Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज सुहागिन स्त्रीओं के लिए विशेष पर्व माना जाता है. इस दिन स्त्रीएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु व सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं. इस अवसर पर किया जाने वाला 16 श्रृंगार केवल सजने-संवरने का माध्यम नहीं, बल्कि हिंदू परंपरा में सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है.
हरियाली तीज पर शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 अगस्त 2026 को शाम 6:46 बजे शुरू होगी और 15 अगस्त को शाम 5:28 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026, शनिवार को रखा जाएगा.
गजरा और फूल
बालों में गजरा या फूल लगाना सुहाग और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है. फूलों की सुगंध वातावरण को खुशनुमा बनाती है और श्रृंगार को पारंपरिक रूप देती है.
बिंदी और सिंदूर
बिंदी को सौभाग्य और स्त्री शक्ति से जोड़ा जाता है. वहीं सिंदूर विवाहित स्त्रीओं के सुहाग का प्रमुख प्रतीक है. तीज पर सिंदूर लगाकर स्त्रीएं अपने वैवाहिक जीवन की मंगलकामना करती हैं.
मंगलसूत्र और हार
मंगलसूत्र विवाह के पवित्र बंधन का प्रतीक माना जाता है. इसके काले मोती और स्वर्ण धातु को पारंपरिक रूप से सुरक्षा और सौभाग्य से जोड़ा गया है.
झुमके और मांग टीका
कानों के झुमके और मांग टीका चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के साथ 16 श्रृंगार को पूर्णता देते हैं. मांग टीका को विशेष रूप से सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है.
चूड़ियां और बाजूबंद
चूड़ियों की खनक हरियाली तीज के उत्सव का खास हिस्सा है. इन्हें सौभाग्य, प्रसन्नता और वैवाहिक जीवन की खुशहाली से जोड़ा जाता है. बाजूबंद पारंपरिक श्रृंगार को और आकर्षक बनाता है.
ये भी पढ़ें: हरियाली तीज पर क्यों पहना जाता है हरा रंग? जानिए इसके पीछे का धार्मिक रहस्य और वैज्ञानिक कारण
कमरबंद और अंगूठी
कमरबंद पारंपरिक परिधान के साथ सुंदरता बढ़ाता है, जबकि अंगूठियां हाथों की शोभा बढ़ाती हैं. दोनों को 16 श्रृंगार के महत्वपूर्ण हिस्सों में गिना जाता है.
बिछिया और नथ
बिछिया विवाहित स्त्री के सुहाग का प्रतीक मानी जाती है. नथ को भी हिंदुस्तानीय परंपरा में सौभाग्य और स्त्री सौंदर्य से जोड़ा गया है.
पायल और मेहंदी
पायल की रुनझुन तीज के उत्सव में खास आकर्षण जोड़ती है. वहीं मेहंदी को प्रेम, सौभाग्य और खुशहाल दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है.
काजल और मेकअप
काजल आंखों की सुंदरता बढ़ाता है, जबकि हल्का मेकअप और नेल पेंट पूरे श्रृंगार को पूर्णता प्रदान करते हैं. इनका उद्देश्य पारंपरिक सौंदर्य और आत्मविश्वास को बढ़ाना माना जाता है.
हरियाली तीज 16 श्रृंगार की मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 16 श्रृंगार करके माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करने से सौभाग्य और दांपत्य सुख की कामना की जाती है. हालांकि, श्रृंगार से जुड़े स्वास्थ्य लाभों के दावे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माने जाने चाहिए.
The post सोलह श्रृंगार और अखंड सौभाग्य का वरदान: हरियाली तीज पर जानें सिर से पांव तक सजने का धार्मिक अर्थ appeared first on Naya Vichar.

