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October 9, 2025

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Jan Suraaj: प्रत्याशियों की पहली लिस्ट आते ही जन सुराज के दफ्तर में जबरदस्त हंगामा, “विद्रोह” की बनी स्थिति

Jan Suraaj: बिहार की नेतृत्व में पहली बार हाथ आजमा रही प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने गुरुवार को अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की. प्रत्याशियों की पहली लिस्ट में करीब 51 उम्मीदवारों के नाम है. हालांकि जन सुराज के नेताओं ने जब प्रत्याशियों के नाम का एलान किया तो वहां मौजूद लोगों ने हंगामा शुरु कर दिया. एक स्त्री जो टिकट के उम्मीद में आई थी वह कैमरे के सामने रोने लगी. हालात इतने खराब हो गए कि वहां सुरक्षाकर्मियों को बुलाना पड़ गया.  पटना : जन सुराज के प्रत्‍याशियों की पहली जारी होते हंगामा, विद्रोह की स्थिति. दफ्तर में बुलानी पड़ी पुलिस.@PrashantKishor #BiharElections #BiharElection2025 #LatestNews #NewsUpdate @BJP4Bihar @RJDforIndia #BreakingNews pic.twitter.com/cjW4RH8GUh — Naya Vichar (@prabhatkhabar) October 9, 2025 PC में हुआ जोरदार हंगामा  पटना के पाटलिपुत्र गोलंबर के पास मौजूद जन सुराज के कैंप ऑफिस में गुरुवार को उम्मीदवारों के नाम का एलान हुआ. उम्मीदवारों के नाम का एलान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष मनोज हिंदुस्तानी और पूर्व केंद्रीय मंत्री आर सीपी सिंह ने किया.  कुछ ही देर में जन सुराज पार्टी अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने जा रही है। यह सिर्फ़ टिकट बंटवारे की प्रक्रिया नहीं है। बल्कि उस सोच, उस संघर्ष और उन हजारों लोगों के सपनों की पहचान है, जिन्होंने एक ईमानदार नेतृत्व के लिए इस पार्टी को खड़ा किया है। यह उन युवाओं की उम्मीद… — Manoj Bharti (@ManojBhartiJSP) October 9, 2025 मनोज हिंदुस्तानी को थी हंगामे की आशंका  बता दें कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज हिंदुस्तानी को इस बात की पहले से ही थी कि PC के दौरान टिकट न मिलने से नाराज उम्मीदवार हंगामा कर सकते हैं. इसलिए उन्होंने आज सुबह ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया और लिखा, “कुछ ही देर में जन सुराज पार्टी अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने जा रही है. यह सिर्फ टिकट बंटवारे की प्रक्रिया नहीं है. बल्कि उस सोच, उस संघर्ष और उन हजारों लोगों के सपनों की पहचान है, जिन्होंने एक ईमानदार नेतृत्व के लिए इस पार्टी को खड़ा किया है. यह उन युवाओं की उम्मीद है, जिन्होंने सत्ता नहीं, बदलाव का रास्ता चुना है. यह उन कार्यकर्ताओं का सम्मान है जिन्होंने पद नहीं, सेवा को प्राथमिकता दी है. आज का दिन सिर्फ़ जन सुराज के इतिहास में नहीं. बल्कि बिहार की नेतृत्व में एक नए अध्याय की शुरुआत है.”   51 सीटों पर हुआ प्रत्याशियों का एलान प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी करते हुए उदय सिंह ने बताया कि पार्टी ने पहली लिस्ट में 7 सुरक्षित वर्ग से आने वाले, 17 सीटों पर अति पिछड़े वर्ग से आने वाले, 11 सीटों पर पिछड़े वर्ग से आने वाले, 8 से 9 सीटों पर अल्पसंख्यक समाज से आने वाले और बाकी पर सामान्य वर्ग से आने वाले उम्मीदवारों को प्रत्याशी बनाया गया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें इन लोगों को मिला टिकट जन सुराज की तरफ से एलान किया गया कि पार्टी ने बेलदौर: गजेंद्र कुमार सिंह निषाद,  परबत्ता:विनय कुमार वरुण, बेलहर: बृजकिशोर पंडित,आस्थावान: लता सिंह, बिहारशरीफ: दिनेश कुमार, कुम्हरार: प्रोफेसर कैसी सिंह, चेनारी: नेहा कुमारी नटराज, करगहर: रितेश पांडे, गोह: सीता राम, गया: अजीत कुमार और से बोधगया: लक्ष्मण मांझी को अपना उम्मीदवार बनाया है. पहली लिस्ट में प्रशांत किशोर और मनोज कश्यप का नाम नहीं है.  इसे भी पढ़ें: Jan Suraj Candidates First List: जन सुराज ने जारी की प्रत्याशियों की पहली लिस्ट, 51 उम्मीदवारों के नाम का हुआ एलान The post Jan Suraaj: प्रत्याशियों की पहली लिस्ट आते ही जन सुराज के दफ्तर में जबरदस्त हंगामा, “विद्रोह” की बनी स्थिति appeared first on Naya Vichar.

