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रांची: जगन्नाथपुर रथयात्रा को लेकर 16 से 25 जुलाई तक रूट डायवर्ट, जानें कहां करें पार्किंग

रांची: जगन्नाथपुर रथयात्रा और मेले को लेकर रांची ट्रैफिक पुलिस ने 16 से 25 जुलाई तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए शहर के कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्ट, नो-एंट्री और पार्किंग की व्यवस्था की गयी है. रथयात्रा 16 जुलाई को निकलेगी, जबकि 25 जुलाई को रथ वापसी (घुरती मेला) के साथ इसका समापन हो जायेगा.  ट्रैफिक रूट में कैसे किया गया है बदलाव ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह के अनुसार, बिरसा चौक से मेले में जानेवाले लोग अपने वाहन शहीद मैदान में पार्क करेंगे. तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की ओर से आनेवाले वाहनों के लिए प्रभात तारा मैदान को पार्किंग स्थल बनाया गया है. रिंग रोड से मेला या शहर की ओर आनेवाले भारी व हल्के वाहन तिरिल मोड़, नॉर्थ गेट, प्रभात तारा मैदान और शालीमार बाजार होते हुए अपने गंतव्य तक जायेंगे. तिरिल मोड़ स्थित हेलिपैड में भी पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. यातायात व्यवस्था के तहत तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर तथा प्रभात तारा मैदान के मुहान से जगन्नाथपुर बाजार तक कार, ऑटो, सवारी वाहन और बाइक का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. बिरसा चौक से रिंग रोड जानेवाले वाहनों को सिंह मोड़, चांदनी चौक, धुर्वा गोलचक्कर और वीर कुंवर सिंह चौक होकर भेजा जायेगा. एचइसी और विधानसभा की ओर से रिंग रोड जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किये गये हैं. इसी तरह रिंग रोड से शहर आने वाले वाहनों को धुर्वा गोलचक्कर, चांदनी चौक, सिंह मोड़ और बिरसा चौक होते हुए शहर की ओर भेजा जायेगा. ट्रैफिक पुलिस की अपील ट्रैफिक पुलिस ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में अनावश्यक वाहन लेकर न जायें. आवश्यकता पड़ने पर अन्य मार्गों पर भी अस्थायी रूप से डायवर्जन और वाहनों को रोका जा सकता है. यह भी पढ़ें- स्कूल कैंपस में सर्पदंश मामले में मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान, मुख्य सचिव से मांगा जवाब यह भी पढ़ें- आईटीबीपी अधिकारी को झारखंड हाईकोर्ट से राहत, एसीआर विवाद में आदेश रद्द The post रांची: जगन्नाथपुर रथयात्रा को लेकर 16 से 25 जुलाई तक रूट डायवर्ट, जानें कहां करें पार्किंग appeared first on Naya Vichar.

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7 महीने बिना पासपोर्ट भारत में रहा अमेरिकी, नेपाल भागने से पहले दबोचा गया

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने नेपाल सीमा पार करने की कोशिश कर रहे एक 36 साल के अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया है. उसके पास कोई वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज नहीं था. पूछताछ में उसने अपना नाम जॉर्डन ब्राउन बताया और कहा कि वह अमेरिका के कैलिफोर्निया का रहने वाला है. फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं. रविवार (12 जुलाई) को एसएसबी की 22वीं बटालियन नियमित गश्त कर रही थी. इसी दौरान सोनौली थाना क्षेत्र के मैनिहवा इलाके में सीमा स्तंभ संख्या 516 के पास जॉर्डन ब्राउन नेपाल की ओर जाने की कोशिश कर रहा था. जवानों ने उसे रोककर पूछताछ की और वैध यात्रा दस्तावेज नहीं मिलने पर हिरासत में ले लिया. एसएसबी के जवानों को देख भागने लगा अमेरिकी नागरिक महराजगंज के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस सिद्धार्थ ने बताया कि एसएसबी के जवानों ने जब उसे रोका तो वह भागने की कोशिश करने लगा. हालांकि, सीमा पर तैनात जवानों ने उसे तुरंत पकड़ लिया. गिरफ्तारी के समय उसके पास कोई वैध पासपोर्ट नहीं मिले. ब्राउन थाईलैंड से समुद्री रास्ते के जरिए श्रीलंका पहुंचा था. वहां से वह 2 नवंबर 2025 को समुद्र के रास्ते हिंदुस्तान आया. इसके बाद से वह गोवा में रह रहा था. पुलिस अब उसके हिंदुस्तान आने के पूरे रास्ते और दावों की जांच कर रही है. नेपाल भाग रहा था अमेरिकी नागरिक इसका मतलब है कि ब्राउन करीब सात महीने तक बिना पासपोर्ट के हिंदुस्तान में रहा. इस दौरान वह गोवा में रह रहा था. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने इतने लंबे समय तक बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के हिंदुस्तान में कैसे रहकर सफर किया. एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ब्राउन गोवा से पहले बेंगलुरु पहुंचा और वहां से उत्तर प्रदेश के सोनौली बॉर्डर आया. उसका इरादा नेपाल में प्रवेश करने का था, लेकिन सीमा पर एसएसबी के जवानों ने उसे पकड़ लिया. The post 7 महीने बिना पासपोर्ट हिंदुस्तान में रहा अमेरिकी, नेपाल भागने से पहले दबोचा गया appeared first on Naya Vichar.

