सेहत को फायदे की जगह पर नुकसान भी हो सकते हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको जामुन खाने का सबसे सही समय और तरीका बताने जा रहे हैं. इसके अलावा हम 3 ऐसी गलतियों का भी जिक्र करने वाले हैं जो लोग अक्सर जामुन खाते समय अनजाने में कर देते हैं. जामुन खाने का सही समय क्या है? किसी भी फल का पूरा फायदा तभी मिलता है जब उसे सही समय पर खाया जाए. जामुन खाने का सबसे अच्छा समय दोपहर का वक्त माना जाता है. आप इसे सुबह के ब्रेकफास्ट के एक से दो घंटे बाद या फिर दोपहर के लंच के बाद खा सकते हैं. इस समय इसे खाने से यह खाने को डाइजेस्ट करने में मदद करता है और शरीर को भरपूर एनर्जी देता है. वहीं, शाम के समय या फिर रात को आपको जामुन खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है जिससे खांसी-जुकाम या पेट में ऐंठन जैसी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. क्या है जामुन खाने का सही तरीका? जामुन को हमेशा अच्छी तरह धोकर ही खाना चाहिए, क्योंकि इसके ऊपर धूल-मिट्टी और बैक्टीरिया आसानी से चिपक जाते हैं. जामुन को सादे पानी से धोने के बाद थोड़ी देर के लिए गुनगुने नमक के पानी में छोड़ देना सबसे अच्छा तरीका है. इसे खाते समय इस पर थोड़ा सा काला नमक या जीरा पाउडर छिड़कने से इसका स्वाद तो बढ़ता ही है, साथ ही यह पेट में गैस भी नहीं बनने देता. इस बात का ख्याल रखें कि जामुन को हमेशा चबाकर खाएं और इसकी गुठली को फेंक दें. हालांकि, गुठली को सुखाकर बनाया गया पाउडर शुगर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होता है कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 3 गलतियां? खाली पेट जामुन खाना कई लोग सुबह उठते ही या लंबे समय तक भूखे रहने के बाद जामुन खा लेते हैं. आपकी सेहत के लिए यह बेहद ही नुकसानदेह हो सकता है. जामुन में नैचुरली खट्टापन होता है, जिस वजह से इसे खाली पेट खाने से पेट में तेज एसिडिटी, जलन, दर्द और जी मिचलाने की प्रॉब्लम हो सकती है. जामुन खाने के तुरंत बाद पानी पीना जामुन खाने के तुरंत बाद कभी भी पानी नहीं पीना चाहिए. ऐसा करने से पेट का डाइजेस्टिव सिस्टम बिगड़ जाता है। इससे आपको डायरिया, पेट में मरोड़ या गैस की गंभीर समस्या हो सकती है. जामुन खाने के कम से कम 30 से 45 मिनट बाद ही पानी पिएं. जामुन और दूध का साथ में सेवन आपको भूलकर भी कभी जामुन खाने के तुरंत पहले या बाद में दूध, दही या चाय-कॉफी जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. दूध और जामुन का कॉम्बिनेशन शरीर में जाकर टॉक्सिक एलिमेंट्स बना सकता है, जिससे स्किन से जुड़ी प्रॉब्लम्स, एलर्जी या बदहजमी जैसी दिक्कतें आ सकती हैं. ये भी पढ़ें: डायबिटीज के मरीजों के लिए कितना फायदेमंद है जामुन? यहां जानिए आसान भाषा में The post क्या आप जानते हैं जामुन खाने का सही समय और तरीका? आधे से ज्यादा लोग अनजाने में कर रहे हैं ये 3 बड़ी गलतियां appeared first on Naya Vichar.

