मंत्री विजय कुमार चौधरी के प्रति वित्त रहित शिक्षकों में भारी आक्रोश, बैठक में मंत्री के बयान की हुई निंदा
नया विचार सरायरंजन : राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं वर्तमान जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी द्वारा सात मार्च को विधान परिषद में वित्त रहित शिक्षकों के हित में बयान नहीं दिए जाने से वित्त रहित शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। शनिवार को केएसआर कॉलेज, सरायरंजन में वित्तरहित शिक्षकों की आक्रोशपूर्ण बैठक में मंत्री विजय कुमार चौधरी के बयान की घोर निंदा की गई। वक्ताओं ने बताया कि विधान परिषद में विधान पार्षद नवल किशोर यादव के द्वारा वित्त रहित शिक्षकों को राज्य प्रशासन के द्वारा अनुदान के बदले वेतनमान नहीं देने के विरुद्ध राज्य प्रशासन के क्रियाकलापों की जमकर आलोचना की जा रही थी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार की जगह पूर्व शिक्षा मंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी द्वारा मामले को लपकते हुए वित्त रहित शिक्षकों के हित में बयान नहीं दिया जाना,पूरे राज्य भर के निरीह और भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके वित्त रहित शिक्षकों को भारी निराशा हुई है। वक्ताओं के द्वारा मंत्री के बयान की घोर निंदा की गई। दूसरी और स्थानीय विधायक सह मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि उन्होंने सदन में वित्त रहित शिक्षकों के प्रति सुशासन की प्रशासन की संवेदन शीलता की ही बात बताई गई है। सुशासन की प्रशासन सदा से ही वित्त रहित शिक्षकों के प्रति संवेदनशील रही और है। जहां पूर्व की प्रशासन के द्वारा काम करो और पैसा नहीं मिलेगा, ऐसे वित्त रहित के काले कानून से, वित्त रहित शिक्षकों को बिना वेतन के ही बेमौत मरने के छोड़ दिया गया था , वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा वित्त रहित शिक्षकों की सुधि लेते हुए, वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त कर , छात्रों के परीक्षाफल के आधार पर अनुदान देना शुरू किया गया है। इस नियम के तहत राज्य प्रशासन के द्वारा बराबर अनुदान का भुगतान भी किया जाता रहा है। उनके बकाये अनुदान के प्रति भी राज्य प्रशासन पूरी तरह गंभीर है।साथ ही भविष्य में भी राज्य प्रशासन के द्वारा उन्हें हरसंभव सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है। बैठा की अध्यक्षता सीनेटर डॉ.विजय कुमार झा ने की। मौके पर डॉ. सुवंश कुमार चौधरी,प्रो .अनिल कुमार झा, प्रो .रमेश कुमार, दयानंद झा सहित दर्जनों शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद रहे।