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सोना ₹1.43 लाख के करीब, चांदी ₹2.34 लाख, खरीदारी से पहले देखें 14 जुलाई के ताजा रेट

Gold Silver Price Today: आज सोना ₹10 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹100 प्रति किलो सस्ती हुई है. हालांकि आपको बता दें कि यहां दिए गए भाव पिछले क्लोजिंग सेशन और आज सुबह उपलब्ध अपडेट पर आधारित हैं.  आज सोने का क्या है भाव? अगर आप आज ज्वेलरी खरीदने या इनवेस्टमेंट करने की सोच रहे हैं, तो 24 कैरेट सोना ₹1,42,900 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट ₹1,30,990 और 18 कैरेट ₹1,07,170 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. तीनों कैटेगरी में कल के मुकाबले ₹10 की मामूली गिरावट आई है.  आज के सोने का रेट टेबल: कैरेट आज का रेट कल का रेट कितना घटा/बढ़ा 24 कैरेट (10 ग्राम) ₹1,42,900 ₹1,42,910 ₹10 घटा 22 कैरेट (10 ग्राम) ₹1,30,990 ₹1,31,000 ₹10 घटा 18 कैरेट (10 ग्राम) ₹1,07,170 ₹1,07,180 ₹10 घटा शहरवार सोने का रेट टेबल (24 कैरेट/10 ग्राम): शहर आज का रेट कल का रेट कितना घटा/बढ़ा पटना ₹1,42,950 ₹1,42,960 ₹10 घटा रांची ₹1,42,910 ₹1,42,920 ₹10 घटा लखनऊ ₹1,43,050 ₹1,43,060 ₹10 घटा दिल्ली ₹1,43,050 ₹1,43,060 ₹10 घटा मुंबई ₹1,42,900 ₹1,42,910 ₹10 घटा कोलकाता ₹1,42,900 ₹1,42,910 ₹10 घटा बेंगलुरु ₹1,42,900 ₹1,42,910 ₹10 घटा जुलाई में अब तक कितना बदला सोने का रेट? महीने की शुरुआत यानी 1 जुलाई को 24 कैरेट सोना ₹1,40,780 प्रति 10 ग्राम था, जो आज ₹1,42,900 पर पहुंच गया है. यानी जुलाई में अब तक करीब 1.51% की बढ़त दर्ज हुई है. इसी महीने 3 जुलाई को 24 कैरेट सोना ₹1,47,000 के रिकॉर्ड स्तर तक भी पहुंचा था.  आज चांदी कितनी सस्ती हुई? चांदी खरीदने वालों के लिए भी आज राहत की समाचार है. 1 किलो चांदी का भाव ₹2,34,900 है, जो कल के मुकाबले ₹100 कम है. वहीं 10 ग्राम चांदी का रेट ₹2,349 और 1 ग्राम का भाव ₹234.90 है. आज के चांदी का रेट टेबल: यूनिट आज का रेट कल का रेट कितना घटा/बढ़ा 1 ग्राम ₹234.90 ₹235.00 ₹0.10 घटा 10 ग्राम ₹2,349 ₹2,350 ₹1 घटा 1 किलो ₹2,34,900 ₹2,35,000 ₹100 घटा शहरवार चांदी का रेट टेबल (1 किलो): शहर आज का रेट कल का रेट कितना घटा/बढ़ा पटना ₹2,34,900 ₹2,35,000 ₹100 घटा रांची ₹2,34,000  ₹2,34,100 ₹100 घटा लखनऊ ₹2,34,900 ₹2,35,000 ₹100 घटा दिल्ली ₹2,34,900 ₹2,35,000 ₹100 घटा मुंबई ₹2,34,900 ₹2,35,000 ₹100 घटा कोलकाता ₹2,34,900 ₹2,35,000 ₹100 घटा बेंगलुरु ₹2,34,900 ₹2,35,000 ₹100 घटा जुलाई में चांदी का क्या रहा ट्रेंड? जुलाई की शुरुआत में 1 किलो चांदी ₹2,40,000 थी, जबकि आज यह ₹2,34,900 पर आ गई है. यानी इस महीने अब तक करीब 2.12% की गिरावट दर्ज की गई है. जुलाई में सबसे ऊंचा रेट ₹2,50,000 प्रति किलो (3 जुलाई) रहा, जबकि आज का भाव इस महीने का सबसे निचला स्तर है. ग्लोबल मार्केट का क्या हाल है? इंटरनेशनल मार्केट में आज सुबह यूएस कॉमेक्स पर सोना 0.46% बढ़कर 4,024.20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा. वहीं चांदी भी 0.12% की बढ़त के साथ 58.04 डॉलर प्रति औंस पर रही. ग्लोबल बाजार की चाल का असर आने वाले दिनों में घरेलू सर्राफा बाजार के भाव पर भी देखने को मिल सकता है. ये भी पढ़ें: 1 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर के पार The post सोना ₹1.43 लाख के करीब, चांदी ₹2.34 लाख, खरीदारी से पहले देखें 14 जुलाई के ताजा रेट appeared first on Naya Vichar.

