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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वां दिन: 9 KG गिरा वजन, बोले- “अभी दो-चार दिन में नहीं मरने वाला”

Sonam Wangchuk Hunger Strike: अपनी बिगड़ती सेहत को लेकर लोगों की चिंताओं के बीच सोनम वांगचुक ने बुधवार देर रात एक वीडियो संदेश जारी किया. जिसमें उन्होंने कहा, उनके शरीर के अंदरूनी हिस्से, दिल और ईसीजी रिपोर्ट फिलहाल 18 दिनों के उपवास के हिसाब से सामान्य हैं. उन्होंने कहा, “मेरी हालत ऐसी नहीं है कि मैं दो-चार दिन में मर जाऊंगा. मैं इसे और कई दिनों तक जारी रख सकता हूं.” उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे उन्हें भूख हड़ताल खत्म करने के लिए न कहें, क्योंकि प्रशासन से बिना किसी सकारात्मक जवाब के पीछे हटने से गलत संदेश जाएगा. इसके बजाय उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को ‘कॉजपा’ के प्रस्तावित संसद मार्च को मजबूत बनाने की अपील की. दिल्ली हाई कोर्ट ने भी जताई चिंता दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है और अधिकारियों को उनकी नियमित चिकित्सीय निगरानी करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कहा- “हमारा मानना ​​है कि किसी भी नागरिक की जिंदगी कीमती है और प्रशासनी अधिकारियों को उसे बचाने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए.” केंद्र और दिल्ली प्रशासन दोनों ने अदालत को आश्वस्त किया है कि उन्हें वांगचुक की नियमित मेडिकल निगरानी करने में कोई आपत्ति नहीं है. क्या है सोनम वांगचुक की मेडिकल स्थिति? वांगचुक के स्वास्थ्य पर 24 घंटे नजर रख रहे वरिष्ठ जनरल फिजीशियन डॉ सतीश लांबा ने गुरुवार को मेडिकल अपडेट जारी किया. जिसमें बताया गया, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है. शुगर लेवल 80 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर है और पल्स रेट 72 बीट प्रति मिनट दर्ज की गई है. ब्लड प्रेशर लेटने की अवस्था में 105/61 mmHg और बैठने की अवस्था में 101/65 mmHg मापा गया है. पानी का बेहतर स्तर होने के बाद उनका कीटोन लेवल 3-प्लस से घटकर 2-प्लस पर आ गया है, लेकिन यूरिक एसिड का स्तर काफी अधिक है, जो मांसपेशियों के कमजोर होने का संकेत है. डॉ सतीश लांबा ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दी चेतावनी डॉ सतीश लांबा ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी देते हुए कहा- “शरीर का ग्लूकोज भंडार खत्म होने के बाद अब वसा और मांसपेशियां गल रही हैं. अगला चरण काफी चिंताजनक हो सकता है क्योंकि अंगों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है. हम प्रशासन से जल्द से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील करते हैं.” आंदोलन को मिल रहा है चौतरफा समर्थन जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेतृत्वक नेताओं और फिल्मी हस्तियों का भारी समर्थन मिल रहा है. किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रशासन पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए वांगचुक से मिलने की घोषणा की है. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी प्रदर्शन स्थल पर जाने का कार्यक्रम है. सपा सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव भी वांगचुक से मिलने पहुंची. अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने वांगचुक के समर्थन में 16 जून को अपने घर पर एक दिन की भूख हड़ताल रखने की घोषणा की है. संगीतकार विशाल ददलानी (अमेरिका से), अभिनेता सयाजी शिंदे, लेखिका शोभा डे सहित ओमी वैद्य, जीनत अमान, सोनी राजदान, शबाना आजमी, अनुराग कश्यप और अभय देओल ने वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए प्रशासन से बातचीत की अपील की है. क्यों हो रहा है प्रदर्शन? नीट (NEET) परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने 6 जून को दिल्ली में पहला प्रदर्शन शुरू किया था. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह आंदोलन 20 जून से अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया. गुरुवार को इस विरोध प्रदर्शन का 27वां दिन है. सोनम वांगचुक 28 जून को इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. 20 जुलाई को संसद मार्च का कार्यक्रम मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने “चलो संसद” मार्च का आह्वान किया है, जिसके लिए अब तक करीब 1.5 लाख लोगों ने वेबसाइट और मिस्ड कॉल के माध्यम से अपना पंजीकरण कराया है. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक भूख हड़ताल : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र प्रशासन से कहा- जिंदगी अनमोल है, वांगचुक की सेहत पर रखें नजर The post सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वां दिन: 9 KG गिरा वजन, बोले- “अभी दो-चार दिन में नहीं मरने वाला” appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद के बनगड़िया नवोदय विद्यालय में 10वीं के छात्र के साथ रैगिंग, अस्पताल में भर्ती

