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मालवीय नगर होटल हादसा: छत का रास्ता बंद, फायर NOC नहीं, B&B पॉलिसी के नाम पर किया गया ‘खेला’

Hauz Rani Hotel Fire: मालवीय नगर के हौज रानी में स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी होटल में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. दिल्ली पुलिस ने गुरुवार (4 जून) को आग से तबाह होटल की इमारत का निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि छत पर जाने का रास्ता बंद था और कई कमरों में खाना पकाने के लिए हीटर का इस्तेमाल किया जा रहा था. जांच अधिकारियों ने बताया कि इमारत की छत तक पहुंचने का रास्ता बंद होने के कारण आग लगने के दौरान फंसे लोगों को बाहर निकलने का एक अहम विकल्प नहीं मिल पाया. घने धुएं ने कुछ ही समय में पूरी पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. लाइसेंस छह कमरों का, संचालन 25 कमरों का जांच में खुलासा हुआ है कि दिल्ली प्रशासन की बेड-एंड-ब्रेकफास्ट’ (B&B) नीति के तहत होटल को केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, जबकि यहां कथित तौर पर तहखाने सहित करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे. पुलिस अवैध निर्माण और क्षमता से अधिक संचालन के आरोपों की भी जांच कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक, इमारत के पास अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मंजूरी (Fire NOC) नहीं थी. इमारत की ऊंचाई ऐसी थी कि उसे दिल्ली अग्निशमन सेवा से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना बेहद जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. होटल संचालन में मिलीं कई अनियमितताएं पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि भवन मूल रूप से ढाई मंजिला था, जिसे बाद में बढ़ाकर लगभग पांच मंजिला बना दिया गया. जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या खिड़कियां सीलबंद थीं, एंट्री प्रवेश एग्जिट का केवल एक ही रास्ता था साथ ही मुख्य दरवाजे पर सेंसर लगाथा, जिससे आग लगने के दौरान लोगों के बाहर निकलने में कठिनाई हुई. विदेशी नागरिकों के उपयोग किए जाने वाले कई कमरों में खाना पकाने के लिए हीटर रखे गए थे. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आग लगने की घटना में इन हीटरों की कोई भूमिका थी या नहीं. फरार मैनेजर की तलाश में पांच टीमें पुलिस ने होटल के प्रबंधक जय मिश्रा को गिरफ्तार करने के लिए पांच विशेष टीमें गठित की हैं. मिश्रा फिलहाल फरार है. वहीं होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. CFSL करेगी गहन जांच केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की टीम दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाएगी. पुलिस प्रमुख चश्मदीद गवाह केसर सिंह की भी तलाश कर रही है, जिसका बयान जांच में अहम माना जा रहा है. पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान होटल मालिक लवकेश बजाज ने दावा किया कि होटल का पूरा संचालन मैनेजर जय मिश्रा के हाथों में था. सभी लाइसेंस भी उसी के नाम पर लिए गए थे. हालांकि पुलिस का कहना है कि बजाज ही होटल का वास्तविक मालिक है और उसकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है. पुलिस जांच के तहत स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, होटल कर्मचारियों और अन्य गवाहों से भी पूछताछ कर रही है. कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक के खिलाफ हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इनमें गैर इरादतन हत्या, आग के माध्यम से नुकसान पहुंचाना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, लापरवाही से मानव जीवन को खतरे में डालना और आग के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण जैसी धाराएं शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि हादसे में मारे गए विदेशी नागरिकों के शवों को उनके परिजनों और संबंधित दूतावासों को सौंपने से पहले डीएनए जांच और अन्य सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. पुलिस ने कहा है कि होटल के स्वामित्व, प्रबंधन, लाइसेंसिंग और संचालन से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. Also Read: मालवीय नगर हादसा : होटल के मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया, मृतकों को मिलेगा 10-10 लाख मुआवजा The post मालवीय नगर होटल हादसा: छत का रास्ता बंद, फायर NOC नहीं, B&B पॉलिसी के नाम पर किया गया ‘स्पोर्ट्सा’ appeared first on Naya Vichar.

