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August 13, 2026

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प्रदर्शन, नारेबाजी और टकराव में खत्म हुआ मानसून सत्र, विपक्ष बोला- जवाबदेही से भागी सरकार

Parliament Monsoon Session: संसद परिसर के मकर द्वार की सीढ़ियों पर प्रशासन और विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया. भाजपा सांसदों ने झारखंड में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के मुद्दे पर कांग्रेस की कथित अनदेखी को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया. इसके जवाब में विपक्षी सांसद भी मकर द्वार पर विरोध करते नजर आए. खिलौना बंदर लेकर विपक्ष का प्रदर्शन विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा हाथ में खिलौना बंदर लिए नजर आए. टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष की नहीं, बल्कि प्रशासन की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है. प्रशासन जवाबहेदी से भागती रही है. ‘पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?’ कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने प्रशासन पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष गृह मंत्री का लंबा भाषण नहीं, बल्कि इस बात का स्पष्ट जवाब चाहता था कि पेलेट गन से फायरिंग का आदेश किसने दिया. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वह चर्चा के लिए तैयार थे तो पहले ही सदन में क्यों नहीं आए. सदन चलाना हमारी जिम्मेदारी नहीं है, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है. विपक्ष को समझाना और मनाना प्रशासन का काम है- कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला सपा सांसद ने कहा- आखिरी दिन चर्चा की याद क्यों आई? सपा सांसद जावेद अली खान ने भी प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन चर्चा के लिए तैयार है तो मंत्री का बयान कार्यसूची में शामिल किया जा सकता है. उन्होंने सवाल किया कि सत्र खत्म होने से कुछ घंटे पहले ही प्रशासन को चर्चा की जरूरत क्यों महसूस हुई. जावेद अली खान ने कहा कि अगर मंत्री बयान देना चाहते हैं तो उन्हें सदन में आकर जवाब और सफाई देनी चाहिए. भाजपा ने राहुल गांधी को ठहराया जिम्मेदार वहीं दूसरी ओर, बीजेपी सांसदों ने सदन नहीं चलने देने के लिए विपक्ष और राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सदन को अपनी मर्जी से चलाना चाहते हैं, जबकि संसद संसदीय व्यवस्था और नियमों के अनुसार चलती है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस गलतफहमी में हैं कि धर्मेंद्र प्रधान ने उनके कारण इस्तीफा दिया और अब वह अमित शाह तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी इसी तरह दबाव बनाने की सोच रहे हैं. गिरिराज सिंह का विपक्ष पर हमला गिरिराज सिंह ने कहा कि लोकतंत्र किसी की निजी जागीर नहीं है और यह तय व्यवस्था के अनुसार चलता है. उन्होंने शाह बानो मामले का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और तीन तलाक, नागरिकता संशोधन कानून (CAA), अनुच्छेद 370 और 35A को लेकर केंद्र प्रशासन के फैसलों का भी जिक्र किया. Also Read: Parliament Live: राज्यसभा में बोले खरगे, ‘शुद्धिकरण’ कर किया गया मेरा अपमान The post प्रदर्शन, नारेबाजी और टकराव में खत्म हुआ मानसून सत्र, विपक्ष बोला- जवाबदेही से भागी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के 3 कलाकारों सुशांत कुमार महापात्र, बुटन देवी और सोमवारी देवी को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला

Sangeet Natak Akademi Awards 2024-25: नई दिल्ली के विज्ञान भवन में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार समारोह का आयोजन हुआ. समारोह में झारखंड के तीन कलाकारों को सम्मानित किया गया. सरायकेला के छऊ मुखौटा शिल्पकार गुरु सुशांत कुमार महापात्र को छऊ और पारंपरिक मुखौटा शिल्प के लिए सम्मान मिला. वहीं बुंडू, रांची की सगी बहनें बुटन देवी और सोमवारी देवी को पारंपरिक नचनी नृत्य परंपरा को जीवित रखने के लिए सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी कलाकारों को अपने हाथों सम्मानित किया. छऊ को आगे बढ़ाना जीवन का लक्ष्य – सुशांत कुमार महापात्र वर्ष 2024 और 2025 के लिए आयोजित विशेष अलंकरण समारोह में देशभर के 115 कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप एवं पुरस्कार प्रदान किये गये. पुरस्कार प्राप्त करने के बाद गुरु सुशांत कुमार महापात्र ने इसे अपने गुरुओं को समर्पित किया. उन्होंने कहा कि सरायकेला की छऊ मुखौटा कला को आगे बढ़ाना उनके जीवन का उद्देश्य है और वह आगे भी छऊ मुखौटा शिल्प एवं छऊ नृत्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम करते रहेंगे. () (2024-25) .#Jharkhand #NachniDance #SangeetNatakAkademi #PresidentDroupadiMurmu #ButanDevi pic.twitter.com/tJCahoTBLK — Naya Vichar Jharkhand (@jharkhand_pk) August 13, 2026 “> ये भी पढ़ें- राची में स्त्री यात्रियों के लिए बढ़ेगी सुविधा, शहर में चलेंगी 10 नई पिंक सिटी बसें कई अतिथि मौजूद थे समारोह में कई केंद्रीय मंत्री व संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ संध्या पुरेचा एवं सचिव राजू दास समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद थे. यह भी पढ़ें : छऊ मुखौटे की दिल्ली में गूंज, राष्ट्रपति करेंगी सरायकेला के इस शिल्पकार का सम्मान The post झारखंड के 3 कलाकारों सुशांत कुमार महापात्र, बुटन देवी और सोमवारी देवी को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला appeared first on Naya Vichar.

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संसद का मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने कहा-लोकसभा में 19% और राज्यसभा में 39% हुआ काम

किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र में कुल 12 विधेयक पारित हुए, लेकिन दुख की बात यह रही कि लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में केवल एक विधेयक पर चर्चा हो सकी. संसद का अधिकांश समय बर्बाद हुआ, लोकसभा में 19 प्रतिशत और राज्यसभा में 39 प्रतिशत काम हुआ. लोकसभा में महज 19 प्रतिशत कार्य हुआ किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में महज 19 प्रतिशत कार्य हुआ, जबकि राज्यसभा में 39 प्रतिशत काम हुआ. संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि प्रशासन संसद में चर्चा के स्तर से खुश नहीं है. उन्होंने कांग्रेस पर अनुचित तरीके से सदन की कार्यवाही बाधित करने का भी आरोप लगाया. संसदीय व्यवस्था के लिए विपक्ष का रुख गलत किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस ने संसदीय व्यवस्था को बर्बाद करने की कोशिश की है. संसदीय व्यवस्था में संसद का चलना बहुत जरूरी है. संसद चलेगा तभी बहस होगी और देश हित में निर्णय लिए जा सकेंगे. कांग्रेस ने इस व्यवस्था को खराब किया है. वे यह समझने लगे हैं कि उनका काम सिर्फ नारेबाजी करना है. इसी वजह से वे बहस से भाग रहे हैं. उनके हंगामे से सदन का समय खराब हुआ. ये भी पढ़ें : आतंकी गिरफ्तार : ISI के लिए ‘हैंडलर’ के तौर पर काम करता था राणा, पुलिस तलाश रही एजाज का काठमांडू कनेक्शन The post संसद का मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने कहा-लोकसभा में 19% और राज्यसभा में 39% हुआ काम appeared first on Naya Vichar.

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सोलह श्रृंगार और अखंड सौभाग्य का वरदान: हरियाली तीज पर जानें सिर से पांव तक सजने का धार्मिक अर्थ

Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज सुहागिन स्त्रीओं के लिए विशेष पर्व माना जाता है. इस दिन स्त्रीएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु व सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं. इस अवसर पर किया जाने वाला 16 श्रृंगार केवल सजने-संवरने का माध्यम नहीं, बल्कि हिंदू परंपरा में सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. हरियाली तीज पर शुभ मुहूर्त ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 अगस्त 2026 को शाम 6:46 बजे शुरू होगी और 15 अगस्त को शाम 5:28 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026, शनिवार को रखा जाएगा. गजरा और फूल बालों में गजरा या फूल लगाना सुहाग और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है. फूलों की सुगंध वातावरण को खुशनुमा बनाती है और श्रृंगार को पारंपरिक रूप देती है. बिंदी और सिंदूर बिंदी को सौभाग्य और स्त्री शक्ति से जोड़ा जाता है. वहीं सिंदूर विवाहित स्त्रीओं के सुहाग का प्रमुख प्रतीक है. तीज पर सिंदूर लगाकर स्त्रीएं अपने वैवाहिक जीवन की मंगलकामना करती हैं. मंगलसूत्र और हार मंगलसूत्र विवाह के पवित्र बंधन का प्रतीक माना जाता है. इसके काले मोती और स्वर्ण धातु को पारंपरिक रूप से सुरक्षा और सौभाग्य से जोड़ा गया है. झुमके और मांग टीका कानों के झुमके और मांग टीका चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के साथ 16 श्रृंगार को पूर्णता देते हैं. मांग टीका को विशेष रूप से सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. चूड़ियां और बाजूबंद चूड़ियों की खनक हरियाली तीज के उत्सव का खास हिस्सा है. इन्हें सौभाग्य, प्रसन्नता और वैवाहिक जीवन की खुशहाली से जोड़ा जाता है. बाजूबंद पारंपरिक श्रृंगार को और आकर्षक बनाता है. ये भी पढ़ें: हरियाली तीज पर क्यों पहना जाता है हरा रंग? जानिए इसके पीछे का धार्मिक रहस्य और वैज्ञानिक कारण कमरबंद और अंगूठी कमरबंद पारंपरिक परिधान के साथ सुंदरता बढ़ाता है, जबकि अंगूठियां हाथों की शोभा बढ़ाती हैं. दोनों को 16 श्रृंगार के महत्वपूर्ण हिस्सों में गिना जाता है. बिछिया और नथ बिछिया विवाहित स्त्री के सुहाग का प्रतीक मानी जाती है. नथ को भी हिंदुस्तानीय परंपरा में सौभाग्य और स्त्री सौंदर्य से जोड़ा गया है. पायल और मेहंदी पायल की रुनझुन तीज के उत्सव में खास आकर्षण जोड़ती है. वहीं मेहंदी को प्रेम, सौभाग्य और खुशहाल दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है. काजल और मेकअप काजल आंखों की सुंदरता बढ़ाता है, जबकि हल्का मेकअप और नेल पेंट पूरे श्रृंगार को पूर्णता प्रदान करते हैं. इनका उद्देश्य पारंपरिक सौंदर्य और आत्मविश्वास को बढ़ाना माना जाता है. हरियाली तीज 16 श्रृंगार की मान्यता धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 16 श्रृंगार करके माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करने से सौभाग्य और दांपत्य सुख की कामना की जाती है. हालांकि, श्रृंगार से जुड़े स्वास्थ्य लाभों के दावे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माने जाने चाहिए. The post सोलह श्रृंगार और अखंड सौभाग्य का वरदान: हरियाली तीज पर जानें सिर से पांव तक सजने का धार्मिक अर्थ appeared first on Naya Vichar.

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AI से अपडेट होते जिहादी नेटवर्क: जानें AI को लेकर कैसे है प्लान, ISIS जल्द तो अल-कायदा लंबी लड़ाई की तैयारी कर रहा है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI शायद आतंकवाद का कोई बिल्कुल नया रूप पैदा न करे. लेकिन यह पहले से मौजूद तरीकों को तेज, सस्ता और आसान जरूर बना सकता है. जुलाई 2026 में अमेरिका के थिंक टैंक Center for Strategic and International Studies (CSIS) की एक रिपोर्ट का केंद्रीय तर्क भी यही है. आतंकवादी संगठन प्रचार, भर्ती, अनुवाद, सूचना जुटाने और अपनी ऑनलाइन गतिविधियों में AI का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण सवाल है- क्या सभी आतंकी संगठन AI को एक ही नजर से देखते हैं? आतंकवाद और उग्रवादी संगठनों की रणनीति का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों ने अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े प्रचार, रणनीतिक लेखों और AI के इस्तेमाल के दस्तावेजों का अध्ययन किया. इससे एक दिलचस्प अंतर सामने आता है. दोनों नेटवर्क AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन दोनों की सोच अलग है. सरल शब्दों में कहें तो- इस्लामिक स्टेट जल्दी परिणाम चाहता है, जबकि अल-कायदा लंबी लड़ाई में विश्वास करता है. इस्लामिक स्टेट: AI को तुरंत इस्तेमाल करने का नजरिया इस्लामिक स्टेट लंबे समय से अपनी मीडिया रणनीति और डिजिटल प्रचार के लिए जाना जाता है. सीरिया और इराक में अपने प्रभाव के चरम दौर में संगठन ने तेज, आकर्षक और पेशेवर डिजिटल प्रचार को अपनी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया था. यही प्रवृत्ति AI के दौर में भी दिखाई देती है. 2023 के बाद इस्लामिक स्टेट समर्थकों और उससे जुड़े नेटवर्क से AI-generated सामग्री के उदाहरण सामने आए. मार्च 2024 में मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल हमले के बाद समर्थकों ने AI से तैयार एक नकली अरबी समाचार एंकर का इस्तेमाल करते हुए हमले का प्रचार किया. इसके अलावा AI का इस्तेमाल तस्वीरें बनाने, भाषाओं में अनुवाद करने और अलग-अलग भाषाओं में प्रचार सामग्री तैयार करने के लिए भी किया गया. यहां AI का आकर्षण साफ है- कम समय में ज्यादा सामग्री और ज्यादा लोगों तक पहुंच. Read more: नया विचार UPSC Exclusive Interview : आखिर UPSC इतना डरा क्यों रहा है? पटना वाले Eduteria का Exclusive Interview नया विचार UPSC Exclusive Interview : UPSC : ‘Tina Dabi जहां भी होती, उसी समर्पण के साथ मेहनत करती’- Khan Sir का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू नया विचार UPSC Special: ना कोचिंग के UPSC की तैयारी करनी है? ये रही सेल्फ-स्टडी के लिए हमारी Booklist. The post AI से अपडेट होते जिहादी नेटवर्क: जानें AI को लेकर कैसे है प्लान, ISIS जल्द तो अल-कायदा लंबी लड़ाई की तैयारी कर रहा है appeared first on Naya Vichar.