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मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग के साथ आएगा Motorola का नया फोन, लॉन्च से पहले जानें और क्या मिलेगा खास

Motorola हिंदुस्तानीय बाजार में अपना नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Max लॉन्च करने जा रही है. लॉन्च से पहले ही कंपनी ने इसके कई जरूरी फीचर्स को रिवील कर दिया है. मोटोरोला का नया फोन गेमिंग और हैवी यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें Qualcomm का पावरफुल प्रोसेसर, Quad HD+ डिस्प्ले, बड़ी बैटर और कई AI फीचर्स मिलने वाले हैं. दमदार फीचर्स के साथ इस नये मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसमें मिलने वाला मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग फीचर होने वाला है. ऐसे में अगर आप नया प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए Motorola का यह नया मॉडल Edge 70 Max बढ़िया ऑप्शन हो सकता है. आइए जानते हैं मॉडल में क्या-क्या खास मिलने वाला है. कब और कहां लॉन्च होगा Motorola Edge 70 Max? Motorola Edge 70 Max हिंदुस्तानीय बाजार में 15 जुलाई दोपहर 12 बजे लॉन्च होगा. मोटोरोला के ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा यह नया मॉडल ई-कॉमर्स साइट Flipkart पर लॉन्च होने वाला है. फिलहाल कंपनी ने मॉडल की सेल की तारीख और कीमत का खुलासा नहीं किया है. डिजाइन में क्या होगा नया? Motorola Edge 70 Max का डिजाइन कंपनी के एज सीरीज के बाकी फोन्स से थोड़ा अलग रखा है. इसमें कर्व्ड डिस्प्ले की जगह फ्लैट एज डिजाइन मिलेगा, जिससे फोन को पकड़ना आसान होगा और गलती से स्क्रीन टच होने वाली प्रॉब्लम भी कम रहेगी. फोन में ग्लास बैक पैनल, एल्यूमिनियम फ्रेम और Corning Gorilla Glass 7i का प्रोटेक्शन दिया गया है, जो इसे स्क्रैच और हल्के झटकों से बचाने में मदद करेगा. यह फोन Blue, Green और Onyx Black जैसे कलर ऑप्शन में लॉन्च किया जा सकता है. मिलेगा 144Hz Quad HD+ डिस्प्ले फोन में Quad HD+ LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा. Motorola का दावा है कि इसकी पीक ब्राइटनेस 7,000 निट्स तक होगी. इसके अलावा डिस्प्ले में 10-बिट कलर, DCI-P3 कलर गैमट, Corning Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन और 95.12% स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो मिलेगा. कंपनी का कहना है कि यह डिस्प्ले BGMI में 120FPS तक गेमिंग सपोर्ट करेगा. मिलेगा Qualcomm का पावरफुल प्रोसेसर Motorola Edge 70 Max में Qualcomm का लेटेस्ट और पावरफुल Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर मिलेगा. फोन में 12GB तक LPDDR5X RAM का सपोर्ट दिया जाएगा, जिससे गेमिंग और मल्टीटास्किंग का एक्सपीरियंस काफी स्मूद रहेगा. कंपनी का दावा है कि इसमें AI प्रोसेसिंग के लिए पिछले जेनरेशन के मुकाबले 46% बेहतर NPU परफॉर्मेंस मिलेगी. साथ ही फोन को लंबे समय तक ठंडा रखने के लिए इसमें ArcticMesh Cooling System और 5,500mm² वेपर चैंबर दिया गया है, जिससे हैवी गेमिंग के दौरान भी परफॉर्मेंस बेहतर बनी रहेगी. 7100mAh बैटरी और मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग Motorola Edge 70 Max में 7100mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी, जो 90W TurboPower फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी. कंपनी अलग से 50W वायरलेस चार्जर भी लॉन्च करेगी, जो यूनिवर्सल Qi सपोर्ट के साथ आएगा. मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग होगी बड़ी खासियत Motorola Edge 70 Max की सबसे बड़ी खासियत इसकी मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग हो सकती है. अब तक यह फीचर सिर्फ कुछ चुनिंदा प्रीमियम स्मार्टफोन्स में ही देखने को मिलता था, लेकिन अब Motorola इसे अपने नए फ्लैगशिप फोन में लाने जा रही है. इस टेक्नोलॉजी की मदद से चार्जर अपने आप फोन के सही जगह पर आसानी से फिट हो जाता है, जिससे वायरलेस चार्जिंग पहले से ज्यादा आसान और बेहतर एक्सपीरियंस देती है. ऐसे में माना जा रहा है कि यह फीचर Motorola Edge 70 Max को प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में एक अलग पहचान देगा और OnePlus, iQOO समेत कई दूसरे ब्रांड्स के लिए कड़ी चुनौती बन सकता है. कैमरा का खुलासा अभी बाकी Motorola ने अभी तक Edge 70 Max के कैमरा स्पेसिफिकेशन की जानकारी रिवील नहीं की है. हालांकि, लीक्स के मुताबिक इसमें 50MP Sony LYTIA 710 प्राइमरी कैमरा, 8MP अल्ट्रावाइड कैमरा और 32MP फ्रंट कैमरा मिल सकता है. कैमरे की पूरी जानकारी लॉन्च इवेंट में सामने आएगी. कीमत का होगा लॉन्च के दिन खुलासा Motorola ने अभी तक Edge 70 Max की कीमत का खुलासा नहीं किया है. माना जा रहा है कि यह Edge 70 सीरीज का सबसे प्रीमियम स्मार्टफोन होगा. इसकी कीमत और उपलब्धता की पूरी जानकारी 15 जुलाई को लॉन्च इवेंट के दौरान सामने आएगी. ये भी पढ़ें: 7000mAh बैटरी वाले Moto G77 Power की बिक्री आज से शुरू, खरीदने से पहले जानें कीमत, ऑफर्स और फीचर्स The post मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग के साथ आएगा Motorola का नया फोन, लॉन्च से पहले जानें और क्या मिलेगा खास appeared first on Naya Vichar.

