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November 10, 2025

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राजभवन के आदेशों को लेकर एमयू अपना रहा दोहरी नीति, सवालों के घेरे में विश्वविद्यालय का कार्य

– राजभवन के आदेश के बावजूद अबतक कई अधिकारियों के पास एक से अधिक पद – दो कॉलेजों में वरीय शिक्षक होने के बाद जूनियर संभाल रहे प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी मुंगेर मुंगेर विश्वविद्यालय ने जहां बीते दिनों बिहार विधान सभा चुनाव में जारी आचार संहिता को लेकर दोहरी नीति अपना रहा. वहीं अब राजभवन के आदेशों को लेकर भी विश्वविद्यालय द्वारा दोहरी नीति अपनायी जा रही है. जिसके कारण अब खुद विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में आने लगी है. बीते दिनों जहां राजभवन से मिले शिकायत के बाद विश्वविद्यालय द्वारा अपने तीन शिक्षकों से संबद्ध कॉलेज के शासी निकाय के यूआर (यूनिवर्सिटी रिप्रजेंटेटिव) पद से हटा दिया गया. वहीं इससे अलग राजभवन द्वारा एक से अधिक पद की जिम्मेदारी अधिकारियों को नहीं दिये जाने के आदेश के बावजूद अबतक विश्वविद्यालय के कई अधिकारी संबद्ध कॉलेजों के शासी निकाय में यूआर बने हैं. इतना ही नहीं एमयू के दो कॉलेजों में वरीय शिक्षक होने के बावजूद जूनियर शिक्षक प्रभारी प्राचार्य पद की जिम्मेदारी संभाल रहे है. राजभवन के आदेश पर केवल तीन पद मुक्त, शेष बने हैं अधिकारी बता दें कि विश्वविद्यालय द्वारा 17 जुलाई को एक अधिसूचना जारी की गयी. जिसमें विश्वविद्यालय ने अपने 17 संबद्ध कॉलेज, 5 बीएड कॉलेज तथा एक लॉ कॉलेज के शासी निकाय के लिये यूआर नियुक्त किया गया. वहीं इस बीच विश्वविद्यालय को राजभवन से एक शिकायत पत्र प्राप्त हुआ. जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा विश्वविद्यालय के तीन अधिकारियों के पास एक से अधिक पद होने की शिकायत की गयी थी. जिसके बाद विश्वविद्यालय ने तीनों अधिकारियों को यूआर पद से मुक्त कर दिया और उनकी जगह दूसरे शिक्षकों को संबद्ध कॉलेज का यूआर बना दिया गया. जबकि इससे अलग राजभवन ने कुछ दिन पूर्व की विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर एक अधिकारी को एक से अधिक पद नहीं देने का आदेश दिया गया, लेकिन इससे अलग अबतक कई अधिकारी संबद्ध कॉलेज के यूआर भी हैं. बता दें कि विश्वविद्यालय के डीएसडब्लूय प्रो महेश्वर मिश्रा जहां एमएस कॉलेज, अलौली के यूआर हैं. वहीं आईसी लीलग इंचार्ज प्रो जीसी पांडेय एसबीएन कॉलेज, गढ़ीरामपुर के यूआर हैं. वहीं नोडल अधिकारी डॉ कुंदन लाल एसके कॉलेज, लोहंडा के यूआर हैं. इसके अतिरिक्त भी कई अधिकारी हैं. जो विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों में यूआर हैं. वरीय शिक्षक की जगह जूनियर शिक्षक बने हैं प्रभारी प्राचार्य एमयू में पदों के जिम्मेदारी देने को लेकर पूरी तरह दोहरी नीति अपनाई जा रही है. इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो कॉलेजों में वरीय शिक्षक होने के बावजूद जूनियर शिक्षक प्रभारी प्राचार्य बने हैं. केएमडी कॉलेज, परबत्ता में प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी 2017 बैच के सहायक प्राध्यापक डारूॅ अरविंद कुमार शर्मा संभाल रहे हैं. जबकि इस कॉलेज में विश्वविद्यालय द्वारा इसी साल प्राध्यापक सह रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो विनोद कुमार का स्थानांतरण एचएच कॉलेज हवेली खड़गपुर से केएमडी कॉलेज, परबत्ता में किया गया है. इतना ही नहीं केडीएस कॉलेज, गोगरी में 2019 बैच के सहायक प्राध्यापक डॉ रौशन रवि प्रभारी प्राचार्य हैं. जबकि इस कॉलेज में उनसे सिनियर दो शिक्षक हैं. जो रसायनशास्त्र के डॉ करूणेश केवश तथा भौतिकी के डॉ केके भार्गव हैं. कहते हैं कुलसचिव कुलसचिव प्रो घनश्याम राय ने बताया कि राजभवन में तीनों शिक्षकों को लेकर एक शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत किया गया था. जिसे लेकर राजभवन द्वारा पत्र भेजा गया था. जिसके तहत निर्णय लिया गया. हलांकि विशेष रूप से नीति निर्धारण कुलपति द्वारा किया जाता है. जिनके आदेशानुसार निर्णय लिया गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post राजभवन के आदेशों को लेकर एमयू अपना रहा दोहरी नीति, सवालों के घेरे में विश्वविद्यालय का कार्य appeared first on Naya Vichar.

