Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

5G के जमाने में फिर लौटे 4G फोन, आखिर क्यों बदल गया मोबाइल बाजार?

कुछ साल पहले तक लग रहा था कि 5G आने के बाद 4G फोन धीरे-धीरे बाजार से गायब हो जाएंगे. कंपनियां लगातार नए 5G फोन लॉन्च कर रही थीं और ग्राहकों को भी लगने लगा था कि अब नया फोन लेना है तो 5G ही लेना चाहिए. लेकिन 2026 में कहानी थोड़ी पलट गई है. हिंदुस्तान में एक बार फिर 4G स्मार्टफोन की मांग बढ़ रही है. खासकर 10,000 से 15,000 रुपये वाले बजट में ग्राहक 5G के बजाय 4G फोन की तरफ देख रहे हैं. इसकी वजह सिर्फ ग्राहकों की पसंद नहीं है. इसके पीछे मोबाइल फोन की बढ़ती कीमत, मेमोरी चिप का महंगा होना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की बढ़ती मांग का बड़ा स्पोर्ट्स है. दिलचस्प बात ये है कि कंपनियां भी अब इस ट्रेंड को समझ चुकी हैं. यही वजह है कि 4G फोन सिर्फ पुराने मॉडल के रूप में नहीं, बल्कि नए मॉडल के तौर पर भी बाजार में वापस आ रहे हैं. 2026 में 4G फोन की बिक्री बढ़ने की वजह क्या है? मार्केट रिसर्च कंपनी काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुमान के मुताबिक, हिंदुस्तान में 2026 के दौरान 4G स्मार्टफोन की शिपमेंट में सालाना आधार पर 3 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. अब इस आंकड़े को समझिए. 2025 में हिंदुस्तान में 4G स्मार्टफोन की शिपमेंट करीब 48 फीसदी गिर गई थी. यानी एक साल पहले तक 4G तेजी से पीछे जा रहा था. लेकिन 2026 में इसकी मांग फिर बढ़ती दिख रही है. अनुमान है कि हिंदुस्तानीय स्मार्टफोन बाजार में 4G फोन की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 13 फीसदी हो सकती है. इसकी एक बड़ी वजह 10,000 से 20,000 रुपये का सेगमेंट है. 2025 में इस कीमत वाले सेगमेंट में सिर्फ करीब 2 ब्रांड 4G मॉडल बेच रहे थे. 2026 में ऐसे ब्रांड्स की संख्या बढ़कर 12 हो गई है. यानी कंपनियां खुद भी मान रही हैं कि ऐसे ग्राहकों की कमी नहीं है जो कम कीमत में अच्छा फोन चाहते हैं, भले ही उसमें 5G न हो. असली स्पोर्ट्स एआई और मेमोरी चिप का है अब सवाल है कि आखिर 5G फोन महंगे क्यों पड़ रहे हैं? इसके पीछे एआई का भी बड़ा हाथ है. दुनिया भर में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. एआई चलाने वाले बड़े डेटा सेंटर और सर्वर बड़ी मात्रा में मेमोरी चिप का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में मेमोरी बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन क्षमता का बड़ा हिस्सा एआई और सर्वर से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में जा रहा है. इसका असर स्मार्टफोन पर भी पड़ा है. फोन में इस्तेमाल होने वाली डीआरएएम और एनएएनडी फ्लैश स्टोरेज जैसी मेमोरी की कीमत तेजी से बढ़ी है. रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2025 के बाद से स्मार्टफोन मेमोरी की कीमतों में करीब चार गुना तक बढ़ोतरी हुई है. अब कंपनियों के लिए मुश्किल ये है कि फोन की कीमत बहुत ज्यादा बढ़ाएं तो ग्राहक महंगा फोन नहीं खरीदेंगे और कीमत कम रखें तो कंपनी का मुनाफा दब जाएगा. यही वजह है कि 15,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. 