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₹298 में 500 हाईएंड गेम्स खेलें बिना कंसोल, जियो क्लाउड पर आया गेमिंग का नया दौर

जियो क्लाउड गेमिंग (jio cloud gaming) – अब बिना कंसोल के स्पोर्ट्सें हाईएंड गेम्स : हिंदुस्तान में ऑनलाइन गेमिंग (online gaming) का चेहरा बदलने जा रहा है. रिलायंस जियो (reliance jio) ने अपनी नई क्लाउड गेमिंग (cloud gaming) तकनीक के जरिए गेमर्स को हाईएंड गेम्स स्पोर्ट्सने का एक नया तरीका दिया है. अब टेक्कन 7, एलडन रिंग जैसे ट्रिपल-ए टाइटल्स को स्पोर्ट्सने के लिए महंगे कंसोल या हार्डवेयर की जरूरत नहीं होगी. जियोगेम्स ऐप से मिलेगा 500+ गेम्स का एक्सेस जियो की क्लाउड गेमिंग सेवा को जियोगेम्स ऐप के जरिए एक्सेस किया जा सकता है. यूजर्स ₹298 के सब्सक्रिप्शन प्लान में 28 दिनों तक 500 से अधिक ऑनलाइन गेम्स स्पोर्ट्स सकते हैं. स्टूडेंट्स के लिए ₹48 का प्रो-पास भी उपलब्ध है, जिसकी वैधता 3 दिन की है. किसी भी डिवाइस पर गेमिंग, बिना डाउनलोड के जियो क्लाउड गेमिंग तकनीक यूजर्स को स्मार्टफोन, लैपटॉप, पीसी, जियो सेट-टॉप बॉक्स और वेब ब्राउजर पर गेम स्पोर्ट्सने की सुविधा देती है. गेमर्स को बस एक अच्छा इंटरनेट कनेक्शन चाहिए और फिर बिना किसी डाउनलोड के गेमिंग शुरू की जा सकती है. स्टीम से गेम जोड़ने की सुविधा जियोगेम्स ऐप पर गेमर्स अपने पसंदीदा स्टीम गेम्स को भी जोड़ सकते हैं. इसका मतलब है कि यूजर अपने खरीदे हुए गेम्स को भी क्लाउड पर स्पोर्ट्स सकते हैं, जिससे गेमिंग अनुभव और भी पर्सनलाइज हो जाता है. ई-स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा जियो की इस तकनीक से हिंदुस्तान में ई-स्पोर्ट्स को नई गति मिलने की उम्मीद है. इंडिया मोबाइल कांग्रेस में इस तकनीक का प्रदर्शन किया गया, जिससे यह स्पष्ट है कि जियो गेमिंग को लेकर गंभीर है. जियो क्लाउड गेमिंग 2025 – FAQs जियो क्लाउड गेमिंग क्या है? यह एक क्लाउड-आधारित गेमिंग सेवा है जिससे यूजर बिना किसी कंसोल या हाई-एंड डिवाइस के हाई ग्राफिक्स गेम्स स्पोर्ट्स सकते हैं. जियोगेम्स ऐप पर कौन-कौन से गेम्स उपलब्ध होंगे? टेक्कन 7, एलडन रिंग जैसे AAA टाइटल्स समेत 500 से अधिक गेम्स उपलब्ध होंगे. क्या मुझे गेम डाउनलोड करने की जरूरत होगी? नहीं, गेम्स क्लाउड पर स्ट्रीम होंगे. बस अच्छा इंटरनेट कनेक्शन चाहिए. सब्सक्रिप्शन प्लान क्या हैं? ₹298 में 28 दिन की वैधता वाला प्लान जिसमें 500 गेम्स की एक्सेस मिलेगी.स्टूडेंट्स के लिए ₹48 का प्रो-पास भी उपलब्ध है. क्या मैं स्टीम गेम्स जोड़ सकता हूं? हां, यूजर अपने स्टीम अकाउंट से गेम्स जोड़ सकते हैं और उन्हें जियो क्लाउड पर स्पोर्ट्स सकते हैं. किस डिवाइस पर गेमिंग संभव है? स्मार्टफोन, लैपटॉप, पीसी, जियो सेट-टॉप बॉक्स और वेब ब्राउजर पर. क्या यह ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा? बिल्कुल, यह तकनीक हिंदुस्तान में ई-स्पोर्ट्स को नयी ऊंचाई दे सकती है. यह भी पढ़ें: Top Online Games in World: 10 ऐसे गेम्स जिनके दुनियाभर में करोड़ों हैं दीवाने टेक्नोलॉजी की अन्य समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें The post ₹298 में 500 हाईएंड गेम्स स्पोर्ट्सें बिना कंसोल, जियो क्लाउड पर आया गेमिंग का नया दौर appeared first on Naya Vichar.