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ईवीएम व अन्य सामग्रियां ले मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए मतदानकर्मी

पूर्णिया. विधानसभा चुनाव में मतदान कार्य संपन्न कराने के लिए विभिन्न डिस्पैच सेंटर पर सभी मतदानकर्मियों को सुबह नौ बजे ही बुलाया गया था और इसी निर्देश के आलोक में मतदानकर्मी डिस्पैच सेंटर पर पहुंचने लगे थे. डिस्पैच सेंटर पर स्थित ईवीएम वितरण के लिए अलग-अलग विधानसभावार कई कतारों का निर्माण कराया गया था, जिसमें अपनी संख्या के अनुसार मतदानकर्मी पंक्तिबद्ध खड़े हो गये. और फिर ईवीएम वितरण का कार्य शुरू हो गया. दिन के 10 बजते-बजते बड़ी संख्या में मतदान कर्मी वहां उपस्थित हो गये. ईवीएम एवं अन्य मतदान सामग्रियों को हासिल करने वाले मतदानकर्मियों को सामानों की मिलान और तकनीकी जानकारी के बारे में आपस में चर्चा करते देखा गया. करीब डेढ़ बजे तक 70 फीसदी पीठासीन पदाधिकारियों ने ईवीएम हासिल कर लिया था. इसके पश्चात ज्यों ज्यों पूरी टीम इकट्ठा होती गयी, वे सभी सुरक्षा घेरे में ईवीएम सहित तमाम मतदान सामग्रियों के साथ निर्धारित वाहनों पर सवार होकर अपने-अपने निर्धारित मतदान केंद्रों की ओर प्रस्थान करते दिखे. यह सिलसिला लगभग पूरे दिन तक चला. जज्बा : तीखी धूप में चेहरे पर पसीना फिर भी कंधे पर बैग, हाथों में इवीएम… पूर्णिया. सोमवार का दिन और सर्द मौसम की सुगबुगाहट के बीच दोपहर की तीखी धूप. कंधे पर बैग. किसी-किसी के सिर पर बैग और हाथों में ईवीएम. चेहरे पर पसीना फिर भी चेहरे पर जोश और जज्बा. स्त्री मतदानकर्मियों में उत्साह अपेक्षाकृत ज्यादा है. क्या मैडम, इतना भारी सामान… दिक्कत तो नहीं हो रही है ? अरे दिक्कत कैसी, छूटते ही बोल पड़ीं… पहली दफा इस महापर्व को सम्पन्न कराने की जवाबदेही मिली है… अच्छे से निभाऊंगी. दरअसल, अंदर से निकला जज्बा कोई करिश्मा नहीं, बल्कि यह जवाबदेही से आया है. चुनाव कराने की जवाबदेही. वह भी शांतिपूर्वक और निष्पक्ष. नेताओं के बोलने की मोहलत पूरी हो गयी और अब मंगलवार 11 नवंबर को जनता बोलेगी और इसकी गूंज 14 नवंबर को सुनायी देगी. डिस्पैच सेंटरों पर दिखा लोकतंत्र का मेला डिस्पैच सेंटरों पर प्रशासन की माइक गूंज रही थी. प्रशासन की यह आवाज चुनाव कर्मियों को साजो-सामान तक मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए है. चुनाव कर्मी भी डिस्पैच सेंटरों पर जोश-खरोश से पहुंच रहे हैं. जिला स्कूल और पूर्णिया कालेज स्थित डिस्पैच सेंटरों का माहौल बदला-बदला सा है. आज यहां लोकतंत्र का मेला लगा हुआ है. दूर-दराज से चुनाव कर्मी सुबह नौ बजे से पहुंचने लगे थे. सबसे खास बात यह है कि पंडाल की छांव में चुनाव कर्मी अपने बुलावे का इंतजार रहे हैं और अधिकारी भी क्रमवार रूप से उन्हें बुलाकर सामग्री मुहैया करा रहे हैं. कोई परेशानी नहीं, सारा काम इस बार सिस्टम से हो रहा है. जिले में 2553 मतदान केंद्र हैं. मतदान केंद्र के अलावे पेट्रोलिंग टीम भी है. जरूरत के हिसाब से रिजर्व टीम भी बनायी गयी है. सभी अधिकारी और कर्मचारी चुनाव को सफल बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं. चुनाव से पहले चुनाव कर्मियों के जज्बे को सलाम है, पर चुनाव कर्मी इस सलाम को तब कबूल करेंगे जब मतदाता उनकी मेहनत कबूल करेंगे और अधिकाधिक संख्या में मतदान में हिस्सा लेंगे. कहां भटक गई ई लइकियन भाई, लेट हो रहा है… अरे भाई, ई लईकियन कहां भटक गईं… जरा देखिये भाई… लेट हो रहा है, दूर जाना है… पता नहीं काहे ई लइकियन को चुनाव का ड्यूटी दे दिया जाता है… सुरक्षा के लिए मतदान केंद्र रवाना होने के दौरान एक पुलिस अधिकारी स्त्री मतदानकर्मी के पीछे रह जाने के कारण चिड़चिड़ा रहे थे. दरअसल, जिला स्कूल के डिस्पैच सेंटर से मतदान सामग्री लेकर दो स्त्रीकर्मी एवं अन्य साथ ही निकले थे पर वाहन कोषांग के गेट तक पहुंचते-पहुंचते स्त्रीकर्मी पीछे रह गयी थी. हालांकि चंद मिनटों में वे दोनों स्त्रीएं भी पहुंच गयीं. कहां पीछे रह गयी थीं आपलोग… देर न हो रहा है… अरे साहब आप तो आगे-आगे चल दिए पर ई जो समनवा है, हाथ में उ 70 किलो से कौनो कम है का… भारी है, इसलिए देर हो गयी… डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ईवीएम व अन्य सामग्रियां ले मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए मतदानकर्मी appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News : कोल माइंस वर्कर्स यूनियन की बैठक में मजदूर समस्या पर चर्चा