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1 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर के पार

Crude Oil Price: इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए फैसले हैं. इन घटनाओं ने दुनिया की तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर चली गईं. कच्चे तेल की कीमत कितनी बढ़ी? तेल बाजार में मंगलवार को दोनों प्रमुख बेंचमार्क में अच्छी तेजी दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड (सितंबर डिलीवरी): 85.11 डॉलर प्रति बैरल (2.14% की बढ़त) WTI क्रूड (अगस्त डिलीवरी): 79.91 डॉलर प्रति बैरल (2.27% की बढ़त) इससे पहले सोमवार को WTI क्रूड में करीब 10% की तेजी आई थी. ब्रेंट क्रूड करीब एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया. आखिर तेल की कीमतें अचानक क्यों बढ़ी? इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया ऐलान है. ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के सभी कार्गो पर 20% शिपिंग शुल्क लगाया जाएगा. उन्होंने अमेरिका को इस समुद्री रास्ते का “Guardian” यानी रक्षक बताया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) फिर से लागू करेगा. जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर और यू.एस. सेंट्रल कमांड के मुताबिक यह कार्रवाई मंगलवार शाम 4 बजे (न्यूयॉर्क समय) से शुरू की जानी थी. ट्रंप ने यह भी कहा कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देश, जिन्हें इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा का फायदा मिलता है, उन्हें अमेरिका को इसकी सुरक्षा का खर्च देना चाहिए. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर इतनी चिंता क्यों है? आप सोच रहे होंगे कि आखिर एक समुद्री रास्ते की वजह से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें कैसे बढ़ सकती हैं. दरअसल, दुनिया के कच्चे तेल की बड़ी सप्लाई इसी रास्ते से होकर गुजरती है. अमेरिका के नए फैसलों के बाद इस मार्ग से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. जब सप्लाई कम होने का डर होता है, तो बाजार में तेल की खरीद बढ़ जाती है और कीमतें ऊपर चली जाती हैं. इसी चिंता की वजह से मंगलवार को तेल बाजार में तेज उछाल देखने को मिला. अमेरिका और ईरान के बीच क्या-क्या हुआ? तेल की कीमतों के पीछे सिर्फ ट्रंप का ऐलान ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सैन्य तनाव भी बड़ी वजह है. हाल के घटनाक्रम पर नजर डालें— अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए. ईरान की सेना ने दावा किया कि उसने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया. ईरान ने एक दुश्मन जहाज पर क्रूज मिसाइल दागने का भी दावा किया. UAE ने कहा कि उसके दो तेल टैंकर ओमान के समुद्री क्षेत्र में हमला झेल चुके हैं. इससे पहले ईरान ने कहा था कि अमेरिका के साथ उसका समझौता अब संकट के दौर में पहुंच गया है और जब तक अमेरिका अपने वादे पूरे नहीं करेगा, तब तक वह भी समझौते का पालन नहीं करेगा. ईरान ने ट्रंप के फैसले पर क्या कहा? ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रंप के बयान का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि— स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का रक्षक हमेशा ईरान रहा है और आगे भी रहेगा. 20% शिपिंग शुल्क बहुत ज्यादा है. ईरान निष्पक्ष तरीके से काम करेगा. पिछले कुछ महीनों में क्या बदला? तेल बाजार की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए ये बातें भी अहम हैं— दूसरी तिमाही में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 30% की गिरावट आई थी. अब कीमतें फिर करीब एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं. दो अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के बीच ईरान ने कम से कम 5.7 करोड़ बैरल कच्चा तेल निर्यात किया. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों से पहले दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरती थी. मार्च की शुरुआत में ईरान द्वारा जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद इस रास्ते से शिपिंग कम हो गई थी. बाद में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अंतरिम समझौते के बाद जहाजों की आवाजाही फिर बढ़ने लगी थी. क्या इसका असर हिंदुस्तान में पेट्रोल-डीजल पर पड़ेगा? फिलहाल हिंदुस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. लेकिन अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है या स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है. ऐसे में इसका असर हिंदुस्तान समेत कई देशों में फ्यूल की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर पश्चिम एशिया के हालात और दोनों देशों के अगले कदम पर बनी हुई है.  ये भी पढ़ें: दिल्ली से पटना, रांची से लखनऊ, जानें 14 जुलाई को किस शहर में कितना है पेट्रोल-डीजल का भाव? The post 1 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर के पार appeared first on Naya Vichar.

