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Numerology: ब्यूटी विद ब्रेन, इस दिन जन्में लोग बनाते हैं परफेक्ट कॉम्बिनेशन

Numerology: लोगों का स्वभाव, बुद्धि और खूबसूरती उनके जन्म के मूलांक के अनुसार निर्धारित होती है. इसी के आधार पर जन्म कुंडली भी तैयार की जाती है जिससे ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव का पता चलता है.अंक शास्त्र की दुनिया में जन्म तिथि के अंकों का विशेष महत्व है. मूलांक की गणना करने के लिए जन्म तिथि के अंकों को जोड़ते हैं ताकि एकल अंक 1 से 9 के बीच प्राप्त हो सके. इन मूलांकों का संबंध 9 ग्रहों से होता है जो हमें व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व के बारे में गहराई से जानकारी प्रदान करते हैं. आज हम आपको ऐसे दो मूलांकों के बारे में बताएंगे जिनके तहत जन्मे लोग न केवल सुंदर होते हैं बल्कि बहुत बुद्धिमान भी होते हैं. मूलांक 2,11, 20, 29 तारीख पर जन्में लोग चांद जैसी खूबसूरती : जिन लोगों का मूलांक 2 होता है उन लोगों की खूबसूरती चांद जैसी होती है जो उनके चेहरे पर एक अनोखी चमक लाती है. दिल की सुंदरता : वे दिल के भी साफ और सुंदर होते हैं और इस वजह से वह जीवन में सफलता को प्राप्त करते हैं. रचनात्मक : मूलांक 2 वाले लोग रचनात्मक होते हैं और किसी भी समस्या का हल बहुत ही आसानी से कर लेते हैं. रोमांटिक स्वाभाव : ये रोमांटिक होते हैं और अपने प्रियजनों के प्रति बहुत ही संवेदनशील होते हैं. मददगार स्वाभाव : ये अपने मददगार स्वाभाव के लिए भी जाने जाते हैं और हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं. भावनात्मकता : मूलांक 2 वाले लोग बहुत ही जल्दी रो देते हैं और उनकी भावनाएं बहुत ही गहरी होती है. Also Read : Numerology Secrets: जानें किस तारीख पर जन्मे शिशु बनते हैं IAS-IPS और क्या है उनके सफलता का राज मूलांक 6, 15, 24 तारीख पर जन्में लोग आकर्षक पर्सनालिटी: मूलांक 6 वाले लोगों की पर्सनालिटी बहुत ही आकर्षक होती है जो उन्हें दूसरों के बीच खड़ा करती है. स्टाइल और फैशन: इन लोगों को स्टाइल की बहुत समझ होती है और वे फैशनेबल भी बहुत होते हैं. ये अपने कपड़ों और एक्सेसरीज का चयन बहुत ही सावधानी से करते हैं. सहज और दयालु: मूलांक 6 वाले लोग बहुत सहज होते हैं और किसी को दुखी नहीं देखना चाहते है. वे दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. रोमांटिक स्वभाव: ये लोग रोमांटिक होते हैं और अक्सर प्यार में पड़ जाते हैं. संगीत में प्रतिभा: मूलांक 6 वाले लोगों में संगीत की प्रतिभा होती है जो उन्हें भाग्यशाली बनाती है. इनपुट : शुभ्रा लक्ष्मी Also Read : Numerology: इस तारीख को जन्म हुआ है तो आपकी भी होगी लव मैरिज, समाज को बदलने की होती है ताकत Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Numerology: ब्यूटी विद ब्रेन, इस दिन जन्में लोग बनाते हैं परफेक्ट कॉम्बिनेशन appeared first on Naya Vichar.

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Business Idea: मखाना की खेती से करें करोड़ों की कमाई, जानें इस शानदार बिजनेस आइडिया के बारे में