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सुबह उठते ही चेहरे में न लगाएं ये चीजें, स्किन हो सकती है खराब

Morning Skincare Tips: सुबह उठते ही चेहरा थोड़ा ऑयली या चिपचिपा महसूस हो तो कई लोग तुरंत कुछ न कुछ चेहरे पर लगाने लगते हैं. किसी को घरेलू नुस्खे आजमाना पसंद होता है, तो कोई बिना सोचे स्किन केयर प्रोडक्ट लगा लेता है. लेकिन हर चीज सुबह के समय चेहरे के लिए Skincare Tips सही नहीं होती. ब्यूटी एक्सपर्ट रानी के मुताबिक, सुबह के समय स्किन पर कुछ भी लगाने से पहले अपनी स्किन टाइप और प्रोडक्ट के असर को समझना जरूरी है. खासकर अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो गलत चीज लगाने से जलन, ड्राईनेस या पिंपल्स जैसी परेशानी हो सकती है. इसलिए सुबह उठते ही चेहरे पर कुछ भी लगाने से पहले उसके बारे में जानना जरूरी है. नींबू सीधे चेहरे पर न लगाएं (Morning Skincare Tips) नींबू को अक्सर स्किन को निखारने के घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसे सीधे चेहरे पर लगाना सही नहीं माना जाता. इसमें मौजूद एसिडिक एलीमेंट कुछ लोगों की स्किन पर जलन या इरिटेशन पैदा कर सकते हैं. धूप के संपर्क में आने पर परेशानी और बढ़ सकती है. इसलिए सुबह उठते ही नींबू का रस चेहरे पर लगाने से बचें. बहुत ज्यादा स्क्रब करने से बचें सुबह उठते ही चेहरे को चमकाने के चक्कर में जोर-जोर से स्क्रब करना भी ठीक नहीं है. इससे स्किन पर जरूरत से ज्यादा घर्षण हो सकता है और जलन बढ़ सकती है. रोजाना स्क्रब करने के बजाय अपनी स्किन टाइप के हिसाब से माइल्ड क्लेंजर का इस्तेमाल करना बेहतर ऑप्शन  हो सकता है. PC: AI Generated बिना जरूरत हैवी क्रीम न लगाएं सुबह उठते ही अगर आपकी स्किन पहले से ऑयली है, तो बहुत ज्यादा हैवी या ग्रीसी क्रीम (Morning Skincare Tips) लगाने से बचें. इससे चेहरा चिपचिपा महसूस हो सकता है और कुछ लोगों में पोर्स बंद होने की समस्या हो सकती है. दिन के समय हल्का, स्किन टाइप के मुताबिक मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा. सुबह की स्किन केयर रखें सिंपल सुबह उठने के बाद स्किन के साथ बहुत सारे एक्सपेरिमेंट करने की जरूरत नहीं है. चेहरे को हल्के क्लेंजर से साफ करें, फिर अपनी स्किन के मुताबिक मॉइस्चराइजर लगाएं. दिन में बाहर निकलना हो तो सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी है. अगर किसी चीज को लगाने के बाद जलन, खुजली महसूस हो, तो उसे तुरंत हटाएं और दोबारा इस्तेमाल करने से बचें. यह भी पढ़ें: चेहरे पर दिखने लगी हैं फाइन लाइंस? ये आसान फेस पैक देगा फ्रेश और निखरा लुक The post सुबह उठते ही चेहरे में न लगाएं ये चीजें, स्किन हो सकती है खराब appeared first on Naya Vichar.