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फर्जी पिज्जा ऑर्डर, सुनसान इलाका और चलीं गोलियां… अमेरिका में भारतीय युवक की हत्या, परिवार बोला- साजिश

Indian Shot Dead Fake Pizza Order US: अमेरिका में हिंदुस्तानीय युवक की धोखे से की गई हत्या की एक दर्दनाक समाचार सामने आई है. तेलंगाना के रहने वाले 28 वर्षीय हिंदुस्तानीय युवक अंशुल कुंचा का गोली मारकर मर्डर कर दिया गया. परिवार का आरोप है कि अंशुल को एक फर्जी पिज्जा डिलीवरी ऑर्डर के जरिए सुनसान इलाके में बुलाया गया और वहां पहले से मौजूद हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया.  अंशुल कुंचा तेलंगाना के गुंडलापोचमपल्ली क्षेत्र के रहने वाले थे. उनकी मौत की समाचार फैलते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल है. अंशुल कुंचा पिछले चार साल से अमेरिका में रह रहे थे. वह एक मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी कर रहे थे. अतिरिक्त आय के लिए वह वीकेंड में पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम भी करते थे. शनिवार रात उन्हें एक पिज्जा डिलीवरी का ऑर्डर मिला. बताया जा रहा है कि ऑर्डर फिलाडेल्फिया के एक सुनसान इलाके के लिए था. जब अंशुल निर्धारित स्थान पर पहुंचे, तभी एक अज्ञात हमलावर ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. रिपोर्टों के अनुसार हमलावर ने अंशुल के सिर में कई गोलियां मारीं और मौके से फरार हो गया. हत्या के बाद भी नहीं ले गए कोई सामान परिवार का कहना है कि घटना के बाद अंशुल का कोई सामान नहीं छीना गया. यही वजह है कि हत्या के पीछे का मकसद लूटपाट करना नहीं, बल्कि हत्या करना ही था. परिजनों के मुताबिक स्थानीय रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि घटना के समय आसपास दो नकाबपोश संदिग्ध देखे गए थे. दोनों के पास बैग थे और वे इलाके में घूमते नजर आए थे. परिवार का मानना है कि यदि लूटपाट उद्देश्य होती तो हमलावर उनका सामान भी ले जाते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पहले भी लूट का शिकार हो चुके थे अंशुल अंशुल के परिवार ने बताया कि इससे पहले भी वह अमेरिका में एक बार लूटपाट की घटना का शिकार हुए थे. उस दौरान बदमाश उनके गले की चेन, मोबाइल फोन और नकदी लेकर फरार हो गए थे. हालांकि, उस घटना में उनकी जान को कोई खतरा नहीं हुआ था. परिवार का कहना है कि इस बार मामला पूरी तरह अलग और कहीं ज्यादा गंभीर दिखाई देता है. बहन का आरोप- यह हत्या की साजिश थी अंशुल की बहन तन्वी ने घटना को एक सुनियोजित जाल बताया है. उन्होंने कहा, ‘उन्हें एक सुनसान जगह पर पिज्जा पहुंचाने के लिए कहा गया था. बाद में हमें पता चला कि वहां कोई ग्राहक था ही नहीं. यह एक फर्जी ऑर्डर था और सिर्फ उन्हें वहां बुलाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. यह एक जाल था, जिसका मकसद केवल मेरे भाई की हत्या करना था.’ ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान के घटते प्रजनन दर पर एलन मस्क चिंतित, कहा- रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे गई, सबसे ज्यादा पढ़े लिखे लोगों में… ये भी पढ़ें:- कौन हैं ट्रंप प्रशासन के AI गुरु श्रीराम कृष्णन? किया इस्तीफे का ऐलान तन्वी ने कहा कि परिवार को अब तक यह समझ नहीं आ रहा कि हमलावरों को इस हत्या से क्या हासिल हुआ. उन्होंने मेरे भाई को हमसे छीन लिया और उसकी हत्या कर दी. तन्वी ने कहा कि परिवार को किसी विशेष व्यक्ति पर संदेह नहीं है, लेकिन वे चाहते हैं कि मामले की पूरी जांच हो और जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा मिले.  भावुक अपील में कहा- बच्चों को अमेरिका न भेजें मीडिया से बातचीत के दौरान तन्वी ने बेहद भावुक अपील भी की. उन्होंने कहा कि जो माता-पिता अपने बच्चों को अमेरिका भेजने की सोच रहे हैं, उनसे मैं कहना चाहती हूं कि वहां न भेजें. मेरे भाई जैसा खुशमिजाज इंसान अब हमारे बीच नहीं है. उसे अमेरिका जाने की कोई खास जरूरत भी नहीं थी. वह खुद भी नहीं जाना चाहता था, लेकिन वह गया और आज हमारे साथ नहीं है.’ परिवार की मांग- जल्द हिंदुस्तान लाया जाए शव तन्वी ने अधिकारियों से अंशुल का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द हिंदुस्तान भेजने की अपील की है ताकि अंतिम संस्कार में देरी न हो. उन्होंने कहा, ‘मेरा भाई बेहद खुशमिजाज और लोगों से प्यार करने वाला इंसान था. वह करीब चार साल से अमेरिका में रह रहा था. हमें सिर्फ इतना चाहिए कि उसका शव जल्द हिंदुस्तान पहुंचाया जाए ताकि हम अंतिम संस्कार कर सकें.’ We are deeply saddened by the untimely demise of Mr. Anshul Kuncha, an Indian national in Philadelphia, PA. Our thoughts and heartfelt condolences to his family during this difficult time. The Consulate is in touch with Anushul’s family and is extending all possible assistance.… — India in New York (@IndiainNewYork) June 6, 2026 हिंदुस्तानीय वाणिज्य दूतावास ने जताया दुख न्यूयॉर्क स्थित हिंदुस्तानीय महावाणिज्य दूतावास ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि वह स्थानीय प्रशासन तथा परिवार के संपर्क में है. अमेरिका में रहने वाले तेलुगु समुदाय के लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है.  फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी डिलीवरी ऑर्डर किसने दिया, हमलावर कौन थे और हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था. The post फर्जी पिज्जा ऑर्डर, सुनसान इलाका और चलीं गोलियां… अमेरिका में हिंदुस्तानीय युवक की हत्या, परिवार बोला- साजिश appeared first on Naya Vichar.

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Chrome में मिला बड़ा सिक्योरिटी रिस्क, Google ने कर दिया फिक्स, अभी करें अपडेट

अगर आप Google Chrome ब्राउजर इस्तेमाल करते हैं, तो यह समाचार आपके लिए बेहद जरूरी है. Google ने Chrome के लिए एक बड़ा सिक्योरिटी अपडेट जारी किया है, जिसमें 400 से ज्यादा सुरक्षा खामियों को ठीक किया गया है. इनमें कई ऐसी कमजोरियां भी शामिल थीं, जिनका फायदा उठाकर साइबर अपराधी यूजर्स के सिस्टम में घुसपैठ कर सकते थे, डेटा चुरा सकते थे या फिर डिवाइस पर खतरनाक कोड चला सकते थे. ऐसे में कंपनी ने सभी Chrome यूजर्स को तुरंत अपने ब्राउजर को अपडेट करने की सलाह दी है. Chrome में मिलीं 429 सुरक्षा खामियां Google की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक, Chrome ब्राउजर में कुल 429 सिक्योरिटी वल्नरेबिलिटीज की पहचान की गई है. इनमें से करीब 371 कमजोरियों का पता Google की अपनी इंजीनियरिंग टीम ने लगाया, जबकि बाकी खामियों को स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने खोजा. इन खामियों में कुछ को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है, क्योंकि इनके जरिए हैकर्स यूजर्स के सिस्टम पर रिमोट कोड एग्जीक्यूशन जैसे हमले कर सकते थे. साइबर एक्सपर्ट्स को मिला लाखों रुपये का इनाम Google लंबे समय से अपने बग बाउंटी प्रोग्राम के जरिए सिक्योरिटी रिसर्चर्स को प्रोत्साहित करता रहा है. इस बार भी कंपनी ने सुरक्षा खामियों की जानकारी देने वाले विशेषज्ञों को मोटी रकम दी है. एक अज्ञात रिसर्चर को अकेले 97,000 डॉलर यानी करीब 92 लाख रुपये का इनाम मिला. वहीं सभी कंट्रीब्यूटर्स को मिलाकर Google ने करीब 2.09 लाख डॉलर से ज्यादा की राशि पुरस्कार के रूप में दी. अभी छिपाई गई हैं तकनीकी जानकारियां दिलचस्प बात यह है कि Google ने इन कमजोरियों से जुड़ी तकनीकी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की है. कंपनी का कहना है कि अगर सभी डिटेल्स तुरंत जारी कर दी जाएं तो साइबर अपराधी उनका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. इसलिए पहले यूजर्स को अपने सिस्टम अपडेट करने का समय दिया जाएगा और बाद में इन खामियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी. तुरंत अपडेट करें अपना Chrome ब्राउजर Google ने Chrome का नया वर्जन जारी कर दिया है. Linux यूजर्स के लिए Chrome 149.0.7827.53 और Windows तथा Mac यूजर्स के लिए Chrome 149.0.7827.53/54 उपलब्ध कराया गया है. अगर आप Chrome अपडेट करना चाहते हैं, तो सबसे पहले ब्राउजर के ऊपर दाईं तरफ मौजूद तीन डॉट्स पर क्लिक करें. इसके बाद Help सेक्शन में जाएं और About Google Chrome विकल्प चुनें. यहां Chrome अपने आप नए अपडेट की जांच करेगा और उपलब्ध अपडेट को इंस्टॉल कर देगा. Android यूजर्स को भी मिला नया सिक्योरिटी अपडेट Chrome अपडेट