Business Idea: मखाना, जिसे फॉक्स नट्स या कमल के बीज के रूप में भी जाना जाता है, एक अत्यधिक पौष्टिक और लोकप्रिय स्नैक है. यह हिंदुस्तान में व्यापक रूप से उगाया जाता है, विशेष रूप से बिहार में. जहां यह स्थानीय वित्तीय स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. स्वस्थ स्नैक्स की बढ़ती मांग के साथ मखाना खेती एक लाभदायक व्यावसायिक अवसर प्रस्तुत करता है. इस लेख में मखाना खेती के प्रमुख पहलुओं और इसे शुरू करने के तरीके पर चर्चा की गई है. मखाना का बाजार संभावनाएं मखाना की वैश्विक मांग इसके कई स्वास्थ्य लाभों के कारण बढ़ गई है. यह प्रोटीन, एंटीऑक्सिडेंट और आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिससे यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए पसंदीदा स्नैक बन गया है. शाकाहारी और ग्लूटेन-मुक्त आहार की बढ़ती लोकप्रियता ने भी मखाना बाजार के विकास में योगदान दिया है. हिंदुस्तान मखाना का सबसे बड़ा उत्पादक है, और इसकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग है. उपयुक्त जलवायु और मिट्टी की स्थिति मखाना मुख्य रूप से तालाबों, झीलों और आर्द्रभूमि में उगाया जाता है. यह उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में 20-35°C तापमान सीमा के साथ अच्छी तरह से पनपता है. मखाना खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी चिकनी और दोमट होनी चाहिए, जो लंबे समय तक पानी रोक सके. उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन के लिए खेती की प्रक्रिया में स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त जल स्रोत की आवश्यकता होती है. Also Read : Premanand Ji Maharaj Net Worth : कितनी संपत्ति के मालिक हैं प्रेमानंद जी महाराज? जानें उनका खुद का जवाब मखाना खेती शुरू करने के स्टेप्स 1.भूमि और जल स्रोत का चयन मखाना खेती शुरू करने के लिए, आपको अच्छे जल धारण क्षमता वाले तालाब या आर्द्रभूमि की आवश्यकता होगी. पौधों की उचित वृद्धि के लिए जल की गहराई लगभग 1.5 से 2.5 फीट होनी चाहिए. 2.बीज का चयन और बुवाई बेहतर उपज के लिए उच्च गुणवत्ता वाले मखाना बीजों का चयन किया जाना चाहिए. बीजों को अप्रैल से जून के बीच जल निकायों में बोया जाता है. किसानों को पौधों के सही विस्तार के लिए उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए. 3.खेती और देखभाल मखाना पौधों की नियमित निगरानी की आवश्यकता होती है. वृद्धि अवधि लगभग छह महीने होती है, जिसके दौरान किसानों को खरपतवार नियंत्रण और जल निकायों का सही वायु संचार सुनिश्चित करना चाहिए. बेहतर उपज के लिए जैविक उर्वरकों और प्राकृतिक कीट नियंत्रण विधियों का उपयोग किया जाना चाहिए. 4. कटाई और प्रोसेसिंग  मखाना आमतौर पर सितंबर से नवंबर के बीच काटा जाता है. बीजों को हाथ से एकत्र किया जाता है, धूप में सुखाया जाता है, और फिर अंतिम खाद्य उत्पाद प्राप्त करने के लिए भुना जाता है. भूनने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यह मखाना के स्वाद और गुणवत्ता को निर्धारित करती है. 5. निवेश और लाभ मखाना खेती के लिए मध्यम निवेश की आवश्यकता होती है, जो मुख्य रूप से तालाब की स्थापना, बीज खरीद और श्रम लागत पर आधारित होती है. प्रति एकड़ औसत उपज 15-20 क्विंटल हो सकती है, और प्रसंस्कृत मखाना की बाजार कीमत काफी अधिक होती है. उचित प्रबंधन के साथ, किसान अच्छा लाभ कमा सकते हैं. Also Read : PAN Card की गलतियां भारी पड़ सकती हैं, लग सकता है 10,000 रुपये जुर्माना! जानें बचने के तरीके The post Business Idea: मखाना की खेती से करें करोड़ों की कमाई, जानें इस शानदार बिजनेस आइडिया के बारे में appeared first on Naya Vichar.

