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October 13, 2025

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Good News: ईपीएफ खाते से 100% पैसे निकाल सकेंगे देश के करोड़ों कर्मचारी, न्यासी मंडल ने दी मंजूरी

Good News: देश के प्रशासनी और प्राइवेट संस्थानों में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशसमाचारी है. वह यह कि अब लाखों कर्मचारी अपने ईपीएफ खातों में जमा रकम में से 100% पैसे निकाल सकेंगे. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सोमवार को अपने 7 करोड़ से अधिक सदस्यों को आंशिक निकासी के नियमों में बड़ी छूट दी है. अब सदस्य अपनी पात्र राशि का 100% तक निकाल सकते हैं, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता के हिस्से दोनों शामिल हैं. यह निर्णय केंद्रीय न्यासी मंडल (सीबीटी) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने की. निकासी नियमों को तीन श्रेणियों में आसान बनाया गया पूर्व में आंशिक निकासी के लिए 13 जटिल प्रावधान थे. अब इसे तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है. इनमें आवश्यक जरूरतें (बीमारी, शिक्षा, विवाह), आवासीय जरूरतें और विशेष परिस्थितियां शामिल हैं. शिक्षा और विवाह के लिए निकासी की सीमा क्रमशः 10 और 5 बार कर दी गई है. विशेष परिस्थितियों में अब कारण बताने की आवश्यकता नहीं है, जिससे कई दावे अब अस्वीकार नहीं होंगे. सेवा अवधि और न्यूनतम शेष राशि में बदलाव सभी आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को घटाकर 12 महीने कर दिया गया है. इसके अलावा, सदस्यों को अपनी अंशदान राशि का 25% न्यूनतम शेष बनाए रखना होगा, ताकि उन्हें उच्च वार्षिक ब्याज और चक्रवृद्धि लाभ के माध्यम से बड़ा सेवानिवृत्ति कोष मिल सके. पूर्व निकासी की अवधि भी बढ़ा दी गई है. परिपक्वता-पूर्व अंतिम निपटान की अवधि को 2 महीने से 12 महीने और अंतिम पेंशन निकासी अवधि को 2 महीने से 36 महीने कर दिया गया है. विश्वास योजना और पेनल्टी में राहत ईपीएफओ ने ‘विश्वास योजना’ लागू करने का भी निर्णय लिया है. इसका उद्देश्य भविष्य निधि अंशदान में विलंब पर लगने वाले दंड को कम करना और लंबित मुकदमों को समाप्त करना है. इस योजना के तहत अर्थदंड की दर 1% प्रति माह तक सीमित होगी. योजना की अवधि छह महीने है और आवश्यकता पड़ने पर छह महीने के लिए बढ़ाई जा सकती है. डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक केंद्रीय न्यासी मंडल ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ समझौता (एमओयू) को मंजूरी दी है. इसके तहत कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (ईपीएस-95) के पेंशनधारक अब घर पर ही डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) प्राप्त कर सकते हैं. प्रत्येक प्रमाणपत्र का शुल्क मात्र 50 रुपये होगा, जिसे ईपीएफओ वहन करेगा. ईपीएफओ 3.0 पहल और डिजिटल परिवर्तन ईपीएफओ ने ईपीएफओ 3.0 पहल के तहत भविष्य निधि सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए सदस्य-केंद्रित डिजिटल परिवर्तन की रूपरेखा भी मंजूर की. इसमें कोर बैंकिंग समाधान को क्लाउड और एपीआई आधारित मॉड्यूल से जोड़ा जाएगा. इसका उद्देश्य तेज़, स्वचालित दावे, तुरंत निकासी, बहुभाषी स्वयं-सेवा और सहज पेरोल-संबद्ध योगदान सुनिश्चित करना है. लोन पोर्टफोलियो के लिए कोष प्रबंधकों का चयन केंद्रीय न्यासी मंडल ने ईपीएफओ के लोन पोर्टफोलियो के लिए चार कोष प्रबंधकों का पांच साल के लिए चयन किया. यह निवेश की विविधता बढ़ाने और सदस्यों के भविष्य निधि बचत पर उच्च रिटर्न सुनिश्चित करने के लिए किया गया है. इसे भी पढ़ें: LIC SIP Plan: एलआईसी एसआईपी में हर महीने 25,000 जमा करने पर 10 साल में कितना मिलेगा पैसा, जानें पूरा कैलकुलेशन वित्तीय सुरक्षा और आधुनिक सेवाएं केंद्रीय श्रम मंत्रालय के अनुसार, इस निर्णय से ईपीएफओ के सदस्य आधुनिक, डिजिटल और आसान सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे. आंशिक और पूर्ण निकासी में दी गई छूट, डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र, और निवेश में विविधता से सदस्यों की वित्तीय सुरक्षा मजबूत होगी. इस पहल से ईपीएफओ अब तेज, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल सेवा प्रदान करने में सक्षम होगा. इसे भी पढ़ें: एसआईपी और म्यूचुअल फंड रिडेम्पशन होगा फटाफट, क्यूरी मनी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी की नई पहल शुरू The post Good News: ईपीएफ खाते से 100% पैसे निकाल सकेंगे देश के करोड़ों कर्मचारी, न्यासी मंडल ने दी मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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Kerala Hijab Issue: केरल में हिजाब पहनने पर बवाल, स्कूल में दो दिनों की छुट्टी