2026 की दूसरी तिमाही में इस सेगमेंट की स्मार्टफोन शिपमेंट में करीब 45 फीसदी गिरावट दर्ज होने की बात कही गई है. 5G के बजाय 4G फोन में ज्यादा फीचर्स देने की कोशिश मान लीजिए किसी कंपनी को 10,000 से 15,000 रुपये में फोन बेचना है. अगर वह फोन 5G वाला बनाती है तो उसे 5G चिपसेट के साथ रैम, स्टोरेज और बाकी हार्डवेयर पर भी खर्च करना होगा. ऊपर से मेमोरी की कीमत पहले ही बढ़ी हुई है. ऐसे में कंपनी के सामने दो रास्ते हैं. या तो फोन की कीमत बढ़ाए या फिर 5G हटाकर उसी बजट में बाकी हार्डवेयर बेहतर करे. कई कंपनियां दूसरा रास्ता चुन रही हैं. यानी 5G की जगह 4G कनेक्टिविटी, लेकिन साथ में बड़ी बैटरी, बेहतर डिस्प्ले और ज्यादा स्टोरेज. और यहां एक और बात समझने वाली है. हर ग्राहक को 5G की जरूरत भी नहीं है. बहुत से लोग फोन का इस्तेमाल कॉलिंग, व्हॉट्सऐप, सोशल मीडिया, यूपीआई पेमेंट, यूट्यूब और दूसरी रोजमर्रा की चीजों के लिए करते हैं. इन कामों के लिए 4G नेटवर्क अभी भी काफी है. ऐसे में अगर 5G के लिए 2-3 हजार रुपये ज्यादा देने पड़ें और उसी पैसे में 4G फोन में बेहतर डिस्प्ले या ज्यादा स्टोरेज मिल रहा हो, तो कुछ ग्राहक 4G को चुन रहे हैं. क्या 4G फोन की वापसी लंबे समय तक रहेगी? ये सबसे दिलचस्प सवाल है. काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुमान के मुताबिक, 2027 तक हिंदुस्तानीय स्मार्टफोन बाजार में 4G फोन की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी तक पहुंच सकती है. इसका मतलब ये नहीं है कि 4G फिर से 5G को पीछे छोड़ देगा. ऐसा भी नहीं है कि 5G फोन की मांग खत्म हो रही है. असल कहानी बजट सेगमेंट की है. जब तक मेमोरी और दूसरे सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स की कीमतों पर दबाव बना रहेगा, कंपनियों के लिए कम कीमत में 5G फोन बनाना चुनौती बना रह सकता है. आईडीसी की रिपोर्ट में भी मेमोरी की बढ़ती लागत का असर हिंदुस्तानीय स्मार्टफोन बाजार पर दिखने की बात कही गई है. औसत स्मार्टफोन बिक्री कीमत यानी एएसपी भी काफी ऊपर पहुंच गई है. ऐसे माहौल में 4G फोन कंपनियों के लिए भी एक रास्ता है और कम बजट वाले ग्राहकों के लिए भी. यानी 5G खत्म नहीं हो रहा है. बस 4G ने एक बार फिर याद दिला दिया है कि मोबाइल बाजार में पुरानी तकनीक भी तब लौट सकती है, जब उसकी कीमत और जरूरत दोनों का हिसाब ग्राहकों के पक्ष में बैठ जाए. ये भी पढ़ें: Redmi 17C 5G हिंदुस्तान में हुआ लॉन्च: 6,000mAh की दमदार बैटरी और 50MP कैमरे से लैस है यह बजट स्मार्टफोन, जानें कीमत और फीचर्स ये भी पढ़ें: 6000mAh बैटरी, 50MP कैमरा और 6 साल का अपडेट… Samsung ने ₹18,499 में उतारा नया फोन 4G vs 5G फोन: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल {“type”:”faq”,”question”:”1. क्या 2026 में 4G फोन की बिक्री बढ़ रही है?”,”answer”:”हां. काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुमान के मुताबिक, हिंदुस्तान में 2026 के दौरान 4G स्मार्टफोन शिपमेंट में करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. 4G की बाजार हिस्सेदारी करीब 13 फीसदी रहने का अनुमान