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Trade war : चीन ने अमेरिका पर तरेरी लाल आंखें, 15% तक टैरिफ लगाकर डोनाल्ड ट्रंप को दिया जवाब

Trade war : चीन ने अमेरिका पर 15% तक टैरिफ लगाया. ऐसा करके ड्रैगन ने डोनाल्ड ट्रंप को करारा जवाब दिया है. चीन के मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अमेरिका के खिलाफ कई प्रोडक्ट पर जवाबी टैक्स लगा रहा है. मिनिस्ट्री ने कहा, ‘चीन कोयला और एलएनजी प्रोडक्ट पर 15 प्रतिशत शुल्क लागू करेगी. साथ ही कच्चे तेल, कृषि मशीनरी, बड़ी कारों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा.” इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू कांग ने टैक्स को लेकर अमेरिकी प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इससे चीन जवाबी कदम उठाने को मजबूर हो सकता है. ट्रेड वार से किसी का भला नहीं होता. कांग ने कहा, ‘‘हम इस वृद्धि का कड़ा विरोध करते हैं. हमारा मानना ​​है कि यह डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) के नियमों का उल्लंघन है.’’ चीन फरवरी महीने के लिए 15 देशों की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है. चीनी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत टैक्स अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा अमेरिका में इम्पोर्ट होने वाली चीनी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है. इस वाल के जवाब में फू ने कहा कि चीन डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करा रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको, कनाडा और चीन से इम्पोर्ट होने वाली वस्तुओं पर कड़े शुल्क लगाने संबंधी एक आदेश पर शनिवार को हस्ताक्षर किए थे. उन्होंने दावा किया था कि ये शुल्क अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है. ये भी पढ़ें : ट्रंप का फिर यूटर्न, कनाडा को मिली 30 दिनों की सांस लेने की छूट! कनाडा और मेक्सिको डोनाल्ड ट्रंप ने दी राहत कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम के साथ अलग-अलग बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों पर शुल्क लगाए जाने के फैसले के इम्प्लीमेंटेशन पर कम से कम एक महीने के लिए रोक लगाने पर सहमति जतायी है. The post Trade war : चीन ने अमेरिका पर तरेरी लाल आंखें, 15% तक टैरिफ लगाकर डोनाल्ड ट्रंप को दिया जवाब appeared first on Naya Vichar.

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महाभारत काल से है भीष्म अष्टमी का संबंध, यहां से जानें

Bhishma Ashtami 2025: हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को एकोदिष्ट श्राद्ध के रूप मे मनाया जाता है.इस शुभ तिथि पर भीष्म अष्टमी मनाई जाती है. सनातन धर्म शास्त्रों में निहित है कि महाहिंदुस्तान के महान योद्धा भीष्म पितामह ने माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन ही अपने सात्विक शरीर का त्याग कर दिया था. इस शुभ अवसर पर भीष्म अष्टमी मनाई जाती है. ज्योतिषी शास्त्र के अनुसार भीष्म अष्टमी पर बड़े अच्छे और मंगलकारी योग बन रहे हैं.इन योग में जगत के पालनहार प्रभु श्री हरि की पूजा अर्चना करने से आपकी हर इच्छा पूर्ण होगी.वहीं आपको पितृ दोष से मोक्ष प्राप्त होगा साथ ही पितरों का तर्पण एवं पिंडदान किया जाता है. भीष्म अष्टमी 2025 शुभ मुहूर्त भीष्म अष्टमी तिथि: बुधवार, 05 फरवरी 2025तिथि प्रारंभ: 05 फरवरी 2025, दोपहर 02:30 बजेतिथि समाप्ति: 06 फरवरी 2025, दोपहर 12:35 बजेपूजन का शुभ समय: 05 फरवरी 2025, प्रात: काल 11:26 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक बसंत पंचमी पर ऐसे करें मां सरस्वती का विसर्जन, इन मंत्रों का जाप जरूरी भीष्म अष्टमी से जुड़ी पौराणिक कथा पौराणिक कथाओं के मुताबिक, महाहिंदुस्तान के युद्ध में बुरी तरह घायल होने के बाद भी भीष्म पितामह ने अपने इच्छामृत्यु के वरदान के कारण अपना सात्विक शरीर का त्याग नहीं किया था उन्होंने अपनी मृत्यु के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार था.हिंदू शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि सूर्यदेव साल में आधे समय दक्षिण दिशा की तरफ उपस्थित होते हैं, जिसे अशुभ समय माना जाता है.इस दौरान कोई भी मंगलकार्य नहीं किया जाता है.जब सूर्य उत्तर दिशा की तरफ बढ़ने लगते हैं, तो इसे उत्तरायण कहा जाता है, और यह मंगलकारी कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त होता है.भीष्म पितामह ने इसी शुभ काल को ध्यान में रखते हुए माघ शुक्ल अष्टमी के दिन शरीर का त्याग करने का संकल्प किया. इस दिन लोग उनकी आत्मा की शांति के लिए एकोदिष्ट श्राद्ध करते हैं और पितरों के उद्धार और मोक्ष के प्राप्ति का तर्पण करते हैं. भीष्म पितामह की अंतिम शिक्षा क्या थी भीष्म पितामह 18 दिनों तक बाणों की शय्या पर सोये रहे और मृत्यु से ठीक पहले धर्मराज युधिष्ठिर को जीवन के महत्वपूर्ण सिद्धांत की शिक्षा दी. उन्होंने धर्म, कर्तव्य, न्याय और नीतिशास्त्र के उपदेश की शिक्षा दिया था. जिन्हें आज भी “भीष्म नीति” के रूप में जाना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माघ शुक्ल अष्टमी के दिन, सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश करने के बाद , भीष्म पितामह ने अपने प्राण का त्याग कर दिया था.उनके महान बलिदान और अनुष्ठान को हम याद करते हुए हर वर्ष भीष्म अष्टमी का पर्व मनाते है. The post महाहिंदुस्तान काल से है भीष्म अष्टमी का संबंध, यहां से जानें appeared first on Naya Vichar.