Dhanbad News : कोल माइंस वर्कर्स यूनियन की बैठक विपिन मंडल की अध्यक्षता में सोमवार को सेंट्रलपूल यूनियन कार्यालय में हुई. बैठक में 17-18 नवंबर को होने वाले केंद्रीय कार्यकारणी की बैठक व मेंबरशिप पर चर्चा की गयी. साथ ही यूनियन के संगठन को मजबूत करने व नये साथी को जोड़ने की बात कही गयी. कहा कि आगामी दिसंबर से सभी कोलियरी में गेट मीटिंग करने व मजदूरों की समस्या को समाधान करने को ले प्रबंधन से वार्ता करने का निर्णय लिया. कहा कि लखीमाता व खुदिया कोलियरी में स्त्री कर्मचारी को हाजिरी बनाने को लेकर परेशान किया जा रहा है, जिसे यूनियन कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. मौके पर उपेंद्र सिंह, कृष्णा सिंह, जगदीश शर्मा, काशीनाथ कोयरी, संजीत कुमार, सोहन गोप, संजीत सिंह, तराशीम, महेंद्र यादव, इमरान, संजीत राउत, सलीम, सत्येंद्र बिंद, नीलकंठ,नरेश मांझी, गणेश, दशरथ, जानकी पासवान आदि थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad News : कोल माइंस वर्कर्स यूनियन की बैठक में मजदूर समस्या पर चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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पोलिंग पार्टियों को लेकर एनएच 727 पर चार से पांच घंटों तक रेंगते रही सैकड़ों गाड़ियां

बेतिया. विधान सभा चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार 11 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए सदर अनुमंडल के लौरिया,चनपटिया, नौतन विधान सभा क्षेत्र के पोलिंग स्टेशनों पर पोलिंग पार्टी के डिस्पैच करने का कार्य आज सोमवार को दिन के करीब 10 बजे से ही शुरू हो गया. वहीं दूर दराज के क्षेत्रों काम करने वाले प्रवासी मतदाताओं की एक बड़ी तादात रेलवे स्टेशन बस स्टैंड आदि स्थानों ई-रिक्शा,टेंपो,और टैक्सी वाहनों से घर पहुंचने की युगत में रोड पर लगी जाम में फंस गए. जिसके कारण नगर के हरवाटिका चौक से छावनी के रेलवे ओवरब्रिज रेलम रेल जाम लग गया. जिसके कारण महज करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करने लिए दिन के करीब 11 बजे से शाम करीब पांच बजे तक हजारों लोग हल्कान बने रहे. इसको लेकर केवल राष्ट्रीय उच्च पथ डबल लेन ही नहीं, बल्कि एनएच के दोनों तरफ के सर्विस लेन भी भयंकर जाम की जद के आ गए. जिसके बाद मेन रोड का जाम कम करने के लिए सर्विस लेन के माध्यम से भी सैकड़ों बाइक, ई-रिक्शा,टेंपो और छोटे वाहनों को एनएच 727 पर तैनात पुलिसकर्मी निकालते दिखे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पोलिंग पार्टियों को लेकर एनएच 727 पर चार से पांच घंटों तक रेंगते रही सैकड़ों गाड़ियां appeared first on Naya Vichar.

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शहर में दो दिनों तक ट्रैफिक रूट में रहेगा परिवर्तन, जान लें रूट