के साथ-साथ Google ने Android डिवाइसेज के लिए June 2026 Android Drop अपडेट भी जारी किया है. इस अपडेट में कई नए प्राइवेसी और सिक्योरिटी फीचर्स शामिल किए गए हैं. इनमें Fake Call Detection जैसे फीचर को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो यूजर्स को संभावित धोखाधड़ी और फर्जी कॉल्स की पहचान करने में मदद करेगा. साइबर हमलों के बढ़ते खतरे के बीच यह अपडेट यूजर्स की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अगर आपने अभी तक अपना Chrome ब्राउजर अपडेट नहीं किया है, तो इसे जल्द से जल्द अपडेट करना आपके डेटा और डिवाइस की सुरक्षा के लिए जरूरी हो सकता है. यह भी पढ़ें: 25 साल बाद Google ने बदल दिया Search Box, अब AI देगा इंसानों जैसा जवाब The post Chrome में मिला बड़ा सिक्योरिटी रिस्क, Google ने कर दिया फिक्स, अभी करें अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को दिया अल्टीमेटम- 7 दिनों के अंदर इस्तीफा दें, आपने अभी ट्रेलर देखा है…

Cockroach Janta Party : कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा. दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद अभिजीत दीपके अपने माता-पिता से मिलने महाराष्ट्र गए हैं. यहां उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर में कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हमारा विरोध प्रदर्शन काफी हद तक सफल रहा. इस प्रदर्शन में लगभग 7,000 लोग शामिल हुए. अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को दिया 7 दिनों का अल्टीमेटम Yesterday, thousands of us made history. Our peaceful protest at Jantar Mantar showed the government a trailer of what cockroaches are capable of when we unite. Most people who joined us yesterday had never participated in a protest before. But they felt emboldened by our… pic.twitter.com/eudgmDvdzC — Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 7, 2026 अभिजीत दीपके ने लिखा है कि धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी एक पीढ़ी के साथ गलत किया है. अगर उन्हें अगले 7 दिनों में हटाया नहीं गया या वे पद नहीं छोड़ते हैं, तो हमें जमीन पर अपना प्रोटेस्ट जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. मैं आज बाद में आप सभी को इंस्टाग्राम लाइव पर संबोधित करूंगा. मैं अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहा हूं, उनसे आखिरी बार मिले हुए एक साल से ज्यादा हो गया है. पिछले 15 दिनों में उन्हें बहुत तकलीफ हुई है और धमकियों की वजह से उन्हें घर छोड़ना पड़ा. उन्हें वापस घर ले आऊंगा. अभिजीत दीपके ने प्रोटेस्टे में शामिल होने वालों का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा-मैं आप में से हर एक को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने गर्मी की तपती धूप का सामना किया, जिसमें छोटे शिशु और स्टूडेंट्स भी शामिल थे. आपने यह साबित किया कि शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट हमारी सबसे बड़ी ताकत है. प्रशासन एक साथ, शांतिपूर्ण आंदोलन को छू नहीं सकती. हम कॉकरोचों को उनसे कभी डरने की जरूरत नहीं है. ट्रेलर था जंतर-मंतर का प्रदर्शन अभिजीत दीपके ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि शनिवार को जंतर-मंतर पर हमने इतिहास रच दिया है. यहां हजारों लोग हमारे प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे थे. जंतर-मंतर पर हमारे शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट ने प्रशासन को दिखा दिया कि जब हम एक साथ होते हैं तो कॉकरोच क्या कर सकते हैं. जंतर पर हमसे जुड़ने वाले ज्यादातर लोगों ने पहले कभी किसी प्रोटेस्ट में हिस्सा नहीं लिया था. लेकिन हमारी एक साथ मौजूदगी से उन्हें एजुकेशन सिस्टम के प्रति अपना गुस्सा और निराशा जाहिर करने की हिम्मत मिली. अगर हम अपनी आवाज नहीं उठाएंगे तो बदलाव नहीं हो सकता. ये भी पढ़ें : कहां हैं कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता? The post अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को दिया अल्टीमेटम- 7 दिनों के अंदर इस्तीफा दें, आपने अभी ट्रेलर देखा है… appeared first on Naya Vichar.