Kerala Hijab Issue: स्कूल के अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) के एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि छात्रों के अभिभावकों को इस्लाम समर्थक नेतृत्वक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का समर्थन प्राप्त है. संघ का आरोप है कि एसडीपीआई के सदस्यों ने स्कूल अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया, जिनमें से ज्यादातर नन हैं. आज और कल स्कूल में छुट्टी सेंट रीटा पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल ने सिस्टर हेलेना आरसी ने सोमवार और मंगलवार को छुट्टियों की घोषणा करते हुए एक पत्र जारी किया. पत्र में प्रिंसिपल ने कहा कि बिना निर्धारित वर्दी पहने आई एक छात्रा, उसके माता-पिता, कुछ बाहरी लोगों, कुछ छात्रों और कर्मचारियों के दबाव के कारण, मानसिक तनाव का हवाला देते हुए अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया गया है. पत्र में कहा गया है कि इसके परिणामस्वरूप पीटीए के कार्यकारी सदस्यों से परामर्श के बाद 13 और 14 अक्टूबर को अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया गया. स्कूल में पिछले 30 साल से ड्रेस कोड लागू पीटीए सदस्य जोशी कैथावलप्पिल ने बताया कि स्कूल का पिछले 30 वर्ष से एक ‘ड्रेस कोड’ रहा है और सभी समुदायों के छात्र इसका पालन करते आए हैं. उन्होंने कहा, “हालांकि, एक छात्रा के माता-पिता उसे सिर ढक कर भेजने पर अड़े रहे. हाल ही में, वे एक समूह के साथ स्कूल पहुंचे और हंगामा किया, जिससे छात्रों और शिक्षकों में दहशत फैल गई. इसलिए, हमने दो दिन का अवकाश घोषित करने का फैसला किया.” The post Kerala Hijab Issue: केरल में हिजाब पहनने पर बवाल, स्कूल में दो दिनों की छुट्टी appeared first on Naya Vichar.

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नक्सलियों पर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक, हजारीबाग के जंगल से हथियारों का जखीरा बरामद