धनबाद से अरिंदम और शंकर की रिपोर्ट Dhanbad Student Raging, धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के बेनागड़िया निरसा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बेनागड़िया निरसा के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में 10वीं के छात्र सुमित कुमार दास (16) के साथ उसके सहपाठियों ने मंगलवार की रात को रैगिंग की है. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है. इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि सुमित कुमार दास नंगा दिखाई दे रहा है और उसके सहपाठी उसे गाली दे रहे हैं और बेल्ट से उसकी पिटाई कर रहे हैं. इसके साथ ही, वाटर बोतल से जबरन कोई पेय पदार्थ भी पिला रहे हैं. मोबाइल में पैसे ट्रांसफर करने को लेकर की पिटाई मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र सुमित कुमार दास मंगलवार रात हॉस्टल में अपने कमरे में था. उसके साथ उसी कमरे में उसके 6 दोस्त भी थे. मोबाइल में पैसे ट्रांसफर करने के कारण बहस छिड़ गई. मामला इतना बढ़ गया कि सुमित के ही कक्षा में पढ़ने वाले विशाल कुमार, अनिकेत कुमार, नमन राज, लक्ष्मण कुमार महतो, अभिजीत सिंह ने देर रात दो बजे सुमित के हाथ रस्सी से बांधकर पिटाई शुरू कर दी. ये भी पढ़ें: देवघर बाबा मंदिर : श्रावणी मेले में नहीं चलेगा VIP कल्चर, रविवार-सोमवार को शीघ्रदर्शनम भी बंद छात्रों ने सुमित का वीडियो बनाया इसके बाद, इन छात्रों ने मोबाइन से सुमित कुमार दास का वीडियो भी बनाया. इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि इन छात्रों द्वारा डराते-धमकाते हुए यह किसी को न बताने को कहा गया. पीड़ित छात्र दो दिन तक किसी को कुछ नहीं बताया और स्कूल में नर्स से दवाई खाने लगा. पीड़ित छात्र गोविंदपुर के नगरक्यारी गांव का रहने वाला है. कैसे खुली बात? इस बीच सुमित कुमार दास ने फोन करके अपने परिवार से बात की और ठीक होने की बात कही. उसने फोन पर कहा कि वह ठीक है और अच्छे तरीके से पढ़ाई कर रहा है. लेकिन, इसके बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण सुमित कुमार दास ने परिजन को कॉल कर पूरे मामले की जानकारी दी. परिवार स्कूल पहुंचे. तब जाकर विद्यालय प्रबंधन को जानकारी मिली. तत्काल उसे पांडरा उप-स्वास्थ्य केंद्र उपचार के लिए भेजा गया. छात्र की स्थिति गंभीर होने के कारण एसएनएमएमसीएच धनबाद भेज दिया गया है. विद्यालय में मोबाइल रखने की अनुमति नहीं: प्रबंधक विद्यालय के प्रबंधक सीके यादव ने कहा कि स्कूल में किसी भी छात्र को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं है. इसके बावजूद बच्चों के पास मोबाइल होते हैं. बच्चों के परिजन खुद चोरी-छिपे बच्चों को मोबाइल दे देते हैं. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी बनाकर छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि विद्यालय और छात्रावास में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं और पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाती है. प्राइवेसी के कारण क्लास रूम में कैमरे नहीं लगाए गए है. ये भी पढ़ें: धनबाद के आकाश किनारी में अंधेरे में डूबी आधा दर्जन कॉलोनियां, आक्रोशित लोगों ने बीसीसीएल के खिलाफ किया प्रदर्शन The post धनबाद के बनगड़िया नवोदय विद्यालय में 10वीं के छात्र के साथ रैगिंग, अस्पताल में भर्ती appeared first on Naya Vichar.