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‘एक बिहारी सब पर भारी’, RCB के जश्न में दिखा विराट और वैभव का खास पल, VIDEO वायरल

Vaibhav Suryavanshi : आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खेमे में जश्न का माहौल था. ट्रॉफी जीतने की खुशी के बीच एक ऐसा पल सामने आया, जिसने क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीत लिया. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु और हिंदुस्तानिए टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली की बिहार और आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. विराट ने बढ़ाया वैभव का हौसला 𝗧𝗵𝗲 𝗺𝗮𝗻 𝘄𝗵𝗼 𝗺𝗮𝗱𝗲 𝗜𝗻𝗱𝗶𝗮𝗻 𝗰𝗿𝗶𝗰𝗸𝗲𝘁 𝗳𝗲𝗮𝗿𝗹𝗲𝘀𝘀 🤝 𝘁𝗵𝗲 𝗯𝗼𝘆 𝘄𝗵𝗼 𝗯𝗮𝘁𝘀 𝗳𝗲𝗮𝗿𝗹𝗲𝘀𝘀 🫶💪 The best piece of advice the 15-year old Vaibhav Suryavanshi could get! And who better than Virat Kohli to help fuel his fire in the right direction.… pic.twitter.com/MUqCRBo0la — Royal Challengers Bengaluru (@RCBTweets) June 3, 2026 वायरल वीडियो में विराट कोहली युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से बातचीत करते नजर आ रहे हैं. इस दौरान विराट को यह कहते सुना जा सकता है, “यहां से ऊपर जाना है, जो हुआ है वो अच्छी मेहनत और बिलीफ की वजह से मिला है, कोन क्या बोल रहा है कैसे बोल रहा यही कुछ अनही सोचना,  एक बिहारी सब पर भारी, फिर खत्म गेम.” विराट के इस अंदाज और उनके शब्दों ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. वीडियो में वैभव भी मुस्कुराते हुए विराट की बातें सुनते दिखाई दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर छाया वीडियो विराट और वैभव की बातचीत का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हजारों प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. क्रिकेट प्रेमी इसे हिंदुस्तानीय क्रिकेट के वर्तमान सुपरस्टार और भविष्य के संभावित सितारे के मिलन के रूप में देख रहे हैं. कई यूजर्स ने लिखा कि विराट का यह संदेश वैभव जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा है. कम उम्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके वैभव सूर्यवंशी लगातार चर्चा में बने हुए हैं. ऐसे में विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी से मिली सराहना और प्रोत्साहन उनके करियर के लिए खास माना जा रहा है. यही वजह है कि यह वीडियो क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और तेजी से वायरल हो रहा है. मृणाल कुमार पांडेय The post ‘एक बिहारी सब पर भारी’, RCB के जश्न में दिखा विराट और वैभव का खास पल, VIDEO वायरल appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद के निरसा में मानवता शर्मसार: 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद मौत, आरोपी मामा गिरफ्तार

धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट Dhanbad News: झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है. यहां पांच वर्षीय एक बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म किए जाने के बाद उसकी मौत हो गई. इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. मृत बच्ची आदिवासी समुदाय से संबंधित थी और उसके निधन के बाद गांव में शोक का माहौल है. घर में अकेली थी बच्ची जानकारी के अनुसार, निरसा थाना क्षेत्र के मालिकडीह बस्ती में रहने वाली पांच वर्षीय बच्ची घटना के समय घर में अकेली थी. आरोप है कि इसी दौरान रिश्ते में मामा लगने वाला मनोज मरांडी वहां पहुंचा और बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. घटना के बाद बच्ची गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली. उसकी हालत देखकर परिजनों के होश उड़ गए. तत्काल उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को गंभीर बताया. अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत परिजनों ने बच्ची को बेहतर इलाज के लिए धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में भर्ती कराया. डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मासूम की मौत की समाचार सामने आते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. अस्पताल परिसर में भी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. बच्ची की मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया. ग्रामीणों में भारी आक्रोश घटना की जानकारी मिलते ही मालिकडीह बस्ती और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया. स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने इस घटना की कड़ी निंदा की. लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह का अपराध करने का साहस न कर सके. कई लोगों ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर संवेदना भी व्यक्त की. पुलिस ने चलाया विशेष अभियान घटना की सूचना मिलते ही धनबाद पुलिस हरकत में आ गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी अभियान शुरू किया गया. पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की. लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने देर रात आरोपी मनोज मरांडी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है. वीडियोग्राफी के साथ कराया गया पोस्टमार्टम पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया. अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सभी आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध रह सकें. जांच टीम विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है और मामले से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी. एसएसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी थी. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई हो. इसे भी पढ़ें: पलामू के राजहरा स्टेशन के पास मालगाड़ी 15 बोगियां पलटीं, ट्रेनों की आवाजाही ठप कड़ी सजा की मांग कर रहे लोग इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है. पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और दोषी को कठोरतम सजा मिले. स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर रोक लगाने के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता दोनों आवश्यक हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा है. इसे भी पढ़ें: हुसैनाबाद के सोहेया खदान से 25 घंटे बाद मिला युवक का शव, गांव में पसरा मातम The post धनबाद के निरसा में मानवता शर्मसार: 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद मौत, आरोपी मामा गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल की राजनीति में संक्रमण काल, ममता के सामने कुनबे को जोड़कर रखने की चुनौती, क्या होगा भविष्य?

Mamata Banerjee TMC : टीएमसी में फूट पर पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि जिस दिन टीएमसी चुनाव में हारेगी, पार्टी खत्म हो जाएगी. यह पार्टी सिर्फ करप्शन पर बनी है. पार्टी में अभी जो कुछ हो रहा है वह तो होना ही था. हमारे पास बहुत सारे एप्लीकेशन आ रहे हैं, लेकिन हमारे दरवाजे बंद हैं. हमें पता था कि ऐसा होने वाला है, इसलिए हमने दरवाजे कसकर बंद कर दिए हैं. देखते हैं आगे क्या होता है. बीजेपी के नेता का यह बयान काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके इस बयान में टीएमसी का भविष्य तो नजर आ ही रहा है, साथ ही बंगाल की नेतृत्व किस ओर जाएगी यह भी दिख रहा है. संकट का सामना कर रही हैं ममता बनर्जी और टीएमसी अमूमन जैसा होता है, बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी दोनों ही बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही हैं. पार्टी के अंदर बगावत के सुर तेज होते जा रहे हैं. दो मेयर अभी तक पद छोड़ चुके हैं और पार्टी के अंदर यह बात तेज हो गई है कि वे उन्हें अभिषेक बनर्जी की लीडरशिप मंजूर नहीं है. पार्टी में ममता बनर्जी की लीडरशिप पर तो सवाल नहीं उठ रहे हैं, लेकिन अभिषेक बनर्जी को पसंद नहीं किया जा रहा है. कहां से हुई संकट की शुरुआत विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. पार्टी को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब 58 विधायकों के एक समूह ने ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. बागी गुट ने अपने नेता को विपक्ष का नेता बनाने की अपील की जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने मंजूर भी कर लिया है और इस गुट को मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में मान्यता भी दे दी है. गौर करने वाली बात यह है कि इस गुट ने खुद को टीएमसी ही बताया है, लेकिन यह गुट मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ खड़ा है. उनका आरोप है कि पार्टी के अंदर लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं कमजोर हो गई हैं और कुछ लोग अपनी मनमानी कर रहे हैं. ममता बनर्जी के प्रति सम्मान अभिषेक पर निशाना बागी विधायकों का यह कहना है कि ममता बनर्जी अब भी उनकी नेता है, लेकिन वे पार्टी में अभिषेक बनर्जी की भूमिका को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं. उनका यह मानना है कि पार्टी के पूरे संगठनात्मक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है. बागी गुट ममता बनर्जी को अब मार्गदर्शक की भूमिका में देखना चाहता है. दरअसल यह पार्टी के भीतर चल रहे नेतृत्व और उत्तराधिकार की जंग है, क्योंकि अभिषेक बनर्जी ममता दीदी के उत्तराधिकारी बनना चाहते हैं और ऋतब्रता बनर्जी जैसे लोगों को यह स्वीकार्य नहीं है. फिरहाद हकीम और कृष्ण चक्रवर्ती का इस्तीफा कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम टीएमसी के सबसे प्रभावशाली मुस्लिम नेताओं और ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं. उनके इस्तीफे के बाद यह चर्चा आम हो गई है कि पार्टी के शीर्ष पदों पर भी एका नहीं है और उनके बीच विवाद है. इस स्थिति ने पार्टी के भीतर अस्थिरता की भावना को और बढ़ा दिया है. फिरहाद हकीम के बाद बिधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने भी इस्तीफा देने की घोषणा कर दी. इस इस्तीफों ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी संक्रमण काल से गुजर रही है और बड़ा बदलाव जल्द नजर आएगा. बंगाल में आगे क्या होगा? बंगाल में और टीएमसी की नेतृत्व में जो कुछ चल रहा है, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि पार्टी में बड़ा बदलाव होगा. सत्ता से बाहर होने के बाद ममता बनर्जी के सामने यह चुनौती सबसे बड़ी है कि वे अपनी पार्टी को एकजुट रखें. बीजेपी के लिए यह अवसर है क्योंकि विपक्ष आपस में उलझा रहेगा तो उसे रोकने वाला कोई नहीं होगा. इसी वजह से वह वेट एंट वाॅच की मुद्रा में है और एक तरह से मजे ले रही है, लेकिन ममता बनर्जी के लिए यह संक्रमण काल बड़ी चुनौतियां लेकर आया है. ये भी पढ़ें : देश में आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुईं स्त्रीएं, लेकिन 22.3% अभी भी पतियों से पिट रहीं मालवीय नगर हादसा : होटल के मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया, मृतकों को मिलेगा 10-10 लाख मुआवजा The post बंगाल की नेतृत्व में संक्रमण काल, ममता के सामने कुनबे को जोड़कर रखने की चुनौती, क्या होगा भविष्य? appeared first on Naya Vichar.