Jharkhand Naxal News, हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस को फिर से बड़ी सफलता हाथ लगी है. दरअसल जिला पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने सोमवार को नक्सल रोधी अभियान चलाया. इस दौरान सुरक्षा बलों ने हथियार और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद जब्त किया है. अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई रविवार रात हजारीबाग और बोकारो जिलों की सीमा के पास, बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में की गई. अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी. ये कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गयी है. क्योंकि पुलिस अधिक को सूचना मिली थी कि कुछ नक्सली संगठन बोकारो और हजारीबाग के जंगल क्षेत्र में सक्रिय है. Also Read: ACB का भ्रष्टाचार पर नकेल! लातेहार में प्रशासनी बाबू 5 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, जानें पूरा मामला क्या क्या बरामद हुए दो एसएलआर राइफल संबंधित मैगजीन बड़ी संख्या में कारतूस नक्सलियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है: एसडीपीओ बी.एन. प्रसाद इस कार्रवाई के संबंध में बिष्णुगढ़ के एसडीपीओ बी.एन. प्रसाद ने बताया कि अभियान अभी जारी है और इलाके में नक्सलियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. वहीं, हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा कायम रखने के प्रयासों का हिस्सा है. समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ की जाने वाली यह ऑपरेशन और तेज कर दिया है. जंगल के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिये गये हैं. Also Read: ACB का भ्रष्टाचार पर नकेल! लातेहार में प्रशासनी बाबू 5 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, जानें पूरा मामला The post नक्सलियों पर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक, हजारीबाग के जंगल से हथियारों का जखीरा बरामद appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Election 2025: लोजपा (R) के 29 उम्मीदवारों के नाम लगभग तय, चिराग की लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे के बाद अब उम्मीदवारों के नामों की चर्चा जोरों पर है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को इस बार 29 सीटें मिली हैं. सोमवार को जहां एनडीए की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी थी, वहीं आखिरी पल में उसे टाल दिया गया. इसके पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया, लेकिन सियासी गलियारों में अटकलें तेज हैं. चिराग के संभावित उम्मीदवारों की सूची फिलहाल लोजपा (R) की जिन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं, उनमें कई चर्चित चेहरे शामिल हैं. मढ़ौरा: अयूब खान के बेटे सैफ अली खान ब्रह्मपुर: पूर्व विधायक सुनील पांडेय के भाई हुलास पांडेय साहेबपुर कमाल: सुरेंद्र विवेक लालगंज: रमा सिंह या उनकी बेटी श्वेता सिंह मोरवा: अभय सिंह सिमरी बख्तियारपुर: संजय सिंह राजापाकड़: मृणाल पासवान के बेटे गाय घाट: सांसद वीणा देवी की बेटी कोमल दानापुर: लालू यादव के साले सुभाष यादव के बेटे रणधीर यादव फतुहा: रामकृपाल यादव के बेटे अभिमन्यु यादव बखरी: संजय पासवान अरवल: सुनील यादव मखदुमपुर: रानी चौधरी अगिआंव: ज्योति देवी हायाघाट: शाहनवाज अहमद कैफी राजगीर: परशुराम पासवान हिलसा: रंजीत डॉन की पत्नी कुमारी दीपिका एकमा: कमेश्वर सिंह उर्फ मुन्ना ओबरा: प्रकाश चंद्र गया: श्याम देव पासवान कदवा: विभूति पासवान बलरामपुर: संगीता कुमारी सोनबरसा: रीना पासवान हिसुआ: धीरेंद्र मुन्ना कसबा: शंकर झा बाबा सुगौली: (नाम तय नहीं) युवा चेहरे को प्राथमिकता दे रहे चिराग पासवान बताया जा रहा है कि चिराग पासवान ने उम्मीदवारों के चयन में जातीय संतुलन और युवा चेहरे को प्राथमिकता दी है. वहीं एनडीए में बीजेपी और जेडीयू 101-101 सीटों पर, हम और रालोमो 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, उपेंद्र कुशवाहा सीट बंटवारे से असंतुष्ट हैं, जबकि जीतनराम मांझी ने साफ कहा है कि वे “हर हाल में एनडीए के साथ” रहेंगे. Also Read: Bihar Election 2025: सीट बंटवारे के बाद भी NDA में घमासान, गिरिराज सिंह ने चिराग पासवान पर कसा तंज The post Bihar Election 2025: लोजपा (R) के 29 उम्मीदवारों के नाम लगभग तय, चिराग की लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल appeared first on Naya Vichar.

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बुढ़ापा हारा, कुर्सी की चाह जीती! 92 की उम्र में सत्ता की भूख बरकरार, 8वीं बार राष्ट्रपति की रेस में