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West Bengal 7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए जल्द लॉन्च होगी वेबसाइट, जानें क्या होगा फायदा

पश्चिम बंगाल के प्रशासनी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 7th Pay Commission से जुड़ी जानकारी अब एक ही जगह मिल सकेगी. आयोग जल्द अपनी डेडिकेटेड वेबसाइट लॉन्च करने वाला है. इस पोर्टल पर आयोग के कामकाज, नोटिफिकेशन और अपडेट की आधिकारिक जानकारी मिलेगी. साथ ही कर्मचारी और पेंशनर्स अपनी राय, सुझाव और जरूरी दस्तावेज भी आयोग तक पहुंचा सकेंगे. वेबसाइट बनाने का फैसला आयोग की नबन्ना में हुई पहली बैठक में लिया गया है. पोर्टल जल्द शुरू होने की उम्मीद है. वेबसाइट की जरूरत क्यों पड़ी? प्रशासन चाहती है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को Pay Commission से जुड़ी जानकारी के लिए एक भरोसेमंद और आधिकारिक जगह मिले. अभी सोशल मीडिया पर सैलरी, DA और पेंशन को लेकर कई तरह के दावे और दस्तावेज शेयर हो रहे हैं. अधिकारियों ने साफ किया है कि आयोग अभी शुरुआती दौर में है. इसलिए ऑनलाइन घूम रहे किसी भी कथित सैलरी, DA या पेंशन प्रस्ताव को आधिकारिक नहीं माना जाना चाहिए. सही जानकारी आयोग की वेबसाइट और आधिकारिक नोटिफिकेशन से ही मिलेगी. पोर्टल पर क्या-क्या मिलेगा? नई वेबसाइट सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेगी. इसके जरिए आयोग कर्मचारियों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से सीधे जानकारी और राय भी मांग सकेगा.  पोर्टल पर संभावित रूप से ये जानकारी उपलब्ध होगी: आयोग के आधिकारिक नोटिफिकेशन और घोषणाएं. आयोग की कार्यवाही और काम से जुड़े अपडेट. कर्मचारियों और पेंशनर्स से डेटा और राय लेने के अनुरोध. कर्मचारियों और पेंशनर्स की ओर से भेजे गए मेमोरेंडम और सुझाव. Pay Review से जुड़ी दूसरी आधिकारिक जानकारी. इससे कर्मचारियों को यह समझने में आसानी होगी कि आयोग किस मुद्दे पर काम कर रहा है और कौन-सी जानकारी अभी सिर्फ चर्चा है. ये भी पढ़ें: प्रशासनी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी या नहीं? 8th Pay Commission पर प्रशासन ने दिया अपडेट 7th Pay Commission किन चीजों की समीक्षा करेगा? आयोग का काम सिर्फ बेसिक पे तक सीमित नहीं है. इसमें वेतन और भत्तों से जुड़े कई मुद्दों की समीक्षा होनी है. मुद्दा क्या समीक्षा होगी बेसिक पे वेतन और Pay Structure DA महंगाई भत्ता स्पेशल अलाउंस विशेष भत्ते ट्रैवलिंग अलाउंस यात्रा भत्ता एनुअल इन्क्रीमेंट सालाना वेतन बढ़ोतरी हॉस्टल सब्सिडी हॉस्टल से जुड़ी सहायता ट्रांसपोर्ट अलाउंस परिवहन भत्ता हाउस रेंट अलाउंस मकान किराया भत्ता फिलहाल पश्चिम बंगाल के प्रशासनी कर्मचारियों को सालाना 3% इन्क्रीमेंट मिलता है. आयोग इस पर भी विचार करेगा कि इसे 5% किया जा सकता है या नहीं. हालांकि, यह अभी सिर्फ समीक्षा का मुद्दा है और इसे तय फैसला नहीं माना जा सकता. आयोग में कौन-कौन शामिल हैं? पश्चिम बंगाल 7th Pay Commission की अध्यक्षता रिटायर्ड IAS अधिकारी अतनु चक्रवर्ती कर रहे हैं. इसके सदस्यों में Centre for Policy Research के सीनियर फेलो पार्थ मुखोपाध्याय और IIM Calcutta के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पार्थप्रतिम पाल शामिल हैं. IAS अधिकारी देबिप्रसाद कर्णम आयोग के मेंबर-सेक्रेटरी हैं. फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि सैलरी, DA या पेंशन में बदलाव से जुड़ी कोई भी जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बिना सही न मानें. नई वेबसाइट शुरू होने के बाद आयोग से जुड़ी जानकारी के लिए यह एक अहम आधिकारिक सोर्स बन सकती है. ये भी पढ़ें: सैलरी बढ़ेगी या फिर करना होगा इंतजार? 8th Pay Commission की बैठक में इन मांगों पर जोर The post West Bengal 7th Pay Commission: प्रशासनी कर्मचारियों के लिए जल्द लॉन्च होगी वेबसाइट, जानें क्या होगा फायदा appeared first on Naya Vichar.