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Nitin Gadkari: भारत में 2027 से पहले ठोस कचरे से बनेगी सड़क, 80 लाख टन सॉलिड वेस्ट है तैयार

हाईलाइट्स Nitin Gadkari: दिल्ली में कचरे के चार पहाड़ Nitin Gadkari: दुनिया में हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल उद्योग का आकार होगा बड़ा हिंदुस्तान का ऑटोमोबाइल उद्योग होगा शोध मक्के के इथेनॉल से बढ़ी किसानों की आमदनी Nitin Gadkari: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार 9 अक्टूबर 2025 को कहा कि साल 2027 के अंत तक सभी ठोस कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण के लिए किया जाएगा. पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ( पीएचडीसीसीआई ) के 120वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए 80 लाख टन कचरे को पहले ही अलग किया जा चुका है. Nitin Gadkari: दिल्ली में कचरे के चार पहाड़ नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा, “कोई भी सामान बेकार नहीं है और कोई भी व्यक्ति बेकार नहीं है. उपयुक्त तकनीक और नेतृत्व की दृष्टि के आधार पर आप कचरे को धन में बदल सकते हैं. हमने तय किया है कि 2027 समाप्त होने से पहले जो भी ठोस कचरा है, हम उसका इस्तेमाल सड़क निर्माण में करेंगे.” नितिन गडकरी ने कहा, “दिल्ली में ऐसे चार पहाड़ हैं. यह अच्छा नहीं लगता. हमने 80 लाख टन कचरे को अलग किया है और उसका इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया है.” Nitin Gadkari: दुनिया में हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल उद्योग का आकार होगा बड़ा जैव ईंधन और इथेनॉल आधारित ईंधन पहल की सराहना करते हुए गडकरी ने कहा कि अगले पांच वर्षों में हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल उद्योग का आकार दुनिया में सबसे बड़ा होगा. वर्तमान में, हिंदुस्तानीय उद्योग 22 लाख करोड़ रुपये (2.2 अरब रुपये) के आकार के साथ अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है. उन्होंने कहा, “सोच यूनाइट है और यह हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है. 2014 में, ऑटोमोबाइल उद्योग दुनिया में 7वां सबसे बड़ा था और इसका कुल आकार 14 लाख करोड़ रुपये (1.4 अरब रुपये) था.” उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले, हमने जापान को पीछे छोड़ दिया और अब हम दुनिया में तीसरे स्थान पर हैं और हमारा ऑटोमोबाइल उद्योग 22 लाख करोड़ रुपये (2.2 अरब रुपये) का है. अब, जिस तरह से हम वैकल्पिक ईंधन, जैव ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहन, इथेनॉल, मेथनॉल, बायोडीजल, एलएनजी, इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन को बदलने के लिए प्रौद्योगिकी और नए अनुसंधान का उपयोग कर रहे हैं, हमारे ऑटोमोबाइल हब हिंदुस्तान में दुनिया के लगभग सभी ब्रांड हैं.” हिंदुस्तान का ऑटोमोबाइल उद्योग होगा शोध केंद्र के आत्मनिर्भर हिंदुस्तान के आह्वान को दोहराते हुए गडकरी ने कहा, “मैंने ऑटोमोबाइल उद्योग के लोगों को बुलाया और कहा कि यदि आप एक आत्मनिर्भर हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं, तो आपको दुनिया में प्रथम होना होगा. संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया में प्रथम है और इसका ऑटोमोबाइल उद्योग 78 लाख करोड़ रुपये (7.8 बिलियन रुपये) का है. चीन दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा है और इसका ऑटोमोबाइल उद्योग 49 लाख करोड़ रुपये (4.9 बिलियन रुपये) का है. जिस तरह से हम नए शोध और नवाचार ला रहे हैं. मुझे विश्वास है कि हमारा ऑटोमोबाइल उद्योग पांच वर्षों में दुनिया में प्रथम होगा.” इसे भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता SIP का 555 फॉर्मूला, जान जाएगा तो रिटायरमेंट से पहले कर देगा 5 करोड़ FIRE मक्के के इथेनॉल से बढ़ी किसानों की आमदनी उन्होंने दावा किया कि मक्के से इथेनॉल बनाने के कदम से किसानों को 45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई है. उन्होंने कहा, “जब हमने मक्के से इथेनॉल बनाने का फैसला किया, तो मक्के का बाजार मूल्य 1200 रुपये प्रति क्विंटल था और एमएसपी 1800 रुपये प्रति क्विंटल था. इस फैसले के बाद मक्के की कीमत 2800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई. इससे उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की जेब में 45,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त गए.” यह बात उनके द्वारा इथेनॉल आधारित ईंधन के लिए बार-बार किए जा रहे आह्वान के बीच कही गई है, क्योंकि हिंदुस्तान ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य पूरा कर लिया है. इसे भी पढ़ें: सैलून किंग जावेद हबीब का 115 शहरों में फैला है साम्राज्य, जानें कितनी हो सकती है संपत्ति? The post Nitin Gadkari: हिंदुस्तान में 2027 से पहले ठोस कचरे से बनेगी सड़क, 80 लाख टन सॉलिड वेस्ट है तैयार appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं ‘फिलिस्तीन का नेल्सन मंडेला’, जिसकी रिहाई को लेकर हमास इजराइल से अड़ा, गाजा शांति समझौते पर छाया संकट!