Paul Biya World Oldest president Cameroon: सोचिए, एक ऐसा देश जहां एक ही राष्ट्रपति 43 साल से राज कर रहा है. जहां नई पीढ़ी पैदा होकर जवान हो जाती है, लेकिन राष्ट्रपति वही पुराना. ये कहानी अफ्रीका के एक छोटे से देश कैमरून की है. यहां 92 वर्षीय पॉल बिया फिर चुनावी मैदान में हैं वो भी लगातार आठवीं बार राष्ट्रपति पद के लिए. अगर इस बार भी वे जीत गए, तो अगले सात सालों के कार्यकाल के अंत तक उनकी उम्र 99 साल हो जाएगी. यानी शतक से बस एक साल दूर. दुनिया के सबसे बुजुर्ग मौजूदा राष्ट्रपति के लिए ये चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि ‘इतिहास’ में दर्ज होने की जंग भी है. Paul Biya World Oldest president Cameroon: पॉल बिया कौन हैं? पॉल बिया नाम उस दौर से जुड़ा है, जब कैमरून के पहले राष्ट्रपति अहमदौ अहिदजो ने इस्तीफा दिया था. वही मौका था जब बिया ने सत्ता संभाली और साल था 1982. तब से आज तक उन्होंने हर चुनाव 70% से ज्यादा वोटों से जीता है. राष्ट्रपति बनने से पहले, वे 1975 से 1982 तक प्रधानमंत्री रहे. दिलचस्प बात यह है कि 1960 में फ्रांस से आजादी के बाद से कैमरून ने सिर्फ दो ही राष्ट्रपति देखे हैं पहला अहमदौ अहिदजो और दूसरा है. पॉल बिया. एएफपी की रिपोर्ट बताती है कि बिया ने अपने शासनकाल में कठोर नियंत्रण रखा और विरोधियों को दबाया. हालांकि शुरुआत में उन्हें कैथोलिक पादरी बनने का प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने पेरिस में नेतृत्व विज्ञान की पढ़ाई की और नेतृत्व ही उनका कर्मक्षेत्र बन गया. सत्ता के साथ शाही ठाठ बिया के बारे में कहा जाता है कि वे अपना ज्यादातर समय यूरोप में बिताते हैं. देश का दैनिक कामकाज उनके परिवार और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी संभालते हैं. उनकी आलीशान जीवनशैली भी अक्सर विवादों में रहती है. उन्हें विदेश यात्राओं और जिनेवा के लक्जरी होटलों में छुट्टियां बिताने का शौक है. OCCRP (Organized Crime and Corruption Reporting Project) की 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ उनकी यात्राओं पर 65 मिलियन डॉलर (करीब 577 करोड़ रुपये) खर्च हुए. एएफपी के अनुसार, बिया ने अपने करीबी वफादारों को संसद अध्यक्ष, सेना प्रमुख और तेल-गैस कंपनी के शीर्ष पदों पर बैठाया है. यानी सत्ता का पूरा ढांचा ‘बिया लॉयलिस्ट्स’ से भरा है. Paul Biya World Oldest president Cameroon: कैसे टिके हैं 43 साल से सत्ता पर? 2008 में, बिया ने संविधान में बदलाव कर कार्यकाल की सीमा खत्म कर दी. अब वे जितनी बार चाहें चुनाव लड़ सकते हैं. कैमरून के नेतृत्वक विशेषज्ञ स्टीफन अकोआ कहते हैं हैं कि  बिया ‘फूट डालो और राज करो’ की रणनीति अपनाकर इतने लंबे समय तक टिके रहे हैं. उनके पूर्व सहयोगी टाइटस एडज़ोआ, जो 17 साल जेल में रहे, ने कहा, “अगर आप बिया के खिलाफ जाने की कोशिश करते हैं, तो आपको कुचल दिया जाता है.” चार दशक से ज्यादा समय तक शासन करने के बाद भी, बिया अब भी सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं हैं. देश आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहा है. विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, कैमरून में हर 10 में से 4 लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं. अगले 15 महीनों में हर चौथा नागरिक अत्यधिक गरीबी में फंस सकता है.  बिया को चुनौती देने वाले चेहरे इस बार नौ उम्मीदवार बिया को चुनौती दे रहे हैं. सबसे बड़ा नाम है, इस्सा चिरोमा बाकरी. वे बिया प्रशासन में प्रवक्ता और रोज़गार मंत्री रह चुके हैं. 79 वर्षीय बाकरी ने जून में इस्तीफा देकर राष्ट्रपति पद के लिए दावा ठोका है. बाकरी उत्तर कैमरून से हैं, जो बिया का पारंपरिक गढ़ माना जाता है उनके अलावा बेलो बौबा मैगारी, पूर्व पर्यटन मंत्री, भी मैदान में हैं. लेकिन नेतृत्व विज्ञानी अकोआ कहते हैं कि  हमें नासमझ नहीं होना चाहिए. सत्तारूढ़ व्यवस्था के पास अपने पक्ष में नतीजे पाने के पर्याप्त साधन हैं.” उन्होंने जोड़ा कि इस बार प्रचार अभियान पहले से “ज्यादा सक्रिय” दिखा है. क्या इस बार युवा कुछ बदल पाएंगे? ज्यादातर विश्लेषकों का मानना है कि कैमरून में चुनावी सिस्टम बिया की जीत सुनिश्चित करता है. नेतृत्वक विश्लेषक ह्यूबर्ट किन्कोह ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि संस्थाएं उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं. फिर भी, कुछ लोग मानते हैं कि देश के युवा पहली बार बदलाव की हवा ला सकते हैं. कैमरून की 3 करोड़ आबादी में से 60% लोग 25 साल से कम उम्र के हैं. किन्कोह कहते हैं कि  यह नई पीढ़ी आलोचनात्मक है, और किसी पार्टी से प्रभावित नहीं होती. उन्हें लगता है कि अब वोट के जरिए भी सत्ता बदल सकती है.” एक युवा कार्यकर्ता नगाला डेसमंड नगाला ने NYT से कहा कि हम केन्या जैसे देशों में जेनरेशन Z की क्रांतियां देख रहे हैं. तो कैमरून में क्यों नहीं? क्या इस बार बिया हार सकते हैं? सिरैक्यूज विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. बेंजामिन अकिह ने एपी से कहा कि बिया की उम्र और 43 साल की सत्ता के बाद देश की हालत को देखकर लगता है, इस बार विपक्ष के पास मौका है. बिया शायद सीपीडीएम पार्टी के सबसे कमजोर उम्मीदवार हैं. रविवार को मतदान हो चुका है. नतीजों में 15 दिन लग सकते हैं. कैमरून की एक-चरणीय चुनाव प्रणाली में जो उम्मीदवार सबसे ज्यादा वोट पाता है, वही राष्ट्रपति घोषित हो जाता है, भले ही उसे बहुमत न मिला हो. रॉयटर्स ने ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के प्रमुख नेतृत्वक अर्थशास्त्री फ्रांस्वा कॉनराडी के हवाले से लिखा है कि संभावना है कि विभाजित विपक्ष और मजबूत चुनावी मशीनरी बिया को उनका आठवां कार्यकाल दिला देगी. शायद अब उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं रहता कि देश में क्या हो रहा है, लेकिन उन्होंने जो सत्ता मशीन बनाई है, वो शायद आखिरी बार उनके लिए काम कर जाए. ये भी पढ़ें: मेरा यार है तू… जिगरी दोस्त ने किया अगले साल ट्रंप को नोबेल दिलाने का वादा, युद्ध रोकने की बने दीवार हमास ने दो साल बाद सभी 20 इजराइली बंधकों को किया रिहा, ट्रंप बोले- ‘युद्ध खत्म हो गया’ The post बुढ़ापा हारा, कुर्सी की चाह जीती! 92 की उम्र में सत्ता की भूख बरकरार, 8वीं बार राष्ट्रपति की रेस में appeared first on Naya