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बिना कोचिंग के UPSC की तैयारी करनी है? ये रही सेल्फ-स्टडी के लिए हमारी Booklist

एक समय था जब UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का मतलब लगभग तय था… दिल्ली की कोचिंग, मोटे नोट्स, घंटों की क्लास और फिर उन्हीं नोट्स की बार-बार रिवीजन. आज तस्वीर काफी बदल चुकी है. अब एक ही classroom में बैठकर तैयारी करने वाले लाखों छात्रों की जगह अलग-अलग शहरों, कस्बों और गांवों से पढ़ने वाले छात्र हैं. कोई कॉलेज के साथ तैयारी कर रहा है, कोई नौकरी करते हुए, कोई घर से ऑनलाइन संसाधनों के सहारे. YouTube, Telegram, PDFs, टेस्ट सीरीज और AI टूल्स ने जानकारी की कमी लगभग खत्म कर दी है. लेकिन इसके साथ एक नई समस्या पैदा हुई है. जानकारी बहुत ज्यादा है, लेकिन दिशा कम है. आज का UPSC, BPSC, JPSC अभ्यर्थी अक्सर यह नहीं पूछता कि क्या पढ़ना है, बल्कि यह पूछता है कि इतनी सारी चीजों में क्या नहीं पढ़ना है. यही वजह है कि सेल्फ-स्टडी का मतलब अब सिर्फ घर पर बैठकर पढ़ना नहीं रह गया. इसका मतलब है- सही स्रोत चुनना, सिलेबस के हिसाब से पढ़ना, पिछले वर्षों के प्रश्नों से पैटर्न समझना, और कम समय में उत्तर लिखने की क्षमता विकसित करना. कोचिंग से आगे बढ़कर ‘कैसे पढ़ें’ का सवाल Gen Z के लिए यह बदलाव और भी बड़ा है. यह पीढ़ी जानकारी जल्दी पाती है, लेकिन उसे व्यवस्थित करना सबसे बड़ी चुनौती है. ऐसे में किताब की भूमिका भी बदल रही है. अब किताब सिर्फ तथ्य देने वाली चीज नहीं, बल्कि एक तरह का preparation roadmap बनती जा रही है. इसी संदर्भ में यानी Ethics को लेकर छात्रों में दो तरह की गलतफहमियां हैं. पहली: यह बहुत आसान है. दूसरी: यह पूरी तरह subjective है. सच्चाई इन दोनों के बीच है. UPSC MAINS Ethics Book UPSC MAINS Governance Book एक अच्छा Governance answer अक्सर चार हिस्सों में बनता है- समस्या, कारण, संस्थागत framework, आगे का रास्ता. Oswaal की Governance Book का chapter-wise PYQ mapping इस लिहाज से उपयोगी हो सकता है कि छात्र देख सके कि 2013 के बाद UPSC ने किन themes को बार-बार पूछा है. UPSC MAINS Governance Book Governance की तैयारी में सबसे बड़ा फायदा तब होता है जब किताब केवल theory न दे, बल्कि यह भी दिखाए कि एक 10-marker और 15-marker उत्तर दिखता कैसा है। 4. Prelims और 32 साल के PYQs: परीक्षा का ‘डेटा एनालिसिस’ Prelims की तैयारी में सबसे ज्यादा सुनाई देने वाली सलाह है- की अहमियत सामने आती है. UPSC Special NCERT Books समस्या यह है कि Class 6 से 12 तक की अलग-अलग किताबें पढ़ना कई छात्रों को बिखरा हुआ लगता है. नया विचार UPSC Exclusive Interview : आखिर UPSC इतना डरा क्यों रहा है? पटना वाले Eduteria का Exclusive Interview नया विचार UPSC Exclusive Interview : UPSC : ‘Tina Dabi जहां भी होती, उसी समर्पण के साथ मेहनत करती’- Khan Sir का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू The post बिना कोचिंग के UPSC की तैयारी करनी है? ये रही सेल्फ-स्टडी के लिए हमारी Booklist appeared first on Naya Vichar.