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मुंबई में सीजेपी चीफ का ऐलान- ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर करेंगे आंदोलन

मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अब दिल्ली कूच का ऐलान किया है. इसी मांग को लेकर अब उन्होंने दिल्ली कूच का ऐलान किया है. संगठन ने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देशभर से ‘कॉकरोच’ 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचेंगे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे. सीजेपी ने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा और प्रदर्शनकारी महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलेंगे. संगठन के मुताबिक, लोकतंत्र और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर यह आंदोलन किया जाएगा. ‘जहां रोकेंगे, वहीं बनेगा हमारा जंतर-मंतर’ सीजेपी ने दिल्ली पुलिस को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है. संगठन का कहना है कि अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर जाने से रोकती है, तो जिस जगह पर उन्हें रोका जाएगा, वहीं वे धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे. सीजेपी ने इसे अपने आंदोलन का ‘जंतर-मंतर’ बनाने की बात कही है. 20 जुलाई की कार्रवाई का भी किया जिक्र अपने बयान में सीजेपी ने 20 जुलाई को हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन और दिल्ली पुलिस के सामने यह तय करने का विकल्प है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करें या फिर उस कथित कार्रवाई को दोहराएं, जिसे संगठन ने ‘क्रूरता’ बताया है. ‘आज आपकी वजह से देश के सारे शिशु गरीब मां के बेटे बन गये’ दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि 12 साल में कुछ अच्छा कर लेते देश के लिए. हमारे पैसे पर ये इंसान दुनिया घूम रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार कह रहे हैं कि वे गरीब मां के बेटे हैं. उनकी वजह से आज सारे शिशु गरीब मां के बेटे बन गये हैं. देश की रीढ़ हैं आंबेडकर, गांधी आत्मा हैं : दीपके अभिजीत ने कहा कि डॉ आंबेडकर हिंदुस्तान की रीढ़ हैं, पंडित जवाहर लाल नेहरू देश के दिमाग हैं और गांधी देश की आत्मा हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को लगता है कि चुनाव जीतकर वे गांधी, नेहरू और आंबेडकर बन जायेंगे. लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा. गांधी, नेहरू और आंबेडकर त्याग से महान बने थे. जब हमें मालूम भी नहीं था, तब आंबेडकर-गांधी ने दिया वोटिंग का अधिकार दीपके ने कहा कि नेहरू और आंबेडकर ने हमें तब वोटिंग का अधिकार दिया था, जब हमें मालूम भी नहीं था कि वोट होता क्या है. चुनाव क्या होता है. जब लोगों को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं थी, तब उन्होंने लोगों को मतदान का अधिकार दिया. ये उनकी महानता थी. ‘लोकतंत्र बचाने की लड़ाई’ का दावा सीजेपी ने अपने आह्वान में कहा कि उसका आंदोलन लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है. संगठन ने उन सभी नागरिकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के पक्ष में हैं. ये भी पढ़ें: धर्मेंद्र के बाद अब CEC ज्ञानेश के इस्तीफा की मांग पर अड़े दीपके, क्या दूसरी बार मोदी प्रशासन को झुका पाएगी CJP? The post मुंबई में सीजेपी चीफ का ऐलान- ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर करेंगे आंदोलन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन में दीपके को याद आया पीएम मोदी का फैशन सेंस और स्क्रीन केयर

CJP Mumbai Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को गांधी जयंती के दिन देशभर में प्रदर्शन हुए. देश की राजधानी दिल्ली से लेकर आर्थिक राजधानी मुंबई तक, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. तख्तियां लेकर प्रोटेस्ट किया. सोशल मीडिया पर मीम्स बने. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंचे और प्रोटेस्ट में शामिल हुए. अभिजीत दीपके ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर जमकर हमला बोला और पीएम मोदी पर भी तंज किया. पीएम मोदी पर तंज करते हुए दीपके ने कहा कि ‘भाई को कुछ आता हो या न आता हो, भाई का फैशन सेंस तो बहुत बढ़िया है. भाई के फैशन सेंस और स्किन केयर को तो मानना पड़ेगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि बड़े से बड़े एक्टर और बड़े से बड़े मॉडल को भी भाई ने पीछे छोड़ दिया. लगे मेलोडी-मेलोडी के नारे प्रदर्शन के दौरान मेलोडी-मेलोडी के नारे भी लगे. इस पर अभिजीत दीपके ने कहा कि मेलोडी खानी है या इक्लेयर्स, उससे हमें कोई लेना-देना नहीं है. जिस काम के लिए चुन के भेजा था वो काम करो. उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश और दुनिया में लोकतंत्र का मतलब क्या होता है. जनता प्रशासन चुनती है. उन्होंने लोगों से पूछा भी कि यही मतलब है न. अभिजीत दीपके ने आगे कहा कि अब ये नॉन बायोलॉजिकल इंसान, इसके हिसाब से प्रशासन चुनेगी वोटर को. दीपके ने एसआईआर को लेकर कहा कि अगर यही काम पिछली प्रशासन करती तो तुम प्रधानमंत्री नहीं बनते. तुम आज भी चाय का ठेला ही लगाते. कुछ भी ट्वीट कर देते कि जब भी ठंडी चाय पिलाता था तो लोग मुझे मारते थे. अरे.. ठंडी चाय पिलाते क्यों थे, ठंडी चाय कौन पिलाता है भई. देश में अकेला विक्टिम है ‘भाई’ दीपके ने आगे कहा कि ठंडी चाय पिलाने पर भी सहानुभूति चाहिए भाई को, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस देश में अकेला विक्टिम है ‘भाई’. उन्होंने ये भी कहा कि जो लड़कियां दिल्ली में, मुंबई में, बेंगलुरु में, स्त्री सुरक्षा के प्रोटेस्ट कर रही हैं, वो विक्टिम नहीं हैं. विक्टिम कौन है. मतलब इतना नार्सिसिस्ट, इतना सेल्फ ऑब्सेस्ड इंसान है कि विक्टिम बनने का मौका भी किसी और को नहीं देता, हर चीज का विक्टिम खुद ही है. यह भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर मुंबई में CJP का प्रदर्शन,फडणवीस बोले- ‘फर्जी नैरेटिव नहीं चलेगा’ The post ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन में दीपके को याद आया पीएम मोदी का फैशन सेंस और स्क्रीन केयर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