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संसद का मानसून सत्र: राम मंदिर, पेपर लीक और एथनॉल पर सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस

Congress Meeting: कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास ‘10, जनपथ’ पर गुरुवार को एक बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. अयोध्या में बीजेपी और आरएसएस द्वारा किए गए घोटाले का मुद्दा उठाएंगे : जयराम रमेश कांग्रेस संसदीय दल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, “भगवान श्री राम मंदिर को लेकर रोज नई बातें सामने आ रही हैं. हम निश्चित रूप से अयोध्या में बीजेपी और आरएसएस द्वारा किए गए घोटाले का मुद्दा उठाएंगे. NEET का मुद्दा भी है. तीसरा मुद्दा, जैसा कि आप जानते हैं, E20 घोटाला है, जिसमें बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता और उनके बेटे शामिल हैं; हम निश्चित रूप से इस पर चर्चा की मांग करेंगे. कुछ और मुद्दे भी हैं, खासकर विदेश नीति और नई चुनौतियों से जुड़े. इनमें चीन और अमेरिका के साथ हमारे संबंध, और साथ ही पिछले एक-दो महीनों में पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात शामिल हैं.” चंदा चोरी-आस्था से धोखा, मोदी प्रशासन से मांगेंगे जवाब: खरगे बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि ‘‘चंदा चोरी-आस्था से धोखा, प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था का सुनियोजित पतन, संस्थानों पर कब्जा, नेतृत्वक दलों को तोड़ना, अनेक घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप, कमरतोड़ महंगाई, विदेश नीति की विफलताएं और रणनीतिक भूलें, 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर एथेनॉल मिश्रण (ब्लेंडिंग) थोपना, वनों की बेलगाम कटाई तथा एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर लगातार हमले’’ ऐसे प्रमुख मुद्दे हैं जिन पर कांग्रेस मानसून सत्र में मोदी प्रशासन से जवाब मांगेगी. एक राष्ट्र एक चुनाव, संविधान (130वां संशोधन) विधेयक का भी विरोध करेंगे : रमेश रमेश ने कहा कि बैठक में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ संबंधी विधेयक पर भी चर्चा हुई और कांग्रेस ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के सिद्धांत के ही खिलाफ है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने के प्रावधान वाले संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 का भी कांग्रेस विरोध करेगी. उनके अनुसार, विकसित हिंदुस्तान शिक्षा अधिष्ठान विधेयक का भी पार्टी समर्थन नहीं करेगी. रमेश ने प्रशासन पर लगाया विपक्षी दल को तोड़ने का आरोप रमेश ने आरोप लगाया कि प्रशासन विभिन्न नेतृत्वक दलों को तोड़कर संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, ‘‘यदि पार्टियों को तोड़कर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया जाता है तो वह कलंकित दो-तिहाई बहुमत होगा. लेकिन हमें नहीं लगता कि उन्हें ऐसा बहुमत मिलने की कोई गुंजाइश है.’’ ये भी पढ़ें: विपक्ष के विधायक भी हुए उत्तराखंड के सीएम धामी के मुरीद, कांग्रेस विधायक ने मंच से की खुलकर तारीफ The post संसद का मानसून सत्र: राम मंदिर, पेपर लीक और एथनॉल पर प्रशासन को घेरने की तैयारी में कांग्रेस appeared first on Naya Vichar.

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IGNOU ने बढ़ाई जुलाई सेशन में एडमिशन की डेट, अब इस दिन तक करें अप्लाई

IGNOU Admission 2026: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) की ओर से ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन कोर्स में एडमिशन की डेट आगे बढ़ा दी गई है. जुलाई सेशन में एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट ignouadmission.samarth.edu.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर सकते हैं. IGNOU देश का सबसे बड़ा ओपन यूनिवर्सिटी सिस्टम है, जहां हर साल लाखों छात्र ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स में एडमिशन लेते हैं. इसमें एडमिशन लेने के लिए नीचे दिए स्टेप्स से रजिस्ट्रेशन करना होगा. ऐसे करें IGNOU Admission 2026 के लिए आवेदन सबसे पहले IGNOU की आधिकारिक एडमिशन वेबसाइट ignouadmission.samarth.edu.in पर जाएं. होमपेज पर New Registration पर क्लिक करके अपना अकाउंट बनाएं. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद लॉगिन करें. अपनी पसंद का कोर्स चुनें और आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी भरें. जरूरी दस्तावेज जैसे फोटो, हस्ताक्षर और शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपलोड करें. निर्धारित आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें. सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें. भविष्य के लिए आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट या PDF अपने पास सुरक्षित रख लें. IGNOU Admission को लेकर नोटिस 200 से ज्यादा कोर्स में ले सकते हैं एडमिशन IGNOU में छात्रों को अपनी जरूरत और करियर के हिसाब से कई तरह के कोर्स चुनने का विकल्प मिलता है. यहां अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट समेत 200 से अधिक कार्यक्रम उपलब्ध हैं. विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पढ़ाई के लिए नियमित कॉलेज जाने की जरूरत नहीं होती. छात्र घर बैठे ऑनलाइन या डिस्टेंस मोड से पढ़ाई पूरी कर सकते हैं. IGNOU में कई नए कोर्स इस बार IGNOU ने छात्रों के लिए कई नए कोर्स शुरू किए हैं. अब छात्र चार वर्षीय ग्रेजुएशन (FYUP) के साथ-साथ AI, Machine Learning, Climate Change, Criminal Justice Social Work और Geriatric Health and Care जैसे मॉडर्न कोर्स में भी एडमिशन ले सकेंगे. इसके अलावा MBA में HR, Marketing, Finance और Operations Management जैसे नए स्पेशलाइजेशन भी जोड़े गए हैं. इन सभी कोर्स को UGC और AICTE की मंजूरी मिल चुकी है. ये भी पढ़ें: जॉब के साथ UG, PG और PhD करने का मौका, ये 5 ओपन यूनिवर्सिटी हैं बेस्ट ऑप्शन The post IGNOU ने बढ़ाई जुलाई सेशन में एडमिशन की डेट, अब इस दिन तक करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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चेतना झांब और श्रुति श्री भाजपा में शामिल, बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर की पार्टी में सेंध