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आमिर खान की तीसरी शादी पर राखी गुलजार का बड़ा बयान, बोलीं- 60 साल की उम्र में शादी करने में क्या गलत है?

आमिर खान अपनी पार्टनर गौरी स्प्रैट के साथ शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. दोनों 5 जुलाई 2026 को शादी करेंगे. आमिर पहले ही अपने रिश्ते और शादी की समाचारों की पुष्टि कर चुके हैं. इसी बीच दिग्गज एक्ट्रेस राखी गुलजार ने आमिर की शादी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. आमिर की तारीफ करते हुए क्या बोलीं राखी गुलजार? वैरायटी इंडिया से बातचीत के दौरान राखी गुलजार ने आमिर खान के व्यक्तित्व की जमकर तारीफ की. राखी ने कहा, “मैं फिल्म इंडस्ट्री की रोजमर्रा की समाचारों से ज्यादा जुड़ी नहीं रहती और मैंने आमिर खान के साथ काम भी नहीं किया है. लेकिन मैं इतना जरूर जानती हूं कि वह बहुत ईमानदार इंसान हैं. मुझे सबसे अच्छी बात यह लगती है कि उन्होंने अपनी दोनों पूर्व पत्नियों रीना दत्ता और किरण राव के साथ दोस्ती का रिश्ता बनाए रखा है. यह उनके व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ बताता है.” 60 साल की उम्र में शादी पर उठ रहे सवालों का दिया जवाब आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग उनकी उम्र को लेकर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने कहा, “60 साल की उम्र में शादी करने में क्या गलत है? हॉलीवुड अभिनेता रॉबर्ट डी नीरो दो बार शादी कर चुके हैं और आज भी अपने रिश्ते में खुश हैं. उन्होंने 80 साल की उम्र के बाद पिता बनने का अनुभव भी किया. शादी में खुशी उम्र से नहीं, बल्कि आपसी समझ और रिश्ते से आती है. मैंने भी गुलजार से तब शादी की थी जब उनकी उम्र लगभग 40 साल थी.” आमिर खान ने खुद की शादी की पुष्टि कुछ समय पहले आमिर खान ने भी अपनी शादी की समाचारों पर कहा था, “मैं इस समय अमेरिका में हूं. शादी की समाचार बिल्कुल सही है. हमारी शादी 5 जुलाई को होने वाली है. अब हम दोनों को लगता है कि अपने रिश्ते को अगले पड़ाव पर ले जाने का यह सही समय है.” यह भी पढ़ें- Peddi Box Office Collection: बॉक्स ऑफिस पर चमकी ‘पेड्डी’, 3 दिन में 100 करोड़ पार हुई राम चरण-जाह्नवी की फिल्म The post आमिर खान की तीसरी शादी पर राखी गुलजार का बड़ा बयान, बोलीं- 60 साल की उम्र में शादी करने में क्या गलत है? appeared first on Naya Vichar.

