PESA Act: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बताया, कैबिनेट ने पेसा अधिनियम के तहत नियमों को मंजूरी दे दी है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा?
झारखंड कैबिनेट की बैठक पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, कैबिनेट में जो भी मुद्दा आता है, उस पर चर्चा होती है और फिर फैसला लिया जाता है. आज का अहम मुद्दा PESA से जुड़ा था, और आज हमने PESA एक्ट को कैसे लागू किया जाए, इसके नियम तैयार किए हैं. पूरी तरह विचार-विमर्श के बाद, आज इसे आखिरकार राज्य के लोगों को समर्पित किया जाएगा. इसे पूरे राज्य में, खासकर अनुसूचित क्षेत्रों में, बेहतर तरीके से जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा.
तमाम अड़चनों को दूर कर पेसा (PESA) नियमावली कैबिनेट से हुई स्वीकृत…
झारखंड मंत्रालय परिसर में मीडिया बंधुओं से बातचीत pic.twitter.com/bZznW8ija9
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) December 23, 2025
अधिनियम 1996 में लागू किया गया था
अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों के अधिकारों को मान्यता देने वाला यह अधिनियम 1996 में लागू किया गया था, लेकिन 2000 में एक अलग राज्य के गठन के बावजूद झारखंड ने अभी तक पेसा को लागू नहीं किया है.
अधिनियम में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के प्रावधान
पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने बताया कि अनुसूचित क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची में निर्धारित क्षेत्रों को संदर्भित करते हैं. झारखंड के 24 जिलों में से 13 जिले पूरी तरह से पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आते हैं, जबकि दो जिले आंशिक रूप से इसके अंतर्गत आते हैं. कुमार ने बताया, इस अधिनियम में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के प्रावधान हैं. कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को कुछ जिम्मेदारियां और शक्तियां दी गई हैं.
खनन क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की सहमति होगी जरूरी
खनन क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की सहमति प्राप्त करने का प्रावधान है. भूमि अधिग्रहण, लघु वन उपज, साहूकारी पर प्रतिबंध और जल संसाधनों के प्रबंधन से संबंधित ग्राम सभाओं की भूमिकाएं परिभाषित की गई हैं.
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