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Anupama: सीरियल में होगी फिर से अनुज की वापसी? वसुंधरा की बातें उड़ा देगी अनुपमा की नींद

Anupama: सीरियल अनुपमा के लेटेस्ट एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अनु, अनुज की तसवीर लेकर बात करती है. वह उससे कहती है उसने सारी जिम्मेदारी उसे दे दी और वह चला गया. अनु उसे बताती है कि हर कोई कैसे सिर्फ राही की शादी को लेकर डिस्कस कर रहे हैं. अनु कहती है कि राही ने प्रेम से शादी करने का फैसला किया है और वह उसके फैसले में उसका साथ देगी. अनुज से अनु उसका साथ देने के लिए कहती है. प्रेम को प्रप्रोज करेगी राही अनुपमा में दिखाया जाएगा कि राही, प्रेम को शादी के लिए प्रपोज करती है. राही उसे प्रप्रोजल को स्वीकार करने के लिए कहती है. प्रेम उसका प्रप्रोजल स्वीकार कर लेता है और एक-दूसरे को हार पहनाते हैं. दोनों साथ में क्वालिटी टाइम स्पेंड करते हैं. दूसरी तरफ अनु, राही को खोजती है और परी से इस बारे में पूछती है. परी घबरा जाती है और उससे झूठ बोलती है. अनु के जाने के बाद परी, राही को फोन कर घर आने के लिए कहती है. वसुंधरा की बातें सुनकर अनु के उड़ जाएंगे होश राही से प्रेम पूछता है कि क्या वह सच में उससे शादी करना चाहती है. राही कहती है उसने इसपर बहुत सोचा है और वह सच में उससे शादी करना चाहती है. राही को प्रेम के कमरे से बा निकलते देख लेती है और काफी गुस्सा हो जाती है. दूसरी तरफ गौतम, प्रेम को फैक्ट्री में आने के लिए कहते हैं. प्रेम मना कर देता है और बताता है कि वह अनु की रसोई में काम करेगी. अनुपमा के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि वसुंधरा, अनु से शादी से पहले राही की प्रेम से मुलाकात के बारे में बात करती है. ये जानकर अनु के होश उड़ जाते हैं. यह भी पढ़ें- Anupama: ख्याति नहीं ये है प्रेम की असली मां, मरने से पहले राही से अपने पोते की शादी करवाना चाहती है मोटी बा यह भी पढ़ें- Anupama: गिरती टीआरपी के बीच इन 2 एक्टर्स की शो में होगी एंट्री, प्रेम के अतीत से हटेगा पर्दा The post Anupama: सीरियल में होगी फिर से अनुज की वापसी? वसुंधरा की बातें उड़ा देगी अनुपमा की नींद appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Job 2025: खुशखबरी! स्वास्थ्य विभाग में निकली वैकेंसी, 15 फरवरी तक कर सकते हैं आवेदन, जानें कैसे होगा चयन