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IIT JEE में नहीं बदला 75% का नियम, छूट की उम्मीद मत रखना

IIT JEE Rules: आईआईटी Roorkee का कहना है कि JEE एडमिशन के लिए देशभर में 36 अलग अलग बोर्ड के छात्र शामिल होते हैं. अगर हर बार नियम बदल दिया जाए तो सिस्टम में गड़बड़ी हो जाएगी. इसलिए 75% या टॉप 20 percentile वाला नियम सभी के लिए बराबर रखा गया है. मतलब सबके लिए एक ही सख्त लाइन है. CBSE मार्क्स विवाद के बीच भी राहत नहीं हाल ही में CBSE मार्क्स को लेकर कुछ दिक्कतें सामने आई थीं. कई छात्रों को लगा कि शायद इस बार नियम थोड़ा नरम हो जाएगा. लेकिन IIT Roorkee ने साफ कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं होगा. नियम पहले से तय था और उसे बदलना अब संभव नहीं है. IIT Roorkee ने यह भी बताया कि पिछले साल कई छात्रों ने सिर्फ कम प्रतिशत की वजह से IIT और NIT की सीटें खो दी थीं. इसलिए इस बार भी कोई ढील नहीं दी जा रही है ताकि सभी बोर्ड के छात्रों के लिए एक बराबर सिस्टम बना रहे. On being asked whether IIT is considering relaxing or removing the 75% eligibility criterion for JEE admissions this year, as a one-time measure amid the CBSE marks row IIT Roorkee, in a statement to ANI, says “No relaxing in marks as candidates from 36 different boards are… — ANI (@ANI) June 4, 2026 IIT JEE Rules: सभी बोर्ड के लिए एक जैसा नियम देश में 36 अलग अलग बोर्ड हैं और हर बोर्ड का पैटर्न अलग होता है. ऐसे में IIT चाहता है कि सभी छात्रों के लिए एक समान नियम लागू हो. इसलिए 75% वाला क्राइटेरिया सभी पर लागू रहेगा, चाहे कोई भी बोर्ड हो. IIT Roorkee ने यह भी कहा है कि वह CBSE के साथ लगातार संपर्क में है. जिन छात्रों को मार्क्स या रिजल्ट से जुड़ी दिक्कतें हैं, उनके मामले को प्राथमिकता से देखने की कोशिश की जाएगी. यानी नियम सख्त है लेकिन बातचीत का रास्ता खुला है. यह भी पढ़ें: IIT ISM धनबाद में नहीं बढ़ीं BTech की सीटें, देखें किस ब्रांच में कितने स्टूडेंट होंगे The post IIT JEE में नहीं बदला 75% का नियम, छूट की उम्मीद मत रखना appeared first on Naya Vichar.