झारखंड में 3 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम? IMD ने जारी किया ‘नो वार्निंग’, जानें रांची का हाल

रांची. झारखंड में 3 अक्टूबर को मौसम में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अक्टूबर के लिए पूरे राज्य में किसी तरह की भारी बारिश, आंधी या अन्य गंभीर मौसम की चेतावनी जारी नहीं की है. IMD के 2 अक्टूबर के अपडेट में 3 अक्टूबर के लिए झारखंड को ‘नो वार्निंग’ श्रेणी में रखा गया है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि राज्य में कहीं बारिश नहीं होगी. स्थानीय स्तर पर बादल बनने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है. मौसम केंद्र रांची पांच दिन तक मौसम का पूर्वानुमान और गंभीर मौसम के लिए चेतावनी जारी करता है. रांची में 20 डिग्री के आसपास रह सकता है न्यूनतम तापमान राजधानी रांची में 3 अक्टूबर को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है. एक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार रांची में अधिकतम तापमान करीब 26.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 20.6 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. बारिश की संभावना करीब 17 फीसदी बतायी गयी है. इससे राजधानी में सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है, जबकि दिन में बादलों की स्थिति के अनुसार तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. यह भी पढ़ें: दक्षिण कोरिया से हासिल किया फोर्थ डॉन ब्लैक बेल्ट, स्वास्थ्य मंत्री ने शकील अंसारी को किया सम्मानित राज्य में फिलहाल भारी बारिश का अलर्ट नहीं IMD के ताजा सब-डिवीजन वार्निंग बुलेटिन के अनुसार 3 अक्टूबर के अलावा 4 अक्टूबर को भी झारखंड के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गयी है. 5 से 8 अक्टूबर तक भी उपलब्ध सात दिवसीय चेतावनी में राज्य के लिए ‘नो वार्निंग’ दर्ज है. इसलिए फिलहाल झारखंड में भारी बारिश का कोई राज्यव्यापी अलर्ट नहीं है. हालांकि मौसम तेजी से बदल सकता है और स्थानीय स्तर पर बारिश या गरज-चमक की स्थिति बनने पर तत्काल पूर्वानुमान अलग हो सकता है. किसानों और बाहर निकलने वालों के लिए क्या मतलब 3 अक्टूबर को फिलहाल मौसम को लेकर किसी बड़े खतरे की चेतावनी नहीं है. फिर भी स्थानीय मौसम में अचानक बदलाव संभव है. खासकर खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को गरज-चमक की स्थिति बनने पर सावधानी बरतनी चाहिए. नोट: मौसम का स्थानीय पूर्वानुमान कुछ घंटों में बदल सकता है. इसलिए बारिश, वज्रपात या आंधी से जुड़ी तत्काल स्थिति के लिए IMD के अबकास्ट और जिला-स्तरीय अपडेट को देखना सबसे उपयुक्त रहेगा. यह भी पढ़ें: रांची-मुरी रोड पर दर्दनाक हादसा, बस की चपेट में आने से स्कूटी सवार मन्नु उरांव की मौत The post झारखंड में 3 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम? IMD ने जारी किया ‘नो वार्निंग’, जानें रांची का हाल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘बेटा मिलने तक नहीं हटेंगे’… प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर 3 महीने से लापता अनुज के लिए परिवार का धरना