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चांदी की बिछिया हो गई है काली ? मिनटों में ऐसे करें साफ

Bichiya Cleaning Tips: चांदी की बिछिया लगभग हर दिन पानी, धूल, पसीने और मिट्टी के संपर्क में रहती है. यही वजह है कि कुछ समय बाद उस पर काली परत जमने लगती है और उसकी चमक फीकी पड़ जाती है. अच्छी बात यह है कि इसे साफ करने के लिए आपको महंगे क्लीनर खरीदने की जरूरत नहीं है. घर में मौजूद कुछ आसान चीजों से ही बिछिया फिर से चमकने लगेगी. बेकिंग सोडा और एल्युमीनियम फॉयल से लौटाएं चमक अगर बिछिया ज्यादा काली हो गई है, तो यह तरीका काफी काम आता है. सबसे पहले एक बर्तन में गर्म पानी लें. इसमें एल्युमीनियम फॉयल का एक छोटा टुकड़ा और एक चम्मच बेकिंग सोडा डाल दें. अब बिछिया को इस पानी में करीब 10 मिनट तक रहने दें. इसके बाद पुराने टूथब्रश से हल्के हाथों से साफ करें. फिर साफ पानी से धोकर कपड़े से पोंछ लें. इससे जमी हुई काली परत काफी हद तक साफ हो जाएगी. टूथपेस्ट से करें आसान सफाई अगर बिछिया पर हल्के दाग हैं, तो टूथपेस्ट भी अच्छा ऑप्शन है. थोड़ा सा सफेद टूथपेस्ट बिछिया पर लगाएं और पुराने टूथब्रश या मुलायम कपड़े से धीरे-धीरे रगड़ें. कुछ मिनट बाद साफ पानी से धो लें. इससे बिछिया पहले से ज्यादा साफ और चमकदार दिखने लगेगी. साबुन और नमक का घोल भी करेगा कमाल अगर बिछिया बहुत ज्यादा काली नहीं हुई है, तो यह आसान तरीका अपनाएं. एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ा नमक और थोड़ा लिक्विड साबुन मिला लें. अब इसमें बिछिया को 15 से 20 मिनट तक भिगो दें. इसके बाद ब्रश से हल्के हाथों से साफ करें और पानी से धो लें। इससे गंदगी आसानी से निकल जाएगी और बिछिया साफ नजर आएगी. बिछिया की चमक लंबे समय तक ऐसे रखें बिछिया को साफ करने के बाद अच्छी तरह सुखाकर ही पहनें. जब इस्तेमाल न हो, तो इसे सूखी जगह पर रखें. समय-समय पर हल्की सफाई करती रहें, ताकि उस पर काली परत जल्दी न जमे और उसकी चमक लंबे समय तक बनी रहे. यह भी पढ़ें: चांदी की पायल खरीदने का है प्लान? पहले देख लें ये लेटेस्ट सिंगल लेयर डिजाइंस The post चांदी की बिछिया हो गई है काली ? मिनटों में ऐसे करें साफ appeared first on Naya Vichar.

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जगन्नाथ रथ यात्रा का रहस्य: क्यों निकाले जाते हैं भगवान जगन्नाथ रथ पर?