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कर्नाटक: एक्शन में सीएम डीके शिवकुमार! 15 दिन में मांगी कार्ययोजना, जिलों-तालुकों का दौरा करेंगे अधिकारी

CM DK Shivakumar Action Plan: सीएम पद की शपथ लेने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पूरे एक्शन में हैं. उन्होंने गुरुवार (4 जून) को राज्य प्रशासन के लिए एक रोडमैप पेश किया. साथ ही अधिकारियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और प्रशासन की प्राथमिकताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है. सीएम शिवकुमार ने शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जमीनी स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है. बेंगलुरु में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रशासन धर्म, जाति या किसी अन्य आधार पर पक्षपात में विश्वास नहीं करती. उन्होंने अधिकारियों से जनता की समस्याओं के समाधान में निष्पक्ष और पारदर्शी रवैया अपनाने की अपील की. 15 दिन में तैयार होगी विभागीय कार्य योजना मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सभी विभागों को अगले 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्य योजना तैयार करने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया है. साथ ही सचिवों को नियमित रूप से जिलों और तालुकों का दौरा कर प्रशासनी योजनाओं और सार्वजनिक मुद्दों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा गया. मतदाता अधिकारों की सुरक्षा पर जोर सीएम शिवकुमार ने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को मतदाता पंजीकरण और जनगणना संबंधी प्रक्रियाओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरी दस्तावेजों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. #WATCH | Bengaluru | After holding his first official meeting, Karnataka CM DK Shivakumar says, “A Secretary will be appointed to look into public grievances, and a minister will be given the responsibility. I have also asked officials to work on creating an NRI Secretariat. To… pic.twitter.com/PYvvG8c7b9 — ANI (@ANI) June 4, 2026 शिकायत निवारण के लिए बनेगा अलग तंत्र मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि विरोध प्रदर्शनों और जन शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन में एक अलग तंत्र विकसित किया जाएगा. यह व्यवस्था शिकायतों की कानूनी वैधता का आकलन करने और उनके त्वरित निपटारे में मदद करेगी. वहीं वित्तीय प्रबंधन पर बोलते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि करीब 8,000 से 8,500 करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का सही हिसाब-किताब रखा जाना चाहिए और उसका प्रभावी उपयोग भी तय किया जाना चाहिए. जल्द जारी किए जाएंगे CSR नीति के नए दिशा-निर्देश- सीएम शिवकुमार सीएम शिवकुमार ने कहा कि राज्य प्रशासन की प्राथमिकता प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करना है. नए स्कूल भवनों के निर्माण और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के जरिए शिक्षा के लिए बेंगलुरु की ओर होने वाले पलायन को रोकने का प्रयास किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि CSR नीति के नए दिशानिर्देश जल्द जारी किए जाएंगे, जिन्हें मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है. मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि वे किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव में आकर फैसला कर करें. कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर फोकस कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि हप तालुका में विशेष पुलिस दस्ते तैनात करने की जरूरत है. इससे आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकता है और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकती है. कर्नाटक भवन के कामकाज पर जताई नाराजगी दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के कामकाज पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि वह खुद इसकी समीक्षा करेंगे. उन्होंने बताया कि जल्द ही दिल्ली जाकर केंद्र प्रशासन के अधिकारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और राज्य के विकास में उनके योगदान की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे. गारंटी योजनाओं में बदलाव नहीं इस दौरान सीएम शिवकुमार ने यह भी साफ दिया कि राज्य प्रशासन की गारंटी योजनाओं में कोई बदलाव नहीं किया किया जाएगा. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि रियायती बिजली कनेक्शनों का कुछ मामलों में व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. Also Read: कर्नाटक: मुख्यमंत्री शिवकुमार के सामने ये हैं चुनौतियां, कहीं बढ़ न जाए टेंशन The post कर्नाटक: एक्शन में सीएम डीके शिवकुमार! 15 दिन में मांगी कार्ययोजना, जिलों-तालुकों का दौरा करेंगे अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