बेतिया. बिहार विधान सभा आम निर्वाचन-2025 के अवसर पर ईवीएम वाहनों के हरिवाटिका बज्रगृह में पहुंचने के क्रम में आम नागरिकों की सहूलियत, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी, बेतिया सदर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बेतिया, डीएसपी, ट्रैफिक द्वारा बेतिया नगर क्षेत्र में विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है. यह व्यवस्था दिनांक 11 नवम्बर 2025 के अपराह्न 04.00 बजे से से 12 नवम्बर 2025 के पूर्वाह्न 04.00 बजे तक प्रभावी रहेगी. जारी आदेश के अनुसार बेतिया नगर क्षेत्र के कुछ मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित/निषेध रहेगा तथा कुछ सड़कों को वन-वे (एकतरफा) किया गया है. यातायात व्यवस्था निम्न प्रकार से निर्धारित की गई है. ——- ऐसे रहेगा रूट 1: नानोसती से केवल ईवीएम का वाहन बाजार समिति के लिए जायेगा और अन्य वाहन जगदीशपुर/सरिसवा होकर निकलेगी. 2: जगदीशपुर रोड में चेकपोस्ट के पास हजारी के तरफ से जाने वाला रास्ता बंद रहेगा. 3: नौतन एवं बैरिया के तरफ से आने वाले वाहन सर्किट हाउस, एमजेके कॉलेज, मुहर्रम चौक, समाहरणालय चौक होते हुए बाजार समिति जायेंगे एवं वापसी में हरिवाटिका से हजारी के तरफ से निकल जायेंगे. 4: मुहर्रम चौक से कोई भी वाहन जीएनएम के पास वाले चौक के तरफ नहीं जायेंगे. 5: हरिवाटिका चौक से बाजार समिति के तरफ का रास्ता बंद रहेगा. 6: बियाडा मोड़ से बाजार समिति के तरफ का रास्ता बंद रहेगा. 7: समाहरणालय चौक से हरिवाटिका की तरफ केवल ईवीएम वाले वाहन को जाने की अनुमति होगी. 8: वाल्मीकिनगर, रामनगर, लौरिया, बगहा, नरकटियागंज एवं चनपटिया से आने वाले वाहन सुप्रिया सिनेमा रोड, स्टेशन चौक होते हुए हरिवाटिका के पास सरिसवा मोड़ के तरफ निकल जायेंगे. 9: वाल्मीकिनगर, रामनगर, लौरिया, बगहा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित ईवीएम वाहन हरिवाटिका चौक ड्रॉप गेट पर रूककर वाहन सरिसवा रोड होते हुए पारस पकड़ी चौक से कैथवलिया होते हुए लौरिया की ओर प्रस्थान करेंगे. 10: नरकटियागंज, सिकटा एवं चनपटिया विधानसभा क्षेत्र के सभी ईवीएम वाहन जो, सुप्रिया रोड से आयेगी वह सभी वाहन हरिवाटिका ड्रॉप गेट पर रूककर सरिसवा रोड से पारस पकड़ी कैथवलिया होते हुए चनपटिया, लौरिया होते हुए नरकटियागंज एवं सिकटा की ओर जायेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post शहर में दो दिनों तक ट्रैफिक रूट में रहेगा परिवर्तन, जान लें रूट appeared first on Naya Vichar.

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Chia Seeds Face Mask: महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर नहीं खर्च होंगे पैसे, चिया सीड्स के साथ इन चीजों को मिलाकर मिनटों में पाएं पार्लर जैसा ग्लो

Chia Seeds Face Mask: हर किसी की यह चाहत होती है कि उसकी त्वचा खूबसूरत और ग्लोइंग हो. ग्लोइंग और खूबसूरत त्वचा पाने के लिए अक्सर हम मार्केट में मौजूद ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं. इन प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से आपकी स्किन ग्लोइंग और खूबसूरत हो सकती है लेकिन इसमें पैसे काफ ज्यादा खर्च हो जाते हैं. आज की यह आर्टिकल उनके लिए काफी काम की और मददगार होने वाली है जो ज्यादा पैसे खर्च किये बिना नेचुरल तरीके से अपनी स्किन को ग्लोइंग, हेल्दी और जवान दिखने वाली बनाना चाहते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें अगर आप चिया सीड्स के साथ मिक्स करके अपने चेहरे पर इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. तो चलिए इन होममेड फेस मास्क के बारे में जानते हैं विस्तार से. चिया सीड्स के साथ मिक्स करें शहद और नींबू आपकी स्किन के लिए नींबू को काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. यह आपकी स्किन टोन को बेहतर बनाता है जिससे आपके चेहरे पर निखार आती है. इसके अलावा शहद का इस्तेमाल स्किन को सॉफ्ट रखने के लिए किया जाता है. इस फेस मास्क को तैयार करने के लिए आपको चिया सीड्स में नींबू की कुछ बूंदें और आधा चम्मच शहद मिला लेना है. अपने चेहरे पर इस मास्क को 20 मिनट तक लगाकर रख देना है और अंत में पानी से धो लें. यह भी पढ़ें: Makhana Face Pack: महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की नहीं पड़ेगी जरूरत, रिंकल्स और फाइन लाइन्स से छुटकारा दिलाएंगे मखाने से बने ये पावरफुल फेस पैक्स यह भी पढ़ें: Winter Skincare Tips: सर्दियों में भी अब स्किन नहीं होगी ड्राई और डैमेज, चेहरे की चमक बरकरार रखने के लिए अपनाएं ये टिप्स चिया सीड्स और एलोवेरा का इस्तेमाल एलोवेरा से बेहतर शायद ही आपकी स्किन के लिए कुछ और हो. एलोवेरा में भरपूर मात्रा में मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो आपकी स्किन को हाइड्रेट और मॉइस्चराइज करने का काम करते हैं. इसके रेगुलर इस्तेमाल से आपकी स्किन पर मौजूद रिंकल्स और फाइन लाइन्स कम हो सकते हैं. इस फेस मास्क को तैयार करने के लिए आपको एक चम्मच चिया सीड्स ले लेना है और उसमें दो चम्मच एलोवेरा जेल को मिला देना है. इस मास्क को अपने चेहरे पर आधे घंटे के लिए रहने दें और अंत में धो लें. चिया सीड्स और दही के इस्तेमाल से होगा फायदा अगर आपकी स्किन में डेड सेल्स इकठ्ठा हो गए हैं या फिर आप अपनी स्किन टोन को बेहतर और गोरा बनाना चाहते है तो इससे बेहतर फेस मास्क आपके लिए नहीं हो सकता है. इसके लिए आपको एक चम्मच चिया सीड्स में दो चम्मच दही डालकर इस मास्क को तैयार कर लेना है. इस मास्क को अपने चेहरे पर आधे घंटे तक रहने दें और अंत में अपने चेहरे को अच्छे से धो लें. यह भी पढ़ें: Anti Ageing Tips: 40 की उम्र में भी पाएं 25 जैसी जवां त्वचा! अपनाएं ये आसान टिप्स और बदल लें अपना पूरा लुक The post Chia Seeds Face Mask: महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर नहीं खर्च होंगे पैसे, चिया सीड्स के साथ इन चीजों को मिलाकर मिनटों में पाएं पार्लर जैसा ग्लो appeared first on Naya Vichar.

