खास बातें
हुगली से मुरली चौधरी की रिपोर्ट
Jalbhara Sandesh GI Tag: हुगली जिले की सांस्कृतिक व पारंपरिक विरासत को नयी पहचान मिली है. चंदननगर के करीब 200 वर्ष पुराने जलभरा संदेश, जनाई की प्रसिद्ध मनोहरा मिष्टी और बालागढ़ की पारंपरिक डिंगी नाव को हिंदुस्तान प्रशासन ने भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्रदान किया है. इस उपलब्धि से मिठाई व्यवसायियों और नाव शिल्पियों में खुशी की लहर दौड़ गयी है.
जीआई टैग का क्या होगा फायदा?
जीआई टैग किसी विशेष क्षेत्र से जुड़े ऐसे उत्पाद को दिया जाता है, जिसकी गुणवत्ता व पहचान उसी क्षेत्र से जुड़ी होती है. अब चंदननगर के बाहर कोई भी व्यक्ति अपनी मिठाई को ‘चंदननगर का असली जलभरा संदेश’ बताकर नहीं बेच सकेगा.
4 साल बाद मिली सफलता
चंदननगर के मिष्ठान्न व्यवसायी शैबाल मोदक ने बताया कि जलभरा संदेश के लिए सितंबर 2022 में आवेदन किया गया था. लगभग 4 वर्ष की प्रक्रिया के बाद यह सम्मान मिला है. उन्होंने कहा कि अब इस पारंपरिक मिठाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने पर वैज्ञानिक शोध की जरूरत है.
इसे भी पढ़ें : पश्चिम बंगाल की कृषि क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि, दार्जिलिंग मंदारिन संतरे को मिला जीआई टैग
200 साल पुराना है इतिहास
वर्ष 1818 में मिष्ठान्न व्यवसायी सूर्य कुमार मोदक ने जमाई षष्ठी के अवसर पर संदेश के भीतर गुलाब जल भरकर नयी मिठाई तैयार की थी. यही मिठाई आगे चलकर ‘जलभरा संदेश’ के नाम से प्रसिद्ध हुई.
बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
बालागढ़ की डिंगी नाव को भी मिली पहचान
शोधकर्ता पार्थ चट्टोपाध्याय ने बताया कि बालागढ़ की डिंगी नाव को भी जीआई टैग दिलाने में करीब 4 वर्ष लगे. उन्होंने कहा कि इसकी पारंपरिक बनावट व शिल्पकला इसे अन्य नावों से अलग पहचान देती है.
Jalbhara Sandesh GI Tag: शिल्पियों ने लगायी गुहार
स्थानीय शिल्पियों का कहना है कि जीआई टैग से राष्ट्रीय पहचान तो मिली है, लेकिन उद्योग को बचाने के लिए प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता और बेहतर विपणन व्यवस्था की भी जरूरत है.
इसे भी पढ़ें
बिहार की ‘बावन बूटी साड़ी’ को मिला जीआई टैग, दुनिया भर में चमकेगी नालंदा के बुनकरों की पहचान
मांदर को मिलेगा GI टैग, गुमला के इस गांव को मिलेगी ‘प्रोड्यूसर कंपनी’ के रूप में पहचान
The post चंदननगर के जलभरा संदेश, जनाई की मनोहरा मिष्टी और बालागढ़ की डिंगी नाव को मिला जीआई टैग appeared first on Naya Vichar.