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‘सड़क-पुल निर्माण में गड़बड़ी हुई तो खैर नहीं…’, CM सम्राट ने हाई-लेवल मीटिंग कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Samrat Choudhary: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में राज्यभर में चल रही सड़क और पुल परियोजनाओं की प्रगति, मेंटेनेंस और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. जनता को बेहतर सड़क संपर्क देना प्रशासन की प्राथमिकता बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता को सुरक्षित, सुगम और गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क और पुल निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और अनुरक्षण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो. समय पर पूरी हों परियोजनाएं, वित्तीय प्रबंधन हो मजबूत मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय बाधाओं के कारण किसी भी परियोजना की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए. राज्य के सभी पुलों का होगा सुरक्षा ऑडिट बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी पुलों के नियमित निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की टीम से समय-समय पर पुलों की जांच कराई जाए ताकि किसी भी संभावित खतरे की पहचान समय रहते हो सके. साथ ही सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया. गंगा पथ परियोजना की प्रगति की भी हुई समीक्षा मुख्यमंत्री ने मुंगेर (सफियाबाद)-बरियारपुर-घोरघट-सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर फोरलेन गंगा पथ परियोजना की भी समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड के तहत तेज गति से आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि परियोजना के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन से पूर्वी बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद समीक्षा बैठक में पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. चन्द्रशेखर सिंह तथा बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. Also Read: खान सर के दो लोगों को पुलिस ने उठाया, फायरिंग वाले वीडियो ने पलटा पूरा मामला? जांच में आया नया मोड़ The post ‘सड़क-पुल निर्माण में गड़बड़ी हुई तो खैर नहीं…’, CM सम्राट ने हाई-लेवल मीटिंग कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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पंत की उपकप्तानी छिनने पर टूटी चुप्पी, कोच ने कहा-उनका पूरा ध्यान बेहतर प्रदर्शन पर

Rishabh Pant : अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले हिंदुस्तानीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने ऋषभ पंत की टेस्ट उपकप्तानी छिनने को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पंत को इस फैसले से कोई परेशानी नहीं है और उनका पूरा ध्यान टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने पर है. हाल ही में घोषित हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम में केएल राहुल को नया उपकप्तान बनाया गया है. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में चोटिल शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में पंत ने टीम की कप्तानी संभाली थी. हालांकि उस मुकाबले में हिंदुस्तान को 408 रन की रिकॉर्ड हार का सामना करना पड़ा था और टीम सीरीज में क्लीन स्वीप से नहीं बच सकी थी. परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी की जरूरत टेन डोशेट ने माना कि हाल के महीनों में पंत के शॉट चयन को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन टीम प्रबंधन उनकी स्वाभाविक आक्रामक बल्लेबाजी शैली में बदलाव नहीं चाहता. उन्होंने कहा कि पंत जैसे मैच विनर खिलाड़ी को केवल मैच और परिस्थितियों की मांग के अनुसार अपने स्पोर्ट्स में संतुलन लाने की जरूरत है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में पंत सिर्फ 49 रन बना सके थे, लेकिन इसके बावजूद उनके हालिया आंकड़े प्रभावशाली रहे हैं. वर्ष 2025 में उन्होंने 13 पारियों में 629 रन बनाए हैं. पिछले साल उनका औसत 48.38 रहा था, जिसमें दो शतक और चार अर्धशतक शामिल थे. एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लीड्स टेस्ट में उन्होंने दोनों पारियों में शतक जड़कर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया था. सिराज फिट, एक खिलाड़ी करेगा डेब्यू हिंदुस्तानीय टीम के लिए राहत की समाचार यह है कि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पूरी तरह फिट हैं और चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे. वहीं टेन डोशेट ने यह भी पुष्टि की कि स्पिनर मानव सुथार और हर्ष दुबे में से कोई एक खिलाड़ी अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करेगा. युवा खिलाड़ी के डेब्यू से टीम को नई ऊर्जा और अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है. इनपुट : मृणाल कुमार पांडेय The post पंत की उपकप्तानी छिनने पर टूटी चुप्पी, कोच ने कहा-उनका पूरा ध्यान बेहतर प्रदर्शन पर appeared first on Naya Vichar.