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Sikandar के डायरेक्टर ने फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे सलमान को ठहराया जिम्मेदार, तो एक्टर ने किया जबरदस्त पलटवार, दिया मजेदार जवाब

Sikandar: साल 2025 की शुरुआत में सलमान खान और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘सिकंदर’ बड़े पर्दे पर रिलीज हुई थी. यह पहली बार था जब दोनों ने साथ काम किया. फिल्म को कुछ दर्शकों ने पसंद किया, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई. अब, फिल्म के असफल होने के महीनों बाद, निर्देशक ए.आर. मुरुगादॉस ने खुलासा किया कि सलमान खान के साथ काम करना आसान नहीं था. उन्होंने कहा कि अभिनेता रात 8 बजे के बाद ही सेट पर पहुंचते थे, जिसकी वजह से दिन के सीन्स की शूटिंग भी रात में करनी पड़ती थी. अब इसपर भाईजान ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. और डायरेक्टर को मुंहतोड़ जवाब दिया है. सलमान खान ने निर्देशक ए.आर. मुरुगादॉस के स्टेटमेंट पर किया पलटवार सलमान खान ने हाल ही में ‘बिग बॉस 19’ के वीकेंड का वार एपिसोड में निर्देशक के इस बयान पर रिएक्शन दिया. कॉमेडियन रवि गुप्ता के साथ बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें किसी फिल्म का पछतावा है, तो सलमान ने कहा, “नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता. लोग कहते हैं ‘सिकंदर’, लेकिन मैं मानता नहीं. उसका प्लॉट बहुत अच्छा था. हां, मैं रात को 9 बजे पहुंचता था, उसमें गड़बड़ हो गई.” इसके बाद सलमान ने हंसते हुए कहा, “हमारे डायरेक्टर साहब ने कहा था कि मैं देर से आता था. लेकिन उनकी पिक्चर हाल ही में रिलीज हुई, जिसमें एक्टर 6 बजे पूछता था.” उन्होंने आगे मुरुगादॉस पर तंज कसते हुए कहा, “वो फिल्म ‘मधरासी’ है… बहुत बड़ी फिल्म, और उतनी ही बड़ी (मुस्कुराते हुए)… ‘सिकंदर’ से भी बड़ी ब्लॉकबस्टर.” मुरुगादॉस की फिल्म ‘मधरासी’ की डिटेल्स तमिल भाषा की साइकोलॉजिकल एक्शन थ्रिलर ‘मधरासी’ में शिवकार्तिकेयन, रुक्मिणी वसंत, विद्युत जामवाल, बीजू मेनन, विक्रांत और शबीर कल्लारक्कल जैसे सितारे नजर आए. यह फिल्म 5 सितंबर को रिलीज हुई थी और लगभग ₹100 करोड़ का वर्ल्डवाइड बिजनेस किया. हालांकि, बॉक्स ऑफिस एनालिस्ट्स ने इसे अंडरपरफॉर्मिंग फिल्म बताया, जो उम्मीद के मुताबिक नहीं चली. सिकंदर ने हिंदुस्तान में कितना बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया? सिकंदर ने हिंदुस्तानीय बॉक्स ऑफिस पर 110.36 करोड़ रुपए कमाए. सिकंदर ने वर्ल्डवाइड कितना बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया? सिकंदर ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 184.89 करोड़ रुपए कमाए. सिकंदर हिट हुई या फ्लॉप? सिकंदर बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई थी. सिकंदर में विलेन कौन था? सिकंदर में एक्टर सत्यराज ने निगेटिव भूमिका निभाई. यह भी पढ़े: The Raja Saab में प्रभास के साथ दोबारा काम करने पर लीड एक्ट्रेस ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- वो बेहद प्यारे और समझदार इंसान हैं The post Sikandar के डायरेक्टर ने फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे सलमान को ठहराया जिम्मेदार, तो एक्टर ने किया जबरदस्त पलटवार, दिया मजेदार जवाब appeared first on Naya Vichar.