UP News: तीन महीने से बेटे का इंतजार कर रहे हाथरस के एक परिवार की बेचैनी अब वृंदावन तक पहुंच गई है. 16 वर्षीय अनुज चौधरी के लापता होने से परेशान माता-पिता और ग्रामीण केली कुंज आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए. परिवार का दावा है कि अनुज दीक्षा लेने के बाद से घर नहीं लौटा है. वहीं, आश्रम की ओर से परिजनों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया गया है. तीन महीने से नहीं मिला अनुज हाथरस के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के बारामई खेड़ा गांव निवासी राजवीर सिंह का 16 वर्षीय बेटा अनुज चौधरी करीब तीन महीने से लापता है. परिवार के अनुसार, अनुज अपनी ननिहाल पानीगांव आता-जाता था. इसी दौरान वह वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए जाने लगा. बाद में उसने दीक्षा लेने की इच्छा जताई और परिवार के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले दीक्षा ली. आश्रम के बाहर बैठे परिजन अनुज के वापस नहीं लौटने पर परिजन शुक्रवार को ग्रामीणों के साथ वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचे. परिवार ने आश्रम से अनुज को सामने लाने की मांग की. काफी देर तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर परिजन आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए. धरने में अनुज के माता-पिता, दादी, चार बहनें, चाचा और गांव के अन्य लोग शामिल रहे. परिवार का कहना है कि बेटा मिलने तक वे वहां से नहीं जाएंगे. पुलिस ने आश्रम में की पूछताछ हंगामे की सूचना मिलने पर सीओ वृंदावन संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली. इसके बाद अधिकारी आश्रम के अंदर गए और अनुज से जुड़े रिकॉर्ड और जानकारी जुटाई. आश्रम की ओर से आए एक साधक ने परिवार को बताया कि अनुज की फोटो सेवादारों के अलग-अलग ग्रुप में साझा की गई थी. गुरु पूर्णिमा के दौरान बड़ी संख्या में शिष्य आए थे और अनुज के वहां मौजूद होने की बात भी कही गई. साधक ने परिवार को रिकॉर्ड और वीडियो दिखाने की बात कहते हुए आगे भी सहयोग का भरोसा दिया. हाथरस में पहले से दर्ज है मुकदमा पुलिस के अनुसार, अनुज के लापता होने के मामले में हाथरस के सादाबाद में मुकदमा दर्ज है. सीओ वृंदावन ने बताया कि केली कुंज आश्रम के दीक्षा संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. वहीं, अनुज की दादी मुन्नी का आरोप है कि वह दर्शन के लिए आश्रम आया था, लेकिन इसके बाद वापस घर नहीं लौटा. परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक अनुज के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है. इसी वजह से वे आश्रम के बाहर धरने पर बैठे हैं. Also Read: गांधी जयंती पर यूपी वालों को बड़ा तोहफा, खादी खरीदने पर मिलेगी 25% छूट, CM योगी ने किया ऐलान; जानें कब तक उठाएं फायदा The post ‘बेटा मिलने तक नहीं हटेंगे’… प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर 3 महीने से लापता अनुज के लिए परिवार का धरना appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

भाजपा जिलाध्यक्ष पर दुष्कर्म का आरोप: बलिया की महिला पदाधिकारी बोली- वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया शोषण

UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी की एक स्त्री पदाधिकारी ने पार्टी के जिला अध्यक्ष समेत कई लोगों पर वीडियो बनाकर धमकाने, शोषण करने और दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. स्त्री का दावा है कि आरोपियों ने कथित वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे लंबे समय तक डराया-धमकाया. जब उसने विरोध किया तो कथित वीडियो वायरल कर दिया गया. स्त्री ने बातचीत में खुद को भाजपा जिला कार्यसमिति की सदस्य बताया है. उसका आरोप है कि घटना के बाद उसने स्थानीय कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कई दिनों तक प्रयास किया, लेकिन उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई. बाद में उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज होने का दावा किया गया है. वीडियो बनाकर धमकाने का लगाया आरोप स्त्री के मुताबिक, संजय मिश्रा, आलोक सिंह मोनू, गणेश गुप्ता और अजीत मिश्रा चंदन समेत कुछ लोगों ने उसका कथित वीडियो बनाया. उसका आरोप है कि इसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ शोषण किया गया. स्त्री ने दावा किया कि जब उसने आरोपित लोगों का विरोध किया और आगे ऐसा करने से मना किया तो कथित वीडियो वायरल कर दिया गया. इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की. 15 दिन तक थाने के चक्कर लगाने का दावा स्त्री का कहना है कि वह प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए करीब 15 दिनों तक कोतवाली के चक्कर लगाती रही, लेकिन उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई. उसका आरोप है कि भाजपा जिला अध्यक्ष के प्रभाव के कारण उसकी एफआईआर रोकी गई. स्त्री के अनुसार, बाद में उसने उच्च अधिकारियों से शिकायत की, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ. उसका यह भी दावा है कि प्राथमिकी में उसके द्वारा बताए गए कुछ नाम शामिल नहीं किए गए या धाराएं हल्की रखी गईं. स्त्री का कहना है कि उसने अपने बयान और शपथ पत्र के माध्यम से पुलिस के सामने अपनी बात रखी है. जिलाध्यक्ष पर क्या आरोप लगाए? स्त्री ने भाजपा जिला अध्यक्ष संजय मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी कार्यालय में कथित तौर पर स्त्रीओं का शोषण किया जाता है. उसने मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण के आरोप भी लगाए. हालांकि, ये सभी स्त्री द्वारा लगाए गए आरोप हैं. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस स्तर पर नहीं हुई है. पुलिस की विवेचना के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. अन्य स्त्रीओं के शोषण का भी दावा स्त्री ने दावा किया कि यह केवल उसके साथ हुई घटना नहीं है और कुछ अन्य स्त्रीएं भी कथित तौर पर प्रताड़ित हुई हैं. हालांकि, उसने जिन अन्य स्त्रीओं का जिक्र किया है, उनके नाम या उनकी ओर से सामने आकर की गई कोई स्वतंत्र शिकायत इस बातचीत में सामने नहीं आई है. स्त्री ने कहा कि वह अपने लिए न्याय की मांग के साथ-साथ कथित रूप से प्रताड़ित अन्य स्त्रीओं के लिए भी आवाज उठा रही है. पुलिस जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई स्त्री का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उसने पुलिस को अपना विस्तृत बयान और शपथ पत्र दिया है. अब उसे विवेचना की स्थिति की जानकारी नहीं है. मामले में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं. ऐसे में पुलिस की जांच, दर्ज एफआईआर, मेडिकल/फॉरेंसिक साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और संबंधित पक्षों के बयान से ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी. यह भी पढ़ें: देवरिया में RSS कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या, ब्रेकर को लेकर विवाद ने लिया खूनी मोड़ बलिया से अमित कुमार पांडेय की रिपोर्ट The post भाजपा जिलाध्यक्ष पर दुष्कर्म का आरोप: बलिया की स्त्री पदाधिकारी बोली- वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया शोषण appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