Jagannath Rath Yatra 2026: जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का आयोजन 16 जुलाई से 24 जुलाई तक होगा. दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालु इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दिव्य दर्शन करेंगे. यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान और भक्त के बीच अटूट प्रेम का प्रतीक मानी जाती है. सत्ययुग से चली आ रही है यह परंपरा स्कंद पुराण, पद्म पुराण और पुरुषोत्तम माहात्म्य में रथ यात्रा का विस्तृत वर्णन मिलता है. मान्यता है कि जो लोग किसी कारणवश पूरे वर्ष मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन नहीं कर पाते, उनके लिए भगवान स्वयं रथ पर सवार होकर बाहर आते हैं. यही कारण है कि जगन्नाथ रथ यात्रा को जन-जन की यात्रा कहा जाता है. भगवान स्वयं आते हैं भक्तों के बीच रथ यात्रा का सबसे बड़ा संदेश यही है कि भगवान अपने भक्तों से दूरी नहीं रखते. वे स्वयं मंदिर से निकलकर लोगों के बीच आते हैं और सभी को समान रूप से दर्शन का अवसर प्रदान करते हैं. यह परंपरा भगवान के करुणामय और भक्तवत्सल स्वरूप को दर्शाती है. रथ यात्रा हमें यह भी सिखाती है कि सच्ची भक्ति के लिए किसी भेदभाव या विशेष अधिकार की आवश्यकता नहीं होती. कुरुक्षेत्र में हुआ था भावनात्मक पुनर्मिलन पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीकृष्ण के वृंदावन छोड़ने के बाद ब्रजवासी उनके वियोग में दुखी हो गए थे. कई वर्षों बाद सूर्य ग्रहण के अवसर पर कुरुक्षेत्र में उनका पुनर्मिलन हुआ. हालांकि गोपियों को राजसी स्वरूप में श्रीकृष्ण को देखकर वह आनंद नहीं मिला जो वृंदावन की मधुर लीलाओं में मिलता था. राधारानी ने बताया प्रेम का वास्तविक अर्थ श्रीराधा ने श्रीकृष्ण से कहा कि उनका मन ही वृंदावन है और वे उनके हृदय रूपी रथ पर सवार होकर पुनः उस प्रेमभूमि में लौटें. श्रीचैतन्य महाप्रभु ने इसी भाव को जगन्नाथ रथ यात्रा का गूढ़ रहस्य बताया. इसलिए यह यात्रा केवल रथ खींचने का उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण की आध्यात्मिक अभिव्यक्ति है. प्रेम में प्रकट हुआ जगन्नाथ स्वरूप कथा के अनुसार, जब रोहिणी माता द्वारका में श्रीकृष्ण की ब्रज लीलाओं का वर्णन कर रही थीं, तब श्रीकृष्ण, बलराम और सुभद्रा प्रेमभाव में इतने डूब गए कि उनका स्वरूप बदलने लगा. उनके हाथ-पांव संकुचित हो गए, नेत्र विस्फारित हो गए और वे उसी रूप में प्रकट हुए जिसे आज जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रूप में पूजा जाता है. ये भी पढ़ें: जगन्नाथ मंदिर के 4 रहस्यमयी द्वार और 22 सीढ़ियों का अनोखा रहस्य, तीसरी सीढ़ी को लेकर क्या कहती है मान्यता? नारदजी के वरदान से मिला जगत को यह दिव्य रूप देवर्षि नारद ने भगवान से प्रार्थना की कि उनका यह प्रेममय स्वरूप संसार के कल्याण के लिए सदैव विद्यमान रहे. भगवान ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की और जगन्नाथ पुरी में अपने इस विशेष स्वरूप में प्रकट होने का वरदान दिया. भक्ति, प्रेम और समानता का संदेश देती है रथ यात्रा जगन्नाथ रथ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि यह संदेश देती है कि भगवान का प्रेम सभी के लिए समान है. जब भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं, तो यह मानवता, प्रेम, करुणा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण बन जाता है. यही कारण है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस महापर्व में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. The post जगन्नाथ रथ यात्रा का रहस्य: क्यों निकाले जाते हैं भगवान जगन्नाथ रथ पर? appeared first on Naya Vichar.

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MP से 1, राजस्थान से 1 और महाराष्ट्र के 3 स्टूडेंट्स का कमाल, फिजिक्स ओलिंपियाड में भारत को मिला 5 गोल्ड मेडल

International Physics Olympiad 2026: पेरिस में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलिंपियाड (International Physics Olympiad-IPhO) 2026 में हिंदुस्तानीय छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है. हिंदुस्तान के सभी पांच कैंडिडेट्स ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. इसके साथ ही हिंदुस्तान ने 87 देशों के बीच अपना अब तक का सबसे बेस्ट परफॉर्मेंस दिया. सभी पांच हिंदुस्तानीय छात्रों ने जीता गोल्ड इस फेमस इंटरनेशनल प्रतियोगिता में दुनिया भर से 381 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था. हिंदुस्तानीय टीम के सभी पांच छात्रों ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया. यह पहली बार है, जब इंटरनेशनल फिजिक्स ओलिंपियाड में हिंदुस्तान के सभी प्रतिभागी ने गोल्ड मेडल जीता है. गोल्ड मेडल जीतने वाले हिंदुस्तानीय छात्र कार्तिकेयन एस (महाराष्ट्र) दृष्टि अग्रवाल (मध्य प्रदेश) सौरभ यादव (राजस्थान) सूर्यम गंगवार (महाराष्ट्र) श्रेष्ठ गुप्ता (महाराष्ट्र) कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद मिली टीम में जगह हिंदुस्तानीय टीम का चयन होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR), मुंबई द्वारा किया गया. चुने गए छात्रों ने कई फेज की कठिन चयन प्रक्रिया और विशेष प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिंदुस्तान को रिप्रेजेंट किया. हिंदुस्तान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि इंटरनेशनल फिजिक्स ओलिंपियाड 2026 में सभी पांच प्रतिभागियों के गोल्ड मेडल जीतने के साथ हिंदुस्तान ने प्रतियोगिता के इतिहास में अपना सबसे अच्छा परफॉर्मेंस दिया. यह उपलब्धि न केवल हिंदुस्तानीय छात्रों की प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि देश में साइंस, शिक्षा और शोध के बढ़ते स्तर को भी दर्शाती है. यह सफलता आने वाले वर्षों में विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी. यह भी पढ़ें- PM Internship Scheme: हर महीने मिलेंगे 9 हजार, जानें अप्लाई करने के Step By Step पूरा Process The post MP से 1, राजस्थान से 1 और महाराष्ट्र के 3 स्टूडेंट्स का कमाल, फिजिक्स ओलिंपियाड में हिंदुस्तान को मिला 5 गोल्ड मेडल appeared first on Naya Vichar.

