Jharkhand Finance Department News : झारखंड के मंत्रियों में वित्त विभाग के खिलाफ नाराजगी है, जो गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में खुलकर सामने आ गई. इस मौके पर नगर विकास और उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने वित्त विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए. नाराज मंत्रियों का कहना था कि वित्त विभाग में महीनों तक फाइल लटकाई जाती है, जिससे उनके विभाग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं. अधिकारी जानबूझ कर फाइल लटका कर रखते हैं और अनावश्यक जानकारी मांगते हैं. मंत्रियों का कहना था कि वित्तीय अनुशासन सही है, लेकिन फाइल रोकना सही नहीं है. समय पर पैसे नहीं मिलने से काम प्रभावित हो रहा है.
कौन किस बिंदु पर है नाराज

रिम्स टू के निर्माण पर वित्त विभाग ने पूछा, मानव संसाधन की कार्ययोजना बताएं
रिम्स टू निर्माण के लिए कैबिनेट ने 4000 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की है. यह फाइल वित्त विभाग के पास पहुंची थी, तो विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से पूछा कि इतने बड़े अस्पताल के लिए मानव संसाधन को लेकर क्या कार्ययोजना है. इस अस्पताल में दर्जनों विभाग होंगे. इसके लिए बड़े मानव संसाधन की जरूरत होगी. स्वास्थ्य विभाग डॉक्टर, पारा मेडिकल और अन्य कर्मियों की जरूरत कैसे पूरा करेगा, यह बताए. इसके साथ ही रिम्स टू को लेकर आठ से नौ बिंदुओं पर जवाब मांगे गए थे.
अधिकारी वित्तीय अनुशासन को लेकर जानकारी मांगते होंगे : वित्त मंत्री
पूरे मामले में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि हर फाइल मेरे पास नहीं आती है. कई फाइल अधिकारियों के स्तर से निपटाई जाती है. ऐसी फाइलें जो मेरे पास आती हैं, उन्हें मैं अपने स्तर से जल्द से जल्द निपटाने की कोशिश करता हूं. इसके साथ ही विभागीय मंत्रियों से भी मेरा लगातार संवाद होता है. मंत्री के स्तर पर योजनाओं पर बात होती है. विभागों की महत्वाकांक्षी व जनहित की योजना में मेरी कोशिश होती है कि संबंधित मंत्री से बात कर जटिलताओं को दूर किया जाये. विभाग के अधिकारी वित्तीय अनुशासन को लेकर विभाग से जानकारी मांगते होंगे. हालांकि समय सीमा का ध्यान हर हाल में रखना चाहिए.
किसने क्या कहा?
सुदिव्य कुमार सोनू : यह सब रूटीन काम है. कैबिनेट की बैठक की बातों पर मैं चर्चा नहीं कर सकता हूं.
डॉ इरफान अंसारी : मुझे इस मामले में कुछ नहीं कहना है. कैबिनेट की बैठक में बात हो गयी है. इसमें मैं कुछ नहीं कह सकता हूं.
नगर विकास विभाग की ये योजनाएं अटकी
- आदत्यिपुर, मानगो, जमशेदपुर, जुगसलाई व कपाली में 74.64 करोड़ का सिवरेज वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट.
- चास में 21.27 करोड़ रुपये का सिवरेज वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट
- दुमका, लोहरदगा, मधुपुर, मेदिनीनगर व सिमडेगा में लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट
- 27 नगर निकायों में यूज्ड वाटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट
- 07 नगर निकायों में 29.38 करोड़ रुपये की लागत से 35 पार्कों का निर्माण
ग्रामीण विकास विभाग की ये योजनाएं अटकी
- अबुआ आवास योजना के तहत पुराने बचे आवासों को पूरा करना है. इसके लिए बजट की जरूरत है.
- झारखंड जल छाजन योजना में 79.15 करोड़ रुपये का प्रावधान चालू वित्तीय वर्ष में किया गया है. इस वित्तीय वर्ष में काम शुरू नहीं हुआ
- 28 करोड़ रुपये की लागत से सर्ड का निर्माण प्रस्तावित है, पर काम आगे नहीं बढ़ रहा है.
- 10 करोड़ रुपये से अंबेडकर आवास का निर्माण होना है, राशि के अभाव में काम नहीं हो रहा है.
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