Gaza Peace Deal: गाजा में शांति समझौते की बातें अंतिम चरण में हैं, लेकिन रास्ता आसान नहीं. हमास ने स्पष्ट किया है कि समझौते का हिस्सा बनने के लिए उन्हें चार प्रमुख कैदियों की रिहाई चाहिए मारवान बरगौती, अहमद सआदत, इब्राहिम हमीद और अब्बास अल-सईद. इनमें सबसे हाई-प्रोफाइल नाम मारवान बरगौती है, जो फिलहाल इजराइल की जेल में पांच आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. फिलिस्तीनी गुटों ने कई मौकों पर, मौजूदा संघर्ष के दौरान भी, उनकी रिहाई के प्रयास किए, लेकिन इजराइल ने लगातार इनकार किया. अगस्त में उनके बेटे अरब बरगौती ने सीएनएन को बताया था कि नेतन्याहू उनके पिता को रिहा नहीं करना चाहते क्योंकि वे “शांति के लिए एक साथी नहीं चाहते”. Gaza Peace Deal: मारवान बरगौती- किशोरावस्था में ही नेतृत्व शुरू की थी बरगौती की नेतृत्वक यात्रा बेहद लंबी और विवादित रही है. उन्होंने किशोरावस्था में ही सक्रिय नेतृत्व शुरू की थी. कई लोग उन्हें “फिलिस्तीनी नेल्सन मंडेला” कहते हैं और उन्हें ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो फिलिस्तीनी लोगों को एकजुट कर आजादी की राह पर ले जाने में सक्षम हैं. 15 साल की उम्र में तत्कालीन प्रतिबंधित फतह पार्टी में शामिल होने के कारण उन्हें चार साल जेल काटना पड़ा. जेल से रिहाई के बाद उन्होंने इतिहास और नेतृत्व विज्ञान का अध्ययन किया और आगे चलकर कब्जे वाले पश्चिमी तट में फतह के महासचिव और फिलिस्तीनी विधान परिषद के सदस्य बने. अप्रैल 2002 में, ऑपरेशन डिफेंसिव शील्ड के दौरान रामल्लाह में गिरफ्तार किया गया. जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, उन्हें हत्या के पांच मामलों और अन्य आरोपों में दोषी ठहराया गया, और वे आज भी पांच आजीवन और अतिरिक्त वर्षों की सजा काट रहे हैं. इजराइल उन्हें अपने सबसे हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों में से एक मानता है. नेतृत्वक महत्व और समर्थन बरगौती को रामल्लाह में लंबे समय तक प्रवेश पर प्रतिबंध रहा, लेकिन 1994 में ओस्लो समझौते के बाद उन्हें लौटने की अनुमति मिली. वे फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के संभावित उत्तराधिकारी माने जाते हैं और फिलिस्तीनियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. उनका समर्थन फिलिस्तीनियों को एकजुट करने वाले नेता के रूप में है और वे लंबे समय से दो-राज्य समाधान के पक्षधर रहे हैं. बरगौती को उनके परिवार और कैदियों के समाज के अनुसार, वर्तमान गाजा युद्ध के बाद से एकांत कारावास में रखा गया है. उनकी आखिरी सार्वजनिक झलक इजराइली सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर द्वारा जारी एक संक्षिप्त वीडियो में मिली, जिसमें उन्हें जेल में ताना मारते हुए देखा गया.  ये भी पढ़ें: चीन का भूत उतार देगा ये जानवर, 112 मील दूर खड़ा खतरनाक योद्धा; जंग में मात देने के लिए ताइवान लेगा इसका सहारा! वही जहाज जिसने तोड़ा था 1971 में पाकिस्तान, अब लंगर डाल चुका है बांग्लादेश के तट पर, क्या है अमेरिका का नया दांव? नोबेल के लिए फिर छलका ट्रंप का दर्द, कहा- मुझे पुरस्कार न देने के लिए वो कोई न कोई बहाना ढूंढ लेंगे The post कौन हैं ‘फिलिस्तीन का नेल्सन मंडेला’, जिसकी रिहाई को लेकर हमास इजराइल से अड़ा, गाजा शांति समझौते पर छाया संकट! appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Election 2025: कन्फ्यूजन में प्रशांत किशोर, खुद चुनाव लड़ेंगे या नहीं, अभी साफ नहीं

Bihar Election 2025: जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर कंफ्यूजन में पड़े हुए हैं. पहले उनके विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर थी लेकिन अब समाचार है कि यह अब तक साफ नहीं है. दरअसल, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने यह जानकारी दी. इसके साथ ही चर्चा यह भी हो रही है कि प्रशांत किशोर एक गेम चेंजर की भूमिका में रहेंगे. ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिरकार पेच कहां फंसा हुआ है. इन दो सीटों से लड़ने की हो रही थी चर्चा दरअसल, प्रशांत किशोर खुद चुनाव लड़ेंगे या फिर नहीं, यह अब तक क्लियर नहीं हो पाया है. पहले चर्चा थी कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सीट राघोपुर से पीके चुनाव लड़ेंगे और तेजस्वी यादव को सीधी टक्कर देंगे. इसके साथ ही प्रशांत किशोर के उनके अपने जन्मभूमि रोहतास जिले के करगहर विधानसभा सीट से भी ताल ठोकने की चर्चा थी. आज 51 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी हालांकि, आज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने को लेकर बताया, अब तक यह क्लियर नहीं हुआ है. सूत्रों के हवाले से समाचार यह भी है कि प्रशांत किशोर चुनाव नहीं लड़ेंगे. इसके साथ ही आज जनसुराज की तरफ से 51 उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी की गई. लेकिन, इस दौरान प्रशांत किशोर खुद मौजूद नहीं रहें. प्रशांत किशोर की तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं जानकारी के मुताबिक, प्रशांत किशोर इस बार पार्टी की रणनीति तैयार करने, चुनाव अभियान को सही दिशा देने और उम्मीदवारों का चयन करने में खास फोकस करेंगे. हालांकि, प्रशांत किशोर की तरफ से अब तक चुनाव लड़ने या फिर नहीं लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. देखना होगा कि प्रशांत किशोर आखिर क्या फैसला लेते हैं. Also Read: Bihar Election 2025: खेसारी लाल की पत्नी का सीट हो गया फाइनल! चंदा देवी के लिए ताकत झोंकेंगे भोजपुरी के सुपरस्टार The post Bihar Election 2025: कन्फ्यूजन में प्रशांत किशोर, खुद चुनाव लड़ेंगे या नहीं, अभी साफ नहीं appeared first on Naya Vichar.