Bihar Politics: बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) को एक और झटका लगा है. फिल्म निर्माता चेतना झांब और फतुहा की प्रखंड प्रमुख श्रुति श्री ने गुरुवार को हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सदस्यता ले ली. दोनों नेताओं को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पार्टी की सदस्यता दिलाई. बीजेपी का दामन थामा चेतना झांब और श्रुति श्री के बीजेपी में शामिल होने को बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. दोनों नेताओं ने भाजपा की नीतियों में विश्वास जताते हुए पार्टी के साथ काम करने की बात कही. एक दिन पहले भी लगे थे झटके इससे पहले बुधवार को भी जन सुराज के कई नेताओं ने बीजेपी का दामन थामा था. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर से जन सुराज के उम्मीदवार रहे प्रो. केसी सिन्हा भी भाजपा में शामिल हो गए थे. उनके साथ दीघा विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी बिट्टू सिंह, मनेर से पूर्व प्रत्याशी गोपाल सिंह और कई अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भी बीजेपी की सदस्यता ली थी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें प्रशांत किशोर पर साधा निशाना बीजेपी में शामिल होने के बाद गोपाल सिंह ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अहंकारी व्यक्ति संगठन नहीं चला सकता. उनका आरोप था कि जन सुराज में स्पष्ट नेतृत्व और विजन की कमी है. वहीं बिट्टू सिंह ने कहा कि अब उनका नेतृत्वक भविष्य बीजेपी के साथ ही रहेगा. उन्होंने कहा कि वह पूरी मजबूती के साथ पार्टी के लिए काम करेंगे. पोस्टर भी बना चर्चा का विषय पटना में प्रशांत किशोर के खिलाफ लगाया गया एक पोस्टर भी चर्चा में है. पोस्टर में लिखा गया, “केसी सिन्हा तो सिर्फ झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है. इनको वोट नहीं, नोट चाहिए.” पोस्टर के नीचे “सौजन्य: बांकीपुर की जनता” लिखा गया है. बीजेपी ने किया स्वागत प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पार्टी में शामिल हुए सभी नेताओं का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर जन सुराज के कई नेता पार्टी से जुड़ रहे हैं. उनके आने से संगठन और मजबूत होगा. Also Read: बंटी यादव और पंकज राय हत्याकांड में खेसारी लाल यादव की एंट्री, CM सम्राट चौधरी से की यह मांग The post चेतना झांब और श्रुति श्री भाजपा में शामिल, बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर की पार्टी में सेंध appeared first on Naya Vichar.

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तृणमूल नेता कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा, भाजपा में शामिल होने की चर्चा