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DU: वंदे मातरम को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेज में होगा समारोह का आयोजन

DU: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) के रामजस कॉलेज में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डीयू के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने की. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वंदे मातरम का एक-एक शब्द मां को समर्पित है और मां कभी सांप्रदायिक नहीं हो सकती है. उन्होंने सामूहिक तौर पर छात्रों से पूरे दिल्ली विश्वविद्यालय परिवार के साथ स्वदेशी संकल्प लेने का आह्वान किया. प्रधान ने कहा कि वंदे मातरम की रचना 150 साल पहले की गयी थी. रचना के समय देश मुश्किल हालात का सामना कर रहा था और अंग्रेजों के खिलाफ आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी. इसके कारण वर्ष 1857 में देश के विभिन्न भागों में विद्रोह की घटनाएं हुई और देश के लोगों को एक लंबी लड़ाई के बाद वर्ष 1947 में आजादी मिली. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये वंदे मातरम हिंदुस्तानीयों के लिए कालजयी रचना है. वंदे मातरम की रचना जिस भावना के साथ की गयी थी, वह भावना मौजूदा समय में भी प्रासंगिक है.  देश को सशक्त बनाने के लिए जरूरी है वंदे मातरम धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वंदे मातरम के गाने की जरूरत दुनिया में हिंदुस्तान देश को एक बार फिर से मजबूत करने के इरादे से की गयी थी. आजादी के लिए देश के लोग वंदे मातरम को सामूहिक तौर पर गाने का काम करते थे. लेकिन अब लोग देश की समृद्धि और एकता के लिए वंदे मातरम गा रहे हैं. प्रशासन का साफ मानना है कि समृद्धि आने से ही देश विकसित हिंदुस्तान हो सकता है और उसमें दिल्ली विश्वविद्यालय एक प्रमुख भूमिका अदा कर सकता है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीयू कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने कहा कि वंदे मातरम 150 वर्ष का हो गया है और इस यात्रा को मनाने के लिए प्रशासन की ओर से इसे राष्ट्रीय चेतना के वर्ष के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया. आजादी की यात्रा में वंदे मातरम का उद्घोष आम लोगों को प्रेरित करने का काम करता रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालजयी गीत को हिंदुस्तान के लोगों के नजदीक लाने का काम किया है.  वंदे मातरम राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र भक्ति का मंत्र रहा है. इस कार्यक्रम के दौरान रामजस कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर अजय अरोड़ा और वाइस प्रिंसिपल प्रोफेसर रुचिका वर्मा सहित कई कॉलेजों के प्रिंसिपल, डीयू के अधिकारी, शिक्षक और छात्र मौजूद रहे. The post DU: वंदे मातरम को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेज में होगा समारोह का आयोजन appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2026: ‘संजू सैमसन को नहीं मिलेगी CSK की कप्तानी’, अश्विन ने की बड़ी भविष्यवाणी