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Priyanka Chopra: करवाचौथ पर प्रियंका चोपड़ा का दिखा देसी अंदाज, अमेरिका में सजाई निक जोनस के नाम की मेंहदी, देखें तस्वीरें

Priyanka Chopra: एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा जोनस ने इस साल भी करवाचौथ की तैयारियां पूरे दिल से शुरू कर दी हैं. अमेरिका में रहते हुए भी प्रियंका हर हिंदुस्तानीय परंपरा को पूरी श्रद्धा के साथ निभाती हैं. इस बार भी उन्होंने अपने पति निक जोनस के लिए व्रत रखने की शुरुआत की है और अपने हाथों में निक के नाम की मेहंदी रचा कर सोशल मीडिया पर फ्लॉन्ट किया है. प्रियंका ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें उनकी हथेलियों पर खूबसूरत और सिम्पल डिजाइन की मेहंदी नजर आ रही है.  Priyanka chopra: करवाचौथ पर प्रियंका चोपड़ा का दिखा देसी अंदाज, अमेरिका में सजाई निक जोनस के नाम की मेंहदी, देखें तस्वीरें 2 प्रियंका ने निक जोनस की तारीफ की  मेहंदी में निक का पूरा नाम ‘निकोलस’ हिंदी में लिखा हुआ है. उनकी ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और फैन्स उनकी क्यूट बॉन्डिंग की तारीफ करते नहीं थक रहे. प्रियंका ने पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि भले ही वह हिंदू परिवार से हैं और निक ईसाई धर्म से हैं, लेकिन दोनों की स्पिरिचुअल सोच एक जैसी है. उनके अनुसार, “धर्म सिर्फ ईश्वर तक पहुंचने का रास्ता है. हम दोनों उस शक्ति में विश्वास करते हैं.” इसी वजह से उनका रिश्ता और भी मजबूत होता जा रहा है. प्रियंका चोपड़ा का वर्कफ्रंट  बता दें कि प्रियंका और निक की शादी दिसंबर 2018 में जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में हिंदू और क्रिश्चियन दोनों रीति-रिवाजों से हुई थी. उनकी शादी किसी फेयरीटेल से कम नहीं थी. 2022 में यह जोड़ी सरोगेसी के जरिए बेटी मालती मेरी चोपड़ा जोनस की माता-पिता बनी. वहीं, वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियंका इस समय एस.एस. राजामौली की अगली फिल्म की शूटिंग में बिजी हैं. यह फिल्म एक जंगल एडवेंचर ड्रामा होगी, जिसमें उनके साथ महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आएंगे.  ये भी पढ़ें: Maharani 4 Trailer Out: रानी VS पीएम, नेतृत्व के सबसे बड़े स्पोर्ट्स की होगी शुरुआत, रिलीज हुआ हुमा कुरैशी की ‘महारानी 4’ का धांसू ट्रेलर ये भी पढ़ें: Elvish Yadav: स्वास्थ्य के चिंता में प्रेमानंद जी महाराज से मिलने वृंदावन पहुंचे एल्विश यादव, 10000 बार नाम जप करने की मिली सलाह The post Priyanka Chopra: करवाचौथ पर प्रियंका चोपड़ा का दिखा देसी अंदाज, अमेरिका में सजाई निक जोनस के नाम की मेंहदी, देखें तस्वीरें appeared first on Naya Vichar.

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Last Minute Karwa Chauth Mehndi Design: करवा चौथ पर आखिरी वक्त में लगाएं ये खूबसूरत मेहंदी डिजाइन, मिलेगा साजन का प्यार और उम्र भर का साथ