कोलकाता. टॉलीवुड अभिनेत्री और तृणमूल सांसद कोयल मल्लिक ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है. जून में राज्यसभा से इस्तीफा देने की इच्छा जताते हुए कोयल ने एक ईमेल भेजा था, लेकिन उनके इस्तीफे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. इस बार ईमेल के बजाय, कोयल ने स्वयं उपस्थित होकर इस्तीफा दे दिया है. उनके साथ उनके पति और प्रायोजक निशपाल सिंह भी थे. कोयल के भाजपा में जाने की चर्चा चल रही है. हालांकि अब तक भाजपा या कोयल की ओर से इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया है. तृणमूल की सदस्य के रूप में जीता था चुनाव कोयल ने 6 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली. शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और लिखा-मुझे बंगाल की जनता के लिए काम करने का अवसर मिला है. उन्होंने मीडिया से कहा- मैं देश की जनता के लिए खुद को समर्पित करना चाहती हूं. उन्हें चुनाव प्रचार करते हुए भी देखा गया. हालांकि, हार के बाद से उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं सुनाई दी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें विदेश से लौटते ही सौंपा इस्तीफा अचानक, जून की शुरुआत में, कोयल ने ईमेल के माध्यम से राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देने की इच्छा व्यक्त की. हालांकि, उस समय उन्हें सूचित किया गया था कि ईमेल के माध्यम से भेजे गए इस्तीफे स्वीकार्य नहीं हैं. हालांकि, निजी कारणों से देश से बाहर रहने के कारण उनका इस्तीफा टल गया. अब, कोयल देश लौट आई हैं और उन्होंने बुधवार को व्यक्तिगत रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया. Also Read: पश्चिम बंगाल में 12 जिलों के मदरसों की होगी जांच, 21 जुलाई तक प्रशासन को मिलेगी रिपोर्ट The post तृणमूल नेता कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा, भाजपा में शामिल होने की चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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PHOTO : 17 जुलाई से जींद-सोनीपत के बीच दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, पीएम मोदी करेंगे फ्लैग ऑफ

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 17 जुलाई से जींद और सोनीपत के बीच चलने के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इस ट्रेन के शुरू होने से हिंदुस्तान में हरित परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ेगा. The post PHOTO : 17 जुलाई से जींद-सोनीपत के बीच दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, पीएम मोदी करेंगे फ्लैग ऑफ appeared first on Naya Vichar.

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आमिर खान-गौरी स्प्रैट की शादी में क्यों नहीं पहुंचीं रीना दत्ता और किरण राव, करीबी दोस्त ने बताई वजह

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट संग शादी की. दोनों की वेडिंग काफी प्राइवेट तरीके से हुई. जिसमें क्लोज फ्रेंड्स और फैमिली मौजूद थे. सेलिब्रेशन में एक्टर की दोनों एक्स वाइफ रीना दत्ता और किरण राव शामिल नहीं हुई. अब आमिर के करीबी दोस्त ने सच्चाई बताई. Why Reena-Kiran Not Attend Gauri Spratt Aamir Khan Wedding: क्यों आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी में शामिल नहीं हुई रीना और किरण आमिर खान के करीबी दोस्त, अभिनेता और फिल्ममेकर अमीन हाजी ने रेडिफ संग बातचीत में साफ किया कि रीना और किरण के शादी में शामिल न होने के पीछे किसी तरह की नाराजगी या मनमुटाव नहीं था. यह फैसला पूरी समझदारी और सम्मान के साथ लिया गया था, ताकि आमिर और गौरी को अनकंफर्टेबल महसूस न हो. Aamir Khan Friends On Reena and Kiran: रीना और किरण को लेकर क्या बोले आमिर खान के दोस्त उन्होंने आगे कहा, “आमिर, रीना और किरण के रिश्ते आज भी बेहद सम्मानजनक हैं. उस समय किरण यूके में थीं, लेकिन आजाद शादी अटेंड करने के लिए वापस इंडिया आ गए थे.” रीना दत्ता के शादी में शामिल न होने पर अमीन ने कहा, “मुझे लगता है कि कुछ गैरमौजूदगियां बिल्कुल स्वाभाविक होती हैं. कई बार किसी को उसकी पर्सनल स्पेस देना भी प्यार और सम्मान जताने का एक तरीका होता है. आखिर इतने खास मौके पर कोई भी नहीं चाहेगा कि किसी को किसी भी वजह से असहज महसूस हो.” Close Friend On Aamir And Gauri wedding: आमिर और गौरी की शादी पर क्या बोले क्लोज फ्रेंड अमीन ने यह भी बताया कि आमिर और गौरी ने अपनी शादी को पूरी तरह सादगी से रखा और पारंपरिक रस्मों से दूरी बनाई. उन्होंने कहा, “शादी आमिर के घर पर हुई थी. किसी तरह की पारंपरिक वेडिंग सेरेमनी नहीं रखी गई थी. कई लोगों ने पूछा कि संगीत या दूसरी रस्में हुई थीं या नहीं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था. हम सब बस साथ बैठे, खूब बातें कीं, हंसे और इस खास पल को साथ मिलकर एंजॉय किया.” ये भी पढ़ें: Aamir Khan Wedding First Photo: आमिर खान-गौरी स्प्रैट की शादी की पहली तस्वीर आई सामने, दोनों एक्स वाइफ और शिशु भी हुए शामिल ये भी पढ़ें: क/ितनी अमीर हैं आमिर खान की होने वाली पत्नी, जानें गौरी स्प्रैट की नेटवर्थ The post आमिर खान-गौरी स्प्रैट की शादी में क्यों नहीं पहुंचीं रीना दत्ता और किरण राव, करीबी दोस्त ने बताई वजह appeared first on Naya Vichar.