IPL 2026: आईपीएल 2026 से पहले संजू सैमसन और रवींद्र जडेजा के ट्रेड की समाचारें काफी दिनों से छाई हुई हैं. पूर्व हिंदुस्तानीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना ​​है कि अगर रवींद्र जडेजा और संजू सैमसन का व्यापार सफल हो जाता है, तो राजस्थान रॉयल्स एक बड़ी ताकत बन जाएगी. पहले से ही चर्चा है कि सैमसन आईपीएल 2025 सीजन के बाद रॉयल्स छोड़ना चाहते थे. शुरुआत में, सीएसके और आरआर के बीच बातचीत में कुछ रुकावट आई, लेकिन बातचीत फिर से शुरू हुई और ट्रेड डील के तहत जडेजा की उस फ्रैंचाइजी में वापसी हो सकती है जहां से उन्होंने 2008 में अपना आईपीएल करियर शुरू किया था. जडेजा के आने से काफी मजबूत होगा RR अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर बोलते हुए, अश्विन ने कहा कि जयपुर के विकेट जडेजा के लिए मददगार होंगे और वह निचले मध्यक्रम को मजबूती दे सकते हैं. उनका यह भी मानना ​​है कि सैमसन को खरीदने से चेन्नई सुपर किंग्स को फायदा होगा, लेकिन फिर भी उन्हें नीलामी में एक फिनिशर की जरूरत होगी. अश्विन ने कहा, ‘पिछले तीन सालों में जडेजा ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए क्या किया है? बेशक, वह विश्व कप विजेता हैं. उन्होंने आईपीएल 2023 के फाइनल में अपनी शानदार बल्लेबाजी से टीम को आईपीएल जीतने में मदद की. हमें आंकड़े देखने होंगे, चेन्नई में चेन्नई सुपर किंग्स के पास हमेशा से ही मध्यक्रम में एक उंगली का स्पिनर रहा है और वह जडेजा रहे हैं. पिछले तीन सालों में जडेजा ने 44 मैचों में 7.9 की इकॉनमी रेट के साथ 38 विकेट लिए हैं.’ अश्विन ने जडेजा को बताया सर्वश्रेष्ठ फिनिशर उन्होंने आगे कहा, ‘अपनी बल्लेबाजी के साथ, वह अभी भी सर्वश्रेष्ठ फिनिशरों में से एक हैं. वह तेज गेंदबाजों के खिलाफ 150 से ज्यादा और स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ कम स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं. वह फिनिशर के तौर पर अच्छा काम कर रहे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए, यह ट्रेड राजस्थान रॉयल्स के लिए एक बड़ी समाचार होगी. जडेजा एक बाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में उन्हें फिनिशिंग स्किल्स देते हैं. जयपुर उनके लिए उपयुक्त होगा क्योंकि उनके पास कोई लेटरल मूवमेंट नहीं है.’ हालांकि, अश्विन का मानना ​​है कि जडेजा को राजस्थान का कप्तान बनाए जाने की संभावना कम है, क्योंकि प्रबंधन युवाओं को तैयार करना चाहता है. सैमसन या जडेजा को नहीं मिलेगी कप्तानी अश्विन ने कहा, ‘जडेजा सीएसके के लिए कोई छोटे खिलाड़ी नहीं हैं. सीएसके ने पहले ऐसा नहीं किया है. आपको खिलाड़ी से बात करनी होगी. जडेजा के लिए यह एक अच्छा विकल्प है. वह अपना आईपीएल करियर वहीं खत्म कर सकते हैं जहां से उन्होंने शुरुआत की थी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘अपने पहले साल में टीम का नेतृत्व करना हमेशा मुश्किल होता है क्योंकि आपको बाकी टीम के साथ तालमेल बिठाना होता है. मैं राजस्थान रॉयल्स के लिए स्पोर्ट्स चुका हूं और उनकी संस्कृति से वाकिफ हूं. यह टीम युवाओं और आपसी संबंधों पर आधारित है.’ अश्विन ने सैमसन पर कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि संजू को कप्तानी दी जाएगी क्योंकि यह उनका पहला सीजन होगा. मुझे लगता है कि रुतुराज गायकवाड़ टीम में बने रहेंगे, लेकिन आगे चलकर सैमसन एक विकल्प जरूर होंगे.’ ये भी पढ़ें- IPL खिलाड़ी को विदेश से धमकी भरा कॉल, ब्लैकमेलिंग की शिकायत पर पुलिस जांच शुरू सैमसन–जडेजा ट्रेड में बड़ा ट्विस्ट! CSK और RR के बीच IPL इतिहास की सबसे हाई प्रोफाइल डील पर सस्पेंस बढ़ा IND vs SA Test: मैच का शेड्यूल, हेड-टू-हेड रिकॉर्ड और Live Streaming की पूरी जानकारी The post IPL 2026: ‘संजू सैमसन को नहीं मिलेगी CSK की कप्तानी’, अश्विन ने की बड़ी भविष्यवाणी appeared first on Naya Vichar.

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Faridabad News: असॉल्ट राइफल, मैगजीन, जिंदा कारतूस समेत 360 किलो विस्फोटक बरामद, कश्मीरी डॉक्टर का क्या था मकसद?

Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद में पुलिस ने एक डॉक्टर के पास से विस्फोटकों और हथियारों का जखीरा बरामद किया है.  इस मामले में पुलिस ने कश्मीरी चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया है. डॉक्टर ने किराए के मकान में करीब 360 किलोग्राम विस्फोटक और बड़ी संख्या में हथियार बरामद छिपाकर रखा था. फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर डॉक्टर को गिरफ्तार किया. पुलिस ने बताया कि आरोपी मुजम्मिल शकील अल फला विश्वविद्यालय में शिक्षक है. अल फला विश्वविद्यालय एक निजी विश्वविद्यालय है और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता प्राप्त है. आरोपी के पास से विस्फोटक और हथियारों का जखीरा बरामद हरियाणा पुलिस ने सोमवार  (10 नवंबर) को बताया कि डॉक्टर के आवास से बड़ी संख्या में विस्फोटक और हथियारों का जखीरा मिला है. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आरोपी डॉक्टर श्रीनगर में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के मामले में भी वांछित था. उन्होंने आशंका जताई है कि छापेमारी के दौरान जब्त किया गया 360 किलोग्राम ज्वलनशील पदार्थ आरडीएक्स नहीं, बल्कि इसके अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह है.  आयुक्त ने कहा कि आतंकवादी गतिविधियों में उपयोग किए जा सकने वाली अन्य सामग्री जैसे 20 टाइमर, पांच किलोग्राम भारी धातु, एक वॉकी-टॉकी सेट, बैटरियां और एक असॉल्ट राइफल भी बरामद की गईं. #WATCH | Haryana | Haryana Police and J&K leave from Fatehpur Taga in Faridabad 360 kg of possible ammonium nitrate, an assault rifle and other ammunition were recovered by the Police during an investigation in Faridabad. https://t.co/CoBI8f4F5t pic.twitter.com/KSDs1Klemk — ANI (@ANI) November 10, 2025 आरोपी के पास से क्या मिला 360 किलोग्राम ज्वलनशील पदार्थ असॉल्ट राइफल 3 मैगजीन 83 जिंदा कारतूस 1 पिस्तौल, 8 जिंदा कारतूस 2 खाली कारतूस 2 अतिरिक्त मैगजीन 8 बड़े सूटकेस 4 छोटे सूटकेस एक बाल्टी फरीदाबाद, हरियाणा | पुलिस ने आज एक असॉल्ट राइफल, 3 मैगज़ीन और 83 ज़िंदा कारतूस, एक पिस्तौल, 8 ज़िंदा कारतूस, दो खाली कारतूस, दो अतिरिक्त मैगज़ीन, 8 बड़े सूटकेस, 4 छोटे सूटकेस और एक बाल्टी बरामद की, जिसमें से लगभग 360 किलोग्राम ज्वलनशील पदार्थ बरामद हुआ। (सोर्स: फरीदाबाद पुलिस) pic.twitter.com/EljRbzScwk — ANI_HindiNews (@AHindinews) November 10, 2025 मामले में दो आरोपी गिरफ्तार फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस मॉड्यूल में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. दूसरे आरोपी को जम्मू- कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर से गिरफ्तार किया. उन्होंने कहा “हरियाणा और जम्मू- कश्मीर पुलिस के 15 दिन से जारी संयुक्त अभियान के दौरान विभिन्न टीम ने छापेमारी की और डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया. रविवार को हुई छापेमारी में 360 किलोग्राम ज्वलनशील सामग्री बरामद की गई, जिसके अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह है. आरोपी के मकसद की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने बताया कि आरोपी के योजना की जांच जारी है. उन्होंने कहा “राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इस मॉड्यूल के बारे में कुछ जानकारी हैं, जिन्हें इस समय साझा करना उचित नहीं है.” उन्होंने कहा “अब तक दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, एक डॉ. मुजम्मिल और दूसरा आरोपी सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया है.” फरीदाबाद और जम्मू कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई फरीदाबाद के आयुक्त सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने चिकित्सक को गिरफ्तार किया है, जो श्रीनगर में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के मामले में भी वांछित था. पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान, उसके कमरे से लगभग 360 किलोग्राम विस्फोटक, जिसके अमोनियम नाइट्रेट होने का संदेह है, एक कैरम कॉक राइफल, दो स्वचालित पिस्तौल, 84 कारतूस, पांच लीटर रसायन, बैटरी सहित 20 टाइमर और 14 बैग बरामद किए गए. (इनपुट भाषा) Also Read: जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क ध्वस्त, 7 आरोपी गिरफ्तार; चीनी स्टार पिस्तौल समेत हथियार बरामद The post Faridabad News: असॉल्ट राइफल, मैगजीन, जिंदा कारतूस समेत 360 किलो विस्फोटक बरामद, कश्मीरी डॉक्टर का क्या था मकसद? appeared first on Naya Vichar.

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न्यूक्लियर बम बनाने से महंगा है टेस्ट करना, निकलता है इतना कचरा की भर जाए ओलिंपिक के 80 से ज्यादा स्विमिंग पूल