Last Minute Karwa Chauth Mehndi Design: करवा चौथ पर मेहंदी लगाने की परंपरा पत्नियों द्वारा पतियों के लिए प्यार और समर्पण का प्रतीक है. यह त्यौहार पत्नियां अपने पति के लंबे उम्र के लिए करती हैं. कई बार काम काजी स्त्रीओं को मेहंदी लगाने का समय नहीं मिल पाता है . ऐसे में वह सोचती हैं कि आखिरी समय में कौन से मेहंदी के डिजाइन को चुना जाए जो खूबसूरत भी लगे और हाथों में जचे भी. ऐसे में इस आर्टिकल में आपके लिए कुछ खूबसूरत मेहंदी के पैटर्न है जो आपको आखिरी समय में लगान के लिए पसंद आ सकते हैं.  कलाई तक में कौन सी डिजाइन लगेगी बेहतर? कलाई तक मेहंदी लगाने के लिए सबसे बेहतर उपाय है कि आप आकार कि मेहंदी लगा सकते हैं. ये आपके हाथों की खूबसूरती को और भी ज्यादा बढ़ा देगा.  Square mehndi design बिना हाथों को भरे भी डिजाइन बनाएं जा सकते हैं क्या? हां, बिल्कुल अगर आपको अपने हाथों को पूरा भरने का मन नहीं है तो वो मोर वाले डिजाइन को हाथ में लगा सकते हैं. ये न तो सिर्फ हाथों की खूबसूरती को बढ़ाएंगे बल्कि `कम समय में एक खूबसूरत स डिजाइन आपके हाथों में उतर आएगा.  Peacock mehndi design क्या दूल्हा-दुल्हन मेहंदी डिजाइन बनाया जा सकता है? जी, अगर आप चाहे तो अपने हाथों में मेहंदी लगावाने वालों को कह कर दूल्हा-दुल्हन बनवा सकते हैं. ये करवा चौथ के मौके पार हाथों में देखने में काफी ज्यादा खूबसूरत लगेंगे.  Couple mehndi करवा चौथ की संदेश वाली मेहंदी हाथों पर बन सकती है क्या? हां, कई स्त्रीएं अपने हाथों में हैप्पी करवा चौथ लिखवाती है, इस तरह से आप संदेश भी दे सकते हैं. ये लिखवाने के बाद आपके हाथ भी सुंदर लगेंगे.  Happy karwa chauth mehndi design मंडला डिजाइन हाथों पर बनाई जा सकती है क्या? मंडला डिजाइन का क्रेज अभी भी लोगों के बीच बना हुआ है. इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता है और हल्के से डिजाइन से हाथ भी भर जाता है.  Mandla design यह भी पढ़ें: Karwa Chauth Vrat 2025: पहली बार रख रही हैं करवा चौथ का व्रत? जानिए क्या करें और क्या न करें यह भी पढ़ें: Homemade Sweets for Karwa Chauth: करवा चौथ के लिए घर पर बनाएं ये स्वादिष्ट और आसान मिठाइयां The post Last Minute Karwa Chauth Mehndi Design: करवा चौथ पर आखिरी वक्त में लगाएं ये खूबसूरत मेहंदी डिजाइन, मिलेगा साजन का प्यार और उम्र भर का साथ appeared first on Naya Vichar.

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Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Worldwide Collection: हिट या फुस्स? वरुण धवन-जान्हवी कपूर की फिल्म ने वर्ल्डवाइड कितना कमाया? रिपोर्ट्स जानें

Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Worldwide Collection: वरुण धवन और जान्हवी कपूर की फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ 2 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी यह रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म सान्या मल्होत्रा, रोहित सराफ और मनीष पॉल जैसे सितारों से सजी है. हालांकि, फिल्म की टक्कर ऋषभ शेट्टी की ‘कंतारा: चैप्टर 1’ से होने के कारण इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर असर पड़ा है. ऐसे में आइए इसका वर्ल्डवाइड और हिंदुस्तानीय बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट बताते हैं. सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी का वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के सातवें दिन हिंदुस्तान में ₹2.25 करोड़ की कमाई की. इसके साथ ही फिल्म का कुल हिंदुस्तानीय नेट कलेक्शन ₹38.75 करोड़ तक पहुंच गया है. वहीं, दुनियाभर में ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ ने अब तक कुल ₹56.00 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया है. हालांकि, फिल्म की शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही, लेकिन वरुण और जान्हवी की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने सराहा है. अब तक का प्रदर्शन ‘कंतारा: चैप्टर 1’ जैसी बड़ी फिल्म से टक्कर मिलने की वजह से, धर्मा प्रोडक्शंस की यह फिल्म धीरे-धीरे अपनी पकड़ बना रही है. अगर वर्ड ऑफ माउथ पॉजिटिव रहता है, तो आने वाले दिनों में इसके कलेक्शन में हल्की बढ़ोतरी देखी जा सकती है. फिलहाल की गति को देखते हुए मालूम पड़ता है कि ज्यादा से ज्यादा यह 50-60 करोड़ का ही नेट कलेक्शन कर सकती है. फिल्म की कहानी क्या है? ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ एक हल्की-फुल्की रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म है, जो दो एक्स-लवर्स की कहानी दिखाती है. दोनों अपने पुराने पार्टनर्स की शादी तोड़ने के मिशन पर साथ आते हैं, लेकिन इस सफर में उन्हें एहसास होता है कि वे खुद एक-दूसरे के लिए बने हैं. यह भी पढ़े: Friday OTT Release: वीकेंड का मजा अब होगा दोगुना, इस शुक्रवार धमाल मचाने आ रही हैं ये नई फिल्में और सीरीज The post Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Worldwide Collection: हिट या फुस्स? वरुण धवन-जान्हवी कपूर की फिल्म ने वर्ल्डवाइड कितना कमाया? रिपोर्ट्स जानें appeared first on Naya Vichar.