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पुरानी प्लास्टिक बोतल फेंकें नहीं, ऐसे बनाएं बर्तन साफ करने का स्क्रबर

Plastic Bottle Reuse Ideas: घर में पड़ी खाली प्लास्टिक बोतल को फेंकने के बजाय आप उसका दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर घर में स्क्रबर खत्म हो गया है, तो बोतल की मदद से आसान DIY विकल्प बनाया जा सकता है. इसे बनाने के लिए कुछ सामान्य चीजों की जरूरत होगी. हालांकि, प्लास्टिक काटते समय सावधानी जरूर रखें. इसके लिए चाहिए ये सामान एक साफ प्लास्टिक बोतल, कैंची या कटर, मजबूत धागा या रबर बैंड और पुराना साफ कपड़ा या प्लास्टिक की जाली लें. साथ में बर्तन साफ करने वाला लिक्विड भी रखें. ऐसे बनाएं प्लास्टिक बोतल का स्क्रबर सबसे पहले बोतल को अच्छी तरह धोकर सुखा लें और उसका लेबल हटा दें. अब बोतल के बीच वाले हिस्से को अलग करके पतली-पतली पट्टियों में काट लें. इन पट्टियों को हल्का मोड़कर जाली जैसा आकार दें. इसके बाद सभी पट्टियों को एक साथ इकट्ठा करें और बीच से मजबूत धागे या रबर बैंड की मदद से बांध दें. आपका DIY स्क्रबर तैयार है. अगर प्लास्टिक के किनारे बहुत नुकीले या खुरदरे हैं, तो इसे बर्तनों पर इस्तेमाल न करें. आसान तरीका भी है अगर प्लास्टिक काटने का झंझट नहीं चाहते हैं, तो बोतल के निचले हिस्से को साफ करके उसमें पुराना साफ कपड़ा या जाली वाला स्क्रबर रख सकते हैं. इससे बोतल होल्डर की तरह काम करेगी और स्क्रबर पकड़ना आसान हो जाएगा. बर्तन साफ करते समय रखें ध्यान स्क्रबर पर थोड़ा डिशवॉशिंग लिक्विड लगाकर बर्तनों को हल्के हाथ से साफ करें. नॉन-स्टिक, कांच और दूसरी नाजुक चीजों पर ज्यादा दबाव न डालें. अगर प्लास्टिक ढीला, टूटने लगा या बहुत गंदा हो जाए, तो उसे दोबारा इस्तेमाल न करें. पुरानी बोतल का यह तरीका जरूरत के समय काम आ सकता है, लेकिन बर्तनों की सफाई के लिए हमेशा साफ और सुरक्षित सामग्री का ही इस्तेमाल करें. खाने के सीधे संपर्क में आने वाली सतहों पर नुकीले या खुरदरे प्लास्टिक का इस्तेमाल करने से बचें. यह भी पढ़ें: सफेद प्लास्टिक कुर्सियों की गंदगी होगी छूमंतर, अपनाएं ये आसान तरीके The post पुरानी प्लास्टिक बोतल फेंकें नहीं, ऐसे बनाएं बर्तन साफ करने का स्क्रबर appeared first on Naya Vichar.