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रांची के धुर्वा से दो जुड़वा भाई करण-अर्जुन चार दिन से लापता, जांच में जुटी पुलिस

रांची से प्रणव की रिपोर्ट Missing Child: झारखंड की राजधानी रांची में बच्चों के लापता होने की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं. ताजा मामला धुर्वा थाना क्षेत्र का है, जहां शालीमार बाजार इलाके से दो जुड़वां भाई पिछले चार दिनों से लापता हैं. परिवार ने बच्चों की काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका. इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई है. 1 जून की दोपहर से गायब हैं करण और अर्जुन जानकारी के अनुसार, लापता बच्चों के नाम करण शर्मा और अर्जुन शर्मा हैं. दोनों की उम्र 12 वर्ष है और वे जुड़वां भाई हैं. उनके पिता का नाम विकास शर्मा बताया गया है. परिजनों के अनुसार, दोनों शिशु 1 जून 2026 की दोपहर करीब दो बजे घर से निकले थे, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा है. बच्चों के अचानक गायब होने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. चार दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजन परेशान हैं. मां ने धुर्वा थाने में दर्ज कराई सनहा लापता बच्चों की मां डोली देवी ने धुर्वा थाने में सनहा दर्ज कराते हुए पुलिस से बच्चों की तलाश करने की गुहार लगाई है. उन्होंने शिकायत में बताया कि पहले भी दोनों शिशु कभी-कभी घर से बाहर चले जाते थे, लेकिन एक-दो दिन के भीतर वापस लौट आते थे. इस बार स्थिति अलग है, क्योंकि दोनों शिशु चार दिनों से घर नहीं लौटे हैं और परिवार का उनसे कोई संपर्क भी नहीं हो पा रहा है. परिजनों ने हर जगह की तलाश डोली देवी ने पुलिस को बताया कि बच्चों की खोज के लिए रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की गई. परिवार ने अपने स्तर पर हर संभव प्रयास किया, लेकिन दोनों बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी. परिजनों का कहना है कि बच्चों के सुरक्षित घर लौटने तक उनकी चिंता कम नहीं होगी. परिवार लगातार उनके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है. इसे भी पढ़ें: गुमला से लापता बच्ची के मामले में हाइकोर्ट सख्त, सात साल से नहीं मिला है कोई सुराग पुलिस ने शुरू की खोजबीन मामले की जानकारी मिलने के बाद धुर्वा थाना पुलिस ने सनहा दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी है. पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही है और संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को दोनों बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत धुर्वा थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें, ताकि बच्चों को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जा सके. इसे भी पढ़ें: किशोर लापता, नानी ने थाना में लगायी गुहार The post रांची के धुर्वा से दो जुड़वा भाई करण-अर्जुन चार दिन से लापता, जांच में जुटी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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Garhwa: 7.5 लाख की फिरौती के लिए पाइप फिटर का अपहरण, पुलिस ने 5 घंटे में ही कराया मुक्त