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Mughal Harem Stories : मुगल हरम में राजा से अधिक किन्नरों का चलता था राज, राजकुमारियों के थे खास; लेकिन प्रेम की सजा थी मौत

Table of Contents किन्नरों के हवाले क्यों होता था हरम? किन्नरों से भी हरम की औरतों के बन जाते थे संबंध? हरम की औरतों से संबंध बनाने पर किन्नरों को मिलती थी सजा Mughal Harem Stories : मुगल हरम इतिहास की ऐसी जगह है, जहां शानो-शौकत है. प्रेम है, नफरत भी है. साजिश है, नेतृत्व है और दुख भी बहुत है. कुल मिलाकार मुगल हरम ऐसी जगह है जहां कई रहस्य हैं. हरम का सिरमौर बादशाह होता है और हरम में उसकी पसंदीदा औरतें रहती थीं. पसंदीदा स्त्रीओं में उनकी मां से लेकर बेटी तक होती थी, कहने का आशय यह है कि हरम सिर्फ राजा की रानियों के लिए ही नहीं था, इस जगह में उसकी मां और बेटी भी रहती थी, जिनसे वह बहुत प्रेम करता था. इतनी खास और रहस्यमयी जगह की सुरक्षा की जिम्मेदारी राजा ने वीर पुरुषों को नहीं बल्कि ताकतवर हिजड़ों को सौंप रखा था. किन्नरों के हवाले क्यों होता था हरम? कोई भी राजा हरम तब आता था जब उसे सुख की चाह होती थी. बाकी समय वह नेतृत्वक कामकाज में व्यस्त होता था. इस वजह से कई बार ऐसा भी होता था कि राजा कई दिनों तक हरम नहीं आता था, उस स्थिति में रानियों से राजा का संपर्क नहीं होता था. चूंकि मुगल बादशाह अपनी रानियों को लेकर बहुत पसेजिव होते थे इसलिए वे यह बिलकुल भी नहीं चाहते थे उनके हरम में किसी पुरुष का प्रवेश हो. उन्हें इस बात की शंका रहती थी कि अगर रानियों से पुरुषों का संपर्क हुआ, तो रानियों से उनका संबंध स्थापित हो जाएगा. इस वजह से राजा ने सभी पुरुषों का हरम में प्रवेश वर्जित कर रखा था. सुरक्षा में भी पुरुषों की तैनाती नहीं की गई थी, बल्कि इसके लिए वैसे हिजड़ों यानी किन्नरों का प्रयोग किया गया था, जो शरीर से काफी मजबूत होते थे. इनमें सबसे ज्यादा वैसे किन्नर होते थे, जो पुरुष होते थे और उनका बधियाकरण उन्हें किन्नर बनाया जाता था. किन्नरों से भी हरम की औरतों के बन जाते थे संबंध? मुगल हरम में राजकुमारियोें और किन्नर की निकटता मुगल बादशाह ने हरम की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी किन्नरों को सौंप रखी थी. जितना राजा उनसे स्नेह रखते थे, रानियां भी उनसे काफी अपनापन रखती थीं. ये किन्नर रानियों के बहुत खास होते थे, इसकी वजह यह थी कि ये किन्नर ही वो जरिया थे, जिनके जरिए हरम की औरतें अपनी ख्वाहिशों को पूरा करती थीं. किन्नर के पास सुरक्षा की तमाम जिम्मेदारी होती थी, इसलिए औरतें प्रेम संबंध को पूरा करने के लिए उनकी मदद लेती थीं. यहां गौर करने वाली बात यह है कि ज्यादातर किन्नर पहले पुरुष हुआ करते थे, सिर्फ बधियाकरण के द्वारा उन्हें किन्नर बनाया जाता था. इस वजह से वे भावनात्मक रूप से स्त्रीओं के साथ लगाव रखते थे. हरम की स्त्रीएं भी इस तरह के लगाव की उम्मीद करती थीं, इसलिए हरम की कई औरतों के संबंध किन्नरों से रहे. Hindu Mughal Queen : आजीवन हिंदू परंपरा के साथ जीने वाली मुगल रानियों का कैसे हुआ था अंतिम संस्कार? हरम की औरतों से संबंध बनाने पर किन्नरों को मिलती थी सजा हरम में किन्नरों को बहुत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था. उन्हें खान की उपाधि दी जाती थी. किन्नरों को प्रशासक, गवर्नर, सेना कमांडर और मनसबदार के पद पर नियुक्त किया जाता था. उन्हें पुरुषों की तरह ही ट्रीट किया जाता था. इतिहासकार किशोरी शरण लाल ने अपनी किताब The Mughal Harem में लिखा है कि इटली के लेखक और यात्री निकोलाओ मनुची ने जो किन्नरों का जिक्र किया है उनके सभी नाम पुरुषों के हैं जैसे दानिश, दानियाल, दौलत, युसूफ, अलमान, मकबूल. किसी भी किन्नर को बानू, बेगम या बाई के नाम से संबोधित नहीं किया जाता था. इस वजह से किन्नरों में पुरुषों की भावनाएं ही प्राथमिक होती थीं. अगर किसी किन्नर को किसी स्त्री से नजदीकी हो जाती थी तो उसे सजा दी जाती थी. किशोरी शरण लाल लिखते हैं कि एक किन्नर के साथ एक कुलीन स्त्री को नजदीकी बनाते देखा गया था, तो उसे तीन दिन और दो रात तक जमीन में दबा दिया गया था. उसके हाथ से ऊपर का हिस्सा तपती धूप में जल रहा था और पूरा शरीर मिट्टी में दबा हुआ था. अगर इसके बाद भी वह स्त्री बच जाती तो उसे माफ कर दिया जाता था, लेकिन किन्नर को हाथी के पैरों तले दबा दिया गया था. एक अन्य घटना कुछ ऐसी है कि जहांगीर ने एक हिजड़े को अपनी एक त्यागी हुई स्त्री को चूमते हुए पकड़ लिया था. इस घटना से वह इतना नाराज हुआ कि उसने उस औरत को जमीन में गड़वा दिया, सिर्फ उसका सिर बाहर था और फिर उसके सामने ही किन्नर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए थे. इन घटनाओं के बावजूद हरम में किन्नरों का बहुत महत्व था और वे राजा और राजकुमारियों और रानियों के खास बने हुए थे. ये भी पढ़ें : Mughal Harem Stories : मुगलों के हरम में रात होते ही छा जाता था अंधेरा, जलती थी सिर्फ एक मशाल; चौंकाने वाली है वजह Mughal Harem Stories : मुगलों को थी शराब और औरतों की लत, जहांगीर हर महीने करता था एक शादी Mughal Harem Stories :  मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम The post Mughal Harem Stories : मुगल हरम में राजा से अधिक किन्नरों का चलता था राज, राजकुमारियों के थे खास; लेकिन प्रेम की सजा थी मौत appeared first on Naya Vichar.