UP Congress में नई टीम का ऐलान, आराधना मिश्रा अध्यक्ष और इमरान मसूद कार्यकारी अध्यक्ष, क्या है 2027 विधानसभा चुनाव से पहले की नई रणनीति?

UP Congress New President: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव करते हुए पार्टी ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. वहीं, सहारनपुर से लोकसभा सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा कांग्रेस ने देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. यह बदलाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश संगठन में किया गया है. रामपुर खास से तीन बार विधायक हैं आराधना मिश्रा आराधना मिश्रा प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं और कांग्रेस विधायक दल की नेता भी रह चुकी हैं. वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं. आराधना मिश्रा दो दशक से अधिक समय से सक्रिय नेतृत्व में हैं और रामपुर खास सीट से तीन बार विधायक रह चुकी हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक जानकारी में भी रामपुर खास से उनकी सदस्यता और पिता के रूप में प्रमोद तिवारी का नाम दर्ज है. इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सहारनपुर से लोकसभा सांसद इमरान मसूद को यूपी कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. इससे पहले वह उत्तर प्रदेश कांग्रेस में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. आराधना मिश्रा को प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाली नेताओं में बताया गया है. वहीं, पार्टी के भीतर उत्तर प्रदेश में संगठन को लेकर लंबे समय से बदलाव की चर्चा चल रही थी. नई टीम में सामाजिक प्रतिनिधित्व पर जोर आराधना मिश्रा की नियुक्ति के साथ अजय राय का उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल खत्म हो गया है. अब प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी नई टीम के हाथों में होगी. पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्षों की नियुक्ति की है. इस बदलाव को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व नई टीम में आराधना मिश्रा के रूप में ब्राह्मण चेहरा, इमरान मसूद के जरिए मुस्लिम प्रतिनिधित्व और देवेंद्र निषाद व आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए जाने से अलग-अलग सामाजिक समूहों को जगह मिली है. वहीं, राजेंद्र पाल गौतम पहले से उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इस वजह से कांग्रेस के नए संगठन को ब्राह्मण, मुस्लिम, दलित और OBC प्रतिनिधित्व के नजरिए से भी देखा जा रहा है. Must Read- UP में आया ‘समाजवादी पानी’, बोतल पर नेताओं की फोटो देख लोग हैरान, जानिए बुलंदशहर सपा दफ्तर की वायरल तस्वीरों का पूरा सच The post UP Congress में नई टीम का ऐलान, आराधना मिश्रा अध्यक्ष और इमरान मसूद कार्यकारी अध्यक्ष, क्या है 2027 विधानसभा चुनाव से पहले की नई रणनीति? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

3 अक्टूबर 2026: एक ही दिन 2 इंटरनेशनल मैच खेलने उतरेगी टीम इंडिया, 28 साल बाद बना संयोग