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एडमिशन से पहले जान लें पिछले साल कितनी थी NIT Rourkela में CS की कटऑफ

NIT Rourkela CS Admission 2026: NIT Rourkela में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) ब्रांच सबसे ज्यादा डिमांड वाली ब्रांचों में से एक है. पिछले साल के कटऑफ ट्रेंड के अनुसार, यहां CSE में एडमिशन के लिए काफी अच्छी JEE Main रैंक की जरूरत पड़ी थी. यहां सीट की संख्या भी पिछले साल 100 के आसपास रही. NIT Rourkela CSE कटऑफ (पिछले साल) जनरल कैटेगरी (Home State – Odisha): लगभग 7,800 से 68,000 रैंक तकOther State Quota: लगभग 3,300 से 3,500 रैंक के बीच इसके अलावा OBC-NCL, SC और ST कैटेगरी के लिए कटऑफ रैंक सामान्य श्रेणी की तुलना में काफी ज्यादा (relaxed) रहती है. खाली बची हुई सीटों के लिए आयोजित होने वाली CSAB स्पेशल राउंड में कटऑफ रैंक्स (General HS) 68,000 तक भी पहुंच जाती है. NIT Rourkela CSE Cut Off (Closing): यहां देखें कैटेगरी वाइज कटऑफ श्रेणी (Category) होम स्टेट (HS) क्लोजिंग रैंक आउटसाइड स्टेट (OS) क्लोजिंग रैंक जनरल (General) 7,853 3,431 ओबीसी (OBC-NCL) 4,440 1,214 ईडब्ल्यूएस (EWS) 2,045 438 एससी (SC) 1,718 409 एसटी (ST) 729 230 NIT Rourkela सीट्स डिटेल NIT Rourkela में कुल लगभग 24 ब्रांच हैं और यहां पर करीब 1,060 सीटें उपलब्ध हैं. इनमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) की लगभग 113 सीटें शामिल हैं. ब्रांच टोटल सीट्स Electrical 114 Computer Science and 113 Mechanical 113 Civil 72 Chemical 62 Metallurgical and Materials 60 Electronics and Communication 56 Electronics and Instrumentation 56 Artificial Intelligence 45 Ceramic 40 Mining 38 Bio Technology 35 Bio Medical 35 Food Process 31 Industrial Design 28 Physics 25 Mathematics 25 Chemistry 22 Architecture 20 Life Science 20 Metallurgical and Materials Engineering 13 Ceramic Engineering and M.Tech Industrial Ceramic 13 Chemical Engineering 12 Mining Engineering 12 एडमिशन कैसे मिलता है? NIT Rourkela में एडमिशन के लिए छात्रों को सबसे पहले JEE Main परीक्षा पास करनी होती है. इसके बाद उम्मीदवारों को JoSAA काउंसलिंग में भाग लेना होता है, जहां रैंक और चॉइस के आधार पर सीट अलॉट की जाती है. JoSAA के जरिए देशभर के IITs, NITs और अन्य टॉप टेक्निकल संस्थानों में एडमिशन दिया जाता है. यह भी पढ़ें- IIT BHU में नहीं बढ़ीं सीटें, BTech कंप्यूटर साइंस में कॉम्पिटिशन टाइट The post एडमिशन से पहले जान लें पिछले साल कितनी थी NIT Rourkela में CS की कटऑफ appeared first on Naya Vichar.

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2026 के सबसे बेहतरीन इलेक्ट्रिक स्कूटर, खरीदने से पहले जानिए खूबी

हिंदुस्तान में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें एक बार फिर लोगों के घरेलू बजट पर असर डाल रही हैं. खासकर रोजाना ऑफिस, कॉलेज या बिजनेस के लिए दोपहिया वाहन इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता अब ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जो लंबी अवधि में जेब पर कम बोझ डालें. यही वजह है कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग लगातार बढ़ रही है. बेहतर रेंज, कम रनिंग कॉस्ट और तेजी से फैलते चार्जिंग नेटवर्क ने ईवी को पहले से ज्यादा आकर्षक बना दिया है. अगर आप भी महंगे ईंधन से परेशान हैं और नया स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 2026 में हिंदुस्तानीय बाजार में कई ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर मौजूद हैं जो कीमत, फीचर्स