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Admission Alert 2025 : एमबीए एवं पीएचडी में दाखिले का मौका, जल्द करें आवेदन

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड बिजनेस मैनेजमेंट मौका दे रहा है एमबीए में एमडिशन का, वहीं आईआईटी गांधीनगर में ह्यूमैनिटीज एवं सोशल साइंस समेत विभिन्न विषयों पीएचडी के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है. कलकल्ला विश्वविद्यालय ने हिंदी में पीएचडी के लिए आवेदन मांगे हैं. एमबीए में एडमिशन के लिए करें अप्लाई संस्थान : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड बिजनेस मैनेजमेंट, कलकत्ता विश्वविद्यालय.कोर्स : दो वर्षीय फुल टाइम एमबीए प्रोग्राम (सत्र 2026-28).योग्यता : किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ आर्ट्स/साइंस/ कॉमर्स में ऑनर्स के साथ बैचलर डिग्री अथवा बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, कंप्यूटर एप्लीकेशन, लॉ आदि में बैचलर डिग्री अथवा इंजीनियरिंग/ टेक्नोलॉजी/ मेडिकल साइंस में बैचलर डिग्री आवश्यक है. कैट स्कोर भी होना चाहिए.प्रवेश : कैट स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों को ग्रुप डिस्कशन एवं इंटरव्यू के लिए बुलया जायेगा.कैसे करें आवेदन : ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. जानकारी के लिए नोटिफिकेशन देखें.अंतिम तिथि : 29 दिसंबर, 2025.विवरण देखें : www.iiswbm.edu/wp-content/uploads/2024/09/mba-day-brochure.pdf आईआईटी गांधीनगर से पीएचडी करने का मौका संस्थान : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गांधीनगर.कोर्स : पीएचडी प्रोग्राम (2025-26)- अर्थ साइंस, एआइ, बायोलॉजिकल साइंस एंड इंजीनियरिंग, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स, आर्कियोलॉजिकल साइंस, ह्यूमैनिटीज एवं सोशल साइंस, मटेरियल इंजीनियरिंग समेत कई अन्य विषयों में.योग्यता : संबंधित विषय में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री या चार वर्षीय बैचलर डिग्री होनी चाहिए. विषय के अनुसार योग्यता की जानकारी के लिए नोटिफिकेशन देखें.प्रवेश : लिखित परीक्षा एवं/ या इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर प्रवेश मिलेगा.कैसे करें आवेदन : ऑनलाइन आवेदन करना है.अंतिम तिथि : 14 अक्तूबर, 2025.विवरण देखें : https://iitgn.ac.in/assets/pdfs/PhD-Admission-2025-26-Semester-II-1.pdf हिंदी में पीएचडी के लिए करें आवेदन संस्थान : हिंदी विभाग, कलकत्ता विश्वविद्यालय.कोर्स : हिंदी में पीएचडी प्रोग्राम (2025).योग्यता : अभ्यर्थी के किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 55 प्रतिशत अंकों में हिंदी में एमए की डिग्री प्राप्त की हो.प्रवेश : लिखित परीक्षा (रिसर्च एबिलिटी टेस्ट) एवं साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर प्रवेश मिलेगा. लिखित परीक्षा 16 अक्तूबर, 2025 को कलकत्ता विश्वविद्यालय में आयोजित की जायेगी.कैसे करें ओवदन : निर्धारित प्रारूप में अपना आवदेन हिंदी विभाग, कलकत्ता विश्वविद्यालय को भेजें.अंतिम तिथि : 13 अक्तूबर, 2025.विवरण देखें : https://s3.ap-south-1.amazonaws.com/caluniv/admission/PhD-Hindi-2025.pdf यह भी पढ़ें : UCEED 2026 : बीडेस में लेना है एडमिशन, यूसीड 2026 के लिए करें रजिस्ट्रेशन यह भी पढ़ें : World Highest Mountains In Nepal : नेपाल में हैं दुनिया के आठ सबसे ऊंचे पर्वत The post Admission Alert 2025 : एमबीए एवं पीएचडी में दाखिले का मौका, जल्द करें आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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