India Pakistan cricket final 2026: हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिए शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 का दिन बेहद खास रहने वाला है. टीम इंडिया एक ही दिन दो अलग-अलग देशों के खिलाफ दो बड़े मुकाबले स्पोर्ट्सेगी. सुबह जापान में एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट फाइनल में हिंदुस्तान का सामना पाकिस्तान से होगा, जबकि दोपहर में हिंदुस्तानीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला स्पोर्ट्सेगी. ये भी पढ़ें: Viral Video: चैंपियन बनने के बाद डीजे ब्रावो के गाने पर जमकर नाची स्त्री हॉकी टीम सुबह पाकिस्तान के खिलाफ गोल्ड मेडल की लड़ाई एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट का फाइनल हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच 3 अक्टूबर को जापान के निशिन स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में स्पोर्ट्सा जाएगा. यह मुकाबला गोल्ड मेडल के लिए होगा. हिंदुस्तानीय समय के अनुसार मैच सुबह 10 बजे शुरू होगा. हिंदुस्तान ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई. हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 169 रन बनाए, जिसमें ईशान किशन ने नाबाद 80 रन की पारी स्पोर्ट्सी. इसके बाद हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को 45 रन पर समेट दिया. दूसरी ओर, पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया. अब दोनों टीमें गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने होंगी. दोपहर में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा ODI एशियन गेम्स के फाइनल के कुछ घंटे बाद हिंदुस्तानीय क्रिकेट फैंस को एक और मुकाबला देखने को मिलेगा. हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच न्यू चंडीगढ़ के PCA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर में स्पोर्ट्सा जाएगा. यह मुकाबला हिंदुस्तानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस करीब 1:30 बजे होगा. यह मुकाबला मुल्लांपुर के इस मैदान पर पहला पुरुष ODI भी होगा. ये भी पढ़ें: Video: ‘मुकाबले से पहले मां रातभर सो नहीं पाई थीं’, गोल्ड मेडल जीतने के बाद अंकिता भकत ने किया खुलासा 1998 में भी एक दिन स्पोर्ट्से थे दो मुकाबले हिंदुस्तानीय क्रिकेट में 3 अक्टूबर 2026 की यह स्थिति नई जरूर है, लेकिन एक दिन में दो अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का उदाहरण पहले भी मिल चुका है. 12 सितंबर 1998 को हिंदुस्तान की एक टीम ने कुआलालंपुर में कॉमनवेल्थ गेम्स के ग्रुप मैच में कनाडा का सामना किया था. हिंदुस्तान ने यह मुकाबला 112 रन से जीता था. हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 157/9 बनाए थे, जिसके जवाब में कनाडा की टीम 45 रन पर ऑलआउट हो गई थी. उसी दिन टोरंटो में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच सहारा ‘फ्रेंडशिप’ कप का पहला वनडे भी स्पोर्ट्सा गया. हिंदुस्तान ने इस मुकाबले में पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया था. यानी 1998 में भी हिंदुस्तान ने एक ही तारीख को दो अलग-अलग मुकाबले स्पोर्ट्से और दोनों में जीत हासिल की थी. The post 3 अक्टूबर 2026: एक ही दिन 2 इंटरनेशनल मैच स्पोर्ट्सने उतरेगी टीम इंडिया, 28 साल बाद बना संयोग appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ज्ञानेश ब्रो, जस्ट रिजाइन…, तस्वीरों में देखें CJP का प्रदर्शन, जानें क्या हैं मांगें

मुंबई के शिवाजी पार्क में शुक्रवार, 2 अक्टूबर को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. गांधी जयंती के मौके पर हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और अलग-अलग छात्र संगठनों से जुड़े लोग पहुंचे. प्रदर्शनकारियों के हाथों में मीम वाले पोस्टर, फिल्मी डायलॉग और चुनाव से जुड़े सवाल लिखी तख्तियां नजर आईं. गांधी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनकर पहुंचे लोग प्रदर्शन के दौरान मंच पर मौजूद कई लोग महात्मा गांधी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने नजर आए. मंच पर अहिंसा और सादगी से जुड़े गांधी के विचारों के साथ डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि देने वाले संदेश भी लगाए गए थे. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की क्यों हो रही मांग? CJP का कहना है कि चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची में किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठ रहे हैं. संगठन का आरोप है कि इससे लोगों के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है. इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे देना चाहिए. CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि मुंबई के प्रदर्शन को आगे देश के दूसरे हिस्सों में भी ले जाया जाएगा. उन्होंने संकेत दिया कि आंदोलन का अगला पड़ाव दिल्ली का जंतर-मंतर होगा. सीजेपी ने इसे ‘जेल भरो आंदोलन’ का नाम दिया है. संगठन का कहना है कि जब तक उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा. ये भी पढ़ें: Jantar Mantar Protest : ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं नेहा बोरा हिरासत में, घसीटकर ले गई दिल्ली पुलिस; देखें Video The post ज्ञानेश ब्रो, जस्ट रिजाइन…, तस्वीरों में देखें CJP का प्रदर्शन, जानें क्या हैं मांगें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar Politics: लालू के बुलावे पर पटना लौटीं रोहिणी, तेजस्वी की अनुपस्थिति ने खड़े किए कई सवाल?