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Double Kaju Katli Recipe: मार्केट से क्यों खरीदना जब घर पर ही मिनटों में बन सकती है डबल काजू कतली, जानें दिल जीत लेने वाली रेसिपी

Double Kaju Katli Recipe: दिवाली का त्यौहार आने वाला है और ऐसे में घर को सिर्फ सजाने की ही नहीं बल्कि कुछ मीठा और नमकीन बनाने की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं. आज हम नमकीन के बारे में तो बात नहीं करेंगे लेकिन आज हम आपको ऐसी मिठाई के बारे में जरूर बताएंगे जिसके बिना दिवाली का त्यौहार अधूरा है. आज की यह आर्टिकल और इसमें बताई गयी रेसिपी आपके लिए काफी काम की होने वाली है अगर आप दिवाली के खास मौके पर अपने घर पर कुछ खास बनाना चाहते हैं. आज हम आपको डबल काजू कतली की आसान रेसिपी बताने जा रहे हैं जो इस त्यौहार को और भी ज्यादा यादगार बना देगा. डबल काजू कतली सिर्फ खाने में जबरदस्त नहीं होती बल्कि इसका खूबसूरत डायमंड शेप, क्रीमी टेक्सचर और इसमें मौजूद ड्राई फ्रूट्स की डेकोरेशन की वजह से सभी को लुभाती भी काफी ज्यादा है. तो चलिए जानते हैं डबल काजू कतली बनाने की सबसे आसान रेसिपी. डबल काजू कतली बनाने के लिए जरूरी सामग्री काजू – 2 कप, 2 से 3 घंटे भिगोकर रखे हुए मिल्क पाउडर – आधा कप घी – 2 टेबलस्पून शक्कर – 1 कप पानी – एक चौथाई कप केसर – कुछ धागे, ऑप्शनल पिस्ता – सजाने के लिए यह भी पढ़ें: Suji Dahi Appe Recipe: सिर्फ 20 मिनट में बनाएं हेल्दी और फ्लफी सूजी दही अप्पे, सुबह के नाश्ते से लेकर शाम की चाय के लिए परफेक्ट रेसिपी यह भी पढ़ें: Besan Dhokla Recipe: बिना तेल और झंझट के घर पर बनाएं फूला-फूला बेसन ढोकला, जानें मिनटों में तैयार होने वाली हेल्दी और एनर्जेटिक रेसिपी डबल काजू कतली बनाने की आसान रेसिपी डबल काजू कतली बनाने के लिए सबसे पहले भिगोए हुए काजू को अच्छी तरह पीसकर महीन पेस्ट बना लें. आप अगर चाहें तो इसमें थोड़ी मिल्क पाउडर डालकर पेस्ट को गाढ़ा भी बना सकते हैं. यह डबल काजू कतली को और भी क्रीमी और रिच बनाता है. अब एक पैन में पानी और शक्कर डालकर हल्की आंच पर गर्म करें. जब शक्कर पूरी तरह घुल जाए और हल्का गाढ़ा सिरप बन जाए, तब समझ जाएं कि यह तैयार है. इस बात का ख्याल रखें कि सिरप ज्यादा गाढ़ा या पतला न हो. अब तैयार काजू पेस्ट में धीरे-धीरे शक्कर का सिरप डालते हुए लगातार चलाते रहें. देखते ही देखते पेस्ट और सिरप का मिश्रण गाढ़ा और चिकना होने लगेगा. इस समय आप केसर के धागे भी मिला सकते हैं. ऐसा करने से मिठाई का रंग और स्वाद बढ़ जाएगा. अब एक थाली या ट्रे में हल्का घी लगाएं और तैयार मिश्रण को उसमें डालकर अच्छी तरह फैलाएं. जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए तो इसे पिस्ता से सजाएं. जब मिश्रण पूरी तरह ठंडा हो जाए तो इसे अपने पसंद के शेप में काटें. ट्रेडिशनल तरीके से इसे डायमंड शेप में काटा जाता है, लेकिन आप चाहें तो स्क्वायर या राउंड शेप में भी बना सकते हैं. यह भी पढ़ें: Gajar Halwa Cake: गाजर के हलवे में मिलाएं केक का जादू, इस तरह मिनटों में तैयार करें सर्दियों का सबसे टेस्टी और फेवरेट डेजर्ट The post Double Kaju Katli Recipe: मार्केट से क्यों खरीदना जब घर पर ही मिनटों में बन सकती है डबल काजू कतली, जानें दिल जीत लेने वाली रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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डगआउट में महाराजा की तरह हुई सिराज की सेवा, तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल

Mohammed Siraj: दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के चौथे दिन टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज गर्मी से परेशान दिखे. लंच के बाद के सत्र में छह ओवरों की कड़ी गेंदबाजी के बाद, सिराज सीधे हिंदुस्तानीय डगआउट में गए जहां उनकी सेवा महाराजाओं की तरह किया गया. एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें सिराज के सिर पर बर्फ की थैली रखी गई है और फिजियोथेरेपिस्ट उनके पैरों की मालिश करते दिख रहे हैं. पूर्व हिंदुस्तानीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक कमेंट्री बॉक्स में मौजूद थे और उन्होंने इसे ‘राजा जैसा व्यवहार’ बताया. Mohammed Siraj was treated like a Maharaja in dugout चौथे दिन गेंदबाजों की हुई कड़ी परीक्षा कमेंट्री बॉक्स में मौजूद कार्तिक ने कहा, ‘अभी हम जो देख रहे हैं, वह यह है कि कठिन स्पैल के बाद तेज गेंदबाजों के साथ राजाओं जैसा व्यवहार किया जा रहा है. वैसे, हर जगह यही स्थिति है. मैं दर्शकों को बताना चाहता हूं कि यह सिर्फ मैदान पर या मैदान के बाहर ही नहीं, बल्कि कॉमेंट्री बॉक्स में भी होता है.’ हिंदुस्तानीय गेंदबाजी आक्रमण को दिल्ली की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर कड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ा, लेकिन वे सफल रहे. अंत में मेजबान टीम वेस्टइंडीज पर 2-0 से क्लीन स्वीप करने की कगार पर पहुंच गई है. Siraj my boy no😭😭😭 pic.twitter.com/n67zeyiLdw — Ishan’s🤫🧘🧡 (@IshanWK32) October 13, 2025 हिंदुस्तान को मिला है 121 रनों का लक्ष्य 121 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए स्टंप्स तक 1 विकेट पर 63 रन बनाने के बाद हिंदुस्तान को अंतिम दिन जीत के लिए 58 रनों की और जरूरत है. जसप्रीत बुमराह (17.5 ओवर में 3/44), कुलदीप यादव (29 ओवर में 3/104), रवींद्र जडेजा (33 ओवर में 1/102), मोहम्मद सिराज (15 ओवर में 2/43) और वॉशिंगटन सुंदर (23 ओवर में 1/80) ने दूसरी पारी में 118.5 ओवर से अधिक समय तक कड़ी मेहनत की. उन्होंने दूसरी पारी में वेस्टइंडीज को 390 रन पर आउट कर दिया, जिससे घरेलू टीम को चौथे दिन शाम को शेष बचे 18 ओवरों में 121 रनों का लक्ष्य प्राप्त करना पड़ा. केएल राहुल और साई सुदर्शन क्रीज पर केएल राहुल (25 रन) और साई सुदर्शन (30 रन ) सहज दिखे और क्रीज पर जमे हुए हैं. हालांकि, यशस्वी जायसवाल (8 रन) के आउट होने के बाद दोनों बल्लेबाजों ने ज्यादा जोखिम नहीं उठाया. हिंदुस्तान के पास एक बड़ी बल्लेबाजी लाइन-अप है, जिसके लिए यह लक्ष्य एकदम मामूली है. इस टेस्ट सीरीज के बाद हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों का पूरा ध्यान ऑस्ट्रेलिया दौरे पर होगा. फैंस के लिए भी यह खास होगा, क्योंकि करोड़ों दिलों पर राज करने वाले विराट कोहली और रोहित शर्मा की मैदान पर वापसी होने वाली है. ये भी पढ़ें… शाई होप को बोल्ड करते ही सिराज ने रचा इतिहास, 2025 में सबसे ज्यादा विकेट किया अपने नाम रोहित शर्मा – विराट कोहली के फ्यूचर पर रवि शास्त्री की बड़ी भविष्यवाणी, क्या स्पोर्ट्सेंगे 2027 वर्ल्ड कप? The post डगआउट में महाराजा की तरह हुई सिराज की सेवा, तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल appeared first on Naya Vichar.