और रेंज के मामले में दमदार विकल्प साबित हो सकते हैं. बढ़ते फ्यूल प्राइसेज के बीच क्यों बढ़ रहा EV का क्रेज? पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है. पहले जहां ईवी को केवल एक प्रयोगात्मक तकनीक माना जाता था, वहीं अब यह रोजमर्रा की जरूरतों के लिए एक व्यवहारिक विकल्प बन चुका है. पेट्रोल के खर्च से राहत, कम मेंटेनेंस और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता ने इलेक्ट्रिक स्कूटरों को शहरों में तेजी से लोकप्रिय बनाया है. खास बात यह है कि अब लगभग हर बजट में एक अच्छा इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध है. फैमिली यूजर्स से लेकर डेली कम्यूटर तक के लिए विकल्प हिंदुस्तानीय बाजार में टीवीएस आईक्यूब, बजाज चेतक ईवी और एथर रिज्टा जैसे मॉडल परिवारों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. टीवीएस आईक्यूब अपनी भरोसेमंद ब्रांड वैल्यू, कई बैटरी विकल्पों और 200 किलोमीटर से ज्यादा की दावा की गई रेंज के कारण ग्राहकों की पहली पसंद बना हुआ है. वहीं बजाज चेतक अपने मेटल बॉडी डिजाइन और प्रीमियम फिनिश के लिए जाना जाता है. अगर परिवार के लिए आरामदायक और फीचर-लोडेड स्कूटर चाहिए तो एथर रिज्टा एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है. यह स्टोरेज, कम्फर्ट और आधुनिक तकनीक का अच्छा बैलेंस ऑफर करता है. स्पोर्टी परफॉर्मेंस पसंद करने वालों के लिए भी विकल्प जो ग्राहक तेज एक्सीलरेशन और स्पोर्टी राइडिंग एक्सपीरिएंस चाहते हैं, उनके लिए एथर 450X और ओला एस1 प्रो जैसे मॉडल बाजार में उपलब्ध हैं. एथर 450X में क्रूज कंट्रोल, हिल होल्ड और बेहतर कनेक्टिविटी फीचर्स मिलते हैं. वहीं ओला एस1 प्रो लंबी रेंज और हाई-परफॉर्मेंस पैकेज के साथ प्रीमियम खरीदारों को आकर्षित कर रहा है. ओला एस1एक्स उन ग्राहकों के लिए बेहतर ऑप्शन है, जो कम बजट में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं. इसकी शुरुआती कीमत इसे देश के सबसे किफायती ईवी ऑप्शंस में शामिल करती है. लंबी रेंज और ज्यादा स्टोरेज वाले स्कूटर भी मौजूद हीरो विडा, एम्पियर मैग्नस, रिवर इंडी और बीगॉस सी12 जैसे मॉडल भी तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं. हीरो विडा पोर्टेबल चार्जिंग सॉल्यूशंस और अलग-अलग रेंज ऑप्शंस के साथ आता है. वहीं रिवर इंडी को कई लोग एसयूवी ऑफ स्कूटर्स भी कहते हैं, क्योंकि इसमें सेगमेंट का सबसे बड़ा स्टोरेज स्पेस और मजबूत डिजाइन मिलता है. एम्पियर मैग्नस डेली यूज के लिए एक किफायती विकल्प है, जबकि बीगॉस सी12 पारंपरिक स्कूटर डिजाइन के साथ आधुनिक इलेक्ट्रिक तकनीक का मेल पेश करता है. खरीदने से पहले इन बातों पर गौर करना जरूरी इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय केवल कीमत और रेंज पर ध्यान देना काफी नहीं है. खरीदारों को अपने रोजाना के सफर, चार्जिंग सुविधा, सर्विस नेटवर्क और बैटरी वारंटी जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए. अगर आपकी दैनिक यात्रा सीमित है और घर या ऑफिस में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है, तो इलेक्ट्रिक स्कूटर लंबे समय में पेट्रोल स्कूटर की तुलना में काफी किफायती साबित हो सकता है. हिंदुस्तान में ईवी बाजार तेजी से विकसित हो रहा है और अब ग्राहकों के पास हर जरूरत और बजट के अनुसार कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं. ऐसे में बढ़ती ईंधन कीमतों के दौर में इलेक्ट्रिक स्कूटर एक स्मार्ट और भविष्य के लिए बेहतर निवेश साबित हो सकते हैं. यह भी पढ़ें: चेतक, आईक्यूब और एथर का जलवा, EV बाजार में बढ़ी रफ्तार The post 2026 के सबसे बेहतरीन इलेक्ट्रिक स्कूटर, खरीदने से पहले जानिए खूबी appeared first on Naya Vichar.