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क्या 2027 तक भारत छोड़ देगी OnePlus? रिपोर्ट ने बढ़ाई यूजर्स की टेंशन

एक समय फ्लैगशिप किलर स्मार्टफोन के लिए मशहूर रही वनप्लस (OnePlus) को लेकर एक जरूरी समाचार सामने आई है. एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंपनी आने वाले समय में चीन के बाहर अपने कारोबार को धीरे-धीरे समेटने की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप से शुरुआत होने के बाद हिंदुस्तान में भी वनप्लस का कारोबार 2027 तक बंद किया जा सकता है. हालांकि, कंपनी की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. ऐसे में यह समाचार फिलहाल रिपोर्ट्स पर आधारित है, लेकिन इससे वनप्लस यूजर्स के बीच कई सवाल जरूर खड़े हो गए हैं. अमेरिका और यूरोप से जल्द हो सकती है शुरुआत लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, वनप्लस की पैरेंट कंपनी ओप्पो (Oppo) अपने इंटरनेशनल बिजनेस में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. इसी रणनीति के तहत सबसे पहले अमेरिका और यूरोप में वनप्लस का कारोबार बंद किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू हो सकती है. वहीं, ओप्पो के दूसरे ब्रांड रियलमी (Realme) के चीन में भी कुछ बड़े बदलाव किए जाने की चर्चा है. हिंदुस्तान में 2027 तक जारी रह सकता है कारोबार हिंदुस्तान वनप्लस के सबसे बड़े विदेशी बाजारों में शामिल है. यही वजह है कि कंपनी यहां से तुरंत बाहर नहीं जाएगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि वनप्लस हिंदुस्तान में अगले कुछ समय तक अपना कारोबार जारी रखेगी और 2027 के दौरान चरणबद्ध तरीके से यहां से भी बाहर निकल सकती है. यानी फिलहाल हिंदुस्तानीय ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है. कंपनी की बिक्री और सर्विस पहले की तरह जारी रहने की संभावना है. आखिर क्यों लिया जा रहा है इतना बड़ा फैसला? रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले के पीछे कई वजहें हैं. पिछले कुछ वर्षों में वनप्लस को अमेरिका, यूरोप और हिंदुस्तान जैसे बाजारों में अपेक्षित बिक्री नहीं मिल सकी. दूसरी ओर ऐपल, सैमसंग, गूगल, हुआवेई और अन्य कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी लगातार बढ़ती गई. इसके अलावा वैश्विक स्तर पर बढ़ते नेतृत्वक दबाव, चीनी कंपनियों पर निगरानी और कानूनी चुनौतियों ने भी कंपनी की मुश्किलें बढ़ाई हैं. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ऐपल द्वारा दायर किए गए ट्रेड सीक्रेट्स से जुड़े मुकदमे जैसी कानूनी चुनौतियां भी इस फैसले की एक वजह हो सकती हैं. मेमोरी चिप की महंगाई ने बढ़ाई परेशानी स्मार्टफोन इंडस्ट्री इस समय मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों और सप्लाई की दिक्कतों से भी जूझ रही है. इसका सबसे ज्यादा असर कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स पर पड़ा है. वनप्लस की नॉर्ड (Nord) सीरीज हमेशा बजट और मिड-रेंज ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी, लेकिन अब बढ़ती कॉम्पोनेंट लागत की वजह से इस सेगमेंट में मुनाफा कमाना मुश्किल होता जा रहा है. क्या हिंदुस्तान के मौजूदा यूजर्स पर पड़ेगा असर? अगर भविष्य में कंपनी हिंदुस्तान से बाहर निकलती भी है, तो आमतौर पर ऐसे मामलों में मौजूदा ग्राहकों के लिए कुछ समय तक सर्विस सेंटर, सॉफ्टवेयर अपडेट और वारंटी सपोर्ट जारी रखा जाता है. हालांकि, वनप्लस ने अभी तक इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है. ऐसे में फिलहाल यूजर्स को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय कंपनी के आधिकारिक बयान का इंतजार करना चाहिए. ये भी पढ़ें: OnePlus क्या सच में है बंदी के कगार पर? ग्लोबल शटडाउन या सिर्फ स्मार्ट शिफ्ट? ये भी पढ़ें: OnePlus Dismantled: क्या वनप्लस को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है ओप्पो? क्यों और कैसे बढ़ीं ब्रांड की मुश्किलें? The post क्या 2027 तक हिंदुस्तान छोड़ देगी OnePlus? रिपोर्ट ने बढ़ाई यूजर्स की टेंशन appeared first on Naya Vichar.