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‘मुझे कई बार इंडस्ट्री से खत्म मान लिया गया था, लेकिन मैं लौट आया’, गोविंदा ने किया कमबैक का ऐलान, कहा- 14 साल तक सुपरस्टार रहा

Govinda Comeback: लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर रहे गोविंदा ने आखिरकार अपनी नई फिल्म ‘रूपा’ का ऐलान कर दिया है. सोमवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोविंदा ने अपनी कमबैक फिल्म का खुलासा किया. इस फिल्म में उनके साथ नई एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार नजर आएंगी. गोविंदा सिर्फ फिल्म के मुख्य एक्टर ही नहीं, बल्कि इसके निर्माता भी हैं. Govinda on His Comeback: गोविंदा ने कहा- ‘मुझे कई बार खत्म मान लिया गया’ द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, गोविंदा ने कहा, “शायद मेरी किस्मत में यही लिखा था कि मुझे कई बार लोगों ने खत्म मान लिया. लोगों ने कहा कि अब मैं फिल्मों में नजर नहीं आऊंगा. लेकिन मैं हर बार फिर से शुरुआत करता हूं. मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि जिस सोच के साथ मैंने यह फिल्म बनाई है और जिसकी कल्पना भी लोग नहीं कर सकते, वह दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाए. यह फिल्म खास तौर पर युवाओं के लिए है. जब वे इसे सिनेमाघरों में देखेंगे तो उनके कई सपने सच होने जैसे महसूस होंगे. मैं इस फिल्म में आध्यात्मिक बातों पर चर्चा नहीं करूंगा.” गोविंदा ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि ‘रूपा’ दर्शकों को कुछ नया अनुभव देगी. View on Instagram Why Number 14 is Special For Govinda: नंबर क्यों है गोविंदा के लिए खास? प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोविंदा ने अपने लकी नंबर 14 का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, “14 मेरा लकी नंबर है. मेरा नाम भी न्यूमरोलॉजी के हिसाब से रखा गया है. बहुत छोटी उम्र से ही मेरा इस पर विश्वास रहा है. जब मैं 14 साल का था, तभी भगवान का आशीर्वाद मिला. मैंने सिर्फ एक हफ्ते में 14 फिल्में साइन की थीं. इसके बाद 14 साल तक सुपरस्टार रहा. फिर 14वीं लोकसभा का सांसद बना. उसके बाद करीब 14 साल संघर्ष किया और फिर फिल्मों में वापसी की. इस बार मैं पांच साल से ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहता था. मैंने खुद से कहा कि अब फिर से शुरुआत करनी है और मुझे उम्मीद है कि यह नई यात्रा यहीं से शुरू हो रही है.” View on Instagram Govinda Shares His Struggle: गोविंदा ने कहा-‘लोग कहते थे हीरो नहीं बन सकते’ गोविंदा ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा, “जब मैं गांव में कहता था कि मैं हीरो बनूंगा तो लोग मेरा मजाक उड़ाते थे. वे कहते थे कि तुम न सिगरेट पीते हो, न शराब पीते हो, न मांस खाते हो, न लहसुन-प्याज खाते हो, फिर हीरो कैसे बनोगे? कुछ लोग कहते थे कि अगर डरकर भागोगे तो संत बन जाओगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मैंने वही किया जो मेरी मां चाहती थीं. आज मुझे लगता है कि यह फिल्म बच्चों के लिए बहुत जरूरी है. ऐसी फिल्में बननी चाहिए ताकि शिशु आगे बढ़ने की प्रेरणा ले सकें.” ये भी पढ़ें: ‘लॉक अप 2’ से बाहर हुईं सुनीता आहूजा, बिगड़ी तबीयत बनी वजह, गोविंदा ने कहा- ‘मैंने इनके ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे’ The post ‘मुझे कई बार इंडस्ट्री से खत्म मान लिया गया था, लेकिन मैं लौट आया’, गोविंदा ने किया कमबैक का ऐलान, कहा- 14 साल तक सुपरस्टार रहा appeared first on Naya Vichar.

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रातभर झाड़ियों में छिपे रहे कोबरा जवान, सुबह घर के बाहर से ऐसे दबोचा गया नक्सली रविंद्र गंझू