पलामू, लिजा बाखला : अगर आप भी स्वास्थ्य विभाग में नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो आपके लिए खुशसमाचारी है. पलामू स्वस्थ विभाग ने 109 पदों की वैकेंसी निकाली है, इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 15 फरवरी निर्धारित की गयी है. बहाली से संबंधित पूरी जानकरी पलामू एनआईसी के वेबसाइड पर अपलोड किया गया है. हालांकि सभी नियुक्ति संविदा पर आधारित है. इसकी समय सीमा एक साल तय की गयी है. कार्य के मूल्यांकन के अनुसार संविदा बढ़ाई जा सकती है. इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि संविदा पर बहाल होने वाले कर्मी किसी भी परिस्थिति में स्थायी नियुक्ति का दावा नहीं कर सकते हैं. कैसे होगा चयन पलामू स्वस्थ विभाग द्वारा निकली गयी इस भर्ती में आवेदकों का चयन लिखित परीक्षा और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर किया जाएगा. कुल 100 अंकों की परीक्षा होगी. इसमें 40 नंबर लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित है जबकि 60 अंक शैक्षणिक योग्यता के लिए निर्धारित की गयी है. इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन डाक या स्पीड पोस्ट से भेज सकते हैं. पलामू की हर छोटी-बड़ी समाचार यहां पढ़ें किन-किन पदों पर होगी बहाली एएनएम अरसीएच के 04, एएनम आरबीएसके के 03, एएनएम एमटीसी के 02, एएनएम एनयूएचएम के 24, स्टाफ नर्स आरसीएच के 37, स्टाफ एसएनसीयू के 06, स्टाफ नर्स आरबीएसके के 01, स्टाफ नर्स एनयूएचएम के 07, लैब टेक्नीशियन एनयूएचएम के 03, स्टाफ नर्स एपीसीडीएस के 01 , न्यूट्रीशन काउंसलर के 01, ब्लॉक डाटा मैनेजर आरसीएच के 01, काउंसलर आरसीएच के 01 ,फार्मासिस्ट आरसीएच के 01, आयुष फार्मासिस्ट के 02, फार्मासिस्ट आरबीएसके के 05, फार्मासिस्ट एनयूएचएम के 03, फार्मासिस्ट एनटीईपी के 01, एक्स-रे टेक्निशियन के 01, फार्मासिस्ट एनयूएचएम के 03, एसटीएलएस के 01, डिस्ट्रिक्ट पब्लिक प्राइवेट मिक्स को-ऑर्डिनेटर के 01, मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर के 01, डाटा मैनेजर के 01 और काउंसेलर के 01 पदों पर बहाली की जाएगी. Also Read: पूर्वी सिंहभूम के 10 मुखिया समेत इन लोगों पर होगी कार्रवाई, की जाएगी 29.28 करोड़ रुपये की वसूली, जानें पूरा मामला The post Jharkhand Job 2025: खुशसमाचारी! स्वास्थ्य विभाग में निकली वैकेंसी, 15 फरवरी तक कर सकते हैं आवेदन, जानें कैसे होगा चयन appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में रोजगार की बहार, सीएम नीतीश ने 6837 इंजीनियरों को दिया नियुक्ति पत्र

Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना के संवाद कक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम में 6,341 जूनियर इंजीनियर और 496 इंस्ट्रक्टर को नियुक्ति पत्र सौंपा. इस अवसर पर दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ कई मंत्री भी उपस्थित थे. इन जूनियर इंजीनियरों का चयन बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या 01/2019 के अंतर्गत किया गया है. जल संसाधन विभाग को आवंटित 2,338 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग और सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया विभाग द्वारा 14 से 19 जनवरी 2025 तक सफलतापूर्वक संपन्न हुई थी. इसके अलावा, अभ्यर्थियों की काउंसलिंग और सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया विभाग द्वारा 24 जनवरी 2025 को भी संपन्न की गई थी. The post बिहार में रोजगार की बहार, सीएम नीतीश ने 6837 इंजीनियरों को दिया नियुक्ति पत्र appeared first on Naya Vichar.