Rohini Acharya Patna Return बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को मिली हार और भाई तेजस्वी यादव के साथ विवाद की चर्चाओं के बाद पटना छोड़कर सिंगापुर गईं रोहिणी आचार्य गुरुवार शाम एक बार फिर अपने पिता लालू प्रसाद के बुलावे पर पटना पहुंचीं. रोहिणी आचार्य के पटना लौटते ही आरजेडी में उनकी संभावित भूमिका को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.पटना पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी आचार्य ने कहा कि वह अपने पिता के बुलावे पर पटना आई हैं और उनके आने को नेतृत्व के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. हालांकि, पार्टी सूत्रों का दावा है कि राजद रोहिणी आचार्य को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में लालू प्रसाद ने पार्टी के शीर्ष नेताओं और परिवार के सदस्यों से बातचीत भी की है. MLC चुनाव के बीच रोहिणी की वापसी रोहिणी आचार्य का पटना लौटना ऐसे समय हुआ है, जब बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है. राजद ने आठ में से छह सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं. इनमें तीन सीटों पर राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं. कांग्रेस और राजद के बीच इन सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवार उतारे जाने के बाद महागठबंधन के भीतर चुनावी तालमेल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में रोहिणी आचार्य की पटना वापसी को लेकर नेतृत्वक हलकों में भी अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं. रोहिणी आचार्य को करीब से जानने वाले लोगों का कहना है कि वह अपनी बात सीधे तौर पर रखने के लिए जानी जाती हैं. ऐसे में उनकी नेतृत्वक भूमिका को लेकर अभी से कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि, उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर अंतिम तस्वीर किसी औपचारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें.. रोहिणी की वापसी नेतृत्वक रूप से अहम रोहिणी आचार्य के पटना पहुंचने पर वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार ने कहा कि पहली नजर में यह पिता और बेटी के बीच का पारिवारिक मामला दिखाई देता है, लेकिन लालू प्रसाद के नेतृत्वक कदमों को व्यापक नेतृत्वक संदर्भ में भी देखा जाता रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष कई मौकों पर रोहिणी आचार्य के बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राजद पर निशाना साधता रहा है. ऐसे में उनके पटना लौटने से विपक्ष के पास मौजूद इस मुद्दे की नेतृत्वक धार कम हो सकती है. अजय कुमार ने यह भी कहा कि रोहिणी आचार्य और लालू प्रसाद के बीच भावनात्मक संबंधों को भी इस पूरे घटनाक्रम से अलग करके नहीं देखा जा सकता. एयरपोर्ट पर दिखा परिवार का साथ गुरुवार को पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी आचार्य के पहुंचने पर लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने उनका स्वागत किया. रोहिणी अपनी मां राबड़ी देवी और पिता लालू प्रसाद से गले मिलती नजर आईं. लालू प्रसाद भी बेटी को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे. इस दौरान मीसा हिंदुस्तानी भी मौजूद थीं. परिवार की इस तस्वीर के बाद रोहिणी और परिवार के बीच चल रहे विवाद को लेकर भी चर्चा शुरू हुई. हालांकि, एयरपोर्ट पर तेजस्वी यादव की मौजूदगी नहीं थी. इसे लेकर भी नेतृत्वक गलियारों में चर्चा हुई. इस पर राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने सफाई देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव दिल्ली में थे, इसलिए वह पटना एयरपोर्ट नहीं पहुंच सके. ‘नेतृत्व के लिए नहीं आई हूं’, फिर सोशल मीडिया पोस्ट पर चर्चा पटना पहुंचने के बाद रोहिणी आचार्य ने कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ रहने के लिए पटना आई हैं और उनके आने का मकसद नेतृत्व नहीं है. हालांकि, सिंगापुर में रहते हुए रोहिणी आचार्य की ओर से सोशल मीडिया पर किए गए कई पोस्ट नेतृत्वक मुद्दों से जुड़े रहे हैं. उन्होंने राजद में नई नियुक्तियों और पार्टी से जुड़े कुछ फैसलों पर सवाल भी उठाए थे. यही वजह है कि उनके पटना लौटने के बाद उनके नेतृत्वक रुख और पार्टी में संभावित भूमिका को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है. फिलहाल राजद की ओर से रोहिणी आचार्य को किसी नई जिम्मेदारी दिए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. ऐसे में उनकी पटना वापसी के पीछे पारिवारिक कारण हैं या इसके साथ कोई नेतृत्वक भूमिका भी जुड़ने वाली है, इस पर अंतिम तस्वीर पार्टी के अगले फैसले के बाद ही साफ होगी. Also Read अनंत सिंह के बागी तेवर से JDU में बढ़ी बेचैनी, संजय झा ने ललन सिंह को दिया ‘डैमेज कंट्रोल’ का जिम्मा The post Bihar Politics: लालू के बुलावे पर पटना लौटीं रोहिणी, तेजस्वी की अनुपस्थिति ने खड़े किए कई सवाल? appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top