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Toyota Hyryder का नया Aero Black Edition हुआ लॉन्च, ₹31,999 खर्च कर SUV को मिलेगा नया लुक

Toyota ने हिंदुस्तान में Urban Cruiser Hyryder का नया Aero Black Edition लॉन्च किया है. इसके तहत कंपनी ने SUV के लिए एक खास स्टाइलिंग पैकेज पेश किया है, जिसकी कीमत 31,999 रुपये रखी गई है. यह पैकेज लिमिटेड समय के लिए मौजूद रहेगा और स्टॉक खत्म होने तक ही इसे Toyota डीलरशिप से खरीदा जा सकेगा. Aero Black Edition सिर्फ Midnight Black कलर में मिलेगा. इसे G(O) और V वेरिएंट के साथ पेश किया गया है. खास बात यह है कि दोनों वेरिएंट में Neo Drive पेट्रोल और स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड इंजन का ऑप्शन मिलेगा. कितनी है कीमत? कीमत की बात करें तो G(O) वेरिएंट की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 14.87 लाख रुपये है, जबकि V वेरिएंट 16.42 लाख रुपये से शुरू होता है. अगर इसमें Aero Black पैकेज लेते हैं, तो G(O) की कीमत 15.19 लाख रुपये और V की कीमत 16.74 लाख रुपये हो जाएगी. ₹31,999 खर्च करने पर क्या-क्या मिलेगा? नए Aero Black पैकेज में Toyota ने Hyryder के लुक को ही बदला है. इसमें गाड़ी के कई हिस्सों पर मिलने वाली क्रोम की जगह ब्लैक फिनिश दी गई है. इसमें आगे की ग्रिल, हेडलाइट के आसपास का हिस्सा और पीछे का टेलगेट ट्रिम शामिल है. आगे के बंपर के नीचे जो हिस्सा पहले सिल्वर रंग में था, उसे भी ब्लैक कर दिया गया है. इसके अलावा, गाड़ी के आगे और पीछे वाले स्पॉयलर पर भी ब्लैक फिनिश मिलेगी. साथ ही, इसमें Aero Black Limited Edition का खास बैज भी दिया गया है. इन बदलावों के बावजूद गाड़ी का बेसिक डिजाइन पहले जैसा ही रखा गया है. फोटो: toyotabharat.com अगर कस्टमर्स गाड़ी को अपनी पसंद के हिसाब से और ज्यादा ब्लैक लुक देना चाहते हैं, तो Toyota एक अलग All Black Package भी दे रही है. इसे डीलरशिप से एक्स्ट्रा पैसे देकर लगवाया जा सकता है. ध्यान रहे, यह पैकेज Aero Black Edition से अलग है. ये भी पढ़ें: Mahindra ने टीज किया नया पिकअप, Scorpio N से मिलती है डिजाइन, 14 अगस्त को होगा डेब्यू Toyota Hyryder की पावरट्रेन Toyota Hyryder के Aero Black Edition में कंपनी ने इंजन, सस्पेंशन या गियरबॉक्स में कोई बदलाव नहीं किया है. इसका पेट्रोल मॉडल 1.5-लीटर, 4-सिलेंडर इंजन के साथ आता है, जो 103 hp की पावर और 137 Nm का टॉर्क देता है. इसे 5-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ खरीदा जा सकता है. कुछ वेरिएंट में 2-व्हील ड्राइव और ऑल-व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी मिलता है. Hyryder का CNG मॉडल CNG पर चलने के दौरान 88 hp की पावर और 121.5 Nm का टॉर्क देता है. इसमें सिर्फ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलता है. हालांकि, Aero Black Edition में CNG वाला मॉडल नहीं मिलेगा. वहीं, इसका स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड मॉडल पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर का यूज करता है. इसमें 1.5-लीटर, 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन दिया गया है और पूरा सिस्टम 115 hp की पावर देता है. इसमें 0.60kWh की लिथियम-आयन बैटरी और e-CVT गियरबॉक्स मिलता है. इस मॉडल में पावर सिर्फ आगे के पहियों तक पहुंचती है. ये भी पढ़ें: ऑल-ब्लैक लुक में और भी स्टाइलिश हुई Hyundai Exter, ₹8.13 लाख में लॉन्च हुआ नया Knight Edition The post Toyota Hyryder का नया Aero Black Edition हुआ लॉन्च, ₹31,999 खर्च कर SUV को मिलेगा नया लुक appeared first on Naya Vichar.

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