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गैस सिलेंडर 29 रुपये महंगा, इन 7 देशों से अब भी सस्ता है भारत में एलपीजी

LPG Price in India vs Other Countries: देश में घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दाम एक बार फिर बढ़ा दिए गए हैं. प्रशासन ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये का इजाफा किया है. इस फैसले के बाद दिल्ली में सिलेंडर का दाम 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गया है. पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बढ़ोतरी है, इससे पहले 7 मार्च को भी कीमतें 60 रुपये बढ़ाई गई थीं. हालांकि, इस महंगाई के बीच प्रशासन ने आंकड़ों के जरिए साफ किया है कि हिंदुस्तान में कुकिंग गैस की कीमतें अब भी दुनिया के कई देशों के मुकाबले काफी कम हैं. आइए जानतें हैं कि दूसरे देशों के मुकाबले हिंदुस्तान में कितनी सस्ती है गैस.  दूसरे देशों के मुकाबले हिंदुस्तान में कितनी सस्ती है गैस? इंटरनेशनल लेवल पर तुलना करें तो हिंदुस्तान में एलपीजी के दाम कई पड़ोसी मुल्कों और विकसित देशों से बहुत कम हैं. प्रशासन के मुताबिक, जहां हिंदुस्तान में एक सामान्य कंज्यूमर को सिलेंडर 942 रुपये का पड़ता है, वहीं दुनिया के बाकी देशों में इसके लिए भारी-भरकम कीमत चुकानी पड़ रही है: पाकिस्तान: यहां एक सिलेंडर के लिए 1,046 रुपये देने पड़ रहे हैं.  नेपाल और बांग्लादेश: नेपाल में कीमत 1,207 रुपये और बांग्लादेश में लगभग 1,225 रुपये है.  श्रीलंका: यहां जनता को एक सिलेंडर 1,241 रुपये में मिल रहा है.  अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया: अमेरिका में इसकी कीमत करीब 1,755 रुपये और ऑस्ट्रेलिया में 1,765 रुपये है.  कनाडा: यहां गैस सबसे ज्यादा महंगी है, जहां लोगों को एक सिलेंडर के लिए 2,411 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं.  अचानक क्यों बढ़ाने पड़े सिलेंडर के दाम? पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज समुद्री मार्ग पर आई दिक्कतों की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में गैस की लागत बहुत बढ़ गई है. हिंदुस्तान अपना अधिकांश एलपीजी इंपोर्ट इसी रूट से करता है. ग्लोबल लेवल पर कीमतों को तय करने वाला सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) बेंचमार्क सिर्फ चार महीनों में करीब 46% उछल गया है. फरवरी 2026 में जो गैस 542.5 डॉलर प्रति टन थी, वह जून 2026 में बढ़कर 790 डॉलर प्रति टन हो चुकी है.  कंपनियों को कितना घाटा और क्या है प्रशासन का प्लान? होटल और बिजनेस में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम तो हर महीने इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से अपने आप बदल जाते हैं, लेकिन घरेलू सिलेंडर के रेट प्रशासन काबू में रखती है. आज की तारीख में एक घरेलू सिलेंडर को जनता तक पहुंचाने की असली लागत 1,600 रुपये से ऊपर आ रही है. इसके मुकाबले आम जनता से 942 रुपये और उज्ज्वला ग्राहकों से 642 रुपये लिए जा रहे हैं. यानी प्रशासन और तेल कंपनियां हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपये का घाटा (Under-recovery) खुद सह रही हैं. कंपनियों का यह कुल घाटा 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसकी भरपाई के लिए प्रशासन ने कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये का मुआवजा मंजूर किया है. हालांकि, अच्छी बात यह है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और घरेलू प्रोडक्शन को भी 32 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 52 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया है.  ये भी पढ‍़ें: सिलेंडर सरेंडर का आखिरी मौका, 30 जून से पहले तोड़ दें LPG से नाता, वरना ठंडी हो जाएगी रसोई The post गैस सिलेंडर 29 रुपये महंगा, इन 7 देशों से अब भी सस्ता है हिंदुस्तान में एलपीजी appeared first on Naya Vichar.

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