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आखिर UPSC इतना डरा क्यों रहा है? पटना वाले Eduteria का Exclusive Interview

जोहार. आज 16 जुलाई है. UPSC मेन्स परीक्षा में अब सिर्फ एक महीना बचा है. फिर बहुत से लोग हार मान लेंगे… जबकि कुछ लोग नई हिम्मत जुटाकर फिर से कोशिश करेंगे. UPSC हर किसी के बस की बात नहीं है, बॉस… ‘यार… ये सवाल तो कभी देखा ही नहीं!’ अक्सर UPSC Prelims के बाद हर साल Telegram Groups, WhatsApp Chats और X (Twitter) पर एक ही discussion शुरू हो जाता है. ‘इतने Unknown Questions.’ ‘ये syllabus के बाहर था…’ ‘इतना पढ़ने के बाद भी Paper कैसे बिगड़ गया?’ अगर आपने कभी UPSC की तैयारी की है, तो ये बातें जरूर सुनी होंगी. लेकिन क्या सच में UPSC हर साल Surprise देता है? या फिर हम अभी भी पुराने तरीके से तैयारी कर रहे हैं? इन्हीं सवालों को लेकर नया विचार ने बात की Eduteria के COO अमृत उपाध्याय से. एडुटेरिया की स्थापना जाने-माने एजुकेटर प्रवीण सर ने की थी. वर्षों से UPSC Aspirants के साथ काम कर रहे अमृत मानते हैं कि सबसे बड़ा बदलाव सिलेबस में नहीं, UPSC की सोच में आया है. रटने का दौर खत्म… अब Concept का दौर है. अमृत उपाध्याय (COO, Eduteria): UPSC परीक्षा के पैटर्न में सबसे बड़े बदलावों में से एक है सीधे, तथ्यों पर आधारित सवालों की जगह कॉन्सेप्ट पर आधारित सवालों का आना. पहले, उम्मीदवार स्टैंडर्ड किताबों से तथ्यों को रटकर काम चला लेते थे, लेकिन आज के सवालों के लिए बुनियादी सिद्धांतों की गहरी समझ जरूरी है. सीधे तथ्यों वाले सवाल पूछने के बजाय, UPSC अब ऐसी स्थितियां देता है जिनमें उम्मीदवारों को कॉन्सेप्ट को समझना, इंटर-सब्जेक्ट्स रिलेशनशिप का विश्लेषण करना और नई स्थितियों में अपने ज्ञान का इस्तेमाल करना होता है. इस बदलाव से यह पक्का होता है कि सफलता याददाश्त के बजाय समझ पर ज्यादा निर्भर करती है. ‘Statement Based Questions का Game समझिए’ अमृत उपाध्याय (COO, Eduteria): परीक्षा अब काफी हद तक एनालिटिकल रीजनिंग (विश्लेषणात्मक तर्क) और एलिमिनेशन तकनीकों पर निर्भर हो गई है. पेपर में स्टेटमेंट-बेस्ड (कथन-आधारित) सवाल ज्यादा होते हैं. इनमें अक्सर कई ऐसे कथन होते हैं जो सही लग सकते हैं, लेकिन उनमें बारीक अंतर होता है. “केवल” (only), “सभी” (all), “जरूरी तौर पर” (necessarily) या “मुख्य रूप से” (primarily) जैसे छोटे शब्द जवाब के सही होने का फैसला कर सकते हैं. कई मामलों में, उम्मीदवार इसलिए सफल होते हैं क्योंकि वे कॉन्सेप्ट की स्पष्टता और लॉजिकल रीजनिंग के जरिए गलत विकल्पों को हटा सकते हैं. इससे सतही जानकारी के बजाय बातों को गहराई से समझने की क्षमता ज्यादा अहम हो जाती है. Unknown Questions से डरना क्यों नहीं चाहिए? अमृत उपाध्याय (COO, Eduteria): अनिश्चितता को और बढ़ाने वाली बात यह है कि UPSC हर साल ऐसे विषयों से सवाल पूछता है जो अनजान या कम चर्चित होते हैं. परीक्षा में अक्सर कम जानी-पहचानी प्रजातियों, नई तकनीकों, खास अंतरराष्ट्रीय संगठनों या इतिहास की कम चर्चित घटनाओं जैसे विषय आते हैं. इन सवालों का मकसद अनजान तथ्यों को रटने की क्षमता को परखना नहीं, बल्कि उम्मीदवार की