श्री बंशीधर नगर से गौरव पांडेय की रिपोर्टGarhwa (श्री बंशीधर नगर): गढ़वा पुलिस फिरौती के एक मामले का खुलासा 5 घंटे के अंदर ही कर लिया. पुलिस ने मझिआंव क्षेत्र से अपहृत एलएंडटी कंपनी के पाइप फिटर मुरारी तिवारी (32 वर्ष) को अपहरण के महज 5 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है. पुलिस के बढ़ते चौतरफा दबाव के कारण अपराधी अपहृत व्यक्ति को छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है. घटना बुधवार (3 जून) की दोपहर करीब 2:30 बजे की है. मुरारी तिवारी (पिता: राम नरेश तिवारी) सगमा के पास सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के समीप काम कर रहे थे. इसी दौरान एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी में सवार होकर चालक समेत 6 अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे और बंदूक की नोंक पर उनका अपहरण कर लिया. साढ़े सात लाख की फिरौती और स्कैनर से वसूले पैसे अपहरण करने के बाद अपराधियों ने मुरारी तिवारी की रिहाई के एवज में उनके परिजनों से 7.5 लाख रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी. इतना ही नहीं, अपराधियों ने डरा-धमकाकर परिजनों से ऑनलाइन स्कैनर के माध्यम से तुरंत 30,000 भी ट्रांसफर करवा लिए. गढ़वा पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर को जैसे ही इस अपहरण की सूचना मिली, उन्होंने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर, सत्येन्द्र नारायण सिंह के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष टीम का गठन कर कार्रवाई के निर्देश दिया, तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने मझिआंव थाना क्षेत्र के ग्राम-चन्दना में सघन छापेमारी की. 30000 रुपये ऑनलाइन मंगवाए पुलिस ने दो संदिग्धों शेख अंसार और नदीम खान को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की. दोनों ने परिजनों से स्कैनर के जरिए 30,000 लेने की बात कबूल की और घटना में शामिल अपने अन्य सहयोगियों के नामों का भी खुलासा किया. जैसे ही स्पेशल टीम ने चिन्हित ठिकानों पर आरोपियों की धरपकड़ शुरू की, अपराधियों में हड़कंप मच गया. पुलिस के भारी दबाव और लगातार पीछा किए जाने से घबराकर बाकी अपराधी अपहृत मुरारी तिवारी को छोड़कर मौके से फरार हो गए. कई धराओं के तहत मामला दर्ज इस तरह पुलिस ने घटना के मात्र 5 घंटे के भीतर अपह्रत को सही-सलामत बरामद कर लिया. बताया गया कि इस संबंध में धुरकी थाना में कांड संख्या-66/26 के तहत हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं (126(2)/ 115(2)/ 140(1)/ 140(2)/ 352/ 3(5) में मामला दर्ज कर आगे का अनुसंधान शुरू कर दिया गया है. गिरफ्तार अभियुक्तों में शेख अंसार (पिता: शेख तसव्वर) और नदीम खान (उम्र 21 वर्ष, पिता: शमीम खान) शामिल हैं, जो चन्दना, मझिआंव के निवासी हैं. इनके पास से 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं. छापेमारी दल में ये थे शामिल इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में एसडीपीओ सत्येन्द्र नारायण सिंह, पुलिस निरीक्षक जितेन्द्र कुमार आजाद (नगर उंटारी अंचल), पुलिस निरीक्षक बृज कुमार (मझिआंव अंचल), भवनाथपुर थाना प्रभारी रजनी रंजन, मझिआंव थाना प्रभारी अमित कुमार, हरिहरपुर ओपी प्रभारी नसीम अंसारी, धुरकी थाना के पदाधिकारी सुभाषकान्त अकेला और शेखर कुमार सिंह समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. ये भी पढ़ें… गढ़वा सदर अस्पताल का ब्लड बैंक बदहाल: गर्मी में बिना एसी-पंखे के रक्तदान करने को मजबूर लोग गढ़वा: दानरो नदी को पॉल्यूशन फ्री रखने के लिए प्रशासन सख्त, उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण The post Garhwa: 7.5 लाख की फिरौती के लिए पाइप फिटर का अपहरण, पुलिस ने 5 घंटे में ही कराया मुक्त appeared first on Naya Vichar.

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