Ravindra Ganjhu Arrest: कुख्यात माओवादी रविंद्र गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू को सोमवार, 13 जुलाई की सुबह में गिरफ्तार कर लिया गया. उसे लातेहार के चंदवा की लाधूप पंचायत के बांझीटोला स्थित उसके घर के पास पकड़ा गया. उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर रविवार की रात से कोबरा के पांच जवान सादा लिबास में झाड़ियों में टकटकी लगाये बैठे थे. उन्होंने सुबह होते ही उसे घर के पास दौड़ा कर पकड़ लिया. रविंद्र प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन में रीजनल कमांडर के पद पर है. उस पर प्रशासन ने 15 लाख और एनआइए ने पांच लाख रुपये का इनाम रखा था. उसके ठिकाने से एके-56, एक पिस्टल और एक कट्टा मिला है. पिछले दो वर्षों में सीआरपीएफ का यह पहला ऑपरेशन कामयाब रहा.  ऐसे हुई गिरफ्तारी ऑपरेशन से जुड़े अधिकारी ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी बड़े ही नाटकीय अंदाज में हुई. ना गोली चली और ना कोई खास मशक्कत करनी पड़ी. रविंद्र झारखंड पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था. सीआरपीएफ के खुफिया विंग को सूचना मिली थी कि रविंद्र अपने घर पर आया हुआ है. मौके पर रविंद्र गंझू खतरे का अंदेशा होने पर भागने लगा, जिसके बाद उसे जवानों ने दौड़ा कर पकड़ लिया. इसके बाद पहले से ही कुछ दूरी पर चार गाड़ियों में तैनात बैकअप जवान पहुंचे. फिर रविंद्र को साथ लेकर लातेहार चले गये.  कई जिलों में फैला था नेटवर्क रविंद्र गंझू लातेहार जिले के चंदवा स्थित हेसला मौजा के बांझीटोला का रहनेवाला है. उस पर लातेहार, लोहरदगा और गुमला आदि जिलों में 55 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. उसकी गिरफ्तारी से पलामू और रांची प्रमंडल में नक्सली लीडरशीप खत्म हो गयी है. लातेहार पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. पुलिस सूत्र बताते हैं कि रविंद्र गंझू के अलावा भी दो और लोगों को पुलिस ने पकड़ा है. उनके भी माओवादी संगठन में संलिप्तता के बिंदु की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार, रविंद्र हाइटेक इंटरसेप्टर का उपयोग कर पुलिस वालों के वायरलेस पर होने वाली बातचीत को सुन लेता था. वह एके-47 और एके-56 जैसे मारक क्षमता वाले हथियारों का इस्तेमाल करता था. गृह मंत्री की सभा के दिन मारे गये थे चार पुलिसकर्मी, उस कांड का मुख्य आरोपी है गंझू 22 नवंबर 2019 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चंदवा में सभा थी. उस दिन लातेहार जिले के चंदवा स्थित लुकुईया मोड़ के पास तैनात पुलिसकर्मियों पर रविंद्र गंझू और उसके दस्ते ने हमला कर दिया था. उसमे चार पुलिसकर्मी मारे गये थे. मामले में रविंद्र मुख्य आरोपी था. इसमें माओवादियों के ओवर ग्राउंड वर्कर सुनील गंझू, फगुना गंझू और बैजनाथ गंझू के भी नाम सामने आये थे. फगुना झाड़ियों में छिपकर पुलिस की रेकी कर रहा था, जबकि सुनील अपनी बाइक पर हमलावर दस्ते के दो शूटरों को बीरजांघा जंगल से लेकर वारदात की जगह तक आया था. इस सफल हमले और हथियारों की लूट से खुश होकर रविंद्र गंझू ने बोदा तालाब के पास अपने इन मददगारों को पांच-पांच हजार रुपये का इनाम भी बांटा था. इस मामलों में एनआइए को थी रविंद्र गंझू की तलाश माओवादी सेंट्रल कमेटी मेंबर सुधाकरण के सहयोगी गुमला निवासी प्रभु साव की निशानदेही पर लातेहार के गारू के रूप पंचायत क्षेत्र से हथियार व नक्सली साहित्य मिले थे. वहीं चंदवा के लुकुइया में चार पुलिसकर्मियों की हत्या हुई थी. फरवरी 2022 में लातेहार-लोहरदगा सीमा पर स्थित बुलबुल जंगल में ऑपरेशन डबल बुल के तहत बड़ी संख्या में हथियार मिले थे. उक्त मामलों में एनआइए को रविंद्र गंझू की तलाश थी. पूर्व में एनआइए ने रविंद्र गंझू के चंदवा के हेसला मौजा के बांझीटोला स्थित आवास को सील किया था. जांच एजेंसी के अनुसार, रविंद्र ने उक्त घर लेवी के पैसे से बनाये थे. पत्नी ने बताया : खेत जोतने की तैयारी में थे पति, तभी पकड़ लिया गया रविंद्र गंझू की पत्नी ललिता देवी व अन्य परिजनों ने बताया कि पिछले करीब पांच-छह साल से वह संगठन से दूर थे. सोमवार की सुबह वह खेत जोतने की तैयारी में था. तभी घर के आगे व पीछे से चार गाड़ियों से दर्जनों लोगों ने घर को घेर लिया. यह देखकर वह भागने लगा. फिर उसे दौड़ा कर पकड़ा गया. पत्नी ने बताया कि कुछ लोग सिविल में थे. बाकी पुलिस की वर्दी में थे. चार गाड़ी से आये थे. उनके साथ एक बड़ा कुत्ता भी था. पकड़ने के बाद नये घर की तरफ से रविंद्र को ले जाया गया. रविंद्र की पत्नी ललिता देवी ने आरोप लगाया है कि उसकी गिरफ्तारी पुलिस ने की है. उसने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पुलिस उसे न्यायालय में प्रस्तुत करे. न्यायिक तौर पर सभी करवाई की जाये. पत्नी ने कहा कि उसने पूर्व में अपने पति को सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन उसने नहीं किया था. यह भी पढ़ें- स्कूल कैंपस में सर्पदंश मामले में मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान, मुख्य सचिव से मांगा जवाब यह भी पढ़ें- आईटीबीपी अधिकारी को झारखंड हाईकोर्ट से राहत, एसीआर विवाद में आदेश रद्द The post रातभर झाड़ियों में छिपे रहे कोबरा जवान, सुबह घर के बाहर से ऐसे दबोचा गया नक्सली रविंद्र गंझू appeared first on Naya Vichar.

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