जानकारी का दायरा और बुनियादी सिद्धांतों का इस्तेमाल करके अनजान जानकारी के बारे में तर्क करने की क्षमता को परखना होता है. जब उम्मीदवार ऐसे विषयों का सामना करते हैं जिन्हें उन्होंने सीधे तौर पर कभी नहीं पढ़ा होता, तब भी उनकी मजबूत वैचारिक समझ उन्हें सही जवाब तक पहुंचने में मदद करती है. ट्रेंड में बदलाव का एक साफ संकेत रटकर सीखने की घटती अहमियत है. हर साल, हजारों उम्मीदवार कोचिंग के कई राउंड के नोट्स पूरे करते हैं, फैक्ट शीट्स याद करते हैं और पिछले सालों के सैकड़ों सवाल हल करते हैं. फिर भी, कई उम्मीदवार परीक्षा हॉल में मुश्किल में पड़ जाते हैं क्योंकि अब पेपर में रटने के बजाय समझ को ज्यादा महत्व दिया जाता है. UPSC अब यह नहीं पूछता कि उम्मीदवार ने कोई खास फैक्ट पहले देखा है या नहीं, बल्कि यह देखता है कि क्या उम्मीदवार बुनियादी कॉन्सेप्ट्स का इस्तेमाल करके किसी अनजान स्थिति में सही तर्क दे सकता है. Courtesy: LinkedIn Coaching का Role भी बदल गया है? अमृत उपाध्याय (COO, Eduteria): कोचिंग सिस्टम के सामने भी एक बड़ी चुनौती है. पारंपरिक तरीके, जो बहुत ज्यादा नोट्स बनाने और ‘संभावित सवालों’ का अंदाजा लगाने पर केंद्रित थे, अब तेजी से नाकाफी साबित हो रहे हैं. हालांकि कोचिंग संस्थान ढांचा और मार्गदर्शन देने में अहम भूमिका निभाते रहेंगे, लेकिन उनकी कामयाबी अब इस बात पर कम निर्भर करती है कि वे कितना कंटेंट देते हैं, बल्कि इस बात पर ज्यादा निर्भर करती है कि वे कॉन्सेप्ट की समझ, जिज्ञासा और विश्लेषणात्मक सोच को कितना बेहतर बना पाते हैं. ‘आज का Aspirant क्या अलग करे?’ अमृत उपाध्याय (COO, Eduteria): UPSC की परीक्षा हमेशा से सिर्फ याददाश्त की परीक्षा से कहीं ज्यादा रही है. आज यह बात और भी साफ होती जा रही है. कॉन्सेप्ट की गहरी समझ, अलग-अलग विषयों को जोड़कर सोचने की क्षमता और असल दुनिया की जानकारी पर बढ़ता जोर, काबिलियत के एक व्यापक नजरिए को दिखाता है- एक ऐसा नजरिया जो बहुत सारी जानकारी रटने के बजाय बौद्धिक रूप से लचीले होने और समझदारी को ज्यादा अहमियत देता है. ऐसे दौर में जब जानकारी तो तुरंत मिल जाती है लेकिन सही समझ या परख की कमी है, UPSC ऐसे उम्मीदवार की तलाश में नहीं दिखता जो सबसे ज्यादा बातें याद रखता हो, बल्कि ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है जो चीजों को सबसे बेहतर ढंग से समझता हो. इस बदलाव से हो सकता है कि परीक्षा का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाए, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि यह इसे और ज्यादा सार्थक बनाता है. Naya Vichar Special :  यह भी पढ़ें : Monsoon Session : क्या राहुल गांधी कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में जान फूकेंगे? दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर से खास इंटरव्यू यह भी पढ़ें : Prashant Kishor : दूसरों की प्रशासन बनाने वाले PK, बांकीपुर उपचुनाव में क्या साबित करना चाहते हैं? The post आखिर UPSC इतना डरा क्यों रहा है? पटना वाले Eduteria का Exclusive Interview appeared first on Naya Vichar.

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