Nuclear Test Cost: अमेरिका के हैनफोर्ड न्यूक्लियर साइट से 5 नवंबर को पहली बार कांच में बंद किया गया रेडियोएक्टिव कचरा (vitrified nuclear waste) इंटीग्रेटेड डिस्पोजल फैसिलिटी में ले जाया गया. यह कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं थी. इस काम को पूरा करने में 23 साल लगे और लगभग 30 अरब डॉलर खर्च हुए. कभी यही हनफोर्ड साइट अमेरिका के न्यूक्लियर हथियार प्रोग्राम का सबसे अहम हिस्सा थी. आज यह जगह अपने द्वारा पैदा किए गए जहरीले कचरे की सफाई में जुटी है. यहां भेजे गए कंटेनरों में कम-रेडियोएक्टिव कचरा है, लेकिन असल समस्या अभी भी बहुत बड़ी है. Nuclear Test Cost: मैनहैटन प्रोजेक्ट और न्यूक्लियर बम बनाने की शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के समय, 1940 के दशक में अमेरिका ने मैनहट्टन प्रोजेक्ट शुरू किया. इसी प्रोजेक्ट के तहत हनफोर्ड को प्लूटोनियम बनाने का केंद्र बनाया गया. प्लूटोनियम वही सामग्री है जिसका उपयोग न्यूक्लियर बम बनाने में होता है. एक न्यूक्लियर बम तैयार करने के लिए 4 से 6 किलोग्राम प्लूटोनियम की आवश्यकता होती है. यह प्लूटोनियम यूरेनियम का उपयोग कर रिएक्टरों में बनाया जाता है, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान इतना जहरीला कचरा निकलता है कि वह मिट्टी, पानी, मशीनों और मजदूरों के कपड़ों तक को दूषित कर देता है. एक न्यूक्लियर टेस्ट से कितना कचरा निकलता है? हैनफोर्ड साइट ने प्लूटोनियम निर्माण प्रक्रिया के दौरान कुल 56 मिलियन गैलन (लगभग 212 मिलियन लीटर) रेडियोएक्टिव कचरा पैदा किया लगभग कहें तो 85 ओलिंपिक साइज के स्विमिंग पूल भर सकते हैं. वैज्ञानिकों के अनुमान के अनुसार, सिर्फ 1 किलो प्लूटोनियम बनाने पर हजारों लीटर तरल कचरा और सैकड़ों टन ठोस कचरा निकलता है. इस कचरे में रेडियोएक्टिव और रासायनिक मिश्रण होते हैं, जो मिट्टी और पानी में घुलकर लंबे समय तक जहरीला असर छोड़ते हैं. 1944 से 1988 के बीच अमेरिका ने 100 मेट्रिक टन प्लूटोनियम बनाया और इस दौरान 100 मिलियन गैलन से अधिक खतरनाक तरल कचरा पैदा हुआ. उस समय यह कचरा नदियों और जमीन में डंप कर दिया जाता था, और गैसें हवा में छोड़ दी जाती थीं. आज वही मिट्टी और नदी का पानी जहरीला हो चुका है और इस कचरे को कांच में कैद कर दफनाने की प्रक्रिया जारी है, जिसकी सफाई में अभी भी कई दशक लगेंगे. न्यूक्लियर टेस्ट की लागत  न्यूक्लियर बम बनाना ही महंगा नहीं है, बल्कि उसे टेस्ट करना और भी ज्यादा खर्चीला साबित होता है. विशेषज्ञों के अनुसार एक साधारण या डेमोंस्ट्रेशन न्यूक्लियर टेस्ट की लागत लगभग 140 मिलियन डॉलर होती है, जबकि पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया वाले टेस्ट की लागत 125 से 150 मिलियन डॉलर तक जा सकती है. 1945 से 1992 तक अमेरिका ने 1,000 से अधिक न्यूक्लियर टेस्ट किए. इन टेस्टिंग और हथियार निर्माण पर कुल खर्च 409 अरब डॉलर तक पहुंच गया. प्रत्येक टेस्टिंग की वजह से बड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी कचरा पैदा हुआ, जिसने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया. मार्शल द्वीपसमूह में किए गए कई टेस्टिंग आज भी जहरीला प्रभाव छोड़ चुके हैं और वहां 60 से अधिक स्थान ऐसे हैं जहां लोग रह भी नहीं सकते. डोनाल्ड ट्रंप का नया ऐलान के बाद फिर रूस में फिर से से न्यूक्लियर टेस्टिंग की तैयारी 30 अक्टूबर को पूर्व राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि अमेरिका को तुरंत न्यूक्लियर हथियार टेस्टिंग शुरू करनी चाहिए. ट्रंप ने कहा कि रूस और चीन ऐसा कर रहे हैं, इसलिए अमेरिका को भी आगे बढ़ना होगा. 2 नवंबर को ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने स्पष्ट किया कि शुरुआती टेस्ट विस्फोट वाले नहीं होंगे, बल्कि सिमुलेशन और सिस्टम जांच के लिए होंगे. लेकिन 3 नवंबर को टीवी इंटरव्यू में ट्रंप ने दोहराया कि पूर्ण टेस्टिंग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है. विशेषज्ञों के अनुसार यदि अमेरिका फिर से टेस्टिंग शुरू करता है, तो इसे पूरी तैयारी के साथ शुरू करने में 24 से 36 महीने लगेंगे और हर टेस्ट पर करोड़ों डॉलर खर्च होंगे. 6 नवंबर को रूस ने संकेत दिया कि वह भी टेस्टिंग करने पर विचार कर रहा है, जिससे फिर से कोल्ड वॉर जैसी हथियारों की दौड़ शुरू होने का खतरा बढ़ गया है. हाल ही में, राज्य समाचार एजेंसियों TASS और RIA नोवोस्ती के अनुसार, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निर्देश पर परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने की संभावना पर काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन रूस की ओर से अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वह परमाणु परीक्षण कर रहा है. 5 नवंबर को सुरक्षा परिषद की बैठक में पुतिन ने विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, खुफिया एजेंसियों और अन्य विभागों को यह रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया था कि अगर अमेरिका Comprehensive Test Ban Treaty (CTBT) के मोरेटोरियम से बाहर निकलता है, तो रूस कैसे परमाणु परीक्षण की तैयारी कर सकता है. ये भी पढ़ें: 1971 के बाद पहली बार पाकिस्तानी नौसेना पहुंची बांग्लादेश, बंगाल की खाड़ी में नई हलचल, क्या हिंदुस्तान की सुरक्षा पर खतरा? दुश्मन की मिसाइलें लॉन्च होते ही पहुंचेगीं यमराज के द्वार! अमेरिका ने किया Golden Dome सिस्टम का टेस्ट तय; ड्रैगन पर क्या पड़ेगा भारी? The post न्यूक्लियर बम बनाने से महंगा है टेस्ट करना, निकलता है इतना कचरा की भर जाए ओलिंपिक के 80 से ज्यादा स्विमिंग पूल appeared first on Naya Vichar.

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