शिक्षा, समस्तीपुर

वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर में किया गया जयप्रकाश नारायण जयंती कार्यक्रम का आयोजन 

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – सोमवार को वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर में नेतृत्व विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मधुलिका मिश्रा द्वारा जयप्रकाश नारायण जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जयंती समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. अरुण कुमार कर्ण द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। प्रधानाचार्य ने कहा की जे.पी के सामाजिक विचारों में समान वितरण, समान अधिकार एवं समान सामाजिक आचार संहिता के पक्षधर थे। वह समाज में एक ऐसे समाज की व्यवस्था स्थापित करना चाहते थे, जिसमें एक वर्ग से दूसरे वर्ग के मध्य बहुत बड़ा अन्तर न हो। । डॉ. मधुलिका मिश्रा ने कहा कि जय प्रकाश नारायण ने नेतृत्व को केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं माना। उनके अनुसार नेतृत्व का उद्देश्य समाज में नैतिकता, सेवा और न्याय की स्थापना होना चाहिए। राज्य व्यवस्था की पुनर्रचना का एक सुझाव’ में जयप्रकाश नारायण ने पंचायती राज योजना के माध्यम से विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया पर बल दिया एवं साथ ही जयप्रकाश नारायण के सामाजिक एवं नेतृत्वक विचार वर्तमान समय में भी प्रासंगिक है । प्रो. सुरेश शाह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण दलविहीन लोकतंत्र के समर्थक विचारक थे। डॉ. लालिमा सिन्हा ने कहा कि जयप्रकाश नारायण गांधीवादी विचारधारा से प्रभावित समाजवादी नेता थे। प्रो. रंजन कुमार ने कहा कि जय प्रकाश नारायण के सामाजिक विचारों पर राममनोहर लोहिया के सामाजिक दर्शन का प्रभाव परिलक्षित होता है राजनिति विज्ञान की छात्रा नमिता रॉय के द्वारा मंच संचालन का कार्य किया गया। उदिता, गुड़िया, दीपम, अंजली, सिमरन , हिमांशी ,नमिता, साक्षी , राफिया, आदि ने भी जे.पी के व्यक्तित्व पर भाषण के माध्यम से प्रकाश डाला । डॉ.विजय गुप्ता ने समग्र क्रांति पर जय प्रकाश नारायण के विचारों की विस्तृत चर्चा की एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक / शिक्षिका और छात्राएं उपस्थित थें।

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बिहार: पहले चरण की वोटिंग के लिए चुनाव आयोग ने पूरा किया रैंडमाइजेशन, EVM-VVPAT की सूची पार्टियों को सौंपी

बिहार: हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग (ECI) ने सोमवार को एक प्रेस नोट जारी किया. ECI ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) का पहला रैंडमाइजेशन पूरा कर लिया गया है. यह प्रक्रिया 11 अक्टूबर को 18 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) द्वारा उन मशीनों के साथ की गई जो पहले स्तर की जांच (FLC) में सफल रही थीं. हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग (ECI) ने सोमवार को एक प्रेस नोट जारी किया. ECI ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) का पहला रैंडमाइजेशन पूरा कर लिया गया है. यह प्रक्रिया 11 अक्टूबर को 18 जिलों के जिला… pic.twitter.com/6DO01XjLSh — Naya Vichar (@prabhatkhabar) October 13, 2025 EMS से किया गया रैंडमाइजेशन यह रैंडमाइजेशन ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम (EMS) के माध्यम से किया गया और इसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त नेतृत्वक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. इस प्रक्रिया का उद्देश्य चुनाव में पारदर्शिता, निष्पक्षता और किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकना है. रैंडम तरीके से किया गया वीवीपैट मशीनों का आवंटन रैंडमाइजेशन के तहत कुल 54,311 बैलट यूनिट (BU), 54,311 कंट्रोल यूनिट (CU) और 58,123 वीवीपैट मशीनों को बिहार के 121 विधानसभा क्षेत्रों के 45,336 मतदान केंद्रों में पूरी तरह रैंडम तरीके से आवंटित किया गया. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि चुनाव निष्पक्ष और विश्वसनीय हों. पार्टियों के प्रतिनिधियों को सौंपी गई VVPT मशीनों की सूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सभी नेतृत्वक दलों के प्रतिनिधियों को उनके जिला मुख्यालयों पर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सूची सौंपी गई. इसके बाद, इन मशीनों को उन्हीं की मौजूदगी में संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रूप से रखा जाएगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने के बाद, ईवीएम-वीवीपैट की यह सूची सभी उम्मीदवारों के साथ साझा की जाएगी, ताकि उन्हें यह पता हो कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में कौन-कौन सी मशीनें उपयोग में लाई जाएंगी. इसे भी पढ़ें: Bihar Elections 2025: दूसरी बार टला NDA के कैंडिडेट्स के नामों का ऐलान, आखिर कहां फंसा है पेच The post बिहार: पहले चरण की वोटिंग के लिए चुनाव आयोग ने पूरा किया रैंडमाइजेशन, EVM-VVPAT की सूची पार्टियों को सौंपी appeared first on Naya Vichar.

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