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मां सरस्वती के मूर्ति विसर्जन पर इन मंत्रों का जाप जरूरी

Saraswati Puja Visarjan 2025: बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करते है.इस साल बसंत पंचमी 03 फरवरी 2025, सोमवार के दिन पड़ रही है.साथ ही यह भी है कि सरस्वती पूजा के दिन ही शाही या अमृत स्नान का योग है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार , जहां एक तरफ बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की प्रतिमा को घर में स्थापित किया जाता है. वहीं, दूसरी तरफ उसके अगले दिन मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन करने का विधि माना जाता है. सरस्वती विसर्जन शुभ मुहूर्त ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सरस्वती विसर्जन षष्ठी के दिन करना शुभ होता है.साथ ही ऐसे में षष्ठी तिथि का शुभारंभ 03 फरवरी 2025 को सुबह 09 बजकर 52 मिनट से होगा वहीं, इसका समापन 04 फरवरी 2025, दिन मंगलवार को रात 09 बजकर 49 मिनट पर होगा. ऐसे में सरस्वती विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 15 मिनट तक होगा. महाहिंदुस्तान काल से है भीष्म अष्टमी का संबंध, यहां से जानें सरस्वती विसर्जन पूजा विधि विसर्जन के दिन सबसे पहले, मां सरस्वती की प्रतिमा को अच्छे से साफ करें और उनका 16 श्रृंगार कर उन्हें नए वस्त्र दान करें, साथ ही मां सरस्वती की प्रतिमा के पास सफेद या पीला फूल माला, तिल के तेल मे दीपक, अगरबत्ती और चंदन आदि से पूरी श्रद्धा से पूजा- आराधना करें.वहीं पूजा के समय विशेष रूप से मां सरस्वती के मंत्रों का उच्चारण पूरी भक्ति भाव से करते रहें.फिर एक लाल वस्त्र में मां को थोड़े पीले चावल,दुभ,पैसे उन्हें दान करें फिर हवन आहुति पूर्ण करने के बाद प्रतिमा को रखें और पवित्र नदी में विसर्जित कर देना चाहिए. सरस्वती विसर्जन मंत्र जाप माता सरस्वती के विसर्जन के दौरान इन मंत्रों का जाप करना अत्यधिक शुभदायक होता है.इससे मां के जाने के बाद भी उनकी ऊर्जा और दिव्यता से घर में सकारात्मकता का वास बना रहता है. मां सरस्वती का विसर्जन करते समय अपने हाथ में शुद्ध जल लेकर और श्रद्धा से बोलें से इन मंत्रों का जाप करते रहना चाहिए. ओम सांग-सवाहन-सपरिवार भूर्भुवःस्वः श्रीसरस्वती पूजितासि प्रसीद प्रसन्ना. माता का विसर्जन करने के बाद इस मंत्र का उच्चारण करें क्षमस्व स्वस्थानं गच्छ,इसके अलावा, ‘ओम गं गणपति पूजितोसि-प्रसीद-प्रसनो-भव-क्षमस्व स्वस्थानं गच्छ. , ‘ओम सूर्यादि नवग्रहाः पूजितोसि-प्रसीद-प्रसनो-भव-क्षमस्व स्वस्थानं गच्छ. ‘ओम इन्द्रादि दशदिक्पालाः प्रसीद-प्रसनो-भव-क्षमस्व स्वस्थानं गच्छ. मंत्र का एक-एक कर जाप करें. The post मां सरस्वती के मूर्ति विसर्जन पर इन मंत्रों का जाप जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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Vande Bharat Express: बिहार में शुरू होने वाली है पहली स्लीपर वंदे भारत, जानें लोकल पैसेंजरों को क्या मिलेगा लाभ

Vande Bharat Express बिहार में अब लोकल पैसेंजरों को भी वंदे हिंदुस्तान ट्रेन मिलने वाली है. यह बिहार के यात्रियों के लिए पहली पैसेंजर वंदे हिंदुस्तान ट्रेन होगी. इसमें सफर करने वाले याक्षियों को गर्मी और ठंड से राहत मिलेगी.रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि बिहार में अभी 12 वंदे हिंदुस्तान ट्रेनें चल रही हैं, जो कि बिहार के 15 जिलों से होकर गुजरती हैं. 90 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट रेल मंत्री ने कहा कि इस ट्रेन से कम दूरी वाले शहरों में आने जाने के लिए यात्रियों को भी सीधे सुविधा मिलेगी. इसके साथ ही 300 से 500 किमी प्रतिदिन सफर करने वाले यात्री को भी लाभ मिलेगा. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे ने बिहार में द्वारा लगभग 90 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट कर रही है. बिहार में अब चेयर कार कोच के बाद स्लीपर कोच वाली वंदे हिंदुस्तान का परिचालन भी किया जाएगा. इसमें 6 एसी कोच और 10 जनरल कोच भी होंगे. यह ट्रेन 140 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ेगी.बिहार में सांस्कृतिक पर्यटन और औद्योगिक सुविधाएं बढ़ी हैं. बिहार में चलेगी नमो ट्रेन बिहार में वंदे हिंदुस्तान की सफलता के बाद अब नमो ट्रेन की सुविधा भी राज्य के लोगों को मिलेगी. अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बजट 2025-26 में हिंदुस्तानीय रेल के विकास के लिए रिकॉर्ड 252200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. जो कि पिछली यूपीए प्रशासन के समय से 9 गुना अधिक है. मलेशिया के पूरे रेल नेटवर्क के बराबर बिहार में हो रहा काम रेल मंत्री ने यूपीए प्रशासन के कार्यकाल की जानकारी शेयर करते हुए कहा कि वर्ष 2009 से 2014 तक प्रति वर्ष बिहार में औसतन 1132 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे. जबकि एनडीए प्रशासन की ओर से 2014 से अब तक बिहार में 1832 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई जा चुकी है, यह मलेशिया के पूरे रेल नेटवर्क के बराबर है. वहीं 1783 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर कवच सिस्टम लगाने का काम भी चल रहा है. ये भी पढ़ें.. Indian Railway: वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस ने भर दी प्रशासन की तिजोरी, एग्जिक्यूटिव क्लास में भी बढ़े यात्री The post Vande Bharat Express: बिहार में शुरू होने वाली है पहली स्लीपर वंदे हिंदुस्तान, जानें लोकल पैसेंजरों को क्या मिलेगा लाभ appeared first on Naya Vichar.

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पटना को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने का प्लान हो गया तैयार, इन सड़कों पर सबसे पहले होगा सुधार

Patna News: राजधानी पटना में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों ने खास योजना तैयार की है. पटना शहर के ट्रैफिक सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर पहले चरण में तीन प्रमुख सड़कों का चयन किया गया है. इसके तहत बेली रोड, अशोक राजपथ और कंकड़बाग मुख्य मार्ग में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्थायी उपाय किए जाएंगे. एक महीने में दिखने लगेगा बदलाव इन सड़कों पर जाम से निजात दिलाने के लिए तीन मुख्य सिफारिशें की गई हैं. इसमें सड़क और ट्रैफिक इंजीनियरिंग को बेहतर बनाया जाएगा. इसके अलावा अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया जाएगा, जिसके तहत मुख्य सड़क पर मौजूद सभी अवैध संरचनाओं यानि अतिक्रमण को हटाया जाएगा. करीब एक महीने में नए प्रयोग के तहत पटना की सड़कों पर कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे. जनवरी में हुआ था ट्रैफिक सर्वे पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक पटना को जाम मुक्त बनाने के लिए पिछले महीने जनवरी में ट्रैफिक सर्वे कराया गया था. इसमें वाहनों के दबाव से लेकर सड़क इंजीनियरिंग और अन्य बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है. फरीदाबाद स्थित ट्रैफिक इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों के अलावा पटना में पदस्थापित सभी ट्रैफिक डीएसपी, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक व अधीक्षण अभियंताओं व अन्य अधिकारियों ने सभी पहलुओं का बारीकी से अध्ययन कर यह रिपोर्ट तैयार की है. Also Read : बिहार में रोजगार की बहार, सीएम नीतीश ने 6837 इंजीनियरों को दिया नियुक्ति पत्र विकास आयुक्त से सामने पेश होगी रिपोर्ट विशेषज्ञों द्वारा तैयार यह अध्ययन रिपोर्ट जल्द ही विकास आयुक्त के सामने प्रस्तुत की जाएगी. इसके बाद इन सिफारिशों को लागू किया जाएगा. इस प्लान के लाग होने के बाद अगर अच्छे परिणाम मिले तो बाद में पटना की अन्य प्रमुख सड़कों पर भी इन सिफारिशों को लागू किया जाएगा. Also Read : बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा मामले में सुनवाई टली, पटना हाईकोर्ट में आज इस वजह से नहीं हुई हियरिंग The post पटना को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने का प्लान हो गया तैयार, इन सड़कों पर सबसे पहले होगा सुधार appeared first on Naya Vichar.

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